RO.NO. 01
छत्तीसगढ़भाटापारा

धान खरीदी में भारी गड़बड़ी! 58 क्विंटल धान का हक लेकर भटक रहा किसान, टोकन में “लिपिकीय त्रुटि” बनी अभिशाप

भाटापारा:- धान खरीदी व्यवस्था में लापरवाही और रिकॉर्ड की गड़बड़ी का खामियाजा एक किसान को महीनों से भुगतना पड़ रहा है। काश्तकार ग्राम सिंगारपुर निवासी सूर्य कुमार साहू पिता बाबूलाल साहू धान विक्रय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि खसरा नंबर 04, कुल रकबा 0.8940 हेक्टेयर तथा किसान कोड TF 4400700100375 के अनुसार किसान द्वारा 58.40 क्विंटल धान का उत्पादन किया गया, लेकिन सरकारी तंत्र की “लिपिकीय त्रुटि” ने किसान की मेहनत पर पानी फेर दिया।

किसान का आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड और एग्रीस्टैक में हुई गलती के कारण समय पर धान विक्रय का टोकन नहीं कट पाया, जिससे वह समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने से वंचित रह गया। हैरानी की बात यह है कि हल्का पटवारी और समिति सदस्यों द्वारा धान का भौतिक सत्यापन भी किया जा चुका है, इसके बावजूद सहकारी समिति सिंगापुर के रिकॉर्ड में मात्र 07.20 क्विंटल धान का ही टोकन कटने की बात कही जा रही है।

इस गंभीर विसंगति को लेकर किसान ने 29 जनवरी 2026 को भाटापारा तहसील कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। तहसील कार्यालय द्वारा जिला कलेक्टर को भेजे गए ज्ञापन में भी भौतिक सत्यापन के दौरान धान विक्रय में अनियमितता की पुष्टि की गई है और शेष धान के विक्रय हेतु आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। बावजूद इसके, 4 फरवरी तक कोई समाधान नहीं निकल सका, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है।

जब इस मामले में भाटापारा तहसीलदार यशवंत राज से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं भाटापारा एसडीएम से चर्चा करने पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि “फूड अधिकारी से जानकारी लेती हूं”, लेकिन ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं दिलाया गया।

सवाल यह है कि जब भौतिक सत्यापन हो चुका है और तहसील स्तर से अनियमितता मानी जा चुकी है, तो आखिर किसान को उसका हक क्यों नहीं मिल रहा? सरकारी फाइलों की गलती का दंड एक गरीब किसान क्यों भुगते? धान खरीदी व्यवस्था की इस लापरवाही ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Share this

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button