आर्थिक रफ्तार और रोजगार पर फोकस, आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देगा बजट – महेश गागड़ा

- पूर्व मंत्री बोले, हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हुआ केंद्रीय बजट 2026–27
बीजापुर। केंद्रीय बजट 2026–27 को देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला बताते हुए पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि यह बजट रोजगार बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित होगा। भाजपा अटल सदन कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बजट की सराहना करते हुए कहा कि इसमें विकास और समावेशन दोनों पर संतुलित ध्यान दिया गया है। गागड़ा ने कहा कि बजट में आम लोगों से लेकर किसान, युवा, महिलाएं और उद्योग जगत तक सभी की अपेक्षाओं को जगह मिली है।
विनिर्माण क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए बायोफार्मा शक्ति, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और कैपिटल गुड्स को प्रोत्साहन जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं। रेयर अर्थ और केमिकल पार्क की स्थापना से देश की औद्योगिक ताकत बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि कपड़ा क्षेत्र के लिए पांच सूत्रीय कार्यक्रम, टेक्सटाइल क्लस्टर और टेक्स-इको जैसी पहल से युवाओं के लिए नए अवसर बनेंगे। वहीं एमएसएमई सेक्टर को सहारा देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड और आसान ऋण व्यवस्था छोटे उद्योगों को विस्तार का मौका देगी।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव सड़कों, रेल, ऊर्जा और शहरी ढांचे के विकास को तेज करेगा। ऊर्जा क्षेत्र में कार्बन कैप्चर तकनीक और सिटी इकोनॉमिक रीजन जैसी योजनाएं आने वाले समय की जरूरतों को देखते हुए बनाई गई हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी बजट में खास जोर दिया गया है। नए आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र, क्षेत्रीय मेडिकल हब, डिजिटल शिक्षा और खेलो इंडिया जैसी योजनाएं लोगों की जीवन गुणवत्ता सुधारने में मदद करेंगी। कृषि क्षेत्र में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने के साथ एग्रीस्टैक और आईसीएआर पैकेज को जोड़ने वाला एआई टूल ‘भारत-विस्तार’ लाने की बात कही गई है।
मत्स्य पालन क्षेत्र को भी मजबूत करने की योजना है। महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए हर जिले में महिला छात्रावास, ग्रामीण महिला उद्यमों के लिए ‘शी-मार्ट’, दिव्यांगजनों को आईटी और हॉस्पिटैलिटी में रोजगार देने के उद्देश्य से ‘दिव्यांगजन कौशल योजना’ और सहायक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ‘दिव्यांग सहारा योजना’ जैसे प्रावधान किए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण सहित कई क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन देने की बात सामने आई है। गागड़ा ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है और आने वाले समय में देश को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाएगा।
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष घासीराम नाग, महामंत्री संजय लुक्कड़, फूलचंद गागड़ा, कोषाध्यक्ष सोनल गुप्ता, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हरिहर साहनी और महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष माया झाड़ी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



