बस्तर में बड़ा सियासी और सांस्कृतिक आयोजन, राष्ट्रपति उद्घाटन में तो शाह सुरक्षा बैठक में

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के लिए फरवरी का पहला सप्ताह ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। इस दौरान देश के दो शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर आसीन हस्तियां—राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह—बस्तर के दौरे पर रहेंगी। यह दौरा सांस्कृतिक गौरव से लेकर आंतरिक सुरक्षा तक, कई अहम मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर लाएगा।
राष्ट्रपति के हाथों होगा बस्तर पण्डुम का शुभारंभ
7 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को समर्पित बस्तर पण्डुम का भव्य शुभारंभ करेंगी। इस आयोजन में बस्तर की लोकपरंपराएं, जनजातीय नृत्य, पारंपरिक संगीत और कला को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। यह महोत्सव न सिर्फ सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि बस्तर की पहचान को देशभर में मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
समापन समारोह में शामिल होंगे गृह मंत्री अमित शाह
बस्तर पण्डुम का समापन 9 फरवरी को प्रस्तावित है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति रहेगी। इसे लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तैयारी में जुटी हुई हैं। आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
नक्सल मुद्दे पर होगी अहम रणनीतिक चर्चा
अपने बस्तर प्रवास के दौरान 8 फरवरी को गृह मंत्री अमित शाह नक्सलवाद से जुड़े मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों में चल रहे अभियानों, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श होगा। साथ ही पहले से तय किए गए सुरक्षा रोडमैप की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।
सांस्कृतिक सम्मान, सुरक्षा और विकास का संदेश
राष्ट्रपति और गृह मंत्री का यह संयुक्त दौरा बस्तर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संदेश साफ है कि केंद्र सरकार बस्तर के सांस्कृतिक सम्मान के साथ-साथ विकास और सुरक्षा को लेकर भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरे से क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा तय होगी।



