ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका करेगा वेनेजुएला से तेल निर्यात का नेतृत्व

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला से तेल निर्यात को लेकर अमेरिका की अगुवाई वाली पहल की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है और जल्द ही वेनेजुएला से तेल निर्यात फिर शुरू होने की उम्मीद है। ट्रंप ने यह जानकारी ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान दी।
राष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिका इस पहल में नेतृत्व निभा रहा है और दुनिया के कई देश जल्द ही वेनेजुएला का तेल लेने लगेंगे। उन्होंने कहा, “हम इस योजना के सभी पक्षकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। अमेरिका इस पूरे प्रयास का नेतृत्व करेगा और अब तक सबकुछ योजनानुसार हो रहा है।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-कौन से देश इस व्यवस्था में शामिल होंगे, तेल की कीमत क्या होगी या निर्यात कब से शुरू होगा।
वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार हैं, लेकिन आर्थिक संकट, पुराना बुनियादी ढांचा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से देश की तेल उत्पादन क्षमता पिछले दशक में गिर गई है। ट्रंप ने अपनी टिप्पणी में इसे अवसर के रूप में पेश किया और भरोसा जताया कि यह पहल तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगी।
इसी बीच, अमेरिका में राजनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। हाउस ओवरसाइट और गवर्नमेंट रिफॉर्म कमेटी के डेमोक्रेट सदस्यों ने तेल ट्रेडिंग कंपनियों विटोल और ट्रैफिगुरा से जवाब मांगा है। कैलिफोर्निया से सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने पत्र में इन कंपनियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि शुरुआती तेल सौदों (लगभग 500 मिलियन डॉलर के) से इन्हें बड़ा मुनाफा हो सकता है।
गार्सिया ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन संभावित हितों के टकराव के चलते वेनेजुएला के तेल उद्योग का निजी लाभ लेने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना को वेनेजुएला में कार्रवाई भेजने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वे देश के तेल संसाधनों पर नियंत्रण चाहते हैं। इसके बाद व्हाइट हाउस ने तेल ड्रिलिंग और ट्रेडिंग कंपनियों को बुलाकर लाभ के अवसर दिए।
कमेटी अब यह जांचना चाहती है कि क्या इन कंपनियों को सैन्य कार्रवाई से पहले जानकारी दी गई थी और तेल से होने वाली आय का प्रबंधन कैसे किया जा रहा है। राजनीतिक हलचल और संभावित हितों के टकराव के बीच यह मामला अमेरिकी तेल नीति और विदेश नीति में नए विवादों को जन्म दे सकता है।



