इंस्टाग्राम पोस्ट से सुसाइड नोट तक, 25 साल की साध्वी की रहस्यमय मौत

नई दिल्ली। युवा कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा के निधन के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। गुरुवार को उनके पैतृक गांव परेऊ स्थित आश्रम परिसर में परंपरागत विधि-विधान के साथ उन्हें समाधि दी गई। साध्वी को एक दिन पहले जोधपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
परिजनों के अनुसार, साध्वी की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। उनके पिता वीरमनाथ ने दावा किया कि बेटी को गंभीर बीमारी नहीं थी और केवल सामान्य सर्दी-जुकाम की शिकायत थी। उन्होंने आशंका जताई कि जोधपुर स्थित आश्रम में दिए गए एक इंजेक्शन के बाद उनकी हालत तेजी से खराब हो गई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
साध्वी के निधन के बाद एक कथित सुसाइड नोट सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। इस नोट में उन्होंने अपने जीवन में आए विवादों, मानसिक पीड़ा और समाज में फैली गलत धारणाओं का उल्लेख किया है। पत्र में यह भी संकेत दिया गया है कि उन्होंने अपनी सफाई देने और सच्चाई सामने लाने की कई कोशिशें की थीं।
मौत के बाद एक बार फिर उनका पुराना विवाद चर्चा में आ गया है। वर्ष 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे लेकर साध्वी ने खुद को बदनाम किए जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि वीडियो को गलत संदर्भ में फैलाया गया और उसमें दिख रहा व्यक्ति उनका पिता था। उस समय साध्वी मानसिक तनाव से गुजर रही थीं और पिता उनका संबल बने थे।
पुलिस जांच में सामने आया था कि वीडियो को कथित तौर पर घर में लगे सीसीटीवी फुटेज से निकालकर एडिट किया गया था। इस मामले में साध्वी के करीबी रहे कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिन पर ब्लैकमेलिंग और साजिश रचने के आरोप लगे थे। साध्वी का कहना था कि उनसे मोटी रकम की मांग की गई और इंकार करने पर वीडियो को सार्वजनिक किया गया।
उस समय साध्वी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है और वे अपनी सच्चाई साबित करने के लिए हर तरह की परीक्षा देने को तैयार हैं। उनका यह बयान काफी चर्चा में रहा था।
निधन के बाद परेऊ गांव में माहौल भावुक हो गया। कई श्रद्धालु आश्रम पहुंचे और अंतिम दर्शन किए। वहीं कुछ लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। शुरुआत में पोस्टमॉर्टम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद प्रक्रिया पूरी की गई।
शुक्रवार को संत परंपराओं के अनुसार साध्वी प्रेम बाईसा को उनके आश्रम में समाधि दी गई। प्रशासन का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



