ईरान-भारत के बीच कूटनीतिक मंथन तेज, डिप्टी एनएसए से ईरानी अधिकारियों की मुलाकात

नई दिल्ली/मुंबई। भारत और ईरान के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद उस समय सुर्खियों में आ गया, जब ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर से मुलाकात की। यह बैठक मुंबई में हुई, जिसकी पुष्टि ईरान के मुंबई स्थित महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से की। दूतावास के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, आपसी हितों और अंतरराष्ट्रीय हालात पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में इस संवाद को रणनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। भारत और ईरान के बीच सुरक्षा सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आई है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एक बार फिर चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य तैयारियों को और मजबूत कर रहा है और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ट्रंप ने ईरान से बातचीत के रास्ते को खुला रखने की बात कही, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की देरी या टकराव के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने परमाणु हथियारों से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख दोहराया और पुराने सैन्य अभियानों का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
इस बीच, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में अपने प्रतिनिधित्व के जरिए कहा है कि वह सम्मान और बराबरी के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, तेहरान ने यह भी साफ किया कि दबाव या धमकी की स्थिति में वह अपने हितों की रक्षा के लिए कड़ा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियों और सहयोगी देशों के साथ तालमेल बढ़ाने की पुष्टि की है। अमेरिकी और इजरायली सैन्य अधिकारियों के बीच हालिया बातचीत को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया से लेकर दक्षिण एशिया तक कूटनीतिक और सुरक्षा गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं, जिन पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।



