‘आइसक्वेक’ ने मचाई तबाही: आधा अमेरिका थम गया, 30 मौतें और हजारों उड़ानें रद्द

नई दिल्ली : अमेरिका इन दिनों अभूतपूर्व ठंड और बर्फीले तूफानों की मार झेल रहा है। पूर्वोत्तर राज्यों में हाल ही में आए हिम भूकंप (Icequake) और तेज़ बर्फीले तूफान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है। तूफान के अंतिम चरण में तेज बारिश और दक्षिणी राज्यों में जमने वाली बर्फ ने हालात और गंभीर बना दिए।
लाखों लोग प्रभावित
अर्कांसस से लेकर न्यू इंग्लैंड तक लगभग 2,100 किलोमीटर क्षेत्र में बर्फ जमा हुई, जिससे सड़क यातायात, हवाई सेवाएं और रोजमर्रा की गतिविधियां ठप हो गईं। कई राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए, सड़कों को बंद करना पड़ा और हज़ारों उड़ानें रद्द कर दी गईं। पावरआउटेज डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 7.5 लाख घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली गायब रही, जिससे लोग कड़ाके की ठंड में फंस गए।
तापमान शून्य से 31 डिग्री नीचे
राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बताया कि पिट्सबर्ग के उत्तरी हिस्सों में 20 इंच तक बर्फ जमी, जबकि कुछ इलाकों में तापमान शून्य से 31 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 25 मौतें सीधे तौर पर तूफान से जुड़ी हैं।
मिसिसिपी में 30 साल का सबसे भयानक तूफान
मिसिसिपी के कई हिस्से पिछले 30 साल में सबसे खतरनाक बर्फीले तूफान का सामना कर रहे हैं। मिसिसिपी विश्वविद्यालय ने सुरक्षा कारणों से अपने ऑक्सफोर्ड परिसर में पूरी सप्ताह के लिए कक्षाएं रद्द कर दी हैं।
हवाई यातायात प्रभावित
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightAware.com के अनुसार, सोमवार को अमेरिका में 8,000 से अधिक उड़ानें रद्द या विलंबित रही। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद यह पहली बार हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुईं।
इस आपदा ने अमेरिका के पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है, और राहत कार्यों में जुटे अधिकारी और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।



