भारत विश्व आर्थिक मंच पर तेजी से उभरता देश, RBI रिपोर्ट में पुष्टि

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की जीडीपी मजबूत बनी हुई है और देश आने वाले वर्षों में विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बने रहने की संभावना है। RBI ने अपने मासिक बुलेटिन में यह भी बताया कि देश ने निर्यात और व्यापार के क्षेत्र में विविधीकरण करके बाहरी जोखिम को कम किया है।
RBI ने बताया कि भारत इस समय लगभग 50 देशों और समूहों के साथ व्यापार वार्ता में सक्रिय है, जिनमें यूरोपीय संघ, खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देश और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले अग्रिम अनुमान दर्शाते हैं कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
दिसंबर में आर्थिक गतिविधियों में तेजी, मांग बनी सकारात्मक
RBI के हाई-फ्रीक्वेंसी इंडीकेटर्स के अनुसार दिसंबर में आर्थिक गतिविधियों की गति में निरंतर तेजी देखी गई। मांग की स्थिति भी सकारात्मक बनी रही और महंगाई दर सीमित रही, जो केंद्रीय बैंक द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर रही। वहीं, वाणिज्यिक क्षेत्र में वित्तीय संसाधनों का प्रवाह बढ़ा, जिसमें बैंक और गैर-बैंक दोनों स्रोतों का योगदान रहा।
व्यापार और आर्थिक सुधारों से विकास की संभावना मजबूत
दिसंबर में भारत ने न्यूजीलैंड और ओमान के साथ व्यापार वार्ता पूरी की। वर्ष 2025 में किए गए कई आर्थिक सुधारों में कर संरचनाओं का युक्तिकरण, श्रम बाजार सुधार और वित्तीय क्षेत्र का उदारीकरण शामिल हैं। इन सुधारों से विकास की संभावनाएं और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैंकिंग प्रणाली मजबूत, नवाचार और स्थिरता पर केंद्रित नीति
RBI ने अपनी रिपोर्ट ‘भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति और प्रगति 2024-25’ में बताया कि भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत पूंजी भंडार, बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और स्थिर मुनाफे के कारण सुरक्षित और दीर्घकालिक विकास समर्थ है। रिजर्व बैंक ने कहा कि नवाचार, स्थिरता, उपभोक्ता संरक्षण और विवेकपूर्ण विनियमन का संतुलन भविष्य में उत्पादकता बढ़ाने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को समर्थन देने में सहायक होगा।
कुल मिलाकर, RBI की रिपोर्ट दर्शाती है कि भारत वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अपनी आर्थिक मजबूती बनाए रखेगा, विकास की गति तेज बनी रहेगी और बैंकिंग तथा वित्तीय क्षेत्र भी दीर्घकालिक स्थिरता और नवाचार के साथ आर्थिक वृद्धि को सशक्त करेंगे।



