OpenAI पर धोखे का आरोप, Elon Musk ने 11 लाख करोड़ रुपये हर्जाने की मांग

सैन फ्रांसिस्को : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में चल रही वर्चस्व की होड़ अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गई है। टेस्ला और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के मालिक एलन मस्क ने एआई कंपनी OpenAI और उसके प्रमुख साझेदार माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ अमेरिकी अदालत में बड़ा मुकदमा दायर किया है। इस केस को एआई इंडस्ट्री का अब तक का सबसे महंगा कानूनी विवाद माना जा रहा है, जिसमें मस्क ने सैकड़ों अरब डॉलर के नुकसान की भरपाई की मांग की है।
मूल उद्देश्य से भटकी कंपनी का आरोप
एलन मस्क का दावा है कि OpenAI की स्थापना एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में मानवता की भलाई के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने शुरुआती दौर में भारी निवेश और रणनीतिक सहयोग इस भरोसे पर दिया था कि कंपनी मुनाफे को प्राथमिकता नहीं देगी। मस्क के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के साथ हुई गहरी साझेदारी के बाद OpenAI ने अपने मूल सिद्धांतों को त्याग दिया और व्यावसायिक लाभ को सर्वोपरि बना लिया।
अरबों डॉलर के फायदे पर उठाए सवाल
अदालत में पेश दस्तावेजों के मुताबिक, OpenAI की मौजूदा वैल्यूएशन सैकड़ों अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है। मस्क का कहना है कि इस मूल्यांकन में उनका आर्थिक योगदान ही नहीं, बल्कि शुरुआती तकनीकी मार्गदर्शन और बिजनेस रणनीति भी शामिल रही है। इसी आधार पर उन्होंने कंपनी में हिस्सेदारी और कथित रूप से “अनुचित लाभ” कमाने के आरोपों के तहत भारी मुआवजे की मांग की है।
OpenAI का जवाब: निजी हितों से प्रेरित मुकदमा
OpenAI ने मस्क के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह मुकदमा व्यक्तिगत नाराजगी का नतीजा है। कंपनी के अनुसार, मस्क OpenAI पर नियंत्रण स्थापित करना चाहते थे और इसे अपनी अन्य कंपनियों के साथ जोड़ने की योजना बना रहे थे। बोर्ड की असहमति के बाद ही उन्होंने संस्था से दूरी बना ली थी।
बदलते रिश्ते, बढ़ता टकराव
चैटजीपीटी के लोकप्रिय होने के बाद से एलन मस्क लगातार OpenAI की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। वे कंपनी पर पारदर्शिता की कमी और अत्यधिक व्यावसायीकरण के आरोप लगाते रहे हैं। वहीं OpenAI खुद को एक “पब्लिक बेनिफिट” मॉडल के तहत संचालित बताते हुए अपने फैसलों को सही ठहरा रही है। अब यह हाई-प्रोफाइल मामला ज्यूरी ट्रायल की ओर बढ़ चुका है और पूरी दुनिया की नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं।



