छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि राज्य सरकार की पारदर्शी कार्यप्रणाली के कारण गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में ऐतिहासिक प्रगति हुई है।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 40 लाख से अधिक घरेलू नल कनेक्शन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को सीधे नल के जरिए स्वच्छ पानी मिल रहा है। मिशन की शुरुआत से पहले यह संख्या बेहद सीमित थी, लेकिन बीते दो वर्षों में इसमें कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को जल्द ही ‘हर घर जल’ राज्य बनाना है। वर्तमान में हजारों गांवों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन पूरे हो चुके हैं और बड़ी संख्या में ग्रामों को हर घर जल ग्राम के रूप में मान्यता दी जा चुकी है। जलापूर्ति योजनाओं का संचालन अब ग्राम पंचायतों को सौंपा जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर समूह जल प्रदाय योजनाओं पर काम चल रहा है, जिनसे हजारों गांवों को लाभ मिल रहा है। इन योजनाओं के जरिए लाखों नए नल कनेक्शन जोड़े गए हैं। साथ ही जल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए राज्य में दर्जनों जल परीक्षण प्रयोगशालाएं सक्रिय हैं और नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन भी संचालित की जा रही है।
प्रेस वार्ता में यह भी स्पष्ट किया गया कि मिशन के तहत गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए कई ठेके निरस्त किए गए हैं, आर्थिक दंड लगाया गया है और दोषी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया है।
आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि शेष बचे नल कनेक्शनों का कार्य, अधूरी परियोजनाओं को पूरा करना और सभी चल रही योजनाओं को तय समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही विभाग में मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए नए पदों का सृजन, नियुक्तियां और पदोन्नतियां भी की गई हैं।
सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के हर ग्रामीण घर तक सुरक्षित और सतत पेयजल की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।



