गांव-गांव तक पहुंचा विकास, योगी सरकार की योजनाओं से ग्रामीण खुशहाल

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार आकांक्षात्मक विकास खंडों में ठोस बदलाव ला रही है। अब विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि ग्रामीण इलाकों की जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है। केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का प्रभावी उपयोग कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, ऊर्जा, कौशल और आधारभूत सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है।
पिछड़े क्षेत्र बन रहे प्रेरणादायी मॉडल
राज्य के कई पिछड़े और आकांक्षात्मक ब्लॉक अब प्रेरणादायी विकास मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। योगी सरकार ने परिणाम आधारित विकास पर जोर देकर इन क्षेत्रों को नई दिशा दी है।
शिक्षा और नवाचार
बरेली के मझगवां ब्लॉक में दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों के लिए एस्ट्रोनॉमी लैब का निर्माण कराया गया है। इससे बच्चों को आधुनिक विज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का अवसर मिला है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय और खेल सुविधाएं
न्याय पंचायत गैनी में छात्रों के लिए पुस्तकालय बनाया गया, जबकि मझगवां के बेहटा बुजुर्ग में मिनी स्टेडियम और ओपन जिम जैसी खेल सुविधाएं स्थापित की गई हैं। ये पहल ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़कर स्वस्थ और नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा दे रही हैं।
बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा पर फोकस
बदायूं के वजीरगंज ब्लॉक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसी रोड और बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया है। यह सरकार की ‘बेटी की सुरक्षा और शिक्षा’ नीति का उदाहरण है।
ग्रीन एनर्जी और स्थायी विकास
बलिया के सोहांव ब्लॉक में विकास खंड कार्यालय भवन पर 10 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल लगाया गया। इससे बिजली खर्च में कमी आई और सरकारी कार्यालयों में ग्रीन एनर्जी मॉडल को बढ़ावा मिला।
स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास
आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल और कौशल विकास पर लक्षित निवेश किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों से जुड़े संकेतकों को सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सुशासन और पारदर्शिता का असर
प्रोत्साहन राशि का उपयोग केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थायी लाभ और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
योगी सरकार का यह मॉडल यह संदेश देता है कि सही योजना, ईमानदार क्रियान्वयन और स्पष्ट विजन के साथ सरकारी धन खर्च किया जाए तो पिछड़े क्षेत्र भी प्रेरणादायी विकास की मिसाल बन सकते हैं।



