बैंक ऑफ बड़ौदा लोन घोटाला: 48 खातों के जरिए 9 करोड़ की ठगी

रायबरेली : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में बैंकिंग सिस्टम को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शहर की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से कथित तौर पर जाली कागजातों के आधार पर करोड़ों रुपये के लोन स्वीकृत किए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बैंक प्रबंधन द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में खुलासा हुआ कि बीते दो वर्षों के दौरान दर्जनों खातों में नियमों को दरकिनार करते हुए व्यक्तिगत ऋण स्वीकृत किए गए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इन खातों के जरिए करीब 9 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली गई। दस्तावेजों की गहन पड़ताल में कई आवेदकों की पहचान और कागजात संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद पूरे मामले को पुलिस के हवाले किया गया।
शाखा प्रबंधन की शिकायत पर सदर कोतवाली में 48 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का फर्जी लोन बिना अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं हो सकता, इसलिए जांच का फोकस अब बैंक के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी है। यह देखा जा रहा है कि लोन स्वीकृति, फील्ड वेरिफिकेशन और दस्तावेज जांच की प्रक्रिया में कहां-कहां लापरवाही या जानबूझकर अनदेखी की गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बैंक के नियमों के तहत लोन से पहले आवेदक की पहचान, पते का भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की पुष्टि अनिवार्य होती है। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में फर्जी ऋण स्वीकृत होना गंभीर सवाल खड़े करता है। आशंका जताई जा रही है कि बाहरी लोगों के साथ मिलकर बैंक के भीतर से ही इस पूरे नेटवर्क को संचालित किया गया।
फिलहाल पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और लोन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह बैंक कर्मचारी हो या बाहरी व्यक्ति, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने न सिर्फ बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम लोगों के भरोसे को भी गहरी चोट पहुंचाई है।



