प्रदेश के लाखों कर्मचारी आज से तीन दिवसीय हड़ताल पर,11 सूत्रीय मांगों को लेकर “कलम बंद–काम बंद” आंदोलन का ऐलान

रायपुर।छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशभर के लाखों कर्मचारी, अधिकारी एवं पेंशनर 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। यह आंदोलन फेडरेशन द्वारा 11 सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन का तीसरा चरण है। इससे पूर्व 16 जुलाई एवं 22 अगस्त को एक दिवसीय टोकन स्ट्राइक की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं फेडरेशन के प्रांतीय प्रवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि कर्मचारी घोषणा पत्र के अनुरूप “मोदी की गारंटी” लागू करने की मांग को लेकर पूरे प्रदेश में “कलम बंद–काम बंद” आंदोलन किया जाएगा।
मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने के चलते कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन में प्रदेश के सभी 33 जिलों के साथ-साथ नया रायपुर (अटल नगर), संचालनालय, आदिम जाति, आयुष, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन, माइनिंग, लोक निर्माण विभाग, श्रम विभाग, पीएचई, जल संसाधन, शिक्षा, पंचायत, कृषि सहित विभिन्न संवर्गों के कर्मचारी शामिल होंगे। सभी जिलों में कर्मचारी अपने-अपने ब्लॉक एवं तहसील स्तर से जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
आंदोलन के दौरान प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक कर्मचारियों की जायज मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख 11 मांगें
- राज्य कर्मचारियों व पेंशनरों को केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR)
- वर्ष 2019 से लंबित DA एरियर्स का GPF खाते में समायोजन
- विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों पर गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करना
- चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान (8, 16, 24, 32 वर्ष) लागू करना
- सहायक शिक्षकों व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान
- अन्य भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना
- अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करते हुए 10% सीलिंग समाप्त करना
- अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस करना
- प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त सेवा लाभ देना व पंचायत सचिवों का शासकीयकरण
विभागों में स्टाफ की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करना - कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, संविदा व अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण
- फेडरेशन ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है, ताकि प्रदेश में प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।



