छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र हसदेव अरण्य में खनन व पेड़ कटाई का मुद्दा: कांग्रेस विधायकों का हंगामा, निलंबन के बाद वापस लिया गया

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शून्यकाल के दौरान नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने हसदेव अरण्य सहित तमनार और बस्तर क्षेत्र में खनन के नाम पर हो रही पेड़ों की कटाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। इस विषय पर वन मंत्री केदार कश्यप के वक्तव्य के बाद कांग्रेस की ओर से लाया गया स्थगन प्रस्ताव आसंदी द्वारा अग्राह्य कर दिया गया।
स्थगन प्रस्ताव खारिज होने के विरोध में कांग्रेस के सभी विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। लगातार नारेबाजी और गर्भगृह तक पहुंचने के कारण कांग्रेस के सभी विधायकों को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गए। बाद में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस विधायकों का निलंबन वापस ले लिया।
इस दौरान नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि हसदेव अरण्य, तमनार और बस्तर में जबरन पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब लोग सरकार और पुलिस से डरने लगे हैं, इसलिए अपनी आवाज खुलकर नहीं उठा पा रहे हैं। विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा की मांग की थी।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि तमनार में फर्जी तरीके से जनसुनवाई की गई। उन्होंने कहा कि लोग कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे रहे, जबकि मात्र 15 मिनट में औपचारिकता पूरी कर सुनवाई समाप्त कर दी गई।
कांग्रेस विधायक लालजीत सिंह ने कहा कि जबरन जमीनें छीनी जा रही हैं और अधिसूचित क्षेत्रों में कानून का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।
वहीं कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद आदिवासी समाज दुखी और परेशान है। खनन के नाम पर जबरन पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे आदिवासियों के जीवन और आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।



