अमेरिकी यहूदी समूह ने भारत के पक्ष में किया बड़ा बयान, रिश्तों को मजबूत करने पर जोर

वाशिंगटन: अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुछ अधिकारियों ने हाल ही में किए गए बयानों को लेकर आलोचना शुरू कर दी है। आलोचकों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन के कुछ नेताओं ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूक्रेन युद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया, जो गलत और वास्तविकता के विपरीत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने हमेशा शांतिपूर्ण और कूटनीतिक समाधान के पक्ष में नीति अपनाई है। इसके बावजूद ट्रंप के कुछ समर्थक और अधिकारी इस मुद्दे पर मोदी की भूमिका को लेकर विवादास्पद बयान दे रहे हैं। अमेरिकी मीडिया में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिसमें कहा गया है कि इस तरह के आरोप न केवल असंगत हैं बल्कि अमेरिका-भारत संबंधों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, मोदी की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक मंच पर संतुलित भूमिका ने भारत को किसी भी संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने से बचाया है। ट्रंप प्रशासन के भीतर उठ रही यह आलोचना अमेरिका में राजनीतिक विभाजन और विदेशी नीति पर मतभेद को भी उजागर करती है।