भाटापारा में गणेशोत्सव पर प्रशासन का बड़ा फैसला – डीजे बैन, शराब पर सख्ती, विसर्जन एक दिन ही

भाटापारा | भाटापारा गणेशोत्सव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भाटापारा शहर थाना परिसर में हुई बैठक में अधिकारियों ने साफ संकेत दे दिया कि इस बार उत्सव में अनुशासन और नियम ही पहली प्राथमिकता होंगे।
बैठक में शामिल लगभग 20 गणेश पंडाल समितियों के पदाधिकारियों को एसडीओपी तारेश साहू, तहसीलदार यशवंत राज और थाना प्रभारी प्रविण मिंज ने एक-एक करके सख्त दिशा-निर्देश सुनाए।
प्रशासन का फरमान:
- किसी भी पंडाल में डीजे की गूंज नहीं होगी, सिर्फ परंपरागत ढोल-नगाड़े की इजाज़त।
- बिजली के लिए विद्युत विभाग से अस्थायी कनेक्शन अनिवार्य।
- हर पंडाल में अग्नि शमन यंत्र रखना अनिवार्य, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं।
- पंडाल में सिर्फ समिति सदस्य ही रात में रुकेंगे, बाहरी व्यक्तियों पर रोक।
- सभी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन एक ही दिन शिवनाथ नदी सेमरिया घाट पर, तय समय दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक।
- मदिरापान पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई।
जनता की मांग और प्रशासन का वादा:
बैठक में समितियों ने यह भी मुद्दा उठाया कि विसर्जन स्थल पर शाम के समय रोशनी की कमी से अव्यवस्था फैलती है। इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस बार नदी तट पर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।
स्पष्ट है कि इस बार गणेशोत्सव केवल आस्था और परंपरा का नहीं, बल्कि अनुशासन और सुरक्षित आयोजन का भी संदेश देगा। प्रशासन का रुख सख्त है और समितियों को अब उसी के अनुरूप तैयारी करनी होगी।