गरीबों को खाद्य सुरक्षा, युवाओं को रोजगार—मंत्रिपरिषद की बैठक में दो बड़े फैसले

रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित एवं विकास को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
अनुसूचित व माडा पॉकेट क्षेत्रों में अंत्योदय एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को चना वितरण
मंत्रिपरिषद ने तय किया कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में निवासरत अंत्योदय एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत हर माह मिलने वाले 2 किलो चना की खरीदी अब नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म से की जाएगी।
यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या उससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर होगी।
साथ ही, जिन हितग्राहियों ने जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक चना प्राप्त नहीं किया है, उन्हें उनकी पात्रता के अनुसार दिसंबर 2025 तक चना उपलब्ध करा दिया जाएगा।
इस फैसले से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में निवासरत गरीब परिवारों को समय पर राशन सामग्री उपलब्ध कराने में पारदर्शिता और सरलता आएगी।
नवा रायपुर में आईटी/आईआईटीएस उद्योग को बढ़ावा
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया।
इस निर्णय से राज्य में आईटी सेक्टर में निवेश आकर्षित होगा और उद्योगों की स्थापना को गति मिलेगी।
निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
नवा रायपुर में तकनीकी एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और यह क्षेत्र औद्योगिक व शहरी विकास का हब बनेगा। आईटी कंपनियों के आने से आधारभूत संरचना का विकास होगा, जिससे स्थानीय निवासियों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोनों तरह के लाभ मिलेंगे।
समग्र प्रभाव
इन दोनों निर्णयों से राज्य के गरीब व वंचित वर्ग को खाद्य सुरक्षा, तथा नवा रायपुर में औद्योगिक, तकनीकी और शहरी विकास को गति मिलेगी। मंत्रिपरिषद का यह निर्णय प्रदेश की सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और आर्थिक प्रगति की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।