छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में खनिज, रेत नियम, कृषि भूमि दर और क्रिकेट अकादमी पर बड़े फैसले

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।
1. जिला खनिज संस्थान न्यास नियम में संशोधन
कैबिनेट ने भारत सरकार के खान मंत्रालय के नवीन दिशा-निर्देश और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के संशोधित गाइडलाइन के अनुसार छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी। अब न्यास की राशि का कम से कम 70% व्यय पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण, कौशल विकास, रोजगार, स्वच्छता, आवास और पशुपालन जैसे उच्च प्राथमिकता क्षेत्रों में किया जाएगा।
2. रेत खनन के लिए नए नियम
साधारण रेत के उत्खनन और परिवहन में पारदर्शिता और नियंत्रण लाने के लिए छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025 को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पुराने नियमों को निरस्त किया गया। नए नियमों के तहत रेत खदान आवंटन इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से होगा, जिससे अवैध खनन पर रोक और राजस्व में वृद्धि होगी। पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
3. कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण में बदलाव
ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना अब हेक्टेयर दर से होगी, 500 वर्गमीटर तक की दर समाप्त की गई। ग्रामीण परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने का प्रावधान भी हटा दिया गया है। साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों और निवेश क्षेत्रों की भूमि की दरें वर्गमीटर में तय होंगी। यह व्यवस्था भारतमाला परियोजना और अरपा भैंसाझार जैसी परियोजनाओं में सामने आई अनियमितताओं से बचाव में मदद करेगी।
4. नवा रायपुर में क्रिकेट अकादमी को हरी झंडी
नवा रायपुर (अटल नगर) सेक्टर-3, ग्राम परसदा में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को 7.96 एकड़ भूमि क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए आबंटित करने का निर्णय लिया गया। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस क्रिकेट अकादमी बनेगी, जिससे राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिलेंगे।
कैबिनेट के इन फैसलों से खनिज और रेत खनन में पारदर्शिता बढ़ेगी, भूमि मूल्यांकन व्यवस्था में सुधार होगा और खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई पहचान मिलेगी