3.67 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार; 4.75 करोड़ की अफीम जब्त

बलरामपुर : बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि प्रकरण की गहन जांच के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 10 मार्च 2026 को थाना प्रभारी कुसमी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में कुछ लोग अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, थाना प्रभारी तथा प्रशासन और अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान खेत में अफीम की अवैध खेती होते पाई गई और वहां मौजूद सात लोगों को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में रूपदेव राम भगत (50), कौषिल भगत (30) निवासी ग्राम त्रिपुरी कुसमी जिला बलरामपुर, मनोज कुमार (24) और उपेंद्र कुमार (27) निवासी गया बिहार, जिरमल मुंडा (56) निवासी जिला जशपुर, विन्देष्वर (45) निवासी जिला चतरा झारखंड तथा कृष्णा सिंह निवासी जिला जशपुर शामिल हैं।
कार्रवाई के दौरान खेत में लगे अफीम के पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया। इसके अलावा दो डिब्बों में भरा अफीम का लासा और पांच बोरियों में रखे सूखे फल भी बरामद किए गए। जब्त किए गए मादक पदार्थ का कुल वजन 4344.569 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मामले की एंड-टू-एंड विवेचना जारी है तथा वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
इधर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि लगभग 1.488 हेक्टेयर (3.67 एकड़) भूमि में अफीम की खेती की जा रही थी। प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की उपस्थिति में विधिवत परीक्षण कर जब्ती की कार्रवाई की।
प्रशासन ने जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे जिले में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।




