ब्रेकिंग न्यूज़ : लोहर्सी और शिवरीनारायण के बीच खरौद मोड़ के पास अज्ञात वाहन ने मारी बाइक सवार को ठोकर....   |   रायपुर - विधानसभा में आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वन मंत्री मोहम्मद अकबर और पीएचई मंत्री रूद्रकुमार गुरू करेंगे सवालों का सामना….विकास यात्रा के खर्चों को लेकर गरमा सकता है सदन…   |   रायपुर : मुख्यमंत्री आज दामाखेड़ा में आयोजित संत समागम में शामिल होंगे   |   जशपुर:- बगीचा कैलाश गुफा सड़क निर्माण युद्धस्तर पर जल्द किये जाने की मांग को लेकर जनजातीय समाज उतरा सड़कों पर,धरना प्रदर्शन कर आश्रम प्रबन्धन की तानाशाही के खिलाफ खोला मोर्चा,आगामी लोकसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी,   |   रायपुर : कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित वर्तमान परिदृश्य में फेक न्यूज की चुनौतियां’’ विषय पर संगोष्ठी आज   |   रायपुर : जिला निर्वाचन अधिकारियों ने ली मतदान करने की शपथ : सीईओ सुब्रत साहू ने दिलाई शपथ   |   रायपुर : छत्तीसगढ़ का शत-प्रतिशत घर होगा बिजली से रोशन : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आर.के.सिंह द्वारा सौभाग्य योजना की समीक्षा   |   रायपुर : बस्तर के धुरागांव में होगा विशाल किसान-आदिवासी सम्मेलन : लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र के संयंत्र प्रभावित किसानों को मिलेंगे जमीन के दस्तावेज   |   रायपुर - पिछली सरकार के स्वीकृत कामों को रोकने पर विधानसभा में जमकर हंगामा   |   बिलासपुर - मालगाड़ी के बोगी में लगी भीषण आग, ट्रेन का डिब्बा हुआ जलकर खाक बाल-बाल बचे कर्मचारी   |  

 

कृषि

Share
18-October-2018
Posted Date

बिहार की शाही लीची पर लगा जीआई टैग

मुजफ्फरपुर - बिहार के मुजफ्फरपुर की पहचान शाही लीची को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। बौद्धिक संपदा कानून के तहत शाही लीची को अब जीआई टैग (जियोग्राफिकल आइडेंटिफि केशन) दे दिया गया है। बिहार लीची उत्पादक संघ ने जून 2016 को जीआई रजिस्ट्री कार्यालय में शाही लीची के जीआई टैग के लिए आवेदन किया था।

मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक विशालनाथ ने गुरुवार को बताया कि जीआई टैग मिलने से शाही लीची की बिक्री में नकल या गड़बड़ी की आशंकाएं काफी कम हो जाएंगी। जीआई टैग मिलने से खुश विशालनाथ ने कहा कि मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली व पूर्वी चंपारण के किसान ही अब शाही लीची के उत्पादन का दावा कर सकेंगे। ग्राहक भी ठगे जाने से बच सकेंगे। बिहार लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि काफी परिश्रम के बाद बिहार की शाही लीची को जीआई टैग मिल गया है। उन्होंने बताया कि जीआई टैग देने वाले निकाय ने शाही लीची का सौ साल का इतिहास मांगा था। उन्होंने बताया कि कई साक्ष्य प्रस्तुत करने पर पांच अक्टूबर को शाही लीची पर जीआई टैग लग गया।
जियोग्राफिकल आइडेंटिफि केशन किसी उत्पाद को दिया जाने वाला एक विशेष टैग है। जीआई टैग उसी उत्पाद को दिया जाता है, जो किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में उत्पन्न होता है। लीची की प्रजातियों में ऐसे तो चायना, लौगिया, कसैलिया, कलकतिया सहित कई प्रजातियां है परंतु शाही लीची को श्रेष्ठ माना जाता है। यह काफी रसीली होती है। गोलाकार होने के साथ इसमें बीज छोटा होता है। स्वाद में काफी मीठी होती है। इसमें खास सुगंध होता है।
बिहार के मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली व पूर्वी चंपारण शाही लीची के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं। देश में कुल लीची उत्पादन का आधा से अधिक लीची का उत्पादन बिहार में होता है। आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 32,000 हेक्टेयर में लीची की खेती की जाती है।


कृषि » More Photo

कृषि » More Video

LEAVE A COMMENT