ज्योतिष

श्रीमद्भावत कथा का आयोजन ग्राम चोरिया में ...

 

सुबोध थवाईत-BBN24NEWS

श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ कथा का आयोजन ग्राम चोरिया(सारागांव )में भरतलाल थवाईत के निवास स्थान में अचार्य श्री श्रीकांत तिवारी जी द्वारा रसपान कराया जा रहा है ।कथा के छठवें दिवस पर व्यास पीठ द्वारा रूखमणी विवाह की कथा सुनाते हुए बतलाये की भगवान श्रीकृष्ण के गुणों और उनकी सुंदरता पर मुग्ध होकर रुक्मिणि ने मन ही मन निश्चय किया कि वह श्रीकृष्ण को छोड़कर किसी को भी पति रूप में वरण नहीं करेगी। उधर, भगवान श्रीकृष्ण को भी इस बात का पता हो चुका था कि विदर्भ नरेश भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी परम रूपवती तो है ही, परम सुलक्षणा भी है।

भीष्मक का बड़ा पुत्र रुक्मी भगवान श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था। वह बहन रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल से करना चाहता था, क्योंकि शिशुपाल भी श्रीकृष्ण से द्वेष रखता था। भीष्मक ने अपने बड़े पुत्र की इच्छानुसार रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल के साथ ही करने का निश्चय किया। उसने शिशुपाल के पास संदेश भेजकर विवाह की तिथि भी निश्चित कर दी।


रुक्मिणी को जब इस बात का पता लगा, तो वह बड़ी दुखी हुई। उसने अपना निश्चय प्रकट करने के लिए एक ब्राह्मण को द्वारिका श्रीकृष्ण के पास भेजा। उसने श्रीकृष्ण के पास जो संदेश भेजा था, वह इस प्रकार था—‘हे नंद-नंदन! आपको ही पति रूप में वरण किया है। मै आपको छोड़कर किसी अन्य पुरुष के साथ विवाह नहीं कर सकती। मेरे पिता मेरी इच्छा के विरुद्ध मेरा विवाह शिशुपाल के साथ करना चाहते हैं। विवाह की तिथि भी निश्चित हो गई। मेरे कुल की रीति है कि विवाह के पूर्व होने वाली वधु को नगर के बाहर गिरिजा का दर्शन करने के लिए जाना पड़ता है। मैं भी विवाह के वस्त्रों में सज-धज कर दर्शन करने के लिए गिरिजा के मंदिर में जाऊंगी। मैं चाहती हूं, आप गिरिजा मंदिर में पहुंचकर मुझे पत्नी रूप में स्वीकार करें। यदि आप नहीं पहुंचेंगे तो मैं आप अपने प्राणों का परित्याग कर दूंगी।

रुक्मिणी का संदेश पाकर भगवान श्रीकृष्ण रथ पर सवार होकर शीघ्र ही कुण्डिनपुर की ओर चल दिए। उन्होंने रुक्मिणी के दूत ब्राह्मण को भी रथ पर बिठा लिया था। श्रीकृष्ण के चले जाने पर पूरी घटना बलराम के कानों में पड़ी। वे यह सोचकर चिंतित हो उठे कि श्रीकृष्ण अकेले ही कुण्डिनपुर गए हैं। अतः वे भी यादवों की सेना के साथ कुण्डिनपर के लिए चले। इसअवसर पर लक्ष्मीनारायण,राजेश, जितेंद्र ,महेंद्र,प्रवीण,प्रियांशु, मोक्ष,पार्थ थवाईत सहित भगवान श्री कृष्ण की कथा सुनने भारी संख्या में श्रद्धालुगण पहुच रहे 

मन की सफाई जरूरी है - शक्ति राज

 


प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर ब्रह्माकुमार शक्ति राज सिंह द्वारा रायपुर के सिविल लाइन्स स्थित वृंदावन हॉल में नाकोड़ा ग्रुप द्वारा आयोजित मेमोरी मैनेजमेंट वर्कशॉप के अंतर्गत " खुशियों की चाबी" विषय पर सत्र लिया गया जिसमें नाकोड़ा परिवार के अलावा प्रदेश के बिज़नेस टाइकून रमेश गोयल, रमेश अग्रवाल, दीपक गुप्ता, उमेश अग्रवाल, महेंद्र अग्रवाल, विक्रम गोयल, संजय गोयल व आदि परिवार के लोगों ने सत्र का विशेष लाभ उठाया। इस विशेष सत्र में आज के इस व्यस्ततम समय मे व्यक्तियों को खुशियां कैसे प्राप्त हो इस विषय पर ब्रह्माकुमार शक्ति राज सिंह ने बताया साथ ही कुछ अभ्यास के साथ मेडिटेशन भी करवाये।

उन्होंने कहा कि रोजाना व्यक्ति को मेडिटेशन करना चाहिए जिससे ब्रह्मांडीय ऊर्जा शरीर मे प्रवेश कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और मन मे जितने भी प्रकार के नकारात्मक सोच या ऊर्जा भरी रहती है वह धीरे धीरे साफ हो जाता है और व्यक्ति तरोताजा महसूस करने के साथ साथ खुशियों को प्राप्त करता है। उन्होंने आगे कहा कि 75% प्रतिशत बीमारी साइकोसोमैटिक होता है तथा इसे केवल मेडिटेशन के माध्यम से ही इलाज संभव है। नेगेटिव थॉट के कारण रक्त कोशिकाओं में क्लॉट उत्पन्न होता है जो वैज्ञानिकों द्वारा पुष्टि भी किया जा चुका है। राग, द्वेष, अहंकार आदि नकारात्मक चीजों को व्यक्ति यदि दूर कर ले और योग दान करे तो वह व्यक्ति जीवन सफलता हासिल करता है। पैसा बहुत ही महत्त्वपूर्ण है पर जीवन अनमोल है। हमे परमात्मा ने किसी खास उद्देश्य हेतु मानव जीवन प्रदान कर धरती में भेजें हैं। परमात्मा कहते हैं कि तुम्हारा मन अमन है, चमन है लेकिन हम मनुष्य इसे डस्टबिन बना दिये हैं। इसलिए मन के बोझ को कम करना जरूरी है, बोझ के साथ कोई भी व्यक्ति दौड़ नहीं सकता है। इसी बोझ को हटाने के लिए मेडिटेशन जरूरी है। समूचा विश्व "एम" पर निर्भर है और यही "एम" माइंड है, मन है।

जहां तुलसी होती है वह घर मंदिर है -- ब्रह्मचारी इंदुभवानंद

देवी भागवत की कथा में विस्तार देते हुए डॉ इंदुभवानंद महाराज ने बताया की तुलसी की जड़ में समस्त तीर्थों का वास होता है। तुलसी समस्त वनस्पतियों की रानी है तथा पूजा का सार है पाप रूपी ईंधन को नष्ट करने के लिए प्रज्वलित अग्नि की लपटों के समान है तुलसी। तुलसी पत्र के जल से जो व्यक्ति स्नान करता है उसे समस्त तीर्थों के स्नान का पुण्य प्राप्त होता है , जो व्यक्ति तुलसी जल प्रतिदिन पीता है वह एक लाख अश्वमेध यज्ञ करने का पुण्य प्राप्त करता है तथा कार्तिक मास में तुलसी पत्र का दान व चढ़ाने से 10000 गाय दान का पुण्य प्राप्त होता है।

प्रवेश प्रारभ

आगे उन्होंने कहा कि जिनके घर में तुलसी का पौधा होता है वह घर नहीं मंदिर कहलाता है । तुलसी सदा सर्वदा भगवान के मस्तक , वक्ष स्थल पर विराजमान रहती हैं। भौतिक दृष्टि से भी तुलसी का पौधा समस्त रोगों से मुक्त करता है तथा घर परिवार मैं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है ।ब्रह्मचारी चैतन्यानंद ने बताया कि चारों वेद के पाठ करने का पुण्य शालिग्राम शिला के पूजन में प्राप्त होता है। व्रत दान , श्राद्ध, देव पूजन तथा जो भी कर्म शालिग्राम शिला की सुनिधि मैं किया जाता है उसका अनंत गुणा पुण्य प्राप्त होता है । कथा में राजेंद्र प्रसाद शास्त्री ने कहा कि शिव शक्ति में कोई भेद नहीं है और एक रूप में शिव शक्ति है। शिव शव कहलाता है, शिव शक्ति का शाम रस्य है जिसे श्रीयंत्र कहते हैं । 

लक्ष्मी और नारायण को पुरुसुक्त और लक्ष्मीसूक्त से अभिषेक विशेष फलदायी होता है।

ज्योतिष गुरु पंडित भानुजी महाराज शुक्ल लखनऊ से रायपुर पधारे हैं तथा उन्होंने अपने भक्त ऋद्धिपद के निवास में कहा कि ज्योतिष वेद का चक्षु है जिसके द्वारा मनुष्य के भूत, वर्तमान और भविष्य को जाना जा सकता है। यह सौ प्रतिशत विज्ञान है तथा गणित का भी बहुत बड़ा योगदान है। जैसे सात दिन होते हैं वैसे सात ग्रह होते हैं। आगामी 7 मई 2019 को अक्षय तृतीया है इसमें तैत्रीय योग आ रहा है जो कि व्यवसायियों के लिए तथा वैवहाहिक जीवन एवं शिक्षा से सम्बंधित व्यक्तियों को विशेष लाभ देगा। इस दिन देवी लक्ष्मी एवं नारायण की पूजन करना चाहिए क्यों कि शास्त्रों में संकेत दिया गया है कि इसी दिन लक्ष्मी-नारायण का मिलन हुआ था। साथ ही माता लक्ष्मी और नारायण को पुरुसुक्त और लक्ष्मीसूक्त से अभिषेक करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इस दिन प्रारम्भ किया गया कोई भी कार्य सिद्ध होता है तथा व्यक्ति को सफलता दिलाता है।

रामनवमी के पावन पर्व पर हुआ शिवरीनारायण मठ मंदिर में रविवारी राम कथा का भव्य आयोजन

आशीष कश्यप @ BBN24 -- ■मठ मंदिर में की गई भक्ति पूर्ण आरती■ ●सवा लाख है राम नाम लिखने वाले छात्राओं का हुआ सम्मान● महानदी के त्रिवेणी संगम पर युग युगांतर से विराजित भगवान नर नारायण की पावन धरा श्री शिवरीनारायण मठ मंदिर में रामनवमी के पावन अवसर पर रविवारी मासिक राम कथा का भव्य आयोजन अत्यंत हर्ष उल्लास पूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ हर माह की तरह इस बार भी रामायण जी की आरती एवं हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ हुआ दोपहर के 12:00 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया इस अवसर पर उपस्थित श्रोता समूह को संबोधित करते हुए मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव ने कहा कि यहां भले ही एक से बढ़कर एक मानस मर्मज्ञ बैठे हुए हैं कम से कम और अधिक से अधिक उम्र दराज के लोग यहां उपस्थित हैं लेकिन मैं पूरे आशा एवं विश्वास के साथ यह कह सकता हूं कि रामनवमी का पावन अवसर हो, रघुनाथ जी का दरबार हो और उनके ही चरित्र का गुणगान कहने और सुनने का अवसर मिल रहा हो ऐसा अवसर आप सभी उपस्थित जन के जीवन में शायद पहली बार आया होगा जिस समय भगवान रघुनाथ जी का जन्म हुआ तब भी ऐसे ही पवित्र चैत्र का महीना था, नवमी तिथि थी शुक्ल पक्ष और भगवान का प्रिय अभिजीत मुहूर्त था आज भी संजोग से वह सब यहां पर उपस्थित है और हम सब भगवान के चरित्र का गुणगान कर रहे हैं यह हम सबके लिए सौभाग्य की बात है शिव कुमार द्विवेदी ने कहा कि वर्षों के पश्चात आज ऐसा अवसर आया है कि नवमी तिथि को पुनः अभिजीत मुहूर्त है हम सब भाग्यशाली हैं भगवान की कथा सुन रहे हैं मानस मर्मज्ञ दिनेश गोस्वामी ने कहा कि इस संसार में सभी अपने अपने कर्म के फल को प्राप्त करते हैं "निज कृत कर्म भोग सब भ्राता" सभी लोग अपने द्वारा किए गए कर्म के फल के कारण ही सुख और दुख को प्राप्त करते हैं लोगों को पीआर साव, भगत राम साहू ,शंभू यादव, श्रीमती राम कुमारी साहू सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। *दोपहर 12:00 बजे आरती हुई जगदीश मंदिर में* दोपहर ठीक 12:00 बजे मठ मंदिर स्थित जगदीश मंदिर में भगवान के जन्म के मुहूर्त पर ढोल, नगाड़े ,घंटे, विजय घंट एक साथ बजने लगे आतिशबाजी के साथ भगवान की जय जयकार करते हुए भगवान की भव्य आरती संपन्न हुई इस बीच मानस प्रेमियों ने भी भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी गाकर भगवान की स्तुति की। पूर्व विधायक अरुण मिश्रा ने किया सम्मान छात्राओं का मारुति मानस प्रचार समिति के अध्यक्ष एवं कसडोल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अरुण मिश्रा ने श्री महंत लाल दास शिक्षा महाविद्यालय शिवरीनारायण में अध्ययनरत उन छात्राओं को सम्मानित किया जिन्होंने सवा लाख राम नाम लिखकर भगवान के नाम का जप किया है प्राचार्य मंजुला शर्मा तथा शिक्षक श्रीमती दुर्गेश्वरी टंडन ने बारी बारी से कुमारी रिया नवरत्न, सोनिया पटेल ,कुमारी कविता साहू, खुशबू गवेल ,मेघा यादव को सम्मानित किया श्री मिश्रा ने अपना आशीर्वचन प्रदान किया। *रविवारी मासिक राम कथा के आयोजक निरंजन अग्रवाल जो कि पूर्व सांसद परसराम भारद्वाज के सांसद प्रतिनिधि भी रह चुके हैं ने इस अवसर पर उपस्थित श्रोताओं से भरद्वाज के सुपुत्र रवि भारद्वाज को मतदान प्रदान करने का आग्रह किया* दोपहर में भोजन प्रसाद के पश्चात शाम 4:00 बजे रामायण जी की पुनः आरती कर भगवान की स्तुति गायन की गई एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ इस कार्यक्रम में विशेष रूप से अरुण मिश्रा, वैष्णव जी, जगदीश कश्यप, धनराज साहू ,पंडित आशीष शर्मा, कृष्ण लाल कश्यप, बिहारी लाल भारद्वाज ,श्रीमती राम कुमार साहू, कुंज राम कश्यप ,नरोत्तम कश्यप, कोमल साहू ,राधे लाल शर्मा सहित लोग काफी संख्या में उपस्थित थे कार्यक्रम के प्रारंभ एवं समापन पर आरती श्री त्यागी जी महाराज के द्वारा की गई व्यवस्था को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने में मुख्तियार सुखराम दास जी महाराज की भूमिका सराहनीय रही कार्यक्रम का संचालन बारी-बारी से रंग नाथ यादव एवं गोस्वामी जी ने किया।

मां महामाया देवी का किया गया राजकीय श्रींगार व कन्या भोज

अजीत मिश्रा @ BBN24NEWS.COM --- धार्मिक नगरी रतनपुर में महानवमीं के अवसर पर मां महामाया देवी जी का सात किलो सोने के आभूषणो से राज श्री श्रृंगार किया गया। मां के इस रूप को देखने के लिए सुबह से ही भक्तों की कतार लगी रही। राजसी श्रृंगार के दौरान दो घंटे के लिए मंदिर के पट बंद रहे। रविवार को महानवमी परंपरागत रूप से मनाई गई। इस अवसर पर अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। -----धार्मिक नगरी रतनपुर में महानवमी के अवसर पर मां महामाया देवी जी का राजश्री श्रृंगार राजसी नैवेद्य कन्या ब्रह्मभोज तथा भंडारा किया गया। इस दौरान मां को सात किलो के स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया। मां के श्रृंगार के समय सुबह दो घंटे तक मंदिर के पट बंद रहे। पट खुलने पर राजश्री श्रृंगार में सजी मां की अदभुत छटा देखते ही बनी। लगभग 7 किलो के स्वर्ण आभूषण से सजी मां की आकर्षक छवि देखते ही बन रही है वहीं विशाल चांदी के छत्र की छाया मां को शीतलता के साथ ही भव्यता प्रदान कर रही है हजारों कीग संख्या में भक्तों ने मां के भव्य और राजश्री श्रींगार के रूप के दर्शन किए। इसी कड़ी में कन्या भोज हुआ। इसमें बड़ी संख्या में कन्याओं का पूजन हुआ और भक्तों में भोग प्रसाद का वितरण किया गया एवं ज्योति कलश के विसर्जन के साथ नवरात्रि का समापन किया गया इससे आस्थामय मां महामाया का दरबार सजा रहा। वहीं रविवार को मंदिरों में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा।

इंदुभवानन्द ने किया कन्या रूपी देवी का पूजन

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती के रायपुर आश्रम में स्थित भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी ललिता प्रेमाम्बा की चैत्र नवरात्रि के नवमी तिथि में आश्रम प्रमुख व ज्योतिषाचार्य (फलित) ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानन्द ने भगवती का विशेष पूजन किया साथ ही उपस्थित 700 से ज्यादा कन्यायों का पूजन कर उन्हें भोजन करवाया। इस उपलक्ष्य पर सुमिता ब्रह्मा, गिरधारी नायक, अजय तिवारी, ज्योति नायर, एमएल पांडेय, पंकज वर्मा, श्रीकृष्ण तिवारी, रत्नेश शुक्ला व आदि भक्तों ने कन्यायों का विधिवत मंत्रोच्चारण के बीच आरती किये तथा उन्हें श्रृंगार के समान व चुनरी भेंट स्वरूप प्रदान किये। इसके पश्चात उपस्थित सभी भक्तों ने साथ मिलकर शक्ति रूपी कन्यायों को भोजन करवाये तथा आश्रम के सेवक सोनू चंद्राकर, भूपेंद्र पांडेय ने ज्वारा विसर्जन हेतु विशाल रैली निकाली जिसका नेतृत्त्व ब्रह्मचारी इंदुभवानन्द के साथ आश्रम के मुख्य आचार्य धर्मेन्द्र महाराज ने किया। प्रख्यात ज्योतिषाचार्य व ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानन्द ने समाज के लोगों के उद्देश्य से कहा कि हम सभी के आराध्य देव भगवान श्रीराम के दिखाए व सिखाये मार्ग पर चलना चाहिए जिससे हम सुख, शांति और सफलता के साथ जीवन निर्वहन कर सके। साथ ही उन्होंने कहा प्रभु श्रीराम त्याग, समर्पण, दया और सच्चाई के प्रतीक थे जिनसे हमे शिक्षा लेकर जीवन के पथ पर अग्रसर होना चाहिए।

मनुष्य अपने लिए मकान का निर्माण हमेशा करता है लेकिन भगवान के लिए भव्य मंदिर का निर्माण ईश्वर कृपा से ही संभव है- राजेश्री महंत

आशीष कश्यप @ BBN24 -- मनुष्य अपने लिए मकान का निर्माण तो हमेशा करता है लेकिन ईश्वर के लिए भव्य मंदिर का निर्माण करना ईश्वर की कृपा का प्रतिफल है यह बातें महामंडलेश्वर के पद से विभूषित राजेश्री डॉक्टर महंत रामसुंदर दास जी महाराज ने शिवरीनारायण समीप स्थित ग्राम देवरी में गोड़ परिवार द्वारा निर्मित राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में अभिव्यक्त की कार्यक्रम की अध्यक्षता जांजगीर-चांपा जिले के पूर्व कलेक्टर श्री आरपीएस त्यागी ने किया विदित हो कि शिवरीनारायण समीप स्थित ग्राम देवरी में अर्जुन गोड़ के परिवार के द्वारा भव्य राम मंदिर का निर्माण किया गया है जिस की प्राण प्रतिष्ठा राम नवमी के पावन पर्व पर किया गया अतिथियों का आगमन पर गोंड़ परिवार ने उनका भव्य स्वागत किया स्वागत के पश्चात भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना की गई तत्पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए राजेश्री महंत जी महाराज ने कहा कि यह एक पुनीत अवसर है भगवान रघुनाथ जी का जन्म उत्सव मनाया जा रहा है इस पुनीत बेला में भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में हमारे साथ जिले के पूर्व कलेक्टर श्री आरपीएस त्यागी जी भी उपस्थित हुए हैं श्री त्यागी जी जब तक कलेक्टर थे तब तक पद की गरिमा के अनुकूल उन्होंने कार्य किया हम सबके बीच में हमेशा एक समाज सेवक की तरह रहे यह प्रभु कृपा का परिणाम है कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री त्यागी ने इस अवसर पर कहा कि मैंने अपने जीवन में अनेकों लोगों का मेडिकल लीव स्वीकृत किया लेकिन मुझे अपने और अपने परिवार के लिए कभी भी इसकी आवश्यकता नहीं पड़ी ,यह शरीर नाशवान है हम जब तक संसार में हैं हमें संसार की सेवा करनी चाहिए यह सब प्रभु की असीम कृपा से ही संभव होती है मैं पूर्व में भी आप सबके बीच उपस्थित हुआ हूं और आज भी महाराज जी की कृपा से मुझे यह सौभाग्य मिला है मैं आप सबको धन्यवाद ज्ञापित करता हूं कार्यक्रम की समाप्ति पर अतिथियों का शाल श्रीफल से आयोजक परिवार ने सम्मान किया इस अवसर पर विशेष रूप से सुबोध शुक्ला ,निर्मल दास वैष्णव ,संदीप अग्रवाल, पिंटू भट्ट, भंवर सिंह पोर्ते, कृष्ण कुमार साहू ,परस गोड़, अर्जुन गोंड, शिवकुमार सहित ग्राम वासी काफी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन ऋषि कुमार शर्मा ने तथा आभार सरोज सारथी ने व्यक्त किया।

टेंपल सिटी शिवरीनारायण में कल निकलेगी भगवान श्री राम चन्द्र जी की भव्य शोभायात्रा..

आशीष कश्यप @bbn24news

 

 

शिवरीनारायण:- धार्मिक नगरी शिवरीनारायण में 13 अप्रैल को कल श्री राम भक्त युवा समिति शिवरीनारायण के तत्वाधान में श्री रामचन्द्र जी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, तैयारी को लेकर नेहरू बाल उद्यान(गार्डन) पुल रोड में बैठक का आयोजन किया गया था जिसमें भगवान श्री रामचन्द्र जी की भव्य शोभायात्रा की रूपरेखा तैयार की गईं,, शोभायात्रा मध्यनगरी चौक से निकलकर न्यू मार्केट, बॉम्बे मार्केट, मेन रोड, केरा चौक, रपटा रोड होते हुए मध्यनगरी चौक में पूर्ण होगी,,शोभायात्रा में गाजे~बाजे के साथ सुसज्जित बग्घी में श्री राम चन्द्र जी को बिठाकर नगर भ्रमण कराया जाएगा,,13 अप्रैल को कल शाम 05:00 बजे शोभायात्रा का समय निर्धारित किया गया है,,भव्य शोभायात्रा समापन के उपरांत प्रभु श्री रामचन्द्र जी की महाआरती व संगीतमय श्री सुंदरकांड पाठ के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा| कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में लोगों को पहुँचने की अपील श्री राम भक्त युवा समिति के सदस्यों ने की है| बैठक में श्री राम भक्त युवा समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे..!!

 

सप्तमी में राजराजेश्वरी मन्दिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब।

 

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती महाराज के आश्रम रायपुर में स्थापित भगवती राजराजेश्वरी मन्दिर में चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन उमड़ा भक्तों का सैलाब। भक्तों ने आश्रम प्रमुख व प्रख्यात ज्योतिषाचार्य (फलित) डॉ इंदुभवानंद महाराज से दिन एवं रात्रिकालीन महा निशा पूजन के सम्बंध में जाना और उपस्थित भक्तों ने ज्योत के साथ ज्वारा का भी दर्शन किये। आज महा सप्तमी में भगवती राजराजेश्वरी का माँ कालरात्रि के रूप में विशेष पूजन सम्पन्न होगा जिसमें भगवती को 1008 कमल पुष्प के अलावा किसमिस से अर्चन किया जाएगा। ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानन्द ने बताया कि आज से नवमी तिथि तक देवी की शक्ति अपने उच्च स्तर पर होता है और इस समय भक्तों को दिल से देवी माँ का आह्वान के साथ साथ दुर्गा स्त्रोत, दुर्गा मंत्र, गुरु मंत्र का निरंतर जाप अवश्य करना चाहिए। रात्रिकालीन निशा पूजन हेतु सुमिता ब्रह्मा, एमएल पांडेय, ज्योति नायर, पंकज वर्मा, रमेश अग्रवाल, वीरेंद्र गोयल, मठ के पुरोहित रामकुमार शर्मा, सोनू चंद्राकर, मनीष शर्मा, एलपी वर्मा व आदि भक्त उपस्थित हुए और महा निशा पूजन पश्चात पुष्पांजलि अर्पित कर महा आरती किये। आचार्य धर्मेन्द्र ने सभी को शांति जल के साथ माता के चरणों के जल प्रदान किये।

 

 

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