राजनीति

मरवाही में चुनावी सरगर्मियां तेज

गौरेला: पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की मौत के बाद उस सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। जैसे-जैसे मरवाही में उपचुनाव का समय नजदीक आ रहा है, चुनावी सरगर्मियां तेज हो गईं हैं। जिले में दोनों ही पार्टियों के नेताओं के ताबड़तोड़ कार्यक्रम शुरू हो गये हैं। 

बहरहाल, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल और छत्तीसगढ़ आबकारी मंत्री कवासी लखमा का एक दिवसीय दौरा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही में हुआ। लोकनिर्माण विभाग के विश्राम गृह में आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने प्रेस वार्ता की, जिसमें प्रमुख तौर पर उन्होंने मरवाही उपचुनाव में सरकारी मशीनरी का उपयोग ना होने की बात कही। 

हालांकि, जब जिले में कांग्रेस के दो धड़े में बंट जाने की बात उनसे पूछी गई तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर मीडियाकर्मियों से इस बात की जानकारी देने की बात कही। चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने किसानों की कर्ज माफी की बात कही। युवाओं को रोजगार देने के मामले में उन्होंने पुलिस में भर्ती का हवाला दिया, परंतु लॉकडाउन के कारण यह क्रियान्वित नहीं हो सका, यह भी बताया।
 

जब शराब से संबंधित सवाल किए गए, तो आबकारी मंत्री होने के नाते उन्होंने बखूबी उनका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को उन आदिवासियों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए जो अपने लिए कच्ची शराब बनाते हैं। बल्कि उन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जो आदिवासियों की आड़ लेकर कच्ची शराब का धंधा कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस विभाग को आदेशित करने की बात कही।

उन्होंने मध्य प्रदेश से लाई जा रही अवैध शराब के संबंध में मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश से शराब की तस्करी होना प्रायोजित बताया और यह भी कहा कि दोनों ही प्रदेशों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है।
 
हालांकि प्रदेश में लाॅकडाउन है, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की काफी भीड़ थी, सोशल डिस्टेंसिग का पालन भी नहीं किया गया। कुछ लोग तो बिना मास्क लगाए ही मीटिंग में आए थे, जोकि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने का कारण बन सकता है।

1400 से ऊपर कोरोना मरीज, 3 आत्महत्या समेत मौत का आंकड़ा छुपा रही है प्रदेश सरकार

 रायपुर -  छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण को लेकर बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष धर्मलाल कौशिक ने बताया कि प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस की चपेट में आए लोगों का आंकड़ा 1400 के पार पहुंच गया है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना से मौत के मामले पर वह बोले कि सरकार मौतों का आकंडा छुपा रही हैं, और 6 ही बता रही है। लेकिन वास्तव में अभी तक प्रदेश में 23 लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कि कोरोना से ज्यादा लोग क्वरांटीन सेंटर में मर गए। कोविड अस्पताल में आत्महत्या के केस आए हैं। 

उन्होंने आगे बताया कि कोरोना वायरस से ज्यादा मौतें तो क्वरांटीन सेंटर पर हुईं हैं। इसमें, 2 जगह पर क्वरांटीन सेंटर में आत्महत्या का मामला सामने आया है। 2 जगह सांप के काटने से मृत्यु हुई है। क्वरांटीन सेंटर से निकले, लेकिन घर पहुंचने से पहले मृत्यु हो गई। इस तरह 23 लोगों की मौत अब तक प्रदेश में हुई है।

प्रशासन पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि क्वरांटीन सेंटरों पर बदहाली की वजह से लोग आत्महत्या कर रहे हैं। प्रवासी लोग जो सेंटरों पर आते हैं उन्हें लगना चाहिए कि वो अब अपने घर में हैं, लेकिन वहां पर पहुंचने के बाद कोई आत्महत्या करता है, तो यह बड़ी बात है।

प्रदेश में मौतों के मामले पर पूछने पर उन्होंने बताया कि एक आत्महत्या की घटना रायगढ़ जिले की है, दूसरी घटना बालोद जिले की है, और तीसरी घटना जहां से स्वास्थ्य मंत्री आते हैं वहां पर कोविड अस्पताल में एक आत्महत्या का मामला आया है। कुल मिलाकर 3 लोगों ने आत्महत्या की है। बाकी अलग-अलग जगहों पर दूसरें कारणों से मृत्यु हुईं हैं।

संवाददाता द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या प्रदेश सरकार प्रवासी मजदूरों के भविष्य के बारे में किसी योजना पर काम कर रही है, इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सबकुछ मनरेगा के भरोसे छोड़ दिया है। केन्द्र सरकार ने मनरेगा का जो पैसा दिया है, उसमें 100 दिन का जाॅब कार्ड तो केन्द्र का है। 

उन्होंने आगे बताया कि मैंने पत्र लिखकर राज्य सरकार को यह पूछा है कि जिनका 100 दिन का जाॅब कार्ड पूरा हो गया है, बरसात में जब काम चल सकता है तो राज्य सरकार को मनरेगा के अंतर्गत 50 दिन का और काम स्वीकृत करना चाहिए और तत्काल आदेश जारी करना चाहिए। रमन सिंह सरकार में 100 दिन के बाद 50 दिन का अतिरिक्त कार्य मनरेगा में दिया गया था। लेकिन तत्कालीन सरकार का अतिरिक्त दिवस का एक पैसा नहीं लगा है और इस तरह से जिन मजदूरों का मनरेगा में 100 दिन का काम पूरा हो गया है, वो अब घर में खाली बैठे हैं। 

उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा "उनके पास कोई योजना नहीं है कि उन गरीब मजदूरों को कोई रोजगार मिल सके।"

छत्तीसगढ़ में लगातार हाथियों की मौत पर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार और वन विभाग को बताया जिम्मेदार कहा कोई बड़ा गिरोह कर रहा है काम..?

 छत्तीसगढ़ में लगातार हाथियों की मौत का सिलसिला जारी है..! ऐसे में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है।  वहीं वन विभाग के अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। इनकी माने तो, मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।  नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने इस बात को लेकर संदेह जताया है कि हाथियों की इस तरह से निर्मम हत्या के पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है।  कई सवाल हैं जिन से अब भी पर्दा उठना बाकी है। लिहाजा सरकार को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी चाहिए। दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि इस पूरे मामले में वन विभाग की बड़ी जिम्मेदारी है।  अधिकारियों पर भी एक्शन लिए जाने की दरकार है।  कुल मिलाकर नेता प्रतिपक्ष ने साफ कर दिया कि हाथियों की मौत का सिलसिला जारी रहा तो विपक्ष इस मुद्दे को लेकर भी सरकार को घेरने में परहेज नहीं करेगी । वहीं प्रदेश के कांग्रेस सरकार को बेजुबान जानवरों की निर्मम हत्या के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है।।

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कोरोना आपदा से लड़ने में मोदी सरकार विफल : बस्तर सांसद दीपक बैज

जगदलपुर। देश में कोरोना संक्रमण की लगातार बढ़ती संख्या पर बस्तर लोकसभा के सांसद  दीपक बैज ने कहा है कि केंद्र सरकार के निर्णयों ने साबित कर दिया है कि वह कोरोना आपदा से लड़ने में सक्षम नहीं है। केंद्र के ग़लत फ़ैसलों की वजह से करोड़ों मज़दूरों के सामने रोज़गार का संकट पैदा हो गया। केंद्र की विफलता को छिपाने के लिए केंद्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता षडयंत्रपूर्वक राज्यों का दोष निकालने में लगे हुए हैं। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाली, ताली, घंटा बजवाने, अंधेरा करवा के मोमबत्ती टॉर्च जलवाने और फूल बरसाने के अलावा कोरोना से लड़ने के लिये कोई ठोस और सुसंगत कदम नहीं उठाए।  कोरोना से निपटने के लिए मोदी जी ने पीएम-केयर्स नाम का नया कोष बनाया और देश के सभी बड़े उद्योगों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भारी भरकम दान देने के लिए बाध्य किया। अब मोदी देशवासियों को बता भी नहीं रहे हैं कि इस कोष में कितना पैसा आया, कितना खर्च हो रहा है और कहां खर्च हो रहा है।

सांसद दीपक बैज  ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के द्वारा शुरू से बरते गए एहतियात और छत्तीसगढ़ के लोगों की जागरूकता के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले शुरू से बेहद कम रहें। छत्तीसगढ़ के जो मजदूर कमाने खाने के लिए बाहर गए थे वे लॉकडाउन में 60 दिन तक फंसे रहे और वापस लौट रहे हैं। लाॅकडाउन में छत्तीसगढ़ के मजदूरों को गुजरात, मुंबई, सहित अनेक कोरोना संक्रमण के हाटस्पाट में फंसे रहना पड़ा। जिसके कारण छत्तीसगढ़ में कोरोना के प्रकरणों में वृद्धि शुरू हुई है। हालांकि छत्तीसगढ़ में वृद्धि देश के अन्यप्रदेशों की तरह नहीं है लेकिन केस बढ़ रहे है। सांसद दीपक बैज ने कहा है कि कोरोना के लिये प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के 20 लाख करोड़ के पैकेज में छत्तीसगढ़ को कुछ भी नहीं मिला। पहले केन्द्र सरकार ने धान की कटाई समाप्त होने के बाद मनरेगा के काम खोलने के लिये पर्याप्त राशि नहीं दी। छत्तीसगढ़ के मजदूरों को मनरेगा का पैसा ना देकर पलायन करने के लिए कमाने खाने के लिए देश के दूसरे प्रदेशों में जाने के लिए मजबूर किया गया। इन मजदूरों को अपने ही प्रदेश लौटने के लिए छत्तीसगढ़ के बॉर्डर तक छोड़ने के लिए बस वालों ने 5000 से 10000 रू. प्रति हेड किराया लिया। छत्तीसगढ़ वापस लौटे लाखों मजदूरों में सैकड़ों मजदूर करोना संक्रमण का शिकार हुए। इसकी नैतिक जिम्मेदारी भाजपा की केन्द्र सरकार की है।

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केंद्र सरकार को लिखा हर पत्र प्रेस को जारी कर मुख्यमंत्री चिठ्ठियों के राजनीतिकरण की पैंतरेबाजी में मशगूल : भाजपा

भाटापारा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ‘लैटर पॉलिटिक्स’ पर तीखा कटाक्ष कर कहा है कि मुख्यमंत्री बघेल हर बार केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उसे प्रेस को जारी करके अपनी चिठ्ठियों का राजनीतिकरण करने की पैंतरेबाजी करने लगे हैं।  शर्मा ने पूछा कि आख़िर मुख्यमंत्री हर मुद्दे पर केंद्र सरकार को चिठ्ठी लिखकर अपनी ज़िम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने और नाकामियों से मुँह चुराकर लोगों का ध्यान भटकाने की इस पैंतरेबाजी से कब बाज आएंगे? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को वो पत्र भी जारी करना चाहिए जिसके बाद चिकित्सा मंत्री को विभागीय बैठक के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने से रोका गया और मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए पहले अनुमति लेने संबंधित ऑर्डर जारी किया ।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक भाटापारा  शर्मा ने कहा कि बड़ी-बड़ी डींगें हाँकने और झूठी वाहवाही बटोरने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री और उनकी सरकार का ज़मीनी सच यही है कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर बुरी तरह विफल सिद्ध हो चुकी है। अपने हर वादे से मुकरने की फ़ितरत वाली प्रदेश सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग के लोगों के साथ सिवाय छलावे व दग़ाबाजी के और कोई काम नहीं किया है और अब अपनी सरकार के प्रति लोगों का मोहभंग होते देखकर वे नित-नई सियासी नौटंकियों और पैंतरेबाजी से लोगों का ध्यान भटकाने की नाकाम कोशिशें कर रहे हैं।  शर्मा ने कहा कि प्रदेश में रोज़गार का संकट अपने विस्फोटक होता जा रहा है, कोरोना संक्रमण रोज़ बढ़ते आँकड़ों के साथ प्रदेश को दहशत में जीने के लिए मज़बूर कर रहा है, प्रदेश को कंगाली के मुहाने पर खड़ा करने वाली यह प्रदेश सरकार अब लोन लेने के लिए निर्धारित मापदंडों में ढील चाहकर उधार की सीमा बढ़वाने की जुगत भिड़ा रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक  शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस शासनकाल में एक भी ऐसा काम नहीं हुआ जिसे वह अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर सके। हैरत की बात तो यह है कि कोरोना संकट को रोकने के उपायों पर काम करने के बजाय प्रदेश सरकार इस संकटकाल को भी अपने लिए राजनीतिक अवसर के तौर पर भुनाने की शर्मनाक कोशिश कर रही है।  शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के तमाम दावों के ढोल की पोल जगज़ाहिर हो चुकी है। मुख्यमंत्री बघेल अपने ही बुने मकड़जाल में उलझ गए हैं और इसलिए ‘लैटर पॉलिटिक्स’ की पैंतरेबाजी पर उतर आए है ताकि आगे चलकर वे अपनी ज़िम्मेदारियों से पल्ला झाड़कर केंद्र के सिर अपनी नाकामियों का ठीकरा फोड़ सकें और केंद्र सरकार पर मदद नहीं करने का आरोप मढ़कर अपने प्रलाप का एक और मौका जुटा सकें।

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पूर्व मंत्री ने सरकार को घेरा ,अरपा प्रोजेक्ट को लेकर उठाए सवाल..

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री ने कांग्रेसी सरकार को घेरते हुए कहा कि, जो कभी झुग्गी बस्ती और अरपा नदी बचाने के लिये अभियान चलाते थे , वे ही आज गरीबों के मकान उजाड़ उन्हें बेघर कर रहे हैं। सैकड़ों लोगों को उन्होंने बेघर कर दिया है वहीं विस्थापन की कोई नीति भी नहीं बनाई गई है। इतना ही नहीं अमर अग्रवाल का कहना है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पैसे को अनुचित तरीके से और अरपा के किनारे बन रहे सड़क के लिए खर्च किया जा रहा है। और यहां बसे गरीबों के मकान को उजाड़ दिया गया है । ऐसे में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा है कि, आखिर बिना प्रस्ताव, अपूर्व स्वीकृति के यह सब कैसे किया जा सकता है..? छत्तीसगढ़ प्रदेश के 15 महीनों के सरकार की कारगुजारी को कटघरे में खड़ा करते हुए पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने यहां तक कहा कि, यह सब कुछ भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। इसका भारतीय जनता पार्टी सड़कों पर उतर कर विरोध करेगी।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कोरोना वारियर्स के लिए 50 लाख रुपये के बीमा की मांग

बिलासपुर : नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कोरोना वारियर्स के लिए 50 लाख रुपये के बीमा की मांग की है, साथ ही कर्मचारियों के दो इंक्रीमेंट और एक क्रमोन्नति की भी मांग की नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने आज प्रदेश में फ्रंटलाइन वॉरिअर के रूप में काम कर रहे लोगों के लिए केंद्र सरकार के द्वारा दिए जा रहे 50 लाख रुपए के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी छत्तीसगढ़ के कोरोना वॉरिअर को भी 50 लाख रुपए के बीमा दिए जाने की मांग की साथ ही साथ इन विपरीत परिस्थितियों में भी पूरी तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाले कोरोना वारियर्स को समय से पूर्व दो इंक्रीमेंट और एक क्रमोन्नति देने की भी मांग की जिससे कि इस विपरीत परिस्थितियों में भी देश की सेवा में लगे हुए इन कोरोना वॉरिअर को इस बात का आश्वासन मिल जाए सरकार हमारी चिंता कर रही है और वे निश्चिंत होकर अपने कार्यों को अच्छे तरीके से पूर्ण कर पाए।

जिले के खनिज न्यास निधि को लेकर प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ली अहम बैठक

बिलासपुर। जिले के खनिज न्यास निधि को लेकर प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अहम बैठक ली। जिसमें 4 विधानसभा के विधायक और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में खनिज न्यास निधि के तहत किए जाने वाले खर्च के प्रस्तावों की समीक्षा की गई और सर्वसम्मति से मंजूरी भी दी गई। बैठक में बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे ने जिला प्रशासन के अधिकारियों पर नाराजगी भी व्यक्त की। विधायक का कहना था प्रस्तावों को अधिकारी बैठक के दौरान ही प्रस्तुत कर देते हैं। इस पर जनप्रतिनिधियों से कोई चर्चा नहीं होती। विधायक ने पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार के ऊपर इशारों इशारों में निशाना भी साधा है विधायक का कहना है कि पिछली सरकार में 15 सालों से जो होता रहा है, अधिकारी ऐसा करते थे आज भी उनकी आदतें पूरी तरह बदली नहीं है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सरकार पर सीधे ना हमला साधते हुए कहा कि अब तक कोई पैसा सरकार की तरफ से आया नहीं है। इस कारण डीएमए फंड के सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से बैठक में पारित कर दिया गया है, ताकि गांव में और विभागों में यह पैसा आ सके और जनकल्याण में लग सके।

सरकार के कामकाज पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद एवं मिथ्या -कांग्रेस

Danteshwar kumar ( chintu) जगदलपुर। छ.ग.प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि भाजपा ने प्रदेश सरकार के कामकाज पर बेबुनियाद आरोप लगाते हुए सरकार की नाकामियां गिनाई हैं, जो ना सिर्फ हास्यास्पद है, बल्कि निरर्थक भी है। पिछले दिनों देश की ख्याति प्राप्त एजेंसी द्वारा समूचे देश की राज्य सरकारों सहित छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज की प्राथमिकता, प्रशासन, प्रबंधन सहित विभिन्न मुद्दों पर जनता का अभिमत मांगते हुए सर्वे किया था और देश भर के मुख्यमंत्रियों से तुलना एवं आकंलन करते हुए एक सूची घोषित की थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भाजपा शासित राज्यों से ऊपर तथा देश में दूसरे स्थान पर मुख्यमंत्रियों की सूची में सूचीबद्ध कर, सरकार के कामकाज, सोच और दिशा पर मुहर लगाई थी। भाजपा नेताओं की स्मरण क्षमता इतनी क्षीण नहीं है, कि वह सब भूल जाएं। सर्वे रिपोर्ट भाजपा शासित राज्यों एवं छत्तीसगढ़ की विपक्षी पार्टी भाजपा के लिए आईना की तरह है। लेकिन उन्होंने विपक्षी पार्टी के नेता बेजान भूमिका निभाते हुए मनगढ़ंत आरोप लगा रहें हैं, जो गैर जरूरी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भारतवर्ष का पहला राज्य है, जहां प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण अर्थव्यवस्था डांवाडोल नहीं हुई है। जनता में आज भी क्रय शक्ति बरक़रार है। किसान, मजदूर, व्यापारी, उद्योगपति, छोटे व्यवसायी, कारोबारी सहित हर वर्ग का नागरिक खुशहाल है।सरकार की प्राथमिकताएं तय है तथा प्रशासन के कामकाज में सुदृढ़ता और कसावट बनी हुई है। नक्सलवादी हिंसा से धीरे-धीरे राज्य उबर रहा है। पिछली सरकार के कुशासन से पीड़ित और भटके हुए लोग बड़ी संख्या में मुख्यधारा में वापस आ रहे हैं। रमनसिंह की सरकार से पहले दक्षिण बस्तर के तीन ब्लाकों तक पहुंचा माओवाद 15 साल में छत्तीसगढ़ के 16 जिलों तक फैल गया था लेकिन अब माओवादी घटनाओं में कमी है। प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों की विफलता और लापरवाही के कारण देश भर में कोरोनावायरस का संक्रमण फैला जो अब सामुदायिक संक्रमण का रूप ले रहा है फिर भी छत्तीसगढ़ राज्य में इसे बड़ी हद तक नियंत्रित किया गया है और फैलाव से रोका गया है। भाजपा में अंदरूनी तौर पर चल रही रस्साकशी और गुटबाजी से नेता एवं कार्यकर्ता हताशा में हैं राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए यह ज्ञापनो का सहारा ले रहे हैं एवं सुर्खियों में बने रहने के लिए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर बेवजह मिथ्या आरोप गढ़ रहें हैं ।

बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र पहुंचे.पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पूर्व मुख्यमंत्री ने गरीबों को बांटे छाते..! खाने-पीने के सामान और पानी की बोतलें भी..!

अजीत मिश्रा : बिलासपुर छत्तीसगढ़

0 नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक रहे मौजूद।

0 प्रवासी मजदूर और गरीबों की ली सुध।

0 सरकार की उपलब्धियों को  भी गिनाया ।

0 बीजेपी के कार्यकर्ता डोर टू डोर जाएंगे-डॉ. रमन सिंह।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सोमवार को बिलासपुर प्रवास पर पहुंचे।  इस बीच उन्होंने गरीब प्रवासी मजदूरों को छाते खाने पीने के सामान और पानी की बोतलें भी बांटी...!  पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के साथ क्षेत्र के विधायक और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भी मौजूद रहें। 

प्रदेश के  पूर्व सीएम ने तिफरा सिरगिट्टी क्षेत्र में बकायदा टेंट लगाकर क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास किया।  इस बीच सोशल डिस्टेंसिन का ध्यान रखते हुए, गरीब प्रवासी मजदूरों को उन्होंने छाते, पानी की बोतलें और खाने-पीने के सामान भी दिए।  वहीं इन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं  की तारीफ करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई।। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह  बिलासपुर स्थित बीजेपी कार्यालय पहुंचे।  यहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया साथ ही यह भी बताया कि, किस तरह से बीजेपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी डोर टू डोर जाकर सरकार की उपलब्धियां लोगों को बताएंगे। मौजूदा स्थिति में केंद्र सरकार ने लोगों के लिए क्या कुछ किया यह बताने के साथ-साथ प्रदेश में मौजूद कांग्रेस की सरकार की नाकामी को भी उजागर किया जाएगा। 

बीजेपी ने दर्ज कराया विरोध..गरीबों को बेघर करना गलत..क्षेत्र के विधायक ने खोला मोर्चा।

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के आवासीय परिसर से सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया गया है..! पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों ने इन्हें इनके सम्मान के साथ निकाल बाहर किया है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक मुद्दे का रूप ले लिया है । और अब भारतीय जनता पार्टी ने विरोध दर्ज कराते हुए, इसकी कड़ी आलोचना की है। क्षेत्र के विधायक रजनीश सिंह ने वरिष्ठ बीजेपी नेता होने के नाते इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि, इस वक्त जब देश और प्रदेश में कोरोना का संक्रमण अपने चरम पर है, ऐसे समय पर गरीबों को उनके घरों से बेघर करना बिल्कुल भी जायज नहीं लगता है। किसी एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए दूसरे का घर उजाड़ने की सोच न्याय उचित नहीं है। बीजेपी इसके विरोध के लिए रणनीति तैयार कर रही है और जल्द ही सड़कों पर उतर कर बेघर हुए मजदूरों की लड़ाई लड़ने को भाजपा तैयार है।

प्रदीप बने अकलतरा ग्रामीण के मण्डल अध्यक्ष

कोटमी सोनार।भारतीय जनता पार्टी जांजगीर-चांपा जिला अध्यक्ष श्री कृष्णकांत चंद्रा व अकलतरा विधायक सौरभ सिंह व भाजपा प्रदेश प्रतिनिधि दिनेश सिंह की अनुशंसा पर भाजपा अकलतरा ग्रामीण मंडल के मंडल अध्यक्ष सहित कार्यकारिणी की घोषणा की है, जिसमें पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री प्रदीप सोनी को अकलतरा ग्रामीण मंडल का नवनियुक्त अध्यक्ष नियुक्त किया गया है,प्रदीप सोनी पूर्व में ग्राम कोटमी सोनार के सरपंच रहे है व वर्तमान में सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष है,इनके अतिरिक्त महामंत्री पद पर प्रेमसागर कश्यप, प्रकाश कामले उपाध्यक्ष - सुशील चौबे, कल्याणी साहू,कौशल खांडे,जय नारायण कुम्भकार मंत्री - प्रकाश धीवर,प्रभा सिंह,सुकाल उइके,विजय पटेल,विनोद निर्मलकर को मनोनीत किया गया है,मण्डल अध्यक्ष बनाये जाने पर प्रदीप सोनी में आभार प्रकट करते हुए कहा कि मेरा मूल उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी के रीति नीति को जन जन तक पहुचाना है व आगामी समय मे क्षेत्र में भाजपा की मजबूती के लिए कार्य करना है , प्रदीप सोनी के मण्डल अध्यक्ष नियुक्त किये जाने से ग्रामीण अंचल के कार्यकर्ताओं में हर्ष व्याप्त है।

भाजपा दशको तक विपक्ष की सकारात्मक भूमिका निभाये: लखेश्वर बघेल

Danteshwar kumar ( chintu) जगदलपुर । भाजपा द्वारा विष्णु देव साय की नियुक्ति के बाद मिशन 2023 के बड़े-बड़े दावों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये बस्तर विधायक और बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा है कि 2023 को लेकर भाजपा के किये गये तमाम दावो को छत्तीसगढ़ का जनमानस और कांग्रेस खारिज करती है। बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा है कि 15 साल भाजपा ने छत्तीसगढ़ में लूट, फरेब और कुशासन की राजनीति और जमकर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की है। 15 साल तक किसान कर्ज के बोझ में दबकर आत्महत्या करते रहे। जब भाजपा का 2100 रू. समर्थन मूल्य और 300 रू.का बोनस 5 साल तक नहीं मिला तो भाजपा के बड़े-बड़े दावे और उन खोखले वादों की हकीकत को छत्तीसगढ़ की जनता ने समझ बूझकर, भाजपा को 15 साल के शासनकाल के बाद 15 सीटें देकर विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है। भाजपा कई दशकों तक विपक्ष की सकारात्मक भूमिका निभाये यही छत्तीसगढ़ का जनादेश है। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में किसान, मजदूर सुखी और खुशहाल हैं। किसानों को धान का दाम 2500 रू. कांग्रेस ने दिया है,किसानों की कर्जमाफी की है। तमाम आर्थिक कठिनाईयों के बावजूद किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना के तहत 5700 करोड़ देने का फैसला लिया गया और 1600 करोड़, दिये गये। बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में मजदूरों को मनरेगा में देश में सबसे ज्यादा काम मिल रहा है। किसान, मजदूरों की तरक्की के साथ-साथ छत्तीसगढ़ का व्यापार, व्यवसाय भी तरक्की कर रहा है।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण किया है। छत्तीसगढ़ में तो क्वारेंटाईन सेंटर पूरी तरीके से गांवों की व्यवस्था में बनाये गये है। गांव के स्कूलों में बनायें गये है। छत्तीसगढ़ में तो परंपरा है कि बारात भी आती है तो बारात को भी स्कूल में रूकाया जाता है। क्वारेंटाईन सेंटर में गांव के लोग व्यवस्था करते है, क्वारेंटाइन सेंटरों में जो लोग है, उन्हीं के गांव के बेटे है ये लोग जो कमाने खाने बाहर गये थे। क्वारेंटाइन सेंटरों में अव्यवस्था के विपक्ष के आरोप पूरी तरीके से असत्य है, निराधार है, स्तरहीन राजनीति के कारण लगाये जा रहे है। बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को देश में अच्छे मुख्यमंत्रियों में टाॅप-2 में स्थान मिलने पर पूरे छत्तीसगढ़ वासियों में उत्साह है। प्रदेश की जनता भी अपने लाडले मुख्यमंत्री को बधाई देना चाहती है। लेकिन कोरोना के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के कारण यह नहीं किया गया। इसके विपरीत भाजपा को प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए जनता ने चुना है और आशा है कि वह विपक्ष की सकारात्मक भूमिका निभाएगी।

नेवई व स्टेशन मरोदा की भूमि, भिलाई इस्पात संयंत्र से राज्य शासन को हस्तांतरित करने की केंद्रीय इस्पात मंत्री से मांग

प्रवीण मिर्जे, भिलाई,(छत्तीसगढ़)।

गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने केन्द्रीय इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पत्र लिखकर उनसे दुर्ग जिले की रिसाली नगर निगम अंतर्गत नेवई एवं स्टेशन मरोदा की भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र से राज्य शासन को हस्तांतरित करने का आग्रह किया है। गृह मंत्री साहू ने इस संबंध में क्षेत्रवासियों द्वारा उन्हें दिए गए पत्र में उल्लेखित संदर्भ की जानकारी देते हुए लिखा है कि अविभाजित मध्यप्रदेश के समय वर्ष 1998 में जनता की मांग पर शासन एवं बीएसपी प्रबंधन की बैठक उपरांत निर्णय लिया गया था कि जितने क्षेत्रफल में लोग निवासरत है, उन बस्तियों को भिलाई इस्पात संयंत्र राज्य शासन को हस्तांतरित कर देगा। इस निर्णय के पालन में भिलाई इस्पात संयंत्र की आधिपत्य भूमि में निवासरत जोरातराई, डुण्डेरा, पुरैना, रूआबांधा, मरोदा टैंक, स्टेशन मरोदा एवं नेवई बस्ती में पट्टा वितरण हेतु सर्वे किया गया, किन्तु विवाद उत्पन्न होने के कारण नेवई एवं स्टेशन मरोदा के निवासियों को इस योजना से वंचित होना पड़ा।

गृह मंत्री साहू ने केन्द्रीय इस्पात मंत्री प्रधान से क्षेत्रवासियों की मांग अनुरूप इस लंबित प्रकरण का निराकरण करने तथा भिलाई इस्पात संयंत्र की भूमि को राज्य शासन को हस्तांतरित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का आग्रह किया है।

उसूर सड़क की नींव भाजपा शासनकाल का वाहवाही लूट रही है कांग्रेस- श्रीनिवास मुदलियार

Danteshwar kumar ( chintu) बीजापुर: जिले के उसूर सड़क की नींव भाजपा शासनकाल में रखी गई थी । पूर्व मंत्री व क्षेत्रिय विधायक महेश गागड़ा के अथक प्रयास से उसूर जाने वाली पक्की सड़क निर्माण कार्य का स्वीकृति की गई तथा भाजपा शासनकाल में ही इसका कार्य प्रारंभ हुई,जिसका भूमि पूजन महेश गागडा एवं तत्कालीन जिला कलेक्टर द्वारा की गई, परंतु सरकार बदली कांग्रेस सत्ता में आई,पश्चात उसके भाजपा शासन काल के जितने भी जिले के लिए विकास योजनाएँ बनाई जो निर्माणाधीन थे। उन्हें कांग्रेस सरकार द्वारा रोक लगाकर सभी विकास योजनाओं की राशि वापिस बुला लिया गया है। जिससे कांग्रेस की विकास विरोधी नीति स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है । भाजपा शासनकाल के कार्यों को रोक लगा कर पुनःउन्हीं कार्यों को अमलीजामा पहनाने का काम कर भाजपा के विकास कार्यों को अपना बताकर कांग्रेस पार्टी व विधायक वाहवाही लूटने का भरसक प्रयास कर रहे हैं जनता इनकी नीति को समझ चुकी है। क्षेत्र के विधायक का कार्यकाल लगभग 2 वर्ष होने को है उपलब्धियां शून्य है।विधायक महोदय का मैं ध्यान आकर्षण करना चाहूंगा भाजपा सरकार के समय के केवल उसूर सड़क ही नही ,NH से पिनकोंडा पिनकोंडा से गंगालूर,और पटनम से मट्टीमरका सड़क एवं गंगालूर से पालनार ,फरसेगढ़ से सागमेटला सड़कों को भी शीघ्र पूर्ण करवायें।लोकतांत्रिक व्यवस्था अंतर्गत सरकारें बदलती रहती है ।पर इस क्षेत्र के लिए विकास की सोच नही बदलनी चाहिए ।भाजपा की सरकार में .महेश गागडा बीजापुर जिले का जिस गति से विकास किये उसी गति से विकास हो हम सबकी अपेक्षाएं भी है।पूर्व मंत्री महेश गागड़ा कभी फ़ोटो सेशन पर विश्वास नही किये केवल और केवल धरातल पर विकास कैसे हो इसकी चिंता हमेशा किये जिसका परिणाम आज हम सबके सामने एक विकासशील चमचमाती सड़कों से परिपूर्ण बीजापुर के रूप में है। वर्तमान विधायक इस जिले को लेकर ना ही गंभीर हैं और ना ही अब तक जिले के विकास के लिए कोई रोडमैप तैयार किए हैं। वर्ष 2003 से पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य की स्थिति काफी दयनीय था ।पूरे प्रदेश में शिक्षा की बदहाली व्यवस्था थी जर्जर भवने ,स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी अव्यवस्थाएं एवं पूरे प्रदेश में गड्ढे भरे सड़कें थी ।छत्तीसगढ़ प्रदेश की पहचान एक कुपोषित बीमारू व पलायनवादी राज्य के रूप में थी ।किंतु विगत 15 वर्ष 2003 से भाजपा की सरकार जो डॉ.रमन सिंह के कुशल नेतृत्व में गाँव, गरीब,वंचित,शोषित,एवं पीड़ितों को ध्यान में रखकर अंत्योदय लक्ष्य को लेकर निरंतर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ राज्य को देश मे अग्रणी राज्यों में नम्बर 1 का दर्जा दिलाया । वंही महेश गागड़ा जी पूर्व मंत्रीजी छ. ग शासन के कुशल नेतृत्व में बीजापुर जिले का अभूतपूर्व विकास करते हुए,शिक्षा के क्षेत्र में स्वास्थ्य के क्षेत्र में तथा सम्पूर्ण बीजापुर जिले में सड़कों व पूल पुलियों का जाल बिछाने का कार्य कर बीजापुर को पूरे प्रदेश में अग्रणी जिले के रूप में परिभाषित किया ।ये सब पूर्व मंत्री महेश गागडा के विकासवादी सोच का ही परिणाम है ।इससे जिले के प्रति गागडा जी का विकास के प्रति कटिबद्धता एवं उनकी संवेदनशीलता स्पष्ट है ।कांग्रेस के it cell के माध्यम से जारी बयान के अध्ययन से ऐसा प्रतीत होता है ,कि इनके पास कोई जानकारी नहीं है, जानकारी के अभाव से ग्रसित मानसिकता से पीड़ित होकर लोगों को भाजपा शासन काल में प्रारम्भ उसूर सड़क निर्माण कार्य को अपना बता कर भाजपा जिलाध्यक्ष विरोध करना कहकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन जनता जान चुकी है इनको और इनकी कार्यशैली को उसूर वासियों को इस बात का ज्ञात है ,कि भाजपा सरकार ने हीं सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ किया भाजपा के विकासवाद नीति को अपना बता कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। सरकार बदलने के कारण भाजपा शासनकाल में कार्य पूर्ण नहीं हो पाया ,इसी का परिणाम तारलागुड़ा सड़क मार्ग का भी डामरीकरण कार्य रुक गया था ,परंतु ये सरकार आने के बाद तारलागुड़ा मार्ग का डामरीकरण कार्य भी रुका हुआ है। कांग्रेस के विधायक व जिला प्रशासन से भाजपा मांग करती है कि शीघ्र ही तारलागुड़ा मार्ग का पूर्ण गुणवत्ता से डामर युक्त सड़क का निर्माण कार्य करवाया जाए।और उसूर सड़क पूर्ण गुणवत्ता से बने।क्योंकि कांग्रेस की सरकार आने के बाद भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गई ।जिसका शिकार उसूर सड़क न हो तो बेहतर होगा ।सड़क गुणवत्ताहीन होगी तो भाजपा इसका घोर विरोध करेगी । रही बात भाजपा शासनकाल के कार्य को ही प्रारंभ कर बधाई के पात्र बनना चाह रहे हैं। अगर ऐसे ही बधाई देना होता तो पूर्व मंत्री माननीय महेश गागड़ा जी के पास जिस तरह उनके 10 वर्ष के कार्यकाल में विकास कर बीजापुर जिले का तस्वीर बदलने का काम किया, उनके पास बधाइयों का तांता लग जाता महत्त्व बधाई का नहीं यँहा जिले के प्रति गंभीरता पूर्वक चिंतन कर विकासवादी सोच के साथ कार्ययोजना बना कर जिले का विकास करने का प्रयास हो।झूठी व सस्ती लोकप्रियता से क्षेत्र की विकास की परिकल्पना नही की जा सकती ।
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