राजनीति

वालेंटियर बनने भाजपा युवा मोर्चा कार्यकताओ ने सौपी सूचि

अकलतरा - पूरा देश कोरोना महामारी की वजह से लॉक डाउन लगा हुआ है,लॉक डाउन के वजह से प्रशासन का कार्य बहुत बढ़ गया है ये सब को देखते है अकलतरा भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने अकलतरा थाना प्रभारी को लिखित में आवेदन सौप कर प्रशासन के साथ मिलकर उनके आदेश अनुसार कार्य करने की अपील की है,भाजयुमो अध्यक्ष पुरुषोत्तम नामदेव ने बताया की भारतीय जनता पार्टी का मूल उद्देश्य राष्ट्र प्रथम है और इस समय पूरा राष्ट्र कोरोना के वजह से परेशान है ,ऐसी स्थिति में हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूर्ण निस्वार्थ भाव से प्रशासन के निर्देश अनुसार हर कार्य को करने के लिए तैयार है,वालेंटियर बनने वाले युवाओ में प्रमुख रूप से *सदस्यों के नाम* 1-पुरुषोत्तम नामदेव,संजय सोनवानी,कान्हा अग्रवाल ,सूर्यकांत नामदेव,आयुष शर्मा,हितेश पालीवाल, रमेश पालीवाल,बाबा कैवर्त,संजू सिंह,नवीन साहू,पिंटू बरेठ,मयंक साहू,रवि टेंगनवाल,राहुल सिंह,अनिरुद्ध सिंह,सौरभ शुक्ला ,दीपक नागदेव,भरत कैवर्त,अवध चंद्रा,शहजादा खान,गिरधर अहीर,चंदन शर्मा,प्रवीण साहू,प्रदीप भारद्वाज,राकेश डंगरा,संजीव राठौर,साहिल खान,राजेश साहू,रितिक सिंह,मुकेश श्रीवास,रूपेश माधवानी एवं अन्य सदस्य गण सेवा देंगे

कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन कर चंदूलाल चंद्राकर विश्वविद्यालय होने पर NSUI नेता हनी सिंग बग्गा ने कहा सिर्फ संघ के लोग ही कर सकते है विरोध

रायपुर, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव व छात्र राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले हनी बग्गा ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तित कर चंदूलाल चन्द्राकर के नाम से रखे जाने को हर मायने में सही करार देते हुए कहा है अब तक यह विश्वविद्यालय नही बल्कि संघ के पाठशाला के नाम से जाना जाता था जिसके चलते विद्यार्थी भी प्रवेश लेने कतराते थे यही वजह है कि 2008 में प्रारंभ हुए इस विश्वविद्यालय ने आज तक सही मायने में विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल नही कर सका बल्कि एक महाविद्यालय के स्तर पर आज भी संचालित है।  हनी बग्गा ने कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय का नाम भूपेश सरकार द्वारा परिवर्तित किये जाने पर विरोध करने वालों को करारा जवाब देते हुए कहा है ऐसे लोग सिर्फ संघ के हो सकते हैं जो इस विश्वविद्यालय को अभी तक संघ के पाठशाला की तरह ही समझते रहे इसका उसी हिसाब से उपयोग कर इसका सिर्फ खुला दुरुपयोग करते रहे। तात्कालीन रमन सरकार ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना मात्र संघ के विचारधारा को जीवित रखने के लिए किया था और दुर्भाग्य से वे इसमें सफल भी रहे। पूरे विश्वविद्यालय में 98 प्रतिशत ऐसे  हैं जो संघ से जुड़े हैं और वही लोग नौकरी पर हैं, ऐसा भी नही की ये सभी आवश्यक अर्हताधारी हैं। इनके लिए विश्वविद्यालय अधिनियम से लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों की शर्तें भी मायने नही रखतीं न ही लागू हुई और डंके के चोट पर ऐसे लोग नियमित कर्मचारी से लेकर प्राध्यापक व अन्य बड़े अवधे पर आज भी काबिज हैं। हनी बग्गा ने कहा आज तक इस विश्वविद्यालय में जो भी कुलपति बना संघ का ही बना इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस विश्वविद्यालय के स्थापना का उदेश्य क्या रहा होगा।ये भी बात गौर करने वाली है कि इस विश्वविद्यालय में स्थापना के बाद से ऐसा और कोई पाठ्यक्रम नही संचालित हो सका जिससे इस विश्वविद्यालय की निजी आवक हो सके। विश्वविद्यालय ने चिन्हित कुछ महाविद्यालयों को मान्यता जरूर दी पर वहाँ जहाँ संघ का प्रचार प्रसार हो सके इन्हीं बातों से सब कुछ स्पष्ट है कि इसका उदेश्य क्या रहा है। आज 12 साल बाद भी इस विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की कुल संख्या लगभग 800 से 900 के बीच रही है, इससे साफ जाहिर है प्रदेश के विद्यार्थी संघ के विचार धारा वाले विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से कतराते रहे हैं। आज विद्यार्थियों को रोजगारमूलक शिक्षा की जरूरत है न कि संघ के प्रचारक की पिछली सरकार का उद्देश्य पारदर्शी रहता तो विश्वविद्यालय में आज हजारों लाखों की संख्या में विद्यार्थी अध्ययन करते रहते। पत्रकारिता के साथ-साथ बिजेएलएलबी जैसे पाठ्यक्रम की शुरुआत आज तक हो चुकी रहती जो आज की माँग है पर ऐसा नही हुआ इसलिए कि पिछली सरकार का एक मात्र उद्देश्य संघ का प्रचार प्रसार करना ही रहा है। हनी बग्गा ने जोर देकर कहा है उनका उदेश्य किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी निकालना कभी नही रहा है न ही वे निम्न स्तर की राजनीति करना पसंद करते हैं पर अब वे सीधे मुख्यमंत्री से मिल कर इस बात की जाँच करायेंगे की जो अयोग्य लोग आज इस विश्वविद्यालय में नौकरी कर मोटी रकम संघ के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कर रहे हैं और हर महीने अपने झोली में सरकार का लाखों रुपये ले रहे हैं उन्हें बक्सा नही जाएगा। इसकी निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी साथ ही विश्वविद्यालय के उत्थान के लिए जिसमें विश्वविद्यालय के खुद का आवक बने ऐसे रोजगार मूलक पाठ्यक्रम को भी इसी सत्र से आरंभ करने सुझाव दिया जाएगा।

गरीबो के हितार्थ भूपेश बघेल की मांग जायज-सुशील शर्मा

भाटापारा-प्रदेश कांग्रेस सचिव सुशील शर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रदेश के गरीबो,मनरेगा मज़दूरों और असंगठित क्षेत्रों के लिये राहत पैकेज की मांग का पूरजोर समर्थन करते कहा कि संवेदनशील मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर कहा कि यह पैसा जरूरी है जिससे विपदा की इस घड़ी में ऐसे लोगो को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। वर्तमान में सरकार के सभी अधिकारी और कर्मचारी संकट के समय मे आम जनता को सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने पूरी मुस्तेदी के साथ डट कर मोर्चा संभाले हुये है।किन्तु लॉक डाउन से धीरे धीरे राज्य की बड़ी जनसंख्या को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने मनरेगा मज़दूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को आगामी तीन महीने तक प्रति माह 1000 एक हजार रुपिया की राशि दी जाय, सभी धन जन खाता धारकों को 750 सात सौ पचास रुपिया प्रति माह की राशि आगामी तीन महीने तक उनके खातों में जमा की जाय,संगठित क्षेत्र के कामगारों जिन्हें 15000 पंद्रह हजार रुपिया प्रतिमाह से कम राशि प्राप्त होती है उनकी भविष्य निधि की सम्पूर्ण राशि आगामी तीन माह तक केंद्र सरकार दुवारा वहन की जाय। सुशील शर्मा ने सभी लोगो से कोरोना वायरस से लड़ने के लिये मुख्यमंत्री के निर्देशों को मानने की अपील करते हुये कहा कि प्रदेश की जनता की चिंता करने संवेदनशील मुख्यमंत्री और संवेदनशील स्वास्थ मंत्री जी जान से लगे है हमे उनके निर्देशो का पालन करना है क्योंकि विपदा की घड़ी में सभी एक साथ रहेंगे - कोरोना से जंग लड़ेंगे और जीतेंगे।।

पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने के बजाय 3 रू. प्रति लिटर एक्साइज बढ़ाना गलत

पेट्रोल-डीजल के दामों में सिर्फ 14 पैसे और 17 पैसे की कमी को अपर्याप्त और अन्यायपूर्ण निरूपित करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा सरकार ने पिछले 6 सालों में आम आदमी की जेब से 15 लाख करोड़ निकाल लिये है। आज जब अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है तो ईंधन के दामों में 3 रू. प्रति एक्साइज बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम आदमी के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। पहले हर सप्ताह और बाद में हर दिन क्रूड आइल के दामों में वृद्धि का हवाला देकर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने और महंगाई बढ़ाने का जनविरोधी कृत्य करते रहे। अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल क्रूड आईल का दाम घटकर 30 डालर प्रति बैरल हो जाने के बाद मोदी सरकार द्वारा इसका लाभ पेट्रोल-डीजल के उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के बजाय एक्साइज ड्यूटी में 3 रू. प्रति लिटर की वृद्धि का गरीब विरोधी जनविरोधी फैसला मोदी सरकार ने लिया है। कच्चा तेल गिर कर 30-32 डॉलर प्रति बैरल हो गया, परंतु नवंबर 2004 में जब कच्चा तेल 38 डॉलर प्रति बैरल था, उसके बराबर कीमतें लाना तो दूर, मोदी सरकार पेट्रोल में 32 रुपया 45 पैसे और डीजल में 38 रूपया 69 पैसे प्रति लीटर खुद की जेब में डाल रही हैं। ये कहाँ का न्याय है? प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी-शाह सरकार को अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के मूल्यों में भारी कमी के अनुरूप पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के मूल्यों को 35 से 40 प्रतिशत कम करके कच्चे तेल के अंतर्राष्ट्रीय दामों में आई रिकार्ड गिरावट का लाभ देश की जनता को देना चाहिये। ताकि उन्हें स्टैगफ्लेशन (कमर तोड़ महंगाई एवं आर्थिक मंदी) तथा बढ़ती बेरोजगारी से कुछ राहत मिल सके। आज देश के अंदर नहीं पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमत 30 डॉलर से 32 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। 2004, नवंबर में जब कच्चा तेल 38 डॉलर प्रति बैरल था, तो देश में पेट्रोल की कीमत 37 रुपया 84 पैसे थी, पर आज जब 35 डॉलर प्रति बैरल से कम है, तो देश में पेट्रोल की कीमत 70 रुपया 29 पैसे प्रति लीटर है यानी 32 रुपया 45 पैसे प्रति लीटर हर एक लीटर पेट्रोल के साथ मोदी सरकार जबरन अपनी जेब में डाल रही हैं और आम उपभोक्ता का नुकसान कर रहे हैं। नवंबर 2004 में कच्चे तेल की कीमत 38 डॉलर प्रति बैरल थी, तो देश में डीजल की कीमत 26 रुपया 28 पैसे थी मोदी जी। आज जब 35 डॉलर प्रति बैरल से कम कच्चे तेल की कीमत है, तो डीजल की कीमत देश में 65 रुपया 97 पैसे है, 26 रुपया 28 पैसे के मुकाबले में प्रति लीटर। यानी 38 रूपया 69 पैसे मोदी सरकार अपनी जेब में डाल रही हैं और जनता की, किसान की, गरीब की, स्कूटर, मोटर- साईकिल, कार चलाने वाले व्यक्ति की जेब से निकाल रही हैं। 20 लाख रुपया शेयर बाजार में डूब गया, जो अपने आप में हिंदुस्तान के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट है। 1 डॉलर के मुकाबले में रुपया गिरकर 75 रुपया 16 पैसे हो गया, जो अपने आप में देश के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट है। वर्ष कच्चे तेल की कीमत पेट्रोल के दाम डीजल के दाम 2004 38 डॉलर प्रति बैरल 37.84 रू. प्रति लिटर 26.28 रू. प्रति लिटर 2020 35 डॉलर प्रति बैरल 70.29 रू. प्रति लिटर 65.97 रू. प्रति लिटर

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बने पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू

अकलतरा । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की टीम में कई नए चेहरों को शामिल किया गया है. वहीं कई पुराने चेहरे बाहर हो गए हैं. नए चेहरे में चुन्नीलाल साहू पूर्व विधायक अकलतरा को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बनाए गए है। अकलतरा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष का मौहोल है ।

छत्तीसगढ़ राज्य में लम्बित प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लेने एवं राष्ट्रीय जैव ईधन नीति 2018 के बिन्दु संख्या 5.3 में बदलाव करने के संबंध में राज्यसभा सदस्य और एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया द्वारा विशेष उल्लेख 

17 मार्च 2020। महोदय, राष्ट्रीय जैव ईधन नीति, 2018 के अन्तर्गत वर्ष 2030 तक पैट्रोल में 20 प्रतिशत बायोथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में केवल 5 प्रतिशत ही एथेनॉल मिलाया जा रहा है। देश के सामने अगले 10 वर्षो में इस 15 प्रतिशत बायोथेनॉल का उत्पादन करना एक बड़ा लक्ष्य है। छत्तीसगढ़ राज्य में धान की अधिकता होने और बायोथेनॉल में अधिक संभावनायें होने के कारण राज्य ने धान से बायोथेनॉल के उत्पादन संयंत्रो की स्थापना की जा रही है। धान से बायोथेनॉल के उत्पादन के लिये आवश्यक सहमति देने के लिये कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से अनुरोध किया गया है। इसी तरह धान आधारित बायोथेनॉल का विक्रय मूल्य गन्ना आधारित बायोथेनॉल के मूल्य के बराबर करने के लिये पैट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भी अनुरोध किया गया है। राष्ट्रीय जैव ईधन नीति, 2018 में बिन्दु संख्या 5.3 के अनुसार अतिरिक्त खाद्यान्न से बायोथेनॉल के उत्पादन की सहमति कृषि मंत्रालय से प्रत्येक वर्ष ली जाएगी जो कि एक अव्यवहारिक नियम है। इसके कारण निजी-निवेशक छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में धान से बायोथेनॉल के उत्पादन संयंत्रों की स्थापना में इच्छुक नहीं है। अतः आपके माध्यम से मेरा निवेदन है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बायोथेनॉल का विक्रय मूल्य गन्ना आधारित बायोथेनॉल के विक्रय मूल्य के बराबर करने एवं राष्ट्रीय जैव ईधन नीति, 2018 में बिन्दु संख्या 5.3 में अतिरिक्त खाद्यान्न से बायोथेनॉल के उत्पादन की सहमति प्रतिवर्ष लेने के नियम को बदला जाये।

अंबिकापुर से वाड्रफनगर होते हुए रेनुकूट / बनारस रेलवे लाइन को जल्द जोड़े जाने के किये माँग ।।

BBN-24 NEWS BALRAMPUR AKASH SAHU मोदी टीम से कैबिनट में छत्तीसगढ़ प्रदेश से मंत्री तेज र्तर्रार महिला शक्ति की मिशाल केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह से होली पर्व के पश्च्यात होली मिलन में उनके निवास स्थान - श्रीनगर (रामानुजनगर) पर सौजन्य भेंट करते हुए बलरामपुर जिले के भाजपा अध्यक्ष शिवनाथ यादव के साथ बलरामपुर विधानसभा से भाजपा से रहे प्रत्याशी रामकिसुन सिंह , भाजपा प्रदेश ब्यापार प्रकोष्ठ सदस्य गोपाल कश्यप , भाजपा जिला उपाध्यक्ष सीताराम कुशवाहा , सांसद प्रतिनिधि - धीरेंद्र कुमार द्विवेदी एवं रामकुमार कुशवाहा सहित जिला बलरामपुर भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्तागण मिलकर बधाई दिए साथ ही क्षेत्र के समस्याओ को भी अवगत कराये और मुख्य रूप से रेल मार्ग पर चर्चा हुआ की वाड्रफनगर की जनता की बहुत दिनों से माँग है की अगर अंबिकापुर से रेनुकूट /बनारस रेल मार्ग जुट जाता तो यह सभी क्षेत्र और तेजी से विकसित होगा* जिसका रेल विभाग द्वारा सर्वे भी हो गया है । *जिसे गंभीरता से लेते हुए बोली की मैं हर संभव प्रयाश करुँगी और इस विषय में रेल मंत्री जी से बात करके त्वरित प्रक्रिया संपन्न करवाऊंगी , सरगुजा सहित पुरे छत्तीसगढ़ प्रदेश को और विकसित करना मेरा लक्ष्य है ।।

पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने के बजाय एक्साइज बढ़ाना गलत:कांग्रेस

Danteshwar kumar ( chintu)

जगदलपुर । पेट्रोल-डीजल के दामों में सिर्फ 14 पैसे और 17 पैसे की कमी को अपर्याप्त और अन्यायपूर्ण निरूपित करते हुये प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है भाजपा सरकार ने पिछले 6 सालों में आम आदमी की जेब से 15 लाख करोड़ निकाल लिये है। आज जब अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है तो ईंधन के दामों में 3 रू. प्रति लीटर एक्साइज बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम आदमी के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। पहले भी हर सप्ताह और बाद में हर दिन क्रूड आइल के दामों में वृद्धि का हवाला देकर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने और महंगाई बढ़ाने का जनविरोधी कृत्य करते रहे। अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल क्रूड आईल का दाम घटकर 30 डालर प्रति बैरल हो जाने के बाद मोदी सरकार द्वारा इसका लाभ पेट्रोल-डीजल के उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के बजाय एक्साइज ड्यूटी में 3 रू. प्रति लिटर की वृद्धि का गरीब विरोधी, जनविरोधी फैसला मोदी सरकार ने लिया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है मोदी-शाह सरकार को अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के मूल्यों में भारी कमी के अनुरूप पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के मूल्यों को 35 से 40 प्रतिशत कम करके कच्चे तेल के अंतर्राष्ट्रीय दामों में आई रिकार्ड गिरावट का लाभ देश की जनता को देना चाहिये। ताकि उन्हें स्टैगफ्लेशन (कमर तोड़ महंगाई एवं आर्थिक मंदी) तथा बढ़ती बेरोजगारी से कुछ राहत मिल सके। आज देश के अंदर नहीं पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमत 30 डॉलर से 32 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। 2004, नवंबर में जब कच्चा तेल 38 डॉलर प्रति बैरल था, तो देश में पेट्रोल की कीमत 37 रुपया 84 पैसे थी, पर आज जब 35 डॉलर प्रति बैरल से कम है, तो देश में पेट्रोल की कीमत 70 रुपया 29 पैसे प्रति लीटर है यानी 32 रुपया 45 पैसे प्रति लीटर हर एक लीटर पेट्रोल के साथ मोदी सरकार जबरन अपनी जेब में डाल रही हैं और यह पैसा जनता की, किसान की, गरीब की, स्कूटर, मोटर- साईकिल, कार चलाने वाले व्यक्ति की जेब से निकाला जा रहा

20 साल का सर्वेश्रेष्ठ बजट - राघवेंद्र सिंह

कांग्रेस के नेता राघवेंद्र सिंह ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य बनने के बाद अब तक का सबसे बेहतरीन और सर्वश्रेस्ठ बजट मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पेश किया है।इस बजट में सभी वर्गो का ध्यान रखा गया है।राघवेंद्र सिंह ने कहा कि ये बजट छ्त्तीसगढ़िया का छ्त्तीसगढ़ीयो के लिये है।हर क्षेत्र को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया है।इस बजट में किसानों के धान के अंतर राशि के लिये राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 5100करोड़ रु बजट में देना ये प्रदर्शित करता है कि सरकार किसानों के लिये तत्पर और किसान हितैषी सरकार है।साथ ही पूरे प्रदेश के शिक्षकों का सवलियांन करना ऐतिहाशिक कदम है।युवाओ के रोजगार के लिये प्रोत्साहन करना साथ ही महिलाओं के लिये महिला सुरक्षा को ध्यान में रखना सरकार के दूरदर्शी सोच व्यक्त करता है।इसी प्रकार स्वास्थ्य सुविधा हेतु विशेष राशि स्वास्थ्य विभाग को देकर खूबचंद बघेल योजना अंतर्गत इलाज में सुविधा देने का बजट अति प्रशसनीय कार्य है।साथ ही हमारे छ्त्तीसगढ़ के पहचान हेतु राम गमन हेतु 10करोड़ बजट देना अति प्रसन्नता का विषय है।इसके अलावा राज्य के उद्योगों को बढ़ावा देने,राज्य में सड़कों का जाल बिछाने,राज्य में पानी की समुचित व्यवस्था करने,राज्य में अपराध कम करने 5नए थाने और 10नए चौकी खोलने का कदम प्रशसनीय है।साथ ही हमारी संस्कृति को सहेजने संवरने का कार्य भी मुख्यमंत्री ने इस बजट में किया है।हर वर्ष युवा महोत्सव,आदिवासी महोत्सव ,तथा छ्त्तीसगढ़ी व्यंजनों को पूरे देश विदेश में पहचान दिलाने का कार्य मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बजट में किया है।। राघवेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसा बजट राज्य बनने के 20साल में पहली बार मुख्यमंत्री के द्वारा लाया गया है जो राज्य के लोगो के लिये खुशहाली वाला बजट तथा आगामी समय में राज्य के विकास हेतु मिल का पत्थर साबित होगा।।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रस्तुत बजट सभी वर्गो के लिए हितकारी- मोहन मरकाम

कोण्डागाॅव को बजट में विशेष स्थान देने के लिए आभार: मोहन मरकाम

Danteshwar kumar ( chintu)

जगदलपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज प्रस्तुत किए गये है दूसरे बजट का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा राज्य के सर्वहारा वर्ग के संर्वांगीण विकास के लिये प्रस्तुत 1 लाख 2 हजार 907 करोड़ का बजट, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के नारा को बुलंद करते हुये छत्तीसगढ़ के विकास के नये आयाम गढ़ेगा। बजट में किसानों को उनके उपज का 2500 रूपये दाम मिले इसके लिए बनाई गयी राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों के आर्थिक संपन्नता के मार्ग प्रशस्त होंगे ।छत्तीसगढ़ की पहचान धान का कटोरा के रूप में होती है, वो अब हमेशा हरा भरा रहेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर से लेकर सरगुजा तक एवं रायगढ़ से लेकर राजनांदगांव तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विकास का मॉडल इस बजट में दिखाया है। अति पिछड़ा जिला दंतेवाड़ा के गरीबी के स्तर को राष्ट्रीय स्तर की गरीबी 22 प्रतिशत तक लाने, स्थानीय संसाधनों के अलावा विशेष 20 करोड़ का बजट प्रावधान करने से दंतेवाड़ा के पिछड़ापन को दूर करने में मदद मिलेगी ।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि बजट में कोण्डागांव के लिये, कोण्डागांव जिले में कुपोषण को दूर करने के उद्धेश्य से पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा । जिसमें फोटिफाईड (ज्यादा आयरन वाले चांवल) का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत् किया जाएगा । फोर्टिफाईड चांवल में अतिरिक्त विटामिन और आयरन जैसे माकक्रोन्यूट्रिएंट्स मिले होते हैं, जिससे स्वस्थ एवं सुपोषित नई पीढ़ी का निर्माण होगा । इस कार्य के लिए बजट में 5 करोड़ 80 लाख रूपये राशि का प्रावधान रखा गया है, कोण्डागांव जिला मुख्यालय में कन्या महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी । कोण्डागाँव जिले के बनियागांव से राजागांव मार्ग पर एनीकेट सह पुलिया की अनुमानित लागत 200 लाख है जिस पर इस वर्ष 30 लाख का बजट व्यय, कोण्डागाँव जिले के बनियागांव नाला अपस्ट्रीम एवं डाउन स्ट्रीम निर्माण स्वयं के कार्य की अनुमानित लागत 90 लाख है जिस पर इस वर्ष 30 लाख का व्यय, कोण्डागाँव जिले के बवई जलाशय की अनुमानित लागत 1500 लाख है जिस पर इस वर्ष 30 लाख का व्यय, कोण्डागाँव जिले के मसोरा से छुईढोढ़ा मार्ग पर नारंगी नदी पर पुलिया निर्माण की अनुमानित लागत 250 लाख है जिस पर इस वर्ष 30 लाख का व्यय, कोण्डागाँव जिले के नारंगी नदी पर स्टॉप डैम की अनुमानित लागत 150 लाख है जिस पर इस वर्ष 30 लाख का व्यय, कोण्डागाँव जिले के बुडरा नाला में स्टापडेम निर्माण की अनुमानित लागत 70 लाख है जिस पर इस वर्ष 30 लाख का व्यय, जिले के भेलवापारा से डोंगरीपारा मार्ग में स्टापडे सह पुलिया निर्माण की अनुमानित लागत 70 लाख है जिस पर इस वर्ष 30 लाख का व्यय, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सहायक संचालक का नवीन पद स्वीकृत किया गया है, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मसोरा को माडल स्कूल के रूप में परिवर्तित किया जाएगा । मूलमुला से सितली तक सड़क पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य लंबाई 3.5 किलोमीटर लागत राशि 250 लाख तथा राशि 63 लाख का व्यय, चिलपुटी से गिरोला तक सड़क पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य 4 किलोमीटर लागत राशि 300 लाख राशि 75 लाख का व्यय, बुडरापारा कुम्हारी से मालगांव तक सड़क पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य लंबाई 3 किलोमीटर लागत राशि 250 लाख तथा राशि 63 लाख काव्य, बेलगांव से ओडारगांव तक सड़क पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य लंबाई 4 किलोमीटर लागत राशि 360 लाख तथा राशि 90 लाख काव्य, भीरावण्ड से रावण से लखापुरी तक सड़क पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य 3 किलोमीटर लागत राशि 270 लाख तथा राशि 68 लाख काव्य, कोण्डागाँव अमरावती जिला मार्ग 6 किलोमीटर में डामरीकरण एवं उन्नयन कार्य लागत राशि 160 लाख तथा राशि 40 लाख का व्यय संभावित है, बांगाप्लाट से भोगाड़ी तक सड़क एवं पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य लंबाई 4 किलोमीटर लागत राशि 250 लाख तथा राशि 63 लाख काव्य संभावित है, जोबा से बड़ेकनेरा तक पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य 7.70 किलोमीटर लागत राशि 450 लाख तथा राशि 113 लाख का व्यय संभावित है ।

छ. ग. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कोण्डागांव जिले के उत्तरोत्तर विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्माण कार्य व सुपोषण को दृष्टिगत रखते हुए ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए बजट में करोड़ों रूपये सौगात देने के लिए भूपेश बघेल , मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन का हृदय से आभार व्यक्त किया ।

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