विश्व

100 करोड़ के बैंक घोटाले में भगोड़े आरोपी नरेंद्र कुमार पटेल को ईडी ने किया गिरफ्तार

ईडी के अधिकारियों के मुताबिक नरेंद्र कुमार पटेल को हैदराबाद की एक अदालत में पेश किया गया था जहां से उसे 29 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया। पटेल 2015 में अपने परिवार के साथ भारत से भाग कर अमेरिका चला गया था। सीबीआई उससे पूछताछ भी नहीं कर सकी थी। पिछले साल ईडी ने पटेल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था। जिसके बाद उसे अहमदाबाद हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया। ईडी ने उसके खिलाफ 2018 में सीबीआई की एक एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। पटेल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर जयपुर से 65.29 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया था।

भारत और अमेरिका कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं: एंटनी ब्लिंकेन

उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हम भारत के साथ काम कर रहे हैं ताकि चीन सहित कोई देश इस क्षेत्र में हमारी संप्रभुता को चुनौती न दे सके। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे हम उस साझेदारी को मजबूत कर सकते हैं। ब्लिंकेन ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्षय ऊर्जा और विभिन्न तकनीक अपनाए जाने के पक्षधर हैं। मेरा मानना है कि इस दिशा में दोनों देशों मिलकर काम कर सकते हैं।

पाक का कराची शहर फिर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित

January, 2021 मिडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के कराची शहर को रविवार को एक बार फिर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में जगह मिली। इस शहर की हवा में खतरनाक कणों का स्तर 324 तक पहुंच गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की रीडिंग का हवाला देते हुए ARY न्यूज़ ने बताया कि लाहौर में पार्टिकुलेट मैटर का वायु प्रदूषण 171, पेशावर 414 और इस्लामाबाद 171 दर्ज किया गया। कराची में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। एक विशेषज्ञ ने कहा कि सर्दियों में वायु प्रदूषण में वृद्धि देखी जाती है। शहरों में कारखानों और वाहनों के आवागमन से निकलने वाले धुएँ वायु प्रदूषण के मुख्य कारण हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि कारखानों और जलते हुए कोयले, कचरे, तेल या टायरों से निकलने वाला धुआं वातावरण को दूषित करता है और इसका असर सर्दियों की शुरुआत में दिखाई देता है और मौसम के अंत तक बना रहता है। ARY न्यूज के अनुसार AQI 151-200 तक उच्च स्तर का माना जाता है, जबकि 201 से 300 के बीच AQI अधिक हानिकारक है और 300 से अधिक AQI को बेहद खतरनाक करार दिया जाता है। AQI की गणना प्रदूषण की पांच श्रेणियों के आधार पर की जाती है, जिसमें जमीनी स्तर के ओजोन, पार्टिकुलेट मैटर, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड शामिल हैं।

ब्रिटेन में 40 लाख से ज्यादा लोगों को दी गई कोरोना टीके पहली खुराक

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में 40 लाख से अधिक लोगों को कोरोना वायरस टीके की पहली खुराक दी गई है। सार्वजनिक स्वास्थ्य इंग्लैंड ने ट्वीट कर कहा कि कुल 40 लाख 62 हजार 501 लोगों को अब तक टीके की पहली खुराक दी गई है। ब्रिटेन में फरवरी के मध्य तक पहले चार प्राथमिकता वाले समूहों के एक करोड़ 40 लाख लोगों के टीकाकरण की योजना है।

अमेरिका : आज बाइडेन का शपथ ग्रहण समारोह, 25 हजार सैनिक तैनात, वॉशिंगटन किले में तब्दील

अमेरिका में आज बाइडेन का शपथ ग्रहण समारोह है, वही इस बीच ग्रहण समारोह में 25 हजार सैनिक तैनात किए गए है , कहा जा सकता है कि वॉशिंगटन किले में तब्दील हो गया है

Big News: विमान हादसा : 10 हजार फुट पर विमान हुआ क्रैश, समंदर में मिला विमान का मलवा……सवार लोगों का अब तक कोई पता नहीं

BBN24News: 9 जनवरी 2021। मिडिया से मिली जानकारी के अनुसार आज शनिवार को इंडोनेशिया की राजधानी जर्काता से उड़ान भरने के बाद लापता हुआ यात्री विमान क्रैश हो गया है. श्रीविजया एयरलाइंस के विमान के क्रैश होने की खबर आ रही है. इस विमान में 56 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स सवार थे. ये विमान पोंटियानक की तरफ जा रहा था, जो पश्चिम कालीमंतन की प्रांतीय राजधानी है.खबरों के मुताबिक क्रैश हुआ बोइंग विमान 26 साल पुराना था. प्लेन ने इंडोनेशिया के पश्चिमी कालिमांतान प्रांत के पॉन्टियानाक के लिए उड़ान भरी थी. रॉयटर्स के मुताबिक बचावकर्मियों ने कहा है कि शहर के समुद्र में विमान का संदिग्ध

आखिरकार ट्रंप ने डाले हथियार, 20 जनवरी को बिडेन को सौंपेंगे सत्ता

नई दिल्लीः राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अगले 13 दिनों में व्हाइट हाउस का नियंत्रण नए राष्ट्रपति जो बिडेन को सौंपने वाले हैं, ऐसा उन्होंने वादा किया है। निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि 20 जनवरी को जो बिडेन को अनुशासित रूप से सत्ता का हस्तांतरण होगा। ट्रम्प की टिप्पणी अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र के बाद औपचारिक रूप आई और इस बात ने अगले अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में बिडेन के इलेक्टोरल कॉलेज की जीत को प्रमाणित किया। 

इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हजारों नाराज समर्थकों ने अमेरिकी कैपिटल पर धावा बोल दिया और पुलिस से भिड़ गए, जिससे उनके कई समर्थक हताहत और कई घायल हुए। इन उपद्रवियों ने राष्ट्रपति चुनाव में जो बिडेन की जीत की पुष्टि के लिए एक संवैधानिक प्रक्रिया को बाधित किया।

नकाबपोश प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए हंगामे के बाद पुलिस के पास भीड़ को नियंत्रित करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा भंग कर दी और बुधवार को कैपिटल भवन में प्रवेश किया, जहां कांग्रेस के सदस्य निर्वाचक मंडल के वोटों की गिनती और प्रमाणित करने की प्रक्रिया से गुजर रहे थे।

हाउस और सीनेट और पूरे कैपिटल को लॉकडाउन के तहत रखा गया था। उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

ट्रम्प, जिन्होंने पहले अपने समर्थकों को कैपिटल में जाने के लिए प्रोत्साहित किया, ने उन्हें कानून का पालन करने और हिंसक झड़प के बाद घर वापस जाने का आग्रह किया।

ट्रम्प ने ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘यह एक कपटपूर्ण चुनाव था, लेकिन हम इन लोगों के हाथों में नहीं खेल सकते। हमें शांति रखनी है। इसलिए घर जाना है।’’ माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ने बाद में वीडियो और कुछ ट्वीट्स को हटा दिया जिसमें ट्रम्प अपने समर्थकों के कार्यों का बचाव करते दिखाई दिए।

ट्विटर ने भी राष्ट्रपति ट्रम्प के खाते को पहली बार 12 घंटे के लिए लॉक कर दिया और चेतावनी दी कि वह स्थायी रूप से बंद हो सकते हैं। नए चुने गए राष्ट्रपति बिडेन ने कहा कि वह अमेरिका को ‘‘इस तरह उपद्रव’’ को देखकर वह हैरान और दुखी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump, फर्स्ट लेडी Melania कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्लीः-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूएस फस्र्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प ने कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। दोनों अब क्वारंटीन में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने ट्विटर पर इसकी पुष्टि की है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा,आज रात, @FLOTUS (मेलानिया ट्रम्प) और मैं कोरोना पॉजिटिव आए हैं। हम दोनों तुरंत अपनी क्वारंटीन और रिकवरी प्रक्रिया शुरू करेंगे। इसके जरिए हम एक साथ रह पायेंगे! इससे पहले, राष्ट्रपति की सलाहकार होप हिक्स उनके साथ एयर फोर्स वन से क्लीवलैंड में हुई पहली प्रेसिडेंशल डिबेट में गई थीं और बाद में वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं, जिसके बाद ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया दोनों क्वारंटाइन में चले गए थे। उस समय राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्वीट किया और लिखा, भयानक! द फस्र्ट लेडी और मैं कोविड टेस्ट के बाद परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बीच, हम अपनी क्वारंटाइन की प्रक्रिया शुरू करेंगे! हम इससे साथ में जीतेंगे।

पाकिस्तान चीन के साथ मिलकर भारत के खिलाफ रच रहा साजिश?

नई दिल्लीः पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी सऊदी अरब से कश्मीर पर अपमान का अनुभव करने के बाद एक दिन की चीन यात्रा के लिए हेनान पहुंचे हैं। कुरैशी ने इसे ‘आयरन ब्रदर्स’ के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से एक ‘बहुत महत्वपूर्ण’ यात्रा बताया है।

इस यात्रा के दौरान, कुरैशी चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात करेंगे। हेनान वही जगह है जहां चीन ने पनडुब्बियों का एक बड़ा आधार बना रखा है।

कुरैशी ने कहा, ‘‘इस यात्रा का उद्देश्य पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के लक्ष्यों को दिखाना है।’’ हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी विदेश मंत्री सैन्य सहयोग सहित तीन सूत्री योजना पर चीन पहुंचे हैं।

इससे पहले, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने रक्षा सहयोग और क्षमता निर्माण के लिए पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान सेना के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

पाकिस्तानी और चीनी सेनाओं को एक साथ लाने की कोशिश

पाकिस्तान सेना पीएलए के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहती है और एक संयुक्त सैन्य आयोग का गठन करना चाहती है। इस योजना के पीछे मकसद यह है कि दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक फैसले लिए जा सकते हैं। यह पीएलए और पाकिस्तान सेना को एक साथ लाएगा। इसके अलावा, इमरान खान सरकार चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के दूसरे चरण को तेज करने के लिए चर्चा करेगी।

मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि कुरैशी चाहते हैं कि चीन सिंध, पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सुधार करने में मदद करे। पीओके और गिलगित दोनों पर पाकिस्तान का कब्जा है, लेकिन भारत इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है। चीन लगभग 60 अरब डॉलर का निवेश करके पाकिस्तान से चीन के लिए सड़क और रेलवे लिंक का निर्माण कर रहा है। इसके जरिए चीन का शिनजियांग प्रांत पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से जुड़ जाएगा।

ऐसा माना जा रहा है कि चीन और पाकिस्तान के बीच इस चर्चा में भारत का मुद्दा प्रमुखता से उभर सकता है। दोनों देशों के विदेश मंत्री ऐसे समय में बैठक कर रहे हैं जब दोनों एलओसी और कश्मीर के संबंध में अपने निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। कहा जा रहा है कि चीन ने पाकिस्तान को आश्वासन दिया है कि कश्मीर के पूरे मुद्दे को इस्लामाबाद के साथ समन्वित किया जाएगा। इमरान खान सरकार चाहती है कि चीन एक कदम और आगे बढ़े और मामला अगले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में ले जाए। अब तक केवल तुर्की और मलेशिया ने ऐसा किया है।

नेपाल में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए पाकिस्तान चाहता है कि चीन से नेपाल तक उसके माल के लिए एक परिवहन गलियारा हो। नेपाल ने 20 बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए पिछले साल चीन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत, हिमालयी क्षेत्र में सभी मौसम वाली सड़कें और सुरंगें बनाई जानी हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब कश्मीर पर कुरैशी की धमकी के बाद सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के संबंध बिगड़ गए हैं। सऊदी अरब के कर्ज को चुकाने के लिए पाकिस्तान को चीन से उधार लेना पड़ा है।

sabhar

करीबन 9 महीने के बाद भारत और नेपाल में होगी बात, 17 अगस्त को हाई लेवल मीटिंग


9 महीने की संवादहीनता और तल्खी के बीच नेपाल की अकड़ ढीली पड़ती नजर आ रही है। संबंध सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए दोनों देशों के अधिकारी नेपाल में भारत पोषित परियोजनाओं को लेकर 17 अगस्त को समीक्षा बैठक करेंगे। 

नेपाल-भारत निरीक्षण तंत्र की यह 8वीं बैठक दोनों देशों के मध्य हाल के सीमा विवाद से उत्पन्न तल्ख तेवरों में नरमी की उम्मीद के तौर पर देखी जा रही है। 9 माह बाद हो रही बैठक 17 अगस्त को काठमांडू में प्रस्तावित है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस बैठक की पुष्टि की है। 

विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने कहा,' हमारे पास बातचीत के अलावा विकल्प नहीं है।' उन्होंने आगे कहा,' सीमा विवाद को लेकर हम अपने सभी संबंधों को बंधक बनाकर नहीं रख सकते हैं।'

तंत्र की बैठक का दौर प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की 2016 में भारत यात्रा के बाद स्थापित हुआ। इसका मकसद आपसी परियोजनाओं के क्रियान्वयन और समयसीमा के भीतर इन्हें पूरा करने के लिये आवश्यक कदम उठाना था।

नेपाल की तरफ से बैठक की अगुआई विदेश सचिव शंकर दास बैरागी करेंगे। भारतीय दल का नेतृत्व नेपाल में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा करेंगे। यह बैठक हालांकि भारत पोषित परियोजनाओं की समीक्षा के लिए हो रही है, लेकिन अधिकारियों और राजनायिकों का कहना है कि इसे दोनों देशों के बीच फिर से बातचीत शुरू होने के रूप में देखा जा रहा है।

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक भ्रष्टाचार के सात आरोपों में दोषी करार

मिडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व मलेशियाई प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक को कोर्ट ने 1एमडीबी वित्तीय घोटाला मामले से जुड़े पहले भ्रष्टाचार परीक्षण में दोषी पाया है। अरबों डालर के घोटाले को लेकर जनता के गुस्से के कारण 2018 में नजीब की पार्टी को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।

भारत चीन को चारों तरफ से घेरने की कोशिश में लगा, कितना होगा कामयाब?

नई दिल्लीः ड्रेगन की जालसाजी पर भारत चीन को चारों तरफ से घेरने का मन बना चुका है। इसीलिए भारत उसे सामरिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर घेर रहा है। पूर्वी लद्दाख में जो हरकत चीन ने की, वो शर्मनाक है। उसके बाद भी वो अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा। लेकिन भारत द्वारा अपने 59 ऐप्स पर बैन लगाने के बाद से चीन के स्वर कुछ मद्धम पड़े हैं। बहरहाल, भारत ने ड्रेगन की चालाकी का जवाब कूटनीतिक तरीके से देते हुए हांगकांग (HongKong) में चीन के नए सुरक्षा कानून पर इशारों-इशारों में सवाल खड़े किए और साथ ही साथ चीन को खरी-खोटी भी सुना दी।

बुधवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत ने कहा कि हांगकांग को विशेष व्यवस्थापकीय क्षेत्र (Special administrative region) बनाना चीन का घरेलू मसला है, लेकिन भारत इन घटनाओं पर करीब से नजर रखे हुए है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजीव चंदर ने कहा, ‘‘हम हाल की इन घटनाओं पर चिंता जताने वाले कई बयान सुन चुके हैं। हमें उम्मीद है कि संबंधित पक्ष इन बातों का ध्यान रखेंगे और इसका उचित, गंभीर और निष्पक्ष समाधान करेंगे।’’ हालांकि भारत ने अपने बयान में चीन का नाम लेने से बचता दिखाई दिया।

एनबीटी के हवाले से भारत का यह बयान उस समय आया, जब दुनिया में मानवाधिकार की स्थिति पर चर्चा चल रही है। भारत पहली बार हांगकांग के मुद्दे पर बोला है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत का यह बयान आया है। दोनों देशों के बीच एक महीने से ज्यादा वक्त से पूर्वी लद्दाख में तनाव बना हुआ है। 

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के बयान वाले दिन ही भारत का भी बयान आया है, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत में 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध का खुलकर समर्थन किया। पोम्पियो ने कहा था कि भारत का क्लीन ऐप नजरिये से उसकी संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि भारत हांगकांग के मुद्दे पर चीन के खिलाफ बोले। चीन के नए कानून से हांगकांग के निवासियों के मानवाधिकार उल्लंघन की बात कही जा रही है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में 27 देशों ने चीन से हांगकांग में लागू किए गए नए कानून पर फिर से विचार करने को कहा है।

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया में केवल भारत ही एक ऐसा देश है जिसने हांगकांग के मुद्दे पर अभी तक कुछ नहीं बोला है। ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने चीन के नए कानून की खुलकर आलोचना की है। जापान ने भी हांगकांग की आजादी का समर्थन किया है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसने इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया।

सामरिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्म चलानी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘चीन हांगकांग में यूएन संधि का उल्लंघन कर रहा है लेकिन भारत ने इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहा। चीन में मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार पर भी भारत ने कोई बयान नहीं दिया। एससीएस (SCS) में चीन के कार्यों पर भारत चुप रहा। लेकिन चीन ने जम्मू-कश्मीर का मसला यूएनएससी (UNSC) में उठाया।’’

भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा झटका, ट्रंप ने H-1B Visa पर लगाई रोक

नई दिल्लीः ट्रम्प प्रशासन ने सोमवार को वर्तमान कैलेंडर वर्ष में सभी एच-1बी और एच-4 सहित विदेशियों के लिए, नए प्रवासियों और निलंबित वीजाधारकों के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ जारी करने पर रोक लगा दी। यह रोक उन वीजाधारकों के लिए नहीं जो पहले से ही अमेरिका में रह रहे हैं। ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) के तहत जो विदेशी छात्र अमेरिका में स्नातक होने के बाद योग्य होगें, वो छात्र भी इस समस्या से प्रभावित नहीं होंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से भारत समेत दुनिया के आईटी प्रोफेशनल को बड़ा झटका लगेगा। 

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका में रहने वाले उन लोगों की मदद करने के लिए यह निर्णय आवश्यक था। इसका उद्देश्य उन स्थानीय वर्कस को प्रोटेक्ट करना है जो कोविड-19 के फैलने के कारण बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ट्रम्प ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारे पास एक आव्रजन प्रणाली बनाने का नैतिक कर्तव्य है जो हमारे नागरिकों के जीवन और नौकरियों की रक्षा करता है। यह निलंबन दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।’’

ट्रंप का ये ऐलान नवंबर में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनज़र देखा जा रहा है। राष्ट्रपति चुनावों से ठीक पहले ये ऐलान करते हुए ट्रंप ने विभिन्न व्यापारिक संगठनों, कानूनविदों और मानवाधिकार निकायों द्वारा आदेश के बढ़ते विरोध की अनदेखी की है।

एच-1बी वीजा पर रोक 24 जून से लागू होगी। इससे बड़ी संख्या में भारतीय आईटी पेशेवरों के प्रभावित होने की संभावना है। अब उन्हें स्टैम्पिंग से पहले कम से कम इस साल के खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा। ये कदम उन भारतीय आईटी पेशेवरों को बड़ी संख्या में भी प्रभावित करेगा जिनका एच-1बी वीजा खत्म होने वाला है और वो उसे रिन्यू कराना चाहते हैं।

आज तक के हवाले से डोनाल्ड ट्रंप के इस ऐलान से दुनियाभर से अमेरिका में नौकरी करने का सपना देखने वाले लाखों लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। यहां बता दें कि अमेरिका में काम करने वाली कंपनियों को विदेशी कामगारों को मिलने वाले वीजा को एच-1बी वीजा कहते हैं। इस वीजा को एक तय अवधि के लिए जारी किया जाता है।

क्या है एच-1बी वीजा
एच-1बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है। अमेरिका में कार्यरत कंपनियों को यह वीजा ऐसे कुशल कर्मचारियों को रखने के लिए दिया जाता है जिनकी अमेरिका में कमी हो। इस वीजा की वैलिडिटी छह साल की होती है। अमेरिकी कंपनियों की डिमांड की वजह से भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स इस वीजा को सबसे ज्यादा संख्या में हासिल करते हैं।

Lac पर तनाव कम करने की कोशिशें जारी, आज फिर होगी दोनों देशों के बीच बातचीत......

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक लद्दाख सीमा पर तनाव को कम करने के लिए भारतीय सेना व चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बीच आज बातचीत हो सकती है. हालांकि, बातचीत का एजेंडा और स्थान के बारे में अभी पुष्ता जानकारी नहीं है. इस बीच मिडीया रिपोर्ट के अनुसार गलवान घाटी में खूनी झड़प वाली जगह पर तनातनी जारी है. दोनों तरफ से हजार सैनिक जमे हुए हैं.

यूरोपियन यूनियन ने कहा, WHO का अनुदान रोकने के फैसले पर दोबारा विचार करें राष्ट्रपति ट्रंप

A News Edit By : Yash Kumar Lata

मिडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार यूरोपियन यूनियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अनुदान रोकने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया. आपको बतादे कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि डब्ल्यूएचओ महामारी से सही ढंग से निपटने में नाकाम रहा है और उसपर पूरी तरह चीन का नियंत्रण हो गया है. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उरसुला वोन डेर लेयेन ने शनिवार को ट्रंप से उनके फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाईयों से बचना चाहिए जिनसे अंतरराष्ट्रीय कोशिशें कमजोर हों. यह समय अंतराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने और मिलजुल कर प्रयास करने का है.

उन्होंने कहा, डब्ल्यूएचओ को फिलहाल और भविष्य में कोरोना वायरस से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का नेतृत्व करते रहना चाहिये। इसके लिये सभी के सहयोग की बहुत ज्यादा जरूरत है.

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