राजधानी

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बच्चों को दवा पिलाकर किया रोटा वायरस टीकाकरण की शुरूआत

 

रायपुर. 9 जुलाई 2019 :  छत्तीसगढ़ में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में दो नए टीकों को शामिल किया गया है। नियमित टीकों के साथ ही अब बच्चों को डायरिया से बचाने रोटा वायरस वैक्सीन पिलाया जाएगा। टिटनेस और डिप्थिरिया से बचाने टीडी वैक्सीन भी लगाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज अंबिकापुर में बच्चों को रोटा वायरस ड्राप पिलाकर इसकी शुरूआत की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन टीकों के बारे में माता-पिता को बताएं जिससे कि बच्चे डायरिया, टिटनेस और डिप्थिरिया से सुरक्षित रहें। प्रदेश के सभी जिलों में आज से ये टीके लगने शुरू हो गए हैं। दो नए टीकों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किए जाने के बाद अब बच्चों को 11 जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकेगा।  

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने रोटा वायरस टीकाकरण का शुभारंभ करते हुए कहा कि छोटे बच्चों को डायरिया से बचाने रोटा वायरस का टीका बहुत जरूरी है। स्वस्थ पीढ़ी तैयार करने हम सभी को अपनी सहभागिता देनी होगी और जिम्मेदारियों का निर्वहन बेहतर ढंग से करना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांव-गांव में इस टीके के बारे में बताएं। माता-पिता और परिजनों को जागरूक करें। बच्चों को रोटा वायरस टीके की पांच-पांच बूंदें तीन बार पिलानी है। इसकी तीन खुराक क्रमशः जन्म के छठवें,  दसवें और चौदहवें सप्ताह में देनी है।

टीडी वैक्सीन टिटनेस और डिप्थिरिया से बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों को लगाया जाता है। बच्चों को पहली बार यह टीका 10 वर्ष की उम्र में और दूसरी बार 15 वर्ष की उम्र में लगता है। पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को गर्भावस्था की पहली तिमाही में इसे एक माह के अंतराल में दो बार लगाया जाएगा। वहीं तीन साल के भीतर दूसरी बार गर्भवती महिलाओं को टीडी वैक्सीन पहली तिमाही में ही एक बार लगेगा।

जिला आबकारी टीम ने की बड़ी कार्रवाई मध्यप्रदेश की 10 पेटी मदिरा जप्त

 रायपुर, 05 जुलाई 2019 कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन के निर्देशन में उपायुक्त   एल.एल. धु्रव के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश की 10 पेटी मदिरा को जप्त किया है। आबकारी उप निरीक्षक   नीलम किरण सिंह और   जी.आर. आड़े के नेतृत्व में बनी टीम द्वारा आज 4 जुलाई को रात्रि 2 बजे मुखबिर की सूचना पर वृत्त आरंग के सेजा मार्ग की घेराबंदी कर मध्यप्रदेश की 10 पेटी गोवा स्पेशल व्हिस्की मदिरा बरामद कर जप्त की गई। आरोपी स्कॉर्पियों से माल उतार चुके थे, जो आबकारी टीम को देखकर भाग खड़े हुए। आबकारी टीम द्वारा स्कॉर्पियों का पीछा किया गया, किन्तु आरोपी और वाहन को पकड़ा नही जा सका। मदिरा जप्त कर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। आबकारी विभाग द्वारा आरोपी की तलाश की जा रही है। टीम में आबकारी आरक्षक  जफर खान एवं   राधागिरी गोस्वामी शामिल थे।

धान का उठाव नहीं करने पर 20 राईस मिलरों को नोटिस जारी राईस मिलरों को 3 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया

 रायपुर, 05 जुलाई 2019 कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में मिलिंग क्षमता के अनुसार धान का उठाव नही करने के कारण 20 राईस मिलर्स को नोटिस जारी करते हुए 3 दिवस के भीतर जबाव प्रस्तुत करने को कहा है।

   कलेक्टर भारतीदासन द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि राईस मिलरों द्वारा शासकीय धान का उठाव करने में कोई रूचि नही लिया जा रहा है, जो कि छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चांवल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दण्डनीय हैं। मिलिंग क्षमता के अनुसार धान का उठाव नही करने पर इनके मिलिंग प्रतिबंधित किये जाने और काली सूची में दर्ज करने हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा जायेगा। जिन्हें नोटिस जारी की गई है उनमें मेसर्स इण्डियन राईस मिल, तीरूपति राईस मिल, निर्मला राईस प्राइवेट लिमिटेड, जय बाबा इण्डस्ट्रीज, प्रभु इंटरप्राईजेस, श्रीराम राईस मिल, मधु परबाइल, राधा कृष्ण राईस मिल, श्रीधर एग्रो प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड, आर्यन राईस इण्डस्ट्रीज, आरएस राईस इण्डस्ट्रीज, राजेश ट्रेडिंग कंपनी नेवरा, सतनाम इण्डस्ट्रीज, सरस्वती पेडी प्रोसेसिंग यूनिट, शिवम इण्डस्ट्रीज, शांति परबाइलिंग इण्डस्ट्रीज रायपुर, रानुलाल गांधी राईस मिल नेवरा, उज्जवला एशोसिएट, श्री श्यामजी राईस मिल नवापारा और यश परबाइल यूनिट राईस शामिल है।

नगरीय प्रशासन मंत्री ने वर्षा के दौरान जल भराव से निपटने पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए

रायपुर,  30 जून 2019 नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज नगर निगम रायपुर के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि राजधानी रायपुर प्रदेश का हृदय स्थल है। हमारा जोर यहां के विकास के साथ-साथ इसे स्वच्छ और पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर वातावरण है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को मूलभूत सुविधा मुहैय्या कराना हम सबका दायित्व है। 

डॉ. डहरिया ने आज सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में बैठक लेकर नगर निगम द्वारा आम नागरिकों को प्रदाय की जा रही मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर महापौर  प्रमोद दुबे, नगरीय निकाय एवं प्रशासन विभाग की सचिव  अलरमेल मंगई डी, कलेक्टर रायपुर डॉ. एस. भारतीदासन, कमिश्नर नगर निगम   अनंत तायल भी उपस्थित थे। 

नगरीय प्रशासन मंत्री ने नगर निगम रायपुर के अधिकारियों को हिदायत दी कि वे एनजीटी के नियमों का पालन करते हुए डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन कराएं तथा बरसात के मौसम को देखते हुए जल निकासी व्यवस्था के ज्यादा से ज्यादा इंतजाम करें। इसके लिए उन्होंने नियमित रूप से नालियों की साफ-सफाई करने के निर्देश भी दिए।

डॉ. डहरिया ने नगर निगम के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी स्थिति में जल भराव की स्थिति उत्पन्न न हो, जहां पर जल भराव के लिए बाधक हो वहां के स्थानों को संबंधित व्यक्ति या संस्था से सहमति लेकर अथवा अनिवार्य भू-अर्जन के माध्यम से जल भराव की स्थिति से निपटने का इंतजाम किया जाए। उन्होंने ऐेसे क्षेत्र जहां जल भराव से ज्यादा प्रभावित हैं, वहां के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को  दिए। 

डॉ. डहरिया ने एक्सप्रेस-वे बनने के बाद एक्सप्रेस के समीप बस्तियों में जल निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए ताकि जल भराव की स्थिति निर्मित न हो। इसके लिए उन्होंने एक्सप्रेस-वे से लगे बस्ती, गायत्री नगर, कविता नगर, सतनामीपारा, शीतलापारा आदि बस्तियों का जायजा लेने अधिकारियों को निर्देशित किए। उन्होंने तेलीबांधा क्षेत्र की बस्तियों, विधायक कॉलोनी और जलविहार कॉलोनी आदि स्थानों पर भी नियमित मॉनिटरिंग कर जल निकासी का समुचित व्यवस्था करने को कहा। 

डॉ. डहरिया ने बैठक में शहर को टैंकर मुक्त करते हुए शत्-प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन करने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्डो में अधोसंरचना निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किया। उन्होंने इंजीनियरों और आर्किटेक्ट को निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। 

डॉ. डहरिया ने स्मार्ट सिटी योजना की भी समीक्षा करते हुए इसकी धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राही को शीघ्रता से मकान की स्वीकृति दिलाने के निर्देश दिए। 

CG : मोहन मरकाम के शपथ ग्रहण समारोह में भूपेश बघेल हुए भावुक

 

रायपुर। प्रदेश के मुख्यमत्री भूपेश बघेल राजीव भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान भावुक हो गए। ये वाकया उस समय हुआ जब राजधानी रायपुर के राजीव भवन में नए पीसीसी चीफ मोहन मरकाम का पदभार ग्रहण समारोह किया जा रहा था। इस मौके पर सरकार के मंत्री और कांग्रेस के शीर्ष नेता राजीव भवन में मौजूद थे। बड़ी तादात में मीडियाकर्मी भी उपस्थित थे। सीएम भूपेश अपने संबोधन के दौरान कई बार भावुक हुए। एक मौका ऐसा आया, जब अपने कार्यकाल और पार्टी कार्यकर्ताओं के संघर्ष को याद करते हुए रो पड़े। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि टीएस सिंहदेव अगर साथ नहीं होते तो शायद आज इतनी बड़ी जीत नहीं होती। जैसे ही मुख्यमंत्री ने ये बात कही उनके आंखो से आसू आने लगे, जिसे देख सभी कार्यकर्ता हाल में भूपेश बघेल जिंदाबाद के नारे लगाने लगे।

सीएम बघेल की माता बिंदेश्वरी देवी के स्वास्थ्य में सुधार

 

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता बिंदेश्वरी बघेल पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही हैं जिसके चलते उन्हें राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रदेश सहित दिल्ली के डाक्टरों की निगरानी में उनका ईलाज हो  रहा है। वही  शुक्रवार को डॉ संजय शर्मा, डॉ अब्बास नकवी,डॉ एसएन मढ़रिया, डॉ. तनुश्री ने मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि बिंदेश्वरी बघेल के स्वास्थ्य में कल से सुधार आया है, वह खुद से सांस ले रही हंै। ह्रदय की स्थित भी सामान्य है। उनका आज डायलिसिस भी किया जा रहा है। डॉक्टर की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं।

अजा वर्ग के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर दें ध्यान : सीएम भूपेश बघेल

रायपुर:- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को यहां मंत्रालय में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक की गई। बैठक में बताया गया कि नई सरकार द्वारा वर्ष 2005 में बनाए गए अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण निधि नियम में संशोधन किया है। पहले जहां निर्माण कार्यों पर जोर था, वहीं संशोधन के बाद अब स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, जल संरक्षण, पशु सेवाएं, रोजगारमूलक योजनाएं, कौशल उन्नयन जैसे अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं में भी कार्य किये जा सकेंगे। इनके माध्यम से हितग्राहीमूलक एवं सामुदायिक योजनाओं को स्वीकृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत राशि के कार्याें से हितग्राही और समुदाय के जीवन में परिवर्तन आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के संबंध में सुझाव दें, तो उनके अमल से हितग्राहियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण के माध्यम से मिनी माता स्वावलंबन योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर दुकान एवं कार्यशील पूंजी हेतु 2 लाख तक की राशि दी जाती है। इसी तरह अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के असाध्य पंपों के ऊर्जीकरण के लिए अनुदान राशि दी जाती है। मुख्यमंत्री ने योजनाओं को सामान्य जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री कहा कि प्राधिकरण के तहत नये कार्याें को स्वीकृति प्रदाय करने के लिए जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया जाएगा। सभी संबंधित जिला कलेक्टर अपने जिलों में जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव प्राप्त कर एवं बैठक लेकर प्राथमिकता आधार पर प्रस्ताव 10 जुलाई तक प्राधिकरण को भेजना सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्यमंत्री के उप सचिव तथा आयुक्त-सह-संचालक जनसंपर्क संचालनालय तारण प्रकाश सिन्हा ने ऑडियो-वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से प्राधिकरण के नियमों में किए गए बदलाव तथा प्राधिकरण के माध्यम से कार्यों तथा बजट एवं संचालित कार्याें की जानकारी दी। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिय़ा, विधायक, जिला पंचायत के अध्यक्ष, मुख्य सचिव सुनील कुजूर, पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी, अपर मुख्य सचिव केडीपी राव, आरपी मण्डल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी व जिला कलेक्टर उपस्थित थे।

रायपुर मेडिकल कॉलेज द्वारा विभिन्न पदों के लिए चयन सूची जारी देखे पूरी लिस्ट

रायपुर. 26 जून 2019 पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर द्वारा विभिन्न पदों के लिए चयन सूची जारी की गई है। इनमें लैब टेक्निशियन (पैथोलॉजी), लैब सहायक, लैब टेक्निशियन (बायोकेमेस्ट्री), लैब सुपरवाइजर, टेक्निकल असिस्टेंट, परफ्यूजनिस्ट और क्लीनिकल सायकोलॉजिस्ट के पद शामिल हैं।

      सभी पदों के लिए चयनित उम्मीदवारों को 09 जुलाई 2019 तक जिला मेडिकल बोर्ड से जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के साथ कार्यभार ग्रहण करने कहा गया है। कार्यभार ग्रहण करने के 15 दिनों के भीतर निवास स्थान से संबंधित थाने से चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र प्राप्त कर जमा करना अनिवार्य है। चयनित उम्मीदवारों की सूची इस प्रकार है -   

जेल में 6 सालों से बेगुनाही की सजा काट रही खुशी को मिला इंटरनेशनल स्कूल में एडमिशन

रायपर, 24 जून 2019 जब एक पिता अपनी बेटी को विदा करता है तब दोनों तरफ से खुशी के साथ-साथ आंखो से आंसू भी बहते हैं। ऐसा ही नजारा आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर केंद्रीय जेल में देखने को मिला, जब जेल में बंद एक सजायफ्ता कैदी अपनी 6 साल की बेटी खुशी (बदला हुआ नाम) से लिपटकर खूब रोया। इसकी वजह भी बेहद खास थी। आज से उसकी बेटी जेल की सलाखों के बजाय बड़े स्कूल के हॉस्टल में रहने जा रही थी।

 करीब एक माह पहले जेल निरीक्षण के दौरान जिला के कलेक्टर डॉ संजय अलंग की नजर महिला कैदियों के साथ बैठी खुशी पर गयी थी। तभी उन्होंने खुशी से बातचीत के दौरान उसकी इच्छा के अनुरूप वादा किया था, कि उसका दाखिला किसी बड़े स्कूल में करायेंगे। वायदे के अनुरूप आज कलेक्टर कलेक्टर डॉ संजय अलंग खुशी को अपनी कार में बैठाकर केंद्रीय जेल से स्कूल तक छोड़ने खुद गये।

 कार से उतरकर खुशी एकटक अपने स्कूल को देखती रही। खुशी कलेक्टर की उंगली पकड़कर स्कूल के अंदर तक गयी। एक हाथ में बिस्किट और दूसरे में चॉकलेट लिये वह स्कूल जाने के लिये वह सुबह से ही तैयार हो गयी थी।

आमतौर पर स्कूल जाने के पहले दिन बच्चे रोते हैं। लेकिन खुशी आज बेहद खुश भी थी। क्योंकि जेल की सलाखों में बेगुनाही की सजा काट रही खुशी आज आजाद हो रही थी। कलेक्टर की पहल पर शहर के जैन इंटरनेशनल स्कूल ने उसे स्कूल में एडमिशन दिया। वह स्कूल के हॉस्टल में ही रहेगी। खुशी के लिये विशेष केयर टेकर का भी इंतजाम किया गया है। स्कूल संचालक   अशोक अग्रवाल ने कहा है कि खुशी की पढ़ाई और हॉस्टल का खर्चा स्कूल प्रबंधन ही उठायेगा। 

      खुशी के पिता केंद्रीय जेल बिलासपुर में एक अपराध में सजायफ्ता कैदी हैं। पांच साल की सजा काट ली है, और उन्हें पांच साल और जेल में रहना है। खुशी जब पंद्रह दिन की थी तभी उसकी मां की मौत पीलिया से हो गयी थी। पालन पोषण के लिये घर में कोई नहीं था। इसलिये उसे जेल में ही पिता के पास रहना पड़ रहा था। जब वह बड़ी होने लगी तो उसकी परवरिश का जिम्मा महिला कैदियों को दे दिया गया। वह जेल के अंदर संचालित प्ले स्कूल में पढ़ रही थी। लेकिन नन्हीं खुशी जेल की आवोहवा से आजाद होना चाहती थी।

संयोग से एक दिन कलेक्टर जेल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने महिला बैरक में देखा कि महिला कैदियों के साथ एक छोटी सी बच्ची बैठी हुयी है। बच्ची से पूछने पर उसने बताया कि जेल से बाहर आना चाहती है। किसी बड़े स्कूल में पढ़ने का उसका मन है। बच्ची की बात कलेक्टर को भावुक कर गयी। उन्होंने तुरंत शहर के स्कूल संचालकों से बात की और यहां के नामी स्कूल के संचालक खुशी को सहर्ष एडमिशन देने को तैयार हो गये। 

इसी तरह कलेक्टर की पहल पर जेल में रह रहे 17 अन्य बच्चों को भी जेल से बाहर स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरु कर दी गयी है।

अवाम-ए-हिन्द सोशल वेलफेयर संस्था को कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने किया समाज रत्न से सम्मानित

रायपुर : बुधवार संध्या को कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, मोहम्मद अकबर ने अपने शासकीय बंगले में संस्था अवाम अवाम-ए-हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी को संस्थापक मो. सज्जाद खान के नेतृत्व में निरंतर किये जा रहे समाज सेवा के क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन जलसंरक्षण, प्रदेश और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट, उल्लेखनीय योगदान के लिए संस्था को समाज रत्न से सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। इस सम्मान के लिए संस्था के संस्थापक, मो. सज्जाद खान और सदस्यों ने खुशी का इजहार किया है, साथ ही मान. मंत्री जी को धन्यवाद करते हुए कहा कि बहुत खुशी की बात है यदि कोई भी सामाजिक संस्था देश और समाज कल्याण के क्षेत्र में लगातार कार्य करती हैं, तो ऐसे सामाजिक संस्थाओं को सरकार को भी प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने वाले लोगों की हौसला अफजाई हो सके। और आने वाले दिनों के लिए और भी बेहतर दीनदुखियों जरूरत मंदो देश ओर समाज के लिए कार्य कर सके इस सम्मान समारोह कार्यक्रम के अवसर पर मंत्री मों अकबर ने संस्था को पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और प्रदेश को हरा भरा बनाने के लिए हर संभव मदद करने के लिए कहा गया है इस मौके पर संस्था की ओर से संस्थापक, मो. सज्जाद खान के साथ साथ डॉ. भीष्म प्रकाश शर्मा, जुबैर खान, अवधेश प्रसाद, राजेंद्र कुमार शर्मा, मुजीबुर्रहमान, शेख नजीर, टी.आर. गुप्ता, अब्दुल रफ़ीक, अब्दुल मजीद खान, श्रीमती श्रद्धा बंजारे, रज़ा मेमन, अरुण पारधी, राशीद बिलाल, बलराम कश्यप एवं संस्था के अन्य लोग उपस्थित थे।
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