राजधानी

एनएसयूआई ने पूरे प्रदेश में केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के जिलों को गरीब कल्याण रोजगार योजना में शामिल कि मांग.....

रायपुर -  एनएसयूआई ने आज पूरे प्रदेश में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया एवं नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया आज राजधानी रायपुर में प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया दरअसल केंद्र सरकार की गरीब कल्याण रोजगार योजना में छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले को नहीं लिया गया है इसी को देखते हुए आज प्रदेश एनएसयूआई ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह के निवास का घेराव किया गया साथ ही साथ पूरे प्रदेश के भाजपा के सांसदों के निवास का घेराव प्रदेश एनएसयूआई द्वारा किया गया राजधानी रायपुर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाए और मोदी सरकार से मांग की छत्तीसगढ़ के सारे जिलों को इस योजना में सम्मिलित किया जाए।।

प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश में रोजगार के नाम पर प्रदर्शन कर रही है और वही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व जो सरकार पर काबिज है वह लोग छत्तीसगढ़ की जनता के साथ भेदभाव कर रहे हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासन है इसी को देखते हुए वे लोग छत्तीसगढ़ के साथ दोहरी नीति अपना रहे हैं आज छत्तीसगढ़ में 40% से अधिक लोग गरीबी रेखा के नीचे है उसके बाद भी आज छत्तीसगढ़ को इस योजना का लाभ नहीं दिया गया है आज हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि छत्तीसगढ़ के सारे जिलों को इस गरीब कल्याण रोजगार योजना में शामिल किया जाए इसी के तहत आज हमने भाजपा के 9 सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के निवास का घेराव किया है।।

किस प्रदर्शन कार्य में मुख्य तौर पर प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला जिला अध्यक्ष अमित शर्मा प्रदेश सचिव हनी बग्गा, हेमंत पाल, अरुणेश मिश्रा, शान मोहम्मद प्रदेश प्रवक्ता तुषार गुहा जिला महासचिव संकल्प मिश्रा, निखिल बंजारी, शुभम दुबे जिला सचिव विशाल दुबे, पुष्पेंद्र ध्रुव ग्रामीण अध्यक्ष विकास राजपूत, केशव सिन्हा, मनीष पटेल आदि मौजूद थे।।

मुख्यमंत्री बघेल ने अधिकारी-कर्मचारियों को दी बड़ी राहत वार्षिक वेतनवृद्धि निर्धारित तिथि को ही मिलेगी: वेतनवृद्धि की एरियर्स राशि मिलेगी छह माह बाद

रायपुर, 03 जुलाई 2020मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोरोना संकट के कारण राज्य शासन के अधिकारी एवं कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि विलंबित की गई थी, जिसे बहाल करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन के अधिकारियों-कर्मचारियों को जिन्हें एक जुलाई को वेतनवृद्धि मिलती हैै। उन्हें वेतनवृद्धि एक जुलाई को ही मिलेगी, परन्तु जुलाई से दिसम्बर माह तक की वेतनवृद्धि की एरियर्स राशि का भुगतान आगामी जनवरी माह में एकमुश्त किया जाएगा। इसी प्रकार जिन अधिकारी-कर्मचारियों की वेतनवृद्धि एक जनवरी को लगती है, उनको एक जनवरी को ही वेतनवृद्धि मिलेगी और उनकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद आगामी जुलाई माह में किया जाएगा। 

    गौरतलब है कि कोरोना संकट काल में राज्य की वित्तीय व्यवस्था को देखते हुए वित्त विभाग द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि को आगामी आदेश तक विलंबित किया गया था। मुख्यमंत्री  बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की और उनसे अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित तिथि पर वेतनवृद्धि देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों की इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए वेतनवृद्धि निर्धारित तिथि पर ही देने और इसकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद करने पर अपनी सहमति प्रदान की है। इस अवसर पर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव   अमिताभ जैन उपस्थित थे। 

क्वारंटाइन सेंटर की खिड़की तोड़कर युवक फरार, एफआईआर दर्ज

रायपुरः छत्तीसगढ़ के क्वारंटाइन सेंटरों की हालत बहुत खराब हैं, ऐसे आरोप प्रशासन पर लगते रहे हैं। लेकिन हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे। क्वारंटाइन सेंटरों पर सिक्योरिटी और प्रशासन की लापरवाही के कारण आए दिन घटनाएं होती ही रहती हैं। जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

अभी हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें तमिलनाडु से पहुंचे प्रवासी श्रमिक को गौरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खनता के क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया गया था। लेकिन, एक दिन मौका देखकर युवक खिड़की से फरार हो गया। इस मामले में क्वारंटाइन प्रभारी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर लिया है। आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, गौरेला थाना के अंतर्गत ग्राम पंचायत खनता में तमिलनाडु से एक प्रवासी श्रमिक धर्मेंद्र सिंह पिता लोशनसिंह गोंड़ (22) गांव पहुंचा। धर्मेंद्र को गांव में घूमते देख, गांव के लोगों ने मामले की जानकारी ग्राम पंचायत को दी। पंचायत प्रतिनिधि ने उसे 14 दिनों तक क्वारंटाइन सेंटर में रहने के लिए कहा। लेकिन, युवक ने उनकी बात न मानी। इसके बाद इस मामले की जानकारी 112 आपातकालीन सेवा को दे दी गई। सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। 

लोकल पुलिस ने युवक धर्मेंद्र को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन युवक कहां मानने वाला था। युवक पुलिसकर्मियों से ही बदतमीजी करने लगा। इस पर लोकल पुलिस ने इसकी जानकारी अपने अफसरों को दे दी। इसके बाद बाद पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी गांव पहुंचे। उन्होंने धर्मेंद्र को जबरदस्ती खनता गांव के क्वारंटाइन सेंटर पहुंचा दिया। 

हालांकि, रात को ही वह युवक क्वारंटाइन सेंटर की खिड़की तोड़कर भाग निकला। क्वारंटाइन सेंटर प्रभारी की शिकायत पर गौरेला पुलिस ने युवक धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। लोकल पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ धारा 188, 269, 270बी और 71(1) के तहत मुकद्दमा दर्ज किया है।

प्रदेश में बेरोजगारी के कारण लोग उठा रहे आत्मघाती कदमः नेता प्रतिपक्ष

रायपुरः मुख्यमंत्री आवास के बाहर एक युवक द्वारा खुद को आग लगाने की घटना से प्रशासन में और प्रदेश के लोग सकते में हैं। इस घटना में युवक बुरी तरह से झुलस गया। उसे इलाज के लिए सिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। 

इस घटना पर  हमरे संवाददाता ने प्रतिपक्ष के नेता धर्मलाल कौशिक से बात की। उन्होंने पूछा कि सीएम हाउस के बाहर एक व्यक्ति ने आत्मदाह की कोशिश की इसकी पीछे क्या वजह हो सकती है?

धर्मलाल कौशिक ने जवाब देते हुए कहा, "प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ी हुई है। लोग एक आशा के साथ मुख्यमंत्री के दरवाजे पर उनसे मिलने आते हैं, अगर ऐसे में उनके हाथ निराशा लगेगी, तो वो कहां जाऐंगे। फिर लोगों के सामने आत्महत्या के सिवा क्या रास्ता बचता है।" 

 हमारे  संवाददाता ने उनसे पूछा कि नेता प्रतिपक्ष के नाते इस मामले में आपकी क्या भूमिका रहेगी?

उन्होंने जवाब देते हुए कहा, ‘‘पूरे देश में और प्रदेश में लाॅकडाउन है। राज्य सरकार द्वारा लोगों को रोजगार देने की बात कही गई थी और बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही गई थी। लेकिन प्रदेश सरकार अपनी बातों पर खरी नहीं उतरी।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘अगर प्रदेश सरकार रोजगार देने में असफल रहती है, तो उन्हें लोगों को बेरोजगारी भत्ता जरूर देना चाहिए। अगर लोगों के भोजन की व्यवस्था हो जाएगी, तो उनको आत्महत्या के लिए बाध्य नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए हम लोग लगातार सरकार से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी भी बेरोजगार को राज्य सरकार द्वारा भत्ता नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘लाॅकडाउन में हम लोग सड़क पर नहीं उतर सकते हैं। लेकिन कांग्रेस के लोग जो तेल की कीमतों को लेकर आए दिन प्रदर्शन कर रहे हैं, वो हमारा भी मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।’’
 

क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री आवास के बाहर एक युवक ने खुद को आग लगा ली थी। युवक गंभीर रूप से झुलस गया। बताया जा रहा है कि धमतरी के रहने वाले हरदेव ने बेरोजगारी से परेशान होकर जान देने की कोशिश की। हरदेव सीएम से मिलने पहुंचा था। मुख्यमंत्री से मुलाकात न होने पर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
इस घटना से प्रशासन में हड़कंप मच गया, आनन-फानन में परिसर में मौजूद सुरक्षाकर्मी पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश में लग गए। युवक बुरी तरह से झुलस गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 
युवक का नाम हरदेव है, जिसने 12वीं तक पढ़ाई की है। बेरोजगारी से जूझ रहा हरदेव नौकरी के लिए मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा था लेकिन उसकी मुलाकात सीएम से नहीं हो पाई। इसी कारण उसने अपने आपको आग के हवाले कर दिया।
जानकारी के मुताबिक वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हरदेव को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया, जिसके बाद उसने खुद को आग लगा ली। इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में आस-पास मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने युवक पर कपड़ा और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन जब तक आग पर काबू हो पाता, युवक बुरी तरह से झुलस गया था। युवक को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल भेजा गया

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार को मिल रहा है बढ़ावा nsui

 रायपुरः कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में एनएसयूआई प्रदेश सचिव  हनी बग्गा ने कुलपति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय अपने अकादमिक कार्यों को छोड़कर हमेशा से ही गलत नियुक्तियां और भ्रष्टाचार को लेकर जागरूक रहा है। यह जागरूकता विश्वविद्यालय को अपनी विरासत में मिली है। पिछले कुलपतियों ने यहां जमकर भ्रष्टाचार किया है।’’ 

प्रदेश सचिव ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मानसिंह परमार द्वारा रूसा से आवंटित राशि से लगभग 6 करोड़ रुपये की खरीदी करने के लिए समिति गठित की गई थी। जिसमें सदस्य के रूप में कुलसचिव डॉ. अतुल तिवारी, सहायक प्रोफेसर नृपेन्द्र शर्मा, सहायक प्रोफेसर आशुतोष मंडावी विशेष आमंत्रित सदस्य सेवानिवृत वित्त अधिकारी के.के. सिन्हा एवं अन्य सदस्य सेवानिवृत वित्त अधिकारी पी.सी. डहरजी को किसी शामिल किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘नियमतः सेवानिवृत अधिकारी या कर्मचारी वित्त संबंधी समिति के सदस्य नहीं हो सकते न ही इनमें से कोई भी सदस्य जिन उपकरणों का खरीदी करना है उनके विषय में कोई जानकारी नहीं रखते। इन सदस्यों के अनुसंशा को आधार मानकर वर्तमान कुलसचिव डॉ. आनंद शंकर बहादुर ने रूसा के प्रभारी डॉ. नरेन्द्र त्रिपाठी, क्रय समिति के सदस्य डॉ. नृपेन्द्र शर्मा एवं सेवानिवृत वित्त अधिकारी से पुनः अनुशंसा कराकर पुराने उपकरणों को अनुपयोगी बताकर लगभग 6 करोड़ रुपये की खरीदी करने को आतुर हैं। 

 हनी बग्गा ने कहा, ‘‘उक्त खरीदी को संवैधानिक जामा पहनाने के लिए कुलपति महोदय ने 4 जुलाई को विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद के सदस्यों की बैठक रखी है। उल्लेखनीय है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद के सदस्य सत्ता पक्ष के विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, धनेन्द्र साहू एवं अनीता शर्मा भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। 

उन्होंने आगे कहा, ‘‘ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय में टीवी और रेडियो स्टूडियों का निर्माण में भी भ्रष्टाचार किया गया हैं, जिसमें छात्रों को न किसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता हैं और न ही कोई उच्च स्तरीय कार्यक्रम ही हुआ हैं। ऐसे में कोरोना जैसी विश्वव्यापी महामारी के बहाने करोड़ों रुपये की खरीद, जिसकी वर्तमान में कोई आवश्यकता दिखाई नहीं पड़ रही है, की गई। 

प्रदेश सचिव ने कहा, ‘‘इससे पहले विश्वविद्यालय में लगभग 7 करोड़ रूपये सिर्फ रंगाई-पुताई और टाईल्स बदलने के लिए इस्तेमाल हुए। वर्तमान कुलपति विश्वविद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार को लगातार बढ़ावा दे रहें हैं। भ्रष्टाचार के विषय पर पूछने पर वह पूर्व में हुई स्वीकृति का हवाला देकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। ऐसे में सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय को बचाने के लिए जल्द-से जल्द कदम उठाने होंगे।

गोबर की खरीदी करने वाली भूपेश की सरकार विश्व की प्रथम सरकार होगी- राजेश्री महन्त महराज

गौवंश संवर्द्धन के प्रति लोगों का रुझान उत्पन्न होगा हमारी प्राचीन संस्कृति पुनः आगे बढ़ेगी

स्याम सुरभि पय विसद अति गुनद करहिं सब पान

यदि गौ माता काली हो तो भी उसका दूध हमेशा उज्जवल और गुणकारी ही होता है

 सनातन संस्कृति को यदि हम गौ संस्कृति कहें तो इसमें कोई भी अतिशयोक्ति की बात नहीं होगी कारण कि प्रत्येक सनातन धर्मावलंबियों का कोई न कोई गोत्र होता है गोत्र शब्द की उत्पत्ति ऋग्वैदिक काल में गोष्ट शब्द से हुई है अर्थात वह स्थान जहां गायों को ठहराया जाने लगा और लोग समूहों में निवास करने लगे यह बातें श्री दूधाधारी मठ पीठाधीश्वर राजेश्री डॉक्टर महन्त रामसुन्दर दास  महाराज ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अभिव्यक्त की उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा गोबर खरीदने के निर्णय को अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक निर्णय निरूपित करते हुए कहा कि यह मनुष्य के तर्क एवं कल्पना के परे है कि किसी सरकार के द्वारा गोबर को क्रय किये जाने का निर्णय लिया गया हो, शायद विश्व के इतिहास में छत्तीसगढ़ की सरकार प्रथम सरकार होगी जिसने शासकीय तौर पर गोबर खरीदने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि हमारी तो प्राचीन संस्कृति ही गौ माता की सेवा से ओतप्रोत है मानव सभ्यता के विकास का प्रारंभ ही गौ सेवा से हुआ है ऋग्वैदिक कालीन भारत मे कृषि युग के प्रारंभ होने के पूर्व लोग समूह बनाकर अलग-अलग स्थानों पर गौपालन का कार्य करने लगे वह जिस स्थान पर ठहरते थे उस स्थान को गोष्ट कहा जाता था कालांतर में गोष्ट से ही गोत्र की उत्पत्ति हुई और सनातन संस्कृति धीरे-धीरे करके ऋषि मुनियों के माध्यम से आगे बढ़ती चली गई बाद के वर्षों में मानव ने अपनी सभ्यता के विकास को आगे बढ़ाते हुए कृषि करना प्रारंभ किया और तब से लेकर हमने आज के इस आधुनिक युग तक का सफर पूरा किया है लेकिन हमारे विकास के प्रत्येक सोपान में, प्रत्येक युग में गौ पालन का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यहां तक कि जब संसार में अधर्म बढ़ गया, पृथ्वी संसार के पाप को धारण नहीं कर पायी वह परमात्मा से ब्रह्मा, शिव आदि देवताओं के साथ मिलने गई तब भी उसने गौमाता का ही स्वरूप धारण किया।

परमात्मा के पृथ्वी पर अवतार धारण करने का एक प्रमुख कारण गौ माता की रक्षा करना ही है, गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने लिखा है- विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार। छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया  भूपेश बघेल जी ने जिस तरह से गोबर की खरीदी करने का निर्णय लिया है वह निश्चित ही अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक है इस तरह के निर्णय की कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। संसार में वही बुद्धिमान है, वही विद्वान है जो किसी भी वस्तु का समाज हित में उपयोग करना जानता हो रामचरितमानस में लिखा है बुद्धिमान लोग स्याही जैसे कालिख पदार्थ से भी वेद पुराण लिख लिया करते हैं। गोबर खरीदने का महत्व इसलिए भी है कि सरकार के इस कार्य से एक पारिस्थितिक तंत्र का निर्माण होगा, लोगों के लिए रोजगार का सृजन होगा जो वर्तमान परिस्थिति में समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

प्राचीन भारतीय समाज कृषि कार्य के लिए गोबर के खाद बनाने की विधि से भलीभांति परिचित था जब से रसायनिक उर्वरक ने कृषि कार्य में अपना स्थान बनाया है तब से इसकी महत्ता कुछ कम हो गई थी जिसके कारण खाद्य पदार्थों के पौष्टिक गुणवत्ता में काफी कमी आई, एक समय वह भी था जब किसी किसान के खेत में दुबराज का धान लग जाता था तब उसकी महक, उसकी खुशबू पूरे खार में फैल जाती थी, रसायनिक उर्वरकों के आने से यह सब बंद हो चुकी है लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयास से हम पुनः अपने परंपरागत कृषि की ओर आगे बढ़ेंगे यह निर्णय भावों से भरा हुआ है, यह उन लोगों के लिए एक सबक है जो स्वदेशी का नारा लगाकर थक गए याद रखिए केवल नारा लगाने से कोई कार्य नहीं होगा बल्कि उसे हमें अपने कर्मों के द्वारा समाज के समक्ष प्रस्तुत करना होगा- जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं। वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं। यदि हमें अपने देश, अपनी मातृभूमि से प्यार करना है तो अपनी संस्कृति को अपनाना ही पड़ेगा। गाय छोटी हो, बड़ी हो, लाल, सफेद, काली चाहे जैसी भी हो उसके गुण समान ही होते हैं रामचरितमानस में लिखा है स्याम सुरभि पय बिसद अति गुनद करहिं सब पान। अर्थात यदि गौ माता काली भी हो तो भी उसका दूध उज्जवल और गुणकारी ही होता है इसलिए सब लोग उसका पान करते हैं!

वेदों में तो गौ माता को समस्त चराचर जगत् को व्याप्त करने वाली जननी के रूप में उद्धृत किया गया है- यया सर्व मिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजंग्डमम, तां धेनुं शिरसा वन्दे भूत भब्यषस्य मातरम्। छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना की जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है यह भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के अनुकूल है। मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव ने इस संदर्भ में बताया कि राजेश्री महन्त जी महाराज स्वयं श्री दूधाधारी मठ एवं उससे संबंधित मठ मंदिरों के द्वारा 18 से अधिक गौशाला संचालित करते हैं जहां प्रत्येक गौशाला में पांच सौ से लेकर दो हजार तक गायें हैं जिसमें शासन से वे किसी भी तरह का कोई अनुदान नहीं लेते केवल गौ संवर्धन के साथ गौ सेवा ही मठ मंदिर का मूल उद्देश्य है वे गौपालन के विशिष्ट अनुभव से भली-भांति अवगत हैं।

अजय चंद्राकर ने ट्वीट कर छत्तीसगढ़ सरकार की ‘गोधन न्याय योजना’ पर शुरू की गोबर पाॅलिटिक्स

रायपुरः छत्तीसगढ़ सरकार ने पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के उद्देश्य के लिए ‘गोधन न्याय योजना’ लांच की। लेकिन, इस योजना को लांच करते ही प्रदेश में ‘गोबर’ पॉलिटिक्स शुरू हो गई। पूर्व पंचायत मंत्री कर योजना पर सवाल उठाते हुए गोबर को राजकीय प्रतीक चिन्ह बनाने का सुझाव दिया है, तो वहीं कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए चंद्रकार सहित अन्य बीजेपी नेताओं को दिमाग में भरे गोबर को इस योजना के तहत बेचकर आर्थिक लाभ कमाने को कह दिया। पूर्व पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर ने ट्वीट कर कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ के वर्तमान राजकीय चिन्ह को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी की अपार सफलता और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में ‘गोबर’ के महत्व को देखते हुए इसे राजकीय प्रतीक चिन्ह बना देना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘25 जून को पूरा देश आपातकाल के विरोध दिवस के रूप में मनाता है। छत्तीसगढ़ शासन ने 25 जून को गोबर खरीदने का निर्णय लिया। अतः छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार को इस ऐतिहासिक दिन को ’गोबर सैतो’ (सैतो एकत्रीकरण) दिवस के रूप में मनाना चाहिए।’’ हालांकि बाद में उन्होंने एक वीडियो में कहा कि ‘‘छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में जिस तरह से गोबर के महत्त्व को रेखांकित किया है और उसको अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाने की कोशिश हो रही है। इसलिए मैंने एक तस्वीर के साथ एक सुझाव दिया है कि इस तस्वीर को हमारा राजकीय चिन्ह बनाया जा सकता है। एक नई सोच की सरकार आई है, जो गोबर आधारित है, तो मैंने गोबर को प्रतीक के रूप में भेजा है। मैंने एक सुझाव दिया है न कि किसी का अपमान किया है।’’ बताया जा रहा है कि यह ट्विटर वार यहीं नहीं रुका बल्कि दोनों पार्टियों के प्रवक्ताओं के बीच अब जुबानी जंग शुरू हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता रमेश वर्लियानी ने अजय चंद्राकर के मानसिक संतुलन पर सवाल उठाया है। तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने का कहना है कि कांग्रेस प्रदेश में सब गुड़-गोबर करने के लिए गोबर पर इतना जोर दे रही है। क्या है योजना छत्तीसगढ़ सरकार ने पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया। छतीसगढ़ की भूपश बघेल सरकार ने निर्णय लिया कि वो अब पशुपालकों से गोबर खरीदेगी और उसका अलग-अलग कार्यों के लिए उसका इस्तेमाल करेगी। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। इस योजना के माध्यम से पशुपालकों से गोबर खरीदा जाएगा। इस गोबर से कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इसकी बिक्री सहकारी समिति के माध्यम से की जाएगी। 21 जुलाई यानी हरेली के दिन से इस योजना की शुरुआत की जाएगी। गोबर खरीदी की दर निर्धारण के लिए पांच मंत्रियों की समिति बनाई गई है, जबकि इस पूरी प्रक्रिया के निर्धारण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की कमेटी भी गठित की गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बताया कि इससे प्रदेश में गौपालन को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी सुरक्षा और उसके माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ सालों में नरवा-गरूवा के माध्यम से गांवों में पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य के 2200 गांवों में गौठानों का निर्माण हो चुका है और 2800 गांवों में गौठानों का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले दो-तीन महीने में लगभग 5 हजार गांवों में गौठान बन जाएंगे। सीएम ने कहा कि गांवों के साथ शहरी इलाकों मंे भी यह योजना लागू की जाएगी।

छत्तीसगढ़ एनएसयूआई द्वारा रायपुर जिला के सिविल लाइन थाने में कुरूद विधायक अजय चंद्राकर के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने के लिए आकाश शर्मा सहित कार्यकर्ता पहुंचे थाने

छत्तीसगढ़ एनएसयूआई द्वारा आज रायपुर जिला के सिविल लाइन थाने में कुरूद विधायक अजय चंद्राकर के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने के लिए प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा एवं अन्य कार्यकर्ता गण पहुंचे दरअसल अजय चंद्राकर द्वारा आधिकारिक टि्वटर अकाउंट से छत्तीसगढ़ के राजकीय चिन्ह पर गोबर लगाने की बात कही गई है इसी को देखते हुए आज छत्तीसगढ़ एनएसयूआई द्वारा विधायक अजय चंद्राकर के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज कराने के लिए प्रदेश एनएसयूआई की टीम पहुंची एवं अजय चंद्राकर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा की विधायक अजय चंद्राकर की मानसिक हालत हमें खराब नजर आ रही है तभी वह इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी राजकीय चिन्ह के ऊपर कर रहे हैं हम यह मांग करते हैं की राज्य सरकार विधायक अजय चंद्राकर का मानसिक इलाज करवाएं और यदि सरकार इलाज नहीं करवा रही है तो एनएसयूआई के द्वारा चंदा इकट्ठा करके अजय चंद्राकर का मानसिक इलाज करवाया जाएगा और हम आज उनके ऊपर राजकीय सम्मान को ठेस पहुंचाने के तहत एफ.आई.आर की मांग करते हैं।। इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला जिला अध्यक्ष अमित शर्मा प्रदेश महासचिव नीरज पांडे प्रदेश सचिव हनी बग्गा, हेमंत पाल, अरुणेश मिश्रा प्रदेश प्रवक्ता तुषार गुहा जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष कृष्णा सोनकर जिला महासचिव संकल्प मिश्रा, शुभम पांडे, विशाल दुबे, लक्षित तिवारी, मेहताब हुसैन, केशव सिन्हा, मनीष पटेल आदि।

शर्तों के अधीन राज्य में खुलेंगे क्लब, शॉपिंग माल, रेस्टोरेंट और होटल.

स्पोर्टिंग काम्पलेक्स एवं स्टेडियम में केवल खेल गतिविधियां, दर्शकों को प्रवेश की अनुमति नहीं

सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार एवं ऑडिटोरियम एसेम्बली हॉल और इस प्रकार के अन्य स्थान रहेंगे बंद  राज्य शासन ने जारी किया आदेश

रायपुर, 25 जून 2020 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनसामान्य की सुविधा एवं व्यावसायियों की मांग के मद्देनजर राज्य में क्लबों, शॉपिंग माल, रेस्टोरेंट और होटलों को शर्तों के अधीन संचालन की अनुमति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इन संस्थानों के संचालन के संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार क्लबों, शॉपिंग माल, रेस्टोरेंट, होटल संचालन के लिए पूर्व निर्धारित अनुमति तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भारत सरकार द्वारा जारी एसओपी की शर्तों और सोशल-फिजिकल डिस्टेंस का पालन करना अनिवार्य होगा। सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार एवं ऑडिटोरियम एसेम्बली हॉल एवं इस प्रकार के अन्य स्थान बंद रहेंगे। 

    जारी आदेश के तहत शॉपिंग माल के भीतर गेमिंग आरकेड, बच्चों के लिए प्ले एरिया बंद रहेगा। इसी तरह स्पोर्टिंग काम्पलेक्स एवं स्टेडियम में केवल खेल गतिविधियां संचालित हो सकेंगी। दर्शकों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक आयोजनों पर पूर्वानुसार प्रतिबंध जारी रहेगा। किसी क्षेत्र के कन्टेंनमेंट घोषित होने की दशा में शासन द्वारा कन्टेंनमेंट जोन में केवल अत्यावशक सेवाओं की अनुमति होने के संबंध में जारी निर्देश प्रभावी होंगे तथा अतिरिक्त अनुमति प्राप्त गतिविधियों को निष्पादित करने की अनुमति कन्टेंनमेंट जोन में नहीं होगी। पूर्व में जारी अन्य निर्देश यथावत लागू रहेंगे। 

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, द्वरा ऑनलाइन योग प्रतियोगिता

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़ एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना एवं खेलकूद विभाग, रायपुर - 21 जून 2020 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ऑनलाइन योग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के समस्त कॉलेजो के छात्र- छात्राएँ भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थी को अपना कोई पांच योगाभ्यास करते 3 मिनट का वीडियो दिए गए मेल अथवा व्हाटसअप नम्बर पर भेजना होगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। समस्त प्रतिभागियों को ई- सर्टिफिकेट दिया जाएगा। प्रतियोगिता के नियम: 1. भारत सरकार द्वारा जारी "योगा प्रोटोकॉल पीडीएफ" में दिए गए योगाभ्यास में से ही करना है। 2.पांच योगासनों में एक योगाभ्यास खड़े होकर, दूसरा घुटनों के बल, तीसरा बैठकर, चौथा आसन पेट के बल लेटकर, एवं पांचवा पीठ के बल लेटकर करना है। 3. वीडियो केवल 3 तीन मिनट का होना चाहिए। 4. वीडियो के प्रारंभ में विद्यार्थी अपना नाम, कक्षा एवम कॉलेज का नाम बतावें फिर योगाभ्यास आरम्भ करें। 5. योगाभ्यास प्रॉपर किट (लोवर, हाफ पैंट, टीशर्ट) में प्रदर्शित किए जाए। 6. सभी प्रतिभागियों को जो उपरोक्तानुसार अपना वीडियो भेजकर प्रतियोगिता में भाग लेंगे उन्हें ई सर्टिफिकेट दिया जावेगा। 7. वीडियो भेजने की अंतिम तिथि 21 जून 2020 शाम 5 बजे तक। 8. प्रतियोगिता हेतु व्हाट्सएप नम्बर 94257 55699 ईमेल drnarendra88@gmail.com

माहामारी के दौर में राहुल गांधी के जन्मदिन पर रक्तदान कर चिकित्सा के क्षेत्र में एनएसयूआई का अतुल्य योगदान

रायपुर 19 जून 2020, छत्तीसगढ़ प्रदेश NSUI द्वारा जननेता राहुल गांधी जी के जन्मदिन पर प्रदेश भर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया, राजधानी रायपुर में प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में रायपुर में रक्तदान हुआ। रायपुर जिले में 147 लोगो ने रक्तदान किया, इस दौरान पीसीसी के प्रभारी महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला, संचार विभाग अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, मोर्चा प्रकोष्ठ प्रभारी गुरमुख सिंह होरा, किरणमयी नायक, शकुन डहरिया (धर्मपत्नी मंत्री शिव कुमार डहरिया) जी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रदेश मुख्यालय द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में आयोजित रक्तदान शिविरों के माध्यम से कुल 417 लोगो ने रक्तदान किया हैं। इस दौरान एनएसयूआई अध्यक्ष आकाश शर्मा, उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला, जिला अध्यक्ष अमित शर्मा, सचिव हनी बग्गा, हेमन्त पाल, आदित्य बिसेन, कार्य. अध्यक्ष कृष्णा सोनकर, भक्कू कश्यप सहित समस्त पाधिकारियों ने रक्तदान कर माहामारी के दौर में समाज अतुल्य योगदान दिया। अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहाँ देश आज माहामारी के दौर से जूझ रहा हैं राहुल जी के दिखाए रास्ते पर चलकर आज हमारे साथियों ने आपातकाल के दौर में ब्लड बैंक में आ रही कमी को पूरा करने के लिए प्रदेश भर में रक्तदान किया हैं, यह चिकित्सा के क्षेत्र में इस दौर में बड़ी राहत होगा।

रोका-छेका प्रथा पर प्रभावी अमल के लिए आज 19 जून से प्रदेश भर में होगी चर्चा : ग्रामीण और शहरी पशुपालक खुली चराई रोकने व सड़कों को मवेशीमुक्त बनाने करेंगे मंथन

रायपुर. 17 जून 2020 फसलों की सुरक्षा और बहुफसली क्षेत्र के विस्तार के लिए रोका-छेका प्रथा पर प्रभावी अमल सुनिश्चित करने 19 जून से 30 जून तक प्रदेश भर में लोग चर्चा करेंगे। ग्रामीण और शहरी पशुपालक खुली चराई रोकने और सड़कों को मवेशीमुक्त बनाने के उपायों और रणनीतियों पर मंथन करेंगे। वे इस दौरान फसलों को चराई से बचाने मवेशियों का रोका-छेका करने शपथ भी लेंगे। गौठानों में विविध आयोजनों के जरिए कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुली चराई से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने परंपरागत रोका-छेका प्रथा पर गंभीरता से अमल करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इससे पूरे वर्ष भर खेती संभव होगी और बहुफसली क्षेत्रों का विस्तार होगा। रोका-छेका से खेतों, बाड़ियों और उद्यानों की सुरक्षा के साथ पशुधन भी सुरक्षित रहेंगे।

कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन विभाग ने मैदानी अधिकारियों को गांवों और शहरों में इस बारे में लोगों को जागरूक करने, आपसी चर्चा और समन्वय से पशुओं की व्यवस्थित चराई के उपाय करने कहा है। इसमें नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना के तहत गांव-गांव में स्थापित गौठान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। खेती के लिए जैविक खाद उपलब्ध कराने के साथ ही गौठान ग्रामीणों के लिए आजीविका केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।

सभी गांवों में 19 जून से 30 जून तक कृषि और किसानों से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीणों के बीच रोका-छेका पर प्रभावी अमल के उपायों पर चर्चा के साथ ही गौठानों में उत्पादित कम्पोस्ट खाद का वितरण तथा स्वसहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों का प्रदर्शन किया जाएगा। गौठानों में पशु चिकित्सा तथा पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। कृषि तथा पंचायत विभाग ने कृषि, पशुपालन और मछलीपालन की विभिन्न योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को देते हुए गौठानों में पैरा संग्रहण एवं भण्डारण की मुहिम चलाने के निर्देश दिए हैं। मानसून के दौरान वर्षा ऋतु में वृक्षारोपण के लिए संकल्प भी लिए जाएंगे। गांवों और गौठानों में आयोजित कार्यक्रमों और गतिविधियों में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने सभी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन आयोजनों में एक-दूसरे से शारीरिक दूरी बनाए रखना तथा मास्क या कपड़े से मुंह ढंकना सुनिश्चित करने कहा गया है।

नगरीय क्षेत्रों को भी आवारा पशु से मुक्त, साफ-सुथरा एवं दुर्घटना मुक्त रखने के लिए 19 जून से 30 जून तक प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में ‘‘रोका-छेका संकल्प अभियान’’ चलाया जाएगा। इस दौरान पशुपालकों से अपने आसपास के वातावरण तथा शहर को स्वच्छ, साफ-सुथरा तथा दुर्घटनामुक्त रखने के लिए संकल्प पत्र भरवाया जाएगा। इसके लिए नगरीय निकायों में मुनादी कर व्यापक प्रचार-प्रसार किए गए हैं।
 

छत्तीसगढ़ राज्य के महामहिम राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके से महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने सौजन्य मुलाकात की.......

छत्तीसगढ़ राज्य के महामहिम राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके से श्री दूधाधारी मठ पीठाधीश्वर राजेश्री डॉक्टर महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने सौजन्य मुलाकात की एवं दर्शन के लिए श्री दूधाधारी मठ से संबंधित स्थानों में पधारने का आग्रह किया। विदित हो कि श्री दूधाधारी मठ पीठाधीश्वर राजेश्री महन्त जी महाराज ने रायपुर स्थित महामहिम राज्यपाल के निवास राजभवन पहुंचकर उन से सौजन्य मुलाकात की एवं उन्हें अपने द्वारा रचित श्री दूधाधारी मठ एक परिचय स्मृति ग्रंथ तथा सुखद -सफल जीवन सूत्रम् नामक ग्रंथ भेंट स्वरूप प्रदान किया, इस बीच उन्होंने महामहिम जी से औपचारिक वार्तालाप के तहत श्री दूधाधारी मठ एवं उससे संबंधित स्थान श्री जैतू साव मठ, प्राचीन जगन्नाथ मंदिर पुरानी बस्ती रायपुर, श्री शिवरीनारायण मठ तथा श्री राजीव लोचन मठ की ऐतिहासिकता से उन्हें अवगत कराया साथ ही उन्होंने महामहिम जी से इन स्थानों में दर्शन के लिए पधारने का आग्रह भी किया, महामहिम जी राजेश्री महन्त जी महाराज की बातों से काफी प्रभावित हुयी और उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में श्री दूधाधारी मठ, श्री शिवरीनारायण मठ  एवं श्री  राजीव लोचन मठ काफी ख्याति प्राप्त प्राचीन मठ हैं, जो वर्षों से समाज की सेवा के साथ लोगों को जीवन के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करने के कार्य में निरंतर संलग्न है, उनके सामाजिक धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्रियाकलापों के बारे में पत्र-पत्रिकाओं एवं टीवी चैनल के माध्यम से जानकारी प्राप्त होते रहती है, वहां दर्शन करने की अभिलाषा मुझे भी थी। उन्होंने शीघ्र ही इन स्थानों में दर्शन के लिए पधारने का आश्वासन राजेश्री महन्त जी महाराज को दिया और कहा कि मैं यथाशीघ्र ही अपना कार्यक्रम वहां दर्शन के लिए बनाऊंगी, यह मेरा सौभाग्य होगा कि छत्तीसगढ़ के इन अति प्राचीन मठ मंदिरों में विराजित भगवान के दर्शन करने का अवसर मुझे प्राप्त होगा। इस अवसर पर राजेश्री महन्त जी महाराज के साथ श्री शिवरीनारायण मठ के मुख्तियार सुखराम दास जी एवं राम तीरथ दास जी विशेष रूप से उपस्थित 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

शहीद जवानों में छत्तीसगढ़ महतारी के सपूत कांकेर निवासी श्री गणेश राम कुंजाम भी शामिल

रायपुर, 18 जून 2020 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शहीद जवानों के शोकसंतप्त परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति प्रकट की है।

मुख्यमंत्री ने वीर जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शहीद जवानों में छत्तीसगढ़ महतारी के सपूत कांकेर निवासी  गणेश राम कुंजाम भी शामिल हैं। श्री बघेल ने शहीद जवान श्री गणेश राम कुंजाम को श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हम सबको अपने बहादुर जवानों पर गर्व है, देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए पूरा देश एकजुट है।

बहुमत होने के बाद भी कांग्रेस अपना जोन अध्यक्ष नहीं बना पाया क्राॅस वोटिंग को लेकर सियासत गरमाई

रायपुरः रायपुर नगर निगम में जोन अध्यक्ष के चुनाव के दौरान जोन संख्या 3 में क्रॉस वोटिंग के चलते कांग्रेस को हार का समाना करना पड़ा है। यहाँ बहुमत होने के बाद भी कांग्रेस अपना जोन अध्यक्ष नहीं बना पाया। ऐसे में अब कांग्रेस पार्टी ने क्रॉस वोटिंग के मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच समिति गठित की है।

सूत्रों के मुताबिक क्रास वोटिंग में पार्षद पुरुषोत्तम बेहरा का नाम सामने आ रहा है। बहरहाल, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। अगर क्रास वोटिंग में इनका नाम सामने आता हैं, तो इन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जाएगा। इधर क्रास वोटिंग के मुद्दे पर पूछने पर पार्षद पुरुषोत्तम बेहरा ने कहा, ऐसा मैं भी सुन रहा हूं, लेकिन मैंने कोई क्रास वोटिंग नहीं की।

कांग्रेस द्वारा गठित की गई इस जांच समिति में संजय पाठक, श्रीकुमार मेनन, नागभूषण राव और अमित श्रीवास्तव शामिल है। शहर जिला कांग्रेस की तरफ से गठित इस जांच समिति को 2 दिन के अंदर रिपोर्ट तैयार कर सौपने को कहा गया है।

बता दें की जोन क्रमांक 3 में कांग्रेस के 4 और भाजपा के 3 पार्षद आते हैं। उसके बावजूद यहां कांग्रेस को 3 वोट मिले और भाजपा को 4 वोट मिले, जिसके चलते भाजपा के प्रमोद साहू जोन अध्यक्ष पद पर विजयी हुए।

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