राजधानी

राजधानी के बाद अब सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा : मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

रायपुर, 13 नवम्बर 2019 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जन चौपाल में राजधानी रायपुर की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा खोलने के निर्देश दिए है। सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा खोलने के लिए मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध गढ़ कलेवा का संचालन किया जा रहा है। जिसमें स्व सहायता समूहों की लगभग सौ महिलाएं कार्य कर रही हैं। इस केन्द्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों और राज्य के बाहर से आने वाले लोग पारम्परिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लाभ उठा रहे हैं। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा खुलने से लोगों को छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद मिल पाएगा साथ ही हजारों  स्थानीय महिलाओं को स्व सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार भी मिलेगा। 

    जन चौपाल कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा खोलने के संबंध में मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति रायपुर के श्री विश्वजीत मित्रा ने सुझाव पत्र प्रस्तुत किया है। जिसमें सभी जिला मुख्यालयों के जिलाधीश कार्यालय परिसरों, जिला न्यायालय परिसरों, रेलवे स्टेशनों और स्वामी विवेकानन्द विमानतल में गढ़ कलेवा केन्द्र खोलने का सुझाव दिया है। इन स्थानों में गढ़ कलेवा खुलने से राज्य के सभी जिलों के नागरिकों के साथ-साथ अन्य राज्यों के लोगों को  भी छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार के दिन कार्तिक पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी

रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार के दिन कार्तिक पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खुशहाली और अमन चैन की कामना की है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और भगवान शिव की आराधना करने की परम्परा है। इस दिन छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्थानों में पवित्र नदियों और देवालयों के स्थान में मेला लगता है। राजधानी के रायपुरा स्थित खारून नदी के किनारे महादेव घाट पर दो दिवसीय मेला का आयोजन होता है, जहां पर प्रदेश भर के श्रद्धालु आकर स्नान करते हैं, पूजा अर्चना करते हैं और मेला का आनंद उठाते 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा व्हाट्सएप टेपिंग कांड की जांच कमेटी की घोषणा का कांग्रेस ने किया स्वागत

रायपुर/11 नवंबर 2019। पूर्ववर्ती रमन सरकार के दौरान इजरायली इंटेलिजेंस साइबर कंपनी के द्वारा छत्तीसगढ़ में आकर पुलिस के अधिकारियों से बैठक की खबर एवं वैश्विक स्तर पर व्हाट्सएप टेपिंग कांड उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर व्हाट्सएप टेपिंग कांड की जांच की घोषणा की। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा का स्वागत किया। प्रदेश महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिन-जिन राज्यों में भाजपा की सरकार रहती है उन राज्यों में अक्सर विपक्षी दल के नेताओं, मानव अधिकार संगठन के कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी पत्रकार, बड़े उद्योगपति, व्यापारी के पीछे जासूसी कराने का काम भाजपा की सरकारों का रहा है। छत्तीसगढ़ में 15 साल तक रमन सिंह की सरकार सत्ता में रही है इस दौरान भी इस प्रकार की घटनाएं निश्चित रूप से हुई है। विश्व स्तर पर इजराइली सॉफ्टवेयर पिगासो के जरिए नामचीन लोगों की व्हाट्सएप की टेपिंग का मामला सामने आने के बाद इजरायली कंपनी के छत्तीसगढ़ में आकर बैठक करने की भी जानकारी प्रकाश में आई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के नागरिकों की निजता पर गंभीर संकट उत्पन्न हुए होंगे, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान इजराइली सॉफ्टवेयर कंपनी के अधिकारी छत्तीसगढ़ आकर किस से मिले हैं? किसने उनको बुलाया था? और किनके-किनके व्हाट्सएप मोबाइल की टेपिंग की गई है? इसकी जानकारी के लिए राज्य सरकार ने राज्य के नागरिकों निजता की सुरक्षा के मद्देनजर पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्णय का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है और अवैधानिक रूप से निजता का हनन करते हुए फोन टैपिंग मैसेज एवं व्हाट्सएप टाइपिंग के इस अवैधानिक कृत्य में शामिल व्यक्तियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करती है।

अस्पतालों में दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने ली सीजीएमएससी की बैठक

रायपुर. 05 नवम्बर 2019. स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज यहां मंत्रालय में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन (सीजीएमएससी) की बैठक लेकर सभी शासकीय अस्पतालों में दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने दवा खरीदी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए आपूर्तिकर्ता कंपनियों से जल्द से जल्द दर अनुबंध (Rate Contract) करने कहा। उन्होंने दवा निर्माता कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं को छत्तीसगढ़ आमंत्रित कर यहां की जरूरतों से अवगत कराने, टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने तथा उनके साथ बेहतर समन्वय के लिए चर्चा करने कहा। स्वास्थ्य मंत्री ने मंत्रालय में दिनभर चली बैठक में सीजीएमएससी द्वारा दवा खरीदी में तेजी लाने वर्तमान प्रक्रिया की कमियों और खामियों को दूर करने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने अति आवश्यक दवाईयों की सूची में शामिल 259 दवाईयों को अस्पतालों से इंडेन्ट (मांग-पत्र) का इंतजार न कर आवश्यकतानुसार खरीदी के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष संचालनालय को दवा खरीदी के लिए सीजीएमएससी को जल्द से जल्द राशि उपलब्ध कराने कहा। श्री सिंहदेव ने सीजीएमएससी को पर्याप्त मात्रा में दवाईयों की खरीदी, भंडारण और अस्पतालों तक परिवहन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दवा खरीदने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। इसकी पूरी आपूर्ति सीजीएमएससी के माध्यम से हो। उन्होंने कहा कि व्यवस्था ऐसी हो कि दवाईयों के लिए आबंटित बजट का पूर्ण सदुपयोग हो और इस मद में एक भी रूपया लैप्स न हो। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में चालू वित्तीय वर्ष सहित पिछले तीन वर्षों में दवाईयों के लिए आबंटित बजट और खरीदी की भी जानकारी ली। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह, विशेष सचिव सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त एवं सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक भुवनेश यादव, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित स्वास्थ्य विभाग और सीजीएमएससी के अधिकारी मौजूद थे।

अंतिम व्यक्ति को विकास का लाभ मिले और उनके जीवन में हो सकारात्मक सुधार : राज्यपाल सुश्री उइके

राज्योत्सव में शामिल हुई राज्यपाल राज्यपाल के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव की अवधि को दो दिन बढ़ाया

   राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव के दूसरे दिन दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल ने मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य निर्माण का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास का लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आए। उन्होंने नागरिकों से राज्य के विकास में अधिक से अधिक योगदान देने का आह्वान किया। सुश्री उइके ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य वयस्क हो रहा है। स्थापना के बाद से राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति हुई है। शासन द्वारा जनकल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है।      राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण के लिए स्मरण किया और इस राज्य निर्माण में योगदान देने वाले समस्त लोगों के महत्व को रूपांकित किया। उन्होंने राज्योत्सव में स्थानीय लोक संस्कृति, लोक नृत्यों पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति से जोड़ने का माध्यम है और परम्पराओं को पुनर्जीवित भी रखते हैं।      राज्यपाल ने कहा कि पिछले 19 वर्षों में राज्य में विकास के लिए ठोस धरातल निर्मित हुआ है, साथ ही राष्ट्रीय परिदृश्य में सांस्कृतिक रूप से एक पहचान भी बनी है। राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में सांस्कृतिक समृद्धि और सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने के लिए चहुंमुखी प्रयास किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ने कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है पर यहां विकास की और भी संभावनाएं हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रगति के साथ-साथ कमियों की समीक्षा करने की आवश्यकता बताई।      सुश्री उइके ने कहा कि राज्य की उन्नति के लिए शांति जरूरी है, विगत कई वर्षों से नक्सल हिंसा से छत्तीसगढ़ का कुछ हिस्सा प्रभावित रहा है। इस हिंसा को खत्म करने के लिए साझा प्रयास किये जा रहे हैं। आशा है कि जल्द ही इस हिंसा से राज्य को मुक्ति मिलेगी और छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ेगा। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री श्री भूपेष बघेल को छत्तीसगढ़ राज्य की नई उद्योग नीति के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जो कार्य किये जा रहे है वह किसान मजदूरो और आदिवासियों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के लगे स्टाल से प्रगति मैदान में लगे ट्रेड फेयर की याद आती है। उन्होंने राज्योत्सव की तीन दिन की अवधि को बढ़ाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए राज्योत्सव की अवधि को दो दिन बढ़ाने की घोषणा की।     राज्योत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि जनसामान्य को लाभान्वित करने के लिए सरकार फैसले ले रही है। किसानों को मजबूती प्रदान करने 2500 रूपये क्विंटल में धान की खरीदी की जा रही है। किसानों का कर्ज माफ किया गया है। बिजली बिल हॉफ किया गया है। बस्तर में 1700 किसानों को जमीन वापस दिलाने का काम सरकार ने किया है। नौजवानों और व्यापारियों का भी ध्यान रखा जा रहा है। वर्ष 2019-2024 की औद्योगिक नीति कृषि पर आधारित है। शहरी क्षेत्रों में छोटी-मोटी समस्याओं के निपटारे के लिए वार्ड कार्यालय शुरू किए गए हैं। जाति प्रमाण पत्र के लिए जहां पहले लोगों को भटकना पड़ता था, वहीं पिता के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर जन्म के समय ही बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है। छोटे भू-खण्डों के पंजीयन से मकान बनाने का सपना जहां पूरा हुआ है, वहीं राजस्व में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल सुश्री अनुसूईया उइके बड़ी संवेदनशील है। उन्होंने गांधी जी के 150वीं जयंती में विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम में नक्सली हिंसा से प्रभवितो के लिए मकान देने का आग्रह किया। श्री बघेल ने कहा कि उनके आग्रह पर तुरन्त नक्सली हिंसा से प्रभावितों के लिए मकान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल द्वारा धान खरीदी के लिए पत्र लिखे जाने की भी सराहना की।      इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि राज्योत्सव के माध्यम से विकास की अवधारणा परिलक्षित हो रही है। सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है और इस दिशा में अग्रसर है। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नंदकुमार साय सहित विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, मुख्य सचिव आर.पी. मंडल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।      उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति और संस्थाएं राज्य स्तरीय अलंकरण से हुए सम्मानित     राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान जिला लघु वनोपज संघ कांकेर के अध्यक्ष श्री नितिन पोटाई को, उर्दू भाषा की सेवा के लिए हाजी हसन अली सम्मान रायपुर के श्री नासिर अली नासिर को, तीरंदाजी के लिए महाराजा प्रवीरचन्द्र भंजदेव पुरस्कार बिलासपुर के पैरा तीरंदाजी खिलाड़ी श्री गिरिवर सिंह को और अंग्रेजी प्रिन्ट मीडिया के लिए मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर की श्रीमती रश्मि अभिषेक मिश्रा को, दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के लिए दानवीर भामाशाह पुरस्कार रायपुर के श्री सीताराम अग्रवाल को और आयुर्वेद चिकित्सा के लिए धन्वंतरी पुरस्कार रायपुर के प्रो. आर. एन. त्रिपाठी को दिया गया। सांस्कृतिक संध्या में खंझेरी भजन, लोक गीत व नृत्य, गजल एवं गीत, पियानो एवं एकॉडियन वादन, शास्त्रीय नृत्य ओड़िसी और भरतनाट्यम, भरथरी तथा सरगुजिहा गीत की प्रस्तुति दी गई।

राज्योत्सव के मंच पर दिखे छत्तीसगढ़ी लोककला के विविध रंग 

उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने भी लोक कला दल के साथ मांदर बजाकर किया गौर नृत्य  रायपुर 02 नवम्बर 201 छत्तीसगढ़ राज्य गठन के उपलक्ष्य मंे राजधानी रायपुर के साइंज कॉलेज के मैदान में आयोजित राज्योत्सव में पूरे राज्य भर से आए लोक कला दलों द्वारा आकर्षक और रंगारंग प्रस्तुति दी गई। लोक कला द्वारा छत्तीसगढ की संस्कृति और परंपराओं पर आधारित गीत और नृत्यों की प्रस्तुति देकर लोगों का मनमोह लिया। मंच पर दंतेवाडा जिले के गौर नृत्य के दौरान प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने भी मांदर बजाकर लोक कला दलों के साथ नृत्य किया। राज्योत्सव स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सहित मंत्री मण्डल के सदस्यों, विधायकों, मुख्य सचिव श्री आर. के. मण्डल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और अपार जन समूह मौजूद थे।      सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ महतारी के वंदना गीत ‘अरपा पैरी की धार महानदी हे अपार‘ से शुरू हुआ। डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा द्वारा रचित इस गीत को सुश्री गरिमा दिवाकर और स्वर्णा दिवाकर ने साथियों के साथ नृत्य सहित आकर्षक प्रस्तुति दी। बालोद के श्री राधे गन्धर्व ने साथियों सहित सुरीली मोहरी वादन किया। मोहरी वादन छत्तीसगढ में विशेष तीज त्योहारों और मंगल कार्याे के समय वाद्ययंत्रों के साथ बजने वाला पारम्परिक वाद्य है। दुर्ग के गजाधर बंजारे ने साथियों के साथ मनमोहक पंथी नृत्य प्रस्तुत किया। कोण्डागांव पनकू राम ने गेडी नृत्य, बेमेतरा के श्री भागवत यादव और साथी ने राउत नाचा, रायगढ के श्री राम जी और साथी ने करमा नृत्य, सरगुजा के श्री बालम साय और सााथियों ने सैला नृत्य, पलारी के श्री अर्जुन सेन ने पंडवानी गायन , दंतेवाडा के श्री विनोद सोढ़ी और साथियों ने गौर नृत्य प्रस्तृत किया।      गौर नृत्य में प्रदेश के उद्योग मंत्री कवासी लखना ने मांदर बजाकर नृत्य किया। जो अतिथियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। नारायणपुर के जैनू सलाम ने साथियों के साथ ककसाड नृत्य और सुकमा के श्री राजेश नाग एवं साथी ने धुरवा नृत्य और दुर्ग की खिलेश्वरी साहू ने सहेलियों के साथ सुआ नृत्य प्रस्तुत किया।   कमलादेवी संगीत महाविद्यालय रायपुर के विद्याथियों ने दक्ष यज्ञ प्रसंग पर बहुत ही कलात्मक रूप से कत्थक नृत्य प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान गंडई के डॉ. पीसी लाल यादव ने अपने 30 साथियों के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों सहित दूध मोंगरा नृत्य की प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक मंच में प्रदेश के विभिन्न लोक कला दलों द्वारा एक साथ प्रस्तुति दी।

​​​​​​​मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव स्थल पर लगाए गए  स्टॉलों का किया अवलोकन

शासकीय विभागों तथा उद्योगों से संबंधित स्टॉल, शिल्प ग्राम आकर्षण का केन्द्र  रायपुर 02नवंबर 2019मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां राज्य के 20 वें स्थापना दिवस पर साइंस कालेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव 2019 में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का विशेष वाहन में मंत्रीमंडल के सहयोगियों के साथ अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने स्टॉलों के अवलोकन के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों और छत्तीसगढ़ के हस्त शिल्पियों द्वारा निर्मित सामाग्रियों की सराहना की।      सांइस कॉलेज मैदान में राज्योत्सव स्थल पर लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में 18 शासकीय विभागों की योजनाओं और गतिविधियों से संबंधित स्टॉल लगाए गये हैं। कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं के लिए एक अलग से स्टॉल भी बनाए गए हैं। यहां शिल्प ग्राम बनाया गया है। इनमें शिल्पियों के द्वारा विभिन्न सामाग्रियों के बिक्री सह प्रदर्शनी से संबंधित 36 स्टॉल लगाए गए हैं। व्यवसायिक पेवेलियन में विभिन्न उद्योगों से संबंधित 52 स्टॉल लगाए गए है। साथ ही लोगों की जानकारी और प्रदर्शन के लिए पब्लिक सेक्टर यूनिट एन.टी.पी.सी, जेएसपीएल, बाल्को, एनएमडीसी, बीएसपी, सीएसआईडीसी के स्टॉल भी लगाए गए हैं।      राज्योत्सव स्थल पर शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास, जनसम्पर्क, खनिज, श्रम, संस्कृति तथा पर्यटन, जल संसाधन, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, आवास एवं पर्यावरण,लोक निर्माण, ऊर्जा, कृषि, आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग, महिला तथा बाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण तथा शिक्षा विभाग शामिल हैं। इसके साथ ही फूड कोर्ट में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के 26 स्टॉल बनाए गए हैं।      इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, लोक स्वास्थ्य मंत्री गुरू रूद्र कुमार, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, विधायक मोहन मरकाम, सांसद छाया वर्मा, नगर निगम महापौर प्रमोद दुबे भी उनके साथ थे।   

राज्यपाल को नगरीय निकाय निर्वाचन प्रक्रिया संबंधी ज्ञापन सौंपा

रायपुर :- राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री   अमर अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की और नगरीय निकाय के निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं विधायक   बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री    प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व मंत्री    राजेश मूणत, पूर्व विधायक     देवजी भाई पटेल,    श्रीचंद सुंदरानी,     सच्चिदानंद उपासने, रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष    संजय श्रीवास्तव और प्रतिनिधिमण्डल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
 

पुलवामा में आंतकियों ने छत्तीसगढ़ के मजदूर की हत्या की मुख्यमंत्री ने मृृतक के परिजनों को 4 लाख रूपए की सहायता की घोषणा की

रायपुर :- जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आंतकियों ने आज छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की हत्या कर दी है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने इस घटना की निंदा करते हुए मृतक के परिजनों को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने को कहा है। साथ ही उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक को जम्मू-कश्मीर पुलिस से इस संबंध में आवश्यक समन्वय करने को कहा है। मृतक मजदूर की पहचान छत्तीसगढ़ के सेठी कुमार सागर के रूप में की गई जो वहां ईंट के भट््टे में काम कर रहा था।

 

एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में हृदय की दीवार के फटने का बटन द्वारा इलाज छत्तीसगढ़ राज्य का इस तरह का पहला सफल उपचार

रायपुर दिल के दौरे के बाद में दिल की दीवार के फटने से 100 में से 89 मरीजों की मृत्यु निश्चित रहती है. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट मैं शनिवार को कार्डियक कैथ लैब में 40 वर्षीय मरीज के दिल के दौरे के बाद में दिल की दीवार के फटने का बिना चीर फाड़ के बटन द्वारा इलाज किया गया. इस मरीज को गत महीने हार्ट अटैक आने के बाद दिल की दीवार में 10 मिलीमीटर का सुराख बन गया था जिसका एडवांस कार्ड एक इंस्टिट्यूट के कैथ लैब में डॉ स्मित श्रीवास्तव ने एंजियोग्राफी द्वारा निदान किया गया था. भर्ती के दौरान इस मरीज की हृदय की गति एक बार तो थम गई थी जिसे जीवन रक्षक प्रयत्नों के बाद शुरू किया गया था. इस जटिल ऑपरेशन के लिए कार्डियोथोरेसिक विभाग निश्चित ना विभाग मेडिसिन विभाग और ब्लड बैंक के साथ मिलकर तैयारी की गई थी. संयोग से नई दिल्ली ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के प्रोफेसर रामा कृष्णा रायपुर शहर में कार्डियोलॉजी की कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित होने हुए आए थे. उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ मनोज कुमार रोहित एवं एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट मेडिकल कॉलेज रायपुर के कार्डियोलॉजी के विभाग अध्यक्ष डॉ स्मित श्रीवास्तव के साथ ऐसे दुर्लभ और जटिल का कार्डियक इंटरवेंशन द्वारा दिल की फटी दीवार का बटन डिवाइस से बंद करने की प्रक्रिया में साझेदारी की. वेंट्रिकुलर सेप्टल दीवार का फटना क्या है दिल का दौरा पड़ने के बाद दिल की वेंट्रिकुलर सेप्टल दीवार का फटना (वीएसआर) एक विनाशकारी जटिलता बनी हुई है। ओपन हार्ट सर्जरी निश्चित उपचार है, लेकिन यह चुनौतीपूर्ण है और उच्च रुग्णता और मृत्यु दर के साथ जुड़ा हुआ है। कार्डियक कैथ लैब में मैकेनिकल सपोर्ट और पर्क्यूटेनियस बटन क्लोजर की उपलब्धता ने उपचार प्रतिमान को काफी बदल दिया है। थक्का घुला देना वाली इंजेक्शन की अभाव में दिल के दौरे के 1 से 3% रोगियों में दिल की वेंट्रिकुलर सेप्टल दीवार का फटना (वीएसआर) होता है और 0.2% से 0.34% रोगियों में जो थक्का घुला देना वाली इंजेक्शन फाइब्रिनोलिटिक थेरेपी प्राप्त करते हैं। दिल की वेंट्रिकुलर सेप्टल दीवार का फटना (वीएसआर) की दुर्लभता के परिणामस्वरूप इसकी निदान और उपचार में चिकित्सा और सर्जिकल विशेषज्ञता की कमी होती है। निराशाजनक परिणामों को देखते हुए, निदान स्थापित होने पर उन्नत हृदय संस्थान (Advanced Cardiac Institute) की तरह उच्च-मात्रा केंद्रों में स्थानांतरण पर विचार किया जाना चाहिए। दिल की दीवार का दिल के दौरे में फटना का कारण दिल की नस का संपूर्ण ब्लॉकेज होता है बड़ी उम्र महिलाओं में अधिक ब्लड प्रेशर वाले मरीजों में जिन मरीजों को खून के थक्का घोलने का इंजेक्शन नहीं लगा हो अथवा देर से लगा हो उनमें ज्यादा पाया जाता है दिल की दीवार के फटने वाले मरीजों का जीवन बहुत खतरे में होता है और उनकी मृत्यु होने की संभावना बहुत अधिक होती है लगभग 1 वर्ष में 90 परसेंट से ज्यादा ऐसे मरीज मृत्यु को प्राप्त होते हैं ओपन हार्ट सर्जरी ऐसे मरीजों के लिए जीवन संजीवनी हो सकती है किंतु उनकी गंभीर हालत विषम परिस्थिति ओपन हार्ट सर्जरी के लिए काफी जटिल होती है ऐसी परिस्थितियों में बिना चीर फाड़ के एंजियोग्राफी विधि से हार्ड की दीवार के सुराग को बटन द्वारा बंद किए जाने के प्रक्रिया से मरीज की जान बचाने का प्रयास किया जा सकता है जैसा कि इस शनिवार को एडवांस गाड़ी के इंस्टिट्यूट के का डकैत लाइफ में किया गया ऐसी विषम परिस्थितियों में जैसे इन एवं एक्स्ट्रा कॉरपोरियल मेंब्रेन ऑक्सिजनेटर मशीन द्वारा आर्टिफिशियल हार्ड जैसा रक्त संचार को सुचारू रखने में सहयोग प्राप्त किया जा सकता है एडवांस कार्ड एक इंस्टिट्यूट के नवीन संरचना में ऐसे अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना भी प्रस्तावित है जिससे ऐसे कठिन और जटिल मरीजों की जीवन रक्षा की जा सके ऐसे कठिन और गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के विभिन्न विभागों के आपसी सहयोग और तालमेल से ही असमय मृत्यु से बचाया जा सकता है
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