राजधानी

मरवाही उपचुनाव के पहले बघेल सरकार ने 11 IAS अफसरों को किया इधर से उधर

bbn24news: मरवाही विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव से पहले बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है. 11 वरिष्ठ आईएएस अफसरों के पद में बदलाव की सूचना आई है. आईएएस ए. कुलभूषण टोप्पो को छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक की जिम्मेवारी सौंपी गई है. सचिव धनंजय देवांगन को तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इसी तरह सचिव उमेश कुमार अग्रवाल को ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभालना होगा. एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विकास विभाग की विशेष सचिव नीलम नामदेव एक्का को संचालक विमानन का अतिरिक्त प्रभार मिला है. अलरमेलमंगई डी वित्त विभाग के सचिव बनाए गए हैं जबकि हिमशिखर गुप्ता बतौर प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड का काम देखेंगे.

डीजीपी 1 सितंबर को पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को करेंगे वीडियो कॉल : बिना तनाव करें ड्यूटी, सभी समस्याओं का होगा समाधान: अवस्थी

रायपुर 28 अगस्त 2020 डीजीपी  डीएम अवस्थी स्पंदन योजना के तहत 1 सितम्बर को पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों से वीडियो कॉल पर बात करेंगे। डीजीपी वीडियो कॉल के जरिये ही उनकी समस्याएं सुनेंगे और तत्काल निराकरण करेंगे। हाल ही में 19 अगस्त को पहली बार डीजीपी के द्वारा वीडियो कॉल के जरिये पुलिसकर्मियों और परिजनों से चर्चा की गई थी। जिसमें स्थानांतरण, पदस्थापना, अनुकम्पा नियुक्ति जैसी  समस्याओं को तत्काल हल कर उसी समय सम्बन्धित कर्मचारी को आदेश भी व्हाट्सएप कर दिए गए थे। इस पहल से पुलिसकर्मियों में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में डीजीपी से अपनी बात करने के लिए व्हाट्सएप नम्बर पर मैसेज आ रहे हैं। प्राथमिकता के आधार पर पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को आगामी 1 सितंबर को डीजीपी खुद वीडियोकॉल कर उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। वर्तमान कोरोना संक्रमण को देखते हुए डीजीपी द्वारा ये अभिनव पहल की गई है। जिससे पुलिकर्मियों और उनके परिजनों को पुलिस मुख्यालय तक ना आना पड़े। पुलिसकर्मियों को तनाव रहित रखने के लिए स्पंदन योजना की शुरूआत की गई है।

छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह 28 अगस्त को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भेजा न्यौता।

 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होने का किया आग्रह

रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर में बनने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा के नये भवन के भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह में शामिल होने के लिए  सोनिया गांधी और  राहुल गांधी को न्यौता भेजा है।  बघेल ने पत्र लिख कर  गांधी से इस समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में और  राहुल गांधी को अतिविशिष्ट अतिथि के रुप में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होने का आग्रह किया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नये भवन का भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह 28 अगस्त को दोपहर 12 बजे आयोजित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने  सोनिया गांधी और  राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि इस समारोह में आपकी उपस्थिति हमें आनंदित करने के साथ प्रोत्साहन भी देगी। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा है कि 1 नवंबर 2000 को राज्य निर्माण के साथ ही सर्व सुविधायुक्त नये विधानसभा भवन की लगातार आवश्यकता महसूस की जा रही है, जो राज्य की प्रगति और आकांक्षाओं के अनुरूप हो। इस आवश्यकता को पूरा करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के निर्माण का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि इस नये भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा की झलक दिखेगी। यह भवन स्टेट आफ दी आर्ट तकनीक से सुसज्जित होगा। इस भवन को विधानसभा और उसके सदस्यों की वर्तमान और भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए डिजाईन किया गया है।

ट्राइबल टूरिज्म रिसार्ट में दिखेगी जनजातीय संस्कृति, कला और ग्रामीण परिवेश की झलक: मुख्यमंत्री बघेल मुख्यमंत्री ने कुरदर, सरोधा दादर और धनकुल के इको-एथनिक रिसॉर्ट का किया ई-लोकार्पण

रायपुर, 15 अगस्त 2020 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में ट्रायबल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नवनिर्मित तीन रिसार्ट बिलासपुर जिले के कुरदर हिल इको रिसॉर्ट, कबीरधाम जिले के सरोधा दादर बैगा एथनिक रिसॉर्ट और कोण्डागांव जिले में नवनिर्मित धनकुल एथनिक रिसॉर्ट का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ई-लोकार्पण किया। राज्य सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत इन रिसार्टों का निर्माण किया गया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। आदिवासी कला, संस्कृति और इनके वैभव से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए ’’ट्राइबल टूरिज्म सर्किट’’ का विकास किया जा रहा है। भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत 13 जनजातीय बाहुल्य स्थलों में पर्यटकों के लिए स्थानीय ट्राइबल एवं इको टूरिज्म थीम पर आधारित सुविधाएं विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटक इन स्थानों पर रूककर यहां की सदियों पुरानी जनजातीय संस्कृति, कला एवं ग्रामीण परिवेश को नजदीक से देख और समझ सकेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों में अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने, स्थानीय संस्कृति का सम्मान करने और प्रकृति में प्रदूषण कम करने का भाव जागृत होगा। पर्यटन से राज्य की पहचान स्थापित होने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। आदिवासी अंचल में प्रकृति ने न सिर्फ दिल खोलकर नैसर्गिक खूबसूरती दी है बल्कि स्थानीय संस्कृति के रूप में अनेक कलाएं भी दी हैं, जो किसी भी इंसान को अपने प्रकृति के सबसे खूबसूरत स्वरूप से परिचित कराती हैं।


    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ आस्था और संस्कृति का केन्द्र बनेगा। यह परिपथ आदिवासी अंचलों में हमारी संस्कृति के बिखरे मोतियों को जोड़कर ऐसी खूबसूरत माला बनेगी जो लोगों के जीवन में आस्था और संस्कार को मजबूत करेगी। छत्तीसगढ़ भगवान राम के ननिहाल के रूप में जाना जाता है। भगवान राम वनवास के दौरान छत्तीसगढ़ के 75 स्थानों पर गए थे तथा 51 स्थल पर विश्राम किए थे, इनमें से प्रथम चरण में 9 स्थानों का सौंदर्यीकरण एवं विकास विभिन्न विभागों के समन्वय से किया जा रहा है। राम वन गमन पर्यटन परिपथ के विकास कार्य का शुभारंभ चंदखुरी के कौशल्या माता मंदिर से किया गया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति छत्तीसगढ़ के जनमानस की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जनसहयोग के लिए ’राम वनगमन पर्यटन परिपथ विकास कोष’ का शीघ्र गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से आमजन भी आर्थिक सहयोग का पुण्य सुअवसर प्राप्त कर सकेंगे।


    समारोह में पर्यटन मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। आने वाले समय में विश्व के नक्शे में छत्तीसगढ़ का स्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ में यहां की आदिवासी एवं जनजातीय संस्कृति से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए ट्रायबल टूरिज्म सर्किट की परियोजना स्वीकृति कराई गई। लगभग 96 करोड़ रूपए की इस परियोजना में प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य 13 क्षेत्रों-जशपुर, कुनकुरी, मैनपाट, कमलेश्वरपुर (मैनपाट), महेशपुर, कुरदर, सरोधा दादर, गंगरेल, नथियानवागांव, कोण्डागांव, जगदलपुर, चित्रकोट एवं तीरथगढ़ शामिल किया गया है।


    मुख्यमंत्री निवास में आयोजित ई-लोकार्पण समारोह में कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे, संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत, ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्र कुमार, संसदीय सचिव  विकास उपाध्याय, विधायक  मोहन मरकाम, पर्यटन सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, प्रबंध संचालक पर्यटन मंडल  इफ्फत आरा सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर : माता कौशल्या मंदिर में मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने टेका माथा

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नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग अंतर्गत ग्राम चंदखुरी में प्रभु श्री राम की माता कौशल्या के मंदिर में माथा टेका और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने इस दौरान चंदखुरी में स्थित बजरंग बली मंदिर में श्री राम भक्त हनुमान की भी आराधना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में माता कौशल्या की जन्म स्थली चंदखुरी में भव्य मंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि भगवान श्री राम वनवास के दौरान छत्तीसगढ़ के जिन-जिन स्थलों से पद यात्रा किए हैं, उन यादों को सहेजने के लिए संबंधित स्थानों को चिन्हांकित कर राम-वन-गमन-पथ के रूप में विकसित किया जाएगा।
    डॉ. डहरिया ने कहा कि राज्य सरकार मर्यादा पुरूषोत्तम श्री रामचंद्र के पद चिन्हों पर चलकर ही जनहित में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री रामचंद्र जी ने अपने वनवास काल का बहुत समय छत्तीसगढ़ में व्यतीत किए हैं। उन संबंधित स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने की योजना है। प्रथम चरण में 09 स्थलों का चयन किया गया है। इन स्थलों में सीतामढ़ी-हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (अम्बिकापुर), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा-सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर), रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। प्रस्तावित 09 स्थलों को लेते हुए पर्यटन विभाग द्वारा एक कॉन्सेप्ट प्लान तैयार किया गया है, जिसकी लागत 137.45 करोड़ रूपए है।
    मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यहां कण-कण में भगवान राम रचे-बसे हुए हैं। चंदखुरी में स्थित माता कौशल्या का मंदिर दुनिया में एकमात्र मंदिर है, इस मंदिर का भव्य निर्माण होने से निश्चित ही राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र वर्मा, जनपद सदस्य श्री दिनेश ठाकुर, श्रीमती नेहा वर्मा, श्रीमती रानी ढीवर सहित समाज सेवी श्री आनंद गिलहरे, श्री राजेन्द्र महेश्वरी तथा आसपास के पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।

रायपुर : ओपन स्कूल परीक्षा : कक्षा 12वीं के 36 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने जमा किया असाइनमेंट

रायपुर, 05 अगस्त 2020

छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल की परीक्षाएं इस वर्ष असाइनमेंट पद्धति से संपन्न कराई जा रही है। जिन जिलों के परीक्षा केन्द्रों में लॉकडाउन नहीं है, उनमें 5 अगस्त तक कक्षा 12वीं के 36 हजार 022 विद्यार्थियों द्वारा असाइनमेंट जमा किया गया। कक्षा 12वीं के 38 हजार 504 विद्यार्थियों को असाइनमेंट वितरण किया गया। 

 

छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि कक्षा 10वीं के 22 हजार 722 विद्यार्थियों को असाइनमेंट वितरण किया गया। विद्यार्थी असाइनमेंट प्राप्त करने दो दिवस में अपना असाइनमेंट लिखकर परीक्षा केन्द्र में जमा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि जो छात्र किसी कारणवश अपने परीक्षा केन्द्रों से असाइनमेंट प्राप्त नहीं कर सके, वे 17 अगस्त से 22 अगस्त केे राज्य कार्यालय छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल परिषद पेंशनबाड़ा रायपुर या छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट पर www.cgsos.co.in से असाइनमेंट डाउनलोड करके ए-4 साईज के कागज पर उत्तर लिखकर अपने परीक्षा में 22 अगस्त तक जमा कर सकेंगे। 

राम मंदिर भूमिपूजन को लेकर राजधानी रायपुर में भी राम भक्तों में देखा गया उत्साह- दूधाधारी मठ में विशेष पूजा अर्चना

रायपुर राम मंदिर भूमिपूजन को लेकर उत्साह पूरे देश में दिखाई दे रहा है। राजधानी रायपुर में भी राम भक्तों का उत्साह कम नहीं है । राजधानी के पुरानी बस्ती स्थित सबसे प्राचीन श्री दूधाधारी मठ में विशेष पूजा अर्चना का आयोजन किया गया है । इस अवसर पर श्री राम और जानकी का स्वर्ण श्रृंगार किया गया। खास बात यह रही है ऐसा पहली बार हुआ जब साल में तीन बार होने वाला स्वर्ण श्रृंगार चौथी बार किया गया। मन्दिर प्रांगण में भजन प्रभात का भी आयोजन किया गया । मंदिर में कोरोना काल के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को ध्यान में रख कर श्रद्धालु पहुँच कर, हिस्सा ले रहें है । इस अवसर पर लोक कलाकार दिलीप षड़ंगी ने राम लला से जुड़े भजन प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया ।

इस मौके पर छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष व मठ के महंत रामसुंदर दास , छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव विकास उपाध्यय समेत कांग्रेस नेता मौजूद रहे.महाराजबंध तालाब के सामने दूधाधारी मठ में भगवान श्रीराम-जानकी, भगवान बालाजी और हनुमानजी विराजे हैं। कहा जाता है कि यह मठ 500 साल पुराना है। मठ के महंत बलभद्र दास हनुमानजी के परम भक्त थे। वे गाय के दूध से हनुमानजी का अभिषेक करके उसी दूध का सेवन करते थे। दूध के अलावा कुछ भी नहीं खाते थे। कालांतर में उन्हीं के नाम पर मठ का नाम दूधाधारी मठ रखा गया। मुख्य द्वार पर स्थापित स्मृति चिन्ह पर संवत 1610 और सन्‌ 1554 अंकित है। मुगल काल में स्थापित मठ का पुनर्निर्माण अंग्रेजी शासनकाल में हुआ।

देशभक्ति गीतों की धुनों से शहीदों और कोविड वॉरियर्स को किया गया सलाम : छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के बैंड की धुनों से गूंज उठी राजधानी

पुलिस परेड ग्राउंड में आज छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के बैंड की देशभक्ति की धुनों ने आज सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था रक्षा मंत्रालय भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा स्वतन्त्रता दिवस महोत्सव आयोजन का। छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि रक्षा मंत्रालय द्वारा देशभर के 33 शहरों 13 अगस्त तक चलने वाले लाईव बैंड कन्सर्ट में सबसे पहले प्रस्तुति का मौका दिया गया।  कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत श्अरपा पैरी के धारश् से की गई। लाईव बैंड कन्सर्ट में शहीदों के सम्मान में डीजीपी डीएम अवस्थी एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। लाईव बैंड कन्सर्ट में ऐ मेरे वतन के लोगों, संदेशे आते हैं, ये देश है वीर जवानों का , ऐ मेरे प्यारे वतन , है प्रीत जहां की रीत सदा ,ये देश है वीर जवानों का जैसे देशभक्ति गीतों की धुनों पर प्रस्तुति ने सभी को देशभक्ति के भावों से ओतप्रोत कर दिया। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की प्रथम बटालियन भिलाई के बैंड द्वारा देशभक्ति गीतों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए धुनों को बजाया गया। कार्यक्रम में लाईव बैंड कन्सर्ट के जरिये शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ कोविड वॉरियर्स को सलामी दी गई। उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सूचना प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से 1 अगस्त से 13 अगस्त तक स्वतन्त्रता दिवस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देशभर के 33 शहरों में सैन्य और पुलिस बल द्वारा लाईव बैंड कन्सर्ट की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। कार्यक्रम के आयोजन के लिए ऐतिहासिक और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुए देशभर के विभिन्न स्थलों को चुना गया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन का बड़ा केंद्र रहा है। इसलिए रायपुर को लाईव बैंड कन्सर्ट के लिये चयनित किया गया है। कार्यक्रम में एडीजी अशोक जुनेजा,  आईजी डॉ आनंद छावड़ा , डीआईजी एचआर मनहर, एसएसपी रायपुर अजय यादव, कलेक्टर एस भारतीदासन, कमांडेंट गोवर्द्धन ठाकुर, विजय अग्रवाल उपस्थित रहे।

25 अगस्त से शुरू होगा छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र, अधिसूचना जारी

रायपुरः कोरोना काल में छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 25 अगस्त से शुरू होगा और चार दिनों तक चलेगा। एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पांचवीं राज्य विधानसभा का सातवां सत्र 25 अगस्त से शुरू होगा और 28 अगस्त को समाप्त होगा। अधिसूचना में बताया गया है कि वित्तीय और सरकारी मामलों से संबंधित कार्यों के साथ, सभी चार दिनों में प्रश्नकाल होगा और महत्वपूर्ण मुद्दों पर ही चर्चा की जाएगी। अधिसूचना में कहा गया कि अंतिम दिन, गैर-सरकारी मामलों के लिए ढाई घंटे का समय स्लॉट आवंटित किया गया है।

छत्तीसगढ़ विधान सभा के प्रमुख सचिव चन्द्र शेखर गैंगरेड ने कहा कि कोरोनोवायरस संकट के बीच सत्र को जल्द ही आयोजित किया जाएगा, इसके लिए एहतियाती दिशा-निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

अधिसूचना में कहा गया है कि 4 दिवसीय इस सत्र में सिर्फ 4 बैठकें ही होंगी। इस दौरान वित्तीय कार्य के अलावा सिर्फ मुख्य शासकीय कार्य ही संपादित किए जाएंगे। कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए विधानसभा के मुख्यद्वार पर स्क्रीनिंग के साथ-साथ सैनिटाइजेशन की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सुरक्षित रूप से सत्र के संचालन के लिए पूरी रणनीति तैयार की जा रही है। 

ज्ञात हो कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से जिला स्तर पर लॉकडाउन घोषित किया गया है। वायरस के बढते मामलों के चलते सभी शासकीय कार्यालयों और मंत्रालय में भी कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई है। संक्रमण काल को देखते मॉनसून सत्र को सीमित अवधि का रखा गया है और इस दौरान ज्यादा से ज्यादा महत्वपूर्ण विषयों पर ठोस नीति तैयार करने की चुनौती सरकार के सामने होगी। 

राज्य शासन द्वारा स्कूलों के शैक्षणिक सत्र 20-21 के लिए प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित : प्रवासी मजदूरों के बच्चों को भी स्कूलों में मिलेगा प्रवेश

कक्षा 11वीं को छोड़कर सभी कक्षाओं की प्रवेश प्रक्रिया15 अगस्त तक पूर्ण करने  जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी 

कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए स्कूलों में निःशुल्क फॉर्म 31 अगस्त तक लिए जमा किए जा सकेंगे

रायपुर, 31 जुलाई 2020 राज्य शासन द्वारा स्कूलों के शैक्षणिक सत्र 2020-21 के प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया में प्रवासी मजदूरों के बच्चों को भी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 11वीं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूर्ण करने कहा गया है। कक्षा 11वीं प्रवेश के लिए निःशुल्क फॉर्म स्कूलों के काउंटरों पर 31 अगस्त तक उपलब्ध रहेंगे। विद्यार्थी निःशुल्क फॉर्म काउंटर से प्राप्त करके प्रवेश के लिए 31 अगस्त तक ही जमा कर सकेंगे। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्देश में यह भी कहा गया है कि संचालक लोक शिक्षण का यह कर्तव्य होगा कि प्रवेश दिए गए विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश, छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क सायकल वितरण आदि सभी योजनाओं का लाभ पात्रता अनुसार विद्यार्थियों के घर पर ही उपलब्ध कराया जाए।

    जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि कोरोना वैश्विक महामारी के संक्रमण से बचाव को देखते हुए वर्तमान में सभी स्कूल बंद हैं इस कारण स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में पढ़ई तुंहर दुआर योजना के अंतर्गत ऑनलाईन और ऑफलाईन मोड में अनेक योजनाएं चलाई जा रही है, जिससे बच्चों को घर बैठे पढ़ने-सीखने में मदद मिल सके। इन योजनाओं का तभी लाभ मिल सकेगा जब बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें भी घर बैठे मिले। पाठ्य पुस्तकों के वितरण के लिए बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश कराया जाना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त स्कूल शिक्षा विभाग की अन्य अनेक योजनाओं का लाभ तभी मिल सकेगा जब इन बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण होगी। इसमें निःशुल्क गणवेश, छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क सायकल वितरण आदि अनेक योजनाएं शामिल हैं। इन सभी को दृष्टिगत रखते हुए अकादमिक सत्र 2020-21 के लिए प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
    निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया में बताया गया है कि क्योंकि राज्य शासन द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं में जनरल प्रमोशन दिया गया है। कक्षा पहली से 8वीं और कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों को स्वमेव अगली कक्षाओं में प्रवेश दे दिया जाए। इसके लिए विद्यार्थियों को किसी प्रकार का आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। स्कूलों के प्राचार्य बिना किसी आवेदन के इन कक्षाओं के बच्चों का नाम अगली कक्षा के रजिस्टर में अंकित करके उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश देंगे।
    विभिन्न प्रकार के स्कूलों में प्रवेश के लिए भी प्रक्रिया निर्धारित की गई है। सभी प्राथमिक विद्यालयों में जो विद्यार्थी गत वर्ष कक्षा पहली से चौथी में अध्ययनरत थे उनका नाम कक्षा दूसरी से कक्षा 5वीं के रजिस्टर में अगली कक्षा में अंकित करके प्रवेश दिया जाएगा।
    ऐसे विद्यालय जहां प्राथमिक के साथ-साथ उच्च प्राथमिक विद्यालय भी संचालित हैं वहां जो विद्यार्थी गत वर्ष कक्षा 5वीं में अध्ययनरत थे उनका नाम इस वर्ष कक्षा 6वीं में दर्ज कर लिया जाएगा। वे प्राथमिक विद्यालय जिनके साथ उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित नहीं है उनके प्रधान पाठक अपने विद्यालय के गत वर्ष कक्षा 5वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के नाम उस उच्च प्राथमिक विद्यालय में दर्ज कराएंगे जहां पर सामान्य रूप से उस प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी कक्षा 5वीं पास करने के बाद प्रवेश लेते हैं।
    इसी प्रकार समस्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जो विद्यार्थी कक्षा 6वीं एवं 7वीं में गत वर्ष अध्ययनरत थे उनके नाम इस वर्ष कक्षा 7वीं और 8वीं में दर्ज किए जाएंगे।
    जिन विद्यालयों में उच्च प्राथमिक के साथ-साथ कक्षा 9वीं, कक्षा 10वीं की कक्षाएं भी लगती हैं वहां पर जो विद्यार्थी कक्षा 8वीं में अध्ययनरत थे उनके नाम कक्षा 9वीं में दर्ज कराए जाएंगे। ऐसे उच्च प्राथमिक विद्यालय जिनके साथ कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यालय उसी कैम्पस में नहीं है वहां के प्रधान अध्यापक अपने विद्यालय के उन विद्यार्थियों का नाम जो गत वर्ष कक्षा 8वीं में अध्ययनरत थे ऐसे हाई स्कूल में कक्षा 9वीं में दर्ज कराएंगे। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी सामान्य रूप से कक्षा 8वीं पास करने के बाद प्रवेश लेते हैं।
    हाई स्कूल में जो विद्यार्थी कक्षा 9वीं में अध्ययनरत थे उनके नाम इस वर्ष कक्षा 10वीं के रजिस्टर में दर्ज कर लिए जाएंगे। इसी प्रकार हायर सेकेण्डरी स्कूलों में जो विद्यार्थी कक्षा 11वीं में अध्ययनरत थे उनके नाम इस वर्ष कक्षा 12वीं में दर्ज कर लिए जाएंगे।
    कक्षा 11वीं में प्रवेश प्रक्रिया - क्योंकि कक्षा 11वीं के स्तर पर विद्यार्थियों को अध्ययन के स्ट्रीम की स्वतंत्रता होती है इसलिए कक्षा 11वीं में स्वमेव प्रवेश देना संभव नहीं होगा। इसके लिए प्रवेश के सभी हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रवेश के लिए निःशुल्क फॉर्म स्कूलों के काउंटर पर 31 अगस्त तक उपलब्ध रहेंगे। विद्यार्थी यह निःशुल्क फॉर्म स्कूल के काउंटर से प्राप्त करके प्रवेश के लिए 31 अगस्त तक ही जमा कर सकेंगे। हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कक्षा 11वीं में प्रवेश इसके आधार पर दिया जाएगा। सभी स्कूल यह सुनिश्चित करेंगे कि फॉर्म वितरण और जमा करने के समय कोविड-19 से संबंधित राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी फिजिकल डिस्टेंसिंग, सेनेटाईजेशन आदि के समस्त मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए।
    कक्षा पहली में प्रवेश प्रक्रिया - प्रदेश के सभी प्राथमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक उस प्राथमिक विद्यालय के क्षेत्र में आने वाले आंगनबाड़ियों के रजिस्टर से ऐसे बच्चों की सूची बनाएंगे जिन्होंने 06 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है। ऐसे सभी बच्चों को बिना किसी आवेदन के कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाएगा।
    प्रवासी मजदूरों के बच्चों को प्रवेश: कोरोना संक्रमण काल में बहुत सारे प्रवासी मजदूर अपने परिवारों के साथ अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लौट कर आएं हैं। लौटने पर इन मजदूरों और उनके परिवारों को क्वॉरंटाईन सेंटरों में रखा गया था। जहां पर इन मजदूरों के बच्चों की सूची तैयार करा ली गई थी, जिसमें उनके गांव, बच्चों की आयु और कक्षा की जानकारी भी ली गई थी। इस सूची में शामिल सभी बच्चों को संबंधित ग्राम के स्कूलों में और संबंधित कक्षा में प्रवेश देने की कार्रवाई आवश्यक रूप से सुनिश्चित की जाए। संबंधित स्कूल के रजिस्टर में इन बच्चों का नाम दर्ज करने के उपरांत इन बच्चों के माता-पिता को सूचित किया जाए कि उनके बच्चों का नाम संबंधित विद्यालय में दर्ज कर लिया गया है।

रायपुर : मुख्यमंत्री से राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने की सौजन्य मुलाकात

 
रायपुर, 24 जुलाई 2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की संचालित गतिविधियों एवं आयोग में लंबित मामलों की विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. किरणमयी नायक ने राज्य में महिलाओं के हितों के संरक्षण के संबंध में राज्य महिला आयोग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में मुख्यमंत्री से विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डॉ. किरणमयी नायक को उनके नये दायित्व के लिए बधाई देते हुए महिला आयोग के कामकाज को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने की बात कही।

गुरप्रीत सिंह बाबरा 21-07-2020 को 11 बजे स्टेट फ़ूड कमीशन चैयरमेन पद ग्रहण करेंगे

Danteshwar kumar (chintu)

रायपुर/ गुरप्रीत सिंह बाबरा स्टेट फ़ूड कमिशन (छत्तीशगढ़ खादय अयोग) के नव नियुक्त अध्यक्ष , ने अपना आभार व्यक्त करते हुए 18/07 को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सौजन्य मुलाकात की इसी के साथ बाबरा 21/07 को अपना खाद्यय आयोग में अध्यक्ष पदभार को ग्रहण करेंगे , गुरप्रीत सिंह अम्बिकापुर जिला सरगुजा के रहने वाले हैं ,छात्र राजनीति से सरगुजा में सक्रिय बाबरा युवा कांग्रेस ,प्रदेश कांग्रेस में पहले भी बड़ी ज़िम्मेदारियाँ निभा चुके है जिसके चलते उन्होंने एक केद्दावर नेता के रूप में छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी में अपनी जहग बनाई , जिसके चलते उन्हें स्टेट फ़ूड कमिशन (छत्तीशगढ़ खादय अयोग ) के अध्यक्ष ,पद से नवाज़ा गया।

गुरप्रीत सिंह बाबरा ने छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त किसानों व प्रदेशवासियों को हरेली की ढेरो सुभकामनाये दी इसके साथ ही हरेली त्योहार का महत्व व इसकी मुख्यता विस्तार के बारे में बताया , उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ प्रदेश में हरेली का त्यौहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है सावन के महीने में हरियाली की चादर ओढ़े धरती का श्रृंगार देखते ही बनाता है। करीब डेढ़ माह तक जी-तोड़ मेहनत करते किसान लगभग बुआई और रोपाई का कार्य समाप्त होने के बाद अच्छी फसल की कामना लिये सावन के दूसरे पक्ष में हरेली का त्योहार मनाते हैं।

आज के दिन किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा बड़े की श्रद्धा और उल्लास के साथ करते हैं। किसान खेती किसानी के काम में उपयोग में आने वाले उपकरण जैसे हल, फावड़े, कुल्हाड़ी आदि को साफ धोकर उनकी पूजा करते हैं। किसान लोक पर्व हरेली पर आज खेती-किसानी में काम आने वाले उपकरण और बैलों की पूजा करेंगे। इस दौरान सभी घर में छत्तीसगढ़ी व्यंजन बना कर कुलदेवी ,कुलदेवता को अर्पित कर पूजा करने की परंपरा है। और ग्राम देवता की पूजा करते हैं। साथ ही पशुओं के गौशाला को भी साफ और स्वच्छ कर उसमें नई मिट्टी या मूरूम डालकर सुव्यवस्थित करते हैं।

ग्रामीण जहां क्या बड़े क्या बुढ़े सभी इस पर्व का आनंद उठाते हैं। हरेली पर्व के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसान भगवान से अच्छी फसल की भी कामना करते है।हरेली के दिन से ही छत्तीसगढ़ की पहचान गेंड़ी जो बांस से बनी होती है , हरेली छत्तीसगढ़ में त्योहारों के शंखनाद का दिन होता है। जिसके बाद एक के बाद एक कई त्योहार आते हैं। आप समस्त प्रदेशवासियों को हरेली की पुनः गाड़ा- गाड़ा बधाई।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘गोधन न्याय योजना‘ के प्रतीक चिन्ह का किया विमोचन

रायपुरः-मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चैबे ने आज यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कलेक्टर्स कान्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गोधन न्याय योजना‘ के प्रतीक चिन्ह (लोगो) का विमोचन किया।

एनएसयूआई ने पूरे प्रदेश में केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के जिलों को गरीब कल्याण रोजगार योजना में शामिल कि मांग.....

रायपुर -  एनएसयूआई ने आज पूरे प्रदेश में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया एवं नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया आज राजधानी रायपुर में प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया दरअसल केंद्र सरकार की गरीब कल्याण रोजगार योजना में छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले को नहीं लिया गया है इसी को देखते हुए आज प्रदेश एनएसयूआई ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह के निवास का घेराव किया गया साथ ही साथ पूरे प्रदेश के भाजपा के सांसदों के निवास का घेराव प्रदेश एनएसयूआई द्वारा किया गया राजधानी रायपुर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाए और मोदी सरकार से मांग की छत्तीसगढ़ के सारे जिलों को इस योजना में सम्मिलित किया जाए।।

प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश में रोजगार के नाम पर प्रदर्शन कर रही है और वही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व जो सरकार पर काबिज है वह लोग छत्तीसगढ़ की जनता के साथ भेदभाव कर रहे हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासन है इसी को देखते हुए वे लोग छत्तीसगढ़ के साथ दोहरी नीति अपना रहे हैं आज छत्तीसगढ़ में 40% से अधिक लोग गरीबी रेखा के नीचे है उसके बाद भी आज छत्तीसगढ़ को इस योजना का लाभ नहीं दिया गया है आज हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि छत्तीसगढ़ के सारे जिलों को इस गरीब कल्याण रोजगार योजना में शामिल किया जाए इसी के तहत आज हमने भाजपा के 9 सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के निवास का घेराव किया है।।

किस प्रदर्शन कार्य में मुख्य तौर पर प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला जिला अध्यक्ष अमित शर्मा प्रदेश सचिव हनी बग्गा, हेमंत पाल, अरुणेश मिश्रा, शान मोहम्मद प्रदेश प्रवक्ता तुषार गुहा जिला महासचिव संकल्प मिश्रा, निखिल बंजारी, शुभम दुबे जिला सचिव विशाल दुबे, पुष्पेंद्र ध्रुव ग्रामीण अध्यक्ष विकास राजपूत, केशव सिन्हा, मनीष पटेल आदि मौजूद थे।।

मुख्यमंत्री बघेल ने अधिकारी-कर्मचारियों को दी बड़ी राहत वार्षिक वेतनवृद्धि निर्धारित तिथि को ही मिलेगी: वेतनवृद्धि की एरियर्स राशि मिलेगी छह माह बाद

रायपुर, 03 जुलाई 2020मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोरोना संकट के कारण राज्य शासन के अधिकारी एवं कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि विलंबित की गई थी, जिसे बहाल करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन के अधिकारियों-कर्मचारियों को जिन्हें एक जुलाई को वेतनवृद्धि मिलती हैै। उन्हें वेतनवृद्धि एक जुलाई को ही मिलेगी, परन्तु जुलाई से दिसम्बर माह तक की वेतनवृद्धि की एरियर्स राशि का भुगतान आगामी जनवरी माह में एकमुश्त किया जाएगा। इसी प्रकार जिन अधिकारी-कर्मचारियों की वेतनवृद्धि एक जनवरी को लगती है, उनको एक जनवरी को ही वेतनवृद्धि मिलेगी और उनकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद आगामी जुलाई माह में किया जाएगा। 

    गौरतलब है कि कोरोना संकट काल में राज्य की वित्तीय व्यवस्था को देखते हुए वित्त विभाग द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि को आगामी आदेश तक विलंबित किया गया था। मुख्यमंत्री  बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की और उनसे अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित तिथि पर वेतनवृद्धि देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों की इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए वेतनवृद्धि निर्धारित तिथि पर ही देने और इसकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद करने पर अपनी सहमति प्रदान की है। इस अवसर पर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव   अमिताभ जैन उपस्थित थे। 

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