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अजय चंद्राकर ने सदन में खड़े होकर कहा- हम सदन में आयेंगे जरूर, लेकिन कोई सवाल नहीं पूछेंगे

अजय चंद्राकर ने सदन में खड़े होकर कहा- हम सदन में आयेंगे जरूर, लेकिन कोई सवाल नहीं पूछेंगे रायपुर 24 फरवरी 2021। मंगलवार को सदन में छत्तीसगढ़ में बढ़े अपराध को लेकर शुरू हुआ हंगामे का असर प्रश्नकाल के शुरुआती मिनटों में बना रहा। मंगलवार को स्थगन प्रस्ताव की ग्राह्यता पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को बोलने का मौका नहीं दिये जाने का विरोध जताते हुए प्रश्नकाल शुरू होते ही अजय चंद्राकर ने सदन में खड़े होकर कह दिया कि “ कल सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया गया” इसलिए इसे अपमान मानते हुए विपक्ष आज सदन में कोई सवाल नहीं पूछेगा। अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष और सदन के नेता का नाम पर कभी चर्चा के लिए लिखकर नहीं दिया जाता है, वो कभी भी बोल सकते हैं, लेकिन स्थगन की ग्राह्यता पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया गया, ये सदन का अपमान है, आज के पहले कभी ऐसा नहीं हुआ है, इसलिए हम आज सदन में मौजूद जरूर रहेंगे, लेकिन सवाल नहीं पूछेंगे” विपक्ष के रूख के बाद संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि .. ये मानवीय त्रुटि की वजह से हुआ है, नेता प्रतिपक्ष का सम्मान हमेशा से रहा है, नेता प्रतिपक्ष पूर्व में आसंदी पर भी रह चुके हैं, इसलिए उनका सम्मान और भी बढ़ जाता है, इसलिए कुछ त्रुटिवश ऐसा हो गया है, कल जो हुआ, वो परंपरा का हिस्सा नहीं होगा, इसलिए विपक्ष से आग्रह है कि वो सवाल पूछे, आगे ऐसी परंपरा नहीं होगी” संसदीय कार्यमंत्री का आश्वासन के बाद अजय चंद्राकर ने कहा कि अगर संसदीय कार्यमंत्री आश्वासन देते हैं तो फिर विपक्ष सदन में हिस्सा लेगा। जिसके बाद प्रश्नकाल शुरू हो पाया।

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के अभिभाषण से बजट सत्र की शुरुआत

 रायपुर | 22 फरवरी, 2021 छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के शुभारम्भ के अवसर पर आज विधान सभा पहुंची राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके का आत्मीय स्वागत विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष   धरमलाल कौशिक, संसदीय कार्य मंत्री  रविंद्र चौबे, विधानसभा उपाध्यक्ष   मनोज मंडावी और विधान सभा के प्रमुख सचिव   सी. एस. गंगराडे ने किया।सदन में राज्यपाल अनसूइया उइके ने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की कल्पना को साकार करने आप सभी काम कर रही है,
कोरोना से निपटने मेरी सरकार को आप सबने सहयोग दिया।
राज्यपाल ने कहा कि बीता साल अनेक चुनौतियों से भरा हुआ था, सभी मोर्चों पर मेरी सरकार खरी उतरी है, सरकार ने सूझबूझ से काम किया है, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित घर वापसी हुई, वहीं 11 से अधिक पंचायतों में चावल उपलब्ध कराया गया, अनेक प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिले,
3 लाख 62 हज़ार से अधिक हितग्राहियों और अनेक लोगों के लिए घर-घर जाकर रेडी टू इट दिया गया,
सरकार की प्रतिबद्धता से बच्चों को कुपोषण से मुक्ति मिली है।

 उन्होंने कहा कि महतारी जतन, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ समेत कई योजनाओं को सुचारू रूप से लागू किया गया,
किसानों से किया गया वादा निभाया गया,
इस वर्ष 21 लाख 52 हज़ार 980 किसान पंजीकृत हुए थे, रिकॉर्ड धान खरीदी हुई,
धान के ख़रीदी के हर पहलू पर नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है।
राज्यपाल ने कहा कि उपलब्धियों से किसानों के जीवन में कृषि उत्पादन और खुशहाली का दौर शुरु हुआ है,
725 नई समितियां पंजीकृत की गईं हैं,
अब 2058 समितीयां हो गईं अब, सरकार की नवाचारी सोच को सम्मान मिला है।
राजीव गाँधी किसान न्याय योजना से काफी मदद मिली,
पहले वर्ष 4500 करोड़ की राशि किसानों को दी गई,
वन संसाधन बड़ा साधन है।
तेंदूपत्ता पारिश्रमिक बढ़ाई गई है, इससे लाखों परिवार को फायदा हुआ है।
छत्तीसगढ़ को 11 विशिष्ट पुरस्कारों से केंद्र सरकार हर राज्य को नवाजा है।
प्रदेश को स्वच्छतम का पुरस्कार मिला है,
गरीबों को बेहतर आवास देने लिये सरकार ने कई सार्थक काम किये हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र : छत्तीसगढ़ को एक्साइज ड्यूटी के रूप में मिलने वाली राशि पूर्ववत् देने का किया अनुरोध

 वर्ष 2021-22 के केन्द्रीय बजट में एक्साइज ड्यूटी में कमी कर की गई है ‘कृषि अधोसंरचना विकास सेस‘ लगाने की घोषणा

एक्साइज ड्यूटी कम करने से राज्य को होगा 900 से 1000 करोड़ रूपए का नुकसान

लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों पर होगा विपरीत असर

 रायपुर, 17 फरवरी 2021मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर उनसे छत्तीसगढ़ राज्य को मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी के रूप में मिलने वाली राशि पूर्ववत् देने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि- वर्ष 2020-21 कोविड महामारी के दुष्प्रभावों के कारण वित्तीय दृष्टि से अत्यंत कठिन वर्ष रहा है। इस वर्ष राज्य में सभी आर्थिक गतिविधियों पर विपरीत प्रभाव पड़ने के कारण राज्य के स्वयं के वित्तीय स्रोतों में लगभग 30 प्रतिशत की कमी आना संभावित है। हाल ही में वर्ष 2021-22 के केन्द्रीय बजट में पेट्रोलियम पदार्थों, सोने-चांदी एवं अन्य अनेक वस्तुओं पर एक्साइज ड्यूटी में कमी कर उसके स्थान पर ‘कृषि अधोसंरचना विकास सेस‘ आरोपित करने की घोषणा आपके द्वारा की गई है। इससे राज्य को आगामी वित्तीय वर्ष में 900 से 1000 करोड़ रूपए की अतिरिक्त क्षति होना संभावित है।
 बघेल ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य की जी.एस.टी. क्षतिपूर्ति मद में केन्द्र सरकार से अभी भी 3700 करोड़ रूपए की राशि प्राप्त होना शेष है। केन्द्र सरकार द्वारा पूर्व में राज्य से 60 लाख टन चावल लेने की घोषणा के बाद राज्य के चावल के कोटे में 16 लाख टन की कटौती कर दी गई है, जिसके कारण भी राज्य द्वारा संग्रहित अतिरिक्त धान के निराकरण में राज्य को बड़ी हानि होना संभावित है।

    मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि ‘कृषि अधोसंरचना विकास कोष‘ स्थापना का निर्णय स्वागत योग्य है, किन्तु एक्साइज ड्यूटी कम करने के निर्णय से राज्य के संसाधनों पर विपरीत असर पड़ना निश्चित है। पूर्व से ही वित्तीय संकट से जूझ रहे राज्य को एक्साइज ड्यूटी कटौती से होने वाली अतिरिक्त क्षति से राज्य के नागरिकों के हितों के लिए चलाए जा रहे लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों पर विपरीत असर होगा। उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्री से अनुरोध किया है कि केन्द्र की तुलना में राज्यों के पास उपलब्ध सीमित संसाधनों को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य को मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी के रूप में मिलने वाली राशि पूर्ववत् प्राप्त होने का निर्णय लेने का कष्ट करें, ताकि राज्य को किसी अतिरिक्त वित्तीय क्षति का सामना न करना पड़े।

लोक निर्माण मंत्री साहू ने नई दिल्ली के द्वारका में बन रहे नवा छत्तीसगढ़ सदन का किया अवलोकन

 

रायपुर15 फरवरी 2021लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान द्वारका में निर्माणाधीन नवा छत्तीसगढ़ सदन का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ सयम सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने 19 जून 2020 को अपने रायपुर निवास कार्यालय से नई दिल्ली स्थित द्वारका में बनने वाले इस नवा छत्तीसगढ़ सदन का ऑनलाईन शिलान्यास किया था। नवा छत्तीसगढ़ सदन का निर्माण नई दिल्ली के सेक्टर-13 द्वारका में 60 करोड़ 42 लाख रुपए की लागत से कराया जा रहा है। इस सदन के निर्माण के लिए 43 हजार 803 वर्गफीट भूमि 22.50 करोड़ रुपए में क्रय की गई है। नवा छत्तीसगढ़ सदन में 10 स्यूट रूम, 67 कमरे, डायनिंग हॉल एंड वेटिंग सहित मीटिंग हॉल और कर्मचारियों के लिए आवासीय टावर का निर्माण किया जा रहा है।

रायपुर में किसानों का चक्काजाम : सड़क पर लगी सैंकड़ों ट्रकों की लाइन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जिले के आस-पास के ग्रामीण इलाकों के अलावा धमतरी, अभनपुर, भाटापारा, बलौदा बाजार जैसे हिस्सों में किसान शनिवार दोपहर । सड़क में धरना दे रहे हैं। सड़क को जाम कर दिया गया है। किसान नेताओं की कार और ट्रैक्टर सड़क पर खड़े कर दिए गए हैं। पीछे सैंकड़ों ट्रकों की लाइन लग गई है। यातायात बाधित कर दिया गया है। यह सब केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में हो रहा है। एक सुर में किसान नेता यहां नारे लगाते दिखे- किसान एकता जिंदाबाद…। शहर के बोरियाखुर्द इलाके में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही। इन दोनों ही जगहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। अफसर किसानों से रास्ता खोलने की गुजारिश कर रहे हैं। मगर किसानों का प्रदर्शन जारी है। छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ से जुड़े संगठनों ने शुक्रवार शाम ही चक्काजाम की तैयारी पूरी करते हुए इसका एलान कर दिया था। सिर्फ रायपुर ही नहीं बल्कि बालोद जिला में दल्ली राजहरा, धमतरी, मुंगेली, बिलासपुर, महासमुंद, भिलाई, राजनांदगांव, कोरबा, अम्बिकापुर आदि क्षेत्रों में चक्काजाम किया जा रहा है। किसानों का ये चक्काजाम दिल्ली में जारी किसान आंदोलन को समर्थन है। प्रदर्शन को लेकर किसान नेता वीरेंद्र पांडे, गौतम बंद्योपाध्याय और डॉ संकेत ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि सुधार के नाम पर लाए गए 3 कृषि व आम जनता विरोधी बिल की वापसी एवं फसलों के एमएसपी की गारंटी की मांग को लेकर पंजाब हरियाणा व देश के हर हिस्से से विरोध की आवाज बुलंद की जा रही है। हम चाहते हैं कि तीन काले कानून केंद्र सरकार वापस ले। किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भाजपा द्वारा सुनियोजित ढंग से बदनाम किया जा रहा है । किसानों को आतंकवादी, नक्सली, आदि बताकर अन्नदाता को अपमानित किया जा रहा है

छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल परीक्षा में प्रवेश की अंतिम तिथि अब 13 फरवरी

रायपुर, 06 फरवरी 2021: BBN24NEWS

छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा आयोजित हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल की मुख्य और अवसर परीक्षा वर्ष 2021 में सम्मिलित होने के लिए विलम्ब शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 13 फरवरी कर दी गई है। 
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य और अवसर परीक्षा में शामिल होने के लिए पूर्व में अंतिम तिथि सामान्य शुल्क के साथ 31 जनवरी तक निर्धारित की गई थी। उसके पश्चात विलंब शुल्क 500 रूपए के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि 6 फरवरी से 13 फरवरी तक निर्धारित की गई है। 

केंद्र चावल उपार्जन को लेकर पूर्व में दी सहमति पर अमल करे : बघेल राज्य के किसानों के हित में एफसीआई में 40 लाख मैट्रिक टन चावल खरीदी की मांग रखी

रायपुर, 06 फरवरी 2021 : BBN24NEWS

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल से नई दिल्ली के रेल भवन में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों के हित में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में केन्द्रीय पूल अंतर्गत 40 लाख मैट्रिक टन उपार्जित किये जाने की अनुमति देने की मांग की है। श्री बघेल ने कहा है कि धान की खेती छत्तीसगढ़वासियों की आजीविका का प्रमुख साधन है। प्रदेश में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना के अंतर्गत खाद्य विभाग भारत सरकार के साथ हुए एमओयू के तहत की जाती है। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से चावल उपार्जन पर पूर्व की 60 लाख मैट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लिये जाने की सैद्धांतिक सहमति पर अमल करते हुये एफसीआई में 40 लाख मैट्रिक टन चावल खरीदी करने की मांग की। 

    मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय मंत्री गोयल को बताया कि प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर 20.53 लाख किसानों से 92 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। श्री बघेल ने कहा है कि एमओयू की कंडिका 18 के तहत उपार्जित धान में से राज्य की पीडीएस की आवश्यकता के अतिरिक्त चावल का स्टॉक भारतीय खाद्य निगम को प्रदाय किये जाने के निर्देश हैं, अतः उक्त प्रावधानों के तहत भारत सरकार द्वारा राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त शेष समस्त सरप्लस धान का अनुपातिक चावल 40 लाख मैट्रिक टन को भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत लिया जाए। बघेल ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए भारत सरकार की खाद्य सचिवों की बैठक में छत्तीसगढ़ के लिए 60 लाख मैट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लिये जाने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है, किंतु खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत 24 लाख मैट्रिक टन चावल (16 लाख मैट्रिक टन उसना एवं 8 लाख मैट्रिक टन अरवा) ही लिये जाने की अनुमति प्रदान की गई है। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार अपने पूर्व की दी गई सहमति पर अमल करते हुये एफसीआई में 40 लाख मैट्रिक टन चावल की खरीदी करे। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने पुराने जूट बारदाने में चावल उपार्जन की अनुमति, भारत सरकार द्वारा लंबित खाद्य सब्सिडी की प्रतिपूर्ति की मांग भी रखी। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव   सिद्धार्थ कोमल परदेशी और खाद्य विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह उपस्थित रहे।

भारतमाला योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के तीन राजमार्ग होंगे शामिल : मुख्यमंत्री के आग्रह पर मिली अनुमति

 
  रायपुर, 05 फरवरी 2021 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने नई दिल्ली में आज केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री   नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य की आवश्यकताओं और समस्याओं से अवगत कराते हुये नक्सल प्रभावित और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए सड़क परिवहन सुविधाएं बढ़ाए जाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने आवश्यक कारवाई के लिए तत्काल अधिकारियों को निर्देशित किया। वहीं, भारतमाला योजना अंतर्गत तीन राजमार्गों को शामिल करने की अनुमति भी प्रदान की।
    मुलाकात के दौरान बघेल ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों और सैद्धांतिक राष्ट्रीय राजमार्गों के चौडीकरण, उन्नयन, पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित कार्यों को अनुमति देने का आग्रह किया।  बघेल ने भारत माला योजना के अंतर्गत तीन राजमार्गों को शामिल करने की मांग भी की है।
    जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुये केंद्रीय मंत्री ने राज्य में लगभग 20 हजार करोड़ के सड़क निर्माण कार्यों की सहमति देते हुये रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग, अम्बिकापुर-भैसामुड़ा-वाड्रफनगर-धनगांव-बम्हनी-रेनुकुट-बनारस मार्ग और पंडरिया-बजाग-गाड़ासरई मार्ग को भारतमाला योजना में शामिल करने की अनुमति प्रदान की। इसके अलावा पूर्व में इस योजना में सम्मिलित रायपुर-दुर्ग बायपास, रायपुर-विशाखापट्टनम मार्ग और बिलासपुर-उरगा मार्ग का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ करने के अनुरोध को भी केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया है।
    मुलाकात के दौरान  बघेल ने वार्षिक योजना 2020-21 के अंतर्गत मुंगेली से पोंडीमार्ग और मदांगमुड़ा से देवभोग ओडिशा सीमा तक निर्माण कार्य की स्वीकृत, राष्ट्रीय राजमार्ग चांपा-कोरबा-कटघोरा मार्ग के अत्यंत खराब स्थिति और राष्ट्रीय राजमार्गों पर विद्यमान लेवल क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण की ओर भी केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित कराया। वहीं, मुख्यमंत्री ने रायपुर से धमतरी मार्ग के चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य की धीमी गति पर संबंधितों को कार्य की गति बढ़ाने हेतु निर्देशित करने की बात कही।
    केंद्रीय मंत्री  नितिन गडकरी ने राजमार्गों के विकास संबंधी अन्य विभिन्न प्रस्तावों पर जल्द से जल्द सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी उपस्थित थे।

IMPORTANT NEWS :- बजट 2021 न्यूज़ : बजट में आम आदमी के काम की खबर, जानें क्या सस्ता और क्या महंगा....

A Report By : Mr Yash Kumar Lata ( Co-Editor / BBN24News )

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्तीय वर्ष 2021-2022 के लिए बजट पेश किया. कोरोना काल में पूरे देश को वित्त मंत्री से बड़े एलान की उम्मीद थी. वित्त मंत्री ने भी लोगों को निराश नहीं किया. कई सेक्टर में वित्त मंत्री ने खजाना खोल दिया.

बजट 2021 में ये चीजें हुईं महंगी

- मोबाइल और चार्जर महंगा

- तांबे का सामान महंगा

- सूती कपड़े महंगे

- इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगा

- कॉटन के कपड़े महंगे

- रत्न महंगे

- लेदर के जूते महंगे

- सोलर इन्वर्टर महंगा

- सेब महंगा

- काबुली चना महंगा

- यूरिया महंगा

- डीएपी खाद महंगी

- चना दाल महंगी

- पेट्रोल-डीजल महंगा

- शराब महंगी (शराब पर 100 प्रतिशत सेस लगेगा)

- ऑटो पार्ट्स महंगे

क्या क्या सस्ता हुआ?

स्टील से बने सामान

तांबे का सामान

चमड़े से बने सामान

ड्राई क्लीनिंग सस्ती

लोहे के उत्पाद सस्ते

पेंट सस्ता

स्टील के बर्तन सस्ते

इंश्योरेंस सस्ता

बिजली सस्ती

जूता सस्ता

नायलॉन सस्ता

पॉलिस्टर सस्ता

तांबे का सामान सस्ता

कृषि उपकरण सस्ते

छत्तीसगढ़ में पंजीकृत किसानों में से रिकार्ड 95.38 प्रतिशत किसानों ने समर्थन मूल्य पर बेचा धान

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में लागू की गई किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था के कारण खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में कुल पंजीकृत किसानों में से रिकार्ड 95.38 प्रतिशत किसानों ने धान बेचा। धान बेचने वाले किसानों की संख्या इस साल सबसे अधिक है। इस वर्ष पंजीकृत 21 लाख 52 हजार 475 किसानों में से 20 लाख 53 हजार 483 किसानों ने अपना धान बेचा है। छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या, कुल पंजीकृत रकबा, बेचे गए धान के रकबे, धान बेचने वाले किसानों के प्रतिशत के साथ-साथ कुल उपार्जित धान की मात्रा में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2020-21 में राज्य गठन के 20 वर्षों में इस वर्ष छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक 92 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी का नया कीर्तिमान बना है।

बिलासपुर... सराफा व्यपारी को दुकान में घुसकर गोली मारकर लूट का मामला,, झारखंड से 3 बिलासपुर से 2, 5,आरोपी गिरफ्तार

सीसीटीवी में कैद हुआ था मामला,,,

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आरोपियों से 2कट्टा 3 कारतूस सहित मोटर साईकल बरामद,,

25 जनवरी शाम को सकरी थानांतर्गत सती श्री ज्वेलर्स में बंदूक के दम पर लूट करने की कोशिश,,

ब्यापारी आलोक सोनी के हाथ में लगी थी गोली,,,,

मामले को गृह मंत्री ताम्रध्वज ने लिये थे संज्ञान,,

8 टीम 700 संदेहियों 200 सीसीटीवि कैमरे देखे गए,,,

पुरे मामले का खुलासा sp प्रशांत अग्रवाल ने की

महत्वपूर्ण सुराग आरोपियों से छूटे हुए बैग से मिला और जिसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही।

उसलापुर और सकरी के बीच सतीश श्री ज्वेलर्स में पिछले 25 जनवरी को हुए गोलीकांड और लूट की कोशिश के मामले में पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई है। इस मामले में 5 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इसका खुलासा जिला पुलिस कप्तान प्रशांत अग्रवाल ने किया। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को झारखंड से गिरफ्तार किया है। जबकि दो आरोपी बिलासपुर से पकड़े गए हैं। सती श्री ज्वेलर्स डकैती के प्रयास के मामले का खुलासा करते हुए बिलासपुर एसपी ने बताया कि घटना के 4 दिन बाद ही आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी मिल गई है ।इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृह मंत्री साहू ने प्रकरण की गंभीरता को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को जल्दी से जल्दी पकड़ने के निर्देश दिए थे।

दिल्ली में बम ब्लास्ट , इजरायली दूतावास के पास बड़ा धमाका, स्पेशल टीम मौके पर पहुंची

मिडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में इजरायल दूतावास के बाहर जोरदार धमाका हुआ है. इस धमाके में किसी के घायल होने की खबर नहीं है लेकिन टीवी रिपोर्ट्स की मानें तो कई गाड़ियों के शीशे इस धमाके की वजह से टूट गये हैं. यह धमाका लगभग शाम के 5 बजकर 5 मिनट पर हुआ है.

मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय खाद्य मंत्री गोयल को लिखा पत्र राज्य के किसानों के हित में भारतीय खाद्य निगम में 24 लाख मेट्रिक टन चावल की अनुमति की मात्रा बढ़ाकर 40 लाख मैट्रिक टन करने का किया अनुरोध

धान लंबी अवधि तक खुले में रखे होने पर धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका

अनुमति नही मिलने पर सरप्लस धान के निराकरण में लगभग राशि रू. 2500 करोड़ की राज्य को होगी आर्थिक हानि

रायपुर, 29 जनवरी 2021 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर राज्य के किसानों के हित में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में राज्य की पीडीएस की आवश्यकता से अतिरिक्त समस्त सरप्लस धान का चावल केन्द्रीय पूल अंतर्गत उपार्जन किये जाने के लिए भारतीय खाद्य निगम में 24 लाख मैट्रिक टन चावल की अनुमति की मात्रा को वृद्धि कर 40 लाख मैट्रिक टन उपार्जित किये जाने की अनुमति यथाशीघ्र प्रदाय करने का अनुरोध किया है ।

श्री बघेल ने अपने पत्र में लिखा है कि- छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन सीजन में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना के अंतर्गत खाद्य विभाग भारत सरकार के साथ हुए एम.ओ.यू. के तहत की जाती है । प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 28 जनवरी, 2021 की स्थिति में विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजनांतर्गत समर्थन मूल्य पर 20.29 लाख किसानों से 90 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है एवं धान खरीदी का कार्य दिनांक 31 जनवरी, 2021 तक किया जावेगा ।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन राजस्व विभाग के माध्यम से बोए गए धान के रकबे का भौतिक सत्यापन एवं गिरदावरी के पश्चात किया गया एवं उक्तानुसार पंजीकृत किसानों से ही धान का उपार्जन किया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में धान की कृषि यहां के निवासियों के आजीविका का प्रमुख साधन है । प्रदेश में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों (एलडब्ल्युई) में भी वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का पंजीयन किया जाकर धान की खरीदी का कार्य किया गया है । वनांचलों में निवासरत कृषकों से उनकी उपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी नक्सल समस्या के उन्मूलन में सहायक सिद्ध होगी ।

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए भारत सरकार की खाद्य सचिवों की बैठक में छत्तीसगढ़ के लिए 60 लाख मैट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लिये जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है, इससे वर्तमान में उपार्जित लगभग 89 लाख मैट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो सकेगा। किंतु खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2020-21 में भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत 24 लाख मैट्रिक टन चावल (16 लाख मैट्रिक अन उसना एवं 8 लाख मैट्रिक टन अरवा) ही लिये जाने की अनुमति प्रदान की गई है । राज्य की पीडीएस हेतु 20 लाख मैट्रिक टन चावल की आवश्यकता होगी एवं इसके अतिरिक्त 3 लाख मैट्रिक टन चावल का स्टॉक नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा रखा जावेगा । इस प्रकार कुल उपार्जित होने वाले 47 लाख मैट्रिक टन चावल से 70.50 लाख मैट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो सकेगा । राज्य में खरीफ वर्ष 2020-21 में लगभग 93 स्डज् चावल उपार्जित होना अनुमानित है ।

बघेल ने पत्र में लिखा है कि- एम.ओ.यू. की कंडिका 18 के तहत उपार्जित धान में से राज्य की पीडीएस की आवश्यकता के अतिरिक्त चावल का स्टॉक भारतीय खाद्य निगम को प्रदाय किये जाने के निर्देश हैं, अतः उक्त प्रावधानों के तहत भारत सरकार द्वारा राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त शेष समस्त सरप्लस धान का अनुपातिक चावल 40 लाख मैट्रिक टन को भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत लिये जाने का अनुरोध है। यदि भारत सरकार द्वारा उपरोक्त हेतु अनुमति प्रदान नहीं की जाती है तो सरप्लस धान के निराकरण में लगभग राशि रू. 2500 करोड़ की आर्थिक हानि संभावित है, जो राज्य शासन को वहन करनी पड़ेगी। यह स्थिति अत्यंत ही चिंतनीय है ।

श्री बघेल ने लिखा कि - भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 575.36 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन 20 जनवरी 2021 तक किया गया है, जो खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समान अवधि में उपार्जित धान की मात्रा 466.22 लाख मैट्रिक टन से 23.41 प्रतिशत अधिक है । छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान की मात्रा 90 लाख मैट्रिक टन गत वर्ष खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में उपार्जित धान की मात्रा 83.94 लाख मैट्रिक टन से 7.2 प्रतिशत अधिक है अतः उपरोक्त से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान की मात्रा का गत वर्ष खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में उपार्जित धान की मात्रा से तुलनात्मक वृद्धि राष्ट्रीय औसत के अंतर्गत है ।

मुख्यमंत्री ने लिखा है कि - राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त किसी भी प्रकार का बोनस भुगतान की घोषणा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से नहीं की गई है । पूर्व में भारत सरकार द्वारा राज्य में प्रचलित “राजीव गांधी किसान न्याय योजना के संबंध में वस्तुस्थिति की चाही गई जानकारी राज्य शासन के द्वारा खाद्य विभाग भारत सरकार को प्रेषित की गई है ।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त बोनस भुगतान के संबंध में किसी प्रकार की प्रेस-विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है । समर्थन मूल्य पर उपार्जन उपरांत धान खरीदी केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों में खुले में रखा हुआ है । धान लंबी अवधि तक खुले में अनिराकृत स्थिति में रखे होने पर धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है ।

श्री बघेल ने केन्द्रीय मंत्री से किसान हित से जुड़े उपरोक्त विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में राज्य की पीडीएस की आवश्यकता से अतिरिक्त समस्त सरप्लस धान का चावल केन्द्रीय पूल अंतर्गत उपार्जन किये जाने के लिए भारतीय खाद्य निगम में 24 लाख मैट्रिक टन चावल की अनुमति की मात्रा को वृद्धि कर 40 लाख मैट्रिक टन उपार्जित किये जाने की अनुमति यथाशीघ्र प्रदाय किये जाने का अनुरोध किया है।

Chhattisgarh : अब बिलासपुर में भी उतर सकेंगे 72 सीटर विमान

मुख्यमंत्री श्री बघेल की पहल पर बिलासपुर एयरपोर्ट का उन्नयन हुआ 3 सी कैटेगरी में

बिलासपुर में पहले 40 सीटर विमान ही उतरने की सुविधा थी

उत्तर छत्तीसगढ़ की पूरे देश से एयर कनेक्टिविटी हुई मजबूत

रायपुर BBN24 जनवरी 2021

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के बिलासा बाई केवटिन एयरपोर्ट में अब 72 सीटर विमान उतर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर बिलासपुर के एयरपोर्ट का उन्नयन 3 सी कैटेगरी में हो गया है। भारत सरकार के नागर विमानन विभाग के महानिदेशक कार्यालय द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट के 2 सी लाइसेंस को अपग्रेड कर 3 सी कैटेगरी का लाइसेंस जारी कर दिया गया है।

बिलासपुर के चकरभाठा स्थित एयरपोर्ट को 3-सी कैटेगरी के लाइसेंस मिलने से पर अब यहां 72 सीटर एयरक्राप्ट उतर सकेंगे जबकि इसके पूर्व 2 सी कैटेगरी का लायसेंस होने की वजह से 40 सीटर एयरक्राप्ट ही यहां उतर सकते थे। 72 सीटर एयरक्राप्ट के संचालन से बिलासपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ की जनता को बड़ी सुविधा मिलेगी और पूरे देश से उनकी एयर कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर की जनता की भावना को देखते हुए यह पहल की और भारत सरकार के नागर विमानन विभाग से इसकी मंजूरी मिल गई है।

बिलासपुर एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान के संचालन से बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, चिरमिरी, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया में स्थित औद्योगिक और खनन इकाईयों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को इसका लाभ होगा वहीं इससे इस क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा साथ ही महानगरों में मौजूद चिकित्सीय सुविधाओं तक इस पूरे अंचल की पहुंच अब और आसान हो जाएगी। 72 सीटर विमान के संचालन से न केवल लोगों को न्यायधानी बिलासपुर पहुंचने में आसानी होगी बल्कि बिलासपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ की जनता की देश के अन्य महानगरों तक पहुंच सुगम होगी।

रायपुर : मुख्यमंत्री ने किया जिला चिकित्सालय कांकेर में सिटी स्कैन मशीन का लोकार्पण

रायपुर, BBN24, जनवरी 2021

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज शाम कोमलदेव जिला चिकित्सालय कांकेर में सिटी स्कैन मशीन का लोकार्पण किया। जिला चिकित्सालय में दो करोड़ 28 लाख रूपये की लागत से आम जनता की सुविधा के लिए सिटी स्कैन मशीन लगाया गया है। जिला चिकित्सालय में नवीन सिटी स्कैन मशीन स्थापित होने से अब लोगों को सिटी स्कैन कराने हेतु अन्यत्र नहीं जाना पडे़गा।

इस अवसर पर कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री गुरु रुद्रकुमार, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, संसदीय सचिव एवं कांकेर विधायक श्री शिशुपाल शोरी, कोंडागांव विधायक श्री मोहन मरकाम, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार श्री राजेश तिवारी, कलेक्टर श्री चंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री एम आर अहिरे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

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