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EC: MLC elections will be held in Mahrashtra

WRITTEN BY : RAKESH RANJAN
 

Delhi:  The Central Election Commission (CEC) today granted permission to hold elections for 9 vacant seats of the State Legislative Council. The Central Election Commission held a meeting today. In the meeting, they discussed the current political situation of Maharashtra and decided that the Election Commission of India will hold elections for the nine vacant seats in the Maharashtra Legislative Council, the upper house of the state, on May 21.

Along with this, the Election Commission also gave guidelines to take necessary precautions to avoid corona infection during elections.

Days ago Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari had written a letter to the Election Commission of India, asking to declare elections for the nine vacant seats of the Maharashtra Legislative Council (MLC).

CM Uddhav Thackeray must be a member of any House before May 28.

WRITTEN BY : RAKESH RANJAN'



Proposal to Governor to make Uddhav Thackeray nominated MLC.

 The Maharashtra Legislative Council consists of 12 seats under the Governor's nominated quota.

 

Mumbai: New constitutional crisis may arise in Maharashtra amid Corona crisis. Chief Minister Uddhav Thackeray is waiting for the MLC to be nominated from the Governor's quota. Meanwhile, no decision has been taken by Governor Bhagat Singh Koshyari. However, if we look at the political past of Maharashtra, MLC has been nominated from the nominated quota after becoming a minister even before.

Conditions of nominated quota:
12 members of the Legislative Council are elected under this quota. These include specific people who work in literature, science, art or cooperative movement and social service. According to the constitution, Uddhav Thackeray can be nominated by the Governor for Maharashtra Legislative Council on the basis of art, as he has been a wildlife photographer.

12 seats from Governor's quota:
Datta Meghe and Dayanand Mashake have also been nominated by the Governor to the Legislative Council after becoming ministers in the state. Generally, some qualifications are required to be nominated for MLC from Governor's quota. Legislative Council, there are total 78 seats here. Of these, 66 seats are elected, while 12 seats can be nominated by the Governor quota. 30 members are elected by the members of the Legislative Assembly ie MLA. 14 members are elected under education quota. In addition, 22 members are elected under the local body constituency. The Cabinet has sent a proposal to make Uddhav Thackeray an MLC from the Governor's nominated quota.
Uddhav is not currently a member of any House of the Legislature. He was sworn in as CM on 28 November 2019. Therefore, he must be elected as a member of the Legislative Assembly or the Legislative Council within six months of his swearing in, ie before 28 May. It remains to be seen whether the Governor takes a decision on nominating Uddhav Thackeray as MLC or will he have to relinquish the chair after May 27?

दिखा चांद ,देशभर में कल से रमजान का पवित्र महीना शुरू, प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई

इस कोरोना वायरस के कहर और लॉकडाउन के बीच मुसलमानों का रमजान का पवित्र महीना कल शनिवार से शुरू हो रहा है. शुक्रवार को चांद देखा गया और इसी के साथ ही रमजान की घोषणा हो गई और कल से इस पवित्र महीने की शुरुआत होगी. इस बीच रमजान शुरू होने पर पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुबारकबाद भी दी है.

प्रधानमंत्री मोदी ने रमजान का महीना शुरू होने पर ट्वीट कर बधाई देते हुए कहा, "रमजान मुबारक" मैं सभी की सुरक्षा, कल्याण और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं. यह पवित्र महीना अपने साथ दया, सद्भाव और करुणा की प्रचुरता लेकर आए. हम कोरोना के खिलाफ के खिलाफ चल रही इस लड़ाई में एक निर्णायक जीत हासिल करेंगे और एक स्वस्थ ग्रह बनाएंगे

गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानियां ,राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए मार्गदर्शी सुझाव

गर्मी के इस मौसम में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव तथा इस दौरान लू तथा भीषण गर्मी से बचाव के लिए भारत सरकार गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी मार्गदर्शी सुझाव और सावधानियां जारी किए गए हैं। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जनहित में लोगों की जानकारी के लिए क्या करें और क्या न करें जारी किए गए है। 

आपदा प्रबंधन के जारी सुझाव और सावधानियों के अनुसार कोविड-19 के संक्रमण से बचाव, लू और भीषण गर्मी से बचने के लिए लोगों को सुझाव दिए गए हैं कि वे घर पर रहे और रेडियो सुनें, टीवी देखें, स्थानीय मौसम और कोविड-19 स्थिति पर अद्यतन परामर्श के लिए समाचार पत्र पढ़ें। जितना हो सके पर्याप्त पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से संभवित रोग वाले जो सरल प्रतिबंदित आहार लेते हो तरल पदार्थ लेने से पहले डाॅक्टर से परामर्श ले। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन) घोल, घर का बना पेय लस्सी, (तोरानी, चावल) का पानी, नींबू का पानी, छाछ आदि का उपयोग करें। बाहर जाने से बचें, यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर पर (कपड़े-टोपी, या छाता) और चेहरे को कवर करें। जहां तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचें। अन्य व्यक्तियों से कम से कम एक मीटर की दूरी पर शारीरिक दूरी बनाए रखें। साबुन और पानी से बार-बार और ठीक से हाथ धोएं। साबुन और पानी उपलब्ध न हो तो हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें। घर के प्रत्येक सदस्य के लिए अलग-अलग तौलिये रखे। इन तौलियों को नियमित रूप से धोएं। 

 इसी प्रकार जितना हो सके घर के अंदर रहें। अपने घर को ठंडा रखें। धूप से बचाव के लिए पर्दे, शटर का उपयोग करें। निचली मंजिलों पर बने रहने का प्रयास करें। पंखों का उपयोग करें, कपड़ों को नम करें और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें। यदि आप बीमार महसूस करते हैं - उच्च बुखार/लगातार सिरदर्द/चक्कर आना/ मतली या भटकाव/लगातार खांसी/संास की तकलीफ है तो तुरंत डाॅक्टर को दिखाएं। जानवरों को भी छाया मंे रखें और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें। 

 लाॅकडाउन के दौरान बाहर न जाएं। यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है तो दिन के ठंडे घंटों के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटों के दौरान बाहर जाने से बचें - विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच। नंगे पैर या बिना चेहरे को ढके और बिना सिर ढककर बाहर न जाएं। व्यस्थतम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचें। खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, काॅफी और कार्बाेनेटेड पेय, पीने से बचें जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तैलीय भोजन खाने से बचें, बासी खाना न खाएं। बिना हाथ धोएं अपनी आंखों, नाक और मुंह को न छुंए, जो लोग बीमार हैं उनके साथ नजदीकी संपर्क से बचें। बीमार होने पर बाहार धूप में न जाएं, घर पर रहें। 

 नियोक्ता और श्रमिक को सलाह दी गई है कि कार्यस्थल पर स्वच्छ और ठंडा पेयजल प्रदान करें। श्रमिकों को सीधे धूप से बचने के लिए सावधानी बरतें। यदि उन्हें खुले में काम करना पड़ता है जैसे की (कृषि मजदूर, मनरेगा मजदूर आदि) तो सुनिश्चित करें कि वे हर समय अपना सिर और चेहरा ढकें रहें। दिन के समय निर्धारित समय सारणी निश्चित करें। खुले में काम करने के लिए विश्राम गृह की अवधि और सीमा बढ़ाएं। गर्भवती महिलाओं या कामगारों की चिकित्सीय स्थिति पर विशेष ध्यान दें। सभी कार्यकर्ता चेहरे को ढककर रखे। एक-दूसरों से 1 से 1.5 मीटर की शारीरिक दूरी बनाए रखें और हाथ की सफाई का अभ्यास करवाएं। बार-बार हाथ धोने के लिए साबुन और पानी दें, अपने हाथों को धोएं बिना चेहरे को छूने से पहले सावधानी बरतने के निर्देश दें। दोपहर/रात के खाने के समय इस तरह से प्रावधान करें कि दो व्यक्तियों के बीच 1 से 1.5 मीटर की दूरी हो। स्वच्छता कर्मचारियों को अपने हाथों को ढंकना चाहिए, मास्क और दस्ताने पहनना चाहिए। दस्ताने पहनने के बाद मास्क को नहीं छूना चाहिए। उन्हें अपने हाथों को अच्छी तरह और बार-बार धोना चाहिए। हमेशा फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें, यदि कोई बीमार है तो उसे ड्यूटी पर्यवेक्षक को सूचित किया जाना चाहिए। 

 इसी तरह नियोक्ता और श्रमिकों को क्या नहीं करें के तहत सलाह दी गई है कि कार्यस्थल पर धूम्रपान या तम्बाखू न ही थूके और न ही चबाएं। एक-दूसरे से हाथ न मिलाएं या एक-दूसरों को गले न लगाएं। अपने चेहरे को विशेष रूप से आंखों, नाक और मुंह को न छुएं। जो लोग बीमार है उनके निकट संपर्क से बचें, बीमार होने पर काम पर न जाएं। घर पर ही रहें। 

 आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पुलिस और यातायात पुलिस कार्मिकों को सलाह दी गई है कि दिन में ड्यूटी पर रहते हुए ठंड वाली जैकेट पहनंे। अपने से कुछ दूरी पर लोगों/वाहनों को रोकें। आपके द्वारा जांचे जा रहे दस्तावेजों को न छुएं, जहां तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचें, जहां तक संभव हो, अपना हाथ नियमित और अच्छी तरह से धोंए, यदि साबुन, पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है तो हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें। अपने चेहरे को अनचाहे हाथों से नही छुएं, हर समय फेस मास्क पहनें, उन्हें समय-समय पर बदलें और उपयोग किए गए मास्क को सुरक्षित रूप से फेकें। पर्याप्त पानी पीएं, जितनी बार संभव हो पानी पीएं, भले ही प्यास न लगी हो। सुरक्षात्मक साधनों का उपयोग करें- छाया में रहने का प्रयास करें, धूप का चश्मा और सनस्क्रीन का प्रयोग करें। जहां तक संभव हो युवा कर्मियों को यातायात ड्यूटी पर रखा जाना चाहिए। जब आप काम के बाद घर जाते है, तो स्नान करें और अपने इस्तेमाल किए कपड़ों को अच्छी तरह से धोएं। 

 आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को सलाह दी गई है कि जितना हो सके घर के अंदर रहें, पार्क, बाजारों और धार्मिक स्थानों जैसे- भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर न जाएं, अपने घर को ठंडा रखें। पर्दें और पंखे या कूलर का उपयोग करें, नियमित रूप से हाथ धाने से खासकर भोजन करने से पहले स्वच्छता बनाए रखें। यदि आम बीमार महसूस करते हैं और निम्न में से किसी एक का अनुभव करते हैं, तो तुरंत डाॅक्टर को बुलाएं, उच्च शरीर का तापमान, शरीर में दर्द लगे, सिर दर्द, चक्कर आना, मतली या भटकाव लगना, सांस की तकलीफ होना, असामान्य रूप से भूख लगना। यदि आप एक वरिष्ठ नागरिक की देखरेख कर रहे हैं - नियमित रूप से हाथ धोने से उनकी मदद करें, समय पर भोजन और पानी का सेवन सुनिश्चित करें, उनके पास जाते समय अपनी नाक और मुंह ढकने के लिए फेस कवर का इस्तेमाल करें, यदि आप बुखार/खांसी/सांस/ लेने जैसे चीजों से पीड़ित है, तो आपको वरिष्ठ नागरिक के पास नहीं जाना चाहिए। उस दौरान किसी और को उसके पास जाने के लिए कहे वो भी पूरी सावधानी के साथ।

गृह मंत्रालय ने लघु वनोपज, वृक्षारोपण, गैर वित्तीय संस्थानों, ऋण उपलब्ध कराने वाली सहकारी समितियों और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण से संबंधित कुछ गतिविधियों को कोविड-19 से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन प्रतिबंधों से छूट देने का आदेश किया जारी

दिल्ली गृह मंत्रालय ने कुछ गतिविधियों को कोविड-19 से निपटने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के तहत लगाए गए प्रतिबंधों से छूट देने के लिए सभी मंत्रालयों / विभागों को समेकित संशोधित दिशा निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत वन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों और अन्य वनवासियों द्वारा लघु वनोपज (एमएफपी) / गैर काष्ठ वनोत्पादों (एनटीएफपी) के संग्रह, कटाई और प्रसंस्करण तथा बांस, नारियल, सुपारी, कोको, मसालों की खेती और उनकी कटाई तथा प्रसंस्करण, पैकेजिंग, बिक्री और विपणन जैसी कुछ गतिविधियों कोलॉकडाउन के प्रतिबंधों से छूट दी गई है। छूट की यह व्यवस्था गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान, जिनमें हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां और माइक्रो फ़ाइनेंस कंपनियाँ भी शामिल हैं, जहां कर्मचारियों की संख्या न्यूनतम है पर भी लागू होगी। ऋण उपलब्ध कराने वाली सहकारी समितियों को भी यह लाभ दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों में बिजली की आपूर्ति और स्वच्छता, बिजली पारेषण लाइनों को बिछाने / निर्माण और दूरसंचार ऑप्टिकल फाइबर और केबल बिछाने के साथ-साथ संबंधित गतिविधियों को भी छूट में शामिल किया गया है।

3500 किलोमीटर सफर कर एक जवान राजभवन राजभर ने 49 लोगों को अपने घर तक पहुंचाया । उत्तर प्रदेश के इस जवान के जज्बे को सलाम।

उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने लॉक डाउन में फसे लोगो को अपने घर तक पहुचाने के लिए कई बसे रवाना की उसी कड़ी में देर रात उत्तरप्रदेश से सात राज्यों से लगभग 3500 किलोमीटर सफर कर पुलिस की एक बस कोरिया जिले के घुटरीटोला बॉडर पर पहुची बस में एक जवान और दो ड्राइवर मौजूद थे । कोरिया पुलिस ने दिखाई मानवता और पुलिस के जवान सहित दोनो ड्राइवरों को भोजन कराकर रवाना किया ।

- आप को बता दें कि उत्तरप्रदेश के पुलिस जवान ने बताया कि 49 लोगो को लेकर बनारस से 13 मार्च को निकले और मध्यप्रदेश , महाराष्ट्र ,ओडिशा व आंध्रप्रदेश होते हुए सभी लोगो को अपने घरों तक पहुँचाकर आज वापस उत्तर प्रदेश अपने घर जा रहे है । कोरिया पुलिस ने दिखाई मानवता और पुलिस के जवान सहित दोनो ड्राइवरों को भोजन कराकर रवाना किया । इस पहल से उत्तर प्रदेश के पुलिस जवान राजभवन राजभर ने कोरिया पुलिस की सराहना की और मुझे अच्छा लगा इस सफर में मुझे मेरे भाई श्रवण टंडन और कोरिया पुलिस टीम को मैं धन्यवाद देता हूं।

सात राज्यो का सफर कर लॉक डाउन में फंसे 49 लोगों को घर तक पहुचाने वाले उत्तरप्रदेश पुलिस के जवान का मनोबल देख कोरिया पुलिस में भी भारी उत्साह नजर आया कोरोना से अगर जंग जितना है तो इस जवान का मनोबल देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पुलिस हमारे लिए इस गंभीर महामारी में भी अपनी जान की परवाह किए बगैर ये जवान 49 लोगो को अपने घर तक पहुचाया इस जज्बे के लिए राजभवन राजभर उत्तरप्रदेश पुलिस को दिल से सलाम करती है ।

देश - लॉकडाउन लागू करना जल्दबाज़ी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

आपको बतादे की कोरोना वायरस की बढ़ती समस्या के बीच कांग्रेस के केन्द्रीय चुनाव समिति की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। वही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लॉकडाउन लागू करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा लॉकडाउन ज़रूरी हो सकता है लेकिन इसको लागू करने में जल्दबाज़ी की गई। इस फैसले ने आम जनता के लिए भारी दिक्कत पैदा कर दी है। इस फैसले ने लाखों प्रवासियों को परिवार सहित सैकड़ों किलोमिटर दूर अपने घर जाने को मज़बूर कर दिया।

कोरोना लॉक डाउन- बेटे की मौत के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए बॉर्डर पर तैनात हवलदार पिता वीडियो कॉलिंग कर किया अंतिम दर्शन- कहा, बेटा मुझे माफ़ करना

दंतेवाड़ा।। देश की बॉर्डर पर हवलदार पिता, मीलों दूर परिवार। कोरोना और लॉक डाउन ने एक पिता को इतना बेबस कर दिया कि वे अपने मासूम बेटे की अंतिम यात्रा में भी शामिल नहीं हो पाए। वीडियो कॉलिंग पर अंतिम बार देखा देखते ही बिलख पड़े और कहा लव यू बेटा, मुझे माफ़ करना। मैं तुमसे मिलने नहीं आ सका। यह नजारा देख यहां मौजूद हर किसी की आंखों में आंसू छलक पड़े। घोटपाल गांव के रहने वाले राजकुमार नेताम एसएसबी में हवलदार हैं। वे इन दिनों नेपाल बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे हैं। उनके सालभर का बेटा आदित्य पिछले कुछ महीने से ट्यूमर की समस्या से जूझ रहा था। इलाज चल रहा था। जनवरी में बेटे के इलाज के लिए राजकुमार घोटपाल आए थे। हैदराबाद बच्चे को लेकर गए। राजकुमार के भाई उमेश ने बताया कि आदित्य ठीक हो गया था। लेकिन बुधवार को अचानक तबियत बिगड़ी। ज़िला अस्पताल लेकर गए। जहां गुरुवार को मौत हो गई। आदित्य की दो बड़ी बहने हैं। दो बहनों का इकलौता भाई है। पिता राजकुमार 14 सालों से परिवार से दूर रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। पिता ने से कहा- आखरी बार बेटे को नहीं देख पाया, देश की सुरक्षा ही मेरा कर्तव्य आदित्य के पिता राजकुमार ने कहा कि देश की सेवा, सुरक्षा मेरा पहला कर्तव्य है। मैंने अधिकारियों को जानकारी दी थी। सभी ने साथ दिया, सभी ने कोशिश भी की कि मैं किसी तरह बेटे की अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंच जाऊं, लेकिन लॉक डाउन के कारण देश पूर्णतः बन्द है। ऐसे में मैं बेटे को अंतिम बार देखने नहीं आ सका। जीवन भर मुझे इस बात का मलाल रहेगा। जैसे ही हालात सामान्य होंगे मैं परिवार के पास आऊंगा। लेकिन दुख इस बात का है इस बार बेटा मेरे साथ नहीं होगा। मैं जहां पदस्थ हूँ यहां नेटवर्क भी बड़ी मुश्किल से मिल पाता है। खराब नेटवर्क के बीच वीडियो कॉलिंग पर बेटे की अंतिम यात्रा के दर्शन किए।

आज बन सकती है नई रणनीति, राशन की होम डिलीवरी लिए जोमैटो और स्विगी से ली जाएगी मदद,

आपको बतादे लोगों को राशन की होम डिलीवरी के लिए प्रशासन और पुलिस अफसर नई रणनीति बनाने में जुटे हैं। बताया जा रहा है लोगों को राशन की होम डिलीवरी के लिए जोमैटो और स्विगी की मदद ली जाएगी।

कोरोना : क्या स्मोकिंग करने वालों को कोरोना संक्रमण का ज़्यादा खतरा है?

केंद्र सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने बताया है कि स्मोकिंग करने वालों को कोरोना वायरस संक्रमण का ज़्यादा खतरा है। पीआईबी के मुताबिक, ऐसा इसलिए है क्योंकि हाथ और संभवत: दूषित सिगरेट जब होंठ के संपर्क में आते हैं तो इससे वायरस के संक्रमण का खतरा हाथ से मुंह में जाने का बढ़ जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी बोले- देशवासियों ने बता दिया, हम बड़ी चुनौतियों को हरा सकते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, आज का जनता कर्फ्यू भले ही रात 9 बजे खत्म हो जाएगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सेलिब्रेशन शुरू कर दें। इसको सफलता न मानें। यह एक लम्बी लड़ाई की शुरुआत है। आज देशवासियों ने बता दिया कि हम सक्षम हैं, निर्णय कर लें तो बड़ी से बड़ी चुनौती को एक होकर हरा सकते हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी किए जा रहे निर्देशों का जरूर पालन करें।

5 बजे 5 मिनट के लिए पीएम मोदी ने जताया देशवासियों का आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम 5 बजे 5 मिनट तक कोरोना वायरस से लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वालों के उत्साहवर्धन के लिए ताली, थाली, शंख इत्यादि बजाने के लिए देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ये धन्यवाद का नाद है, लेकिन साथ ही एक लंबी लड़ाई में विजय की शुरुआत का भी नाद है।

निर्भया केस : सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन की क्यूरेटिव याचिका की खारिज

नई दिल्ली:-निर्भया दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट में 6 जजों ने चेंबर में विचार कर पवन की याचिका खारिज करने का फैसला लिया है। दरअसल दोषी पवन की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। दोषी पवन ने नाबालिग होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की थी। बता दें कि डेथ वारंट के अनुसार सभी दोषियों को 20 मार्च सुबह पांच बजे फांसी दी जानी है। सुप्रीम कोर्ट में 6 जजों ने चेंबर में विचार कर लिया पवन की याचिका खारिज करने का फैसला किया। कोर्ट ने कहा कि याचिका में मामले को खोलने के लिए कोई केस नहीं बनता। खुली अदालत में सुनवाई की मांग भी ठुकराई। जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आर एफ नरीमन, जस्टिस आर बानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ ने यह फैसला दिया है।

संपन्न हुआ केंद्रीय विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह। राष्ट्रपति ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री की तारीफ की। प्रदेश में आदिवासियों की समस्याओं पर रखे विचार। नक्सल समस्या को लेकर अपने अनुभव बांटे। राज्य सरकार के प्रयास की सराहना की। सीएम भूपेश बघेल को बताया सक्षम मुख्यमंत्री।

अजीत मिश्रा :  बिलासपुर : छत्तीसगढ़

सोमवार को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद में केंद्रीय विश्वविद्यालय गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी के आठवें  दीक्षांत समारोह में शिरकत की।  राष्ट्रपति ने 74 गोल्ड मेडलिस्ट और 75 पीएचडी उपाधि पाने वाले छात्रों को सम्मानित किया।  इस दौरान दीक्षांत समारोह के मंच से छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में अपने प्रवास और अनुभव को साझा किया। राष्ट्रपति ने बताया कि, किस तरह से वे इससे पहले छत्तीसगढ़ पहुंचे और उनकी मुलाकात स्व सहायता समूह की महिलाओं से हुई थी।  वहीं उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लाल आतंक का दंश झेल रहे छात्रों से भी बातचीत की थी । इस बीच राष्ट्रपति ने राज्यपाल अनुसुइया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आदिवासी और नक्सल समस्या को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना की। राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक सक्षम मुख्यमंत्री बताया वही राज्यपाल अनुसुइया उइके के द्वारा आदिवासियों के हित में किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।।

 राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में छात्रों के उज्जवल भविष्य करने की शोध शिक्षा और समाज के हित के लिए काम किए जाने के लिए प्रेरित किया और यहां तक कहा कि इन छात्रों को आज गोल्ड मेडल हो या एचडी चल रहे हैं उन्हें कम से कम साल में एक बार आखिरी में शूटिंग में अपने साथी छात्रों का मनोबल बढ़ाना चाहिए इस तरह से देश में पढ़ने पढ़ाने और शिक्षित होने का माहौल बनेगा। 
 

बड़ी खबर : मोदी कैबिनेट ने लिए 13 अहम फैसले , स्वच्छ भारत का दूसरा चरण होगा लॉन्च

मीडिया रिपोर्ट से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र की "मोदी सरकार" ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कैबिनेट में आज (बुधवार) 13 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. उन्होंने कहा, सरकार के दूसरे कार्यकाल में निर्णयों की झड़ी लगी है जो देश को तेजी से विकास के लिए प्रेरित करती हैं. महिलाओं के सशक्तीकरण पर खास ध्यान दिया गया है. सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान का दूसरा चरण शुरू करने का ऐलान किया है.

"केंद्रीय मंत्री" प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कैबिनेट ने 4458 करोड़ रुपये डेरी सेक्टर में सुधार पर खर्च करने का निर्णय लिया है. स्वच्छ भारत का दूसरा चरण शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है जिसमें खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) की अहम प्राथमिकता होगी. देहातों में भी प्लास्टिक, गीला कचरा का निष्पादन सही तरीके से हो, इसके लिए पर्यावरण मंत्रालय विशेष अभियान चलाएगा. अब सभी देहातों में भी यह लागू होगा.कैबिनेट बैठक में 22वें कानून कमीशन के गठन को भी मंजूरी दी गई है. यह कमीशन कानून को लेकर सरकार को सलाह, गैर-जरूरी कानून को खत्म करने की सिफारिश, कानून में बदलाव सहित कई सुझाव देगा. कैबिनेट ने गुजरात में भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लिकेशन और जियो-इंफार्मेटिक्स (BISAG) को भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लिकेशन एंड जियो-इंफॉर्मेटिक्स के रूप में उन्नयन के लिए मंजूरी दे दी है.केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम संसद के इस सत्र में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी विनियमन विधेयक असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी रेगुलेशन बिल पेश करेंगे.