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13 नवंबर को किसानों की मांगों को लेकर दिल्ली कूच किया गया- स्थगित सबसे आपसी भाईचारा सद्भाव बनाये रखने की अपील

रायपुर/09 नवंबर 2019। अयोध्या में राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का जो फैसला आया है, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम आदर करते, सम्मान करते है। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है। सभी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को मानते है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी सभी से आपसी सदभाव भाईचारा, बनाये रखने की अपील करती है। हम सबसे निवेदन करते है कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली शांति की परस्पर सदभाव की परंपरा को सब बनाये रखे। आज केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से प्रदेश की कानून की स्थिति को लेकर चर्चा की है और प्रदेश में ऐतिहातन हर संभव कदम राज्य सरकार द्वारा उठाया जा रहा है। 13 नवंबर के आंदोलन के बारे में प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि देश में अनेक स्थानों पर धारा 144 लगे होने के समाचार मिल रहे है। कानून व्यवस्था के कारणों से निश्चित रूप से किसानों की लड़ाई बेहद अहम है लेकिन देश की कानून व्यवस्था की परिस्थिति को देख कर इस आंदोलन कुछ दिनों के लिये टाला जा रहा है। जगदलपुर में छत्तीसगढ़ में चांवल की खरीदी को मांग को लेकर 13 तारिख को दिल्ली जाने का कांग्रेस का कार्यक्रम देश की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुये, देश के वातावरण को देखते हुये स्थगित कर दिया गया है। हम किसान के हकों और हितो की लड़ाई लड़ना जारी रखेंगे लेकिन देश में अमन भाईचारा और परस्पर सदभाव हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है।

अयोध्या फैसले को लेकर हाई अलर्ट। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में धारा 144 लागू। शहर में पुलिस पेट्रोलिंग और बल तैनात।

*0 जिला कलेक्टर और एसपी ने संभाली शहर की सुरक्षा व्यवस्था।*

*0 सभी से शांति बनाए रखने की अपील।*

*0 संवेदनशील और अति संवेदनशील जगहों पर बड़ी संख्या में बल तैनात।*

तकरीबन 103 साल के बाद अयोध्या विवाद के बाद आखिरकार मंदिर-मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। लेकिन इससे पहले देशभर में हाई अलर्ट स्थिति बनी हुई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में भी हाई अलर्ट जारी किया गया। पूरे शहर में धारा 144 लागू की गई। और सुरक्षा के लिए पुलिस पेट्रोलिंग और बड़ी संख्या में बल तैनात किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जगहों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है। शहर में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने और शांति व्यवस्था के लिए जिला कलेक्टर संजय अलंग और एसपी प्रशांत अग्रवाल ने कमान संभाली हुई है। सुबह से ही कलेक्टर और एसपी पुलिस कंट्रोल रूम में मौजूद रहे। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के आ रहे फैसलों पर नजर थी तो दूसरी तरफ पुलिस कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कैमरों पर भी पैनी नजर बनाए रखी गई। इस बीच जिला कलेक्टर संजय अलंग ने शहर के आम लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की । साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया एतिहात के तौर पर शहर में पूरी व्यवस्था कर ली गई है। किसी भी तरह के न्यूसेंस और संप्रदायिक गतिविधियों को नहीं होने दिया जाएगा।

अयोध्या फैसले को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में धारा 144 लागू ,सभा जुलूस व पटाखों पर प्रतिबंध, शराब दुकानें बंद रहेंगी ,समूह में लोगो के एक जगह जमा होने पर लगा प्रतिबंध

बिलासपुर : अयोध्या फैसले को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में धारा 144 लागू जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने आदेश देकर जिले में 144 लागू किया सभा जुलूस व पटाखों पर प्रतिबंध, शराब दुकानें बंद रहेंगी समूह में लोगो के एक जगह जमा होने पर लगा प्रतिबंध

बिलासपुर : एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीम ने मारा छापा। बिलासपुर तहसील कार्यालय में कार्यरत मंजू एक्का रंगे हाथों पकड़ी गई।अपने तहसीलदार अभिषेक राठौर के लिये मांगी थी रिश्वत। 0 एसीबी ने तहसीलदार पर कोई कार्यवाही नही की। पढ़े पूरा मामला

शुक्रवार को एसीबी की टीम ने सकरी के अतिरिक्त तहसीलदार के कार्यालय में पदस्थ क्लर्क मंजू एक्का को रंगे हाथों 10  हजार रुपए रिश्वत लेते धर दबोचा है।  आरोपी महिला क्लर्क ने पैतृक जमीन के नामान्तरण के नाम पर पीड़ित ब्रम्हानंद साहू से 10 हजार रुपये की मांग की थी. जिसकी सूचना एसीबी की टीम को दी गई. टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया. एसीबी द्वारा आरोपी को कोर्ट में पेश किए जाने कार्रवाई की जा रही है।  इस पूरे मामले में तहसीलदार अभिषेक राठौर का भी नाम आ रहा है लेकिन एसीबी ने  अभिषेक राठौर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है इसलिए कहना है जिसने जिस पर के लिए उसे गिरफ्तार कर लिया गया है उसके बयान के आधार पर आगे की जांच की कार्रवाई की जाएगी अलग बात है कि मंजू लगातार इस बार पर टिकी हुई है कि उन्होंने पैसे अपने अधिकारी तहसीलदार अभिषेक राठौर के लिए मांगी थी इसमें उनका भी हिस्सा जरूर था। 

बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंचे बर्खास्त कांस्टेबल। विभाग ने 6 में से 4 कॉन्स्टेबल को किया गया था बर्खास्त। जवानों के नक्सलियों ने लूट लिए थे हथियार। छत्तीसगढ़ में साल 2016 में हुई थी घटना। बिलासपुर हाई कोर्ट में हुई सुनवाई। 4 सप्ताह के भीतर शासन से मांगा गया जवाब।  बीजेपी नेता मंतूराम पवार के बंगले पर थी ड्यूटी। शासन को 4 सप्ताह में देना होगा जवाब।

अजीत मिश्रा : बिलासपुर

नक्सलियों के द्वारा कांस्टेबलों से लुटे गए हथियारों के कारण विभाग से बर्खास्तगी की सजा मिलने वाले चार कांस्टेबलों ने हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई है। जिसमे सुनवाई के बाद हाईकोर्ट जस्टिस गौतम भादुड़ी के सिंगल बेंच ने चारों कांस्टेबलों की इन्क्वायरी रिपोर्ट समेत संबंधित सारे दस्तावेज प्रस्तुत करने शासन को 4 सप्ताह का समय दिया है। 

बतादें की 2016 में बस्तर के पंखाजूर में स्थित मंतुराम पावर के बंगले में हुए नक्सली हमले में बंगला ड्यूटी में तैनात 6 कांस्टेबलों में से 4 कांस्टेबलों के हथियार नक्सलियों ने लूट लिया था। जिसके बाद 4 कांस्टेबलों को लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस विभाग के द्वारा बर्खास्त कर दिया गया।* जिसको लेकर चारों कांस्टेबलों ने अधिवक्ता योगेश्वर शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि मंतुराम पावर के बंगले में 6 कांस्टेबलों की ड्यूटी लगी थी। 12 से 13 नक्सलियों ने अचानक से हमला बोलते हुए आरक्षकों के साथ मारपीट की और 4 बंदूक लूटकर ले गए। उसके बाद विभाग ने चार कांस्टेबल को लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए सीधे बर्खास्त कर दिया। सभी बर्खास्त कांस्टेबलों ने विभाग के उच्चाधिकारियों से अपील की पर कोई सुनवाई नही होने पर हाईकोर्ट के शरण मे आना पड़ा।।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सर्वदलीय बैठक में सौपा पत्र

रायपुर/05 नवंबर 2019। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी शामिल हुये। महामंत्रियों ने कांग्रेस की ओर से बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक पत्र सौपा। पत्र में कहा गया है

1. आज 5 नवम्बर की सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस पार्टी 2500₹ में धान खरीदी के फैसले पर अपना पूरा समर्थन व्यक्त करती है।

1. 2500₹ में धान खरीदी किए जाने पर सेंट्रल पूल में छत्तीसगढ़ के चावल को न लेने का केंद्र की भाजपा सरकार का निर्णय छत्तीसगढ़ विरोधी किसान विरोधी और धान विरोधी निर्णय है।

2. रमनसिंह सरकार की किसान विरोधी नीतियों और खासकर किसानों के साथ बार-बार की गई वादाखिलाफी के कारण राज्य में गरीबों की संख्या बढ़ी जिसमें मजदूर किसान बड़ी संख्या में हैं।

3. डिफाल्टर हो जाने के कारण ऋण जाल में फंस चुका किसान अब कर्जमाफी हो जाने के कारण फिर से सहकारी संस्थाओं और बैंकों से ऋण ले पा रहा है। 4. ₹2500 में धान खरीदी से किसान आत्महत्या की घटनाएं रुकी है।

5. देशव्यापी आर्थिक मंदी के कुचक्र से छत्तीसगढ़ मुक्त रहा है और छत्तीसगढ़ का व्यापार व्यवसाय किसानों की समृद्धि के कारण अच्छा चल रहा है और इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार अभिनंदन का पात्र है। आपकी सरकार की 2500₹ में 5 बरस तक धान खरीदने के फैसले के कारण ही किसान साहूकारों के और सूदखोरों के ऋण जाल से बाहर आया है।

मुख्यमंत्री जी आपकी सरकार ने अपने घोषणा पत्र के आधार पर किसानों व ग्रामीणों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने 2500रू. में धान खरीदा है।

स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू करने का वादा तो भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा के अपने घोषणा पत्रों में किया था। भाजपा की सरकारें तो अपनी बातों पर खरा नहीं उतर पाई और अपने वादों से मुकर गई ।

माननीय मुख्यमंत्री जी, आप अपने वादों को निभा रहे हैं यही बात भाजपा की केंद्र सरकार को खटक रही है।

हम कांग्रेसजन प्रदेश के अन्नदाता और छत्तीसगढ़ की जनता आपके साथ है आप के किसान समर्थक निर्णयों के साथ है ₹2500 में धान खरीदी करने के आपके फैसले के साथ है।

हम कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि ₹2500 में धान खरीदी के छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले के प्रति अपना पूरा समर्थन व्यक्त करते हैं।

ऽ आपकी सरकार की किसान समर्थन नीतियों के कारण ही, पंजीकृत किसनों की संख्या इस साल 16.50 लाख से बढ़कर 19 लाख हो गयी है।

ऽ 7 दिन पंजीयन की तिथि और बढ़ाने का निर्णय किसान हित में लिया गया है। ऽ धान खरीदी की तिथि 15 फरवरी तक बढ़ाया गया है, किसानों को लाभ मिलेगा। ऽ केन्द्र सरकार के द्वारा 2500 रू. समर्थन मूल्य में धान खरीदी में राज्य के भाजपा नेताओं के इशारे पर बाधा डालने के बावजूद आपकी सरकार द्वारा लिये गये इस किसान हितकारी निर्णयों का कांग्रेस पार्टी समर्थन करती है। ऽ कृषि में रोजगार की अपार संभावनायें है, छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला कृषि क्षेत्र है। आपकी सरकार ने किसान हित में लिये गये फैसले से लोग वापस कृषि की ओर लौट रहे है और रोजगार बढ़ा है। प्रदेश आर्थिक रूप से सम्पन्न हो रहा है।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार से सेन्ट्रल पूल में चावल की खरीद करने की पूर्ववत 24 लाख टन से बढ़ाकर 32 लाख टन किये जाने की राज्य सरकार की मांग का कांग्रेस समर्थन करती है।

बिलासपुर संभाग में रारसुखदार सूदखोरों का आंतक ,महिला ने मुंगेली एसपी और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पर लगाए आरोप आई जी को दिया ज्ञापन

अजीत मिश्रा : बिलासपुर छत्तीसगढ़

बिलासपुर संभाग में रारसुखदार सूदखोरों का आंतक थमने का नाम नही ले रहा है । और अपनी ऊची पहुच और पुलिस अधिकारियों से साठगांठ के चलते ये सूदखोर डरा धमका कर गरीबो की जीवन भर की कमाई हड़पने में कोई कसर नही छोड रहे है । ऐसे ही एक मामले में सूदखोरों के आतंक से परेशान होकर मुंगेली जिले की एक महिला शिक्षक ने बिलासपुर आई जी को ज्ञापन सौंप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है । महिला ने मुंगेली एसपी और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पर सूदखोरों के साथ साठगांठ के आरोप लगाते हुए कार्यवाही नही होने पर पूरे परिवार सहित आत्मदाह करने की धमकी दी है । जिस पर रेंज आई जी ने पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

मुंगेली जिले के ग्राम लछनपुर की शिक्षिका पिछले तीन चार महीनों से पुलिस और थाने का चक्कर लगा रही है । सूदखोरों ने उनकी और उनके पति का जीना मुहाल कर रखा है लेकिन पुलिस कार्यवाही के नाम पर सिर्फ आश्वासन दे रही है। मुंगेली पुलिस से लेकर आईजी और डीजीपी तक शिकायत कर चुकी महिलाओं की शिकायत है कि कार्यवाही के नाम पर पुलिस सिर्फ उन्हें इधर और उधर का चक्कर लगवा रही है। महिला के पति ने सूदखोरों से रुपए उधार लिया था जिसके एवज में दोगुनी रकम चुकाई जा चुकी है। उसके बाद भी आरोपी द्वारा उनकी कार ,जमीन हड़प ली गई। इतना ही नहीं अब सूदखोर कर्ज चुकाने के लिए महिला पर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने का भी दबाव बना रहे हैं। महिला के पति गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं । पेशे से शिक्षिका महिला पर सूदखोर लगातार घेराबंदी कर शारीरिक संबंध बनाने के लिए उन्हें मजबूर कर रहे हैं। इस संबंध में लंबी लड़ाई लड़ रही महिला द्वारा चार मुख्य आरोपी के साथ 13 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है , बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं हो रही। हाल ही में बिलासपुर में भी भूपेंद्र शर्मा ने सूदखोरों से परेशान होकर अपनी जान दे दी थी। सूदखोरों से प्रताड़ित इस महिला ने भी आई जी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि अगर जल्द ही उन्हें न्याय नहीं मिली तो वह भी मौत को गले लगा लेगी। लेकिन पुलिस शायद उनकी चेतावनी को गंभीरता से नहीं ले रही या फिर कर्जदार इतने रसूखदार हैं या उनके द्वारा नोटों की गड्डी से पुलिस का मुंह बंद कर दिया गया है। कारण जो भी हो, इस कारण से अभी तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उल्टे आरोपी ही, महिला के खिलाफ चेक बाउंस होने का फर्जी मामला दर्ज कर उन्हें परेशान कर रहे हैं। हर तरफ से निराश, परेशान पीड़ित महिला ने सोमवार को एक बार फिर आईजी को ज्ञापन सौंप कर शिकायत करते हुए कहा कि अब तक मुंगेली पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ f.i.r. तक नहीं लिखी गई है। लिहाजा वे मध्यस्थता कर आरोपियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराएं।

महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों ने मुंगेली एसपी के साथ सांठगांठ कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की है। लगातार सूदखोर महिला के साथ छेड़छाड़ अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक हरकत कर रहे हैं यही नहीं महिला ने यह भी कहा कि उनके द्वारा जान से मार देने की धमकी भी दी जा रही है। हैरानी इस बात की है कि महिला ने इसकी शिकायत मुंगेली थाने के अलावा एसडीओपी ,आई जी ,डी जी पी और महिला आयोग तक की है, फिर भी उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही। महिला के पति बीमार है और छोटे-छोटे बच्चे हैं । पूरा परिवार सूदखोरों से डरा सहमा है। अगर ऐसे में पुलिस भी उनकी मदद नहीं करती तो फिर एक दिन मुमकिन है कि पीड़ित महिला द्वारा भी ऐसा कोई कदम उठा लिया जाए जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं होगी। मामले में सच क्या है और झूठ क्या , कम से कम यह पता लगाने के लिए भी जांच जरूरी है। पुलिस यह कदम उठाएं इसकी अपेक्षा महिला कर रही है अब देखना होगा कि आई जी को ज्ञापन सौंपने के बाद इस दिशा में क्या कुछ नया होता है, क्योंकि महिला पहले ही डीजीपी स्तर के अधिकारी से भी शिकायत कर चुकी है और नतीजे तब भी सिफर ही रहे हैं।

लापरवाह पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई, एक निलंबित, दो को नोटिस जारी

बलौदाबाजार, 5 नवम्बर 2019/ कसडोल तहसील में काम के प्रति लापरवाह तीन पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें एक को जहाँ निलंबित कर दिया गया है, वहीं दो पटवारियों के खिलाफ विभागीय जांच संस्थित करने के लिए नोटिस थमाई गई है। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कसडोल ने तीनों के विरुद्ध आज यह कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि कसडोल तहसील के हल्का नम्बर 11 मोहतरा के पटवारी श्री गंगा प्रसाद बांधे को निलंबित कर दिया गया है। श्री बांधे पिछले माह बिना सूचना और अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहा है। उनकी गैर मौजदूगी से राज्य सरकार का महत्वपूर्ण काम- गिरदावरी, फसल प्रविष्टि और धान पंजीयन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। निलम्बन की अवधि में बांधे का मुख्यालय तहसील कार्यालय कसडोल के कानूनगो शाखा में रहेगा। उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।इसी प्रकार दो अन्य पटवारी-श्री प्रकाश दास मानिकपुरी और अजय मलिक को विभागीय जांच शुरू करने के लिए नोटिस जारी की गई है। उन पर गलत फसल प्रविष्टि और धान रकबा सत्यापन में लापरवाही का आरोप लगाया गया है।

सीएम की बैठक में शामिल होने भाजपा सांसदों ने कर दिया इनकार

रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 5 नवंबर को होने वाली सर्वदलीय बैठक में भाजपा सांसदों ने शामिल होने से इनकार कर दिया है। बीजेपी सांसदों ने कहा है, कि इस संबंध में हमें न कोई फोन आया है, न कोई सूचना मिली है और न ही कोई आमंत्रण भेजा गया है। मालूम हो, कि रविवार को सीएम भूपेश बघेल ने 5 नवंबर को प्रदेश के सभी सांसदों के साथ बैठक करने की बात कही थी। बैठक धान खरीदी और धान के समर्थन मूल्य को लेकर बुलाई गई थी। गौरतलब है, कि सीएम भूपेश बघेल केंद्र की मोदी सरकार से धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विेटल करने की मांग कर रहे हैं। इस संबध में सीएम भूपेश बघेल कई बार पीएम मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं। इसी कड़ी में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्होंने प्रदेश के सभी सांसदों की बैठक 5 नवंबर को मंत्रालय में बुलाई है।

कांग्रेस का केंद्र के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन. प्रदेश भर के किसान 13 नवंबर को सड़क मार्ग से पहुँचेगे दिल्ली

रायपुर 3 नवंबर 2019। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कांग्रेस दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन करेगी। आज कांग्रेस भवन में कांग्रेस नेताओं की उच्च स्तरीय बैठक के बाद आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली गयी। इस रणनीति के तहत केंद्र की नीतियों का विरोध 5 नवंबर से शुरू होगा, जो 15 को दिल्ली में प्रदर्शन के बाद खत्म होगी। बैठक के बाद आंदोलन की रणनीति की जानकारी प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने दी। प्रेस कांफ्रेंस में प्रभारी पुनिया ने बताया कि 5 नवंबर से लेकर 12 नवंबर तक प्रदेश के ब्लाक व जिला मुख्यालयों में आंदोलन किया जायेगा। किसानों से हस्ताक्षर लिये जायेंगे, केंद्र की नीतियों की नाकामी का पोस्टर किसानों व ग्रामीणों के बीच बांटे जायेंगे। ब्लाक व जिला मुख्यालयों से किसान 12 नवंबर की शाम तक रायपुर पहुंचेंगे और फिर 13 नवंबर की सुबह 9 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए सड़क मार्ग से कूच करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि किसान अपने-अपने संसाधनों के साथ रायपुर पहुंचेंगे और फिर 13 नवंबर की सुबह उन्ही गाड़ियों से दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि किसी भी सूरत में किसानों से 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ही धान की खरीदी करेंगे। उन्होंने कहा कि बारिश और धान में नमी की वजह से खरीदी की तारीख 1 दिसंबर से करने का फैसला लिया है।