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जय हो ! कुंभ स्पेशल नाम देकर रेलवे ने तीन गुना बढ़ाया ट्रेनों का किराया .....

मिडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुंभ मेले से पहले रेलवे ने हरिद्वार से मुरादाबाद जाने वाली 18 ट्रेनों को कुंभ स्पेशल का नाम देकर दोबारा से संचालित किया है। कोरोना काल में जिन ट्रेनों में किराया सामान्य था। उन ट्रेनों का अचानक से तीन गुना किराया बढ़ा दिया है। रेलवे ने इस ट्रेनों के पुराने नंबरों के आगे सिर्फ जीरो जोड़ाकर इन्हें कुंभ स्पेशल का नाम दे दिया है।

छत्तीसगढ़ सेक्स सीडी केस : CBI के आवेदन पर सुप्रीम कोर्ट 11 फरवरी को करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से संबंधित कथित सेक्स सीडी मामला राज्य से बाहर स्थानांतरित करने के लिये सीबीआई की याचिका पर 11 फरवरी को विचार किया जायेगा। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि इस मामले में गवाहों को धमकाया जा रहा है और इसमें एक आरोपी, राज्य के मुख्यमंत्री, प्रभावशाली व्यक्ति हैं।

धोखा:मुंबई में शादी के नाम पर टीवी एक्ट्रेस से रेप का आरोप, भोपाल निवासी पायलट के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई में एक टीवी एक्ट्रेस ने शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाते हुए एक पायलट के खिलाफ ओशिवारा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया है। महिला ने एक सप्ताह पहले यह शिकायत दी थी, जिस पर जांच करते हुए पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज की है। इस मामले में आरोपी अभी गिरफ्त से बाहर है।

Chhattisgarh : प्रदेश में 19 जनवरी तक 80.37 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी : राज्य के 18.93 लाख किसानों ने बेचा धान

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 19 जनवरी 2021 तक 80 लाख 37 हजार 473 मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 18 लाख 93 हजार 436 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 27 लाख 34 हजार 188 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक 24 लाख 40 हजार 154 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।

खरीफ वर्ष 2020-21 में 19 जनवरी 2021 तक राज्य के बस्तर जिले में एक लाख 11 हजार 764 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 53 हजार 327 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 12 हजार 553 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 2 लाख 50 हजार 864 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में एक लाख 18 हजार 692 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 16 हजार 419 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 31 हजार 797 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 4 लाख 14 हजार 879 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 61 हजार 124 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 7 लाख 49 हजार 610 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में एक लाख 8 हजार 18 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 3 लाख 31 हजार 827 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।

इसी तरह रायगढ़ जिले में 4 लाख 73 हजार 174 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 4 लाख 77 हजार 531 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 5 लाख 53 हजार 288 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 3 लाख 65 हजार 557 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 3 लाख 75 हजार 702 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 6 लाख 69 हजार 636 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 5 लाख 67 हजार 285 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 3 लाख 88 हजार 966 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 2 लाख 81 हजार 436 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 5 लाख 87 हजार 749 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 4 लाख 46 हजार 75 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में एक लाख 26 हजार 229 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 93 हजार 926 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 98 हजार 102 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में एक लाख 25 हजार 115 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में एक लाख 46 हजार 425 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

Chhattisgarh : बंद पड़ी खदानें जल संरक्षण के स्रोतों के रूप में विकसित होंगी : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी कलेक्टरों से एक माह में कार्ययोजना बनाने को कहा

मछली-पालन, बोटिंग, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी आजीविका मूलक गतिविधियां प्रारंभ की जाएं

मनरेगा, डीएमएफ, सीएसआर, पर्यावरण एवं अधोसंरचना मद सहित विभागीय योजनाओं की ली जाए मदद

रायपुर, bbn24news, जनवरी 2021

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने जिलों में बंद हो चुकी खदानों को जल-संरक्षण स्रोतों के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इन खदानों में विभिन्न रोजगारमूलक गतिविधियों के संचालन को भी कार्ययोजना में शामिल करने को कहा है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि जिलों में स्थित समस्त उपेक्षित खनन स्थलों का चिन्हांकन कर उन्हें जल सरंक्षण स्त्रोत में परिवर्तित करने तथा आवश्यकतानुसार अन्य गतिविधियां आरम्भ करने की कार्ययोजना एक माह के अन्दर तैयार करें। इस कार्य में होने वाले व्यय की व्यवस्था नरेगा, डीएमएफ., सीएसआर, पर्यावरण एवं अधोसरंचना मद एवं अन्य विभागीय योजनाओं में उपलब्ध आबंटन से की जा सकती है।

श्री बघेल ने कहा है कि राज्य में दशकों से कोयला, लौह अयस्क, बाक्साइट, डोलोमाइट, लाईम स्टोन, मुरूम, गिट्टी इत्यादी के खनन से इन खनिजों के अनेक भंडार समाप्त होने के कारण उन खनन स्थलों को उपेक्षित हालत में छोड़ दिया गया है। ऐसे उपेक्षित (Abandoned) खनन स्थलों में आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है, जिनसे जान-माल का नुकसान हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सूरजपुर जिले की केनापारा कोयला खदान का उल्लेख करते हुए कहा है कि वर्ष 1991से एसईएसएल द्वारा कोयले का भंडार समाप्त होने के कारण यहां कोयले का खनन बंद कर दिया गया था। जिला प्रशासन द्वारा एसईएसएल के सहयोग से इस उपेक्षित खनन स्थल का आवश्यक जीर्णोद्धार कर इसे जल संरक्षण के उत्कृष्ट स्त्रोत में परिवर्तित कर दिया गया। यहां बोंटिग, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा उपलब्ध कराने तथा मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां आरम्भ करने से आसपास के ग्रामीणों की आय वृद्धि के नये अवसर सृजित हुये हैं।

श्री बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों से अपेक्षा व्यक्त की है कि 01 अप्रैल 2021 के पूर्व उनके जिलों में स्थित खनन स्थलों के जीर्णोद्धार का कार्य आरम्भ किया जाये तथा वर्षा ऋतु के पूर्व कार्य पूर्ण करने का प्रयास किया जाये ताकि वर्षा ऋतु में उन स्थलों पर जल संग्रहण आरम्भ हो सके।

छत्तीसगढ़ में कोविड-19 टीकाकरण की शुरूआत 16 जनवरी से: सभी तैयारियां पूर्ण

प्रभारी मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने आज मंत्रालय महानदी भवन में स्टेट स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में प्रदेश में कोविड-19 टीकाकरण की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में प्रभारी मुख्य सचिव श्री साहू ने कहा कि 16 जनवरी को कोविड-19 वेक्सीनेशन प्रोग्राम की लॉन्चिंग के बाद छत्तीसगढ़ में भी टीकाकरण की शुरूआत की जाएगी। मुुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार टीकाकरण की सभी तैयारियां प्रदेश में पूरी कर ली गई हैं। हेल्थ केयर वर्क्स को सबसे पहले टीके लगाए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में कोविड-19 टीकाकरण लॉन्च के लिए 99 वेक्सीनेशन साइट निर्धारित किए गए हैं। 16 जनवरी को टीकाकरण लॉन्चिंग दिवस पर भारत सरकार के साथ टू-वे-इन्टरेक्शन के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर और महारानी अस्पताल बस्तर को चिन्हित किया गया है।

बैठक में प्रभारी मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने अधिकारियों को मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षित टीकाकरण अभियान का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता के लिए सभी विभागों के समन्वय से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ को कोविशील्ड वेक्सीन की 3 लाख 32 हजार डोज मिली है। इनमें से प्रथम डोज के लिए वेक्सीन बुधवार 13 जनवरी को प्रदेश के 18 जिलों में भेज दिए गए हैं तथा शेष जिलों को आज भेजे जा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल के अनुसार प्रदेश के जिलों में टीकों के वितरण, परिवहन और भण्डारण की स्थिति की समीक्षा की। श्री साहू ने कहा कि कोविड-19 वेक्सीन की दूसरी डोज जिलों को 28 दिनों बाद भेजी जाएगी। टीकाकरण के लिए चिन्हित हर व्यक्ति को टीके की दो डोज लगाई जाएगी। प्रभारी मुख्य सचिव ने कहा कि दूसरी डोज के लिए भी वेक्सीन का पर्याप्त स्टाक रखना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में बताया गया कि टीकाकरण के लिए 2 लाख 67 हजार 399 हेल्थ केयर वर्करों के डाटा कोविन पोर्टल में एन्ट्री किए जा चुके हैं। इन्हें प्रथम चरण में टीके लगाए जाएंगे। इस पोर्टल पर फ्रंट लाइन वर्कर्स के डाटा की एन्ट्री संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है। टीकाकरण से संबंधित कार्याें में बेहतर समन्वय के लिए स्टेट टास्क फोर्स की बैठक हर 15 दिन में तथा कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स, एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स और कमिश्नर नगर निगम की अध्यक्षता में शहरी क्षेत्र के लिए गठित टास्क फोर्स की बैठक हर सप्ताह आयोजित कर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

बैठक में बताया गया कि वेक्सीन के परिवहन और कोल्डचेन को मेंटेन करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। कोविड वेक्सीनेशन के लिए 1349 सेसन साइट्स और 7116 वेक्सीनेटर चिन्हित कर लिए गए हैं। अभी तक 13 हजार 516 लोगों की पहचान टीकाकरण टीम के लिए की गई है और इन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टीकाकरण के बाद किसी भी तरह की प्रतिकूल घटना या आपात स्थित के प्रबंधन के लिए राज्य स्तर से लेकर टीकाकरण स्थलों तक एईएफआई ‘‘एडवर्स इवेंट फालोईंग इम्युनाइजेशन‘‘ प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। सभी टीकाकरण केन्द्रों को नजदीकी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से जोड़ा गया है। प्रभारी मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कोविड-19 टीकाकरण के संबंध में विभिन्न समुदायों के साथ बैठकें आयोजित कर, विशेष ग्राम सभाएं आयोजित कर और प्रचार सामग्री का उपयोग कर जागरूकता अभियान चलाया जाए। स्व-सहायता समूहों को भी इस अभियान में शामिल किया जाए। जनजागरूकता के लिए स्थानीय स्तर पर लघु नाटक, नुक्कड़ नाटक, कम्युनिटी रेडियो का उपयोग किया जाए और जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए। टीव्ही चैनल, एफएम रेडियो, दीवार लेखन, प्रेस विज्ञप्ति, कलाजत्था तथा जिलों में प्रदर्शनी लगाकर प्रचार अभियान चलाया जाए। प्रभारी सचिव ने टीकाकरण केन्द्रों और वेक्सीन स्टोरेज के स्थलों पर नियमित विद्युत प्रदाय, टीकाकरण केन्द्रों में पेयजल की व्यवस्था, टीकाकरण केन्द्रों में व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बल, होमगार्ड के जवानों, एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों का सहयोग लेने के निर्देश दिए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री आर. प्रसन्ना, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव सुश्री रीता शांडिल्य, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री आशीष भट्ट, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

देश के निवेशकों के लिए अनुकूल राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ टॉप 10 में शामिल तीसरी तिमाही में विनिर्माण के क्षेत्र में 10228 करोड़ का मिला निजी निवेश

रायपुर, जनवरी 2021 वैश्विक महामारी और आर्थिक मंदी के दौर में छत्तीसगढ़ देश में टॉप 10 सर्वाधिक निजी निवेश प्राप्त करने वाला राज्य बन गया है। प्रोजेक्ट टुडे की ताजा जारी रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में अक्तूबर से दिसम्बर 2020 के बीच छत्तीसगढ़ को विनिर्माण के लिए 10228 करोड़ के निजी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों में 104 एमओयू हुए हैं। इनके माध्यम से प्रदेश में 42 हजार 714 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए सर्वाधिक अनुकूल प्रदेश के रूप में उभरा है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद नई औद्योगिक नीति लागू की गयी है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा नई सहूलियत और रियायतें देकर निवेशकों के अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। इस नई उद्योग नीति में पिछड़े क्षेत्रों के विकास पर बल, कृषि आधारित उद्योगों को विशेष प्राथमिकता तथा औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन की दरों में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। वहीं, परम्परागत कोर सेक्टर के अलावा रोबोटिक्स, आर्टिफिशयल इंटेलिजेन्स को बढ़ावा देने के लिए इसे प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने समावेशी विकास, आत्मनिर्भर और परिपक्व अर्थव्यवस्था वाले नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का लक्ष्य रखा है, जिसके क्रियान्वयन के रूप में कई नई योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत की है। यही वजह है कि इस आर्थिक मंदी के दौर में भी विनिर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सबसे अधिक निवेश प्राप्त करने के मामले में राज्यों की सूची में टॉप 10 में शामिल है। वित्तीय वर्ष के तीसरी तिमाही में छत्तीसगढ़ को प्रोजेक्ट के लिए कुल 10228 करोड़ का निजी निवेश प्राप्त हुआ है। देश के एक प्रतिष्ठित अँग्रेजी अखबार में प्रोजेक्ट टुडे की रिपोर्ट पर खबर प्रकाशित की गयी है। जिसमें बताया गया है कि देश में तीसरी तिमाही के विनिर्माण में निजी निवेश प्रस्ताव में 102 फीसदी की वृद्धि हुई है। पहली तिमाही में जहां सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव तमिलनाडु को मिले थे, वहीं, दूसरी तिमाही में छत्तीसगढ़ ने तमिलनाडु को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए। वहीं, तीसरी तिमाही में भी छत्तीसगढ़ विनिर्माण के क्षेत्र में निजी निवेश प्राप्त करने वाले टॉप दस राज्यों की सूची में शामिल है। ज्ञात हो कि प्रोजेक्ट्स टुडे भारत का सबसे बड़ा डेटाबैंक है जिसमें भारत भर के सभी क्षेत्रों की नई और चल रही परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी इकठ्ठा की जाती है।

लापरवाही : खनिज विभाग ने बिना पंचायत के प्रस्ताव देखे दी मुरुम निकालने अनुमति

जांजगीर चम्पा।सुबोध थवाईत:-

जांजगीर ।।अकलतरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम कोटमी सोनार के बिछिया तलाब में रेलवे ठेकेदार ने खनिज विभाग की आँख में धूल झोंकर दो वर्ष पूर्व हुए प्रस्ताव दिखाकर बिछिया तलाब से मुरुम निकाल रहा है जबकि कोटमी सोनार के वर्तमान सरपंच से ठेकेदार ने किसी प्रकार की कोई अनुमति नही लिया है।गांव के तलाब में अवैध प्रस्ताव दिखाकर लगातार मुरुम की खोदाई की जा रही है। वही पंचो ने ठेकेदार से पंचायत प्रस्ताव की कापी मांगे तो ठेकेदार इधर उधर करने लगे और दो वर्ष पूर्व लिए अनुमति की कापी दिखाके दस्तावेज देखे तो पूर्व सरपंच के कार्यकाल की अनुमति मिली।जो पूरी तरह से अमान्य है।इसकी सूचना उन्होंने सरपंच को दी जिससे सरपंच ने बताया कि मेरे कार्यकाल में किसी तालाब को खोदाई करने का अनुमति नही दी गई है। रेलवे ठेकेदार द्वारा लगातार मुरुम खनन किया जा रहा है। बिना रायल्टी पर्ची के सेकड़ो हाइवा मुरुम निकालकर पास के गांव कल्याणपुर डम्प किया जा रहा है। ठेकेदार खनिज विभाग के घुसघोर अधिकारी से मिलीभगत कर गांव के निस्तारी तालाब को खराब कर रहा है।ग्रामवाशी सुनील कुमार ने बताया कि बिछिया तलाब से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे मुरुम की गाडी चलती है जिससे रास्ते में आवागमन करने साथ गली मोहल्ले के बच्चे खेलते रहते है दुर्घटना की आशंका बनी रहती है । अवैध तरीके से ठेकेदार मुरुम निकाल रहा है।

खनिज विभाग दो वर्ष पूर्व के प्रस्ताव को बिना देखे रायल्टी जारी करने की बात कह रहे है ।वर्तमान सरपंच ने कीसी प्रकार की कोई अनुमति नही दी है।जिला प्रशासन से तत्काल मुरुम खनन पर रोक लगाने की मांग ग्रामवशियो ने किये है।

गांव के बिछिया तालाब से किसी ठेकेदार को मुरुम निकलने की कोई अनुमति नही दी गई है ना ही प्रस्ताव हुआ है।ठेकेदार पुराने दो वर्ष पूर्व के प्रस्ताव होने की बात कहकर जबरन मुरुम खनन कर रहा है।

वर्जन

रामीन बलराम सिंह नेताम

सरपंच ग्राम पंचायत कोटमी सोनार

रायपुर : मुख्यमंत्री ने डीआरजी पुलिस बल से मुलाकात कर की हौसला अफजाई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान शनिवार को डीआरजी पुलिस बल के जवानों से मुलाकात कर उन्हें नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उनका कुशलक्षेम पूछा तथा अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनकी हौसला आफजाई की। श्री बघेल ने पुलिस बल को नक्सल समस्या खत्म करने, नवयुवकों को मुख्यधारा में लाने, शिविर लगाकर ग्रामीणों को समझाईश देने, सहित अन्य विषयों पर चर्चा की। जिले के पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग ने पुलिस बल द्वारा किये जा रहे कार्यो, उपलब्धियों एवं नक्सल उन्मूलन अभियान आदि के संबंधित संक्षिप्त उद्बोधन भी दिया गया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, राज्य सभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम, बस्तर सांसद श्री दीपक बैज, विधायक नारायणपुर एवं छ.ग. हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चन्दन कश्यप, अंतागढ़ विधायक श्री अनूप नाग, कमिश्नर बस्तर संभाग श्री जी.आर. चुरेन्द्र, आईजी (इंटेलीजेंस) श्री आनंद छाबड़ा, बस्तर आईजी श्री पी सुंदरराजन, कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री राहुल देव, जिला पुलिस बल, जिला महिला पलिस बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, आईटीबीपी, बीएसएफ सहित जिले के अन्य सुरक्षा बल भी उपस्थित थे।

आज मुख्यमंत्री बीजापुर जिलेवासियों को देंगे 328 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज 10 जनवरी को बीजापुर प्रवास के दौरान जिलेवासियों को 328 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों की सौगात देंगे। जिसमें 241 करोड़ 75 लाख रूपये लागत के 72 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 86 करोड़ 74 लाख रूपये लागत के 54 विकास कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल बीजापुर में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का लोकार्पण करेंगे, वे वहीं महादेव तालाब सहित लोहा डोंगरी पार्क एवं शहरी गौठान बीजापुर का अवलोकन करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों तथा युवाओं से भेंट कर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा दूरस्थ अबुझमाड़ ईलाके के गांवों को जोड़ने के लिए 37 करोड़ 92 लाख रूपए बेदरे-लंका मार्ग पर इन्द्रावती नदी में उच्च स्तरीय पुल निर्माण सहित पिनकोण्डा तालनार मार्ग में मरी नदी पर 11 करोड़ रूपए की लागत से पुल निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। इसके साथ ही कोएनार-एरमनार से तोयनार सड़क निर्माण, 5 करोड़ 96 लाख की लागत से टिकलेर से रेड्डी सीमंेंट कांक्रीट सड़क निर्माण, 34 करोड़ 13 लाख रूपए की लागत से 15 ग्रामीण सड़कों का निर्माण, 37 करोड़ 9 लाख रूपये की लागत से भोपालपटनम-तारलागुड़ा डामरीकृत सड़क निर्माण कार्य, 1 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत से गुड़साकाल स्टापडेम निर्माण, 1 करोड़ 64 लाख रूपये की लागत से मोदकपाल एनीकट निर्माण 2 करोड़ 51 लाख रूपये की लागत से मूसालूर में 3.15 एमव्हीए 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन करेंगे। श्री भूपेश बघेल द्वारा लोकार्पण किये जाने वाले प्रमुख विकास कार्यों में मुख्यमंत्री मंजरा-टोला विद्युतीकरण योजनातंर्गत 15 करोड़ 96 लाख रूपए की लागत से 72 ग्रामों के 160 बसाहटों में विद्युतीकरण कर 3859 परिवारों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन प्रदाय, 1 करोड़ 6 लाख रूपए की लागत से बीजापुर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल उन्नयन सहित बीजापुर, भैरमगढ़ एवं भोपालपटनम ब्लाक में 15 करोड़ 64 लाख रूपये की लागत से अधिकारी-कर्मचारी आवास निर्माण, 2 करोड़ 59 लाख रूपये की लागत से 36 पुलिया निर्माण, 2 करोड़ 47 लाख रूपये की लागत से धान खरीदी केन्द्रों में चबूतरा निर्माण, 1 करोड़ 35 लाख रूपये की लागत से मद्देड़ में तेन्दूपत्ता गोदाम निर्माण, 2 करोड़ 8 लाख रूपये की लागत से भोपालपटनम में आईटीआई भवन निर्माण, 14 करोड़ 71 लाख रूपये की लागत से कुटरू-बेदरे डामरीकृत सड़क, एक करोड़ 68 लाख रूपये की लागत से चेरपल्ली-यापला सड़क निर्माण इत्यादि कार्य शामिल हैं।

ट्राईफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण ने बस्तर जिले में इमली एवं काजू प्रसंस्करण के कार्य को सराहा : औद्योगिक क्षेत्र की तर्ज पर होगा प्रसंस्करण केन्द्रों का विकास

  रायपुर, 08 जनवरी 2021ट्राईफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण ने आज बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखण्ड के ग्राम किंजोली में इमली प्रसंस्करण केन्द्र तथा बकावण्ड में काजू प्रसंस्करण केन्द्र का अवलोकन और इसकी सराहना की। प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण तीन दिवसीय दौरे पर बस्तर पहुंचे हैं। उन्होंने किंजोली के इमली एवं बकावण्ड स्थित ग्राम राजनगर के काजू के प्रसंस्करण के कार्यों को बढ़ावा देने तथा इस कार्य में लगे लोगों को उनके मेहनत का उचित दाम दिलाने हेतु सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही।

    प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण ने कहा कि प्रसंस्करण कार्य को आगे बढ़ाने में संसाधनों की कमी बिल्कुल भी आड़े नहीं आएगी। उन्होंनेे कहा कि इन दोनों प्रसंस्करण केन्द्रों को औद्योगिक क्षेत्र के तर्ज पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर इमली प्रसंस्करण केन्द्र किंजोली में गोदाम एवं समुचित मात्रा में शेड निर्माण के अलावा प्रोसेसिंग हेतु मशीन भी उपलब्ध कराने की जानकारी दी। उन्होंने मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद को इस कार्य की शुरूआत किंजोली से करने के निर्देश दिए। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध निदेशक श्री संजय शुक्ला, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री बी. आनंद बाबू, कलेक्टर श्री रजत बंसल, वनमण्डलाधिकारी सुश्री स्टायलो मण्ड़ावी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

    ट्राईफेड प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण ने बस्तर जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से काजू प्रसंस्करण का कार्य प्रारंभ करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध इमली एवं काजू का यहां प्रसंस्करण करने से निश्चित तौर पर स्थानीय लोगों के आय में बढोतरी होगी। इस दौरान उन्होंने इमली प्रसंस्करण कार्य में लगे महिलाओं एवं मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से बात-चीत भी की। उन्होंने इमली के महत्व के संबंध में जानकारी दी तथा इस कार्य में लगे महिलाओं को इमली के छोटे-छोटे पैकेट बनाने तथा इमली चस्का एवं इमली चटनी बनाकर विक्रय के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इससे विक्रय में आसानी होगी और उचित दाम भी मिल सकेगा  प्रवीर कृष्ण ग्राम किंजोली के ग्रामीण ईशूराम के घर में पहंुचकर इमली तोड़ाई के कार्य का अवलोकन किया। ट्राईफेड के प्रबंधक  प्रवीण कृष्णा बकावण्ड स्थित ग्राम राजनगर के काजू प्रसंस्करण केन्द्र में प्रसंस्करण मशीन, ड्रायर मशीन, ग्रेडिंग मशीन, कुलिंग रूम आदि का अवलोकन किया।   प्रवीर कृष्ण ने इस कार्य में लगे स्व-सहायता समूह के महिलाओं से बात-चीत भी की। उन्होंने काजू प्रसंस्करण केन्द्र में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा इसे औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने हेतु प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

किसानों की तरक्की से ही छत्तीसगढ़ बनेगा समृद्ध राज्य: भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री ने जांजगीर-चाम्पा जिले को दी1083 करोड के विकास कार्यों की सौगात,

जांजगीर, 5 जनवरी   /छत्तीसगढ़ में अगला सरकारी मेडिकल कॉलेज जांजगीर-चाम्पा जिले में खोला जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय जांजगीर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस आशय की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने आज जिले की जनता को 1083 करोड़ रुपये के 1255 विकास कार्यों की सौगातें दी है। इनमें 262 करोड़ रुपये के 419 विकास कार्यों का लोकार्पण और 821 करोड़ रुपये के 836 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 1051 हितग्राहियों को 1 करोड़ 12 लाख रुपये की सामग्री एवं चेक वितरित किये। श्री बघेल ने सम्मेलन में हसदेव नहर परियोजना के चन्द्रपुर क्षेत्र की तीन नहरों के संधारण कार्यों की स्वीकृति की घोषणा भी की । किसान सम्मेलन की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष   चरणदास महंत ने की। विशेष अतिथि के रूप में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  टीएस सिंहदेव, स्कूल शिक्षा और आदिवासी एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री  प्रेमसिंह टेकाम, कोरबा सांसद  ज्योत्स्ना महंत विधायक रामकुमार यादव,  इंदु बंजारे और  केशव प्रशाद चंद्रा उपस्थित थे।
           मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने महती सभा में किसानों के प्रति किये गये अपनी सरकार के वायदों को फिर से दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के धान का दाम प्रति क्विंटल  2500 रूपये के हिसाब से दे रही है। उन्होंने आगे भी इस जारी रखने का वचन दोहराया। इनमें समर्थन मूल्य के 1868 रूपये की राशि के साथ ही अंतर की राशि को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी न्याय योजना के अंतर्गत दी जा रही राशि किसानों को धान उत्पादन के लिए बोनस नहीं बल्कि उनकी मेहनत के प्रति सम्मान स्वरूप दे रही है। प्रति एकड़ 10 हजार रूपये के हिसाब से यह राशि आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों में खेती के प्रति उत्साह बढ़ा है। इतनी बड़ी राशि मिलने से उनमें समृद्धि भी आई है। इसका असर बाजार पर भी देखने को मिला है। यहां तक कि किसानों और ग्रामीणों की बदौलत ही हमने आर्थिक मंदी का भी सफलता के साथ मुकाबला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा दिनों-दिन हम ज्यादा से ज्यादा किसानों को समर्थन मूल्य खरीदी के दायरे में ला रहे हैं। आज से दो साल पहले हमने 83 लाख मीटरिक टन धान खरीदी किये थे। लेकिन इस साल 87 लाख मीटरिक टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य रखा है। अब तक लगभग 54 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी हो चुकी है।
            मुख्यमंत्री   बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों और मजदूरों की बहुतायत वाला प्रदेश है। उनकी मजबूती में ही राज्य का विकास निहित है। श्री बघेल ने कहा कि कोरोना काल की कठिन चुनौती के बावजूद भी हमने विकास कार्य की गति धीमी होने नहीं दी। एक तरफ जहां सांसद निधि और वेतन कटौती जैसी अन्य उपाय कई सरकारों ने किये, लेकिन हमनें इन सभी से छत्तीसगढ़ को अछूता रखा। विधायक निधि के 2 करोड़ सहित तमाम विकास के कार्य पूर्व की तरह चल रहे हैं। हजारों करोड़ रूपये के विकास कार्यों को गति देने के लिए ही हमने जिलों का सघन दौरा करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती किसानी और तीज तिहार के उचित मौके पर ही हमने लोगों को राशि उपलब्ध कराई है। तीन किश्त अब तक दिये जा चुके हैं। चैथी किश्त चालू वित्तीय वर्ष में वितरित करा दी जाएगी। श्री बघेल ने कहा कि एफसीआई द्वारा चावल उपार्जन की अनुमति इस साल विलंब से मिली है। आम तौर पर धान खरीदी की शुरूआत में ही अनुमति मिल जाया करती हैैैै।
          मुख्यमंत्री ने जांजगीर जिले के किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा धान का उत्पादन इसी जिले से होता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता, बिसाहूदास महंत जैसे हमारे महान पुरखों की दूर-दर्शिता के वजह से जांजगीर आज राज्य के सर्वाधिक सिंचित जिले में शुमार है। हसदेव नहर परियोजना का जांजगीर जिले में विस्तार का श्रेय इन्ही राजनेताओं को जाता है। इसका लाभ उठाकर जिले के  किसान समृद्ध और खुशहाल हो रहे हैं। श्री बघेल ने कहा कि धान बेचकर फटफटी खरीदने की बात अब पुरानी हो गई। गोबर बेचकर फटफटी खरीदने का नया चलन अब शुरू हो गया है। गोधन न्याय योजना की सफलता का यह कमाल है। श्री बघेल ने कहा कि राज्य के सभी 11 हजार ग्राम पंचायतों में गौठान बनाये जाएंगे। अब तक 7400 स्वीकृत हो चुके हैं।  इनमें से 4100 में गोबर खरीदी का काम हो रहा है। ये गौठान केवल गाय एवं बैलों के आरामगाह नहीं बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए संपूर्ण आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित किये जाएंगे।
     कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष श्री चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री  का अपने गृह जिले में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री   किसानों, मजदूरों सहित नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी का मौके पर हाल-चाल जानने के लिए सभी जिलों का सघन दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे अफसरों से आत्मीय वातावरण में बात करते हैं। यह अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों के प्रयासों से जांजगीर जिले में सर्वाधिक सिंचाई और नहरों का जाल फैला हुआ है। पिछले साल के 7.86 लाख मीटरिक टन से इस साल ज्यादा धान के आवक का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने बताया कि  जांजगीर जिले से अनेक युवा अमेरिका सहित अन्य यूरोपीय देशों मे रहते हैं। उन लोगों तक छत्तीसगढ़ के नरवा, गरवा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के पुर्नजागरण की गुंज सुनाई देती है।

कोरोना संक्रमण के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस और अर्ध सैनिक बलों के जवानों ने किया अतुलनीय कार्य- मुख्यमंत्री बघेल

रायपुर, 02 जनवरी 2021 :

रायपुर - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पुलिस परेड ग्राउंड में पुलिस जवानों के लिये आयोजित नव वर्ष कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने विभिन्न सुरक्षा बलों के जवानों के साथ भोजन भी किया। इस अवसर पर बघेल ने पुलिसकर्मियों और अर्ध सैनिक बलों के जवानों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के तौर में पुलिसकर्मियों और अर्ध सैनिक बलों के जवानों के साथ ये पहला कार्यक्रम है लेकिन आखिरी नहीं। आगे भी मैं आप सबसे मिलता रहूंगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने कोरोना संक्रमण के दौरान पुलिसकर्मियों और अर्ध सैनिक बलों के जवानों द्वारा किये गये कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने परित्राणाय साधुनाम के सूत्र को चरितार्थ करके दिखाया है। पहले लोग सोशल मीडिया में पुलिस की आलोचना करते थे। लेकिन लॉकडाउन के दौरान हमारे राज्य की पुलिस ने ऐसा कार्य किया कि सोशल मीडिया छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा किये गये मानवीय कार्यों से भरा पड़ा था। इसके लिये आपकी जितनी प्रशंसा की जाये कम है।

जिस तरह किसान खेत में अन्न का उत्पादन कर हमारा पेट भरते हैं वैसे ही हमारे सुरक्षाकर्मी दिन-रात हमारी सुरक्षा में लगे रहते हैं। किसान और जवान दोनों का योगदान अतुलनीय है। श्री बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिये गये नारा जय जवान-जय किसान को दोहराया। उन्होंने कहा कि नक्सली क्षेत्र में हमारे जवान साहस और शौर्य के साथ डटे हुए हैं। पुलिस बहुत ही संतुलित तरीके से कार्य कर रही है। तनाव में रहकर भी संयमित होकर कार्य करना हमारी पुलिस की खूबी है। श्री बघेल ने कहा कि पुलिस की कैप में भारत का राष्ट्रीय चिह्न होना आपकी विशिष्टता दर्शाता है। इसकी गरिमा बनाये रखना भी आपकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली समस्या समाप्त करने के लिये छत्तीसगढ़ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान बहुत ही साहस और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। यही वजह है कि विगत दो वर्षों में एक बार भी मानवाधिकार संगठनों ने कोई भी शिकायत नहीं की है। पिछले दो वर्षों में हमारे जवानों ने आदिवासियों का विश्वास जीता है। पुलिस का मूल कार्य अपराध नियंत्रण करना है। विगत दो वर्षों में सही मायने में कम्युनिटी पुलिसिंग हुई है। अब पुलिसिंग होते हुये दिखायी देती है।

प्रदेश के 7 जिलों में कोविड-19 वैक्सीनेशन का मॉकड्रिल : केंद्र सरकार ने सभी राज्यों की राजधानी में ड्राई-रन के दिए हैं निर्देश, छत्तीसगढ़ सरकार सात जिलों में परखेगी तैयारियों को

रायपुर 1 जनवरी 2021- कोरोना वैक्सीनेशन की तैयारियां परखने प्रदेश के सात जिलों में 2 जनवरी को मॉकड्रिल किया जाएगा। ये मॉकड्रिल रायपुर, सरगुजा, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, बस्तर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में किये जाएंगे। चार राज्यों में कोरोना वैक्सीनेशन की तैयारियों के सफल ट्रायल के बाद केंद्र सरकार ने सभी प्रदेशों की राजधानी में इसके ड्राई-रन के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण की तैयारियों को परखने के लिए रायपुर जिले के साथ ही छह और जिलों में इसका मॉकड्रिल कर रही है जिनमें दूरस्थ अंचल के भी कुछ जिले शामिल हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मॉकड्रिल वाले सभी सातों जिलों में इसके लिए प्रभारी बनाए गए अपर कलेक्टरों और डिप्टी कलेक्टरों से विस्तृत चर्चा कर तैयारियों की जानकारी ली है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि पूर्व में 4 जनवरी को निर्धारित मॉकड्रिल की तिथि में बदलाव करते हुए अब इसे 2 जनवरी को किया जाएगा। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य कोल्ड चेन मैनेजमेंट, वैक्सीन की सप्लाई, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स के साथ ही वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे लोगों के वैक्सीनेशन साइट पर पहुंचने, उनकी एंट्री, रजिस्ट्रेशन, वैक्सीनेशन व ऑब्जर्वेशन में रखने की तैयारियों को परखना है। वैक्सीनेशन के दौरान को-विन एप में एंट्री से लेकर वैक्सीन लगाने तक कितना समय लगता है, यह भी देखा जाएगा। पूरी मशीनरी की तैयारियों को भी परखा जाएगा।

राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 वैक्सीनेशन की तैयारियों को लेकर लगातार वर्चुवल कॉन्फ्रेंस किया जा रहा है। प्रथम चरण में हेल्थकेयर में लगे दो लाख 34 हजार लोगों को वैक्सीन लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित जिलों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 25 लोगों पर मॉकड्रिल किया जाएगा

एफसीआई में चावल जमा नहीं होने और बारदानें की कमी के कारण धान खरीदी में संकट की स्थिति धान खरीदी के लिए गठित मंत्री मण्डलीय उप समिति ने की सक्रिय किसान संगठनों से चर्चा

  रायपुर, 31 दिसम्बर 2020 धान खरीदी के लिए गठित मंत्री मण्डलीय उप समिति ने आज मंत्रालय महानदी भवन में एफसीआई द्वारा चावल जमा नहीं करने और बारदानें की कमी के कारण धान खरीदी में आ रही दिक्कतों के संबंध में सक्रिय किसान संगठनों से चर्चा की। कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि राज्य में धान खरीदी का काम सुचारू रूप से चल रहा है और लगभग साढ़े ग्यारह लाख पंजीकृत किसान धान बेच चुके हैं। प्रदेश में 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। इस वर्ष गत वर्ष के अपेक्षा ज्यादा धान खरीदी होने का अनुमान है। बैठक में वन मंत्री   मोहम्मद अकबर, सहकारिता डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल एवं खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत ने धान खरीदी में आ रही समस्याओं से किसानों को अवगत कराया। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया भी मौजूद थे।  

     कृषि मंत्री   रविन्द्र चौबे ने कहा कि धान खरीदी छत्तीसगढ़ सरकार का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। केन्द्र सरकार द्वारा आज पर्यन्त तक एफसीआई में चावल लेने की अनुमति नहीं देने की वजह से धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग का पूरा सिस्टम बाधित होने लगा है। यही स्थिति रही तो आने वाले समय में धान खरीदी प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 30 दिसम्बर को धान खरीदी के संबंध में मंत्रि-मण्डल के सदस्यों के साथ आपात बैठक हुई जिसमें राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अद्यतन स्थिति को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री एवं कृषि मंत्री से एफसीआई में धान जमा कराने की अनुमति के संबंध में प्रत्यक्ष बातचीत की है।
    मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य को 60 लाख मेट्रिक टन चावल जमा करने की सैद्धांतिक सहमति दी है, किन्तु एफसीआई में चावल जमा करने की सहमति आज तक नहीं मिली है। इस कारण कस्टम मिलिंग प्रभावित हो रही है। चावल जमा न होने तथा कस्टम मिलिंग प्रभावित होने से बारदाने की रिसाईकलिंग नहीं हो पा रही है। इस कारण धान खरीदी के लिए बारदाने की भी समस्या हो रही है। कस्टम मिलिंग प्रभावित होने से धान खरीदी केन्द्रों में उपार्जित धान इकट्ठा हो गया है। संग्रहण केन्द्रों में धान जाम होने और बारदानें की समस्या के कारण धान खरीदी में दिक्कत आ सकती है। राज्य सरकार अपनी स्तर पर बारदानें की व्यवस्था कर धान खरीदी कर रही है। केन्द्र सरकार से अब तक केवल 1 लाख 5 हजार गठान बारदानें मिला है।
    बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से लगभग 300 किसान शामिल हुए। किसानों ने एक मत से सरकार के साथ पूर्ण से सहयोग करने का भरोसा दिलाया और कहा कि वे सभी परिस्थितियों में धान खरीदी कार्य में सहयोग करेंगे। किसान समय बढ़ाकर धान बेचने के लिए भी तैयार है। धान बेचने के लिए अपने बारदाना भी देंगे। धैर्य से काम लेंगे। किसानों ने यह भी कहा कि वे केन्द्र सरकार के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे और एफसीआई में तत्काल चावल जमा कराने की अनुमति देने का आग्रह करेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय सांसदों से भी अनुमति दिलाने के संबंध में उनसे आग्रह करेंगे। बैठक में खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम.गीता, एमडी मार्कफेड श्री अंकित आनंद सहित अन्य संबंधित आधिकारी मौजूद थे।