विशेष

पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::- देश के 12 उत्तम सांसदों के साथ छत्तीसगढ़ के कार्टूनिस्ट का भी हुआ सम्मान ।।

⭕️ चेन्नई के राजभवन में हुआ समारोह ।।  देश की 16वीं लोकसभा के उत्तम प्रदर्शन करने वाले सांसदों को सांसद रत्न सम्मान शनिवार को चेन्नई के राजभवन में राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के हाथों प्रदान किया गया। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी एस कृष्णमूर्ति उपस्तिथ थे। इस आयोजन में भाजपा, कांग्रेस, एन सी पी और शिवसेना के सांसद और राज्य सभा सांसद सम्मानित हुए। इस अवसर पर कार्टून के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए छत्तीसगढ़ के कार्टूनिस्ट त्र्यम्बक शर्मा का सम्मान राज्यपाल द्वारा किया गया। राज्यपाल श्री पुरोहित ने अपने उदबोधन में कहा कि संसद के सेंट्रल हॉल में बनने वाले सम्बन्ध बहुत अच्छे होते हैं। वहाँ हंसी मज़ाक़ में ही कई समस्याओं का हल निकल जाता है। इस मौक़े पर वीरप्पा मोईली, अनुराग सिंह ठाकुर, सुप्रिया सुले सहित 12 सांसद सम्मानित हुए। उल्लेखनीय है कि संसद रत्न सम्मान का यह दसवाँ वर्ष है और यह प्राइम पोइंट चेन्नई के श्रीनिवासन और संसद रत्न अवार्ड कमेटी द्वारा आयोजित किया जाता है।

शाही अंदाज में घूमता दिखा जंगल का राजा देखे ये खूबसूरत तस्वीर

कवर्धा: जिले के भोरमदेव अभ्यारण क्षेत्र में घूमते बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद हो गई है. वहीं इस सूचना पर सुरक्षा को लेकर वन विभाग अलर्ट हो चुका है और चरवाहे भी मवेशियों को लेकर शाम होने से पहले वापस लौट रहे हैं.दरअसल कान्हा नेशनल पार्क से विचरण करते बाघ भोरमदेव अभ्यारण पहुंच चुके हैं कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्रों में अनेक प्रकार के वन्य प्राणी विचरण करते नजर आते हैं सबसे पहले कबीरधाम जिले के क्षेत्र तरेगांव जंगल में वर्ष 2001 में पहला बाघ देखा गया था. वहीं एक बार फिर वनांचल क्षेत्र में बाघ की दहाड़ सुनने को मिल रही है, जिसकी तस्वीर वन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरे में कैद हुई है. कैद हुई तस्वीरों में जंगल के राजा का शाही अंदाज कुछ अलग ही नजर आ रहा है इन तस्वीरों को देखकर ऐसा लगता है कि बाघ-बाघिन के लिए वनांचल का यह क्षेत्र अनुकूल है. गौरतलब है कि, वन विभाग द्वारा ज्यादातर ऐसे स्थानों का चयन किया जाता है जहां वन्य प्राणियों की आवागमन होने का अंदेशा रहता है उस स्थान पर ट्रैप कैमरा लगाकर रखा जाता था इसी के मदद से कैमरे में बाघ और बाघिन की तस्वीरें कैद हो गई. बताया जाता है कि इस मौसम में इनका आवागमन बना रहता है. वातावरण अनुकूल होने के कारण यहां मैटिंग के लिए भी पहुंचते हैं जो लगभग 1 दिन में 50 से 80 किलोमीटर का सफर आसानी से तय कर लेते हैं. भोरमदेव अभ्यारण क्षेत्र में इनकी उपस्थिति जहां विभाग के लिए सुखद एहसास है. वहीं इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी विभाग पर बढ़ गई है.

पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::- 111 दिवसीय गंगा सद्भावना यात्रा का समापन मकर संक्रांति के दिन गंगा सागर में हुआ।।

भगवान् शिव ने समुद्र मन्थन के समय एक बार विषपान किया था पर विष्णुस्वरूप भगवान् समुद्र आज तक समस्त नदियों से निरन्तर प्रवाहित होकर आ रहे विष का पान कर रहे हैं । एक ओर जहाँ गंगा जी को अपने पति समुद्र से मिलते देखने का सुख मिला वहीं यह भाव भी आया । जय गंगासागर तीर्थ की जय। पूज्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती जी महाराज की प्रेरणा से स्वामी सानन्द जी के सानिध्य में काशी के केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ के साध्वी द्वय पूर्णाम्बा एवं शारदाम्बा तथा जलपुरुष राजेन्द्र सिंह जी के नेतृत्व में गंगोत्री से आरम्भ हुई 111 दिवसीय गंगा सद्भावना यात्रा का समापन आज मकर संक्रांति के दिन गंगा सागर में समापन हुआ।

पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::- सांकल घाट पर शंकराचार्य महाराज ने किया पुण्य स्नान।।

।। रेवा तटे जपं कुर्यात , मरणं जाह्नवी तटे ।। ज्योतिष एवं द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गुरू गुफा सांकल घाट, धूमगड़ में महाराजश्री ने सनातन धर्म प्रेमी जनता को अपने अमृत प्रवचन में बतलाया की माँ नर्मदा जी के दर्शन से पाप से मुक्ति मिलती है। मनुष्य को तप नर्मदा जी के तट पर करना चाहिए और यदि (अंतिम समय ) मृत्यु का समय आये तो गंगा जी के तट (किनारे ) पर जाना चाहिए।

पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::- सुप्रसिद्ध विचारक 93 वर्षीय देवेन्द्र स्वरूप का नईदिल्ली में हुआ निधन ।।

राष्ट्रवादी विचारक, पांचजन्य के पूर्व संपादक तथा आरएसएस के पूर्व प्रचारक, 93 वर्षीय देवेन्द्र स्वरूप का आज नई दिल्ली में निधन हो गया। वे भाजपा के रायपुर शहर जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल के चाचाजी थे। देवेंद्र स्वरूप संघ के थिंक टैंक कहे जाते थे। वे संघ के पूर्व प्रचारक व संघ के मुखपत्र पान्चजन्य के काफ़ी समय तक संपादक रहे। उन्हें आपातकाल में गिरफ़्तार कर तिहाड़ जेल में रखा गया था। उनकी संघ यात्रा 1945 से अनवरत जारी रही व दो माह पूर्व तक लेखन कार्य भी निर्वाधगति से चलता रहा। स्वरूप जी, स्व. अटल जी, नानाजी देशमुख के साथ वैचारिक यात्रा की। उन्होंने एक दर्जन से ज्यादा पुस्तकें लिखी थीं। स्वरूपजी ने रायपुर के कई दौरे किये तथा उनके विचारों को सुनने पढ़ने का मौका मिलता रहा। देश की साहित्य, पत्रकार बिरादरी और लेखक संघों ने उनके निधन पर शोक.संवेदना व्यक्त की है।

दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने दोहराया इतिहास - पत्रकार खबरीलाल ।।

पूज्यपाद शंकराचार्य महाराज के नेतृत्व में परमधर्मसंसद् की रचनात्मक धर्म शासन को मजबूती से किया स्थापित जिस पर पूरा विश्व एक होकर विचार करने को बाध्य हैं। ऐसी धर्मसंसद् व्यवस्था की कल्पना को साकार किया जिसमें जिसमें यह चरितार्थ करके दिखाया वसुदेव कुटुंबकम सारा विश्व हमारा है और हम सारे विश्व के, संपूर्ण जगत एक परिवार है और इस परिवार का कोई सीमा रेखा नहीं है यह सीमा रेखाओं से परे है इस भूमंडल पर आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा स्थापित वैदिक धर्म वर्णाधर्म व्यवस्था को संचालित करने हेतु चार शंकराचार्य पीठ की स्थापना करके चार पीठो पर आसीन चार शंकराचार्य ही सनातन धर्म के सर्वोच्च पद है सभी मत पंथ के अनुयाई शंकराचार्य जी के धर्म शासन में ही आते हैं इस पर गहन विचार कर इस प्रणाली को आगे बढ़ाते हुए परम पूज्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने धर्म नगरी काशी विश्वनाथ से किया भारत को विश्व गुरु की ओर ले जाने का स्वर्णिम संकल्प , किया धर्म की राजधानी अध्यात्मिक राजधानी काशी विश्वनाथ में परम धर्म संसद 1008। अस्थाई स्वरुप को अब स्थाई स्वरूप देने का समय आ गया है । आप सभी आमंत्रित हैं परम आयोजन में इस स्वर्णिम इतिहास का हिस्सा बनकर स्वयं को गौरवान्वित करें । 28 ,29 ,30 जनवरी को यह आयोजन कुंभ नगरी प्रयागराज में होने जा रहा है जिसमें लगभग 100 देशों के गणमान्य सदस्यों के साथ भारतवर्ष के सभी वर्ग, वर्ण, मत , पंथ के अनुयायी भाग ले रहे हैं। धर्म में आस्था रखने वाले सभी धर्मावलंबियों का स्वागत है ।

तुम पहले जैसी नहीं रही....?

सौम्या पिहू के रूम की लाइट बंद करके अपने रूम में आती है तो देखती है की अनूप उसका इन्तजार कर रहा होता है वो सौम्या को कहता है, हो गये तुम्हारे काम| ताना देने वाले के स्वर में कहता की आज कल तुम्हारे पास मेरे लिए समय ही नहीं बचा है तुम पहले जैसी नहीं रही ?तुम पहले कितनी जिन्दा दिल थी हम कितने खुश थे पर अब...इतना कहकर वो पलंग पर लेट जाता है सोम्या इन  बातों को लेटे-लेटे सोचती रही| पहले और अब में कितना कुछ बदल गया है वो अनूप को सुबह होते ही एक पत्र लिखती है और उस पत्र में वो इन बातों के प्रश्नों का उत्तर अनूप को देती है |सुबह जब अनूप उठता है तो उसके साइड में रखी टेबले पर एक लिफाफा होता है इस लिफाफे में वही पत्र होता है जो सौम्या ने अनूप को लिखा था जिसे वो खोल कर पड़ता है जिसमें लिखा होता है|

 अनूप मैं कल रात तुम्हारी बातों को सोचती रही तूमने सच कहाँ मैं पहले जैसी नहीं रही पहले मैं अकेली थी बिलकुल आजाद उस वक्त केवल मैं अपने बारे में ही सोचती थी केवल खुद का ख़याल ही रखना था उस वक्त आजाद पंछी थी मै |फिर समय के साथ घर वालों ने शादी के लिए जोर डाला फिर तुम्हारा रिश्ता आया मैंने भी समय के साथ हो रहे इस बदलाव को ख़ुशी-ख़ुशी स्वीकार किया इस तरह हम दोनों का विवाह सारी परम्पराओं और विधि-विधान से संपन्न हुआ|शादी के बाद हम परिवार से दूर पुणे आ गये |यहाँ आने के बाद पहला बदलाव आया मेरी जिन्दगी में अब मैं खुद के साथ तुम्हारा भी ख़याल रखना मेरा फर्ज बन गया अब सौम्या  की जगह एक पत्नी ने ली |समय बीतता गया अब एक नन्ही सी किलकारी का शोर हमारे घर में गुजने लगा यहाँ से अब पत्नी के  सफ़र के साथ एक माँ का सफ़र भी शुरू हो गया ये था मेरी जिन्दगी का दूसरा बदलाव| अब पिहू भी स्कूल जाने लगी थी और पूरा दिन तुम्हारे और पिहू की खुशियों का ख्याल रखने में बीतने लगा था |सुबह से तुम्हारा और पिहू का टिफिन बनाने में,पिहू का होम वर्क करना घर को साफ़ करना ,कपडे तय करना,घर में आये मेहमानों का ख़याल रखना ,खाना बनाना,तुम्हारी और पिहू की सेहत का ख़याल रखना,घर की बचत का ख़याल करना आने वाले भविष्य की चिंता करना इन सब जिम्मेदारियों का ख़याल करते करते मेरा पूरा दिन चला जाता है |

तुम सही कहते हो मुझमें वो पहले वाली बात नहीं रही क्यूँ की आज मैं एक पत्नी ,माँ, टीचर ,शैफ ,नर्स और हाउस कीपर न जाने कितनी भूमिकाओं को इस जिन्दगी के रंग मंच पर ये किरदार रोज निभाती हूँ और इसे निभाते निभाते मैं थक जाती हूँ और इसलिए तुम्हे समय नहीं दे पाती हूँ |ये सब मैं इसलिए करती हूँ क्यूँ की मैं तुमसे और अपने इस परिवार को बहुत प्यार करती हूँ ये जिन्दगी हमने खुद बनाई है और इसमें मैं बहुत खुश हूँ। शायद अब तुन्हारे प्रश्न का जवाब मिल गया होगा की क्यूँ मैं पहले जैसी नहीं रही |आज समय के साथ भले ही जिम्मेदारियां भी बड गई हो पर मेरा प्यार इस समय के साथ तुम्हारे लिए और बड गया है और हमारा ये रिश्ता भी और मजबूत हो गया है |कभी सोचा है की ये बदलाव क्यूँ आया इस बदलाव की वजह क्या है? इस बदलाव की वजह तुम्हारा प्यार और मेरा इस परिवार के प्रति प्यार |यदि मैं इन जिम्मेदारियों को रोज न निभाऊं तो क्या होगा हमारे इस परिवार का?अनूप की आंखे भर आई इस पत्र को पड़ कर और उसे अपनी कही बातों पर अफ़सोस हुआ |पीछे से आवाज आई की आज ऑफिस नहीं जाना क्या? पानी गर्म कर दिया है नहाकर जल्दी आओ टेबल पर नाश्ता लग गया है |

दोस्तों अनूप जैसे ऐसे बहुत से पुरुष होंगें जिसे अपनी बीवियों से हमेशा यही शिकायत होती होगी की वो उन्हें समय नहीं देती |उनकी लाइफ में वो पहले वाली बात नहीं रही यहाँ तक की इस शिकायत के बहाने वो इन खुशियों को बहार भी तलाशने की कोशिश में अपने घर को बर्बाद तक कर देते है |पर कभी भी वो इस बदलाव का कारण नहीं तलाशना चाहते|शादी के बाद स्त्रियाँ एक दिन में जितना काम करती है अपने परिवार की खुशियों की खातिर शायद ही एक पुरुष इतना सब कुछ कर पाये |स्त्रियाँ घर की सही मायने में नीव होती है जिसके कारण पूरा परिवार मजबूती से खडा होता है |यदि नींव हील जाए तो पूरा परिवार ही तबाह हो जयेगा|इसलिए अपनी बीवियों को प्यार करे उन्हें समझे,उमके आत्सम्मान को ठेस न पहुचाये और इस बात को हमेशा ध्यान रखे की इस बदलाव की वजह आप है और उसका आपके प्रति उसका प्यार है|कई स्त्रियाँ पड़ी लिखी होने के कारण भी जॉब नहीं करती सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार की खुशियों के खातिर इसलिए उनके त्याग को समझे उन्हें घर में पडा बेकार सामान न समझे उनकी खुशियों का ख़याल रखें |आप उनसे उम्मीद न रखे की वो आपके लिए टाइम निकाले बल्कि आप कभी उनके लिए टाइम निकाल कर देखें देखिये फिर कैसा जादू होता है आपकी जिन्दगी में |

 

वर्षा गलपांडे

पत्रकार खबरीलाल विशेष ::- अभूतपूर्व विकास के रोशनी से आलोकित होगा हमारा अपना बस्तर - रेखचन्द जैन।।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में जगदलपुर शहर से कांग्रेस के जुझारू व कर्मठ प्रत्याशी रेखचन्द जैन ने भाजपा के संतोष बाफना को करारी शिकस्त देकर विधानसभा पहुंचे हैं। ज्ञात हो कि इस बार छत्तीसगढ़ की जनता ने "स्वच्छता" का नारा देते हुए पूरी तरह भाजपा के गढ़ को ध्वस्त कर दिया। कांग्रेस ने भूपेश बघेल एवं टीएस बाबा के कुशल नेतृत्त्व में समूचे छत्तीसगढ़ में जन मुद्दों को इस तरह उठाया की भाजपा उन मुद्दों का सदुत्तर जनता को नहीं दे पाई और जिस हेतु जनता ने उनके 15 वर्ष के लगातार शासन को उखाड़ कर फेंक दिया। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 65 प्लस का जो टारगेट डॉ रमन एंड टीम को दिया था उसे अकेले कांग्रेस ने पूरा कर दिया और बीजेपी को मात्र 15 सीटों पर रोक दिए। 4 जनवरी 2018 को छग विधानसभा का सत्र था जिसमे जगदलपुर के तेज तर्रार, कर्मठ और जुझारू विधायक रेखचन्द जैन उपस्थित हुए तथा उनकी पत्रकार खबरीलाल से विशेष बातचीत हुई जिसमें उन्होंने कहा कि - सच, सच ही होता है और झूठ, झूठ ही होता है जिसे जनता समझ गई और जबरदस्त झटका बीजेपी को दिया। इन्होंने अपने 15 वर्षों के शासन में जनता का दिल इस कदर दुखाया की आज उनका दिल जनता की आह से खुद दुःखी हो गया है। कांग्रेस के 68 विधायकों के सामने बीजेपी मात्र 15 सीटों के साथ कमजोर विपक्ष की तरह सदन में बैठेगी। पत्रकार खबरीलाल ने जब रेखचन्द जैन से पूछा कि बस्तर क्षेत्र से कवासी लखमा को वाणिज्य कर (आबकारी) व उद्योग मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है तो आप किस तरह के औधोगिक विकास का सपना बस्तर के जनता हेतु देख रहे हैं ? इस प्रश्न के जवाब में रेखचन्द जैन ने कहा - कवासी लखमजी बहुत ही ईमानदार, सरल, मृदुभाषी व्यक्तित्त्व के धनी नेता हैं और उनके दिल व दिमाग मे जनसेवा की भावना इस कदर है कि वे बस्तर में माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सहयोग से इस क्षेत्र का विकास करेंगे जिससे इस अंचल के लोगों को रोजगार उपलब्ध हो और नक्सली मुख्य धारा में लौट आएं। इस क्षेत्र में फारेस्ट के साथ साथ विभिन्न खनिज संपदा है, जड़ी बूटियां है । यहां आगे हम सभी मिलकर "फारेस्ट प्रोड्यूस" का उद्योग स्थापित करेंगे जिससे यहाँ के निवासियों को इन उद्योगों में रोजगार उपलब्ध हो साथ ही वन उपज को वे इन संस्थानों में विक्रय कर पैसा कमा सकते हैं। साथ ही इस क्षेत्र में विभिन प्रकार के खनिज संपदा है और खनिज संबंधित उद्योगों से यहाँ के निवासियों को रोजगार उपलब्ध होंगे और प्रत्येक के चेहरे पर मुस्कान होगी। साथ ही नक्सल समस्या भी खत्म होगा। रेखचन्द जैन ने पूर्व भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में नक्सली समस्यायों में वृद्धि हुई है तथा जो अरबों - खरबों रुपये नक्सल प्रभावित क्षेत्र हेतु आये थे उनका भी सदुपयोग रमन सरकार ने नहीं किया। उनके कुशासन के चलते यहां के लोग आंध्रप्रदेश, ओडिशा, पंजाब आदि जगह चले गए और पलायन रोकने में बीजेपी सरकार पूरी तरह नाकाम रही।

पत्रकार खबरीलाल की विशेष रिपोर्ट ::- 4 - शिलाओं का स्वर्ण अक्षरों में नामकरण होगा, करेंगे भारत के सोनी समाज - हेमंत तोसावर।।

ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द जी ने ऐलान किया है कि आगामी प्रयाग कुंभ में 28, 29 एवं 30 जनवरी 2019 को आयोजित होने वाले धर्म संसद में सभी सन्त महात्मा के निर्णय पश्चात पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज के नेतृत्त्व में सभी सन्त महात्मा, श्रद्धालुगण अयोध्या जाएंगे और वहां श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु चार शिलाएं स्थापित करेंगे जिस हेतु भारत के सोनी समाज ने ईंटे दान करने की बात कही है। उक्त जानकारी कोलकाता के धर्म संसद हेमंत तोसावर ने दी। आगे हेमंत तोसावर ने बताया कि पूज्य शंकराचार्य महाराज ने चार शिलालेखों के नाम तय किये है जो - नंदा, भद्रा, जया एवं पूर्णा होंगे। सोनी समाज ने यह भी निर्णय लिया कि अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले राम मंदिर के चारों शिलाओं का नाम करण "स्वर्ण अक्षरों" में स्वयं सोनी समाज करेंगे। यह बहुत ही बड़ी बात है कि भारत के समस्त सोनी समाज के भक्तगण भगवान श्रीराम मंदिर हेतु ईंटों के दान करने के साथ साथ चारों शिलाओं का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखेंगे। उक्त सभी जानकारी धर्म संसद हेमंत तोशावर ने परमहंसी गंगा आश्रम से पत्रकार खबरीलाल को दूरभाष पर सम्पर्क कर दिया।

BBN24 के सभी पाठकों को HappyNewYear2019: नई उमंग, नई उम्मीद लेकर आया नया साल, मुबारक हो आपको

रायपुर:-नई उमंग, नई तरंग और जिंदगी के नए रंग लेकर नए साल 2019 ने दस्तक दे दी है. छत्तीसगढ़ ने दिल खोलकर नए साल का स्वागत किया है. नई सरकार के साथ इस प्रदेश ने कई उम्मीदें साल 2019 से लगा रखी हैं.दुनिया भर में नववर्ष का स्वागत बड़ी धूमधाम, उमंग और उल्लास के साथ किया जाता है. अनेक देशों में नववर्ष से जुड़ी अपनी-अपनी परम्पराएं हैं. हमारे देश के विभिन्न प्रांतों में भी नववर्ष का स्वागत अलग-अलग तरीके से किया जाता है. संभवत: दुनिया भर में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां नव वर्ष एक से अधिक बार और विविध रूपों में मनाया जाता है.