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नक्‍सली हमले के बाद स्थिति का जायजा लेने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज सुकमा जाएंगे। नक्‍सली हमले में करीब २5 शहीद हो गए थे।

नई दिल्ली  केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज छत्तीसगढ़ आएँगे और कल  हुए नक्‍सली हमले की जानकारी लेंगे। इस नक्‍सली हमले में 25जवान शहीद हो गए थे। इस मौके पर उनके साथ गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर और सीआरपीएफ के वरिष्‍ठ अधिकारी भी होंगे। हमले के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राजनाथ ने कहा कि सरकार इसको चुनौती कीतरह ले रही है और इसके दोषियों को बख्‍शा नहीं जाएगा। नक्‍सलियों ने यह हमला दक्षिणी बस्तर के बुर्कापाल-चिंतनगुफा इलाके में दोपहर करीब साढ़े बारह बजे किया था यह इलाका राज्य के सबसे ज्यादा माओवादी प्रभावित इलाकों में एक है।
ख़बरों के मुताबिक, इस हमले में सीआरपीएफ के छह जवानों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। ये सभी जवान सीआरपीएफ के 74वीं बटालियन के थे जिन्हें माओवादी विरोधी अभियान के लिए लगाया गया था। इस घटना के बारे में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को पूरी जानकारी दी। राजनाथ ने इस हमले को दुर्भाग्‍यूपर्ण बताया है। उनके अलावा राष्‍ट्रपति समेत पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।
इस हमले में शहीद हुए जवान
रघुवीर सिंह (पंजाब), केके दास (बंगाल), संजय कुमार (हिमाचल प्रदेश) रामेश्वर लाल (राजस्थान) नरेश कुमार (हरियाणा), सुरेंद्र कुमार (उत्तर प्रदेश), बन्ना राम  (राजस्थान), केपी सिंह (उत्तर प्रदेश), नरेश यादव (बिहार) पद्मनाभन (तमिलनाडु), सौरभ कुमार (बिहार), अभय मिश्रा  (बिहार), बनमल राम (छत्तीसगढ़), एनपी सोनकर (मध्य प्रदेश), राम मेहर (हरियाणा), अरूप कर्माकर (बंगाल), केके पांडेय (बिहार), बीसी बर्मन (बंगाल), पी अलगूपंडी (तमिलनाडु), अभय कुमार (बिहार), एन सेंथिल कुमार (तमिलनाडु), एन थिरुमुरगन (तमिलनाडु), रंजीत कुमार (बिहार), आशीष सिंह (झारखंड), मनोज कुमार (उत्तर प्रदेश)
यह हैं घायल जवान
आरसी हेम्बराम, महेंद्र सिंह, सौरभ कुमार, जितेंद्र कुमार, शेर मोहम्मद, लच्छू ओरांव और सोनवाने ईश्वर सुरेश

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमला, 26 जवान शहीद

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 26 जवान शहीद हो गए हैं. हमले में कुछ अन्य जवान घायल भी हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जाती है. ये जवान सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के थे.

सीआरपीएफ की टीम सुकमा के चिंतागुफा में सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगी हुई थी. चिंतागुफा थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ और जिला बल के संयुक्त दल को गश्त के लिए रवाना किया गया था. दल जब बुरकापाल क्षेत्र में था, तब नक्सलियों ने उन पर हमला कर दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताते हुए कहा, शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. हम स्थिति की करीबी निगरानी कर रहे हैं. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सुकमा नक्सली हमले में सीआरपीएफ जवानों की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे.

सुकमा जिले के एएसपी जितेंद्र शुक्ला ने कहा, घटना दोपहर 1.30 बजे उस समय घटी, जब सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन रोड ओपनिंग के लिए निकली थी. सड़क निर्माण की सुरक्षा में लगे ये जवान खाना खाने की तैयारी कर रहे थे. उसी दौरान घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी. अचानक हुए इस हमले के बाद जवानों ने भी जवाबी गोलीबारी की. काफी समय तक दोनों तरफ से गोलीबारी होती रही. उल्लेखनीय है कि इसी जगह वर्ष 2010 में हुए नक्सली हमले में 76 जवान शहीद हो गए थे.

घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस दल रवाना किया गया और घायल जवानों को बाहर निकालने की कार्रवाई की गई. सीआरपीएफ की कोबरा टीमें मुठभेड़ की जगह पर पहुंच गई हैं और वहां सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. एक अधिकारी ने बताया कि घायलों के निकालने के लिए एक हेलीकॉप्टर भी घटनास्थल के लिए भेजा गया. इधर दंतेवाड़ा में भी सुरक्षा बलों ने एक IED को डिफ्यूज कर दिया. नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के रास्ते में ये IED लगाई थी.

किसानों ने 25 मई तक रोका आंदोलन, मांगें पूरी नहीं होने पर फिर करेंगे प्रदर्शन तमिलनाडु के सीएम ने दिलया भरोसा

तमिलनाडु के किसान 38 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। ये किसान केंद्र से अपने लोन की माफी की मांग कर रहे हैं। उन किसानों का कहना है कि उनकी फसल कई बार आए सूखे और चक्रवात में बर्बाद हो चुकी है। किसानों ने उन लोगों को मिलने वाले राहत पैकेज पर भी पुनर्विचार करने की मांग की है। किसानों की यह भी मांग है कि उनको अगली साल के लिए बीज खरीदने दिए जाएं और हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
39 दिन से दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर आंदोलन कर रहे तमिलनाडु के किसानों ने आंदोलन खत्म कर लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद किसानों ने 25 मई तक आंदोलन नहीं करने का फैसला किया है।  किसानों ने कहा है कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं की गईं तो 25 मई से दोबारा आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमें टिकट मिल गईं, तो हम आज ही वापस चले जाएंगे।
ऋण माफ कराने के लिए लंबे समय से दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर आंदोलन कर रहे तमिलनाडु के किसानों ने 22 अप्रैल को अपना ही मूत्र पीकर विरोध जताया था। किसानों ने मोदी सरकार को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह शनिवार को अपना मूत्र पीएंगे और अगर फिर भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो मल भी खाएंगे। पिछले 39 दिनों से ये किसान अलग तरीकों से आंदोलन कर सुर्खियां बटोर रहे थे। ये लोग अपने साथ मानव कंकाल भी लाए थे, जिसे लेकर इन लोगों का दावा था कि ये उन किसानों के हैं, जिन्होंने आत्महत्या की है। इन लोगों ने नग्न होकर रायसीना हिल्स पर प्रदर्शन करने के अलावा चूहे और सांप भी खाए थे। इसके अलावा नकली अंत्येष्टि भी की थी। आंदोलन की अगुआई कर रही नेशनल साउथ-इंडियन रिवर्स लिंकिंग फार्मर्स असोसिएशन के स्टेट प्रेजिडेंट पी.अयाकन्नू ने कहा था कि हमें पीने के लिए तमिलनाडु में पानी नहीं मिल रहा है और पीएम नरेंद्र मोदी इसकी अनदेखी कर रहे हैं, तो हमें अब अपने मूत्र से ही प्यास बुझानी पड़ेगी।

किसानों ने 25 मई तक रोका आंदोलन, मांगें पूरी नहीं होने पर फिर करेंगे प्रदर्शन तमिलनाडु के सीएम ने दिलया भरोसा

तमिलनाडु के किसान 38 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। ये किसान केंद्र से अपने लोन की माफी की मांग कर रहे हैं। उन किसानों का कहना है कि उनकी फसल कई बार आए सूखे और चक्रवात में बर्बाद हो चुकी है। किसानों ने उन लोगों को मिलने वाले राहत पैकेज पर भी पुनर्विचार करने की मांग की है। किसानों की यह भी मांग है कि उनको अगली साल के लिए बीज खरीदने दिए जाएं और हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
39 दिन से दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर आंदोलन कर रहे तमिलनाडु के किसानों ने आंदोलन खत्म कर लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद किसानों ने 25 मई तक आंदोलन नहीं करने का फैसला किया है।  किसानों ने कहा है कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं की गईं तो 25 मई से दोबारा आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमें टिकट मिल गईं, तो हम आज ही वापस चले जाएंगे।
ऋण माफ कराने के लिए लंबे समय से दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर आंदोलन कर रहे तमिलनाडु के किसानों ने 22 अप्रैल को अपना ही मूत्र पीकर विरोध जताया था। किसानों ने मोदी सरकार को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह शनिवार को अपना मूत्र पीएंगे और अगर फिर भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो मल भी खाएंगे। पिछले 39 दिनों से ये किसान अलग तरीकों से आंदोलन कर सुर्खियां बटोर रहे थे। ये लोग अपने साथ मानव कंकाल भी लाए थे, जिसे लेकर इन लोगों का दावा था कि ये उन किसानों के हैं, जिन्होंने आत्महत्या की है। इन लोगों ने नग्न होकर रायसीना हिल्स पर प्रदर्शन करने के अलावा चूहे और सांप भी खाए थे। इसके अलावा नकली अंत्येष्टि भी की थी। आंदोलन की अगुआई कर रही नेशनल साउथ-इंडियन रिवर्स लिंकिंग फार्मर्स असोसिएशन के स्टेट प्रेजिडेंट पी.अयाकन्नू ने कहा था कि हमें पीने के लिए तमिलनाडु में पानी नहीं मिल रहा है और पीएम नरेंद्र मोदी इसकी अनदेखी कर रहे हैं, तो हमें अब अपने मूत्र से ही प्यास बुझानी पड़ेगी।

‘हमसफर‘ एक्सप्रेस सहित नई 9 रेल यात्री सुविधाओं का शुभारंभ ई-मार्केटिंग, ई-केटरिंग के जरिए छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प और महिला समूहों के बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया के सपने को छत्तीसगढ़ जल्द से जल्द साकार करेगा। मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाना जरूरी है। नये राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ विकास की राह पर तेजी से अग्रसर है। श्री प्रभु आज यहां रेल्वे स्टेशन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ विभिन्न यात्री सुविधाओं का शुभारंभ करने के बाद जनता को सम्बोधित कर रहे थे। 

शुभारंभ समारोह में रेल मंत्री और मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव से नागपुर के बीच तीसरी रेल लाइन की आधारशिला रखी। इसे मिलाकर उन्होंने प्रदेशवासियों को 9 विभिन्न यात्री सुविधाओं की सौगात दी। रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वीडियो लिंक के जरिये बटन दबाकर इन सुविधाओं का शुभारंभ किया। डॉ. रमन सिंह ने कहा - छत्तीसगढ़ में 160 साल के रेल्वे के इतिहास का आज यह स्वर्णिम दिन है, जब एक साथ इतनी सारी रेल सुविधाओं का शुभारंभ हो रहा है। 
रेल मंत्री श्री प्रभु ने छत्तीसगढ़ के परम्परागत हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए ई-मार्केटिंग को प्रोत्साहित करने और महिला समूहों द्वारा तैयार भोजन ई-केटरिंग के जरिए रेल यात्रियों को उपलब्ध कराने की अपनी योजनाओं के बारे में भी बताया। रेल मंत्री और मुख्यमंत्री ने जिन यात्री सेवाओं की शुरूआत की उनमें रायपुर स्टेशन के गुढ़ियारी प्रवेश छोर पर दो एस्केलेटर एवं प्लेटफार्म नम्बर 2-3 और 5-6 पर लिफ्ट की सुविधा, बिलासपुर और दुर्ग स्टेशनों में हाई स्पीड वाई-फाई की सुविधा, डोंगरगढ़ स्टेशन पर नवनिर्मित फुट ओव्हर ब्रिज, दुर्ग स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 1, 2-3 तथा 4-5 में लिफ्ट का लोकार्पण शामिल हैं। इस अवसर पर दुर्ग स्टेशन से चलने वाली दुर्ग-निजामुद्दीन ‘हमसफर’ द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस की नई सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। 

 सुरेश प्रभु ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं मौजूद है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। यहां उपलब्ध खनिज सहित अन्य संसाधनों के दोहन का भरपूर लाभ छत्तीसगढ़वासियों को मिल सके, इस दिशा में रेलवे द्वारा ज्वाइंट वेंचर प्रोजेक्ट के जरिये विशेष कार्य योजना तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सन् 2009 से 2014 तक जहां छत्तीसगढ़ को रेल्वे से 311 करोड़ रूपए का वार्षिक बजट मिलता था, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा सन् 2014 से 2016 तक छत्तीसगढ़ में प्रतिवर्ष 1668 करोड़ रूपए रेल्वेे में निवेश किया गया, वहीं चालू सत्र के लिए 3676 करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इण्डिया के सपने को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाना जरूरी है। श्री प्रभु ने बताया कि उनके कार्यकाल का तीसरा और छत्तीसगढ़ के पहले रेल सप्ताह का आयोजन रायपुर में किया जा रहा है। इससे पहले रेल सप्ताह का आयोजन आसाम और ओडिशा में किया गया है। 

 

बाबरी मामले में आडवाणी समेत 13 भाजपा नेताओं पर केस चलेगा.

बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विवादित बाबरी मस्जिद को तोड़ने की साज़िश के आरोप में 13 भाजपा नेताओं पर केस चलेगा.
इसमें भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह और केंद्रीय मंत्री उमा भारती शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में रोज़ सुनवाई होगी और इस दौरान किसी जज का ट्रांसफ़र नहीं होगा.
 
सुप्रीम कोर्ट ने अभी कल्याण सिंह को इस मामले से बाहर रखा है। क्योंकि वह राजस्थान के गवर्नर हैं। जबतक वह गवर्नर रहेंगे तबतक उनपर कोई केस रजिस्टर नहीं होगा। इस ट्रायल को दो साल में खत्म करने की बात सुप्रीम कोर्ट ने कही है। इसके लिए मामले की लखनऊ कोर्ट में रोजाना सुनवाई होगी। केंद्रीय मंत्री उमा भारती पर भी केस चलेगा।
क्या है सेक्शन 120-B : इंडियन पेनल कोड, 1860 के मुताबिक, इस मामले में दोषी पाए जाने पर सजा ए मौत, आजीवन कारावास या फिर दो साल तक की सजा मिल सकती है।
छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराने से संबंधित दो तरह के मामले हैं। पहला अज्ञात ‘कारसेवकों’ से जुड़ा है जिसमें सुनवाई लखनऊ की एक अदालत में चल रही है जबकि दूसरी तरह के मामले रायबरेली की एक अदालत में वीवीआईपी से संबंधित हैं।

 

स्कूल और कॉलेज के छात्रों ने बरसाए पुलिस पर पत्थर, आज पूरी कश्मीर घाटी में स्कूल-कॉलेज बंद

पुलवामा कार्रवाई के विरोध में श्रीनगर में एसपी कॉलेज और विमिन कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने आजादी और भारत विरोधी नारे गए और मुख्य एम ए रोड को बंद कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार करनी पड़ी। इसमें 7 छात्र और एक जवान घायल हो गया। विमिन कॉलेज की एक छात्रा ने कहा कि हम कॉलेज के अंदर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बाहर से ही एसपी कॉलेज के छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़ दिए, जिसके बाद हम सड़क पर आ गए। उसने बताया कि जब हम एसपी कॉलेज के पास आए तो उन्होंने हम पर भी आंसू गैस के गोले छोड़ दिए। हमारे हाथ में पत्थर नहीं थे, हम शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने हमसे बदतमीजी की और गालियां भी दीं।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार के प्रदर्शन का आह्वान कश्मीर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (KUSU) ने किया था। राज्य के शिक्षा मंत्री अल्ताफ बुखारी ने सहयोगी इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि एहतियात के तौर पर डिविजनल प्रशासन ने सभी हायर सेकंडरी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज को मंगलवार को बंद रखने का फैसला किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: सूरत में बोले पीएम-गरीबों को सस्ती दवाई मिले, इसके लिए काम किया

पीएम मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है. आज के उनके कार्यक्रम का आगाज सूरत में पाटीदार आरोग्य ट्रस्ट के सुपर स्पेशिलिटी किरण अस्पताल के उद्घाटन से हुआ है.
सूरत दौरे के दूसरे दिन (17 अप्रैल) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के कतारगाम स्थित किरण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। 400 करोड़ की लागत से बने इस इस अस्पताल का पीएम ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। इसके बाद पीएम ने यहां लोगों को संबोधित कर रहे हैं। बता दें कि पाटीदार समाज आरक्षण न मिलने के कारण बीजेपी सरकार से नाराज है। यह हॉस्पिटल पाटीदार समुदाय द्वारा ही बनाया गया है। इसे पाटीदारों को मनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इसके बाद पीएम एक डायमंड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भी उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा पूर्णत: अॉटोमैटिक कैटल फीड प्लांट का भी उद्घाटन पीएम करेंगे। इसकी तैयारियां जारी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक में हिस्सा लेने के लिए भुवनेश्वर पहुंचे हवाईअड्डे से राजभवन तक मोदी के रोड शो में कई कार्यक्रम पेश अमित शाह ने किया स्‍वागत

भुवनेश्वर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को भुवनेश्वर पहुंच चुके हैं। हवाईअड्डे से राजभवन तक मोदी के रोड शो में कई सांस्कृतिक दलों ने कार्यक्रम पेश किए। राज्य भाजपा के प्रवक्ता सज्जन शर्मा ने बताया कि मोदी प्रार्थना के लिए विख्यात लिंगराज मंदिर भी जाएंगे। बैठक में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री जनता मैदान में जनजातीय समुदाय के छात्रों से मिलेंगे।
मोदी 1817 में राज्य में अंग्रेजों के खिलाफ हुए पाइका विद्रोह में शामिल होने वाले 16 परिवारों के सदस्यों को सम्मानित करेंगे। इसे राज्य में भाजपा के एक बड़े कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है। भुवनेश्वर की सड़कों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के मद्देनजर भाजपा के झंडों-बैनरों से पाट दिया गया है। इनमें मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ-साथ राज्य भाजपा के नेता केंद्रीय मंत्री धर्मेद्र प्रधान और जुएल ओराम को भी स्थान दिया गया है।
1998 में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यहां बैठक हुई थी। इसके बाद भाजपा ने राज्य में बीजू जनता दल से हाथ मिलाया था। 1998 में केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी राजग सरकार में बीजद भी शामिल हुई थी। बाद में ओडिशा में भी बीजद और भाजपा ने मिलकर सरकार बनाई। फिर दोनों के बीच मतभेद उभरे और बीजद ने राजग से नाता तोड़ लिया। इसके बाद से भाजपा राज्य में अपने विस्तार के लिए पूरा जोर लगा दिया। 2014 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद भाजपा राज्य में केवल एक सीट जीत सकी थी। इसके बाद पंचायत चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा।

यूपी राजरानी एक्सप्रेस की 9 बोगियां पटरी से उतरी,रामपुर के पास कोसी में मची चीख-पुकार, कई के दबे होने की आशंका

 रामपुर। रामपुर के पास राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। ट्रेन की 9 बोगियां पटरी से उतर गई है। हमारे संवाददाता के अनुसार, हादसे में किसी के मरने की सूचना नहीं है। वहीं 50-60 लोग घायल बताए जा रहे हैं। जिनमें से गंभीर रुप से 7-8 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये हादसा रामपुर में ओवर ब्रिज के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार ट्रैक में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
घटनास्थल पर पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौजूद हैं। ट्रेन में दबे लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला जा चुका है। वहीं मेरठ से लोकल बसों में सवार होकर मामूली रुप से घायल लोग अपने गंतव्य के लिए निकल चुके हैं। हादसे के बाद रामपुर लखनऊ रूट पर यातायात बाधित है।
ट्रेन मेरठ से लखनऊ जा रही थी तभी रामपुर में ओवर ब्रिज के पास ये हादसा हुआ है।