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संसदीय समिति के सामने RBI गवर्नर और वित्‍त मंत्रालय के अधिकारियों की पेशी टली, अब 18 को होगी बैठक

संसद में वित्‍त मामलों की स्‍टैंडिंग कमेटी ने नोटबंदी को लेकर 11 जनवरी को बुलाई गई बैठक रद्द कर दी है। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्‍पा मोइली इस समिति के अध्‍यक्ष हैं। इस बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया गवर्नर उर्जित पटेल और वित्‍त मंत्रालय के अधिकारियों को शामिल होना था। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने आधिकारिक कार्यों का हवाला देकर बुधवार की बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है। एक और जहां आरबीआई का उच्‍च वर्ग नोटबंदी के बाद के काम में व्‍यस्‍त है, वहीं वित्‍त मंत्रालय के अधिकारी बजट से जुड़े काम में लगे हैं। वित्‍त मामलों की स्‍टैंडिंग कमेटी ने 18 जनवरी को फिर बैठक बुलाई। हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि इसके बाद अगली तारीख पर संसदीय पैनल बैठक करा पाएगा या नहीं। आरबीआई गवर्नर को लोक लेखा समिति (PAC) ने भी 20 जनवरी को अपने समक्ष पेश होने के लिए तलब किया है।

पीएसी ने आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को 20 जनवरी 2017 को उसके समक्ष पेश होकर यह साफ करने को कहा है कि नोटबंदी का फैसला कैसे लिया गया और इसका देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर क्‍या असर होगा। पटेल को इस संबंध में 10 सवाल भेजे गए हैं, जिनके जरिए फैसला लेने में केंद्रीय बैंक की भूमिका, अर्थव्‍यवस्‍था पर प्रभाव और आरबीआई गवर्नर के रेगुलेशंस में पिछले दो महीनों में आए बदलाव पर जानकारी मांगी गई है। नोटबंदी के पास पैदा हुई नकदी की समस्‍या कुछ हद तक कम जरूर हुई है, मगर अभी भी पर्याप्‍त मात्रा में नए नोटों की सप्‍लाई नहीं हो पा रही है और अर्थशास्त्रियों ने जीडीपी वृद्धि दर में कमी की आशंका जताई है।
संसदीय समिति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके अचानक लिए गए नोटबंदी के फैसले पर सफाई के लिए तलब किया जा सकता है। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता वीके थॉमस के नेतृत्‍व वाली पीएसी आरबीआई गवर्नर के बाद पीएम को भी तलब करना चाहती है। थॉमस ने कहा, ”समिति को मामले से जुड़े किसी भी व्‍यक्ति को बुलाने का अधिकार है। लेकिन वह 20 जनवरी की बैठक के नतीजे पर निर्भर करेगा। हम पीएम को नोटबंदी के मुद्दे पर बुला सकते हैं अगर सदस्‍य एकमत से यह फैसला लें।”
थॉमस ने यह भी कहा कि जब वह नोटबंदी के बाद पीएम से मिले तो ”उन्‍होंने कहा कि दिसंबर अंत तक 50 दिन में हालात सामान्‍य हो जाएंगे, मगर ऐसा लगता नहीं।”

नोटबंदी: संसदीय समिति ने RBI गवर्नर से मांगी सफाई, पूछा- क्‍यों न आपको पद से हटा दिया जाए?

लोक लेखा समिति (PAC) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल को 28 जनवरी को अपने समक्ष पेश होने के लिए तलब किया था। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता केवी थॉमस की अगुवाई वाली समिति ने पटेल से नोटबंदी के मुद्दे पर 10 सवाल पूछे हैं। फैसला लेने में केंद्रीय बैंक की भूमिका, अर्थव्‍यवस्‍था पर प्रभाव और आरबीआई गवर्नर के रेगुलेशंस में पिछले दो महीनों में आए बदलाव पर पटेल से जानकारी मांगी गई है। 30 दिसंबर को भेजे गए ये सवाल इंडियन एक्‍सप्रेस के पास मौजूद हैं। जिसमें संसदीय समिति ने आरबीआई गवर्नर से पूछा है कि अगर नकदी निकालने पर पाबंदी लगाने को लेकर कोई कानून नहीं है तो उन पर ”शक्तियों का दुरुपयोग करने के लिए” मुकदमा क्‍यों न चले और उन्‍हें हटाया क्‍यों न जाए। पीएसी ने यह भी जानना चाहा है कि कितनी नकदी पर प्रतिबंध लगा था और उसमें से कितनी बैंकिंग व्‍यवस्‍था में लौट आई है। समिति ने पटेल से जिन सवालों के जवाब जानने मांगे हैं, वे इस प्रकार हैं:
1. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में कहा है कि नोटबंदी का फैसला आरबीआई और इसके बोर्ड द्वारा लिया गया था। सरकार ने सिर्फ सलाह पर कार्रवाई की। क्‍या आप सहमत हैं?
2. अगर फैसला आरबीआई का ही था, तो आखिर कब आरबीआई ने तय किया कि नोटबंदी ही भारत के हित में हैं?
3. रातोरात 500 और 1,000 रुपए के नोट बंद करने के पीछे आरबीआई ने क्‍या कारण पाए?
4. आरबीआई के अपने अनुमान दिखाते हैं कि भारत में सिर्फ 500 करोड़ रुपए की नकली/जाली करंसी है। जीडीपी के मुकाबले भारत में कैश 12 फीसदी था जो कि जापान (18%) और स्विट्जरलैंड (13%) से कम है। भारत में मौजूद नकदी में उच्‍च मूल्‍य के नोटों का हिस्‍सा 86% था, लेकिन चीन में 90% और अमेरिका में 81% है। तो, अचानक ऐसी क्‍या जरूरत आ पड़ी थी कि आरबीआई को विमुद्रीकरण का फैसला लेना पड़ा?
5. 8 नवंबर को होने वाली आपातकालीन बैठक के लिए आरबीआई बोर्ड सदस्‍यों को कब नोटिस भेजा गया था? उनमें से कौन इस बैठक में आया? कितनी देर यह बैठक चली? और बैठक का ब्‍योरा कहां है?
6. नोटबंदी की सिफारिश करते हुए कैबिनेट को भेजे गए नोट में, क्‍या आरबीआई ने साफ-साफ लिखा था कि इस फैसले का मतलब देश की 86 प्रतिशत नकदी को अवैध करना होगा? आरबीआई उतनी ही नकदी कब तक व्‍यवस्‍था में लौट सकेगी?
7. सेक्‍शन 3 c(v) के तहत 8 नवंबर, 2016 को आरबीआई की अधिसूचना द्वारा बैंक खातों से काउंटर के जरिए 10,000 रुपए प्रतिदिन और 20,000 रुपए प्रति सप्‍ताह निकासी की सीमा तय कर दी गई। एटीएम में भी 2,000 रुपए प्रति दिन निकासी की सीमा लगाई गई। किस कानून और आरबीआई को मिली शक्तियों के तहत लोगों पर अपनी ही नकदी निकालने पर सीमा तय की गई? देश में करंसी नोटों की सीमा तय करने की ताकत आरबीआई को किसने दी? अगर ऐसा कोई नियम आप न बता सकें, तो क्‍यों न आप पर मुकदमा चलाया जाए और शक्‍त‍ियों का दुरुपयोग करने के लिए पद से हटा दिया जाए?
8. पिछले दो महीनों से आरबीआई के रेगुलेशंस में बार-बार बदलाव क्‍यों हुए? कृपया हमें उस आरबीआई अधिकारी का नाम बताएं जिसे निकासी के लिए लोगों पर स्‍याही लगाने का विचार आया? शादी से जुड़ी निकासी वाली अधिसूचना किसने तैयार की थी? अगर यह सब आरबीआई ने नहीं, सरकार ने किया था तो क्‍या अब आरबीआई वित्‍त मंत्रालय का एक विभाग है?
9. कितने नोट बंद किए गए और पुरानी करंसी में से कितना वापस जमा किया जा चुका है? जब 8 नवंबर को आरबीआई ने सरकार को नोटबंदी की सलाह दी तो कितने नोटों के वापस लौटने की संभावना थी?
10. आरबीआई ने आरटीआई के तहत जानकारी देने से मना क्‍यों किया है, वह भी निजी चोट का डर जैसा कारण बताकर? आरटीआई के तहत मांगी जाने वाली जानकारी देने को आरबीआई क्‍यों नहीं दे रहा?

अखिलेश यादव और मुलायम सिंह गुट से चुनाव आयोग ने कहा- MP, MLA, MLC के हस्ताक्षर युक्त एफिडेविट देकर साबित करो अपनी ताकत

साइकिल किसकी होगी? इस पर फैसला होना बाकी है लेकिन इसकी दावेदारी लेकर चुनाव आयोग पहुंचे समाजवादी पार्टी के दोनों धड़ों को आयोग ने नोटिस जारी कर अपनी ताकत का इजहार करने को कहा है। अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव गुट को आयोग की तरफ से कहा गया है कि दोनों गुट अपने-अपने समर्थन में सभी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों का हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्र 9 जनवरी तक आयोग को सौंप दें, ताकि आयोग जल्द ही इस पर कोई फैसला ले सके। हालांकि, समाजवादी पार्टी को दोनों धड़ों में सुलह की कोशिश अभी भी जारी है।
चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि चूंकि उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है इसलिए आयोग इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाना चाहता है। इसीलिए आयोग ने 9 जनवरी तक दोनों गुटों से अपने-अपने दावे पेश करने को कहा है। इस सप्ताह समाजवादी पार्टी के दोनों धड़ों के नेताओं ने चुनाव आयोग पहुंचकर चुनाव चिह्न पर अपनी-अपनी दावेदारी ठोकी थी। एक ही राजनीतिक दल के अंदर दो गुटों में किसे बहुमत प्राप्त है, इसका फैसला सबसे पहले चुनाव आयोग ने साल 1969 में किया था, जब कांग्रेस पार्टी दो गुटों में बंटी थी।
सूत्रों के मुताबिक रामगोपाल यादव ने मंगलवार को चुनाव आयोग में जो कागजात सौंपे हैं, उसमें दावा किया गया है कि अखिलेश यादव गुट ही असली समाजवादी पार्टी है। कागजात में यह भी दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को विधान सभा, विधान परिषद और लोकसभा, राज्य सभा के अधिकांश निर्वाचित सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। करीब 100 पन्नों के इस कागजात में 5000 से ज्यादा पार्टी प्रतिनिधियों और 90 फीसदी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों के हस्ताक्षर शामिल हैं।
दूसरी तरफ मुलायम गुट द्वारा सौंपे गए कागजात में कुछ लोगों के ही हस्ताक्षर हैं। बावजूद इसके आयोग ने दोनों गुटों से समर्थन दे रहे पार्टी प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्र सौंपने को कहा है। आयोग सूत्रों के मुताबिक, हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्रों के आधार पर ही चुनाव आयोग यह निर्णय लेगा कि किसके पक्ष में बहुमत है और जिस पक्ष के पास बहुमत होगा उसे पार्टी का चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाएगी।

पांच राज्यों में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान

 पांच राज्यों में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान  
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने बुधवार को उत्‍तर प्रदेश समेत उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में चुनाव की तारीखों का ऐलान  कर दिया है   . इन पांच राज्यों में 690 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे. 5 राज्यों में 16 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे. सभी को आईकार्ड दिए जाएंगे. चुनाव तारीखों की घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्‍यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है।
पहला चरण: 11 फरवरी
दूसरा चरण: 67 सीटों पर, वोटिंग 15 फरवरी
तीसरा चरण: 69 सीटों में 19 फरवरी को वोटिंग
चौथा चरण: 23 फरवरी को वोटिंग
पांचवा चरण: 27 फरवरी को वोटिंग होगी

 

    

 

जेएस खेहर बने नए चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति भवन में ली शपथ, प्रणब मुखर्जी, पीएम मोदी भी मौजूद

जस्टिस जेएस खेहर ने बुधवार (4 जनवरी) को भारत के नए चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ले ली। खेहर का शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में हुआ। वहां पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। जेएस खेहर ने टीएस ठाकुर की जगह ली है। इससे पहले मंगलवार को टीएस ठाकुर की रिटायरमेंट हुई थी।
पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर के फेयरवेल पर खूब हंसी-मजाक हुआ था। उनके बारे में नए चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कई मजेदार बातें बताईं। जस्टिस खेहर ने कहा, वह पहली बार ठाकुर से पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में मिले थे और तब वह काफी हैंडसम थे। खेहर ने कहा, अगर वह एक हैंडसम इंसान थे, तो सोचिए महिलाओं के लिए वह क्या होंगे। यह पता करने में देर नहीं लगती थी कि एक महिला उनके बारे में क्या फील करती है।
जस्टिस खेहर एक केन्याई प्रवासी के बेटे हैं और वह उस वक्त स्कूल में थे, जब उनका परिवार भारत लौटा था। पंजाब यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडलिस्ट खेहर दशकों पहले सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक जज वी रामास्वामी का केस लड़ा था। रामास्वामी पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। रामास्वामी इकलौते एेसे जज रहे जिनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया।
जस्टिस खेहर अपने माता-पिता के बेहद करीब हैं। उनके पिता का कुछ वर्षों पहले निधन हो गया था, लेकिन जो उन्हें करीब से जानते हैं उन्हें पता है कि पिता के निधन के अगले ही दिन वह कोर्ट में थे। रविवार को जस्टिस खेहर अपने पालतू कुत्ते को नहलाते हुए देखे जाते हैं।

रिटायरमेंट फंक्शन में बोले पूर्व सीजेआई टीएस ठाकुर-न्यायपालिका स्वतंत्र और बेखौफ रहे, बस यही प्रार्थना करूंगा

 

अपने कार्यकाल के आखिरी दिन मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने बेखौफ न्यायपालिका की अहमियत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हमें जजों की कमी और भारतीय समाज की समग्रता को ध्यान में रखते हुए आम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है। सुप्रीम कोर्ट लॉन्स में अपने फेयरवेल फंक्शन में उन्होंने वकीलों से अपील करते हुए कहा कि न्यायपालिका को स्वतंत्र और बेखौफ रहना चाहिए। पहले वकील और फिर जज के अपने 45 साल के करियर को याद करते हुए ठाकुर ने कहा, मैं इस संस्था के लिए जो सर्वश्रेष्ठ कर सकता था, मैंने किया। मैं रिटायर हो रहा हूं लेकिन बाहर से सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा के लिए प्रार्थना करूंगा।
इस आयोजन में ठाकुर के साथ भारत के नए चीफ जस्टिस जेएस खेहर भी थे। ठाकुर ने कहा कि न्यायपालिका के सामने कई चुनौतियां हैं और उसे आगे और कठिन चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा वर्तमान में कई चुनौतिया हैं। आपके पास 3 करोड़ मुकदमे लंबित हैं। आपके पास इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है। आपके पास जजों की संख्या कम है। आने वाले समय में आपके पास और भी गंभीर मुद्दे सामने आएंगे। साइबर कानून, मेडिको-लीगल, जेनेटिक्स, प्राइवेसी को लेकर आपके आगे कई मुद्दे आएंगे। उन्होंने कहा कि देश एक महान पुनरुत्थान के मुहाने पर खड़ा है और हथियारों के रूप में ही नहीं बल्कि आर्थिक तौर पर भी एक महान विश्वशक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश तब तक प्रगति नहीं कर सकता जब तक न्यायपालिका विकास की चुनौतियों से निपट न ले। उन्होंने विकास के कार्यों और समाज की शांति के लिए वकीलों की भूमिका को बेहद गंभीर बताया है।
बता दें कि जस्टिस ठाकुर ने अपने कार्यकाल में कई अहम फैसले दिए थे। देश की अदालतों में जजों की कमी को लेकर उन्होंने कई बार नरेंद्र मोदी सरकार पर तल्ख टिप्पणी की थी। एक मुकदमे के दौरान उन्होंने कहा था कि जज बनना आसान नहीं है और यदि कोई व्‍यक्ति जज बन जाता है तो ज्‍यादा मुश्किल है। उन्‍होंने यह टिप्‍पणी हाल ही में एक जूनियर जज की अपील पर सुनवाई के दौरान की थी। जूनियर जज को उनके गुस्‍से और अनुपयुक्‍त व्‍यवहार के चलते पद से हटा दिया गया था। पूर्व सीजेआई ठाकुर ने कहा था, ” यदि आप जज हैं तो बहुत दिक्‍कत है। आपको सभी तरह वकीलों और याचिकाकर्ताओं का सामना करना पड़ता है। आपको विनम्रता और धैर्य रखना चाहिए क्‍योंकि आपके सामने कई तरह की बकवास आती है।

1 फरवरी को पेश किया जाएगा बजट 31 जनवरी से शुरू होगा संसद का सत्र,

 मंगलवार को संसदीय मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) कीसंसद भवन में बैठक हुई. संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा. आम तौर पर बजट सत्र फरवरी के आखिरी सप्ताह में बुलाया जाता है लेकिन इस साल बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा. बजट सत्र का पहला सेशन 31 जनवरी से 9 फरवरी तक होगा. 31 जनवरी को राष्ट्रपति संसद के दोनों सत्रों को संबोधित करेंगे. वहीं आर्थिक सर्वेक्षण 31 जनवरी को लाया जाएगा.बजट सत्र को पहले बुलाया जा रहा है क्योंकि सरकार चाहती है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए धन का आवंटन एक अप्रैल से हो जाए. इसी समय से वित्त वर्ष की शुरूआत होती है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की. वित्त मंत्री अरुण जेटली , विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार समेत अन्य सीसीपीए के सदस्य हैं  
वित्त मंत्री अरूण जेटली चार जनवरी को जीएसटी परिषद की बैठक समाप्त होने के बाद राज्यों के साथ बजट पूर्व विचार-विमर्श करेंगे. जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की दो दिवसीय बैठक मंगलवार से शुरू होगी. इसमें करदाताओं पर नियंत्रण के जटिल मुद्दे पर विचार किया जाएगा

मुख्यमंत्री रायपुर में आज करेंगे लक्की ग्राहक योजना एवं डीजी-धन मेला का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए दो जनवरी से लक्की ग्राहक योजना एवं डिजी-धन मेले का आयोजन किया जा रहा है। पहला डिजी-धन मेला दो जनवरी को रायपुर के कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिह  आज दो जनवरी को अपरान्ह 3.30 बजे इस मेले का शुभारंभ करेंगे। केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री विष्णुदेव साय, लोक सभा सांसद श्री रमेश बैस, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले और लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
डीजी धन मेले में रूपे कार्ड, यूएसएसडी, यूपीआई और एईपीएस के जरिये डिजिटल भुगतान करने वाले नागरिकों को लक्की ड्रा के माध्यम से ईनाम दिया जाएगा। मेले का आयोजन पूर्वान्ह 11 बजे से शाम पांच बजे तक किया जाएगा। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए स्लोगन, पोस्टर और जिंगल प्रतियोगिता के विजेताओं को मेले में पुरस्कृत किया जाएगा। पोस्टर, स्लोगन और जिंगल की प्रत्येक श्रेणी में 15-15 हजार रूपए के प्रथम पुरस्कार और 10-10 हजार रूपए के द्वितीय पुरस्कार दिए जाएंगे। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के नाम संबोधन नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर बोले देश शुद्धि यज्ञ का गवाह बना

नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल की पूर्व संध्या पर देश के लोगों को नए साल की बधाई दी। मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि नोटबंदी के बाद देश शुद्धि यज्ञ का गवाह बना
पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि दिवाली के बाद देश ने एक बड़ा फैसला लिया. अब नए संकल्प और उमंग के साथ देश के लोग नए साल में कदम रखेंगे.
नोटबंदी के 50 दिन पूरे होते ही सरकार ने एटीएम से कैश निकालने की लिमिट बढ़ा दी. शुक्रवार यानी 30 दिसंबर को सरकार की ओर से घोषणी की गई कि अब नए साल से लोग हर रोज एटीएम से 4500 रुपये निकाल सकेंगे. नोटबंदी के दौरान एटीएम से 2500 रुपये तक कैश निकालने की लिमिट तय की गई थी. जो 1 जनवरी बढ़ जाएगी और लोगों को राहत मिलेगी. हालांकि बैंक से कैश निकालने की लिमिट नोटबंदी के बाद भी हर हफ्ते 24 हजार रुपये ही है.गौरलतब है कि इससे पहले 8 नवंबर 2016 को शाम में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था. पीएम मोदी ने कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए 500 और हजार रुपये के नोट को अवैध करार देते हुए उसे प्रचलन से बाहर करने की घोषणा की थी. इसके लिए उन्होंने देशवासियों से 50 दिन का वक्त मांगा था, 30 दिसंबर को ही नोटबंदी के 50 दिन पूरे भी हो गए. इस दरम्यान लोगों की परेशानी को देखते हुए नोटबंदी के साथ लिए गए फैसलों में कई बार बदलाव भी किए गए. हालांकि नोटबंदी से लोगों को नकदी की काफी दिक्कतें आईं लेकिन फिर भी वो पीएम के फैसले के साथ खड़े दिखे.

डिजिटल लेनदेन के लिए भीम ऐप, बिना इंटरनेट के काम करेगा भीम ऐप

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट को बढ़ाना देने के लिए शुरू किए गए डिजि धन मेला में आज डिजि धन व्यापार योजना और लकी ग्राहक योजना के पहले विजेताओं की घोषणा की. राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टोडियम में आयोजित इस डिजि धन मेले को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्जवल भारत की नींव को वो मजबूत करने में लगे हैं.
उन्होंने कहा कि लकी ड्रॉ में से 4 विजेताओं को वो अपने हाथों से सम्मानित करके गर्व महसूस करेंगे.  डिजिटल लेन-देन को लेकर मेगा लकी ड्रॉ 14 अप्रैल को निकाला जाएगा. लकी साथ ही पीएम मोदी ने ऐलान किया कि डिजिटल लेन-देन के लिए सरकार ने 'भीम' नाम से एक ऐप लॉन्च किया है. पीएम ने बताया कि कुछ दिनों में आपका अंगूठा ही आपका बैंक बन जाएगा, हर काम अंगूठे की पहचान से होगीदेश में इस समय 100 करोड़ से ज्यादा मोबाइल फोन हैं। दुनिया के लोग गूगल के पास जाएंगे और पूछेंगे कि ये भीम है क्या? शुरुआत में उन्हें महाभारत वाला भीम दिखेगा, पर और गहराई से अंदर जायेंगे तो उन्हें भीम दिखाई देगा। पीएम ने उदाहरण देते हुए कहा कि ये भीम सामान्य नहीं है। ये आपके परिवार की आर्थिक महाशक्ति बनने वाला है।
उन्होंने कहा कि आशावादी लोगों के लिए मेरे पास ढेरों अवसर है। निराशावादी लोगों के लिए कोई दवा नहीं है। पीएम ने तीन साल पहले का जिक्र करते हुए यूपीए सरकार की भी खिंचाई की। उन्होंने कहा कि पहले अखबारों में खबरें छपती थी कि कोयला में कितना गया, टूजी में कितना गया और आज लोग कहते हैं कितना आया। आज पैसा जाने की नहीं आने की बात हो रही है। ये बदलाव है। हिन्दुस्तान बदलाव के लिए तैयार है।.

छ. ग. में नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे घोसित सारंग़ढ़ भिलाई चरोदा में बी जे पी का डंका

 छ. ग. में नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे घोसित सारंग़ढ़  भिलाई चरोदा में बी जे पी का डंका 

छ. ग. में नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे घोसित सारंग़ढ़  भिलाई चरोदा में बी जे पी का डंका 
 भिलाई चरोदा निगम चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई थी  यहां महापौर पद के लिए मुख्य मुकाबला भाजपा की चंद्रकांता मांडले और कांग्रेस की ज्योति बंजारे के बीच  था शुरुआती दौर की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी आगे चल रही थी  डाक मत पत्रों से शुरू हुई गणना में मेयर पद के लिए दिए गए 33 मतों में से 24 मत रिजेक्ट  कर दिए गए थे  बाकी बचे 9 में से 4 भाजपा, 4 कांग्रेस और एक मत निर्दलीय प्रत्याशी को मिला था सुरु से ही भाजपा के प्रत्याशी बढ़त हासिल की थी और महापौर पद के लिए  4000  ओट से जीत हासिल  कर ली है 

500-1000 के पुराने नोट रखने पर लगेगा जुर्माना, अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी

 केंद्र सरकार ने अध्‍यादेश जारी कर पुराने प्रतिबंधित नोट (500, 1000 रुपए) को रखने तथा जमा कराने की सीमा तय कर दी है। यह फैसला कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में लिया गया। एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस अध्‍यादेश का नाम ‘द स्‍पेसिफाइड बैंक नोट्स सीजेशन ऑफ लायबिलिटीज ऑर्ड‍िनेंस’ है। सीएनएनन्‍यूज18 के अनुसार, पुराने नोटों में लेन-देन करने वालों को 5,000 रुपए की सजा होगी। पुराने नोट रखने वालों को चार साल जेल का भी प्रावधान किया गया है। एक व्‍यक्ति 500 और 1000 रुपए के अधिकतम 10 नोट अपने पास रख सकेगा। पेनाल्‍टी से जुड़े मामलों पर निर्णय म्‍यूनिसिपल मजिस्‍ट्रेट स्‍तर का अध्‍ािकारी करेगा। इस अध्‍यादेश में रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स की सिफारिशें भी शामिल होंगी। 30 दिसंबर के बाद प्रतिबंधित नोट सिर्फ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में ही जमा कराए जा सकेंगे। इसके लिए एक ग्रेस पीरियड का ऐलान बाद में किया जाएगा।

कानपुर: कानपुर में फिर से एक ट्रेन हादसा, एक महीने में दूसरा ट्रेन हादसा,पुल पार करने के दौरान पटरी से उतरे 14 डिब्बे

 बुधवार को अजमेर-सियालदाह ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। फिलहाल 44 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं। उत्तरी-मध्य रेलवे के पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि हादसा रूरा रेलवे स्टेशन के पास हुआ। 12987 अजमेर-सियालदाह ट्रेन के साथ हादसा एक सूखी हुई नहर पर बने पुल को पार करने के दौरान हुआ। शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया था कि हादसा ज्यादा भयानक नहीं है। फिलहाल राहत कार्य जारी है। कानपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक जकी अहमद ने बताया कि ट्रेन की शयनयान श्रेणी के 13 और सामान्य श्रेणी के दो डिब्बे पटरी से उतरे थे। हादसे के कारण वहां फंसे यात्रियों को कानपुर रेलवे स्टेशन तक लाने के लिए बसों को मौके पर भेजा गया।
 इस हादसे से करीब एक महीने पहले 20 नवंबर को कानपुर देहात जिले में इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा, ‘‘यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए हम वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।’’ रेलमंत्री ने कहा कि घायलों को हर संभव सहायता मुहैया करायी जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘कानुपर के पास अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस के बेपटरी होने के मद्देनजर व्यक्तिगत रूप से हालात की निगरानी कर रहा हूं।’’ उन्होंने कहा कि घायल यात्रियों को भी सहायता राशि दी जाएगी। प्रभु ने कहा, यात्रियों को बहुत कम असुविधा हो इसके लिए उन्हें हर संभव सहायता मुहैया करायी जा रही है। ‘‘हम अपना सर्वोत्तम प्रयास कर रहे हैं।’’
कानुपर के रास्ते होकर जाने वाले दिल्ली-हावड़ा मार्ग को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है और दिल्ली-कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस रद्द कर दी गयी है। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं…. कानपुर के लिए… 0512-2323015, 2323016 और इलाहाबाद के लिए… 0532-2408149, 2408128 ।

नोटबंदी के बाद मोदी की यह दूसरी व यह साल का आखिरी मन की बात पीएम मोदी ने दी क्रिसमस व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जन्मदिन की बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल की आखिरी मन की बात के कार्यक्रम की शुरुआत देशवासियों को क्रिसमस की बधाई देते हुए की. उन्होंने मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी जन्मदिन की बधाई दी. 'मन की बात' कार्यक्रम का ये 27वां प्रसारण है. मन की बात कार्यक्रम का यह इस साल का आखिरी संस्करण है.
  पीएम मोदी ने कहा कि क्रिसमस की सौगात के रूप में पंद्रह हजार लोगों को ड्रॉ सिस्टम से इनाम मिलेगा. हर एक के खाते में एक-एक हजार रुपये का इनाम जाएगा. योजना 100 दिनों तक चलेगी. कैशलेस माध्यमों से ग्राहकों को सामान देने वाले दुकानदारों को भी इनाम मिलेगा. 3000 से ज्यादा की खरीददारी करने वालों को इनाम नहीं मिलेगा. कैशलेस खरीददारी करने वाले ग्राहकों के लिए 14 अप्रैल को एक बंपर ड्रा होगा. जिसमें करोड़ों के इनाम मिलेंगे.
पीएम ने कहा कि देश में टेक्नोलॉजी, ई-पेमेंट और ऑनलाइन पेमेंट का उपयोग करने की जागरूकता तेजी से बढ़ रही है. देश के नौजवान नए आइडिया और टेक्नोलॉजी से डिजिटल मूवमेंट को बल दें.
पीएम ने कहा कि व्यापारियों को डिजिटल लेन-देन करने और अपने कारोबार में ऑनलाइन पेमेंट की पद्धति विकसित करने पर टैक्स में छूट मिलेगी.
इससे पहले 26 नवंबर को मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा था कि, 'नोटबंदी का निर्णय सामान्य नहीं है, कठिनाइयों से भरा हुआ है. लेकिन 50 दिन बाद हालात सामान्य हो जाएंगे. देशवासी भ्रष्टाचार और कालेधन की इस लड़ाई में मेरी मदद करें.'

पीएम मोदी बोले- आजादी के 70 साल बाद भी 18000 गांव 18वीं सदी में रहने को मजबूर थे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 24 दिसंबर को महाराष्ट्र में हैं। वहां उन्होंने शिवाजी मेमोरियल के लिए जल पूजन किया। महाराष्ट्र सरकार ने अरब सागर में शिवाजी की विशाल प्रतिमा लगाने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार 3,600 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके अलावा भी मोदी ने कुछ कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।