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4000 रुपए लेकर बैंक में कतार में खड़े हो गए राहुल गांधी, कहा- मोदी, मीडिया को समझ नहीं आएगा कितनी दिक्कत है

राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी के 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले से आम लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को अपने चार हजार रुपए बदलने दिल्ली के संसद मार्ग स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच पहुंचे। वहां पर मौजूद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मीडिया और मोदी को समझ में नहीं आएगा कि आम लोगों को कितनी दिक्कत हो रही है। राहुल ने कहा, ’15-20 लोगों के लिए सरकार नहीं चलनी चाहिए। सरकार आमजन के लिए चलनी चाहिए। परेशानी आमजन को हो रही है। ये घंटों तक खड़े हैं। मैं यहां अपने 4000 रुपए के पुराने नोट बदलने आया हूं। यहां पर लगी लंबी लाइन को अंदर कर दिया गया। मैं लाइन में खड़ा होना चाहता हूं। ना मीडिया को और ना ही पीएम मोदी को समझ में आएगा कि लोगों को कितनी दिक्कत हो रही है। मेरे लोगों को दर्द हो रहा है। मैं उनके दर्द के लिए यहां लाइन में खड़ा हूं।

राहुल गांधी के इस कदम पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा के प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा, ‘राहुल गांधी कालेधन से परेशान हैं। आज तक गांधी परिवार का कोई सदस्य बैंक नहीं गया है। ये रॉयल परिवार से ताल्लुक रखने वाले राहुल गांधी को बैंक पहुंचने की क्या जरूरत है। ये लोग लाशों पर राजनीति करने वाले लोग हैं।

चिंकारा शिकार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खान को जारी किया नोटिस


चिंकारा शिकार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खान को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली: चिंकारा शिकार मामले में राजस्थान सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खान को नोटिस जारी किया है. राजस्थान सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर निचली अदालत के फैसले को लागू करे और सलमान खान को सेरेंडर करने का आदेश दे, ताकि वह बाकी की सजा पूरी कर सकें.

राजस्थान सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि सलमान खान के पास घटना के चश्मदीद गवाह जिप्सी ड्राइवर हरीश दुलानी से जिरह करने के पूरे मौके मौजूद थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया. अब सुप्रीम कोर्ट सलमान के खिलाफ दुलानी के बयान को मंजूर किया जाए.

याचिका में कहा गया कि ट्रायल के दौरान मामूली विसंगतियों से पूरे मामले को हल्का नहीं किया जा सकता. राजस्थान हाईकोर्ट इस केस के पूरे हालात को देखने में नाकाम रहा है, जो बिना शक अभियोजन पक्ष द्वारा साबित करते हैं कि सलमान इस मामले में दोषी हैं.

इसमें कहा गया कि सलमान खान को निचली अदालत ने सबूतों के आधार पर दोषी ठहराया था, लेकिन हाईकोर्ट ने अति तकनीकी आधार पर फैसला दिया. जो कानून में कहीं नहीं ठहरता.

दरअसल चिंकारा शिकार के मामले में राजस्थान सरकार सलमान खान को बरी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने 18 साल पुराने मामले में 25 जुलाई 2016 को सलमान खान को बरी कर दिया था. अब राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

पुलिस का दावा: 54 लाख रुपए के नोट बेकार हो जाने के डर से महिला ने दे दी जान

तेलंगाना के महबूबाबाद जिले में रहने वाली एक महिला ने इसलिए सुसाइड कर लिया, क्योंकि उसके घर में 54 लाख रुपए के 500 और एक हजार रुपए के नोट रखे हुए थे। सरकार द्वारा 500 और एक हजार रुपए के नोट बंद करने के बाद महिला को लगा कि अब उसका कैश कागज बनकर रह गया है। पुलिस के मुताबिक 55 वर्षीय कांडूकुरी विनोद ने घर में अपने आपको उस वक्त फांसी के फंदे से लटका लिया, जब उसके बेटे और पति सो रहे थे। जब केंद्र सरकार ने 500 और एक हजार रुपए के नोट बंद किए तो विनोद का परिवार काफी दुखी थी। पुलिस के मुताबिक महिला के परिवार ने कुछ दिन पहले ही 12 एकड़ खेती की जमीन 56.40 लाख रुपए में बेची थी। यह जमीन उन्होंने अपने बीमार पति के ईलाज के बेची थी। 1.4 लाख खर्च करने के बाद बाकी का कैश उनके घर में था। ये सारे 500 और 1000 रुपए के नोट थे। परिवार दोबारा से जमीन खरीदने की योजना बना रहा था। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक विनोद अपनी पूरी जमीन बेचने को तैयार नहीं थी, घर में इसको लेकर काफी विवाद हुआ था। लेकिन जब पीएम मोदी ने नोट बंद करने की घोषणा की तो उन्हें लगा कि ये नोट केवल कागज बनकर रहे गए हैं.

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान मंगलवार शाम को किया था। इसके साथ ही कहा था कि लोग अपने पुराने नोट बैंक में जाकर बदल सकते हैं या फिर अपने खाते में जमा करा सकते हैं। सरकार ने लोगों नोट बदलने के लिए 50 दिन का समय दिया है। इसके एक दिन बाद केंद्र सरकार ने बुधवार रात को घोषणा की है कि 2.5 लाख से ज्यादा के नोट को बदलने पर घोषित आय मिलाया जाएगा। घोषित आय से अगर जमा की राशि नहीं मिली तो टैक्स और 200% तक जुर्माना जमा करना पड़ेगा। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने इस विषय पर बोलते हुए कहा, ’10 नवंबर से 30 नवंबर तक के बीच जमा किए जाने वाले सभी पैसों की हमें रिपोर्ट्स मिलती रहेगी।

केजरीवाल का मोदी सरकार पर निशाना, कहा- स्विस बैंक में जमा कालेधन पर कार्रवाई क्यों नहीं?

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी के इस कदम से आमजन को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने कहा कि स्विस बैंकों में जमा कालेधन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? केजरीवाल ने कहा, ‘बच्चा-बच्चा जानता है कि कालाधन स्विस बैंकों में पड़ा है। प्रधानमंत्री जी आपको भी पता था कि कालाधन कहां था। पहले 648 ऐसे लोगों की लिस्ट आई थी, जिनका स्विस बैंकों में अकाउंट था। उस वक्त कांग्रेस सरकार थी। उसने कोई एक्शन नहीं लिया। आपने भी कोई कार्रवाई नहीं की। अंबानी सहित मैंने कईयों के आपको अकाउंट नंबर दिए थे। आज शाम उन 648 लोगों को गिरफ्तार कर लो, पूरे देश में कालाधन खत्म हो जाएगा। लेकिन वो आपके दोस्त हैं।’
साथ ही केजरीवाल ने कहा, ‘आप कह रहे हैं कि अगर कोई 2.5 लाख से ज्यादा बैंकों में पैसे जमा कराता है तो उस पर आप 200 फीसदी का जुर्माना लगाएंगे। एक रिक्शेवाले या किसान ने दस साल कमाई करके अपने 5-10 लाख रुपए जोड़े होंगे अपने बच्चों की शादी के लिए या फिर अन्य काम के लिए। इस जुर्मान का असर उन लोगों पर पड़ेगा। अरबों-खरबों रुपए वालों पर आपने कोई कार्रवाई नहीं की। आपने गरीबों को मारा है। आपको भगवान माफ नहीं करेगा।

केजरीवाल ने कहा, ‘उन्होंने एक सप्ताह पहले ही अपने साथियों को इस बारे में जानकारी दे दी थी। उन्होंने पहले ही निवेश कर लिया है। साथ ही मुझे यह भी समझ में नहीं आता कि आप 1000 रुपए का नोट बंद कर 2000 रुपए का नोट जारी करके कैसे भ्रष्टाचार खत्म कर सकते हैं।

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम को 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान किया था। पीएम मोदी की घोषणा के बाद कई और विपक्षी दलों ने भी आमजन को होने वाली परेशानी का हवाला देते हुए निशाना साधा था।

पीएम नरेंद्र मोदी आज होंगे जापान के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना, नागरिक परमाणु समझौते पर करार संभव

 

पीएम मोदी जापानी पीएम के साथ शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में बैठकर टोक्यो से कोबे जाएंगे। यात्रा से पहले मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार इसी बुलेट ट्रेन तकनीकी का इस्तेमाल मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेलवे में किया जाएगा।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (10 नवंबर) को जापान की तीन दिन की यात्रा पर रवाना होंगे। मान जा रहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री के इस दौरे में दोनों देशों के बीच परस्पर व्यापार, निवेश, सुरक्षा को बढ़ाने पर विचार करने के साथ ही नागरिक परमाणु समझौता हो सकता है। पीएम मोदी जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ सालाना बैठक भी करेंगे। पीएम मोदी जापान के राजा से भी मिलेंगे। ये पीएम मोदी की दूसरी जापान यात्रा होगी। पीएम मोदी जापानी पीएम के साथ शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में बैठकर टोक्यो से कोबे जाएंगे। यात्रा से पहले मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार इसी बुलेट ट्रेन तकनीकी का इस्तेमाल मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेलवे में किया जाएगा। पीएम मोदी कोबे स्थित कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज कारखाने का भी दौरा करेंगे। ये बुलेट ट्रेन इसी कारखाने में तैयार होती है।
पीएम मोदी ने एक बयान में कहा, “मैं 10-12 नवंबर तक सालाना बैठक के लिए जापान यात्रा पर रहूंगा। प्रधानमंत्री के तौर पर ये मेरी दूसरी जापान यात्रा है। मैं भारत और जापान के शीर्ष कारोबारियों से दोनों देशों के आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर चर्चा करूंगा।” बयान में कहा गया है कि 11 नवंबर को जापानी पीएम आबे से मुलाकात में पीएम मोदी दोनों देशों के संबंधों के परस्पर सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेंगे। इस बयान में कहा गया है कि भारत और जापान दोनों ही साझा बौद्ध विरासत, लोकतांत्रक मूल्यों और खुली, समावेशी और नियमों का सम्मान करने वाली वैश्विक व्यवस्था में यकीन रखते हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी के इस दौरे में दोनों देश आपस में नागरिक परमाणु समझौता कर सकते हैं जिसके बाद अमेरिकी परमाणु कंपनियों को भारत में परमाणु संयंत्र लगाने में मदद मिलेगी।

पिछले साल दिसंबर में जापानी पीएम आबे ने भारत का दौरा किया था। आबे के भारत दौरे में दोनों देश के बीच नागरिक परमाणु समझौते पर मोटी सहमति बन गई थी लेकिन उस पर अंतिम मुहर लगनी बाकी है। पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया था कि दोनों देश इस समझौते के कानूनी और तकनीकी पहलू से जुड़ी प्रक्रियाएं पुरी कर ली हैं। हालांकि स्वरूप ने पीएम मोदी के दौरे में इस समझौते पर दस्तखत होने से जुड़ा सवाल टाल दिया था। उन्होंने कहा था, “मैं पहले से बातचीत के नतीजे का अनुमान नहीं लगा सकता।” भारत और जापान के बीच नागरिक परमाणु समझौते को लेकर कई सालों से बातचीत चल रही है। 2011 में जापान के फुकोशिमा में हुए परमाणु हादसे के बाद इस बातचीत में ठहराव आ गया था।

500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद पुरानी दिल्ली में खुले आम हुआ 500 के बदले 300 रुपये देने का धंधा

नोट बदलने वाले एक व्यक्ति ने बताया, "मैं बाजार में एक घंटे से घूम रहा हूं। ज्यादातर 500 रुपये के बदले वेंडर 300 या 350 रुपये ही दे रहे हैं.

मंगलवार (8 नवंबर) शाम करीब आठ बजे भारतीय प्रधानमंत्री ने 500 और 1000 रुपये के बैंक नोट करने की घोषणा की। 9 नवंबर को बैंक और एटीएम बंद रहने की घोषणा के साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि ये नोट 30 दिसंबर तक बैंकों में बदले जा सकेंगे और अगले कुछ दिनों तक एटीएम और बैंक से निर्धारित सीमा के अंदर ही पैसे निकाले जा सकेंगे। पीएम मोदी की घोषणा की खबर जंगल में आग की तरफ फैली। लोगों में 500 और 1000 के नोट बदलने और दूसरे नोट पाने को लेकर अफरातफरी मच गई। बुधवार को भी यही माहौल देखने को मिला। पुराने और कटे-फटे नोटों को बदलने के लिए प्रसिद्ध पुरानी दिल्ली इलाकों में यही माहौल दिखा। पुरानी दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के बाहर एक नोट बदलने वाले ने बताया, “हम 500 के नोट के बदले 300 रुपये और 1000 के नोट के बदले 600 रुपये दे रहे हैं।”
एक अन्य नोट बदलने वाले ने बताया कि वो 20 हजार रुपये के 500 और 1000 के नोट लेकर 13 हजार रुपये दे रहा है। एक नोट बदलने वाले एक व्यक्ति से कह रहा था, “अब ये नोट तुम्हारे लिए तो रद्दी हो गए। मैं तो तुम्हें बेहतर सौदा दे रहा हूं फिर भी तुम मुझसे लड़ रहे हो।” एक नोट बदलने ने इस बारे में पूछने पर कहा, “हम केवल उनके नोट बदल रहे हैं जिनके पास थोड़े पैसे हैं। और जिसे इस रेट से दिक्कत है वो बैंक जाकर बदल सकता है।

इतने कम रेट पर भी कई लोग नोट बदलते हुए दिखे। एक ग्राहक कृष्ण कुमार अग्रवाल ने बताया, “मैं रांची से दो दिन के लिए यहां आया हूं। मेरे पास करीब 10 हजार रुपये हैं। होटल वाले मेरा बिल क्लीयर करने से मना कर रहे हैं। मैंने दो हजार के बदले 1300 रुपये लिए हैं।” दक्षिणी दिल्ली के रहने वाले एक कारोबारी शरद राजपूत ने बताया, “मैं बाजार में एक घंटे से घूम रहा हूं। ज्यादातर 500 रुपये के बदले वेंडर 300 या 350 रुपये ही दे रहे हैं। लेकिन मुझे एक आदमी ने 500 के एक नोट के बदले 470 रुपये दे दिए, वो मेरी मदद करना चाहता था।” शरद राजपूत ने आगे कहा, “मुझे पता था कि यहां ऐसी डील होती है इसलिए मैं बेहतर डील के लिए यहां आया।

पीएम मोदी की घोषणा के अनुसार गुरुवार (10 नवंबर) से बैंक और डाकघर में 500 और 1000 रुपये के नोट बदले या जमा किए जा सकते हैं। ये सुविधा 30 दिसंबर तक जारी रहेगी। बैंक में शुरू के कुछ समय तक एक दिन में केवल चार हजार रुपये बदले जा सकेंगे। पैसे जमा करने की कोई सीमा नहीं। घोषणा के 72 घंटों तक पुराने नोट से रेलवे, सरकारी बसों और एयरपोर्ट पर टिकट खरीद सकेेंगे। ऑनलाइन पेमेंट, डेबिट, क्रेडिट और डिमांड ड्राफ्ट से भुगतान भी जारी रहेगा।

जीत के बाद राष्ट्र के नाम डोनाल्ड ट्रंप का संदेश, अमेरिकियों के लिए कही ये बड़ी बात

न्यूयॉर्क। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी जीत से अमेरिका में और विभाजन के डर को दरकिनार करते हुए बुधवार को घोषणा की कि वह सभी अमेरिकियों के नेता होंगे। अपनी प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन को हराने के बाद जीत का जश्न मना रहे ट्रंप ने समर्थकों को संबोधित करते हुए रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच घनिष्ठता बढ़ाने का आह्वान किया।
ट्रंप ने कहा कि यह हमारे लिए एक एकजुट देश के रूप में एक साथ होने का समय है। मैं सभी नागरिकों को वचन देता हूं कि मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति रहूंगा। ट्रंप ने देश भर के अपने समर्थकों का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह उन करोड़ों मेहनतकश पुरुषों और महिलाओं की जीत है, जो अपने देश से प्यार करते हैं और अपने व अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि उनका चुनाव प्रचार एक आंदोलन था, जिसे सभी धर्मों और नस्लों के लोगों ने खड़ा किया था। हम लोग अपने देश के नवनिर्माण और अमेरिकी लोगों के सपने को जानने के काम को तत्काल शुरू करेंगे। अमेरिका..अमेरिका के हर्षनाद के बीच ट्रंप ने कहा कि जिन्हें भुला दिया गया है वे अब भुलाए नहीं रहेंगे।

500 और 1000 के नोट बंद: जानिए क्या करना होगा आज और कल

सरकार ने 500 रुपए व 1000 रुपए मूल्य के मौजूदा करेंसी नोटों को मंगलवार रात से अवैध घोषित कर दिया है।

मोदी सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए 500 और 1000 रुपए के नोट को आधी रात से बंद कर दिया है। सरकार के इस फैसले को भ्रष्टाचार, कालाधन और जाली नोटों के खिलाफ उठाया गया कदम बताया जा रहा है, हालांकि फैसले से देशभर के लोगों में अफरातफरी है। ऐसे में यहां हम आपके हर सवाल का जवाब लेकर आए हैं। यहां जानिए क्या करना होगा आज और कल?

500 और 1000 के नोट का क्या करें?
500 और 1000 रुपए के पुराने नोट 10 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 तक बैंक या डाकघर के खाते में जमा करवा सकते हैं। या फिर इन पुराने नोटों को नए एवं मान्‍य नोटों के साथ बदल सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको अपना पहचान पत्र भी दिखाना होगा। 11 नवंबर तक कुछ स्थितियों में पुराने नोट चलेंगे। सभी सरकारी अस्‍पतालों केमिस्ट, पेट्रोल पंप, रेलवे काउंटर एयरपोर्ट पर 11 नवंबर तक नोट लिए जाएंगे। आरबीआई ने 500 और 2000 रुपए के नए नोट निकाले हैं। ये 10 नवंबर से जारी होंगे।

कैसे करेंगे कोई भुगतान ?
9 नवंबर और 10 नवंबर को एटीएम और 9 नवंबर को बैंक बंद रहेंगे। लेकिन आप क्रेडिट या डेबिट कार्ड और ऑनलाइन ट्रांजक्शन कर सकते हैं। 10 नवंबर के बाद से एटीएम 100 रुपए के नोट और नए 2000 के नोट निकलने लगेंगे। लेकिन 18 नवंबर तक एक कार्ड से एक दिन में 2000 रुपए ही निकाल सकेंगे, वहीं 19 से यह लिमिट 4000 रुपए हो जाएगी।

चैक और डिमांड ड्राफ्ट का क्या होगा?

चैक और डिमांड ड्राफ्ट पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि इनके भुगतान में देरी हो सकती है क्योंकि बैंक बुधवार को बंद रहेंगे।

गुरुवार से बैंक जाकर क्या करना होगा?
गुरुवार से बैंक में 500 और 1000 रुपए का नोट बदलने की सुविधा के लिए काउंटर होगा। वहीं पोस्ट ऑफिस में भी जाकर इन्हें बदला जा सकेगा। हालांकि सरकार ने कहा है कि 500 रुपए और 1000 रुपए का नोट अपने जोखिम पर लें, क्योंकि पैसे बदलने वालों पर कैमरे से नजर रखी जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार करप्शन और ब्लैकमनी पर अंकुश लगाना चाहती है। क्योंकि इसका इस्तेमाल आतंकवाद के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा जाली नोट की खपत को रोका जा सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी – 500 और 1000 रुपये का नोट बंद, 2000 के नए नोट आएंगेे दो हजार और पांच सौ रुपये के नए नोट जारी किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ देर में देश को संबोधित कर रहे  थे  उन्‍होंने कहा कि पूरा विश्‍व भारत के विकास को मान रहा है। भारत को विश्‍व में चमक‍ते सितारे के रूप में देखा जा रहा है। यह सरकार सबका साथ सबका विकास में यकीन रखती है। यह सरकार गरीबों को समर्पित है। इसे  जनधन योजना, स्‍टैंड अप योजना, प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और सॉइल हैल्‍थ कार्ड योजना से समझा जा सकता है। पिछले दशकों से हम यहअनुभव कर रहे हैं कि देश में भ्रष्‍टाचार और कालाधन ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। देश से गरीबी हटाने में भ्रष्‍टाचार और कालाधन सबसे बड़ी बाधा है। एक तरफ तो हम विश्‍व में आगे बढ़ने वाले देशों में शामिल है लेकिन दूसरी ओर भ्रष्‍टाचार के मामले में हम 76वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यह दर्शाता है कि भ्रष्‍टाचार किस तरह फैला हुआ है। कुछ वर्ग गरीबों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे वेे फलते-फूलते रहेे हैं। वहीं देश के करोड़ों लोगों ने ईमानदारी को जीकर दिखाया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद हो गए है। वे अब कागज के टुकड़ों से अध्‍ािक कुछ नहीं होंगे। उन्‍होंने कहा कि जिन लोगों के पास 500 और 1000 रुपये के नोट हैं वे लोग 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक या पोस्‍ट ऑफिस में जमा कराए जा सकते हैं।  50 दिन का समय है इसके लिए अफरातफरी करने की जरुरत नहीं है। बैंक में जमा किए गए पैसों को निकाला जा सकता है। शुरू में एटीएम से 2000 रुपये ही निकाले जा सकेंगे। नौ और 10 नवंबर के बीच एटीएम से पैसे निकालने की बंदिश होगी। 11 नवंबर तक अस्‍पतालों में पुराने नोट दिए जा सकेंगे। 9 और 10 नवंबर को एटीएम नोट काम नही करेंगे। 72 घंटे तक पुराने नोट से रेलवे, सरकारी बसों और एयरपोर्ट पर टिकट खरीद सकेेंगे। वहीं बैंक ट्रांजेक्‍शन जारी रहेगा। ऑनलाइन पेमेंट, डेबिट, क्रेडिट और डिमांड ड्राफ्ट से भुगतान भी जारी रहेगा। नौ नवंबर को सारे बैंक बंद रहेंगे।
उन्‍होंने कहा कि इस देश ने बरसों से महसूस किया है कि भ्रष्‍टाचार, आतंकवाद और काला धन के खिलाफ कड़े कदम की जरुरत है। सीमा पार के शत्रु जाली नोटों के जरिए भारत में अपना धंधा बढ़ाना चाहते हैं। भ्रष्‍टाचार, आतंकवाद, काला धन और जाली नोट नासूर की तरह है। हमारी सरकार ने इनका सामना करने के लिए काम किया। सरकार बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्‍यक्षता में एसआईटी का गठन किया। बेनामी संपत्तियों को रोकने के लिए मजबूत कानून बनाया गया। इन कानूनों से सवा लाख करोड़ रुपये का कालाधन बाहर लाया गया है। भ्रष्‍टाचार से कमाए गए पैसों से महंगाई बढ़ती है। इससे गरीबों पर असर होता है। चुनाव में भी कालेधन का इस्‍तेमाल होता है।

11वीं बार ग्रीन कॉरिडोर ,दो लोगों को मिली नई ज़िंदगी

 

इंदौर : किसी को जीवनदान देने के लिए एक बार फिर से इंदौर की सड़क थम गई..इंदौर में अंगदान के लिए मंगलवार को 11 वी बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया.सड़क हादसे में घायल सचिन का ब्रैन डेड घोषित करने के बाद परिजनों की सहमति पर चौइथराम हॉस्पिटल से एयरपोर्ट और बाम्बे हॉस्पिटल के लिए कॉरिडोर बनाया गया था.हार्ट को मुबंई में और किडनी को इंदौर में ही मरीजों को प्रत्यारोपित किया गया है.11 वी बार ग्रीन कॉरिडोर  बनाने के साथ ही इंदौर ने अंगदान के मामले में नया किर्तीमान स्थापित किया है..
 
 
 
इंदौर में एक बार फिर से इतिहास रचते हुए अंगदान के लिए 11 वी बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है.इस बार कॉरिडोर चौइथराम हॉस्पिटल से एयरपोर्ट और दूसरा कॉरिडोर चौइथराम हॉस्पिटल से बाम्बे हॉस्पिटल के बीच बनाया गया था.दरअसल, इंदौर के रहने वाले सचिन परुलिया का तीन दिन पहले सड़क हादसा हो गया था.सचिन को सोमवार को ब्रेन डेड घोषित करने के बाद परिजनों की सहमति पर मंगलवार सुबह दो कॉरिडोर बनाए गए.सचिन के हार्ट को मुंबई के फोर्टिस  हॉस्पिटल में प्रत्यारोपण के भेजा गया है..वहीं, किडनी इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में ही मरीज को प्रत्योरोपित की गई है..कॉरिडोर की पूरा कमान ट्रैफिक पुलिस के हाथ में थी..वहीं,ट्रैफिक पुलिस ने भी तत्परता दिखाने महज 11 मिनट में लीवर एयरपोर्ट तक पहुचा दिया गया..वहीं,करीब 15 मिनट में किडनी को बीआरटीएस कॉरिडोर होते हुए..बाम्बे हॉस्पिटल तक पहुचाया..

हालाकि,लीवर को भी दिल्ली के AIIMS में भेजा जाना था..लेकिन लीवर प्रॉपर फंक्शन नहीं करने की वजह से लीवर को नहीं भेजा गया..अंगदान के लिए परिजनों ने सहमति दी थी..परिजनों के मुताबिक सचिन के अंगदान किसी को जीवनदान दे सकते है..तो इससे बड़ी कोई बात नहीं हो सकती.
जितेन्द्र रघुवंशी,डीएसपी,ट्रैफिक पुलिस
 
इंदौर में अंगदान के प्रति लोगों में जागरुकता लगातार बढ़ती जा रही है.और यहीं वजह है देश में इंदौर एक मात्र ऐसा शहर है..जहां सबसे ज्यादा अंगदान के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए है.जो कि दूसरे राज्यों और शहरों के लिए मिसाल है.जिला प्रशासन और दूसरे मकहमों की मदद की वजह से इंंदौर मिसाल कायम करता जा रहा है..
मनीष ,राजेश (परिजन ) 

कन्हैया कुमार का सरकार पर हमला- जेएनयू से 3000 कंडोम ढूंढ सकते हैं, लेकिन एक लापता स्टूडेंट को नहीं

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के नेता कन्हैया कुमार ने लापता छात्र नजीब अहमद का मुद्दा उठाकर सरकार पर निशाना साधा।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के नेता कन्हैया कुमार ने लापता छात्र नजीब अहमद का मुद्दा उठाकर सरकार पर निशाना साधा। अपनी किताब ‘बिहार से तिहाड़ तक’ के लॉन्च पर कन्हैया कुमार ने कहा, ‘वे लोग इतने समझदार हैं कि जेएनयू में इस्तेमाल होने वाले कंडोम तो गिन सकते हैं लेकिन उस इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके इतने दिनों में नजीब को नहीं ढूंढ पाए।’ यह बात कन्हैया ने बीजेपी के विधायक ज्ञानदेव अहूजा के बयान को लेकर कही। दरअसल, अहूजा ने फरवरी में जेएनयू के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान कहा था, ‘जेएनयू में रोजाना सिगरेट के 10,000 और बीड़ी के 4,000 जले हुए टुकड़े मिलते हैं। हड्डियों के छोटे-बड़े 50,000 टुकड़े, चिप्स-नमकीन के 2,000 पैकेट और 3,000 इस्तेमाल किए हुए कंडोम। वहां वे हमारी बहनों और बेटियों के साथ गलत करते हैं। वहां गर्भनिरोध के इस्तेमाल किए हुए 500 इंजेक्शन भी मिले।

बता दें, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी का छात्र नजीब अहमद शनिवार (15 अक्टूबर) से कथित तौर पर लापता है। उसका लापता होने से एक रात पहले कैंपस में उसका झगड़ा हुआ था। छात्र के अभिभावकों से मिली शिकायत के बाद वसंत कुंज उत्तर थाना में कल एक व्यक्ति के अपहरण और गलत तरीके से कैद कर रखने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई। जेएनयू के ही एक छात्र ने दावा किया था कि जब विश्वविद्यालय के छात्र नजीब अहमद की कुछ एबीवीपी समर्थकों के साथ कथित झड़प हुई थी, उस समय उसकी हत्या का प्रयास किया गया था। हालांकि एबीवीपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

नजीब के लिए जेएनयू समेत अन्य यूनिवर्सिटी के लोग भी प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल में इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स समेत नजीब की मां को भी पुलिस ने पकड़ लिया था.

सुभाष चंद्रा बोले- एनडीटीवी इंडिया को एक दिन के बैन की सजा कम, आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए था

जी मीडिया के चेयरमैन और राज्‍यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने न्‍यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन का बैन लगाए जाने का समर्थन किया है।

जी मीडिया के चेयरमैन और राज्‍यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने न्‍यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन का बैन लगाए जाने का समर्थन किया है। उन्‍होंने टि्वटर के जरिए बयान जारी कर कहा कि एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन के प्रतिबंध की सजा कम है। इस मुद्दे पर उन्‍होंने पांच ट्वीट किए। उन्‍होंने लिखा, ”NDTV पर 1 दिवसीय प्रतिबन्ध नाइंसाफी है, यह सजा बहुत कम है! देश की सुरक्षा से खिलवाड़ के लिए उन पर आजीवन प्रतिबन्ध लगाना चाहिए था। मेरा तो यह भी विश्वास है की अगर NDTV न्यायालय में जाए तो उसे वहां से भी फटकार ही मिलेगी।” चंद्रा ने यूपीए शासन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जी पर प्रतिबंध की बात चली थी तो बुद्धिजीवियों ने मौन साध लिया था।
उन्‍होंने लिखा, ”UPA काल में Zee पर प्रतिबन्ध की बात चली थी तब NDTV, बाकि तथाकथित बुद्धिजीवीयों ने मौन धारण करा था, Editors Guild भी चुप्पी साधे हुआ था। पर आज गलत को गलत कहने पर, कुछ लोग आपातकाल कह रहे है! क्या देश की सुरक्षा का कोई भी महत्त्व नहीं?

जी मीडिया के संस्‍थापक ने एनडीटीवी इंडिया पर प्रतिबंध को सही ठहराया। चंद्रा ने ट्वीट में लिखा, ”देश की सुरक्षा में दो मत नहीं हो सकते। सरकार द्वारा NDTV इंडिया पर एक दिवसीय प्रतिबन्ध को मैं बिलकुल सही मानता हूँ!” गौरतलब कि सूचना प्रसारण मंत्रालय के पैनल ने पठानकोट हमले की कवरेज के चलते NDTV इंडिया पर एक दिन के लिए नौ नवंबर को बैन लगाया है। सरकार के इस कदम की काफी आलोचना हो रही है। कई लोग इसे आपातकाल बता रहे हैं। चैनल का कहना है कि उसकी कवरेज सबसे संतुलित थी।

पत्रकारों की संस्‍था एडिटर्स गिल्‍ड ने भी प्रतिबंध को गलत बताया है। गिल्ड ने बैन को हटाए जाने की मांग की है। सूचना और प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि हिंदी न्यूज चैनल के खिलाफ कार्रवाई ‘‘देश की सुरक्षा’’ के हित में की गयी । नायडू ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राजग सरकार मीडिया की स्वतंत्रता का बेहद सम्मान करती है और इस प्रकार के मुद्दों से केवल देश की सुरक्षा और संरक्षा प्रभावित होगी।

जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तान की फायरिंग में एक जवान शहीद, रात दो बजे PAK ने तोड़ा था सीजफायर

जम्मू कश्मीर के केजी सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से की गई फायरिंग में एक भारतीय जवान शहीद हो गया। पाकिस्तान ने पुंछ जिले के केजी सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से शनिवार (5 नवंबर) की रात 2 बजे से फायरिंग की जा रही थी। हमले की बाकी जानकारी का इंतजार है। गौरतलब है कि भारत द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान अबतक 99 से ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन कर चुका है।
जम्मू कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सैनिकों ने 28 सितंबर की आधी रात को सर्जिकल स्ट्राइक की थी। भारतीय जवानों ने नियंत्रण रेखा पार कर पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के 7-8 ठिकानों को तबाह कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसमें 30 से ज्यादा आतंकी को मार गिराया गया था। इस हमले में आतंकियों को बचाने में पाकिस्तानी सेना के दो जवान भी मारे गए थे। आतंकियों ने उरी में स्थित सेना के कैंप को निशाना बनाया था। उस हमले में हमारे 20 जवान शहीद हो गए थे।

ये कैसा समाजवाद? बेहाल है लोहिया का परिवार, अखिलेश इनसे मिलते तक नहीं

नई दिल्ली। आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी का रजत जयंती समारोह है। पार्टी ने आज अपने 25 साल पूरे कर लिए हैं। मुलायम सिंह ने डॉ. राम मनोहर लोहिया को आदर्श मानते हुए अपनी पार्टी की स्थापना की थी और समाजवाद का नारा बुलंद किया था। लेकिन क्या समाजवादी पार्टी और खुद मुलायम सिंह ने इस परिवार की कभी सुध ली? मुलायम तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री और एक बार केंद्र में रक्षामंत्री रह चुके हैं। लेकिन उन्होंने अपने एकमात्र आदर्श लोहिया के परिवार और घर की कभी सुध ली हो ऐसा लगता नहीं। आईबीएनखबर ने अकबरपुर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और जानने की कोशिश की कि कैसे लोहिया के परिवार को भुला दिया गया।

समारोह है, लेकिन बिडंबना देखिए कि उसके आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया का परिवार किस हालत में है।

सेना का खुलासा- 16 साल में पाकिस्‍तान की फायरिंग में साढ़े चार हजार से ज्‍यादा सैनिक शहीद.

 

जम्‍मू कश्‍मीर में साल 2001 से युद्धविराम उल्‍लंघन के चलते 4500 सैनिकों की जान जा चुकी है। सूचना के अधिकार के तहत सेना ने यह जानकारी दी है।

जम्‍मू कश्‍मीर में साल 2001 से युद्धविराम उल्‍लंघन के चलते 4500 सैनिकों की जान जा चुकी है। सूचना के अधिकार के तहत सेना ने यह जानकारी दी है। वडोदरा के पंकज दर्वे ने इस जानकारी के लिए 22 सितम्‍बर को अर्जी दाखिल की थी। दी गई जानकारी के अनुसार कारगिल की जंग के बाद पाकिस्‍तान की ओर से युद्धविराम के उल्‍लंघन में लाइन ऑफ कंट्रोल पर 4675 जवानों की जान गई। हालांकि आरटीआई के जवाब में पिछले 15 साल में युद्ध विराम की कुल घटनाओं की जानकारी नहीं दी गई। हालांकि इसमें बताया गया है कि इस साल जनवरी में पठानकोट की तरह के आतंकी हमलों में 1174 जवानों की मौत हुई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार साल 2001 के बाद से 7908 आतंकी घटनाएं हुई हैं।
दर्वे ने बताया, ”सितम्‍बर में उरी हमले के बाद से युद्धविराम उल्‍लंघन को लेकर काफी हल्‍ला हो रहा है। मैंने यह जानने के लिए आरटीआई याचिका करी कि कारगित के बाद से सेनाओं को क्‍या झेलना पड़ा है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं और बताते हैं कि जितना हमें बताया जाता है कि उससे ज्‍यादा तेजी से हमारे जवान मारे जा रहे हैं। इन सभी घटनाओं के बारे में जनता को बताने के लिए मैं सरकार को चिट्ठी लिखने का विचार कर रहा हूं।

उन्‍होंने आगे कहा कि इन आंकड़ों में प्राकृतिक मौत के चलते मरने वाले जवानों की संख्‍या शामिल नहीं है। गौरतलब है कि भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना ने 99 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को नष्ट करनेवाले सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर 99 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है।” अधिकारी ने बताया कि इनमें से 83 बार सिर्फ जम्मू क्षेत्र में सीजफायर का उल्लंघन किया गया है।
2015 में पाक की ओर से 405 सीजफायर उल्लंघन के मामले सामने आए थे। वहीं इस साल अब तक 500 मामले हो चुके हैं। इनमें से दो तिहाई घटनाएं पिछले 40 दिन में हुई हैं। सिर्फ जम्मू में ही इस साल सीजफायर के 200 मामले दर्ज किए गए।