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छत्तीसगढ़ के बाबूलाल को सीबीआई ने लिया हिरासत में डेढ़ करोड़ रुपये घूस देने का था मामला

छत्तीसगढ़ के सीनियर आईएएस अधिकारी और राज्य के प्रधान सचिव को सुबह दस बजे की फ्लाइट से बाबूलाल को दिल्ली ले जाया गया. इससे एक दिन पहले बाबूलाल अग्रवाल अपनी सरकारी गाड़ी से भिलाई पहुंचे थे, जहां उन्होंने सीबीआई के कार्यालय में अपना बयान दर्ज़ करवाया था. बाबूलाल ने दावा किया था कि उन्होंने जो बयान सीबीआई को दिया है, उसकी एक प्रति राज्य सरकार को भी सौंपी है.
छत्तीसगढ़ के सीनियर आईएएस अधिकारी और राज्य के प्रधान सचिव बाबूलाल अग्रवाल  को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया है. अग्रवाल को डेढ़ करोड़ रुपये घूस देने के मामले में हिरासत में लिया गया है. सीबीआई प्रधान सचिव से पूछताछ कर रही है.सीबीआई की एक टीम मंगलवार सुबह प्रधान सचिव बाबूलाल अग्रवाल को रायपुर से दिल्ली लेकर आई है. सीबीआई ने घूस देने के मामले में अग्रवाल और दो अन्य लोगों पर केस दर्ज किया है. फिलहाल  बाबूलाल अग्रवाल से पूछताछ जारी है.
इसके पहले अग्रवाल के ठिकानों पर साल 2008 और 2010 में छापेमारी कर चुका है. इस दौरान अग्रवाल के घर से आयकर विभाग को 220 बैंक पासबुक मिली थी. वहीं विभाग को अग्रवाल और उनके परिजनों के नाम पर 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की संपत्ति दर्ज मिली थी.
जिसके चलते  अग्रवाल को सस्पेंड कर दिया गया था. उसके बाद बाद उन्होंने राज्य सरकार के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में अग्रवाल ने जांच प्रभावित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को डेढ़ करोड़ रुपये रिश्वत देने की पेशकश की थी.
सूत्रों की मानें तो रिश्वत की यह रकम उन्होंने दो किलो सोने और कैश के रूप में दी थी. गौरतलब है कि दो दिन पहले ही सीबीआई ने बी. बाबूलाल अग्रवाल के घर पर छापेमारी की थी.  
 

मतदान करने पहुंचे अखिलेश यादव, कहा- तीसरे चरण में भी हम आगे हैं यूपी विधानसभा चुनाव 2017

लखनऊ: मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने आज इटावा में अपने पैतृक गांव सैफई में वोट डालने के बाद कहा कि सपा आने वाले समय में आगे बढ़े इसलिए समाजवादी पार्टी को वोट दिया है.

राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपना वोट डाल दिया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सपा सरकार सत्ता में पहुंच रही है। अखिलेश यादव से जब शिवपाल को वोट देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने घुमाते हुए जवाब दिया कि उन्होंने साइकिल को वोट दिया है।
उमा भारती भी लखनऊ में अपना वोट डालने पहुंची। प्रतीक यादव ने भी सेफई में अपना मत डाला और कहा कि पार्टी में कोई विवाद नहीं है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपना वोट डाल दिया है। लखनऊ में वह अपना मतदान करने पहुंचे और उन्होंने कहा कि बीजेपी राज्य में पूरी बहुमत के साथ आ रही है। वहीं बीएसपी सुप्रीमों मायावती भी वोट डालने पहुंची थीं। उन्होंने मीडिया से कहा कि बसपा 300 सीट जीतेगी। उनसे पहले भारतीय जनता पार्टी की नेता रीता बहुगुणा जोशी ने वोट डालने के बाद कहा कि मुलायम सिंह यादव की इमोशनल स्पीच देखकर साफ पता लगता है कि अपर्णा यादव हार रही हैं। उनसे पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता सुधांशु त्रिवेदी भी वोट डालने पहुंचे। हालांकि, उन्होंने मीडिया से बात नहीं की। इससे पहले सपा नेता रामगोपाल यादव मतदान करने पहुंचे थे। वोट डालने के बाद  उन्होंने कहा कि कांग्रेस-सपा का गठबंधन 300 से ज्यादा सीटें जीतेगा। उन्होंने सैफई में वोट डाला। 9 बजे तक 12 फीसद मतदान हो चुका है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में रविवार (19 फरवरी) को सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले इलाकों में वोट डाले जा रहे हैं। तीसरे चरण में 12 जिले की 69 सीटों पर मतदान हो रहा है। जिसके लिए कुल 826 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 106 महिलाएं हैं। इस दंगल में चार ऐसी सीटें हैं, जहां यादव परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर मानी जा रही है। जसवंतनगर, लखनऊ कैंट, सरोजिनीनगर और रामनगर में यादव परिवार के सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। सपा में मची रार के बाद कार्यकर्ताओं में सिर-फुटौव्वल की स्थिति है।

अमित शाह का प्रियंका गांधी पर हमला, बोले- उनसे जुड़े सवाल प्रवक्‍ता से करो, यह मेरा लेवल नहीं

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह रायबरेली में प्रियंका गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किए गए हमले का सवाल टाल गए. गोरखपुर में प्रेसवार्ता में पत्रकारों ने जब प्रियंका के हमलों पर बीजेपी का जवाब जानना चाहा तो अमित शाह ने कहा कि ये बताने का मेरा लेवल नहीं है.
  शाह ने गोरखपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रियंका गांधी से जुड़े सवालों पर जवाब भाजपा के प्रवक्‍ता देंगे। उनसे पूछा गया था कि उत्‍तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में प्रचार करते हुए प्रियंका ने कहा था कि यूपी को विकास के लिए गोद लिए बेटे की जरुरत नहीं है। इस पर शाह ने हंसते हुए जवाब दिया, ”इस बारे में भाजपा प्रवक्‍ताओं से पूछें। उनके बयान पर पार्टी का कोर्इ प्रवक्‍ता जवाब दे देगा। उनके बारे में बात करने का मेरा लेवल नहीं है।” गौरतलब है कि प्रियंका ने 17 जनवरी को रायबरेली में प्रचार के दौरान कहा था कि उत्‍तर प्रदेश को विकास के लिए गोद लिए बेटे की जरुरत नहीं है। उनका यह बयान पीएम मोदी के खुद को यूपी का गोद लिया बेटा बताने के बाद आया था।
गोरखपुर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शाह ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश में भाजपा की लहर चल रही है। जैसे-जैसे पार्टी पूर्वांचल की ओर पहुंच रही है सभी दल उसकी सुनामी में बह जाएंगे। उन्‍होंने दावा किया कि भाजपा गोवा, उत्‍तराखंड और उत्‍तर प्रदेश में बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। कांग्रेस और सपा के गठबंधन के बारे में उन्‍होंने कहा कि यह भ्रष्‍टाचारी कुनबों का गठबंधन है। दोनों सत्‍ता के लिए एक हुए हैं। गठबंधन के जरिए अखिलेश यादव ने हार स्‍वीकार कर ली है। भाजपा के प्रचार के बारे में शाह ने बताया कि अब तक की वोटिंग के अनुसार लोग परिवर्तन चाह रहे हैं। दो-तिहार्इ बहुमत से भाजपा सरकार बनने जा रही है। भाजपा हर सीट पर पहले नंबर पर है। हर जगह भाजपा को जोरदार बढ़त है।
अखिलेश यादव सरकार पर हमला बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि पूरे उत्‍तर  प्रदेश में अपराध चरम पर हैं। किसान, व्‍यापारी, युवा और महिला सभी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अखिलेश ने विकास के नाम पर धोखा दिया है। बिजली और कानून व्‍यवस्‍था पर वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। केंद्र सरकार ने अन्‍य राज्‍यों की तुलना में उत्‍तर प्रदेश को एक लाख रुपये ज्‍यादा दिए लेकिन इस पैसे का इस्‍तेमाल कहां हुआ, यह नहीं बता रहे।

बेंगलुरू: सरेंडर करने के बाद जेल भेजी गईं शशिकला, इल्‍लावारासी भी साथ

आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद AIADMK की महासचिव वीके शशिकला ने बुधवार को सरेंडर किया। आत्‍मसमर्पण को तैयार हैं। वह बुधवार शाम को बेंगलुरू की जेल (परप्‍पना अग्रहरा) पहुंची। शशिकला और इल्‍लावरासी को परप्‍पना अग्रहरा जेल परिसर में सेशंस जज के सामने आत्‍मसमर्पण के बाद जेल भेज दिया गया है। मेडिकल चेक-अप के बाद, आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी वीके शशिकला और इल्‍लावरासी जज के सामने पेश हुए। सूत्रों के मुताबिक अभी तीसरे दोषी अदालत नहीं पहुंचे हैं। शशिकला को दूसरी बार बेंगलुरू जेल में रखा जाएगा, वह 2014 में यहां छह महीने की सजा काट चुकी हैं। उन्‍हें सुनाई गई चार साल की सजा का बाकी वक्‍त यहां गुजारना है। कोर्ट ने उनपर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना बरकरार रखा और साथ ही तुरंत सरेंडर करने के आदेश दिए।

शशिकला ने स्‍वास्‍थ्‍य कारणों का हवाला देते हुए सरेंडर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से और वक्त मांगा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अधिक वक्त देने से इंकार कर दिया। शशिकला ने सरेंडर करने से पहले पन्नीरसेल्वम समेत 20 लोगों को पार्टी से बाहर निकाल दिया था। उन्होंने ई. पलानीसामी को विधायक दल का नया नेता भी चुना है। पलानीसामी का दावा है कि 125 विधायकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है।

शशिकला समर्थकों ने दावा किया है कि राज्‍यपाल ने 125 विधायकों के समर्थन का पत्र देखने के बाद कहा है कि उन्‍हें जल्‍द ही सरकार बनाने के लिए बुलाया जाएगा। तमिलनाडु सरकार में मंत्री सरोजा ने एएनआई से बातचीत में यह दावा किया। दोषी करार दिए जाने के बाद अन्‍नाद्रमुक महासचिव शशिकला नटराजन भावुक हो गई थीं। उन्‍होंने कहा कि धर्म की जीत होगी। शशिकला ने अपने समर्थक विधायकों से कहा, ‘पहले भी जब कभी अम्‍मा संकट में थी तो मुझे भी परेशानी झेलनी पड़ी। इस बार भी मैं इसे अपने ऊपर लेती हूं। धर्म की विजय होगी।’

चुनाव 2017: 69 सीटों पर हो रहा मतदान, 628 प्रत्‍याशियों की किस्‍मत का होगा फैसला

उत्‍तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 के तहत बुधवार को वोटिंग हो रही है। राज्‍य के 13 जिलों की 70 विधानसभा सीटों में 69 पर 628 प्रत्याशियों के भाग्‍य का फैसला कुल 74,20,710 मतदाता कर रहे हैं, इसमें 35,78,995 महिला वोटर्स भी शामिल हैं। राज्‍य की कर्णप्रयाग सीट पर 12 फरवरी को बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी कुलदीप कान्वासी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के कारण वहां चुनाव स्थगित किया गया है। वहां अब नौ मार्च को मतदान होगा।

आज तय होगा शशिकला का राजनीतिक भविष्य, सुप्रीम कोर्ट 10.30 बजे सुनाएगा फैसला

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता और शशिकला के खिलाफ 66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज (14 फरवरी) सुप्रीम कोर्ट 10.30 बजे अपना फैसला सुना सकता है। जयललिता का निधन हो चुका है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ फैसला नहीं देगा। लेकिन शशिकला के लिए यह फैसला अहम होगा क्योंकि इसी से उनका राजनीतिक भविष्य तय होगा। जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष और जस्टिस अमिताव राय की बेंच फैसला सुनाएगी। दोनों जज अलग-अलग फैसला सुनाएंगे। अगर सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले को बरकरार रखता है, तो शशिकला के मुख्यमंत्री बनने की राह में खास परेशानी नहीं होगी, लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट शशिकला को दोषी करार देता है तो वो मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी और जेल भी जा सकती हैं।
अगर ये हुआ तो : अगर सुप्रीम कोर्ट के दोनों जजों की दोष सिद्धी को लेकर राय अलग-अलग हुई तो मामले को तीन जजों की बेंच को भेजा जाएगा। अगर एेसा होता है तो शशिकला मुख्यमंत्री पद की शपथ ले पाएंगी। लेकिन उन्हें असेंबली में विश्वास मत के साथ बहुमत साबित करना होगा। यह भी मुमकिन है कि दोनों जजों की दोष सिद्धी और सजा देने में सहमति हो और आय से अधिक संपत्ति को जब्त करने को लेकर राय अलग हो, तो शशिकला न तो मुख्यमंत्री बन पाएंगी और न चुनाव लड़ पाएंगी। इसके अलावा उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। सजा पूरी होने से 6 साल तक वो चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। ट्रायल कोर्ट ने राज्य सरकार को संपत्ति को जब्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने सभी को बरी कर दिया था। एक पहलू यह भी है कि दोनों जज इस मामले को फिर से सुनवाई के लिए हाईकोर्ट भेज दें और ट्रायल कोर्ट के सजा के आदेश को स्टे ना करें तो शशिकला मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी।
गवर्नर से मिले थे ओपीएस और शशिकला: ओ पन्नीरसेलवम (ओपीएस) के बागी रुख अख्तियार करने के बाद राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। पहले पन्नीरसेलवम ने यह कहते हुए सीएम पद से इस्तीफा दिया था कि शशिकला मुख्यमंत्री पद संभालें। लेकिन बाद में उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। सोमवार रात (13 फरवरी) को शशिकला चेन्ने के पास एक फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं। यहां उनके 120 विधायक भी थे, जिन्हें उन्होंने ‘कैद’ में रखा हुआ है। यहां उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि मैं सबको सकारात्मक नजरिए से देख रही हूं। हम इसी सरकार को आगे बढ़ाएंगे। शशिकला और पन्नीरसेलवम दोनों ने ही राज्य के गवर्नर सी विद्यासागर राव से पिछले हफ्ते मुलाकात की थी और विश्वास मत होने का दावा किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने संकेत किया था कि शशिकला को एेसा करने का मौका पहले मिलेगा। लेकिन 6 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें अपना फैसला देना है। शायद वह भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतजार में हैं।
यह था मामला: साल 1991-1996 के बीच जब जयललिता मुख्यमंत्री थीं तो आय से अधिक 66 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाने के मामले में सितंबर 2014 में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने जयललिता, शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को चार साल की सजा और 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस मामले में शशिशकला को उकसाने और साजिश रचने का दोषी करार दिया गया था। लेकिन मई, 2015 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने जयललिता और शशिकला समेत सभी को बरी कर दिया था।

 

उत्‍तर प्रदेश चुनाव 2017: बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेगी शिवसेना, उद्धव ठाकरे खुद संभालेंगे कमान

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के लिए शिवसेना ने बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने का फैसला किया है। टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना के कार्यकारी अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे खुद भाजपा के खिलाफ प्रचार करेंगे। उद्धव ने एनडीटीवी से बातचीत में यह भी कहा कि मुंबई सिविक चुनाव के बाद वह भाजपा को समर्थन पर पुर्नविचार करेंगे।
हाल के दिनों में शिवसेना ने केंद्र की बीजेपी नीत सरकार पर कड़े हमले किए हैं। मुंबई नगर निगम के चुनावों में भाजपा और शिवसेना अलग-अलग लड़ रहे हैं। दोनों के बीच सीटों को लेकर बात नहीं बनी थी। इसके बाद से शिवसेना के भाजपा पर तेवर तल्‍ख है। वह नोटबंदी और अच्‍छे दिन के नारे पर लगातार भाजपा पर करारे हमले बोल रही है। उद्धव ठाकरे तो कह चुके हैं कि मोदी सरकार ने नोटबंदी से जनता को परेशान किया है।

 

रिजॉर्ट में ठहराए गए विधायकों ने कहा- पन्नीरसेल्वम खेमे ने दी थी जान से मारने की धमकी, इसलिए यहां इकट्ठा हैं

पुलिस और रेवन्यू अधिकारियों की टीम ने गोल्डन बे बीच रिजॉर्ट में ठहराए गए 129 एआईएडीएमके विधायकों से पूछताछ की। बुधवार रात से रिजॉर्ट में ठहराए गए विधायकों से पुलिस और रेवन्यू अधिकारियों की टीम ने एक-एक करके सबसे अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ सुबह 6.30 बजे शुरु हुई जो कि 11.30 बजे तक चली। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मीडिया से बात करते हुए पूछताछ करने वाली टीम ने बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी विधायकों से अलग-अलग पूछताछ की है।
टीम ने विधायकों से पूछा कि क्या उन्हें रिजॉर्ट में बंधक बनाया गया, परेशान किया गया है या फिर वे अपनी मर्जी से यहां ठहरे हुए हैं। पुलिस और रेवन्यू टीम ने विधायकों से लिखित में बयान लिए हैं। हर एक विधायक के लिखित बयान कोर्ट में सोमवार को जमा कराए जाएंगे। इसके बाद दो विधायक वी पन्नीरसेल्वम और के. मोहन ने पत्रकारों से बात की।
रिपोर्ट में विधायक पन्नीरसेल्वम के हवाले से लिखा गया है, ‘रिजॉर्ट में उनके साथ कोई जबरदस्ती नहीं गई है और ना ही उन्हें कोई धमकी नहीं दी गई। हम लोग अपनी मर्जी से रिजॉर्ट में रुके हुए हैं।’ जब उनसे पूछा गया कि वे विधायक होस्टल में क्यों नहीं रुके तो उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम खेमे से हमें जान से मारने की धमकी मिली थी। रिजॉर्ट में हम लोग अपनी सुरक्षा के लिए रुके हुए हैं।’
साथ ही दावा किया कि पन्नीरसेल्वम कभी भी पार्टी के लिए वफादार नहीं रहे। उन्होंने कहा, ‘हमारा कोई अपहरण नहीं किया गया। अपहरण तो पन्नीरसेल्वम का डीएमके ने किया है। जैसे ही राज्यपाल बुलाएंगे सरकार शशिकला ही बनाएंगी।’ वहीं विधायक मोहन ने कहा कि शशिकला के अलावा कोई नहीं है जो पार्टी का नेतृत्व कर सकें और सरकार चला सकें।
बता दें, शशिकला ने उनका समर्थन करने वाले विधायकों की राज्यपाल के सामने परेड कराने के लिए सी विद्यासागर राव से समय मांगा है। शशिकला ने कहा कि उनका मानना है कि राज्यपाल संविधान की प्रभुसत्ता, लोकतंत्र और तमिलनाडु के हित को बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई करेंगे। राज्यपाल को लिखे पत्र में शशिकला ने कहा कि वह नौ फरवरी को उनसे अपने वरिष्ठ मंत्रियों से मिलीं थीं और उन्होंने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा ताकि वह उन्हें उनको अपना नेता चुनने वाले पार्टी विधायकों का एक पत्र सौंप सकें।

 

तमिलनाडु सत्ता संघर्ष: राज्‍यपाल से मिलकर शशिकला ने किया सरकार बनाने का दावा

तमिलनाडु में सत्‍ता के लिए जारी संघर्ष के बीच ‘चिनम्‍मा’ शशिकला राज्‍यपाल विद्यासागर राव से मिलने राजभवन पहुंच गई हैं। उन्‍होंने राज्‍यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। उनके साथ पार्टी के 5 वरिष्‍ठ नेता भी मौजूद हैं। शशिकला एक बड़ा लिफाफा लेकर गई हैं, माना जा रहा है कि इसमें उनक विधायकों की सूची है जिन्‍होंने मुख्‍यमंत्री पद के लिए उनकी उम्‍मीदवारी का समर्थन किया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम की बगावत से उत्पन्न राजनीतिक उथलपुथल के बीच गुरुवार (9 फरवरी) को वह राज्यपाल सी विद्यासागर राव से मिले। मुख्यमंत्री के करीब सूत्रों ने बताया कि पनीरसेल्वम ने आज यहां राजभवन में राज्यपाल से भेंट की और करीब 15 मिनट उनसे बातचीत की। हालांकि सूत्रों ने इस बात से अनभिज्ञता प्रकट की कि दोनों के बीच क्या बातचीत हुई। यह भेंट ऐसे वक्त में हुई है जब पनीरसेल्वम कह रहे हैं कि यदि जरूरत हुई तो वह मुख्यमंत्री के पद से अपना इस्तीफा वापस ले लेंगे, जो उन्होंने पिछले रविवार को दिया था।
उन्होंने शशिकला के अन्नाद्रमुक विधायक दल की नेता चुने जाने के बाद निजी कारणों का हवाला देकर मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने की पेशकश की थी ताकि उनके लिए इस शीर्ष पद का मार्ग प्रशस्त हो। लेकिन सात फरवरी को बगावत का झंडा उठाते हुए पनीरसेल्वम ने आरोप लगाया था कि शशिकला के मुख्यमंत्री बनने के वास्ते उन्हें इस पद से हटने के लिए बाध्य किया गया।
इससे पहले कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने गुरुवार को एक बार फिर दावा किया कि वह विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर देंगे। उन्होंने कहा कि विधायक अपनी अंतरात्मा की आवाज पर उनका साथ देंगे। एआईएडीएमके में अकेले पड़ते दिख रहे पन्नीरसेल्वम को गुरुवार को उस वक्त बड़ा बल मिला, जब पार्टी के प्रेसीडियम चेयरमैन ई. मधुसूदनन उनके साथ आ खड़े हुए। पूर्व में शशिकला को पार्टी नेतृत्व सौंपे जाने की वकालत करने वाले मधुसूदनन ने कहा कि उन्होंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया।
इसे एआईएडीएमके में पार्टी महासचिव वी.के. शशिकला के गुट के लिए झटके की तरह देखा जा रहा है। पन्नीरसेल्वम ने अपने साथ आने के लिए मधुसूदनन की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अन्य नेता व विधायक भी अंतरात्मा की आवाज पर उनका साथ देंगे। यहां अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में पन्नीरसेल्वम ने यह भी कहा कि राज्य की पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता का निवास स्थान ‘पोएस गार्डन’ स्मारक बनेगा।
दिसंबर में जयललिता के निधन के बाद फिलहाल यहां शशिकला रह रही हैं, जिनके खिलाफ पन्नीरसेल्वम ने मंगलवार (7 फरवरी) को देर रात मोर्चा खोल दिया। इससे पहले एक तमिल चैनल को दिए साक्षात्कार में पन्नीरसेल्वम ने कहा था कि वह विधानसभा में बहुमत साबित कर देंगे। उन्होंने हालांकि समर्थन देने वाले विधायकों की संख्या उजागर नहीं की।

 

आरबीआई का एेलान- 20 फरवरी से हर हफ्ते निकाल पाएंगे 50 हजार रुपये और 13 मार्च से नकदी निकालने की सीमा खत्म

नोटबंदी के कारण लोगों को आ रही परेशानियों के मद्देनजर आरबीआई ने एेलान किया है कि 20 फरवरी से लोग एक हफ्ते में 50 हजार रुपये निकाल पाएंगे और 13 मार्च के बाद नकदी निकालने पर कोई नियम लागू नहीं होगा। यानी आप कितनी भी रकम निकाल पाएंगे। फिलहाल एक हफ्ते में 24 हजार रुपये ही निकाले जा सकते हैं। 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और हजार के नोटों को अमान्य करार दे दिया था और एटीएम से कैश निकासी की सीमा भी तय कर दी थी। उनके इस एेलान के बाद देश के बैकों और एटीएम में कैश की किल्लत हो गई थी। लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ा था। विपक्ष ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की थी। दिल्ली के सीएम अरविंद के केजरीवाल और प.बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नोटबंदी को लेकर दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर मार्च भी किया था। देश के कई हिस्सों से लाइन में लगने वाले लोगों के मरने की भी खबर आई थी।
आपको याद दिला दें कि आम लोगों व छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार (30 जनवरी) को एटीएम व चालू खातों से दैनिक नकदी निकासी पर सीमा को समाप्त कर दिया था, लेकिन बचत बैंक खातों से निकासी पर 24000 रुपए की साप्ताहिक सीमा जारी रखी थी।

 

पहली बार हाई कोर्ट के जज पर सुप्रीम कोर्ट ने शुरू किया अवमानना का मामला, पीएम को भेजे थे 20 “भ्रष्ट जजों” के नाम

देश में पहली बार, सुप्रीम कोर्ट ने एक हाई कोर्ट जज के खिलाफ पत्र लिखकर शीर्ष अदालत और हाई कोर्ट के कई वर्तमान और रिटायर्ड जजों पर भ्रष्‍टाचार के आरोप लगाने पर स्‍वत: संज्ञान लेने हुए अवमानना की कार्रवाई शुरू की है। इस अभूतपूर्व कदम के तहत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया समेत सुप्रीम कोर्ट के सात वरिष्‍ठतम जज, कलकत्‍ता हाई कोर्ट जज सीएस कर्णन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करेंगे। जस्टिस कर्णन ने करीब 15 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर ‘न्‍यायपालिका में भारी भ्रष्‍टाचार’ के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। 23 जनवरी को लिखे गए पत्र में जज ने ‘भ्रष्‍टाचारी जजों की शुरुआती सूची’ भी बनाई और सुप्रीम कोर्ट और उच्‍च न्‍यायालयों के 20 जजों के नाम उसमें शामिल किए। सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सात वरिष्‍ठतम जजों की एक विशेष बेंच गठित की गई है। जस्टिस जेएस खेहर की अगुवाई वाली बेंच बुधवार को जस्टिस कर्णन के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई करेगी।
बेंच में खेहर के अलावा जस्टिस दीपक मिश्रा, जे चेलमेश्‍वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर, पीसी घोष और कुरियन जोसेफ होंगे। माना जाता है कि जजों ने जस्टिस कर्णन के कई पत्रों और बयानों का संज्ञान लिया है और उसी आधार पर कार्रवाई शुरू करेंगे। हाई कोर्ट के किसी जज को सिर्फ संसद में महाभियोग द्वारा हटाया जा सकता है। इसलिए, शीर्ष अदालत के पास जो विकल्‍प मौजूद हैं, उनमें उनकी शक्तियों पर नियंत्रण संबंधी आदेश जारी कर स्‍वत: संज्ञान लेकर अवमानना कार्रवाई शुरू करने से इतर, जस्टिस कर्णन की न्‍यायिक शक्तियां वापस लेने और उन्‍हें कोई काम न देने का न्‍यायिक आदेश जारी करना शामिल है।
जस्टिस कर्णन मद्रास हाई कोर्ट जज के अपने पिछले कार्यकाल में भी विवादों में घिरे थे। पिछले साल जब उन्‍होंने शीर्ष अदालत के कोलेजियम द्वारा अपने ट्रांसफर को ही रोक दिया था तो शीर्ष अदालत को दखल देनी पड़ी थी, जिसके बाद हाई कोर्ट चीफ जस्टिस के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई थी। जज ने भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश से उन्‍हें स्‍थानांतरित करने पर सफाई भी मांगी थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनके कोई न्‍यायिक आदेश जारी करने पर रोक लगा दी थी।
जब कोलेजियम ने उनका ट्रांसफर करने का फैसला किया तो सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी, 2016 को कर्णन द्वारा दिए गए सभी निर्देशों पर रोक लगा थी। कुछ महीनों बाद जस्टिस कर्णन ने कलकत्‍ता हाई कोर्ट ज्‍वाइन, वह भी तब जब राष्‍ट्रपति ने इसके लिए एक समयसीमा तय कर दी थी।

 

कश्‍मीर: नए साल में पहली बार पाकिस्‍तान ने तोड़ा सीजफायर, भारतीय फौज ने दिया मुंहतोड़ जवाब

जम्‍मू-कश्‍मीर के सांबा सेक्‍टर में पाकिस्‍तान ने एक बार फिर संघर्ष-विराम का उल्‍लंघन किया है। गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पाकिस्‍तान की तरफ से फायरिंग की गई। पाकिस्‍तानी साइड से सांबा की बीएसएफ पोस्‍ट पर ऑटोमेटिक हथियार से 3-4 हमले किए गए। इसके बाद आस-पास ग्रेनेड्स भी फेंके गए हैं। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की है। इस संबंध में विस्‍तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।
केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में बताया था कि नवंबर, 2015 से नवंबर 2016 तक पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्षविराम उल्लंघन के 430 मामले हुए हैं। संघर्षविराम उल्लंघन के इन मामलों के दौरान सेना के आठ सैनिक शहीद हुए और 74 घायल हुए हैं। इसके अलावा सात नवंबर 2016 तक 111 मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।

 

Union Budget 2017: इनकम टैक्‍स घटाया गया, 2.5-5 लाख रुपये पर लगेगा पांच प्रतिशत टैक्‍स

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट में मिडिल क्‍लास को राहत देते हुए इनकम टैक्‍स को घटा दिया है। इसके तहत 2.5 से 5 लाख रुपये की सालाना आय पर अब पांच प्रतिशत टैक्‍स लगेगा। वर्तमान में यह दर 10 प्रतिशत है। वित्‍त मंत्री ने आगे बताया कि तीन लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्‍स नहीं लगेगा। वहीं 50 लाख से एक करोड़ की सालाना आय पर 10 प्रतिशत सरचार्ज लगेगा। वहीं एक करोड़ रुपये से ज्‍यादा कमाने वालों पर 15 प्रतिशत सरचार्ज लगेगा। जेटली ने घरों में कैपिटल गेन्‍स की सीमा को 3 से घटाकर दो साल कर दिया है। छोटी कंपनियों के लिए टैक्‍स 30 से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। आंध्र प्रदेेश में जमीन पर कैपिटल टैक्‍स नहीं।उन्‍होंने कहा कि सिर्फ 20 लाख व्‍यापारी ही पांच लाख रुपये की आमदनी दिखाते हैं। 52 लाख लोगों ने पांच से 10 लाख रुपये की आमदनी दिखाई। देश में 56 लाख नौकरीपेशा लोग पांच लाख रुपये से ज्‍यादा की आमदनी दिखाते हैं। सा ल 2015-16 में 3.7 करोड़ लोगों ने टैक्‍स रिटर्न भरी और इनमें से केवल 24 लाख लोगों ने अपनी कमार्इ 10 लाख रुपये से ज्‍यादा बताई। काफी सारे लोग टैक्‍स देने से बचते हैं जिससे ईमानदार व्‍यक्ति पर बोझ पड़ता है। नोटबंदी के चलते इनकम टैक्‍स पर एडवांस टैक्‍स 34.8 प्रतिशत बढ़ गया है।

 

LIVE बजट 2017: वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने बजट पढ़ना शुरू किया

वित्तवर्ष 2017-18 के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश कर रहे हैं। हालांकि  जेटली ने ट्वीट कर बजट पेश करने की जानकारी दी। लोकसभा स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने भी कहा कि बजट आज ही पेश होगा। सांसद ई अहमद के निधन के चलते संदेह था कि बजट पेश होगा या नहीं। इस बार रेल बजट को भी आम बजट के साथ पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट बैग लेकर संसद पहुंचे गए हैं। हालांकि, ऐसी परंपरा रही है कि किसी सांसद के निधन के बाद संसद को एक दिन के लिए स्थगित किया जाता है। लेकिन 1954 और 1974 के दो ऐसे उदाहरण भी मौजूद हैं जब सांसद के निधन के बावजूद रेलवे बजट पेश हुआ। लेकिन तब बजट शाम पांच बजे पेश होता था।
 

पहली बार आम बजट के साथ रेल बजट

पहली बार आम बजट के साथ रेल बजट पेश होने के कारण रेलवे की योजनाओं से अवगत होने का मौका आम लोगों को नहीं मिल सकेगा। परंपरागत तरीके से रेलवे मंत्रालय भी अपने योजनाओं को बजट के बाद जानकारी नहीं दे पाएगा। तीन फरवरी को ही पिंक बुक आने पर पता चलेगा कि रेलवे के किस प्रोजेक्ट को कितनी रफ्तार मिलेगी। 
 
रेलवे मंत्रालय के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सरकार के तरफ से आवंटित बजट से रेलवे सुरक्षा, संरक्षा, सुविधा और संकट को ध्यान में रख योजनाओं को अंजाम देगा। इसके अलावा विजन 2019 को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए करीब 60 हजार करोड़ रुपये की मांग रेलवे मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय के सामने रखीं। पिछले साल 40 हजार करोड़ रुपये रेलवे को मिले थे। 

रेलवे अपने विजन 2019 के तहत मिशन रफ्तार की योजनाओं को क्रियांवयन के लिए विशेष कदम उठाएगा, जिसमें रेलवे ट्रैक बदलने, हाई स्पीड से चलने वाले एलएचबी कोच तैयार करेगा। मिशन रफ्तार के तहत रेलवे का पूरा फोकस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने को लेकर रहेगा। जहां-जहां बोटल नेक की स्थिति है यानी जिस स्टेशन पर ट्रेनों की हेवी ट्रैफिक होती है वहां जाम की समस्या खत्म करना। 

मुख्य रूप से इलाहाबाद, कानपुर, गाजियाबाद, मुगलसराय में बॉटल नेक की समस्या खत्म करने पर रेलवे का फोकस रहेगा। क्योंकि रेलवे का का मानना है कि इन स्टेशनों पर कम से कम 20-30 मिनट तक ट्रेनों को पास करने में वक्त लग जाता है। इसके साथ ही पैसेंजर ट्रेन की गति बढ़ाने के लिए रेलवे ने इसे मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन में बदलेगा। मालगाड़ी की स्पीड बढ़ाने के लिए दो लोको के साथ चलाया जाएगा। 
मिशन रफ्तार के तहत कॉरीडोर बनाकर ट्रेन की स्पीड बढ़ाने की कवायद भी होगी। 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से ट्रेनों को चलाने केलिए कॉरिडोर बनाया जाएगा। जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक रूट होगा। पहला कॉरीडोर दिल्ली-इलाहाबाद केलिए तैयार किया जाएगा। दिल्ली-कानपुर रूट पर भी 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की औसत रफ्तार से ट्रेन चलाई जा सकेगी।

मिशन 2019 के तहत जीरो एक्सीडेंट रेल बनाने की कवायद की जाएगी। इसके लिए राष्टï्रीय रेल सुरक्षा कोष में अगले पांच साल के लिए 1 लाख करोड़ रुपए फंड की घोषणा की जा सकती है। डेडिकेटेड रेल फ्रेट कॉरिडोर के काम को जल्द पूरा करने के लिए फंड मिलेगा। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को भी मजबूती दी जा सकती है।