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चेन्नई टेस्ट: भारत ने इंग्लैंड को एक पारी, 75 रन से दी मात, रवींद्र जडेजा ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में झटके 7 विकेट

भारत ने चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के अंतिम मैच में इंग्लैंड को पारी और 75 रन से हराकर सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर लिया। मैच के अंतिम दिन पहले सत्र में इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक (49) और कीटन जेनिंग्स (54) ने दूसरे दिन के स्कोर बिना किसी नुकसान के 12 रन से आगे खेलते हुए भारत को कोई विकेट नहीं दिया और स्कोर को 103 रन तक ले गए। पहले सत्र में कोई विकेअ नहीं गिरने पर लगने लगा की मैच ड्रा पर समाप्त होगा। लंच ब्रेक के बाद इंग्लैंड ने बिना किसी नुकसान के 103 रन से आगे खेलना शुरू किया और रवींद्र जडेजा ने इसी स्कोर पर कप्तान कुक को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। कुक दूसरी पारी में अपना अर्धशतक एक रन से चूक गए और 49 रन पर आउट हुए। इसाके कुछ देर बाद ही जडेजा ने दूसरे ओपनर बल्लेबाज कीटन जेनिंग्स को 54 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई।

इसके बाद तो जैसे इंग्लैंड के बल्लेबाज पिच पर टिकना ही नहीं चाहते थे और एक के बाद एक विकेट गिरता रहा। रवींद्र जडेजा ने जो रूट को 6 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर पगबाधा आउट कर इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी और देखते ही देखते इंग्लैंड का स्कोर 103-0 से 126-3 हो गया। रवींद्र जडेजा इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा ले ही रहे थे कि इशांत शर्मा ने इस साल टेस्ट मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले जॉनी बेयरस्टॉ को आउट कर इंग्लैंड का स्कोर 129-4 कर दिया। जॉनी बेयरस्टॉ के आउट होने में इशांत से ज्यादा रवींद्र जडेजा का योगदान रहा। उन्होंने गेंद की दिशा के विपरीत दोड़ लगाते हुए शानदार कैच लपका।

इंग्लैंड को दिन के खेल के अंतिम सत्र में मैच ड्रॉ समाप्त करने की उम्मीद थी। लेकिन, टीम इंडिया के बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा तो पूरी तरह हावी थे। चायकाल से पहले शानदार कैच लेकर जॉनी बेयरस्टॉ की पारी का अंत करने वाले जडेजा ने एक बाद फिर करिश्माई गेंदबाजी की और 192 और 193 के स्कोर पर इंग्लैंड के दो और विकेट झटकते हुए अपने विकेटों की संख्या 5 कर ली। उन्होंने छठी बार पारी में पांच या अधिक विकेट लिया। जडेजा ने चाय के बाद 44 रन पर खेल रहे मोईन अली का अहम विकेट लिया। इसके बाद 23 रन पर खेल रहे बेन स्टोक्स को तिहरा शतक जड़ने वाले करुण नायर के हाथों कैच कराया। फिर लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने लियाम डॉसन को बोल्ड कर दिया। इंग्लैंड ने 196 रन पर अपना सातवां विकेट खो दिया। स्कोर में चार रन और जुड़े थे कि तेज गेंदबाज उमेश यादव ने आदिल राशिद को दो रन पर जडेजा के हाथों कैच करा इंग्लैंड का आठवां विकेट लिया, जबकि अंतिम दोनों विकेट रवींद्र जडेजा ने झटके।

रवींद्र जडेजा को उनके शानदार कैच के लिए ‘बेस्ट कैच आॅफ द मैच’ के खिताब से नवाजा गया। करुण नायर को 303 रन की पारी के लिए ‘मैन आॅफ द मैच’ चुना गया। विराट कोहली को इस सीरीज में कुल 655 रन बनाने के लिए ‘मैन आॅफ द सीरीज’ चुना गया। टीम इंडिया की चेन्नई टेस्ट में जीत के सितारों की बात करें तो इसमें करुण नायर (303*), लोकेश राहुल (199) और रवींद्र जडेजा (10 विकेट- दूसरी पारी में 7 और पहली में 3) प्रमुख रहे। टीम इंडिया ने चौथे दिन नायर के ऐतिहासिक तिहरे शतक की मदद से इंग्लैंड पर 282 रनों की बढ़त बना ली थी, जवाब में इंग्लिश टीम 207 रन पर सिमट गई। कप्तान एलिस्टर कुक (49), कीटन जेनिंग्स (54 रन) और मोईन अली (44) ने हार टालने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जडेजा की घूमती गेंदों के आगे उनकी एक न चली। जडेजा ने कुक को सीरीज में छठवीं बार आउट किया।

राजदूत की हत्या पर पुतिन के तेवर कड़े, तुर्की ने कहा- संबंध नहीं बिगड़ने देंगे

मॉस्को-अंकारा। तुर्की के अंकारा में रूस के राजदूत की हत्या पर अंतर्राष्ट्रीय पर खलबली मची हुई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तुर्की में रूस के राजदूत की हत्या को उकसाने के लिए किया गया कृत्य बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य दोनों देशों के बेहतर होते संबंधों को और सीरिया के संकट के हल की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रभावित करना है।

पुतिन ने कहा कि जो अपराध किया गया, वह निस्संदेह उकसाने के लिए किया गया जिसका उद्देश्य रूस और तुर्की के सामान्य हो रहे संबंधों को और सीरिया में शांति की प्रक्रिया को बाधित करना है।

वहीं अमेरिका ने तुर्की में रूस के राजदूत आंद्रेई कालरेव की हत्या की आज कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राजनयिक समुदाय के एक सदस्य पर किया गया यह नृशंस हमला अस्वीकार्य है। अमेरिका ने साथ ही जांच में मदद की पेशकश की।

व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता नेड प्राइस ने तुर्की की राजधानी अंकारा में हुई हत्या को लेकर कहा कि राजदूत कालरेव और दूसरे पीड़ितों के साथ हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं और हम रूसी लोगों एवं सरकार के प्रति अपनी संवेदना जताते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका हत्या की कड़ी निंदा करता है। साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग ने जांच में रूस और तुर्की की मदद करने की पेशकश की।

उधर, तुर्की ने कहा है कि वह अंकारा में रूस के राजदूत की हत्या से मास्को के साथ संबंधों को प्रभावित नहीं होने देगी। तुर्की ने इस हत्या को द्विपक्षीय संबंधों पर ‘आतंकी हमला’ बताया है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा है कि हम लोग इस हमले से तुर्की-रूस संबधों को प्रभावित नहीं होने देंगे। गृह मंत्री सुलेमान सोयलू ने कहा कि अंद्रेयी कारलोव की हत्या रूस और तुर्की के संबंधो पर ‘आतंकी हमला ’ था।

अंकारा के मेयर ने बंदूकधारी की पहचान तुर्की के पुलिसकर्मी के रूप में की है। हमलावर ने अंकारा कला प्रदर्शनी के दौरान राजदूत पर हमला किया। वह चिल्ला रहा था, ‘अल्लेपो’ और ‘बदला’। इस घटना से कुछ दिनों पहले तुर्की ने सीरिया में रूस की भूमिका का विरोध किया था। हालांकि रूस और तुर्की फिलहाल तहस-नहस हुए अल्लेपो शहर से नागरिकों को निकालने का काम मिलकर कर रहे हैं।

 

नरेंद्र मोदी सरकार ने ‘मेरिट’ के आधार पर बिपिन रावत को चुना आर्मी चीफ, 1983 के बाद पहली बार नजरअंदाज हुई सीनियरिटी

लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को नया थलसेनाध्‍यक्ष चुना गया है। लेकिन इससे लिए सरकार ने अबतक चली आ रही सीनियर को चुनने की व्यवस्था का पालन नहीं किया है।

लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को नया थलसेनाध्‍यक्ष चुना गया है। लेकिन इससे लिए सरकार ने अबतक चली आ रही सीनियर को चुनने की व्यवस्था का पालन नहीं किया है। लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत सितंबर 2016 में आर्मी के वाइस चीफ बने थे। उन्होंने चीफ चुने जाने के लिए कमांड चीफ लेफटिनेंट प्रवीण बक्शी और दक्षिणी कमान के आर्मी चीफ लेफटिनेंट पीएम हारिज को नजरअंदाज किया गया। सरकार का कहना है कि बिपिन को मेरिट के आधार पर चुना गया है। सरकार के पास किसी को भी आर्मी चीफ चुनने का हक है लेकिन अबतक ज्यादातर मामलों में बाकियों में सबसे सीनियर को ही इस पद पर लाया जाता है। अब सबकी निगाहें लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बक्शी और लेफ्टिनेंट पीएम हारिज पर होंगी। देखना होगा कि क्या वह सरकार के इस निर्णय का विरोध करेंगे। 1983 में जनरल ए एस विद्या को आर्मी चीफ चुना गया था। इसपर उनके सीनियर लेफ्टिनेंट एस के सिन्हा ने विरोध किया था।
एयरफोर्स के मामले में सीनियर बीएस धनोआ को ही चुना गया है। लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बक्शी का 1977 के दिसंबर में कमीशन हुआ था। वहीं लेफ्टिनेंट जनरल हारिफ का कमीशन 1978 हुआ था। लगभग हर बार सीनियर को ही पद पर लिया जाता है। हालांकि, इसमें कुछ अपवाद हैं।
1983 में इंदिरा गांधी के वक्त पर एस के सिन्हा की जगह पर ए एस विद्या को चुना गया था। वहीं 1988 में एयर मार्शल एम एम सिंह की जगह एस के मेहरा को IAF चीफ बना दिया गया था। सिन्हा ने विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, बाद में उन्हें असम और जम्मू कश्मीर का गवर्नर बनाया गया। वह नेपाल में भारत के राजदूत बनकर भी गए।

जूनियर हॉकी वर्ल्‍ड कप: भारत ने पेनल्‍टी शूटआउट में ऑस्‍ट्रेलिया को 4-2 से हराया, फाइनल में बनाई जगह

भारत ने जूनियर हॉकी वर्ल्‍ड कप के फाइनल में जगह बना ली है। फाइनल में भारत का मुकाबला बेल्जियम से होगा। भारत 15 साल बाद जूनियर हॉकी वर्ल्‍ड कप के फाइनल में पहुंचा है। भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्‍ट्रेलिया को पेनल्‍टी शूटआउट में 4-2 से हराया। इससे पहले 70 मिनट के खेल में दोनों टीमें 2-2 से बराबर रहीं थीं। बेल्जियम ने पहले सेमीफाइनल में जर्मनी को शूटआउट में हराया।भारतीय टीम के गोलकीपर विकास दहिया को प्‍लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दहिया ने मैच के दौरान कई शानदार बचाव किए। साथ शूटआउट के दौरान भी दबाव में वे शांत रहे और ऑस्‍ट्रेलिया के दो हमलों को नाकाम किया।
मैच की शुरुआत से ही भारत ने विपक्षी गोलपोस्‍ट पर हमले बोले लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसी बीच ऑस्‍ट्रेलिया के टॉम क्रेग ने 14वें मिनट में पेनल्‍टी कॉर्नर से गोल दाग कर कंगारूओं को 1-0 से बढ़त बना ली। इसके बाद भारत ने भी हमले तेज किए और पेनल्‍टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन गोल नहीं हो पाया। 35 मिनट के पहले हाफ की समाप्ति तक ऑस्‍ट्रेलिया के पास 1-0 की बढ़त थी। दूसरे हाफ की शुरुआत से ही भारतीय अग्रिम पंक्ति का रूख बदला हुआ नजर आया। इसका फायदा भी देखने को मिला। 42वें मिनट में गुरजंट सिंह ने मैदानी गोल दागते हुए टीम इंडिया को बराबरी दिला दी। छह मिनट बाद ही हरमनप्रीत सिंह ने दूसरा गोल दाग भारत को बढ़त दिला दी।
भारत हालांकि इस बढ़त को ज्‍यादा देर तक बरकरार नहीं रख पाया। लाचलान शार्प ने 57वें मिनट में गोल कर मैच बराबरी पर ला दिया। इसके बाद ऑस्‍ट्रेलिया ने एक के बाद एक कई पेनल्‍टी कॉर्नर हासिल किए। लेकिन भारतीय गोलकीपर ने उन्‍हें नाकाम कर दिया। अंतिम हूटर बजने तक दोनों टीमें 2-2 से बराबर रहीं। इसके चलते मैच पेनल्‍टी शूटआउट में गया। भारत ने अपने शुरुआती चारों मौके भुना दिए। लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया पहला गोल दागने के बाद दूसरे और तीसरे राउंड में गोल नहीं दाग पाया। चौथे राउंड में उसकी ओर से गोल हुआ लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भारत की जीत के बाद कई हस्तियों ने टीम इंडिया ने बधाई दी। इनमें क्रिकेटर गौतम गंभीर,  सीनियर हॉकी टीम के सदस्‍य रुपिंदरपाल सिंह, पीआर श्रीजेश शामिल हैं। गौरतलब है कि श्रीजेश इस टूर्नामेंट के लिए टीम के साथ हैं।

दिल्ली: रियल एस्टेट एजेंट से 65 लाख कैश जब्त, 2000 के नोटों में मिले 11 लाख और एक करोड़ की ज्वैलरी

रियल एस्टेट एजेंट के पास से 1,06,57,235 रुपए की ज्वैलरी भी बरामद की गई है।
रियल एस्टेट एजेंट सुखबीर शौकीन के पास से 64,84,000 रुपए का अघोषित कैश बरामद किया गया है। इसमें से 11,34,000 के 2000 रुपए के नोट थे। इसके साथ ही उसके पास से 1,06,57,235 रुपए की ज्वैलरी भी बरामद की गई है। यह कार्यवाई आयकर विभाग, इंटर स्टेट क्राइम सेल और दिल्ली पुलिस ने मिलकर की है। अभी रियल एस्टेट एजेंट से पूछताछ की जा रही है। बता दें, नए नोटों की बरामदगी को देखते हुए आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। दक्षिणी राज्‍यों से रोज किसी न किसी की गिरफ्तारी हो रही है। मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक में काले धन को सफेद करने वाले सात दलालों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 93 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं।
बुधवार को प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने चंडीगढ़ से 2.19 करोड़ रुपए जब्त किए थे। अधिकारियों ने बताया था कि ऐसी सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में गैरकानूनी नोटों को छिपाया गया है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने कपड़ा व्यापारी के परिसर और अन्य जगहों पर छापेमारी की। ईडी ने बताया कि नए नोटों की सूरत में 18 लाख रूपये की राशि जब्त हुई है वहीं पंजाब पुलिस का कहना है कि नए नोटों की सूरत में 69.35 लाख की राशि छापे के दौरान बरामद की गई है।

राहुल गांधी का नरेंद्र मोदी पर हमला- मुझसे डरे हुए हैं PM, मेरे पास है उनके भ्रष्टाचार से जुड़े सबूत

राहुल गांधी ने कहा, "पिछले एक महीने से पूरा विपक्ष लोक सभा में चर्चा करनी चाहता है। पीएम और सरकार नहीं चाहते"

बुधवार को विपक्ष ने सरकार के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे डरे हुए हैं और उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा। राहुल गांधी ने हैरान कर देने वाला बयान देते हुए कहा कि उनके पास पीएम मोदी से जुड़ी कुछ पर्सनल जानकारी है, जो उनके भ्रष्टाचार से जुड़े है। इसके अलावा राहुल गांधी ने सरकार पर लोकसभा में ना बोलने देने का भी आरोप लगाया। जानिए और क्या बोले राहुल गांधी:
– पीएम डरे हुए हैं, अगर उन्होंने मुझे बोलने दिया तो पोल खुल जाएगी
– मेरे पास पीएम मोदी से जुड़ी कुछ पर्सनल जानकारी है, जो मैं लोकसभा में बताना चाहता हूं लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा
– हमारे पास प्रधानमंत्री जी के बारे में भ्रष्टाचार की कुछ पर्सनल जानकारी है, जो वो हमे सदन में रखने नहीं दे रहे
– पिछले एक महीने से पूरा विपक्ष लोकसभा में चर्चा करना चाहता है। पीएम और सरकार ऐसा नहीं चाहते
– पीएम बाहर जाकर बोलते हैं, हमें क्यों नहीं बोलने दिया जा रहा
– यह पहली बार देखा जा रहा है कि संसद में सत्ता पक्ष के लोग ही सदन नहीं चलने दे रहे हैं
– सदन में हमें बोलने देना चाहिए, यह हमारा हक है

बाथरूम में 5.70 करोड़ रुपये छुपाकर रखने वाला हवाला कारोबारी गिरफ्तार, कर्नाटक में कई जगहों पर सीबीआई छापे

 

बेंगलुरु (एजेंसियां) :प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक में काले धन को सफेद करने वाले सात दलालों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 93 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक में काले धन को सफेद करने वाले सात दलालों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 93 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। ईडी के ए‍क अधिकारी ने खुद को कस्‍टमर के रूप पेशकर इन दलालों से संपर्क किया। इसके बाद इन्‍हें गिरफ्तार कर लिया गया। दलालों के तार किनसे जुड़े हुए हैं इस संबंध में ईडी ने जांच शुरू कर दी है। कई बैंक अफसर भी शक के दायरे में है। इधर, चित्रदुर्ग में बाथरूम से 5.70 करोड़ रुपये की नकदी मिलने के मामले में चार बैंककर्मी बर्खास्‍त कर दिए गए है। इन पर आरोप है कि उन्‍होंने पीछे के दरवाजे से 2000 के नए नोटों से बंद किए गए नोट बदल दिए। वहीं सीबीआई ने हवाला कारोबारी केवी वीरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया है। वीरेद्र के घर से ही 5.70 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे। सीबीआई ने कर्नाटक में और भी कई ठिकानों में पर छापे मारे हैं।
पिछले कुछ दिनों में कर्नाटक के कई हिस्‍सों से भारी मात्रा में अवैध नकदी बरामद की गई है। कर्नाटक के अलावा देश के अन्‍य हिस्‍सों जयपुर, गुवाहाटी, सूरत, मुंबई और चेन्‍नई से भी कालाधन बरामद किया गया है। ज्‍यादातर जगहों से 2000 रुपये के नए नोट जब्‍त किए गए हैं। वहीं कर्नाटक सरकार ने सोमवार रात( 12 दिसंबर) को केएएस अधिकारी एल बीमा नाइक को जनार्दन रेड्डी के कालेधन को सफेद करने में मदद के आरोप में सस्‍पेंड कर दिया।
गौरतलब है कि जनार्दन रेड्डी ने पिछले दिनों अपनी बेटी की शादी में जमकर पैसा खर्च किया था। बताया जाता है कि 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बाद कर्नाटक के पूर्व मंत्री और खनन कारोबारी जनार्दन रेड्डी की बेल्लारी स्थित ओबुलापुरम माइनिंग कंपनी के दफ्तर में सोमवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापा मारा। बताया जा रहा है कि जनार्दन रेड्डी के दफ्तर से जांच टीम ने कुछ फाइलें भी जब्त की है।
गौरतलब है कि बेटी की शाही शादी को लेकर रेड्डी चर्चा में रहे थे। बाद में कर्नाटक के एक प्रशासनिक अधिकारी के ड्राइवर ने बुधवार (7 दिसंबर) को सुसाइड कर लिया। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उसे पता था कि जनार्दन रेड्डी 100 करोड़ रुपए के कालेधन को व्हाइट कर रहे हैं। ड्राइवर के नोट के अनुसार रेड्डी और वह प्रशासनिक अधिकारी मिलकर उसका मानसिक शोषण करते थे। ड्राइवर ने पत्र में यह भी लिखा कि रेड्डी ने कर्नाटक के प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (जिसका वह शख्स ड्राइवर था) से पैसे सफेद करवाए थे।

कश्‍मीर में पांच गोलियां खाकर भी बच गए रिटायर्ड जवान ने दी जान, नकदी ना मिलने से था परेशान

आगरा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) के एक रिटायर्ड जवान ने बैंक से नकदी ना मिलने से परेशान होकर खुदकुशी कर ली।

आगरा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) के एक रिटायर्ड जवान ने बैंक से नकदी ना मिलने से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। मृतक राकेश चंद कई बार पैसे निकलवाने के लिए गए लेकिन हर बार उन्‍हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे दुखी होकर उन्‍होंने खुद को लाइसेंसशुदा बंदूक से गोली मार ली। उन्‍हें इलाज के लिए पैसों की जरुरत थी। राकेश को सीआरपीएफ में रहने के दौरान कश्‍मीर में तैनाती के समय 1990 में पांच गोलियां लगी थी। इसके बाद उनका ऑपरेशन कर गोलियां निकाली गई थी। राकेश आतंकियों की गोलियां तो झेल गए लेकिन नोटबंदी ने उनका जीवन समाप्‍त कर दिया। उनके बेटे सुशील ने बताया कि सीआरपीएफ में रहने के दौरान गोली लगने के बाद से उनके हार्ट में समस्‍या थी। वे साल 2012 में हैड कांस्‍टेबल पद से रिटायर हुए थे। कई दिनों से वहले ताजगंज स्थित स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से पैसे निकलवाने जा रहे थे। लेकिन हर रोज खाली हाथ लौटते थे। राकेश आगरा के बुढ़ाना गांव के रहने वाले थे। उनके बेटे के अनुसार, ”मेरे पिता को हार्ट के इलाज के लिए पैसों की जरुरत थी। उन्‍हें 15 हजार रुपये की पेंशन मिलती थी। डॉक्‍टर के पास जाने और दवाइयों के लिए उन्‍हें 6-7000 रुपये चाहिए थे।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का एलान किया था। इसके बाद से लोगों को पैसों की तंगी का सामना करना पड़ा है। देशभर के बैंक और एटीएम में अभी तक पर्याप्‍त पैसा नहीं पहुंचा है। इसके चलते लंबी लाइने बरकरार हैं। हाल के दिनों में लोगों का गुस्‍सा भी फूटने लगा है। कई जगहों पर बैंककर्मियों से मारपीट, झगड़ा, पथराव और सड़कों को जाम करने की खबरें सामने आई हैं। रिजर्व बैंक की नोट छापने की प्रिंटिंग प्रेसों मे तीन शिफ्टों में काम हो रहा है। लेकिन बावजूद इसके लिए पर्याप्‍त नकदी की पूर्ति नहीं हो पा रही। देश में रोजाना 50 करोड़ नोट ही छापे जा सकते हैं। इसके चलते जिन बैंकों को 50-60 लाख प्रतिदिन चाहिए होते हैं उन्‍हें केवल 5-6 लाख रुपये ही मिल रहे हें। ताजा रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के एक महीने बाद भी बाजार में केवल 5 लाख करोड़ रुपये ही वापस आए हैं जबकि बैंकों में 14 लाख करोड़ रुपये जमा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के एक महीने के बाद अब जनता का मूड बदल रहा है। लोगों में अब इस फैसले के चलते हो रही दिक्‍कतों के कारण गुस्‍सा बढ़ रहा है। हफिंगटन पोस्‍ट-बीडब्‍ल्‍यू-सीवोटर की ओर से कराए गए ओपिनियन पोल में सामने आया है कि लोग नोटबंदी के फैसले को अब परेशानी मानने लगे हैं। नए पोल में नोटबंदी के चलते लाइन में लगने के काम को सही मानने वाले लोगों की संख्‍या गांवों में 86 से घटकर 80 प्रतिशत से नीचे आ गई। सर्वे के अनुसार ग्रामीण व अर्ध शहरी क्षेत्रों में नोटबंदी से पड़े असर ने लोगों के जीवन पर बड़ा असर डाला है। वहीं शहरी क्षेत्रों में हालात पहले जैसे ही है।

ममता बनर्जी को बंगाल बीजेपी प्रमुख की धमकी- दिल्‍ली में हमारी पुलिस है, चाहते तो बाल पकड़कर निकाल देते

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले का विरोध कर रही हैं।

भारतीय जनता पार्टी की बंगाल यूनिट के अध्यक्ष दिलीप घोष ने नोटबंदी का विरोध करने पर ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने घोष के हवाले से लिखा है, ‘एक मुख्यमंत्री इस तरह के शब्द प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल करती हैं वो ठीक नहीं है। जब वो दिल्ली में नाटक कर रही थीं, हम चाहते तो उनका बाल पकड़ के निकाल सकते थे। हमारी पुलिस है वहां।’ दिलीप घोष के इस बयान पर पलटवार करते हुए टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, ‘राजनीति में नई गिरावट, थ्रर्ड क्लास पॉलिटिक्स। ममता बनर्जी के खिलाफ खतरनाक, धमकी भरा और व्यक्तिगत आरोप लगाए गए हैं।’ बता दें, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले का विरोध कर रही हैं।
बनर्जी ने दिल्ली में आकर भी इस फैसले के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था। इसके साथ ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर दिल्ली में एक रैली को संबोधित भी किया था। जिसमें उन्होंने इस फैसले को लेकर पीएम मोदी और भाजपा सरकार पर निशाना साधा था। ममता बनर्जी नोटबंदी के फैसले के खिलाफ पूरे देश में रैली कर रही हैं।
बता दें, 9 दिसंबर को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि नोटबंदी के बाद पिछले एक महीने से लोगों को काफी दिक्कत और वित्तीय असुरक्षा हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उच्च मूल्य वाले नोट बंद करने के बाद परेशानियों से 90 लोगों की मौत हो चुकी है। बनर्जी ने बयान जारी कर कहा, ‘एक महीने से पीड़ा, दर्द, नाउम्मीदी, वित्तीय असुरक्षा और पूरी तरह अराजकता।’ उच्च मूल्य वाले नोटों को बंद करने के बाद इसके खिलाफ सबसे ज्यादा आवाज उठाने वाली बनर्जी ने कहा, ‘आठ नवंबर को नोटबंदी के काले निर्णय की घोषणा करने के बाद आम आदमी को यही सब हासिल हुआ है।’
इससे पहले बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूछा था कि भाजपा के सांसदों और विधायकों को अपने बैंक खाते से लेन देन का नोटबंदी की अवधि के बाद का ही ब्योरा क्यों सौंपना चाहिए। यह राजग के सत्ता में आने के बाद से क्यों नहीं होना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया था, ‘आठ नवंबर से ही खाते का ब्योरा क्यों होना चाहिए? केवल तीन हफ्ते। क्यों नहीं सारे ब्योरे ढाई साल के हो…? आपके 21 दिनों की नोट बंदी के बाद पूरा देश घरबंदी हो गया है, इसलिए यह तमाशा क्यों।’ ममता ने कहा था कि मोदी पहले अपने बैंक खाते की जानकारी क्‍यों नहीं सार्वजनिक करते। ममता बनर्जी ने यह बात लखनऊ में एक रैली को संबोधित करते हुई की थी।

कर्नाटक: 32 किलो सोना-चांदी, 5.7 करोड़ के नए नोट बरामद, बाथरूम में बना रखी थी तिजोरी

हवाला कारोबारी ने यह कालाधन अपने बाथरूम में बनाए गए तहखान में छुपा रखा था।
आयकर विभाग ने कर्नाटक में छापा मारकर भारी मात्रा में कालाधन बरामद किया है। छापेमारी में 5.7 करोड़ के 2000 रुपए वाले नए नोट और 32 किलो सोना चांदी मिली हैं। इसके साथ ही 90 लाख के पुराने नोट भी जब्त किए गए हैं। छापेमारी हवाला कारोबारी के यहां की गई है। आयकर विभाग ने छापेमारी चित्रदुर्ग और हुबली में की गई थी। हवाला कारोबारी ने यह कालाधन अपने बाथरुम में बनाए गए तहखाने में छुपाया गया था। बाथरूम में यह तहखाना टायलों के पीछे बनाया गया था। बता दें, इससे पहले आयकर विभाग ने नए नोटों में 24 करोड़ रुपए वेल्लोर से शनिवार को जब्त किए थे। नोटबंदी के बाद चेन्नई से अब तक 142 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब संपत्तियां जब्त की गई है। अधिकारियों ने बताया कि वेल्लोर में एक कार से 2000 रच्च्पये के नोटों में नकदी जब्त की गई।
आयकर विभाग ने कर चोरी की जांच के लिए पिछले दो दिनों में चेन्नई में कई जगहों पर तलाशी के दौरान 142 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्तियां जब्त की जिसमें 127 किलोग्राम सोना और नये नोटों में करीब 10 करोड़ रुपए शामिल थे। आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद देश में नये नोटों में सबसे अधिक नकदी तमिलनाडु में रेत खनन में शामिल एक समूह के आठ परिसरों में गुरुवार को छापा मारने के बाद जब्त की गई। समूह के पास पूरे तमिलनाडु में रेत खनन करने का लाइसेंस था। आठ परिसरों (छह आवासीय और दो कार्यालयों) में तलाशी ली गई।
आयकर विभाग की नीति निर्माण की एक संस्था, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने दिल्ली में जारी एक बयान में बताया, ‘तलाशी के दौरान चलन से बाहर हो चुके नोटों में 96.89 करोड़ रुपए, 2000 रुपए के नए नोटों में 9.63 करोड़ रुपए और करीब 36.29 करोड़ के मूल्य का 127 किलोग्राम सोना जब्त किया गया।’ बयान में बताया गया कि कुल आठ परिसरों में चार परिसरों में अभी भी तलाशी जारी है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज और अन्य साक्ष्य की जांच के बाद विस्तृत जानकारी सामने आएगी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के साथ काम करने वाले एक ठेकेदार एस रेड्डी ने दावा किया कि जब्त की गई पूरी राशि और सोना उसका अपना है। कुछ अन्य लोगों के साथ उससे पूछताछ की जा रही है। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयकर विभाग द्वारा हाल के दिनों में जब्त की जाने वाली यह बहुत बड़ी राशि और सोना है।

अगस्‍ता वेस्‍टलैंड केस में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्‍यागी सहित तीन गिरफ्तार

सीबीआई ने बताया कि तीनों को अवैध व भ्रष्‍ट तरीकों के जरिए दबाव डालकर अवैध फायदा लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआई ने पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्‍यागी को अगस्‍तावेस्‍टलैंड मामले में गिरफ्तार किया है। उनके साथ ही गौतम खेतान और संजीव त्‍यागी उर्फ जूली त्‍यागी को भी गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने बताया कि तीनों को अवैध व भ्रष्‍ट तरीकों के जरिए दबाव डालकर अवैध फायदा लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। संजीव त्‍यागी पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्‍यागी के चचेरे भार्इ हैं। वहीं गौतम खेतान त्‍यागी के भाई हैं। छह साल पुराने अगस्‍ता वेस्‍टलैंड केस में इस कंपनी को ठेका दिलाने के लिए घूस लेने का मामला सामने आया था। सीबीआई मामले की जांच कर रही है।
फरवरी 2010 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने इटली की कंपनी फिनमेकेनिका की सहायक कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया। इन हेलिकॉप्टरों को वीवीआईपी मसलन पीएम और राष्ट्रपति के लिए इस्‍तेमाल किया जाना था। नए हेलिकॉप्टर इसलिए खरीदे जा रहे थे क्योंकि पुराने एमआई 8 हेलिकॉप्टर बहुत ज्यादा ऊँचाई पर उड़ान भरने में सक्षम नहीं थे। शुरुआत में हेलिकॉप्टरों की खरीद में एयरफोर्स ऊंचाई वाले मानक पर किसी तरह का समझौता करने के लिए तैयार नहीं थी। इस शर्त की वजह से अगस्ता डील के दौड़ से शुरुआत में बाहर हो गई।
घूस देने का मामला सामने आने के बाद यूपीए सरकार ने 2013 में इस डील को होल्ड पर डाल दिया। इसके बाद, जनवरी 2014 में कॉन्ट्रैकट रदद कर दिया। कैग ने अगस्त 2013 में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इंडियन एयरफोर्स ने हेलिकॉप्टरों की खरीद के लिए जो जरूरतें बताईं, उनमें 2006 में किए गए बदलावों की वजह से बाकी कंपनियां दौड़ से बाहर हो गई और अगस्ता वेस्टलैंड को फायदा पहुंचा। इस बात का भी जिक्र है कि कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए नियमों में कई बार बदलाव किए गए।
आरोप है कि एसपी त्यागी के एयरफोर्स चीफ बनने के बाद ऊंचाई वाले मानक में बदलाव किए गए, जिसकी वजह से अगस्ता वापस डील के दौड़ में आ गई। आरोप है कि पैसे और घूस के प्रभाव में मानकों में यह बदलाव किया गया। उन्‍होंने अगस्ता वेस्टलैंड के हेलिकॉप्टरों को खरीद की दौड़ में शामिल करने के लिए उन्‍होंने मानकों में बदलाव किए। इस साल अप्रैल महीने में इटली के मिलान की अपीलीय अदालत ने अपने फैसले में माना कि इस डील में भ्रष्टाचार हुआ है।

संसद में जारी गतिरोध पर राष्ट्रपति नाराज़, कहा- आप बहुमत की आवाज दबा रहे हैं

प्रणव ने साफ किया कि वह किसी खास पार्टी या व्यक्ति पर निशाना नहीं साध रहे, क्योंकि यह सबकी जिम्मेदारी है।
नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने गुरुवार (8 दिसंबर) को कहा कि सदन धरना-प्रदर्शन और ऐसी बाधा पैदा करने की जगह नहीं है जिसमें अल्पमत द्वारा बहुमत की आवाज दबा दी जाए। प्रणव ने सांसदों को बताया कि विपक्ष का काम सदन को बाधित करना नहीं, बल्कि चर्चा और कामकाज करना है। रक्षा संपदा दिवस व्याख्यान के अवसर पर यहां मजबूत लोकतंत्र के लिए चुनाव सुधार विषय पर अपने संबोधन में प्रणव ने कहा-संसदीय प्रणाली में कामकाज में बाधा डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है। लोग अपने प्रतिनिधियों को बोलने के लिए भेजते हैं, धरना पर बैठने के लिए नहीं, और न ही सदन में दिक्कतें पैदा करने के लिए। राष्ट्रपति बनने से पहले कद्दावर सांसद रह चुके प्रणव ने कहा कि बाधा पैदा करने का मतलब है कि आप चोट पहुंचा रहे हैं, आप बहुमत की आवाज दबा रहे हैं। सिर्फ अल्पमत ही सदन के बीचोंबीच आता है, नारेबाजी करता है, कार्यवाहियां रोकता है और ऐसे हालात पैदा करता है कि अध्यक्ष के पास सदन की कार्यवाही स्थगित करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होता। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। प्रणव ने ऐसे समय में यह तीखी टिप्पणियां की हैं जब पिछले 15 दिनों से नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में गतिरोध जारी है। राष्ट्रपति ने कहा कि पूरे साल में महज चंद हफ्ते ही संसद का सत्र आयोजित होता है। नोटबंदी के लिए आप कोई और जगह चुन सकते हैं। लेकिन भगवान के लिए, अपना काम करें। आपको कामकाज करना होता है। आपको सदस्यों के अधिकारों का इस्तेमाल करने, खासकर लोकसभा सदस्यों को धन और वित्त के मुद्दे पर कामकाज में अपना वक्त देना होता है।
प्रणव ने साफ किया कि वह किसी खास पार्टी या व्यक्ति पर निशाना नहीं साध रहे, क्योंकि यह सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा-तथ्य है कि यह (बाधा) आम बात हो गई है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। चाहे कितने भी मतभेद हों, हमारे पास अपनी बात खुलकर कहने का मौका होता है। कोई भी अदालत सदन में कही गई बातों में दखल नहीं दे सकती। यदि कोई सदस्य किसी पर आरोप लगाता भी है, तो कोई अदालत उस पर मुकदमा नहीं चला सकती, क्योंकि उसने ऐसा सदन में कहा है। बाधाएं पैदा कर इस तरह की आजादी का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। प्रणव ने कहा कि किसी लोकतंत्र में तीन डी यानी डिबेट (वाद-विवाद), डिसेंशन (असहमति) और डिसीजन (निर्णय) अहम होते हैं। लेकिन इसमें चौथा डी नहीं होता। कम से कम मेरे शिक्षक ने मुझे नहीं बताया कि एक चौथा डी डिसरप्शन (बाधा) भी होता है। राष्ट्रपति ने कहा कि जब भारत का बजट छोटा होता था और जब पंचवर्षीय योजना के लिए आवंटित की जाने वाली राशि मामूली होती थी, तो संसद का दो-तिहाई वक्त धन एवं वित्त पर चर्चा में गुजरता था। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होता था क्योंकि लोकसभा में जनप्रतिनिधियों का अधिकार है कि उनकी मंजूरी के बगैर कोई कर नहीं लगाया जा सकता और न ही उनकी मंजूरी के बगैर भारत की संचित निधि से कोई पैसा निकाला जा सकता। संसद की मंजूरी के बगैर भारत की संचित निधि से कोई रकम खर्च नहीं की जा सकती । लेकिन इन मुद्दों पर यदि बहस नहीं हो, जब आप हर साल 16 लाख करोड़ से 18 लाख करोड़ प्रति वर्ष खर्च करें, यदि सदन के पटल पर इन चीजों पर बारीकी से चर्चा न हो तो मैं नहीं समझता कि हमारी संसदीय प्रणाली बहुत प्रभावी तरीके से काम करेगी और सफलतापूर्वक आगे बढ़ेगी।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर राष्ट्रपति ने कहा कि 2014 के चुनाव ने दिखाया कि जब महिलाओं को टिकट देने की बात आती है तो कोई पार्टी उदार नहीं होती। उन्होंने कहा कि लोकसभा की सीटों में कुछ आरक्षण होना चाहिए और राज्यसभा पहले ही महिला आरक्षण विधेयक पारित कर चुकी है। प्रणव ने कहा कि सरकार को लोकसभा में बहुमत प्राप्त है और इस सदन को भी विधेयक पारित कर देना चाहिए। चुनाव सुधार के मुद्दे पर राष्ट्रपति ने कहा कि चुनाव आयोग ने चुनाव सुधार के लिए अपनी सिफारिशों से लैस अहम दस्तावेज बांटे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमें इसे गंभीरता से लेकर सार्वजनिक तौर पर बहस करनी चाहिए। इसके बाद यदि जरूरत पड़े तो कुछ चुनाव सुधारों के लिए संशोधन एवं शुद्धियां की जा सकती हैं। उन्होंने एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे का भी जिक्र किया और इसे बहुत विवादित विषय करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इसे मौजूदा संविधान की रूपरेखा के दायरे में हासिल करना बेहद मुश्किल है। प्रणव ने कहा कि कई लोगों को मालूम है कि बार-बार होने वाले चुनावों पर काफी खर्च होते हैं जिससे प्रशासनिक एवं वित्तीय संसाधनों पर दबाव पड़ता है। लेकिन हम लोकतंत्र की खातिर यह कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं, पर हमारे जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था में विकास की कीमत पर यह नहीं होना चाहिए। लिहाजा, हमें यह सुनिश्चित करने का रास्ता तलाशना चाहिए कि यदि संभव हो तो संसद और विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराए जाएं।

ब्‍याज दरों में बदलाव नहीं, RBI ने कहा- पर्याप्‍त नोट उपलब्‍ध, लोग ई-बैंकिंग करें

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से मौद्रिक नीति कमेटी के फैसले का ऐलान बुधवार को किया। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का फैसला किया है, यानी रेपो रेट 6.25 प्रतिशत ही रहेगा। आरबीआई ने कहा कि ‘चलनिधि समायोजन सुविधा के तहत रेपो रेट को 6.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया गया है।’ गवर्नर उ‍र्जित पटेल की अध्‍यक्षता वाली कमेटी से ब्‍याज दरों में कटौती की उम्‍मीद की जा रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को किए गए 500, 1000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले से भारत कैश-आधारित अर्थव्‍यवस्‍था को चोट पहुंची है। ऐसे में अगर 25 बेसिस प्‍वाइंट की कटौती भी करता तो रेपो रेट करीब 6 प्रतिशत कम हो जाता, जो कि सितंबर 2010 के बाद का न्‍यूनतम स्‍तर होता। रेपो रेट में कटौती से ग्राहकों के लिए ईएमआई कम हो सकती थी। विशेषज्ञों ने चेताया है कि नोटबंदी का असर 2018 तक बरकरार रह सकता है। इसलिए वित्‍त क्षेत्र के एक्‍सपर्ट्स की नजरें बचे हुए वित्‍तीय वर्ष के लिए आरबीआई के ऐलान पर थीं। अगर आरबीआई दरों में कटौती करता तो यह अर्थव्‍यवस्‍था को समर्थन देने की केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता दर्शाता। जुलाई और सितंबर के बीच हमारी अर्थव्‍यवस्‍था 7.3 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ी है। वैश्विक स्‍तर पर तेज की कीमतें 30 नवंबर के बाद से तेजी से बढ़ी हैं। ओपेक देशों ने ने उत्‍पादन कम करने का ऐलान कर दिया है। इसके घरेलू वृद्धि पर असर को लेकर आर्थिक विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है।
सेंसेक्स बुधवार को शुरूआती कारोबार में 77 अंक चढ़ गया। मौद्रिक नीति की समीक्षा में दरों में कटौती की उम्मीद और स्थिर वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों के बीच लिवाली का दौर चलने से शेयर बाजार में तेजी देखी गई। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपया के मजबूत रहने से भी शेयर बाजार को समर्थन मिला। हालांकि जैसे ही रेपो रेट में कोई परिवर्तन न होने का ऐलान हुआ, सेंसेक्‍स में गिरावट देखी गई।
500, 1000 रुपए के नोट बंद होने से बैंकों के जमा में तेजी से इजाफा हुआ है। आ‍र्थ‍िक विशेषज्ञों के अनुसार, अगर सरकार रकम निकालने की सीमा बढ़ा भी देती है तो भी बैंकों के पास जमा कुल रकम करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए तक बढ़ सकती है।

 

2000 रुपए तक के ऑनलाइन भुगतान के लिए नहीं होगी OTP की जरूरत: RBI

इस फैसले से कैब आधारित कंपनियों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

कम मूल्य वाले ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक ने 2000 रुपए तक के ऑनलाइन पेमेंट के लिए नियमों में ढील दी है। इसके तहत ग्राहकों को दुकानों पर 2,000 रुपए तक के लेन-देन के लिए हर बार OTP (वन टाइम पासवर्ड) की जरूरत नहीं होगी। हालांकि इस सुविधा के लिए ग्राहकों को रजिस्ट्रेशन प्रोसेस से गुजरना होगा।
दो हजार रुपए तक के ऑनलाइन सीएनपी (कार्ड नहीं देने पर) लेन-देन के लिए एडिशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (एएफए) में ढील देते हुए रिजर्व बैंक ने कहा कि केवल अधिकृत कार्ड नेटवर्क इस प्रकार का भुगतान सत्यापन समाधान उपलब्ध कराएंगे। इस मॉडल में कार्ड जारी करने वाला बैंक अपने ग्राहकों के लिए वैकल्पिक आधार पर संबंधित कार्ड नेटवर्क के ‘भुगतान सत्यापन समाधान’ की पेशकश करेंगे।
इस फैसले से कैब आधारित कंपनियों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। इस सुविधा का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों को एक बार रजिस्ट्रेशन प्रोसेस से गुजरना होगा। इसमें जारीकर्ता बैंक द्वारा कार्ड की डीटेल तथा एएफए देने की जरूरत होगी। रिजर्व बैंक ने कहा, “उसके बाद रजिस्टर्ड ग्राहकों को दुकानों पर प्रत्येक लेन-देन के लिए कार्ड का ब्योरा देने की आवश्यकता नहीं होगी….इससे समय की बचत होगी लेन-देन आसान होगा।” इस मॉडल में पहले से रजिस्टर्ड कार्ड ब्योरा पहला कारक होगा जबकि ‘लागइन’ के लिए दी जाने वाली जानकारी सत्यापन के लिए अतिरिक्त कारक होगा।

जस्टिस जेएस केहर लेंगे टीएस ठाकुर की जगह, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनने वाले पहले सिख होंगे

जस्टिस जेएस केहर भारत के अगले चीफ जस्टिस होंगे।
स्टिस जेएस केहर भारत के अगले चीफ जस्टिस होंगे। जस्टिस केहर 4 जनवरी 2017 को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की शपथ लेंगे। उन्हें वह शपथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दिलवाएंगे। जस्टिस केहर भारत के 44वें चीफ जस्टिस होंगे। उनका कार्यकाल 4 जनवरी 2017 से 4 अगस्त 2017 तक रहेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, भारत के चीफ जस्टिस बनने वाले वह पहले सिख होंगे। गौरतलब है कि चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने मंगलवार को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जस्टिस केहर को अगला चीफ जस्टिस बनाने की वकालत की थी। उनका पूरा नाम जगदीश सिंह केहर है।