ज्योतिष

जाने शिवलिंग की महिमा मात्र जल चढ़ाकर या बेलपत्र अर्पित करके भी शिव को प्रसन्न किया जा

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को गंगा जल चढ़ाने से विशेष पुण्य मिलता है। शिवरात्रि इस बार 13 फरवरी को देशभर में मनाई जा रही है। मतांतर से कुछ लोग 14 फरवरी को भी शिवरात्रि का पूजन एवं व्रत करेंगे। 

पूजन सामग्री के लिए वैसे तो कहा जाता है कि फूल, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, गन्ने का रस, दही, घी, शहद, गंगा जल, कपूर, धूप, दीप, चंदन, पांच फल, पांच मेवा, पांच रस, इत्र, गंध रोली, मौली, जनेऊ, पांच तरह की मिठाई, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री आदि से षोडशोपचार के साथ पूजा करनी चाहिए।

मगर, यदि आपके पास ये चीजें नहीं भी हों, तो भी भोलेनाथ प्रसन्न हो सकते हैं। यदि व्यक्ति अपनी पूर्ण श्रद्धा से बेल का पत्र, या अक्षत के चार दाने ही भोलेनाथ पर चढ़ाए, तो भी देवों के देव महादेव प्रसन्न हो जाते हैं। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराकर 'ॐ नमः शिवायः' मंत्र का जाप करना चाहिए।

 

शिव पुराण कथा के अनुसार, शिव ही ऐसे भगवान हैं, जो शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनचाहा वर दे देते हैं। वे अपने सभी भक्तों का कल्याण करते हैं, फिर चाहें उनकी पूजा करने वाला इंसान हो, राक्षस हो, या भूत-प्रेत। महादेव को प्रसन्न करना सबसे आसान है।
शिवलिंग की महिमा बताते हुए कहा कि शिवलिंग में मात्र जल चढ़ाकर या बेलपत्र अर्पित करके भी शिव को प्रसन्न किया जा सकता है। उनकी पूजा के लिए किसी विशेष पूजन विधि की आवश्यकता नहीं है। जरूरी है, तो महज भाव और श्रद्धा।

भगवान शिव को अगर आप चावल के मात्र 4 दाने भी भाव से अर्पित करें तो वे प्रसन्न होकर वरदान देते हैं। उन्हें एक कलश शीतल जलधारा भी प्रसन्न कर देती है। एक धतूरा, एक आंकड़ा, एक बेर, एक संतरा भी उन्हें प्रसन्न कर सकता है। जरूरी नहीं कि आपके पास सभी चीजें हो, जरूरी यह है कि जो भी हो उसे पूरे भक्ति भाव से अर्पित किया जाए।

गुप्त नवरात्रि 18 से 26 जनवरी तक

रायपुर -जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम व भगवती राजराजेश्वरी मंदिर रायपुर के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने बताया कि माघ शुक्ल प्रतिपदा से गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ होती है। इस वर्ष पूरे नौ दिन का है गुप्त नवरात्रि जो 26 जनवरी को खत्म होगा। ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने आगे बताया कि नवरात्रि 4 प्रकार की होती है जिसमे दो गुप्त और दो प्राकट्य नवरात्रि होती है। दूसरा गुप्त नवरात्रि आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होती है जिसमे नवमी विशेष रूप से प्रसिद्ध होती है तथा माघ शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होने वाली गुप्त नवरात्रि में पंचमी प्रसिद्ध होता है जिसमे माँ सरस्वती की पूजन होती है। ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने बताया कि 9 दिन की नवरात्रि पूर्ण व श्रेष्ठ मानी जाती है

क्या कहते है आज आपके तारे

।।BBN24 आज का पञ्चाङ्ग।। आज का दिन मंगलमय हो 1 दिसम्बर दिन शुक्रवार ऋतु-हेमन्त सूर्य-दक्षिणायन सूर्योदय-06:43 सूर्यास्त-05:17 राहूकाल(अशुभ समय) प्रातः10:30से12:00बजे तक तिथि-त्रयोदशी पक्ष-शुक्ल दिशाशूल-पश्चिम अमृतमुहूर्त-प्रातः09:40से10:58 तक।

।।आज का राशिफल।।

मेष:- किसी दोस्त से मुलाकात बहुत कारगर साबित होगी। नौकरी या कारोबार में कोई आपको ऐसी सलाह दे सकता है जिससे आपका समय बदल जाएगा। ज्यादातर मामले आसानी से निपट सकते हैं। सुझाव:-मसूर की दाल दान करें। राशिरत्न:-मूँगा शुभरंग:-हरा

वृष:- कारोबार में फायदा होने के योग बन रहे हैं। उत्साह भी रहेगा। सोचे हुए काम भी पूरे हो सकते हैं। कुछ लोग भी आपकी तरफ आकर्षित हो सकते हैं। आज आप निवेश के कुछ मामलों को गहराई से देखने और समझने की कोशिश भी कर सकते हैं। सुझाव:-इलाइची का दान करें। राशिरत्न:-हीरा,ओपल शुभरंग:-धानी

मिथुन:- किसी पुराने काम का नतीजा आपके फेवर में हो सकता है। नया काम शुरू करने का मन बना रहे हैं तो शुरू कर सकते हैं। मनोरंजन में भी समय बीतेगा। ज्यादातर मामलों में आप समझौते का मन बना कर चलें। सुझाव:- कच्चे नगरीयल का दान करें। राशिरत्न:-पन्ना शुभरंग:-परपल

कर्क:- भाई या साथी की सफलता से खुशी हो सकती है। किस्मत का साथ मिलने से फायदा हो सकता है। लोगों की नजरों में आपकी इज्जत बढ़ सकती है। नौकरी बदलने का विचार दिमाग से निकाल दें। सुझाव:-काले उड़द की दाल दान करें। राशिरत्न:-मोती शुभरंग:-क्रीम

सिंह:- करियर में कोई बिल्कुल ही नया ऑफर आपको मिल सकता है। बचा हुआ काम निपटाने पर पूरा ध्यान दें। कोई भी चीज खरीदने में जरूरत से ज्यादा उदारता रखेंगे। कोई भी मामला सकारात्मक रहकर निपटाने की कोशिश करें। सुझाव:-बाजरे का आटा दान करें। राशिरत्न:-माणिक्य शुभरंग:-फिरोजी

कन्या:- कामकाज में तेजी हो सकती है। अपना व्यवहार जितना लचीला रखेंगे, उतना ही फायदा आपको हो सकता है। आप किसी के लिए बहुत मददगार भी साबित हो सकते हैं। भावनात्मक तौर पर आप लोगों को सहारा दे सकते हैं। सुझाव:-काले उड़द का दान करें। राशिरत्न:-पन्ना शुभरंग:-चॉकलेटी

तुला:- आसपास के कुछ लोग आपकी मदद के लिए तैयार रहेंगे। पैसों की जरूरत महसूस होगी। सामाजिक दायरे में भी बदलाव आ सकता है। नए लोगों से मुलाकात के योग बन रहे हैं। आपके इरादे और सपनों में भी बदलाव हो सकता है। सुझाव:-बाकला की दाल दान करें। राशिरत्न:-हीरा,ओपल शुभरंग:-आसमानी

वृश्चिक:- आपकी राशि के लिए चंद्रमा की स्थिति शुभ हो सकती है। अपने लिए आगे का रास्ता आप खुद ही बनाने की कोशिश कर सकते हैं। कोई अधूरा काम निपटाने में सफलता मिल सकती है। सुझाव:-मसूर की दाल दान करें। राशिरत्न:-मूँगा शुभरंग:-हल्कालाल

धनु:- आप में कामकाज करने की ऊर्जा बढ़ सकती है। इसका उपयोग सोच-विचार कर ही करें। करियर में प्रगति का मौका मिल सकता है। ऑफिस में आप आने वाले दिनों की तैयारियों में लगे रह सकते हैं। सुझाव:-चनेकी दाल दान करें। राशिरत्न:-पुखराज शुभरंग:-पीला

मकर:- बहुत दिनों से रुका काम आज शुरू हो सकता है। छिटपुट परेशानियां खत्म होने के योग हैं। कामकाज में मन लगने से कारोबार या नौकरी में आगे बढ़ने की संभावना है। आसपास के कुछ लोग आपके भरोसे हो सकते हैं। सुझाव:-अरहर की दाल दान करें राशिरत्न:-नीलम शुभरंग:-सुनहला

कुंभ:- जरूरी काम जल्दी पूरे हो सकते हैं। रुका हुआ पैसा मिलने के योग हैं। सेविंग बढ़ सकती है। योजनाएं सफल हो सकती है। बिजनेस या नौकरी के टारगेट भी पूरे हो सकते हैं। विदेश या दूर स्थानों से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सुझाव:-मूँग की दाल दान करें। राशिरत्न:-नीलम शुभरंग:-केशरिया

मीन:- कोई भी बड़ा काम करने से पहले एक बार अच्छे से सोच लें। बिजनेस में आने वाली परेशानियों से निपटने की कोशिश करें। परिवार के लोगों की मदद मिल सकती है। सुझाव:- काले उड़द का दान करें। राशिरत्न:-पुखराज शुभरंग:-बादामी ।।आज के दिन का विशेष महत्व।। 1 आज मार्गशीर्ष माह त्रयोदशी तिथि शुक्लपक्ष है। 2 आज अनंग त्रयोदशी व्रत है, सर्वाथसिद्धि योग है। ।।प्रेरणा दाई चौपाई।। सुक सारिका जानकी ज्याए। कनक पिंजरन्हि राखिपढ़ाए।। अर्थ:-सन्तशिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी श्रीसीताराम विवाह में जनक पुर के पशु पक्षियों की मनोदशा का वर्णन करते हुवे कहते है कि श्री जानकी जी ने जिन तोता और मैना को पाला था वे सोने के पिजरे में रखे हुवे थे जिनको लाडली श्री जानकी जी ने स्वयं पढ़ाया था,पाला था अब वे व्याकुल होकर बोलते हैं कहाँ वैदेही?जानकी जी कहाँ है? उन पक्षियों की व्याकुलता को देख कर शब्द को सुनकर भला कौन ऐसा है जो अपना धैर्य न छोड़ दे! जब खग, मृग इस प्रकार विदाई से विह्वल हो गए तो भला मनुष्य की दशा का वर्णन कौन करे

आज क्या कहते है आपके तारे

BBN ज्योतिष

मेष (Aries): आज शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक रूप से भी प्रसन्नता मिलेगी। साहित्य-कला के क्षेत्र में आप अपनी सृजनात्मकता प्रस्तुत करेंगे। विद्यार्थी विद्याभ्यास में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। घर में शांतिपूर्ण वातावरण बना रहेगा। दैनिक कार्यों में कुछ अवरोध आएगा। व्यावसायिक क्षेत्र में उच्च अधिकारीगण के साथ वाद-विवाद न हो, इस बात का ध्यान रखें। अधिक परिश्रम करने पर भी फल प्राप्ति कम होगी ऐसा गणेशजी कहते हैं।

वृषभ (Taurus): माता के स्वास्थ्य के विषय को लेकर आज चिंता रहेगी। अगर आप संपत्ति के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले हैं तो आज के लिए उसे टाल दें। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय अनुकूल है। आज आप कोई धार्मिक कार्य कर सकते हैं।

मिथुन (Gemini): कार्यसफलता मिलने से आपका मन आज प्रसन्न रहेगा। प्रतिस्पर्धी भी आपसे पराजित होंगे। थोड़ी देर के लिए परिवारजनों के साथ तूतू-मैंमैं हो सकती है और इससे मन में ग्लानि बढ़ेगी। माता का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। नकारात्मक विचार आपको हताशा के गर्त में न धकेल दें, इसका ध्यान रखिएगा। मध्याह्न से पूर्व भाग्यवृद्धि के संकेत हैं।

कर्क (Cancer) : परिवारजनों के साथ वातावरण तनावपूर्ण रहेगा। निर्धारित कार्यों में विचारों की अपेक्षा कम सफलता मिलेगी ऐसा गणेशजी कहते हैं। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। भाई-बहनों से आपको लाभ मिलेगा। किसी के साथ भावना भरे संबंधों में बंधेंगे और उससे मन की चिंता दूर होगी।

सिंह (Leo) : आज के दिन आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे ऐसा गणेशजी कहते हैं। आज आप प्रत्येक कार्य दृढ़ निर्णयशक्ति से करेंगे। फिर भी क्रोध की भावना अधिक रह सकती है, इसलिए मन शांत रखिएगा। सरकारी कार्यों में लाभ होगा। परिवारजनों का सहकार अच्छा मिलेगा। आय की अपेक्षा व्यय अधिक होगा।

कन्या (Virgo) : आज आपका मन कुछ अधिक भावनाशील रहेगा। भावनाओं के प्रवाह में बहकर आप किसी अविचारी कार्य न कर बैठें, इसके लिए सावधान रहिएगा। चर्चा और विवाद से दूर रहिएगा। अन्यथा किसी के साथ उग्रतापूर्ण व्यवहार हो सकता है। मध्याह्न के बाद आप के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता हुआ नजर आएगा। समाज में आपकी मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। फिर भी क्रोध पर संयम रखिएगा।

तुला (Libra) : आज का दिन घर से बाहार जाने का तथा मित्रों से लाभ मिलने का दिन है। व्यापार के क्षेत्र में आपको लाभ होगा। संतानों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। लेकिन मध्याह्न के बाद मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ेगा। अधिक संवेदनशील न रहने के लिए गणेशजी कहते हैं। आज आप कानूनी विषयों में निर्णय बहुत सोच-समझकर करिएगा।

वृश्चिक (Scorpio) : दृढ़ मनोबल और आत्मविश्वास से आप प्रत्येक कार्य आज सरलतापूर्वक पूर्ण करेंगे। व्यवसाय और व्यापार के क्षेत्र में भी आपकी बुद्धि-प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाएगा। आपके बॉस आपके कार्य से प्रसन्न होकर, प्रमोशन कर सकते हैं। पिता के साथ संबंध अच्छे होंगे और उनसे लाभ भी होगा। व्यापार में आर्थिक लाभ होने के योग हैं।

धनु (Sagittarius) : आपका आज के दिन का व्यवहार धार्मिक रहेगा। किसी धार्मिक या मांगलिक प्रसंग में उपस्थित रहेंगे। हानिकर कार्यों से दूर रहिएगा, साथ ही क्रोध पर संयम रखिएगा। लेकिन मध्याह्न के बाद आपका दिन बहुत अच्छा और सफलता भरा रहेगा। आज आपके बॉस आपकी प्रशंसा कर सकते हैं। गृहस्थ जीवन में मधुरतापूर्ण वातावरण बना रहेगा।

मकर (Capricorn) : आज स्वास्थ्य के विषय में लापरवाह न रहें और नकारात्मक विचारों को अपने पर प्रभावी न होने दें। आकस्मिक व्यय के लिए मानसिक रूप से तैयार रहिएगा। फिर भी मध्याह्न के बाद परिस्थिति में कुछ हल्केपन का अनुभव होगा।

कुंभ (Aquarius) : दांपत्य जीवन में छोटी सी बात का बतंगड़ बन सकता है, ऐसा गणेशजी कहते हैं। अदालती कार्यवाई से आज संभलकर चलिएगा। सामाजिक दृष्टि से अपमानित न होना पड़े, इसकी सावधानी बरतिएगा। आज योग सही नहीं है इसलिए नए कार्य का प्रारंभ न करें, ऐसी गणेशजी आपको सलाह देते हैं।

मीन (Pisces) : घर में सुख- शांति और आनंद का वातावरण बने रहने से आप अपने दैनिक कार्यों को आत्मविश्वासपूर्वक अच्छी तरह कर सकेंगे, ऐसा गणेशजी कहते हैं। हालांकि आपको स्वाभाविक उग्रता और वाणी की आक्रामकता पर आज संयम रखना पड़ेगा। नौकरी में सहकर्मियों और अधीनस्थ व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

जाने आज क्या कहते है आपके सितारे

मेष शायद ये उम्र भर चलने वाली दोस्ती की शुरूआत है। दोस्त आते हैं और चले जाते हैं लेकिन ये नया दोस्त हर सुख-दुख में आपका साथ देगा। अगर किसी को आपकी मदद की जरूरत है और वो खुल कर आपसे नहीं कह पा रहा है तो आपको आगे बढ़ कर उसकी मदद करनी चाहिए। आपके द्वारा की गई मदद से आपका दोस्त बहुत खुश होगा।

वृषभ आपका आज का दिन शांति पूर्ण रहेगा। दुनिया का शोर शराबा आज आपको तंग नहीं कर पाएगा। आज आप अपने दिमाग को कुछ आराम दें तो अच्छा रहेगा। इससे आप अपनी जिंदगी का मजा ले पाएंगे और आपको बहुत अच्छा लगेगा।

मिथुन आज आप आत्म विश्लेषण के मूड में हैं। आप सोचेंगे कि आप जिंदगी में कहां तक सफल हुए हैं और इसके लिए आपको कितनी मेहनत करनी पड़ी है। आप ये भी सोचेंगे कि अब आगे जिन्दगी आपको कहां ले जाएगी। इस आत्मविश्लेषण से आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफलता मिलेगी। अपनी सफलताओं के लिए अपने आप को शाबाशी दीजिए।

कर्क आपके और आपके दोस्तों में आपसी संबंधों में और प्रगाढ़ता आएगी। आप दोनो की आपसी समझ बहुत अच्छी है इसलिए आपको एक साथ समय बिताना बहुत अच्छा लगेगा। इस रिश्ते को यूं ही बनाए रखें। मजे करने के लिए आप दोनो कहीं बाहर घूमने भी जा सकते हैं अथवा खरीददारी भी कर सकते हैं।

सिंह मुश्किल में हार ना मानें, फिर से प्रयास करें। आज आपको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन आपके आत्म विश्वास और सकारात्मकता से आपको जीत ही मिलेगी। जीवन के प्रति सकारात्मक सोच रखना इस समय आपके लिए बहुत जरूरी है। आज आप अवशय ही अपनी दृढ़ इच्छा व बुद्धिमत्ता से सभी परेशानियों पर विजय पा लेंगे।

कन्या आज आप खुद को काम के बोझ तले दबा हुआ पाएंगे। ये परेशानियां काम और घर दोनो से संबंधित हो सकती हैं। आज आपको शांत रह कर अपनी प्रथमिकताएं तय करनी होंगी। पूरी कोशिश करें कि आप काम और घर दोनो में से किसी को भी नजरअंदाज ना करें। इससे सब कुछ जल्दी ही ठीक हो जाएगा।

तुला आज आपका आत्म विश्वास ऊंचाई के शिखर पर रहेगा। हर क्षेत्र में आपकी उत्पादन क्षमता अच्छी रही है जिसके लिए आपको बहुत प्रशंसा भी मिली है। इस सकारात्मक ऊर्जा और उत्पादन क्षमता का प्रयोग आपको किसी अटकी हुई समस्या को सुलझाने में करना चाहिए। आज आप अवश्य ही इस समस्या को हल कर लेंगे।

वृश्चिक आज घर पर अफरा-तफरी मची रहेगी। घर पर बहुत से काम एक साथ चलते रहेंगे। आज आपके घर विदेश से मेहमानों के आने की संभावना है। अपनी सभी परेशानियों को एक तरफ रख कर अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ मजा करें।

धनु अपने रिश्ते में सुधार लाने के लिए आज का दिन बहुत अच्छा है। अपने प्रियजनों के साथ कहीं बाहर घूमने जाने की योजना बनाएं और उन्हें खुश कर दें। आज आप थोड़ा जल्दी घर पहुंच जाएं और अपने परिजनों को कहीं बाहर घुमाने ले जाएं। ऐसा कुछ करें और फिर देखें कि आपको कितनी खुशी मिलेगी।

मकर कार्य कुशलता का गुण आप में कूट-कूट कर भरा है जो इन दिनों और अधिक बढ़ जाएगा। आप सकारात्मक और रचनात्मक ऊर्जा से भरे हैं इस लिए आसानी से उन सभी समस्याओं का हल ढ़ूंढ़ लेंगे जिनको हल करना औरों के लिए नामुमकिन है। ये सब आप अपनी कार्य-कुशलता और गहरी सोच के कारण ही कर पाते हैं। और सबसे बड़ी बात ये है कि आपके इस हुनर से लोग आपसे बहुत प्रभावित हैं।

कुंभ आप शायद कुछ अधिक तनाव से गुजर रहे हैं और इस बारे में अपने किसी दोस्त से बात करना चाहते हैं। बिना हिचकिचाए अपने करीबी मित्र से बात करें। अपने दिल की बात कह देने से आपके दिल का बोझ हल्का हो जाएगा।

मीन किसी प्रियजन के साथ आपके रिश्तों में खटास आ सकती है। आप जल्द ही बातों को सुलढझाना चाहते हैं। लेकिन आपकी संतुष्टी के अनुसार ऐसा हो नहीं पा रहा है। शायद उसे थोड़ा और समय चाहिए। उसको थोड़ा और समय दें लेकिन बातचीत भी जारी रखें। पूरी समझदारी से ही इस समस्या का हल निकल सकता है।

क्या कहता है आपका राशिफल कैसा रहेगा आपका दिन, क्या कहती है आपकी लव लाइफ आइए जानते हैं

मेष : लंबी अवधि की आर्थिक योजना के लिए अनुकूल दिन है। गणेशजी बताते हैं कि आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टि से दिन लाभदायक है। शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति और ताजगी का अनुभव करेंगे। मित्रों तथा स्वजनों की ओर से उपहार मिलेगा। उनके साथ समय आनंद में व्यतीत होगा। उनके साथ किसी समारोह या पर्यटन में जाने की संभावनाएँ दिख रही हैं। सदभावना के साथ किये गये परोपकारी कार्य आपको आंतरिक खुशी देंगे।

वृषभ : आज आपकी वाणी का जादू किसी को अभिभूत करके आपको लाभ दिलाएगा। वाणी की सौम्यता नए सम्बंध स्थापित करने में सहायता करेंगे। शुभकार्य करने की प्रेरणा मिलेगी । पठन- लेखन जैसी साहित्यिक प्रवृत्तियों में अभिरुचि बढ़ेगी। परिश्रम का अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बावजूद आपके काम में तत्परता और कुशलता आपकी प्रगति में सहायक होंगे। विद्यार्थी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे। प्रिय व्यक्ति की मुलाकात संभव हो सकेगा। पेट की तकलीफ परेशान करेगी।

मिथुन : द्विधा में उलझा हुआ आपका मन महत्त्वपूर्ण निर्णय नहीं ले सकेगा। वैचारिक तूफानों से मानसिक अस्वस्थता अनुभव करेंगे। अत्यधिक भावनाशीलता आपकी दृढ़ता को कमजोर करेगी। पानी तथा अन्य तरल पदार्थों से सावधान रहें। परिवार या जमीन से सम्बंधित मामलों पर चर्चा और प्रवास टालने की गणेशजी सलाह देते हैं। शारीरिक और मानसिक स्वस्थता का अभाव रहेगा।

कर्क : शारीरिक और मानसिक ताजगी के साथ घर में भी आनंद का वातावरण रहेगा। मित्रों एवं स्नेहीजनों के साथ मुलाकात होगी। दोस्तों से लाभ होगा। शुभ कार्य का आरंभ करने के लिए आज का दिन गणेशजी अनुकूल बताते हैं। कार्य सफलता और प्रिय व्यक्ति के साथ होने से आप आनंदित रहेंगे। आर्थिक लाभ और भाग्य वृद्धि की संभावनाएँ हैं। छोटी यात्रा होगी। मान- सम्मान में वृद्धि होगी।

सिंह : पारिवारिक सदस्यों के साथ सुख- शांति से दिन व्यतीत होगा। उनका सहयोग मिलेगा। स्त्री मित्रों से विशेष मदद प्राप्त कर सकगें। दूरस्थ मित्र और स्नेहीजनों के साथ संपर्क या संदेशव्यवहार लाभदायक साबित होंगे। अपनी प्रभावशाली वाणी से अन्य लोगों का ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। आय की अपेक्षा खर्च अधिक होगा। उत्तम भोजन की प्राप्ति होगी। निर्धारित कार्यों में कम सफलता मिलेगी, ऐसा गणेशजी बताते हैं।

कन्या : गणेशजी कहते हैं कि आज के लाभदायक दिन से आपकी वैचारिक समृद्धि बढ़ेगी। वाकपटुता और मीठी वाणी से आप लाभप्रद सौहार्दपूर्ण सम्बंध विकसित कर सकेंगे। उत्तम भोजन, भेंट उपहारों और वस्त्रों की प्राप्ति होगी। शारीरिक तथा मानसिक स्वस्थता बनी रहेगी।आनंद की प्राप्ति, जीवनसाथी की निकटता और प्रवास- पर्यटन से आपका आज का दिन खुशहाल रहेगा।

तुला : आज के दिन जरा सा भी असंयमित और अनैतिक व्यवहार आपको तकलीफ में डाल सकते हैं। दुर्घटना से बचें। वाणी की शिथिलता उग्र तकरार कराएँगी, ऐसी संभावना है। सगे- सम्बंधियों के साथ अनबन होगा। मनोरंजन या घूमने- फिरने के पीछे पैसे खर्च होंगे। कामेच्छा प्रबल रहेगी। शारीरिक, मानसिक व्यग्रता कम करने के लिए आध्यात्मिकता सहायक साबित होगी।

वृश्चिक : नौकरी- धंधे या व्यवसाय में लाभ प्राप्ति होगी। मित्रों के साथ मुलाकात, प्रवास का आयोजन करेंगे, विवाहोत्सुक युवक-युवतियों के विवाह के लिए सुनहले अवसर आएँगे। पुत्र तथा पत्नी से लाभ होगा। बुजुर्ग और बुजुर्गबंधु भी आपके लाभ में निमित्त बनेंगे। स्नेहीजनों एवं मित्रों की तरफ से सौगात मिलेंगे। उच्च पदाधिकारियों की कृपादृष्टि बनी रहेगी। सांसारिक जीवन में आनंद का अनुभव करेंगे, ऐसा गणेशजी कहते हैं।

धनु : आज का दिन शुभ फल प्रदान करनेवाला है ऐसा गणेशजी कहते हैं। गृहस्थ जीवन में आनंद छाया रहेगा। प्रत्येक कार्य में सफलता प्राप्त होगी। ऊपरी अधिकारी आप पर प्रसन्न रहेंगे। पिता और बडों से लाभ होने की संभावना है। व्यावसायिक क्षेत्र में प्रवास हो सकता हैं। कार्यभार में वृद्धि होगी। फिर भी आर्थिक योजना बहुत अच्छी तरह से कर सकेंगे।

मकर : आज का दिन आपके लिए अनुकूलता और प्रतिकूलता से मिश्रित फलदाई रहेगा। बौद्धिक कार्य और व्यावसायिक क्षेत्र में आप नए विचारो से प्रभावित होंगे और उन्हे अपनाएँगे। सृजनात्मक क्षेत्र में सृजनशक्ति का भी आप परिचय देंगे। फिर भी मानसिकरूप से आप का स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहेगा। संतान से सम्बंधित प्रश्न आपको दुःखी करेंगे। धन के निरर्थक व्यय से संभलकर चलियेगा। मानसिकरूप से अस्वस्थता का अनुभव होगा। छोटा सा प्रवास आपके लिए आनंदप्रद रहेगा। सरकारी संकट उपस्थित हो सकता है। प्रतिस्पर्धियो के साथ संभव हो तो वाद-विवाद टालियेगा।

कुंभ : अनैतिक कृत्यों से दूर रहने की गणेशजी सलाह देते हैं। वाणी पर संयम रखियेगा। इससे पारिवारिक घर्षण को आप टाल सकेंगे। प्रत्येक व्यक्ति, वस्तु या घटना को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखिएगा। खर्च अधिक होने के कारण धन का संकट रहेगा। क्रोध पर संयम रखियेगा। आर्थिकरूप से तंगी रहेगी। शारिरिक और मानसिकरूप से अस्वस्थता बनी रहेगी।

मीन : दैनिक कार्यों में से छुटकर आज बाहर घूमने-फिरने और मनोरंजन प्रवृत्तियों के लिए समय निकालेंगे। परिवारजन और मित्रो का भी इस प्रवृत्तियों में समावेश करेंगे, जो कि उनके लिए भी आनंदप्रद रहेगी। शारीरिक और मानसिकरूप से आप दिनभर प्रफुल्लित रहेंगे। आपकी प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी।

गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की स्थापना करते वक़्त ध्यान रखे ये बातें

गणेश चतुर्थी का त्योहार नजदीक है और भगवान गणेश के भक्तों ने अपने हिसाब से इस त्योहार की तैयारियां शुरू कर दी हैं. गणेश जी के भक्त 10 दिनों के लिए अपने घरों में उनकी मूर्ति की स्थापना करते हैं  भाद्रपक्ष के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है की इस दिन भगवान श्री गणेश का जन्म हुआ था। इसी दिन से श्रीगणेश के 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुवात होती है। इन दिनों हर कोई भगवान श्रीगणेश की मूर्ति घर-दुकान में स्थापित कर, उनकी पूजा-अर्चना करता है। भगवान श्री गणेश की मूर्ति की स्थापना करते वक़्त कुछ बातों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। यहां हम आपको कुछ ऐसी ही आवश्यक बातों के बारे में बता रहे है।

किस जगह कैसी मूर्ति रखना होगा शुभ
घर में भगवान गणेश की बैठी मुद्रा में और दुकान या ऑफिस में खड़े गणपति की मूर्ति या तस्वीर रखना बहुत ही शुभ माना जाता है।

मूर्ति रखते समय ध्यान रखें ये बात
घर या दुकान में गणेश मूर्ति रखते समय ध्यान रखें की उनके दोनों पैर ज़मीन का स्पर्श करते हुए हों। इससे कामों में स्थिरता और सफलता आती है।
ख़ास होती है सिंदूरी रंग की प्रतिमा
सर्व मंगल की कामना करने वालों को सिंदूरी रंग के गणपति की आराधना करनी चाहिए। ऐसा करने से सभी मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती है।

किस ओर हो श्रीगणेश की सूंड
श्रीगणेश की मूर्ति या चित्र में इस बात का ध्यान रखें की उनकी सूंड बाएं हाथ की और घुमी हुई हो। दाएं हाथ की और घुमी हुई सूंड वाले गणेश जी हठी होते हैं।
श्री गणेश के साथ जरूर हो ये दो चीज़ें
घर में श्री गणेश का चित्र लगाते समय ध्यान रखें कि चित्र में मोदक और चूहा अवश्य हो। इससे घर में बरकत रहती है।

मेन गेट पर इस तरह लगाएं श्रीगणेश की तस्वीर
घर के मेन गेट पर गणपति की दो मूर्ति या चित्र लगाने चाहिए। उन्हें ऐसे लगाएं कि दोनों गणेशजी की पीठ मिली रहे। ऐसा करने से सभी वास्तु दोष खत्म हो जाते है।
इस तरह कर सकते है वास्तुदोष का अंत
घर का जो हिस्सा वास्तु के अनुसार सही न हो, वहां घी मिश्रित सिंदूर से श्रीगणेश स्वरुप स्वास्तिक दीवार पर बनाने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होने लगता है।

सुख-शांति के लिए घर लाए सफ़ेद मूर्ति
घर या दुकान में सुख-शांति, समृद्धि की इच्छा रखने वालों को सफ़ेद रंग के विनायक की मूर्ति या तस्वीर लगानी चाहिए।

घर में यहां जरूर लगाएं श्रीगणेश का चित्र
घर के ब्रह्म स्थान यानी केंद्र में और पूर्व दिशा में मंगलकारी श्री गणेश की मूर्ति या चित्र जरूर लगाना चाहिए। ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

कृष्ण जन्माष्टमी का धूम अपने आराध्य के दर्शन के लिए लोग बड़ी संख्या में मंदिरों सहित घरो में लगाए भगवान के झूले

देशभर में जन्माष्टमी धूमधाम से मनायी जा रही है। बांके बिहारी का इंतजार श्रद्धालु बेसब्री से कर रहे हैं। मथुरा-वृंदावन के मंदिरों को खास तरह से सजाया गया है। अपने आराध्य के दर्शन के लिए लोग बड़ी संख्या में मंदिरों सहित घर-घर भगवान के झूले सजाएंगे  और विशेष आराधना होगी। मंदिरों में मोहक झांकी के साथ ही भगवान के दर्शन होंगे। विभिन्ना मंदिरों में मध्य रात्रि भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर भगवान को झूला झुलाने और उनकी एक झलक पाने के लिए भक्तों की कतार लगेगी। बाल-गोपाल की रहेगी धूम विभिन्ना चौक-चौराहों पर दही-हांडी की प्रतियोगिता होगी। गीत-संगीत के साथ ही बाल-गोपालों की धूम रहेगी। बाजे-गाजे के साथ ही गोपालों की टोलियां निकलेंगी और दही-हांडी प्रतियोगिता के साथ कृष्ण जन्मोत्सव देर रात्रि तक रहेगा। 
विशेष संयोग के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनेगा। 25 अगस्त को सूर्योदय के साथ ही अष्टमी तिथि का आगमन हो रहा है। अष्टमी तिथि 25 अगस्त को रात्रि 8.13 बजे तक रहेगी। इससे पूरे समय अष्टमी तिथि का प्रभाव रहेगा। इसके साथ ही मध्य रात्रि भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के समय रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग रहेगा। इससे कृष्ण जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म के समय बनने वाले संयोगों के साथ विशेष फलदायी रहेगी।

वट सावित्री व्रतः में इस बार बन रहा है शुभ संयोग

हिंदू धर्म के मुताबिक, जो भी स्त्री वट सावित्री व्रत रखती हैं, उनका वैवाहिक जीवन सुखमय होता है और पति को लंबी उम्र मिलती है. इस साल इसी दिन स्नान दान की अमावस्या और शनि जयंती भी है. पंचांग के मुताबिक, गुरुवार को सुबह 5.18 मिनट पर सुर्योदय का संयोग है. इसके बाद ही महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए वट वृक्ष के नजदीक जाएंगी और पति की लंबी उम्र की कामना, सुख-समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना करेंगी. इस व्रत की मान्यता इनती अधिक है कि इसे करवाचौथ से जरा सा भी कम नहीं आंका जाता है. 
 
वट वृक्ष के नजदीक पूजा अर्चना करने के बाद महिलाएं कथा सुनती हैं और वृक्ष की चारों ओर परिक्रमा कर उसमें कच्चा सूता बांधती हैं. पूजा की विधि यहीं समाप्त नहीं हो जाती. वट वृक्ष की पूजा के बाद महिलाएं बड़ों का आशीर्वाद लेती हैं और अपने पति की पूजा कर उनका पैर धोती हैं. सबको घर में प्रसाद देकर फिर खुद मीठा भोजन ग्रहण करती हैं. बता दें कि गुरुवार को वट वृक्ष की पूजा का समापन शुक्रवार को होगा. 
मान्यताएं
वट सावित्री व्रत में महिलाएं 108 बार बरगद की परिक्रमा कर पूजा करती हैं. कहते हैं कि गुरुवार को वट सावित्री पूजन करना बेहद फलदायक होता है. ऐसा माना जाता है कि सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे ही अपने मृत पति सत्यवान को यमराज से वापस ले लिया था. इस दिन महिलाएं सुबह से स्नान कर लेती हैं और सुहाग से जुड़ा हर श्रृंगार करती हैं. मान्यता के अनुसार इस दिन वट वृक्ष की पूजा करने के बाद ही सुहागन को जल ग्रहण करना चाहिए.

 महत्व
वट का मतलब होता है बरदग का पेड. बरगद एक विशाल पेड़ होता है. इसमें कई जटाएं निकली होती हैं. इस व्रत में वट का बहुत महत्व है. कहते हैं कि इसी पेड़ के नीचे स‍ावित्री ने अपने पति को यमराज से वापस पाया था. सावित्री को देवी का रूप माना जाता है. हिंदू पुराण में बरगद के पेड़े में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास बताया जाता है. मान्यता के अनुसार ब्रह्मा वृक्ष की जड़ में, विष्णु इसके तने में और शि‍व उपरी भाग में रहते हैं. यही वजह है कि यह माना जाता है कि इस पेड़ के नीचे बैठकर पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है. 

पूजा का तरीका:
जैसा की हिंदू धर्म में इस व्रत की मान्यता है, ठीक वैसे ही इस व्रत से जुड़े पूजन को लेकर भी कई तरह की मान्यताएं हैं. मान्यता के अनुसार इस दिन विवाहित महिलाएं वट वृक्ष पर जल अर्पण करती हैं और हल्दी का तिलक, सिंदूर और चंदन का लेप लगाती हैं. इस व्रत के पूजन के दौरान पेड़ को फल-फूल अर्पित करने की भी मान्यता है. 

शनि जयंती का महत्व और फल

 

शनि जयंती महत्व 
इस दिन प्रमुख शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. भारत में स्थित प्रमुख शनि मंदिरों में भक्त शनि देव से संबंधित पूजा पाठ करते हैं तथा शनि पीड़ा से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं. शनि देव को काला या कृष्ण वर्ण का बताया जाता है इसलिए इन्हें काला रंग अधिक प्रिय है. शनि देव काले वस्त्रों में सुशोभित हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव का जन्म ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि के दिन हुआ है. जन्म के समय से ही शनि देव श्याम वर्ण, लंबे शरीर, बड़ी आंखों वाले और बड़े केशों वाले थे. यह न्याय के देवता हैं,  योगी, तपस्या में लीन और हमेशा दूसरों की सहायता करने वाले होते हैं. शनि ग्रह को न्याय का देवता कहा जाता है यह जीवों को सभी कर्मों का फल प्रदान करते हैं.

 ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाएगी. इस दिन शनि देव की विशेष पूजा का विधान है. शनि देव को प्रसन्न करने के लिए अनेक मंत्रों व स्तोत्रों का गुणगान किया जाता है. शनि हिन्दू ज्योतिष में नौ मुख्य ग्रहों में से एक हैं. शनि अन्य ग्रहों की तुलना मे धीमे चलते हैं इसलिए इन्हें शनैश्चर भी कहा जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार शनि के जन्म के विषय में काफी कुछ बताया गया है और ज्योतिष में शनि के प्रभाव का साफ़ संकेत मिलता है. शनि ग्रह वायु तत्व और पश्चिम दिशा के स्वामी हैं. शास्त्रों के अनुसार शनि जयंती पर उनकी पूजा-आराधना और अनुष्ठान करने से शनिदेव विशिष्ट फल प्रदान करते हैं.
शनि जन्म के संदर्भ में एक पौराणिक कथा बहुत मान्य है जिसके अनुसार शनि, सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं. सूर्य देव का विवाह संज्ञा से हुआ कुछ समय पश्चात उन्हें तीन संतानो के रूप में मनु, यम और यमुना की प्राप्ति हुई. इस प्रकार कुछ समय तो संज्ञा ने सूर्य के साथ निर्वाह किया परंतु संज्ञा सूर्य के तेज को अधिक समय तक सहन नहीं कर पाईं उनके लिए सूर्य का तेज सहन कर पाना मुश्किल होता जा रहा था . इसी वजह से संज्ञा ने अपनी छाया को पति सूर्य की सेवा में छोड़ कर वहां से चली चली गईं. कुछ समय बाद छाया के गर्भ से शनि देव का जन्म हुआ.
शनि जयंती के अवसर पर शनिदेव के निमित्त विधि-विधान से पूजा पाठ तथा व्रत किया जाता है. शनि जयंती के दिन किया गया दान पूण्य एवं पूजा पाठ शनि संबंधि सभी कष्टों दूर कर देने में सहायक होता है. शनिदेव के निमित्त पूजा करने हेतु भक्त को चाहिए कि वह शनि जयंती के दिन सुबह जल्दी स्नान आदि से निवृत्त होकर नवग्रहों को नमस्कार करते हुए शनिदेव की लोहे की मूर्ति स्थापित करें और उसे सरसों या तिल के तेल से स्नान कराएं तथा षोड्शोपचार पूजन करें साथ ही शनि मंत्र का उच्चारण करें 

इसके बाद पूजा सामग्री सहित शनिदेव से संबंधित वस्तुओं का दान करें. इस प्रकार पूजन के बाद दिन भर निराहार रहें व मंत्र का जप करें. शनि की कृपा एवं शांति प्राप्ति हेतु तिल , उड़द, कालीमिर्च, मूंगफली का तेल, आचार, लौंग, तेजपत्ता तथा काले नमक का उपयोग करना चाहिए, शनि देव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. शनि के लिए दान में दी जाने वाली वस्तुओं में काले कपडे, जामुन, काली उडद, काले जूते, तिल, लोहा, तेल,  आदि वस्तुओं को शनि के निमित्त दान में दे सकते हैं.