राजधानी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा व्हाट्सएप टेपिंग कांड की जांच कमेटी की घोषणा का कांग्रेस ने किया स्वागत

रायपुर/11 नवंबर 2019। पूर्ववर्ती रमन सरकार के दौरान इजरायली इंटेलिजेंस साइबर कंपनी के द्वारा छत्तीसगढ़ में आकर पुलिस के अधिकारियों से बैठक की खबर एवं वैश्विक स्तर पर व्हाट्सएप टेपिंग कांड उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर व्हाट्सएप टेपिंग कांड की जांच की घोषणा की। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा का स्वागत किया। प्रदेश महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिन-जिन राज्यों में भाजपा की सरकार रहती है उन राज्यों में अक्सर विपक्षी दल के नेताओं, मानव अधिकार संगठन के कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी पत्रकार, बड़े उद्योगपति, व्यापारी के पीछे जासूसी कराने का काम भाजपा की सरकारों का रहा है। छत्तीसगढ़ में 15 साल तक रमन सिंह की सरकार सत्ता में रही है इस दौरान भी इस प्रकार की घटनाएं निश्चित रूप से हुई है। विश्व स्तर पर इजराइली सॉफ्टवेयर पिगासो के जरिए नामचीन लोगों की व्हाट्सएप की टेपिंग का मामला सामने आने के बाद इजरायली कंपनी के छत्तीसगढ़ में आकर बैठक करने की भी जानकारी प्रकाश में आई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के नागरिकों की निजता पर गंभीर संकट उत्पन्न हुए होंगे, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान इजराइली सॉफ्टवेयर कंपनी के अधिकारी छत्तीसगढ़ आकर किस से मिले हैं? किसने उनको बुलाया था? और किनके-किनके व्हाट्सएप मोबाइल की टेपिंग की गई है? इसकी जानकारी के लिए राज्य सरकार ने राज्य के नागरिकों निजता की सुरक्षा के मद्देनजर पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्णय का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है और अवैधानिक रूप से निजता का हनन करते हुए फोन टैपिंग मैसेज एवं व्हाट्सएप टाइपिंग के इस अवैधानिक कृत्य में शामिल व्यक्तियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करती है।

अस्पतालों में दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने ली सीजीएमएससी की बैठक

रायपुर. 05 नवम्बर 2019. स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज यहां मंत्रालय में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन (सीजीएमएससी) की बैठक लेकर सभी शासकीय अस्पतालों में दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने दवा खरीदी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए आपूर्तिकर्ता कंपनियों से जल्द से जल्द दर अनुबंध (Rate Contract) करने कहा। उन्होंने दवा निर्माता कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं को छत्तीसगढ़ आमंत्रित कर यहां की जरूरतों से अवगत कराने, टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने तथा उनके साथ बेहतर समन्वय के लिए चर्चा करने कहा। स्वास्थ्य मंत्री ने मंत्रालय में दिनभर चली बैठक में सीजीएमएससी द्वारा दवा खरीदी में तेजी लाने वर्तमान प्रक्रिया की कमियों और खामियों को दूर करने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने अति आवश्यक दवाईयों की सूची में शामिल 259 दवाईयों को अस्पतालों से इंडेन्ट (मांग-पत्र) का इंतजार न कर आवश्यकतानुसार खरीदी के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष संचालनालय को दवा खरीदी के लिए सीजीएमएससी को जल्द से जल्द राशि उपलब्ध कराने कहा। श्री सिंहदेव ने सीजीएमएससी को पर्याप्त मात्रा में दवाईयों की खरीदी, भंडारण और अस्पतालों तक परिवहन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दवा खरीदने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। इसकी पूरी आपूर्ति सीजीएमएससी के माध्यम से हो। उन्होंने कहा कि व्यवस्था ऐसी हो कि दवाईयों के लिए आबंटित बजट का पूर्ण सदुपयोग हो और इस मद में एक भी रूपया लैप्स न हो। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में चालू वित्तीय वर्ष सहित पिछले तीन वर्षों में दवाईयों के लिए आबंटित बजट और खरीदी की भी जानकारी ली। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह, विशेष सचिव सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त एवं सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक भुवनेश यादव, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित स्वास्थ्य विभाग और सीजीएमएससी के अधिकारी मौजूद थे।

अंतिम व्यक्ति को विकास का लाभ मिले और उनके जीवन में हो सकारात्मक सुधार : राज्यपाल सुश्री उइके

राज्योत्सव में शामिल हुई राज्यपाल राज्यपाल के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव की अवधि को दो दिन बढ़ाया

   राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव के दूसरे दिन दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल ने मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य निर्माण का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास का लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आए। उन्होंने नागरिकों से राज्य के विकास में अधिक से अधिक योगदान देने का आह्वान किया। सुश्री उइके ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य वयस्क हो रहा है। स्थापना के बाद से राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति हुई है। शासन द्वारा जनकल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है।      राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण के लिए स्मरण किया और इस राज्य निर्माण में योगदान देने वाले समस्त लोगों के महत्व को रूपांकित किया। उन्होंने राज्योत्सव में स्थानीय लोक संस्कृति, लोक नृत्यों पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति से जोड़ने का माध्यम है और परम्पराओं को पुनर्जीवित भी रखते हैं।      राज्यपाल ने कहा कि पिछले 19 वर्षों में राज्य में विकास के लिए ठोस धरातल निर्मित हुआ है, साथ ही राष्ट्रीय परिदृश्य में सांस्कृतिक रूप से एक पहचान भी बनी है। राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में सांस्कृतिक समृद्धि और सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने के लिए चहुंमुखी प्रयास किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ने कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है पर यहां विकास की और भी संभावनाएं हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रगति के साथ-साथ कमियों की समीक्षा करने की आवश्यकता बताई।      सुश्री उइके ने कहा कि राज्य की उन्नति के लिए शांति जरूरी है, विगत कई वर्षों से नक्सल हिंसा से छत्तीसगढ़ का कुछ हिस्सा प्रभावित रहा है। इस हिंसा को खत्म करने के लिए साझा प्रयास किये जा रहे हैं। आशा है कि जल्द ही इस हिंसा से राज्य को मुक्ति मिलेगी और छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ेगा। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री श्री भूपेष बघेल को छत्तीसगढ़ राज्य की नई उद्योग नीति के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जो कार्य किये जा रहे है वह किसान मजदूरो और आदिवासियों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के लगे स्टाल से प्रगति मैदान में लगे ट्रेड फेयर की याद आती है। उन्होंने राज्योत्सव की तीन दिन की अवधि को बढ़ाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए राज्योत्सव की अवधि को दो दिन बढ़ाने की घोषणा की।     राज्योत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि जनसामान्य को लाभान्वित करने के लिए सरकार फैसले ले रही है। किसानों को मजबूती प्रदान करने 2500 रूपये क्विंटल में धान की खरीदी की जा रही है। किसानों का कर्ज माफ किया गया है। बिजली बिल हॉफ किया गया है। बस्तर में 1700 किसानों को जमीन वापस दिलाने का काम सरकार ने किया है। नौजवानों और व्यापारियों का भी ध्यान रखा जा रहा है। वर्ष 2019-2024 की औद्योगिक नीति कृषि पर आधारित है। शहरी क्षेत्रों में छोटी-मोटी समस्याओं के निपटारे के लिए वार्ड कार्यालय शुरू किए गए हैं। जाति प्रमाण पत्र के लिए जहां पहले लोगों को भटकना पड़ता था, वहीं पिता के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर जन्म के समय ही बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है। छोटे भू-खण्डों के पंजीयन से मकान बनाने का सपना जहां पूरा हुआ है, वहीं राजस्व में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल सुश्री अनुसूईया उइके बड़ी संवेदनशील है। उन्होंने गांधी जी के 150वीं जयंती में विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम में नक्सली हिंसा से प्रभवितो के लिए मकान देने का आग्रह किया। श्री बघेल ने कहा कि उनके आग्रह पर तुरन्त नक्सली हिंसा से प्रभावितों के लिए मकान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल द्वारा धान खरीदी के लिए पत्र लिखे जाने की भी सराहना की।      इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि राज्योत्सव के माध्यम से विकास की अवधारणा परिलक्षित हो रही है। सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है और इस दिशा में अग्रसर है। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नंदकुमार साय सहित विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, मुख्य सचिव आर.पी. मंडल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।      उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति और संस्थाएं राज्य स्तरीय अलंकरण से हुए सम्मानित     राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान जिला लघु वनोपज संघ कांकेर के अध्यक्ष श्री नितिन पोटाई को, उर्दू भाषा की सेवा के लिए हाजी हसन अली सम्मान रायपुर के श्री नासिर अली नासिर को, तीरंदाजी के लिए महाराजा प्रवीरचन्द्र भंजदेव पुरस्कार बिलासपुर के पैरा तीरंदाजी खिलाड़ी श्री गिरिवर सिंह को और अंग्रेजी प्रिन्ट मीडिया के लिए मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर की श्रीमती रश्मि अभिषेक मिश्रा को, दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के लिए दानवीर भामाशाह पुरस्कार रायपुर के श्री सीताराम अग्रवाल को और आयुर्वेद चिकित्सा के लिए धन्वंतरी पुरस्कार रायपुर के प्रो. आर. एन. त्रिपाठी को दिया गया। सांस्कृतिक संध्या में खंझेरी भजन, लोक गीत व नृत्य, गजल एवं गीत, पियानो एवं एकॉडियन वादन, शास्त्रीय नृत्य ओड़िसी और भरतनाट्यम, भरथरी तथा सरगुजिहा गीत की प्रस्तुति दी गई।

राज्योत्सव के मंच पर दिखे छत्तीसगढ़ी लोककला के विविध रंग 

उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने भी लोक कला दल के साथ मांदर बजाकर किया गौर नृत्य  रायपुर 02 नवम्बर 201 छत्तीसगढ़ राज्य गठन के उपलक्ष्य मंे राजधानी रायपुर के साइंज कॉलेज के मैदान में आयोजित राज्योत्सव में पूरे राज्य भर से आए लोक कला दलों द्वारा आकर्षक और रंगारंग प्रस्तुति दी गई। लोक कला द्वारा छत्तीसगढ की संस्कृति और परंपराओं पर आधारित गीत और नृत्यों की प्रस्तुति देकर लोगों का मनमोह लिया। मंच पर दंतेवाडा जिले के गौर नृत्य के दौरान प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने भी मांदर बजाकर लोक कला दलों के साथ नृत्य किया। राज्योत्सव स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सहित मंत्री मण्डल के सदस्यों, विधायकों, मुख्य सचिव श्री आर. के. मण्डल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और अपार जन समूह मौजूद थे।      सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ महतारी के वंदना गीत ‘अरपा पैरी की धार महानदी हे अपार‘ से शुरू हुआ। डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा द्वारा रचित इस गीत को सुश्री गरिमा दिवाकर और स्वर्णा दिवाकर ने साथियों के साथ नृत्य सहित आकर्षक प्रस्तुति दी। बालोद के श्री राधे गन्धर्व ने साथियों सहित सुरीली मोहरी वादन किया। मोहरी वादन छत्तीसगढ में विशेष तीज त्योहारों और मंगल कार्याे के समय वाद्ययंत्रों के साथ बजने वाला पारम्परिक वाद्य है। दुर्ग के गजाधर बंजारे ने साथियों के साथ मनमोहक पंथी नृत्य प्रस्तुत किया। कोण्डागांव पनकू राम ने गेडी नृत्य, बेमेतरा के श्री भागवत यादव और साथी ने राउत नाचा, रायगढ के श्री राम जी और साथी ने करमा नृत्य, सरगुजा के श्री बालम साय और सााथियों ने सैला नृत्य, पलारी के श्री अर्जुन सेन ने पंडवानी गायन , दंतेवाडा के श्री विनोद सोढ़ी और साथियों ने गौर नृत्य प्रस्तृत किया।      गौर नृत्य में प्रदेश के उद्योग मंत्री कवासी लखना ने मांदर बजाकर नृत्य किया। जो अतिथियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। नारायणपुर के जैनू सलाम ने साथियों के साथ ककसाड नृत्य और सुकमा के श्री राजेश नाग एवं साथी ने धुरवा नृत्य और दुर्ग की खिलेश्वरी साहू ने सहेलियों के साथ सुआ नृत्य प्रस्तुत किया।   कमलादेवी संगीत महाविद्यालय रायपुर के विद्याथियों ने दक्ष यज्ञ प्रसंग पर बहुत ही कलात्मक रूप से कत्थक नृत्य प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान गंडई के डॉ. पीसी लाल यादव ने अपने 30 साथियों के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों सहित दूध मोंगरा नृत्य की प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक मंच में प्रदेश के विभिन्न लोक कला दलों द्वारा एक साथ प्रस्तुति दी।

​​​​​​​मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव स्थल पर लगाए गए  स्टॉलों का किया अवलोकन

शासकीय विभागों तथा उद्योगों से संबंधित स्टॉल, शिल्प ग्राम आकर्षण का केन्द्र  रायपुर 02नवंबर 2019मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां राज्य के 20 वें स्थापना दिवस पर साइंस कालेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव 2019 में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का विशेष वाहन में मंत्रीमंडल के सहयोगियों के साथ अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने स्टॉलों के अवलोकन के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों और छत्तीसगढ़ के हस्त शिल्पियों द्वारा निर्मित सामाग्रियों की सराहना की।      सांइस कॉलेज मैदान में राज्योत्सव स्थल पर लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में 18 शासकीय विभागों की योजनाओं और गतिविधियों से संबंधित स्टॉल लगाए गये हैं। कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं के लिए एक अलग से स्टॉल भी बनाए गए हैं। यहां शिल्प ग्राम बनाया गया है। इनमें शिल्पियों के द्वारा विभिन्न सामाग्रियों के बिक्री सह प्रदर्शनी से संबंधित 36 स्टॉल लगाए गए हैं। व्यवसायिक पेवेलियन में विभिन्न उद्योगों से संबंधित 52 स्टॉल लगाए गए है। साथ ही लोगों की जानकारी और प्रदर्शन के लिए पब्लिक सेक्टर यूनिट एन.टी.पी.सी, जेएसपीएल, बाल्को, एनएमडीसी, बीएसपी, सीएसआईडीसी के स्टॉल भी लगाए गए हैं।      राज्योत्सव स्थल पर शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास, जनसम्पर्क, खनिज, श्रम, संस्कृति तथा पर्यटन, जल संसाधन, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, आवास एवं पर्यावरण,लोक निर्माण, ऊर्जा, कृषि, आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग, महिला तथा बाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण तथा शिक्षा विभाग शामिल हैं। इसके साथ ही फूड कोर्ट में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के 26 स्टॉल बनाए गए हैं।      इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, लोक स्वास्थ्य मंत्री गुरू रूद्र कुमार, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, विधायक मोहन मरकाम, सांसद छाया वर्मा, नगर निगम महापौर प्रमोद दुबे भी उनके साथ थे।   

राज्यपाल को नगरीय निकाय निर्वाचन प्रक्रिया संबंधी ज्ञापन सौंपा

रायपुर :- राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री   अमर अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की और नगरीय निकाय के निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं विधायक   बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री    प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व मंत्री    राजेश मूणत, पूर्व विधायक     देवजी भाई पटेल,    श्रीचंद सुंदरानी,     सच्चिदानंद उपासने, रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष    संजय श्रीवास्तव और प्रतिनिधिमण्डल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
 

पुलवामा में आंतकियों ने छत्तीसगढ़ के मजदूर की हत्या की मुख्यमंत्री ने मृृतक के परिजनों को 4 लाख रूपए की सहायता की घोषणा की

रायपुर :- जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आंतकियों ने आज छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की हत्या कर दी है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने इस घटना की निंदा करते हुए मृतक के परिजनों को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने को कहा है। साथ ही उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक को जम्मू-कश्मीर पुलिस से इस संबंध में आवश्यक समन्वय करने को कहा है। मृतक मजदूर की पहचान छत्तीसगढ़ के सेठी कुमार सागर के रूप में की गई जो वहां ईंट के भट््टे में काम कर रहा था।

 

एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में हृदय की दीवार के फटने का बटन द्वारा इलाज छत्तीसगढ़ राज्य का इस तरह का पहला सफल उपचार

रायपुर दिल के दौरे के बाद में दिल की दीवार के फटने से 100 में से 89 मरीजों की मृत्यु निश्चित रहती है. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट मैं शनिवार को कार्डियक कैथ लैब में 40 वर्षीय मरीज के दिल के दौरे के बाद में दिल की दीवार के फटने का बिना चीर फाड़ के बटन द्वारा इलाज किया गया. इस मरीज को गत महीने हार्ट अटैक आने के बाद दिल की दीवार में 10 मिलीमीटर का सुराख बन गया था जिसका एडवांस कार्ड एक इंस्टिट्यूट के कैथ लैब में डॉ स्मित श्रीवास्तव ने एंजियोग्राफी द्वारा निदान किया गया था. भर्ती के दौरान इस मरीज की हृदय की गति एक बार तो थम गई थी जिसे जीवन रक्षक प्रयत्नों के बाद शुरू किया गया था. इस जटिल ऑपरेशन के लिए कार्डियोथोरेसिक विभाग निश्चित ना विभाग मेडिसिन विभाग और ब्लड बैंक के साथ मिलकर तैयारी की गई थी. संयोग से नई दिल्ली ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के प्रोफेसर रामा कृष्णा रायपुर शहर में कार्डियोलॉजी की कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित होने हुए आए थे. उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ मनोज कुमार रोहित एवं एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट मेडिकल कॉलेज रायपुर के कार्डियोलॉजी के विभाग अध्यक्ष डॉ स्मित श्रीवास्तव के साथ ऐसे दुर्लभ और जटिल का कार्डियक इंटरवेंशन द्वारा दिल की फटी दीवार का बटन डिवाइस से बंद करने की प्रक्रिया में साझेदारी की. वेंट्रिकुलर सेप्टल दीवार का फटना क्या है दिल का दौरा पड़ने के बाद दिल की वेंट्रिकुलर सेप्टल दीवार का फटना (वीएसआर) एक विनाशकारी जटिलता बनी हुई है। ओपन हार्ट सर्जरी निश्चित उपचार है, लेकिन यह चुनौतीपूर्ण है और उच्च रुग्णता और मृत्यु दर के साथ जुड़ा हुआ है। कार्डियक कैथ लैब में मैकेनिकल सपोर्ट और पर्क्यूटेनियस बटन क्लोजर की उपलब्धता ने उपचार प्रतिमान को काफी बदल दिया है। थक्का घुला देना वाली इंजेक्शन की अभाव में दिल के दौरे के 1 से 3% रोगियों में दिल की वेंट्रिकुलर सेप्टल दीवार का फटना (वीएसआर) होता है और 0.2% से 0.34% रोगियों में जो थक्का घुला देना वाली इंजेक्शन फाइब्रिनोलिटिक थेरेपी प्राप्त करते हैं। दिल की वेंट्रिकुलर सेप्टल दीवार का फटना (वीएसआर) की दुर्लभता के परिणामस्वरूप इसकी निदान और उपचार में चिकित्सा और सर्जिकल विशेषज्ञता की कमी होती है। निराशाजनक परिणामों को देखते हुए, निदान स्थापित होने पर उन्नत हृदय संस्थान (Advanced Cardiac Institute) की तरह उच्च-मात्रा केंद्रों में स्थानांतरण पर विचार किया जाना चाहिए। दिल की दीवार का दिल के दौरे में फटना का कारण दिल की नस का संपूर्ण ब्लॉकेज होता है बड़ी उम्र महिलाओं में अधिक ब्लड प्रेशर वाले मरीजों में जिन मरीजों को खून के थक्का घोलने का इंजेक्शन नहीं लगा हो अथवा देर से लगा हो उनमें ज्यादा पाया जाता है दिल की दीवार के फटने वाले मरीजों का जीवन बहुत खतरे में होता है और उनकी मृत्यु होने की संभावना बहुत अधिक होती है लगभग 1 वर्ष में 90 परसेंट से ज्यादा ऐसे मरीज मृत्यु को प्राप्त होते हैं ओपन हार्ट सर्जरी ऐसे मरीजों के लिए जीवन संजीवनी हो सकती है किंतु उनकी गंभीर हालत विषम परिस्थिति ओपन हार्ट सर्जरी के लिए काफी जटिल होती है ऐसी परिस्थितियों में बिना चीर फाड़ के एंजियोग्राफी विधि से हार्ड की दीवार के सुराग को बटन द्वारा बंद किए जाने के प्रक्रिया से मरीज की जान बचाने का प्रयास किया जा सकता है जैसा कि इस शनिवार को एडवांस गाड़ी के इंस्टिट्यूट के का डकैत लाइफ में किया गया ऐसी विषम परिस्थितियों में जैसे इन एवं एक्स्ट्रा कॉरपोरियल मेंब्रेन ऑक्सिजनेटर मशीन द्वारा आर्टिफिशियल हार्ड जैसा रक्त संचार को सुचारू रखने में सहयोग प्राप्त किया जा सकता है एडवांस कार्ड एक इंस्टिट्यूट के नवीन संरचना में ऐसे अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना भी प्रस्तावित है जिससे ऐसे कठिन और जटिल मरीजों की जीवन रक्षा की जा सके ऐसे कठिन और गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के विभिन्न विभागों के आपसी सहयोग और तालमेल से ही असमय मृत्यु से बचाया जा सकता है

डीकेएस अस्पताल में 1850 रूपए में एमआरआई सुविधा स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने किया अत्याधुनिक नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण

रायपुर. 03 अक्टूबर 2019/ स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज यहां डीकेएस अस्पताल में अत्याधुनिक नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। आधुनिक तकनीकों से लैस तीन टेसला क्षमता की इस मशीन से लोगों को काफी कम दर पर एक हजार 850 रूपए में एमआरआई की सुविधा मिलेगी। डीकेएस अस्पताल के साथ ही बाहर के मरीज भी यहां आकर एमआरआई करवा सकते हैं। नई मशीन के उद्घाटन के अवसर पर विधायकगण सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह और संचालक, चिकित्सा शिक्षा डॉ. एस.एल. आदिले मौजूद थे।


डीकेएस अस्पताल में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण करते हुए स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि आज इस मशीन के शुरू होने से लोगों को काफी कम दर पर एमआरआई की सुविधा मिलेगी। इस गुणवत्ता और क्षमता की रायपुर में बहुत कम मशीनें हैं। डीकेएस अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों के साथ ही बाहर के मरीज भी यहां आकर एमआरआई सुविधा का लाभ ले सकते हैं। शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ, सस्ता और बेहतर बनाने की दिशा में हम लगातार काम कर रहे हैं। करीब 11 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित यह अत्याधुनिक मशीन इसी दिशा में एक कोशिश है। एमआरआई मशीन का उद्घाटन करने आए सिंहदेव ने यहां इलाज के लिए पहुंचे मरीजों से बातकर उनका हाल-चाल पूछा। सिंहदेव ने उनसे यहां उपचार की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली।

प्लास्टिक हटाओ- जीवन बचाओ" कार्यक्रम का भव्य आयोजन

रायपुर:- प्रांजल सेवा समिति व मोर रायपुर-स्मार्ट रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में दिनाँक 22 सितंबर दिन रविवार को प्लास्टिक हटाओ- जीवन बचाओ" कार्यक्रम का भव्य आयोजन कलेक्टोरेट परिसर स्थित:- टाउन हॉल में किया गया इस कार्यक्रम में स्कूल व कालेज के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया चित्रकला प्रतियोगिता विषय स्वच्छ रायपुर-स्वस्थ रायपुर निबंध लेखन प्रतियोगिता विषय "प्लास्टिक हत्यारा-छीन रहा जीवन हमारा" का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में हमारे रायपुर शहर के महापौर श्री प्रमोद दुबे जी के कर कमलों से सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया व सभी वर्ग के प्रथम, द्वीतीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 2 ऑक्टोडर गांधी जयंती के अवसर पर पुरुस्कृत किया जाएगा व स्मार्ट सिटी के जी.एम. आशीष मिश्रा जी द्वारा नो प्लास्टिक की शपथ दिलाई गई जिसमे सभी ने पर्ण लिया कि अब प्लास्टिक का इस्तेमाल नही करेंगे। इस आयोजन के विशिष्ट अतिथि रहे भरत बजाज(वाइस प्रेसिडेंट चेंबर आफ कामर्स) आकाशसिंह(डायरेक्टरअजंता बुक डिपो) अशोक मालू(सामाजिक कार्यकर्ता)हरिभाई जोशी(डायरेक्टर,मां बंजारी गुरुकुल विद्यालय)आमिर हैदर इस भव्य प्रतियोगिता में लगभग 550 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, अध्यक्ष व सचिव रेखा शर्मा व श्याम सुंदर शर्मा के द्वारा बताया गया कि बच्चो में इतना जोश था कि वे सुबह 7 बजे से ही नामांकन के लिए कतारबद्ध खड़े मिले कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन दिव्यांशी शर्मा के द्वारा किया गया सभी अतिथियों ने इस बेहतरीन आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना कि एवम् आयोजन समिति को बधाई दिए इस अवसर पर समिति के कीर्ति वर्मा, मनीषा दुबे,सूर्यांश प्रताप सिंह चौहान,गौरव दुबे, निनाद चौहान, हर्षा कोसले, सीमा मिश्रा, राधिका वर्मा,अर्चि जैन, मोनिका साहु, पलक शर्मा, सितारा शेख, चुनेश्वरी, मुस्कान पांडेय व अन्य मौजूद रहे।

डाॅ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सालय, रायपुर में कैंसर के मरीजों को मिलेगी अत्याधुनिक एक्स रे जांच की सुविधा डी. आर. सिस्टम का होगा लोकार्पन

मरीजों को नये एक्स रे सिस्टम की सौगात देगें स्वास्थ्य मंत्री

पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर से सम्बन्धित डाॅ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान में कैंसर के इलाज हेतु आने वाले मरीजों को एक्स रे जांच की अत्याधुनिक मशीन डी. आर. सिस्टम की सुविधा मिलने जा रही है। डी. आर. यानी डिजिटल रेडियोग्राफी सिस्टम की नई मशीन का लोकार्पण माननीय मंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, छ.ग. शासन द्वारा रविवार 8 सितम्बर को दोपहर 12 बजे क्षेत्रीय कैंसर संस्थान में किया जायेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक रायपुर ग्रामीण श्री सत्यनारायण शर्मा करेंगे। विशेष अतिथि के रूप में विधायक दक्षिण विधानसभा श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक उत्तर विधानसभा श्री कुलदीप जुनेजा, विधायक पश्चिम विधान सभा श्री विकास उपाध्याय तथा महापौर श्री प्रमोद दुबे उपस्थित होंगे।

लोकार्पण समारोह की जानकारी देते हुए क्षेत्रीय कैंसर के संचालक एवं विभागाध्यक्ष डाॅ. विवेक चौधरी ने बताया कि लगभग 1.5 करोड़ की लागत से स्थापित डी. आर. सिस्टम मशीन से मरीजों का उच्च गुणवत्तापरक डिजिटल एक्स-रे अपेक्षाकृत कम समय में किया जा सकेगा। मरीज का एक्स-रे करने के बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर इमेज तुरंत दिखाई देने लगती है जिससे समय की बचत होगी। निश्चित रूप से मरीजों के जांच व इलाज में यह मशीन अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होगी। डिजिटल रेडियोग्राफी की विशेषता

डी. आर. सिस्टम से एक्स रे करने में बहुत ही कम समय लगता है। इसमें इमेजिंग प्लेट की आवश्यकता नहीं होती है। यह एक्स-रे के जरिये शरीर के इमेज या छवि को प्राप्त करने का एक आधुनिक तरीका है जो पारंपरिक एनालाॅग इलेक्ट्रॉनिक फिल्म के स्थान पर डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और डिजिटल कैप्चरिंग डिवाइस का उपयोग करता है। यह एक्स-रे फिल्म को तुरंत प्राप्त करने की अनुमति देता है।

हाई प्रोसेसिंग स्पीड

पारंपरिक एक्स रे सिस्टम के मुकाबले डी. आर. की प्रोसेसिंग स्पीड (प्रसंस्करण गति) उच्च होती है जिससे छवियों का तुरंत रिव्यू किया जा सकता है। इसके लिये एनालाॅग फिल्म, कैसेट, डार्क रूम और रासायनिक प्रकियाओं द्वारा विकसित केमिकल की जरूरत नहीं पड़ती। जब मरीज का एक्स रे किया जाता है तो मशीन में लगा रिसेप्टर (संग्राहक) इमेज को कैप्चर कर लेता है और व्यू स्टेशन के साॅफ्टवेयर में स्थानांतरित कर देता है जिससे डिजिटल इमेज प्राप्त होती है। इस प्रक्रिया से प्राप्त डिजिटल छवि को संबंधित वर्कस्टेशनों में वितरित किया जा सकता है, जिससे कार्य की गति व दक्षता बढ़ जाती है।

अगले 24 घंटे के लिए मौसम विभाग का यलो अलर्ट, कई स्थानों में होगी भारी बारिश

रायपुर:- मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए यलो अलर्ट घोषित किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर, बलोदा बाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, बस्तर, कोंडागांव, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़ और नारायणपुर में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। आगामी 2 दिन बाद प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरत-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। रायपुर शहर में आकाश मेघमय रहेगा,कुछ बार गरज चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक आज का सिस्टम उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी मध्यप्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र पूर्वोत्तर मध्यप्रदेश और आसपास में कम दबाव के क्षेत्र के रूप में संबंधित चक्रवाती घेरा समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। समुद्र तल से मानसून का द्रोणिका अनूपगढ़, सीकर, गुना, कम दबाव क्षेत्र के केंद्र से उत्तरी पूर्व मध्यप्रदेश के आसपास, पेंड्रा रोड, झाड़सुगुड़ा, पूरी और दक्षिण पूर्व से पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी से होकर बना हुआ है। उत्तर पश्चिमी बंगाल के गंगेटिक के तट तथा ओडिशा के तटों पर चक्रवर्ती घेरा 7.6 किलोमीटर तक फैला हुआ है तथा समुद्र तल से ऊंचाई के साथ दक्षिण पश्चिम की ओर झुका हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं आज प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा 12 स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है।

शासकीय दफ्तरों में मिट्टी के बरतनों के उपयोग से रोजगार के अवसर खुलेंगे : मंत्री गुरू रूद्र कुमार

रायपुर:- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्र कुमार आज मंगलवार दोपहर राजीव भवन में मंत्री से मिलिए कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने प्राप्त आवेदनों और समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय दफ्तरों में मिट्टी के बरतनों के उपयोग से रोजगार के अवसर खुलेंगे। मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने कहा कि लोगों की समस्याओं का निराकरण करना सरकार की प्राथमिकता है। सभी मंत्री अपने-अपने विभाग की समस्याओं के निराकरण के लिए राजीव भवन में लोगों से मिल रहे हैं, इसी के तहत आज मैं भी यहां आया हूं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर गांव और शहर के विकास से संबंधित या उपचार से संबंधित आवेदन और समस्याएं आती है, जिसका उचित समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम उद्योग विभाग के गठित माटी कला बोर्ड में हर प्रकार के बर्तन जो किचन में होते हैं बनाए जा रहे हैं। ग्राम उद्योग विभाग के उक्त प्रस्ताव को लेकर मंत्रालय व सभी शासकीय कार्यालयों को अवगत करा दिया गया है। इससे ग्रामोद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर निर्मित होंगे तो वहीं यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभदायक है। आमजन जो मिट्टी के बरतनों का उपयोग करना चाहेंगे उन्हें भी कम दाम पर बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में अल्प वर्षा की स्थिति है, जो चिंता का विषय है। सरकार का ड्रीम प्रोजक्ट नरवा, गरवा, घुरवा और बारी है, इसमें नरवा को लेकर यह विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि वाटर लेवल नीचे ना जाए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शहर में वाटर सप्लाई की समस्या के संबंध में नगरीय प्रशासन मंत्री से चर्चा कर उचित समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिनीमाता नल-जल योजना के तहत बीपीएल परिवारों को उनके घर के अंदर तक नल कनेक्शन दिया जाएगा।

भाजपा संगठनात्मक चुनाव के लिए अधिकारी नियुक्त

रायपुर:- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी व पूर्व केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार राधामोहन सिंह ने सदस्यता अभियान के पश्चात छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक चुनाव कराने के लिए प्रदेश निर्वाचन समिति का गठन किया है। प्रदेश निर्वाचन समिति के लिए प्रदेश चुनाव अधिकारी रामप्रताप सिंह व प्रदेश सह चुनाव अधिकारी विष्णुदेव साय को नियुक्त किया गया है। उपरोक्त जानकारी छत्तीसगढ़ भाजपा मीडिया विभाग ने जारी की है।

छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत नियम 2019 जारी : चयनित बोलीदार को दो वर्ष के लिए रेत उत्खनन पट्टा का होगा आबंटन

रायपुर, 20 अगस्त 2019 -  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर राज्य शासन द्वारा विगत कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से रेत खदानों के संचालन की वर्तमान व्यवस्था में संशोधन करते हुए रेत खदान संचालन के लिए निजी व्यक्ति और संस्था का चयन संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा रिवर्स बिडिंग के आधार पर कराया जाएगा। प्रदेश में अब रेत खदानों के संचालन के लिए छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2019 बनाया गया है।

    प्रदेश में वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत रेत खदान संचालनकर्ता को खनिज रेत का मूल्य एवं अन्य प्रभारित करों को खदान क्षेत्र में आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाना होगा। साथ ही रेत परिवहन में संलग्न वाहनों तथा रेत व्यवसाय से जुड़े ट्रेडर्स का पंजीयन कराया जाना अनिवार्य होगा। ठेकेदार द्वारा रायल्टी एवं अन्य करों का अग्रिम भुगतान कर खनिज ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से अभिवहन पास जारी किया जाएगा। इसमें चयनित बोलीदार को दो वर्ष के लिए रेत उत्खनन पट्टा का आबंटन किया जाएगा।

    इसके तहत् 19 अगस्त 2019 को रायपुर, बिलासपुर, जांजगी-चांपा, रायगढ़, कोरबा, मुंगेली, कांकेर, बलौदाबाजार-भाटापारा तथा अन्य जिलों में कुल 60 रेत खदानों हेतु एन.आई.टी. जारी किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ का मूल निवासी ही नीलामी में भाग ले सकता है। रेत उत्खनन में किसी व्यक्ति, फर्म और संस्था का एकाधिकार समाप्त करने के लिए नई व्यवस्था के अंतर्गत किसी एक जिले में मात्र एक खदान समूह तथा पूरे प्रदेश में अधिकतम 5 समूहो में ही रेत खदाने प्राप्त कर सकता है।

    प्रस्तावित नवीन व्यवस्था में प्रदेशभर में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला एवं प्रदेश स्तर पर उड़नदस्ता दलों का गठन किया जा रहा है। नियमों के उल्लंघन पर दोषी के विरूद्ध कार्यवाही करने एवं रेत परिवहन संलग्न वाहन तथा ट्रेडर्स द्वारा 3 बार से अधिक अवैध परिवहन में लिप्त पाए जाने पर उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध ऑनलाईन पंजीयन से पृथक करने की कठोर कार्यवाही की जाएगी। पूर्व में खनिज रेत का उत्खनन के लिए छत्तीसगढ़ गौण खनिज रेत का उत्खनन एवं व्यवसाय विनियमन निर्देश, 2006 के तहत ग्राम पंचायतों को रेत व्यवसाय के लिए अधिकृत किया गया था। उक्त नियमों के तहत संबंधित ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और नगरीय निकायों के द्वारा मात्र रायल्टी प्राप्त कर रेत खदानंे संचालित की जा रही थी।

    पुरानी व्यवस्था में गाम पंचायतों द्वारा अवैधानिक तरीके से निजी व्यक्तियों के माध्यम से मशीने लगाकर रेत खदानों को ठेके पर दे दिया गया था। माईनिंग प्लान तथा पर्यावरण सम्मति का पालन ग्राम पंचायतों द्वारा नहीं कराया जा पा रहा था। जिन खदानों में मैन्युल लोडिंग हेतु अनुमति प्रदत्त है, उन खदानों में भी मशीनों द्वारा लोडिंग कराए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। पंचायतों का खदान संचालन में कोई नियंत्रण नहीं होने से मूल्य वृद्धि के साथ-साथ अव्यवस्था उत्पन्न हो गई थी। पूर्व में पंचायतों द्वारा रेत खदान संचालन से जहां लगभग 13 करोड़ मात्र रायल्टी के रूप में प्राप्त हुआ करता था, वही अब नवीन व्यवस्था से लगभग 200 करोड़ राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। पंचायतों एवं नगरीय निकायों को विगत 5 वर्षों में प्राप्त अधिकतम वार्षिक राशि में 25 प्रतिशत की वृद्धि कर समतुल्य राशि संबंधित पंचायत तथा नगरीय निकायों को आगामी वित्तीय वर्ष से प्राप्त होगी।

    वर्तमान व्यवस्था के तहत आम जनता को निर्धारित दर पर सुगमता से रेत उपलब्ध हो पाएगा। इससे नदियों एवं जल स्त्रोतों के पर्यावरणीय दृष्टिकोण से संरक्षण के साथ ही उपभोक्ताओं को सुगमता से उचित मुल्य पर रेत उपलब्ध हो सकेगी। शासन को रायल्टी के साथ डी.एम.एफ., पर्यावरण एवं अधोसंरचना उपकर सहित नीलामी राशि (उच्चतम निर्धारित मूल्य एवं न्यनतम बोली के अंतर की राशि) के रूप में अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। रेत के पट्टों के अनुबंध निष्पादन होने से स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क के रूप में अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।