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कांग्रेसी बनकर गरजे सिद्धू, भाग बादल भाग, जनता आती है, सिंहासन खाली कर...

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ तस्वीर सामने आने के एक दिन बाद सोमवार को बीजेपी के पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता ली। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धू ने कहा कि मैं जड़ों की तरफ लौटा हूं और यह मेरी घर वापसी है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने सिद्धू का स्वागत किया। कांग्रेस पंजाब प्रभारी आशा कुमारी ने सिद्धू का स्वागत करते हुए कहा कि सिद्धू जी कांग्रेस के लिए पूरे देश में प्रचार करेंगे।
सिद्धू ने कांग्रेस जॉइन करते हुए कहा कि मैं एक कांग्रेसी के रूप में ही पैदा हुआ था। सिद्धू ने बीजेपी को इशारों-इशारों में रामायण की कैकेयी बता डाला। खुद पर होने वाले संभावित हमलों से बचने के लिए उन्होंने कहा कि मैं पार्टी को मां कहता था लेकिन मां वनवास नहीं भेजती। ऐसे में कैकेई कौन और मंथरा कौन सब जानते हैं। मुझे इस पर ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है।
 
भाग बादल भाग, जनता आती है
सिद्धू ने कहा कि ड्रग्स इस वक्त पंजाब की हकीकत है। आखिर क्यों कोई इसकी सच्चाई पर कुछ नहीं बोलता है? उन्होंने पूछा कि गुजरात, राजस्थान, कश्मीर में यह ड्रग्स क्यों नहीं बिकती? ड्रग्स केवल पंजाब में क्यों बिकती है? उनकी नेता पुलिस का नेक्सस है इसीलिए फिल्में तक बन गई। जो सरकार लोगों के लिए होनी चाहिए थी वह परिवार के लिए हो गई। सिद्धू ने अकाली दल पर हमला किया और कहा कि अकाली दल भी एक पवित्र जमात थी जो अब जायदाद बन गया है। इसके बाद उन्होंने कहा, भाग बाबा बादल भाग, सिहांसन खाली कर, पंजाब की जनता आती है।
सिद्धू के निशाने पर पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर बादल भी रहे। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल ऑक्सफोर्ड से पढ़ कर आए हैं। न कमानी न पहिया, सब बन गए सुखबीर भैया। मैं इनकी पोल खोलूंगा। मैं बताऊंगा कि कैसे पंजाब के दुख पर इन्होंने सुख निवास बनाया है।

बीजेपी से नहीं मनमुटाव
सिद्धू ने कहा कि बीजेपी से मेरा कोई मनमुटाव नहीं था। वो (बीजेपी) उनका (बादल) साथ छोड़ने को तैयार नहीं थे। उन्होंने मेरे बजाय उन्हें चुना। बात खत्म। सिद्धू ने कहा कि राज्य पर 1,88,000 करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है। एक परिवार का पूरी तरह कब्जा है। ये कर्जा कैसे उतरेगा? पॉलिसी बनाने से ही कुछ हो पाएगा, अच्छी नीयत के साथ। सिद्धू ने साफ कहा कि धंधा करते हो तुम धंधा। मैं बताउंगा कहां कहां क्या बेचा है? पोल खोलूंगा।

मोदी पर रह गए चुप
प्रधानमंत्री मोदी पर खुल कर बोलने से सिद्धू कतराते नजर आए। पीएम पर सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि उनका यहां क्या रोल? बीजेपी सिर्फ बीस सीटों पर लड़ती है। उन्होंने मेरे बजाय गठबंधन को चुना। राजनीति में ऐसा होता है।

अमरिंदर के साथ मतभेद पर
पंजाब में कांग्रेस के प्रमुख नेता और सीएम पद के दावेदार अमरिंदर सिंह के साथ मतभेद पर सिद्धू ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद होता है। उन्होंने अपने शायराना अंदाज में कहा कि जब फूल झड़कर दोबारा खिल सकते हैं तो दो लोग टेबल पर बैठकर बात कर सकते हैं। जब लालू और नीतीश मिल सकते हैं तो हम क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि मैं किसी के भी नेतृत्व में काम करने के लिए तैयार हूं। कांग्रेस हाईकमांड ही फैसला करेगी।

अकाली दल का पलटवार
शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सिद्धू ने सोनिया जी को मुन्नी कहा, राहुल जी को पप्पू कहा। मनमोहन सिंह के लिए सबसे निंदनीय भाषा का इस्तेमाल किया। वो अभी भी अपने लाफ्टर चैलेंज शो में हैं। उन्हें गंभीरता से लेने की बात नहीं है।
वहीं, सीएम प्रकाश सिंह बादल ने अपने चुनावी क्षेत्र लंबी पर कहा कि वहां इस बार कि चुनावी लड़ाई सबसे आसान है। सिद्धू का कोई असर नहीं है, उसने मां समान पार्टी की इज्जत नहीं की। कोई दिल्ली से आ रहा है कोई पटियाले से आ रहा है। इन्हें गांव के नाम तक तो पता नहीं हैं। लोग जानते हैं कि ये लोग कुछ दिन हैं और फिर चले जाएंगे।

 

 

 

IND Vs ENG: कोहली और जाधव की आतिशी पारी ने टीम इंडिया को दिलाई धमाकेदार जीत

पुणे। तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मैच में भारत ने इंग्लैंड को तीन विकेट से हराकर 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है। इंग्लैंड के 351 रनों के लक्ष्य का सामना करने उतरी टीम इंडिया के कप्तान कोहली और जाधव ने धमाकेदार पारी से करारा जवाब दिया। शुरुआती झटकों से उबरते हुए दोनों ने शतक जड़ा और स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया। जाधव ने महज 65 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। वहीं, कोहली 93 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। जाधव ने 12 चौके और चार छक्के की मदद से 75 गेंद में 120 रनों की आतिशी पारी खेली। वहीं, कोहली ने भी 105 गेंदों में पांच छक्के और आठ चौकों की मदद से धमाकेदार 122 रन की मैच विनिंग पारी खेली।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 350 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की तरफ से सबसे ज्यादा 78 रन रूट ने बनाए। वहीं, रॉय ने 73 रन और स्टोक्स ने 63 रनों की धमाकेदार पारी खेली। इन तीन खिलाड़ियों के अलावा इंग्लैंड का कोई भी खिलाड़ी 50 रनों का आंकड़ा नहीं छू पाया।

टीम इंडिया का चौथा विकेट 63 रन पर गिरा। छह गेंदों में छह रन बनाकर धोनी जैक बॉल की गेंद पर आउट हुए। धोनी से पहले 11वें ओवर में टीम के 54 रन के स्कोर पर युवराज सिंह 15 रन बनाकर स्टोक्स की गेंद पर विकेट के पीछे बटलर को कैच थमा बैठे।

इससे पहले डेविड विले ने दो शुरुआती झटके दिए। उन्होंने भारत की ओपनिंग जोड़ी को महज 6 ओवर के अंदर ही पवेलियन भेज दिया। धवन के रूप में भारत को पहला झटका लगा। वो 10 गेंदों पर 1 रन बनाकर डेविड विले का शिकार बने। वहीं, 18 गेंदों में 8 रन बनाकर के एल राहुल भी विले का शिकार बने।

महाराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में हो रहे पहले वनडे मैच में भारत ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। लेकिन इंग्लैंड की सधी हुई शुरुआत के आगे भारतीय गेंदबाजी बेअसर रही। भारत की तरफ से उमेश यादव सबसे महंगे गेंदबाज रहे जिन्होंने सार ओवर में एक विकेट लेकर नौ की औसत से 63 रन लुटाए। वहीं, बुमराह जिनसे भारतीय खेमे को सबसे ज्यादा उम्मीद थी ने भी 10 ओवर में 79 रन दिए। इस दौरान उन्हें महज दो विकेट मिल सके।

टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम की ओपनिंग जोड़ी को 39 रन के स्कोर पर पहला झटका लगा जब हेस्ल 9 रन बनाकर रनआउट हो गए। इसके बाद रॉय और रूट ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और स्कोर को 100 के पार पहुंचा दिया। इसके बाद 19 वें ओवर की तीसरी गेंद पर इंग्लैंड को दूसरा झटका रॉय के रूप में लगा।

73 रन बनाकर खेल रहे जेसन रॉय को विकेट के पीछे रवींद्र जडेजा की गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी ने स्टंप किया जबकि जबकि हेलेक्स हेल को बुमराह ने रन आउट किया। मॉर्गन तब आउट हुए जब टीम का कुल स्कोर 157 था। 27वें ओवर की आखिरी गेंद पर पंड्या ने उन्हें शिकार बनाया। 35वें ओवर में टीम ने 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया। 38वें ओवर में पंड्या ने बटलर को भी आउट किया, वह चौथे विकेट के रूप में आउट हुए। उन्होंने 31 रन बनाए थे। इनके बाद बुमराह ने जोए रूट को 78 रन पर चलता किया।

नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस में शामिल, अमृतसर से लड़ सकते हैं चुनाव

नवजोत सिंह सिद्धु कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। रविवार (15 जनवरी) को वह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। उनकी मौजूदगी में ही सिद्धु कांग्रेस में शामिल हुए। मान जा रहा है कि सिद्धू अमृतसर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। सिद्धू ने बड़े  ही गुपचुप तरीके से कांग्रेस ज्वाइन की है। इसको लेकर भी काफी सवाल उठाए जा रहे हैं।

 

पटना: 40 लोगों को ले जा रही नाव गंगा नदी में पलटी, 16 की मौत, सीएम ने दिए जांच के आदेश

पटना में गंगा नदी में 40 लोगों को ले जा रही एक नाव पलट गई। इसमें एक महिला की मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया। इनमें से 25 लोग तैरकर सुरक्षित बाहर आ गए और आठ को बचा लिया गया, जबकि एक की मौत हो गई। बाकी लापता लोगों को ढूंढ़ने के लिए अभी राहत कार्य जारी है।

राहुल गांधी ने उड़ाया भाजपा मंत्री अनिल विज का मजाक, कहा- तानाशाह हिटलर और मुसोलिनी भी दमदार ब्रांड थे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को महात्मा गांधी से बेहतर ब्रांड बताने संबंधी हरियाणा के मंत्री अनिल विज की विवादास्पद टिप्पणी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि तानाशाह हिटलर और मुसोलिनी भी बहुत दमदार ब्रांड थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने हरियाणा में भाजपा के वरिष्ठ नेता की टिप्पणियों को लेकर उनकी तीखी निंदा करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। विज की टिप्पणी की व्यापक आलोचना हुई है, यहां तक कि उनकी पार्टी ने बयान की निंदा की है। राहुल ने एक ट्वीट में कहा, ‘हिटलर और मुसोलिनी भी बहुत दमदार ब्रांड थे।’
विज ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि यह अच्छा है कि खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के कैलेंडर और डायरी में गांधी की तस्वीर की जगह मोदी ने ले ली। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि गांधी की तस्वीर करेंसी नोटों से भी धीरे धीरे हट जाएंगी। केवीआईसी कैलेंडर और डायरी पर मोदी की तस्वीर के बारे में पूछे जाने पर अंबाला कैंट से पांच बार विधायक ने कहा कि गांधी जी के नाम का खादी पर कोई पेटेंट नहीं है। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी टिप्पणी वापस ले ली।
बता दें, अनिल विज ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि महात्मा गांधी की छवि से खादी को कोई फायदा नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने कहा कि गांधी की तस्वीर लगाये जाने के बाद से मुद्रा का अवमूल्यन हुआ है। अनिल विज के इस बयान के बाद इसकी चौतरफा आलोचना शुरू हो गयी और यहां तक कि उनकी पार्टी भाजपा ने भी इसकी निंदा की। खादी और ग्राम उद्योग आयोग के कैलेंडर और डायरी पर गांधी के स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाये जाने को अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि मोदी ‘बेहतर ब्रांड’ हैं। अपने बयानों के लिए पहले कई बार विवादों का सामना कर चुके विज ने यहां तक कह दिया कि गांधी की तस्वीर को धीरे-धीरे नोटों से भी हटाया जाएगा।
‘अपमानजनक’ टिप्पणी को लेकर विज को आड़े हाथों लेते हुए महात्मा गांधी के परपौत्र तुषार गांधी ने आरोप लगाया कि यह ‘हाईकमान’ की तरफ से चलाया गया ‘सुनियोजित’ अभियान है और मंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भाषा बोल रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस ने कहा, ‘गांधी की हत्या हो सकती है, उनकी तस्वीर को हटाया जा सकता है लेकिन वह भारत की आत्मा में रहेंगे।’

 

गुजरात ने जीती रणजी ट्रॉफी, मुंबई को पांच विकेट से हराकर रचा इतिहास

गुजरात ने मुंबई को पांच विकेट से हराकर रणजी ट्रॉफी 2016-17 का खिताब जीत लिया है। गुजरात ने पहली बार यह खिताब जीता है। फाइनल में जीत के लिए मिले 312 रन के लक्ष्‍य को गुजरात ने कप्‍तान पार्थिव पटेल के शतक(143) के बूते 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में गुजरात ने सबसे बड़े लक्ष्‍य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की है। इसी के साथ वह दिल्‍ली, होलकर, कर्नाटक और हरियाणा जैसी टीमों के ग्रुप में शामिल हो गर्इ है जिसने फाइनल में मुंबई/बॉम्‍बे को हराकर रणजी ट्रॉफी जीती है। गुजरात 17वीं टीम है जिसने रणजी ट्रॉफी जीती है। वहीं मुंबई 46वीं बार फाइनल में पहुंचा था जो कि एक रिकॉर्ड है।इससे पहले वह आखिरी बार 1950-51 में फाइनल में पहुंची थी। उस समय उसे होलकर टीम के हाथों हार झेलनी पड़ी थी।
इससे पहले मुंबई की पहली पारी 228 रन तक चली थी। इसके जवाब में गुजरात ने 328 रन बनाए। दूसरी पारी में मुंबई ने सुधरा हुआ प्रदर्शन किया। अभिषेक नायर (91, श्रेयस अयर(82) और आदित्‍य तारे(69) की अर्धशतकीय पारियों के बूते उसने 411 रन बनाए। इसके चलते गुजरात को जीत के लिए 312 रन का लक्ष्‍य मिला। गुजरात ने सुबह बिना किसी नुकसान के 47 रन से आगे खेलना शुरू किया लेकिन उसने इसी स्कोर पर इस सत्र में सर्वाधिक 1310 रन बनाने वाले सलामी बल्लेबाज प्रियांक पांचाल (34) का विकेट गंवा दिया।
पांचाल ने बलविंदर संधू (101 रन देकर दो विकेट) की ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर दूसरी स्लिप में खड़े सूर्यकुमार यादव को कैच दिया। संधू ने नये बल्लेबाज भार्गव मेराई (दो) को भी ज्यादा देर तक नहीं टिकने दिया जिसके बाद पार्थिव ने क्रीज पर कदम रखा लेकिन दूसरे सलामी बल्लेबाज समित गोहल (21) के आउट होने से गुजरात का स्कोर तीन विकेट पर 89 रन हो गया। मुंबई अच्छी स्थिति में दिख रहा था लेकिन पार्थिव ने मनप्रीत जुनेजा (54) के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिये 116 रन की साझेदारी निभायी जो आखिर में निर्णायक साबित हुई।
जुनेजा ने अखिल हेरवादकर की गेंद पर विकेटकीपर आदित्य तारे को कैच दिया। हालांकि तब बल्लेबाज को लग रहा था कि गेंद उनके बल्ले से लगकर नहीं गयी। रूजुल भट (नाबाद 27) ने हालांकि पार्थिव का अच्छा साथ दिया और अपने कप्तान के साथ पांचवें विकेट के लिये 94 रन जोड़े। भट जब केवल एक रन पर थे तब तारे ने उनका आसान कैच छोड़ा। गेंद उनके पीछे हेलमेट पर लगी जिससे मुंबई को पांच पेनल्टी रन भी गंवाने पड़े। भट को इसके बाद भी दो बार जीवनदान मिले। मैन आफ द मैच पार्थिव इस बीच संधू पर तीन चौके जड़कर शतक के करीब पहुंचे और उन्होंने हेरवादकर पर दो रन लेकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना 25वां सैकड़ा पूरा किया। उन्होंने सबसे पहले ड्रेसिंग रूम में बैठे अपने साथियों और फिर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया।

 

अमृतसर से कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे सिद्धू, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किया ऐलान

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ चुके नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब विधानसभा चुनाव में किस सीट से चुनाव लड़ेंगे इसका फैसला हो गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू के अमृतसर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।
अमरिंदर सिंह ने कहा है कि सिद्धू अमृतसर सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। सिद्धू बिना शर्त जल्द ही पार्टी में शामिल होंगे। इससे पहले कल नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की। ये मुलाकात काफी देर तक चली थी। लेकिन कांग्रेस में सिद्धू के शामिल होने को लेकर कोई ऐलान नहीं हो सका था।
आपको बता दें, सिद्धू की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने दो दिन पहले ही इशारा कर दिया था कि सिद्धू अमृतसर से पार्टी के उम्मीदवार होंगे।

 

कैलेंडर में नरेंद्र मोदी पर खादी आयोग की सफाई- नियम नहीं है कि कैलेंडर पर महात्‍मा गांधी की ही तस्‍वीर लगे

खादी ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) के कैलेंडर और डायरी पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर विपक्ष के हमलों का केवीआईसी ने जवाब दिया है। उसने इस मामले पर हो रही राजनीति को आधारहीन और बेबुनियाद बताया है। केवीआईसी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि इससे पहले भी कई बार केवीआईसी के सामानों पर बापू की तस्वीर नहीं थी। उन्होंने कहा कि साल 1996, 2005, 2011, 2013 और 2016 में भी आयोग के कैलेंडर और डायरी पर महात्मा गांधी की तस्वीर नहीं लगाई गई थी। उन्होंने कहा कि एेसा कोई नियम नहीं है कि कैलेंडर पर बापू की तस्वीर होनी ही चाहिए। यह कहना गलत होगा कि बापू की तस्वीर को पीएम मोदी ने रिप्लेस कर दिया है।
वहीं महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने कहा कि बापू की तस्वीर हटाने के पीछे केंद्र सरकार की सोची समझी रणनीति है, ताकि वह अपनी साख बढ़ा सके। तुषार ने मीडिया से कहा कि इस सरकार को गलतियां करने की आदत हो गई है, लेकिन यह गलती नहीं लगती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वह केवीआईसी को भंग करें क्योंकि यह एक अयोग्य और अक्षम संस्था है।
आपको बता दें कि खुद केवीआईसी के कर्मचारी भी यह कैलेंडर देखकर हैरान रह गए। वहीं बीजेपी सरकार ने शुक्रवार (13 जनवरी) को इस बारे में सफाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जगह कोई नहीं ले सकता।
केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि मैंने अब तक कैलेंडर नहीं देखा है उन्होंने कहा कि कैलेंडर पूरे 12 महीने का है और सिर्फ एक ही पेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो है। मिश्र ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि मोदी ने बापू की जगह ले ली है। मोदी की यह तस्‍वीर गांधी के सूत कातने वाले क्‍लासिक पोज में है। जहां एक साधारण से चरखे पर अपने ट्रेडमार्क पहनावे में खादी बुनते गांधी की ऐतिहासिक तस्‍वीर थी, वहां अब कुर्ता-पायजामा-वेस्‍टकोट पहने मोदी नया चरखा चलाते दिखते हैं।

 

दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल पर केस करेगी आप, पद छोड़ने के बाद भी जारी रहेगी नजीब जंग से अरविंद केजरीवाल की जंग

दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के बीच अभी भी सियासी जंग जारी है। आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग पर मानहानि का मुकदमा करेगी। पार्टी ने नजीब जंग पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की छवि बिगाड़ने का आरोप लगाया है। दरअसल, दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आपराधिक मुकदमा चल सकता है क्योंकि केजरीवाल पर कई फैसलों में पक्षपात को बढ़ावा देने के आरोप हैं। इंटरव्यू में जंग ने कहा था कि शुंगलू कमेटी ने पाया है कि केजरीवाल सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिसमें ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री ने भाई भतीजावाद और पक्षपात किया है।

नजीब जंग के मुताबिक केजरीवाल ने लोगों की जासूस कराने के लिए आईबी जैसा सीक्रेट यूनिट बनाया ताकि वो लोगों की जासूसी करवा पाएं। इंटरव्यू में जंग ने कहा कि निकुंज अग्रवाल को केजरीवाल ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का ओएसडी बनाया जो कि सीएम की पत्नी के रिश्तेदार हैं। जंग ने कहा कि केजरीवाल ने सतेंद्र जैन की बेटी सौम्या को ही मोहल्ला क्लीनिक का सलाहकार भी नियुक्त किया था। स्वाति मालीवाल को भी केजरीवाल का रिश्तेदार बताया जाता है जिन्हें केजरीवाल ने दिल्ली महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया है।

गौरतलब है कि केजरीवाल सरकार के फैसलों की जांच के लिए पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग ने शुंगलू कमेटी का गठन किया था। इनमें दो मामलों में सीबीआई ने भी एफआईआर दर्ज की है। वही सतेंद्र जैन ने अपनी बेटी को सलाहकार बनाए जाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि सौम्या को इसके लिए कोई पैसा नहीं दिया जाएगा। नजीब जंग ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में नियुक्ति को लेकर पर केजरीवाल की मंशा पर सवाल उठाए। जब जंग से सवाल पूछा गया कि क्या केजरीवाल पर इसके लिए आपराधिक केस भी हो सकता है तो जंग ने कहा कि हां ऐसा संभव है कि उन पर ऐसे केस हो सकते हैं।

संसदीय समिति के सामने RBI गवर्नर और वित्‍त मंत्रालय के अधिकारियों की पेशी टली, अब 18 को होगी बैठक

संसद में वित्‍त मामलों की स्‍टैंडिंग कमेटी ने नोटबंदी को लेकर 11 जनवरी को बुलाई गई बैठक रद्द कर दी है। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्‍पा मोइली इस समिति के अध्‍यक्ष हैं। इस बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया गवर्नर उर्जित पटेल और वित्‍त मंत्रालय के अधिकारियों को शामिल होना था। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने आधिकारिक कार्यों का हवाला देकर बुधवार की बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है। एक और जहां आरबीआई का उच्‍च वर्ग नोटबंदी के बाद के काम में व्‍यस्‍त है, वहीं वित्‍त मंत्रालय के अधिकारी बजट से जुड़े काम में लगे हैं। वित्‍त मामलों की स्‍टैंडिंग कमेटी ने 18 जनवरी को फिर बैठक बुलाई। हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि इसके बाद अगली तारीख पर संसदीय पैनल बैठक करा पाएगा या नहीं। आरबीआई गवर्नर को लोक लेखा समिति (PAC) ने भी 20 जनवरी को अपने समक्ष पेश होने के लिए तलब किया है।

पीएसी ने आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को 20 जनवरी 2017 को उसके समक्ष पेश होकर यह साफ करने को कहा है कि नोटबंदी का फैसला कैसे लिया गया और इसका देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर क्‍या असर होगा। पटेल को इस संबंध में 10 सवाल भेजे गए हैं, जिनके जरिए फैसला लेने में केंद्रीय बैंक की भूमिका, अर्थव्‍यवस्‍था पर प्रभाव और आरबीआई गवर्नर के रेगुलेशंस में पिछले दो महीनों में आए बदलाव पर जानकारी मांगी गई है। नोटबंदी के पास पैदा हुई नकदी की समस्‍या कुछ हद तक कम जरूर हुई है, मगर अभी भी पर्याप्‍त मात्रा में नए नोटों की सप्‍लाई नहीं हो पा रही है और अर्थशास्त्रियों ने जीडीपी वृद्धि दर में कमी की आशंका जताई है।
संसदीय समिति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके अचानक लिए गए नोटबंदी के फैसले पर सफाई के लिए तलब किया जा सकता है। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता वीके थॉमस के नेतृत्‍व वाली पीएसी आरबीआई गवर्नर के बाद पीएम को भी तलब करना चाहती है। थॉमस ने कहा, ”समिति को मामले से जुड़े किसी भी व्‍यक्ति को बुलाने का अधिकार है। लेकिन वह 20 जनवरी की बैठक के नतीजे पर निर्भर करेगा। हम पीएम को नोटबंदी के मुद्दे पर बुला सकते हैं अगर सदस्‍य एकमत से यह फैसला लें।”
थॉमस ने यह भी कहा कि जब वह नोटबंदी के बाद पीएम से मिले तो ”उन्‍होंने कहा कि दिसंबर अंत तक 50 दिन में हालात सामान्‍य हो जाएंगे, मगर ऐसा लगता नहीं।”

नोटबंदी: संसदीय समिति ने RBI गवर्नर से मांगी सफाई, पूछा- क्‍यों न आपको पद से हटा दिया जाए?

लोक लेखा समिति (PAC) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल को 28 जनवरी को अपने समक्ष पेश होने के लिए तलब किया था। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता केवी थॉमस की अगुवाई वाली समिति ने पटेल से नोटबंदी के मुद्दे पर 10 सवाल पूछे हैं। फैसला लेने में केंद्रीय बैंक की भूमिका, अर्थव्‍यवस्‍था पर प्रभाव और आरबीआई गवर्नर के रेगुलेशंस में पिछले दो महीनों में आए बदलाव पर पटेल से जानकारी मांगी गई है। 30 दिसंबर को भेजे गए ये सवाल इंडियन एक्‍सप्रेस के पास मौजूद हैं। जिसमें संसदीय समिति ने आरबीआई गवर्नर से पूछा है कि अगर नकदी निकालने पर पाबंदी लगाने को लेकर कोई कानून नहीं है तो उन पर ”शक्तियों का दुरुपयोग करने के लिए” मुकदमा क्‍यों न चले और उन्‍हें हटाया क्‍यों न जाए। पीएसी ने यह भी जानना चाहा है कि कितनी नकदी पर प्रतिबंध लगा था और उसमें से कितनी बैंकिंग व्‍यवस्‍था में लौट आई है। समिति ने पटेल से जिन सवालों के जवाब जानने मांगे हैं, वे इस प्रकार हैं:
1. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में कहा है कि नोटबंदी का फैसला आरबीआई और इसके बोर्ड द्वारा लिया गया था। सरकार ने सिर्फ सलाह पर कार्रवाई की। क्‍या आप सहमत हैं?
2. अगर फैसला आरबीआई का ही था, तो आखिर कब आरबीआई ने तय किया कि नोटबंदी ही भारत के हित में हैं?
3. रातोरात 500 और 1,000 रुपए के नोट बंद करने के पीछे आरबीआई ने क्‍या कारण पाए?
4. आरबीआई के अपने अनुमान दिखाते हैं कि भारत में सिर्फ 500 करोड़ रुपए की नकली/जाली करंसी है। जीडीपी के मुकाबले भारत में कैश 12 फीसदी था जो कि जापान (18%) और स्विट्जरलैंड (13%) से कम है। भारत में मौजूद नकदी में उच्‍च मूल्‍य के नोटों का हिस्‍सा 86% था, लेकिन चीन में 90% और अमेरिका में 81% है। तो, अचानक ऐसी क्‍या जरूरत आ पड़ी थी कि आरबीआई को विमुद्रीकरण का फैसला लेना पड़ा?
5. 8 नवंबर को होने वाली आपातकालीन बैठक के लिए आरबीआई बोर्ड सदस्‍यों को कब नोटिस भेजा गया था? उनमें से कौन इस बैठक में आया? कितनी देर यह बैठक चली? और बैठक का ब्‍योरा कहां है?
6. नोटबंदी की सिफारिश करते हुए कैबिनेट को भेजे गए नोट में, क्‍या आरबीआई ने साफ-साफ लिखा था कि इस फैसले का मतलब देश की 86 प्रतिशत नकदी को अवैध करना होगा? आरबीआई उतनी ही नकदी कब तक व्‍यवस्‍था में लौट सकेगी?
7. सेक्‍शन 3 c(v) के तहत 8 नवंबर, 2016 को आरबीआई की अधिसूचना द्वारा बैंक खातों से काउंटर के जरिए 10,000 रुपए प्रतिदिन और 20,000 रुपए प्रति सप्‍ताह निकासी की सीमा तय कर दी गई। एटीएम में भी 2,000 रुपए प्रति दिन निकासी की सीमा लगाई गई। किस कानून और आरबीआई को मिली शक्तियों के तहत लोगों पर अपनी ही नकदी निकालने पर सीमा तय की गई? देश में करंसी नोटों की सीमा तय करने की ताकत आरबीआई को किसने दी? अगर ऐसा कोई नियम आप न बता सकें, तो क्‍यों न आप पर मुकदमा चलाया जाए और शक्‍त‍ियों का दुरुपयोग करने के लिए पद से हटा दिया जाए?
8. पिछले दो महीनों से आरबीआई के रेगुलेशंस में बार-बार बदलाव क्‍यों हुए? कृपया हमें उस आरबीआई अधिकारी का नाम बताएं जिसे निकासी के लिए लोगों पर स्‍याही लगाने का विचार आया? शादी से जुड़ी निकासी वाली अधिसूचना किसने तैयार की थी? अगर यह सब आरबीआई ने नहीं, सरकार ने किया था तो क्‍या अब आरबीआई वित्‍त मंत्रालय का एक विभाग है?
9. कितने नोट बंद किए गए और पुरानी करंसी में से कितना वापस जमा किया जा चुका है? जब 8 नवंबर को आरबीआई ने सरकार को नोटबंदी की सलाह दी तो कितने नोटों के वापस लौटने की संभावना थी?
10. आरबीआई ने आरटीआई के तहत जानकारी देने से मना क्‍यों किया है, वह भी निजी चोट का डर जैसा कारण बताकर? आरटीआई के तहत मांगी जाने वाली जानकारी देने को आरबीआई क्‍यों नहीं दे रहा?

अखिलेश यादव और मुलायम सिंह गुट से चुनाव आयोग ने कहा- MP, MLA, MLC के हस्ताक्षर युक्त एफिडेविट देकर साबित करो अपनी ताकत

साइकिल किसकी होगी? इस पर फैसला होना बाकी है लेकिन इसकी दावेदारी लेकर चुनाव आयोग पहुंचे समाजवादी पार्टी के दोनों धड़ों को आयोग ने नोटिस जारी कर अपनी ताकत का इजहार करने को कहा है। अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव गुट को आयोग की तरफ से कहा गया है कि दोनों गुट अपने-अपने समर्थन में सभी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों का हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्र 9 जनवरी तक आयोग को सौंप दें, ताकि आयोग जल्द ही इस पर कोई फैसला ले सके। हालांकि, समाजवादी पार्टी को दोनों धड़ों में सुलह की कोशिश अभी भी जारी है।
चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि चूंकि उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है इसलिए आयोग इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाना चाहता है। इसीलिए आयोग ने 9 जनवरी तक दोनों गुटों से अपने-अपने दावे पेश करने को कहा है। इस सप्ताह समाजवादी पार्टी के दोनों धड़ों के नेताओं ने चुनाव आयोग पहुंचकर चुनाव चिह्न पर अपनी-अपनी दावेदारी ठोकी थी। एक ही राजनीतिक दल के अंदर दो गुटों में किसे बहुमत प्राप्त है, इसका फैसला सबसे पहले चुनाव आयोग ने साल 1969 में किया था, जब कांग्रेस पार्टी दो गुटों में बंटी थी।
सूत्रों के मुताबिक रामगोपाल यादव ने मंगलवार को चुनाव आयोग में जो कागजात सौंपे हैं, उसमें दावा किया गया है कि अखिलेश यादव गुट ही असली समाजवादी पार्टी है। कागजात में यह भी दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को विधान सभा, विधान परिषद और लोकसभा, राज्य सभा के अधिकांश निर्वाचित सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। करीब 100 पन्नों के इस कागजात में 5000 से ज्यादा पार्टी प्रतिनिधियों और 90 फीसदी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों के हस्ताक्षर शामिल हैं।
दूसरी तरफ मुलायम गुट द्वारा सौंपे गए कागजात में कुछ लोगों के ही हस्ताक्षर हैं। बावजूद इसके आयोग ने दोनों गुटों से समर्थन दे रहे पार्टी प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्र सौंपने को कहा है। आयोग सूत्रों के मुताबिक, हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्रों के आधार पर ही चुनाव आयोग यह निर्णय लेगा कि किसके पक्ष में बहुमत है और जिस पक्ष के पास बहुमत होगा उसे पार्टी का चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाएगी।

पांच राज्यों में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान

 पांच राज्यों में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान  
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने बुधवार को उत्‍तर प्रदेश समेत उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में चुनाव की तारीखों का ऐलान  कर दिया है   . इन पांच राज्यों में 690 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे. 5 राज्यों में 16 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे. सभी को आईकार्ड दिए जाएंगे. चुनाव तारीखों की घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्‍यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है।
पहला चरण: 11 फरवरी
दूसरा चरण: 67 सीटों पर, वोटिंग 15 फरवरी
तीसरा चरण: 69 सीटों में 19 फरवरी को वोटिंग
चौथा चरण: 23 फरवरी को वोटिंग
पांचवा चरण: 27 फरवरी को वोटिंग होगी

 

    

 

जेएस खेहर बने नए चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति भवन में ली शपथ, प्रणब मुखर्जी, पीएम मोदी भी मौजूद

जस्टिस जेएस खेहर ने बुधवार (4 जनवरी) को भारत के नए चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ले ली। खेहर का शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में हुआ। वहां पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। जेएस खेहर ने टीएस ठाकुर की जगह ली है। इससे पहले मंगलवार को टीएस ठाकुर की रिटायरमेंट हुई थी।
पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर के फेयरवेल पर खूब हंसी-मजाक हुआ था। उनके बारे में नए चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कई मजेदार बातें बताईं। जस्टिस खेहर ने कहा, वह पहली बार ठाकुर से पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में मिले थे और तब वह काफी हैंडसम थे। खेहर ने कहा, अगर वह एक हैंडसम इंसान थे, तो सोचिए महिलाओं के लिए वह क्या होंगे। यह पता करने में देर नहीं लगती थी कि एक महिला उनके बारे में क्या फील करती है।
जस्टिस खेहर एक केन्याई प्रवासी के बेटे हैं और वह उस वक्त स्कूल में थे, जब उनका परिवार भारत लौटा था। पंजाब यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडलिस्ट खेहर दशकों पहले सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक जज वी रामास्वामी का केस लड़ा था। रामास्वामी पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। रामास्वामी इकलौते एेसे जज रहे जिनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया।
जस्टिस खेहर अपने माता-पिता के बेहद करीब हैं। उनके पिता का कुछ वर्षों पहले निधन हो गया था, लेकिन जो उन्हें करीब से जानते हैं उन्हें पता है कि पिता के निधन के अगले ही दिन वह कोर्ट में थे। रविवार को जस्टिस खेहर अपने पालतू कुत्ते को नहलाते हुए देखे जाते हैं।

रिटायरमेंट फंक्शन में बोले पूर्व सीजेआई टीएस ठाकुर-न्यायपालिका स्वतंत्र और बेखौफ रहे, बस यही प्रार्थना करूंगा

 

अपने कार्यकाल के आखिरी दिन मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने बेखौफ न्यायपालिका की अहमियत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हमें जजों की कमी और भारतीय समाज की समग्रता को ध्यान में रखते हुए आम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है। सुप्रीम कोर्ट लॉन्स में अपने फेयरवेल फंक्शन में उन्होंने वकीलों से अपील करते हुए कहा कि न्यायपालिका को स्वतंत्र और बेखौफ रहना चाहिए। पहले वकील और फिर जज के अपने 45 साल के करियर को याद करते हुए ठाकुर ने कहा, मैं इस संस्था के लिए जो सर्वश्रेष्ठ कर सकता था, मैंने किया। मैं रिटायर हो रहा हूं लेकिन बाहर से सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा के लिए प्रार्थना करूंगा।
इस आयोजन में ठाकुर के साथ भारत के नए चीफ जस्टिस जेएस खेहर भी थे। ठाकुर ने कहा कि न्यायपालिका के सामने कई चुनौतियां हैं और उसे आगे और कठिन चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा वर्तमान में कई चुनौतिया हैं। आपके पास 3 करोड़ मुकदमे लंबित हैं। आपके पास इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है। आपके पास जजों की संख्या कम है। आने वाले समय में आपके पास और भी गंभीर मुद्दे सामने आएंगे। साइबर कानून, मेडिको-लीगल, जेनेटिक्स, प्राइवेसी को लेकर आपके आगे कई मुद्दे आएंगे। उन्होंने कहा कि देश एक महान पुनरुत्थान के मुहाने पर खड़ा है और हथियारों के रूप में ही नहीं बल्कि आर्थिक तौर पर भी एक महान विश्वशक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश तब तक प्रगति नहीं कर सकता जब तक न्यायपालिका विकास की चुनौतियों से निपट न ले। उन्होंने विकास के कार्यों और समाज की शांति के लिए वकीलों की भूमिका को बेहद गंभीर बताया है।
बता दें कि जस्टिस ठाकुर ने अपने कार्यकाल में कई अहम फैसले दिए थे। देश की अदालतों में जजों की कमी को लेकर उन्होंने कई बार नरेंद्र मोदी सरकार पर तल्ख टिप्पणी की थी। एक मुकदमे के दौरान उन्होंने कहा था कि जज बनना आसान नहीं है और यदि कोई व्‍यक्ति जज बन जाता है तो ज्‍यादा मुश्किल है। उन्‍होंने यह टिप्‍पणी हाल ही में एक जूनियर जज की अपील पर सुनवाई के दौरान की थी। जूनियर जज को उनके गुस्‍से और अनुपयुक्‍त व्‍यवहार के चलते पद से हटा दिया गया था। पूर्व सीजेआई ठाकुर ने कहा था, ” यदि आप जज हैं तो बहुत दिक्‍कत है। आपको सभी तरह वकीलों और याचिकाकर्ताओं का सामना करना पड़ता है। आपको विनम्रता और धैर्य रखना चाहिए क्‍योंकि आपके सामने कई तरह की बकवास आती है।