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योगी आदित्यनाथ के राज में मंत्रियों को आदेश-कोई गाड़ी पर नहीं लगाएगा लाल बत्ती

उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना भेदभाव के काम करने की कसम खाई है और तय किया है कि उनके शासनकाल में वीआईपी कल्चर का बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक सोमवार को योगी आदित्यनाथ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सरकार के किसी भी मंत्री को अपनी गाड़ी पर लाल बत्ती इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। भ्रष्टाचार पर अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए उन्होंने अपने सभी मंत्रियों से अपनी आय और संपत्ति का 15 दिनों में ब्योरा देने को कहा था। उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी जावीद अहमद से मुलाकात में उन्होंने बसपा नेता मोहम्मद शमी की बदमाशों द्वारा की गई हत्या पर शोक जताया है।
यह भी जानकारी मिली है कि उन्होंने डीजीपी से कहा है कि बेहतर पुलिसिंग के लिए 15 दिनों में उनके सामने ब्लूप्रिंट पेश किया जाए। इसमें सभी जिलों के पुलिस अफसरों से राय भी लेने को कहा गया है। उनके आज देर शाम सभी मंत्रालयों के प्रधान सचिवों से मुलाकात की भी उम्मीद है। इससे पहले कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने मीडिया को बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘भ्रष्टाचार’ को समाप्त करने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपनी आय और चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है। दोनों मंत्रियों ने बताया था कि नये विधायकों के प्रशिक्षण के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में एक कमेटी बनेगी, जिसमें प्रयास होगा कि सभी विधायकों की भलीभांति ‘ट्रेनिंग’ हो। केंद्र के भी कुछ बडे नेता आ सकते हैं। वे कक्षाएं लेंगे।

यूपी के मंत्री देंगे 15 दिन में आय का ब्योरा, मंत्रियों को अनावश्यक टिप्पणी से बचने की सलाह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने पहले दिन से ही कामकाज संभाल लिया है और अपने कड़े तेवर भी दिखाने शुरू कर दिए हैं. सूबे के नए मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिन के भीतर अपनी आय और चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा पार्टी एवं सरकार को उपलब्ध कराएं.
मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी कैबिनेट की पहली बैठक की, जिसमें सदस्यों ने एकदूसरे को परिचय दिया. बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्टाचार को समाप्त करने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपनी आय और चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है.
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी मंत्रियों को आय, चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा 15 दिन में संगठन को और मुख्यमंत्री के सचिव को देना है. दोनों मंत्रियों ने बताया कि नए विधायकों की ट्रेनिंग के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में एक कमेटी बनेगी, जिसमें कोशिश होगी कि सभी विधायकों की सही तरीके से ट्रेनिंग हो. इस ट्रेनिंग में केन्द्र के भी कुछ बडे नेता कक्षाएं लेने के लिए आ सकते हैं.
उन्होंने बताया कि एक और कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जो देखेगी कि 325 विधायकों के साथ मंत्रिपरिषद के लोग किस प्रकार संपर्क में रहें और उनके क्षेत्र में जाकर किस तरह संपर्क रख सकें. संगठन और सरकार के तालमेल पर भी चर्चा की गई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनावी रैलियों में बीजेपी की सरकार बनने की स्थिति में पहली कैबिनेट बैठक में ही कुछ फैसले करने के उल्लेख पर दोनों मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि यह बैठक औपचारिक कैबिनेट बैठक नहीं बल्कि परिचय बैठक थी, जो कहा गया है, पहली ही कैबिनेट में फैसला होगा.
श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी कैबिनेट सदस्यों से आग्रह किया है कि जनादेश विकास के लिए मिला है. ये जनादेश बिजली, पानी, सडक, कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसान की बदहाली दूर करने तथा विकास और सुरक्षा के लिए मिला है. साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों को नसीहत दी कि वे अनावश्यक टिप्पणी से बचें ताकि किसी की भावना आहत न हो.

 

योगी आदित्यनाथ ने संभाली यूपी की कमान, दो डिप्टी सीएम, 22 कैबिनेट और 22 राज्यमंत्रियों ने भी ली शपथ

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में आज (19 मार्च को) पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। योगी प्रदेश में भाजपा के चौथे सीएम बने हैं। लखनऊ के कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा केन्द्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद थे। इनके अलावा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव, नारायण दत्त तिवारी भी मौजूद थे। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस शपथ ग्रहण समारोह के गवाह बने। राज्यपाल राम नाईक ने केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना, सतीश महाना, राजेश अग्रवाल, रीता बहुगुणा जोशी, दारा सिंह चौहान, धर्मपाल सिंह, रमापति शास्त्री, जयप्रताप सिंह, ओमप्रकाश राजभर, चेतन शर्मा, सिद्धार्थ सिंह को मंत्री बनाया गया है।
इनके अलावा अनुपमा जायसवाल, सुरेश राणा, उपेंद्र तिवारी, डॉ. महेंद्र सिंह, धर्म सिंह सैनी, स्वतंत्र देव सिंह, उपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर और स्वाति सिंह को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। इनके साथ ही 13 को राज्यमंत्री बनाया गया है।

 

शपथ ग्रहण का दिन, समय, स्थान सब तय... बस आज यूपी के सीएम के नाम की घोषणा होनी बाकी

यूपी में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के फौरन बाद शुरू हुई अटकलों पर अभी तक विराम नहीं लगा है और शायद फिलहाल लगेगा भी नहीं. यह सत्ता और सियासत की रेस है,
गोवा और मणिपुर में सरकार बना लेने के बाद,बीजेपी ने उत्तराखंड का मुख्यमंत्री भी तय कर लिया है. RSS के प्रचारक रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत शनिवार को शपथ लेंगे. लेकिन बीजेपी के सबसे बड़े चुनावी दुर्ग का नेता तय होना बाक़ी है. शनिवार शाम चार बजे विधायक दल की बैठक के बाद बीजेपी यूपी के अगले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेगी. यानी उत्तराखंड में जब शपथ ग्रहण समारोह चल रहा होगा, उसी समय यूपी में नेता चुना जा रहा होगा.

बीजेपी के विधायक दल की बैठक लोक भवन में होगी. केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव मुख्यमंत्री निर्वाचित करने के लिए बैठक में मौजूद होंगे. और फिर रविवार शाम 5 बजे उत्तर प्रदेश को मिलेगा उसका नया मुख्यमंत्री और नई सरकार. राज्यपाल राम नाइक ने लखनऊ में बयान जारी कर कहा है कि यूपी के नए मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट के सहयोगियों के साथ 19 मार्च को शाम 5 बजे कांशीराम स्मृति उपवन में शपथ लेंगे. मीडिया में कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन औपचारिक ऐलान लखनऊ में शनिवार शाम विधायक दल की बैठक में ही होगा.

राजनाथ सिंह से लेकर मनोज सिन्हा तक कई नाम सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारे में घूम रहे हैं. वैसे तो मनोज सिन्हा रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं लेकिन वो खुद किसी भी रेस में होने से इनकार कर रहे हैं. यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि अगर अभी नाम का खुलासा कर देंगे तो फिर शनिवार को होने वाली विधायक दल की बैठक का क्या मतलब रह जाएगा. मीडिया में कयास लगते रहे लेकिन बीजेपी का कोई भी बड़ा नेता मुंह खोलने को तैयार नहीं हुआ.

दिल्ली के होटल में आज सुबह लगी आग सुरक्षित निकाल गया महेंद्र सिंह धौनी

नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी दिल्ली के जिस होटल में रूके थे वहां आज सुबह आग लग गयी. हालांकि धौनी को सुरक्षित निकाल लिया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार धौनी सहित विजय हजारे ट्रॉफी खेलने गयी झारखंड की टीम यहां रूकी हुई थी. जिस वक्त आग लगी धौनी होटल में ही मौजूद थे. लेकिन तत्परता के साथ उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. 
मैच रैफरी संजय वर्मा ने मैच स्थगित करने की घोषणा की जिसके बाद पालम के वायुसेना मैदान पर होने वाला यह मैच अब कल फिरोजशाह कोहला मैदान पर होगा. धौनी और टीम के उनके साथी आईटीसी वेलकम होटल में नाश्ता कर रहे थे जब आपात स्थिति में उन्हें बचाया गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार होटल में लगभग 540 अतिथि थे. झारखंड के कोच राजीव कुमार ने कहा, ‘‘हां, यह डरावना था क्योंकि सुबह तड़के आग लगी. हमें होटल से बाहर निकाला गया और मैदान में लाया गया.' मैच रैफरी ने मैच स्थगित करने का फैसला किया क्योंकि टीम की किट होटल में थी और मैच शुरु नहीं किया जा सकता था.

दोनों टीमें मैदान पर थी लेकिन झारखंड के खिलाडी मानसिक रुप से परेशान थे इसलिए बीसीसीआई ने उन्हें मानसिक रुप से उबरने के लिए एक दिन का समय दिया.झारखंड के एक खिलाडी ने कहा, ‘‘जब हम रेस्टोरेंट में नाश्ता कर रहे थे तो धुएं की दम घोटने वाली बदबू आने लगी जिसके बाद हम जान बचाने के लिए भागे.' दिल्ली दमकल विभाग के सीनियर अधिकारी ने बताया, ‘‘सुबह लगभग साढ़े छह बजे वेलकम होटल में आग लगने का फोन आया. दमकल की 30 गाडियां मौके पर भेजी गई और सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर आग पर काबू पाया गया.' पुलिस ने कहा कि रिलायंस के शोरुम में सबसे पहले आग लगी थी। आग लगने का कारण पता करने के लिए आगे की जांच की जा रही है.

उत्‍तर प्रदेश 18 मार्च को लखनऊ में बैठक करेंगे BJP विधायक फिर तय होगा उत्‍तर प्रदेश का सीएम का नाम

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री का चुनाव करने में भाजपा को खासी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। गुरुवार को पार्टी के संसदीय दल की बैठक में भी सीएम के नाम पर सहमति नहीं बन सकी। अब पार्टी ने 18 मार्च को लखनऊ में भाजपा विधायकों की बैठक बुलाई है। भारतीय जनता पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक गुरुवार (16 मार्च) को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बैठक में यूपी में सरकार गठन को फिलहाल टालने के निर्णय लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार संसदीय बोर्ड ने यूपी के सीएम नाम पर अंतिम मुहर लगाने से पहले पार्टी सभी विधायकों की आम स्वीकृति चाहती है। यूपी में प्रचंड बहुमत प्राप्त करने के बाद भाजपा ने कहा था कि यूपी के भावी सीएम का नाम 16 मार्च को सार्वजनिक किया जाएगा लेकिन गुरुवार को पार्टी ने किसी भी नाम की घोषणा नहीं की।

नरेंद्र मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को दिया तोहफा, महंगाई भत्ता 2 प्रतिशत से 4 प्रतिशत हुआ

केंद्र सरकार ने 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा दिया है। सरकार ने महंगाई भत्ता 2 प्रतिशत बढ़ा दिया है। अब यह 4 प्रतिशत हो गया है। केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी से बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने कई और भी फैसले किए हैं। पूरे देश में 50 नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएंगे, जिसमें 50 हजार स्टूडेंट्स पढ़ सकेंगे। एनएच-2 पर हंडिया वाराणसी सड़क को 6 लेन करने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कैबिनेट ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) बिल 2017 को मंजूरी दी है।

लोकसभा में पीएम के सामने लगाए जय श्री राम के नारे विधानसभा चुनाव में जीत के बाद गदगद हुए बीजेपी सांसद

उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत से जीत और मणिपुर और गोवा में सहयोगी दलों की मदद से सरकार बनाने वाली बीजेपी का जोश बुधवार को संसद में दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बीजेपी सांसदों ने लोकसभा में जय श्री राम, भारत माता की जय और मोदी-मोदी के नारों से स्वागत किया। पूर्व सदस्य बी.वी.एन रेड्डी के निधन पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा शोक जताए जाने और प्रश्नकाल की शुरुआत किए जाने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार और राकेश सिंह सदन में आए। उनके आते ही बीजेपी सांसदों ने करीब 2 मिनट तक मेज थपथपाई और पीएम का स्वागत किया। उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत मिलने से बीजेपी सांसद काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने जय श्री राम, मोदी-मोदी के नारे लगाए। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी सदन में ज्यादा देर नहीं रुके, लेकिन इतनी ही देर में बीजेपी सांसदों ने अपने तरीके से उनका स्वागत किया।

बता दें कि भाजपा+ को उत्तरप्रदेश में 325 सीटें मिली हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन को 54 और बसपा को महज 19 सीटें मिलीं। उत्तराखंड में भी भाजपा को 56 सीटें मिल चुकी हैं। फिलाहल इन दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर फैसला होना बाकी है। गोवा में बीजेपी के पास बहुमत न होते हुए भी उसने एमजीपी और जीएफपी और निर्दलीय विधायक के साथ मिलकर सरकार बना ली है। गोवा में बीजेपी को 13 और कांग्रेस को 17 सीटें मिली थीं। गोवा में पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना गया है और उन्होंने मंगलवार को सीएम पद की शपथ ली थी। गोवा में कांग्रेस  ने सरकार न बना पाने का अफसोस जताया था। कांग्रेस का कहना था कि ज्यादा सीट हासिल करने के बावजूद राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया, जबकि उनके पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त विधायकों का समर्थन था। कांग्रेस ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह पर्रिकर का शपथ ग्रहण समारोह पर तो रोक नहीं लगा सकते, लेकिन उसने पर्रिकर को गुरुवार तक बहुमत साबित करने को कहा है।

गोवा का सीएम बनते ही मनोहर पर्रिकर ने साधा कांग्रेस पर निशाना – कोई भी विधायक उनको समर्थन नहीं करना चाहता था

 मनोहर पर्रिकर गोवा के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। विधानसभा चुनावों में 40 में से 13 सीटें जीतने के बावजूद छोटी पार्टियों के समर्थन से भाजपा गोवा में सरकार बना रही है। उसे महाराष्‍ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ ही निर्दलीयों का भी समर्थन मिला है। हालांकि कांग्रेस को 17 सीटें मिली थी लेकिन सरकार बनाने के लिए राज्‍यपाल के बुलावे के इंतजार करना उसे भारी पड़ गया
गोवा फोर्वर्ड पार्टी (GPF) के नेता प्रभाकर टिबले, महासचिव मोहनदास लोलायेकर और प्रवक्ता प्रशांत नाइक शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंचे थे।

गोवा में मनोहर पर्रिकर को सीएम बनने से रोकने के लिए कांग्रेस पहुंची सुप्रीम कोर्ट

गोवा में मुख्यमंत्री पद के लिए मनोहर पर्रिकर का नाम तय होने के बीच कांग्रेस ने अड़ंगा लगा दिया है। सोमवार (13 मार्च) को प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अदालत इसकी सुनवाई मंगलवार (14 मार्च) को करेगी। इससे पहले पर्रिकर ने गोवा में राज्य सरकार की कमान संभालने के लिए सोमवार (13 मार्च) को ही रक्षा मंत्री पद से अपना इस्तीफा दिया। पर्रिकर मंगलवार को गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वह मंगलवार शाम 5.0 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण करेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहने की उम्मीद है।
भाजपा ने रविवार को पर्रिकर को गोवा में सरकार का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया था। अब गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा पर्रिकर सहित उनके मंत्रिमंडल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। सिन्हा ने पर्रिकर से शपथ ग्रहण के बाद गोवा विधानसभा में 15 दिनों के अंदर बहुमत साबित करने के लिए कहा है। पर्रिकर ने 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में 21 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को 13 सीटों पर जीत मिली है। गोवा फॉरवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के 3-3 सदस्यों ने भाजपा के प्रति समर्थन जाहिर किया है। इसके अलावा दो निर्दलीय विधायकों ने भी अपना समर्थन जताया है।
गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 17 सीटों पर जीत हासिल करते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन यह संख्या सरकार गठन के लिए नाकाफी है। भाजपा सूत्रों ने बताया कि पार्टी को समर्थन देने वाले अधिकतर विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों ने कहा, “अभी इस पर विचार-विमर्श चल रहा है। हम वित्त एवं गृह मंत्रालय अपने पास रखेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समर्थन देने वाले विधायकों को दिए जाने वाले मंत्री पद पर बात कर रहे हैं। पर्रिकर अन्य पार्टी नेताओं के साथ खुद अंतिम फैसला करेंगे।”

UP में बीजेपी को तीन चौथाई बहुमत अखिलेश ने राज्‍यपाल को सौंपा इस्‍तीफा

 नई दिल्ली- अखिलेश यादव ने राज्य विधानसभा चुनाव में अपनी समाजवादी पार्टी (सपा) की हार के बाद देर शाम राज्यपाल राम नाईक को इस्तीफा सौंप दिया. राजभवन के प्रवक्ता ने बताया कि राज्यपाल ने अखिलेश का इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें अगली सरकार के औपचारिक गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करने को कहा है.

चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन की करारी हार पर अखिलेश यादव ने कहा है कि वह जनता के फैसले को स्वीकार करते हैं और उम्मीद जताते हैं कि नई सरकार बेहतर काम करेगी. अखिलेश ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक के बाद जो निर्णय आएंगे, उसका हम सबको इंतजार रहेगा. किसानों का कर्ज माफ हुआ तो बहुत खुशी होगी.

उधर यूपी बीजेपी के अध्‍यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया. मौर्य ने कहा, 'यूपी की जनता को धन्‍यवाद देना चाहता हूं.'

देश के पांच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा यूपी विधानसभा की ही रही. यूपी में सात चरणों में चुनाव कराया गया था. पहले चरण में 15 जिलों की 73 विधानसभा सीटों पर 1 फरवरी को वोट डाले गए थे. पहले चरण में शामली, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, बागपत जैसे जिले शामिल थे. दूसरे चरण में 11 जिलों की 67 सीटों के लिए 15 फरवरी को वोट डाले गए थे. तीसरे चरण में 69 सीटों पर 19 फरवरी को चुनाव कराया गया था. चौथे चरण में 53 सीटों पर 23 फरवरी को वोटिंग हुई. पांचवें चरण में 52 सीटों के लिए 27 फरवरी को तथा छठे चरण में 49 सीटों पर 4 मार्च को चुनाव संपन्न हुआ. सातवें चरण में 40 सीटों पर 8 मार्च को वोट डाले गए. UP

यूपी चुनाव 2017: बीजेपी की भारी बढ़त पर बोले यूजर्स- राजतिलक की करो तैयारी, आ रहे हैं भगवाधारी

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के रुझानों में बीजेपी को भारी बढ़त मिल रही है। पूर्ण बहुमत की स्‍पष्‍ट स्थिति बनती देख भाजपा के यूपी कार्यालय में जश्‍न का माहौल है। बीजेपी के यूपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि यह यूपी में पीएम मोदी की नीतियों से पार्टी को जीत मिली है। उन्‍होंने समर्थन के लिए जनता को धन्यवाद दिया है। हजरतगंज स्थित बीजेपी कार्यालय के बाहर भारी मात्रा में समर्थक जमा हैं और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगा रहे हैं। पूरे कार्यालय को केसरिया रंग में रंग दिया गया है। ट्विटर पर लोगों के बीच खासा उत्‍साह देखने को मिल रहा है। बीजेपी की जीत पर लोगों ने ढेर सारे जुमले तैयार किए हैं। लोगों ने कांग्रेस की हार पर भी चुटकी ली है। मशहूर उपन्‍यासकार चेतन भगत ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर ताना मारते हुए कहा है कि उनके लिए ‘हार कोई नई बात नहीं है।’
एक यूजर ने लिखा है, ”2014 में तो सिर्फ मोदी लहर चल रही थी भाई, अब तो मोदी की सुनामी चल रही है सुनामी।” एक चुटकुला खूब शेयर हो रहा है कि ‘इसी बीच राहुल ने रिजल्ट देखकर मोदी जी को फोन लगाकर कहा, “काम हो गया”। एक अन्‍य यूजर लिखते हैं, ”रुझानों और नतीजों के बीच नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को फोन कर के शुक्रिया अदा किया और कहा कि आपके बिना ये जीत संभव नहीं थी।”  

जस्टिस कर्णन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कर्णन बोले- दलित होने के कारण निशाना बनाया गया, यह अत्‍याचार है

सुप्रीम कोर्ट की ओर से वारंट जारी किए जाने के बाद कल‍कता हाईकोर्ट के जस्टिस सीएस कर्णन ने आरोप लगाया कि दलित होने के चलते उन्‍हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्‍होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि यह राष्‍ट्रीय मुद्दा है। प्रधानमंत्री को जानकारी दी है कि कुछ जज अवैध गतिविधियों में लगे हुए हैं। जस्टिस सीएस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वारंट बिना जांच, सबूत और चर्चा के जारी किया गया है। यह आदेश मनमाना, मेरी जिंदगी और कॅरियर बर्बाद करने के लिए जानबूझकर यह आदेश जारी किया गया है। उन्‍होंने कहा कि यह जातिगत मुद्दा है। एक दलित जज को सार्वजनिक रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा है। यह अत्‍याचार है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने वारंट जारी कर जस्टिस कर्णन से 31 मार्च तक पेश होने को कहा था। इसमें कहा गया है कि उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस के प्रमुख खुद वारंट सौंपेंगे। चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्‍यक्षता में सात जजों की बैंच जस्टिस कर्णन के खिलाफ दुर्व्‍यवहार के आरोप पर सुनवाई कर रही है।यह नोटिस इसलिए जारी किया गया है क्योंकि कर्णन अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुंचे थे। जस्टिस कर्णन को दस हजार रुपए का पर्सनल बेल बॉन्ड भी भरना होगा।

भारतीय न्याय इतिहास में पहली बार किसी सिटिंग जज पर कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने उनसे सभी न्यायिक और प्रशासनिक काम पहले ही छीन लिए थे। सुप्रीम कोर्ट मद्रास हाईकोर्ट के एक जज की पत्‍नी की अर्जी पर भी सुनवाई करेगा। जज की पत्‍नी का आरोप है कि जस्टिस कर्णन ने उनके पति के खिलाफ झूठे आरोप लगाए और उनके परिवार को परेशान किया।

पिछले साल जब जस्टिस सीएस कर्णन ने शीर्ष अदालत के कोलेजियम द्वारा अपने ट्रांसफर को ही रोक दिया था तो शीर्ष अदालत को दखल देनी पड़ी थी, जिसके बाद हाई कोर्ट चीफ जस्टिस के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई थी। जज ने भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश से उन्‍हें स्‍थानांतरित करने पर सफाई भी मांगी थी।

लखनऊ एनकाउंटर 12 घंटे चले ऑपरेशन के बाद मारा गया कथित आतंकी, छत को ड्रिल कर घर में घुसी ATS

लखनऊ में तकरीबन 12 घंटे चला एनकाउंटर खत्म हो गया। इसमें लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में छिपे एक कथित आतंकी को मार गिराया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, उस शख्स का नाम सैफुल्ला था। वह शख्स आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) से जुड़ा हुआ था। इस वजह से इस हमले को देश में आईएस का पहला हमला कहा जा रहा है। ऑपरेशन रात को तकरीबन तीन बजे खत्म हुआ था। ऑपरेशन के बीच में ATS और पुलिस को लगा कि घर में एक नहीं बल्कि दो आतंकी हैं। लेकिन ऑपरेशन खत्म होने पर एक ही बॉडी बरामद हुई। सैफुल्ला कानपुर का ही रहने वाला था। उसने सुरक्षा बल के जवानों पर गोलियां चलाई थीं। इसके बाद आस-पास के इलाके को खाली करवा लिया गया।
क्या-क्या मिला ? पुलिस को उसके पास से पिस्टल, रिवॉल्वर, चाकू आदि सामान मिला। उस शख्स के पास से आतंकी संगठन आईएसआईएस का झंडा भी मिला है। उसके पास 2000 रुपए के कुछ नए नोट भी थे। इसके अलावा उसके पास से टाइम टेबल लिखे हुए दो कागज भी बरामद हुए हैं। उसमें लिखा है कि वह किस टाइम पर क्या किया करता था। उसके पास से बम बनाने का सामान भी बरामद किया गया है।

उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में ब्लास्ट: 6 से ज्यादा लोग घायल,जबड़ी स्टेशन की घटना

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से उज्जैन के लिए चली भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में मंगलवार सुबह विस्फोट होने की खबर से हड़कंप मच गया। ब्लास्ट में आधा दर्जन लोगों के घायल होने की सूचना हैं। यह बलास्ट मध्य प्रदेश के शाजापुर में हुआ।  जानकारी के मुताबिक सीहोर स्टेशन पार करने के बाद ट्रेन कालापीपल के पहले पड़ने वाले जबड़ी स्टेशन पर पहुंची तो पिछले डिब्बे में तेज धमाका हुआ। जिसके बाद लोग जान बचाने के लिए ट्रेन से कूदे। इस दौरान कई लोग घायल हो गए।
बताया जा रहा है ब्लास्ट एक मोबाइल में हुआ जिसकी छानबीन की जा रही है। सभी आला अधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं। ब्लास्ट में 6 लोग घायल हुए हैं। वहीं, कुछ और रिपोर्ट्स भी सामने आई हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि ट्रेन में एक सूटकेस भी मिला है। जिसका कोई मालिक नहीं है। इसकी भी जांच की जा रही है। मामले में गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच कर रही है। भोपाल से रेलवे की इमरजेंसी एम्बुलेन्स भी रवाना कर दी गई है।
ब्लास्ट के संबंध में जानकारी देते हुए भोपाल डिवीजन के प्रवक्ता आई ए सिद्दीकी ने बताया कि घायल यात्रियों को कालापीपल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेडिकल टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। फिलहाल विस्फोट के कारणों का पता नहीं चल सका है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ट्रेन में ब्लास्ट होने के तुरंत बाद ग्रामीण राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गए। मौके पर पहुंची रेलवे की टीम ने ट्रेन के दो डिब्बों के गाड़ी से अलग कर। ट्रेन को उज्जैन के लिए रवाना कर दिया।