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रामजस कॉलेज में हुए झगड़े के बाद दो ABVP ‘कार्यकर्ता गिरफ्तार

रामजस कॉलेज में हुए झगड़े के बाद दो ABVP ‘कार्यकर्ताओं गिरफ्तार
रामजस कॉलेज में हुए झगड़े के बाद दो ABVP ‘कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद ABVP द्वारा उन लोगों को संगठन से सस्पेंड भी कर दिए जाने की खबर आई। उन लोगों को विरोध रैली के दौरान एआईएसए के समर्थकों पर हमला करने के मामले में गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा सेना के एक शहीद सैन्य अधिकारी की बेटी को कथित तौर पर मिली ‘‘दुष्कर्म की धमकी’’ के संबंध में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ यौन शोषण और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया।
एलएसआर की छात्रा गुरमेहर कौर की तरफ से दिल्ली महिला आयोग में की गई शिकायत के संबंध में बुधवार (1 मार्च) को मामला दर्ज कर लिया गया। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता और विशेष पुलिस आयुक्त (दक्षिण-पश्चिम) दीपेंद्र पाठक ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354ए (यौन शोषण और यौन शोषण के लिए दंड), 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि बीस वर्षीय गुरमेहर अभी तक जांच में शामिल नहीं हुई हैं। अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया के जिन अकाउंट से (बलात्कार की) धमकी दी गई थी उनकी पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद साइट्स से जानकारी लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि गुरमेहर ने फेसबुक पर आए एक संदेश का स्क्रीनशॉट उपलब्ध कराया है जिसमें एक शख्स ने उसके साथ ‘‘सामूहिक दुष्कर्म’’ और ‘‘उसका अश्लील वीडियो बनाने’’ की धमकी दी थी। पुलिस उस अकाउंट की भी जांच करेगी जिससे धमकी भरा संदेश गुरमेहर को भेजा गया है।

11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकारी बैंकों में कामकाज आज रहेंगे ठप, एक दिनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल है पर कर्मचारी

आज देशभर के सरकारी बैंकों में कामकाज ठप रहेगा. क्योंकि बैंक कर्मचारियों की एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की अगुवाई में बैंककर्मियों की 9 यूनियंस अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर जा रहे हैं. 
जिसमें नोटबंदी के दौरान किए गए एक्स्ट्रा काम का मुआवजा भी शामिल है. एसबीआई, पीएनबी और बैंक आफ बड़ौदा समेत ज्यादातर बैंकों ने प्रस्तावित हड़ताल के बारे में अपने ग्राहकों को सूचित किया है. UFBU नौ प्रमुख यूनियनों का शीर्ष संघ है. 
लेकिन भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध नेशनल आर्गेनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स और नेशनल आर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स इस हड़ताल में भाग नहीं ले रहे हैं. दरअसल ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन और मुख्य श्रम आयुक्त के यहां हुई सुलह वार्ता विफल रही। जिसके बाद हड़ताल का फैसला लिया गया। बता दें कि देश में 27 सार्वजनिक बैंकों का कुल बैंकिंग कारोबार में लगभग 75 फीसदी हिस्सा है।

विधानसभा चुनावः यूपी 2017: 5वें चरण का मतदान आज ,

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अवध क्षेत्र के 11 जिलों की कुल 52 में से 51 सीटों पर सोमवार को वोट डाले जा रहे हैं। एक सीट, आंबेडकरनगर जिले की आलापुर में सपा के उम्मीदवार चंद्रशेखर कनौजिया के निधन के कारण चुनाव आयोग ने यहां मतदान की तारीख नौ मार्च निर्धारित की है।  पांचवे चरण में सुबह 9 बजे तक 10.77 फीसदी मतदान हुआ है। गोंडा में सुबह 9 बजे तक 12 फीसदी वोटिंग, बलरामपुर में सुबह 9 बजे तक 11.5 फीसदी वोटिंग, सुलतानपुर में 9 फीसदी वोटिंग हुई।
– पांचवें चरण के मतदान में कई बहुचर्चित उम्मीदवारों और दिग्गजों की किस्मत वोट डालने की मशीनों में कैद हो जाएगी। पांचवे चरण में नेपाल से सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई के जिलों बलरामपुर, गोंडा, फैजाबाद, आंबेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीरनगर, अमेठी और सुल्तानपुर जिलों की सीटों पर मतदान हो रहे हैं, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। नेपाल से लगी सीमा सील कर दी गई है। कई सीटों पर रोचक मुकाबला हो रहा है।

छ ग . में आज से शुरू होगा तीन चरणों में प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया जनभागीदारी का आव्हान

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल 26 फरवरी से तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान में व्यापक जनभागीदारी का आव्हान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों के साथ ही सांसदों, विधायकों, पंच-सरपंचों, जनपद और जिला पंचायत अध्यक्षों और सदस्यों, नगरीय निकायों के महापौरों, अध्यक्षों और पार्षदों से भी अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है।  
मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी अपील में कहा है कि लोक सुराज अभियान राज्य में सुशासन के लिए लगातार किए जा रहे हमारे प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष के लोक सुराज अभियान में कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं, ताकि इसे समाधान की दृष्टि से और भी ज्यादा उपयोगी और सार्थक बनाया जा सके। डॉ. सिंह ने कहा है कि यह अभियान राज्य स्तरीय समाधान पर्व है। इसका ध्येय वाक्य ही ’लक्ष्य समाधान का’ रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा-नये स्वरूप में इस बार का लोक सुराज अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है। डॉ. रमन सिंह ने कहा - पहला चरण कल 26 फरवरी से 28 फरवरी तक सम्पन्न होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी, लगभग 11 हजार ग्राम पंचायत मुख्यालयों और 168 शहरी निकायों के वार्डों में निर्धारित स्थानों पर शिविर लगाकर नोडल अधिकारियों द्वारा लोगों से आवेदन संकलित किए जाएंगे। लोगों को आवेदन पत्रो की पावती भी दी जाएगी।
न्होंने कहा कि 26 से 28 फरवरी तक आवेदन संकलित करने के लिए लगाए गए शिविरों में लोग निर्धारित प्रारूप में अपनी समस्या के निराकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन का प्रारूप अथवा फार्म संबंधित नोडल अधिकारी से प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे अपनी हर समस्या के लिए अलग-अलग आवेदन फार्म भरें, ताकि आवेदन पत्रों को  विभागवार अलग-अलग चिन्हांकित कर संबंधित विभागों को भेजा जा सके। इससे निराकरण में आसानी होगी। इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों और विकासखण्ड मुख्यालयों सहित ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में ’समाधान पेटी’ रखी जा रही है। लोग तीन दिनों की इस अवधि में ’समाधान पेटियों में भी अपने आवेदन डाल सकते हैं। इसी अवधि में आवेदक अगर चाहे तो अपना आवेदन राज्य सरकार को वेबसाइट- ’डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटसीजीडॉटएनआईसीडॉटइन/लोकसुराज’  में भी सीधे भेज सकते हैं। प्राप्त सभी आवेदन पत्रों को स्केन कर साफ्टवेयर में डाला कर उनका पंजीयन किया जाएगा। साथ ही सभी आवेदन पत्र भौतिक रूप से भी संबंधित विभागों के दफ्तरों को भेजे जाएंगे।

महाराष्ट्र में मिली भाजपा को बड़ी कामयाबी आज देशभर में मनाएगी विजय दिवस

शिवसेना से नाता तोड़ने के बाद भाजपा को महाराष्ट्र में बड़ी कामयाबी मिली.. जिससे उत्साहित BJP आज पूरे देश में विजय दिवस मनाएगी..  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे नोटबंदी पर मुहर बताया.. और विजय दिवस मनाने का ऐलान किया.. हालांकि BMC में 82 सीटें हासिल कर वो दूसरे नंबर पर जरूर रही, लेकिन सत्ता की चॉबी उसी के हाथ है। वहीं दस में से आठ निकायों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है.. साल 2012 में हुए चुनाव की तुलना में भाजपा को BMC में 31 के मुकाबले इस बार 82 सीटें मिली हैं। यानी उसे महाराष्ट्र में हुए पूरे चुनाव में 74 फीसदी से 175 फीसदी तक फायदा हुआ है। शिवसेना 84 सीटें जीतकर पहले नंबर की पार्टी जरूर बन गई है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से वो काफी दूर है और बिना दूसरी पार्टी के समर्थन के वो सत्ता की कुर्सी पर नहीं बैठ सकती..

रायपुर : निर्माणाधीन भवन हादसा में मुख्यमंत्री ने दिए जाच के आदेश रायपुर के अनुविभागीय दण्डाधिकारी को सौंपी गई जांच : रिपोर्ट 45 दिनों में देंगे

रायपुर के नवीन विश्राम भवन परिसर में आज अपरान्ह निर्माणाधीन कन्वेनशन हॉल की नी छत ढलाई के दौरान अचानक गिर गई। इसमें 15 मजदूर घायल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर हादसे की दण्डाधिकारी जांच का आदेश कलेक्टर और जिला दण्डाधिकारी श्री ओ.पी. चौधरी ने शाम को यहां जारी कर दिया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री इस हादसे की जानकारी मिलते ही घायल मजदूरों को देखने शाम को अम्बेडकर अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रत्येक घायल के लिए 25 हजार रूपए की सहायता की घोषणा करते हुए हादसे की दण्डाधिकारी जांच करवाने का भी ऐलान किया था। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री डोमन सिंह ने बताया कि हादसे में 15 श्रमिक घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने अस्पताल में सभी 15 घायल श्रमिकों को उनके इलाज के लिए 25-25 हजार रूपए की सहायता राशि का वितरण शुरू कर दिया।
कलेक्टर और जिला दण्डाधिकारी श्री ओ.पी. चौधरी ने दण्डाधिकारी जांच का आदेश जारी कर रायपुर के अनुविभागीय दण्डाधिकारी (नगर) श्री आर.बी. देवांगन को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें जांच रिपोर्ट 45 दिनों में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दण्डाधिकारी जांच के आदेश में कहा गया है कि आज अपरान्ह 3.30 बजे न्यू सर्किट हाउस रायपुर के परिसर में निर्माणाधीन कन्वेनशन हॉल की छत ढलाई के दौरान यह दुर्घटना हुई। आदेश में इसके कारणों की जांच के लिए बिन्दु भी तय कर दिए गए हैं, जो इस प्रकार हैं: (1) किन परिस्थितियों में निर्माणाधीन कन्वेनशन हॉल की छत ढलाई के दौरान गिरी ? (2) छत गिरने के क्या कारण है ? (3) छत गिरने के लिए कौन जिम्मेदार हैं ? (4) निर्माण के दौरान निर्धारित मापदण्डों का पालन किया जा रहा था या नहीं ? (5) अन्य बिन्दु, जो जांच अधिकारी उचित समझें।
 

रायपुर लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन बहुमंजिले भवन की ऊपरी मंजिल का छत गिरा 13 मजदुर हुए घायल घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दुःख व्यक्त किया

रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजधानी रायपुर में आज नवीन विश्राम भवन के बाजू में लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन बहुमंजिले भवन की ऊपरी मंजिल की छत गिर गिरने से हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने छत ढलाई के समय हुई इस दुर्घटना में घायल मजदूरों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है और जिला प्रशासन को उनका बेहतर से बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं। डॉ. रमन सिंह ने इस दुर्घटना को गंभीरता से लिया है और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जांच के भी निर्देश दिए हैं। इस हादसे की जानकारी मिलते ही लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और रायपुर जिले के कलेक्टर श्री ओ.पी. चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करवाई और घटना स्थल का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री सिंह ने बताया कि उन्होंने घटना की तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों की टीम पूरे मामले की जांच करेंगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों का समुचित इलाज यहां डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में किया जा रहा है। दुर्घटना में 13 श्रमिक घायल हुए हैं।

छत्तीसगढ़ के बाबूलाल को सीबीआई ने लिया हिरासत में डेढ़ करोड़ रुपये घूस देने का था मामला

छत्तीसगढ़ के सीनियर आईएएस अधिकारी और राज्य के प्रधान सचिव को सुबह दस बजे की फ्लाइट से बाबूलाल को दिल्ली ले जाया गया. इससे एक दिन पहले बाबूलाल अग्रवाल अपनी सरकारी गाड़ी से भिलाई पहुंचे थे, जहां उन्होंने सीबीआई के कार्यालय में अपना बयान दर्ज़ करवाया था. बाबूलाल ने दावा किया था कि उन्होंने जो बयान सीबीआई को दिया है, उसकी एक प्रति राज्य सरकार को भी सौंपी है.
छत्तीसगढ़ के सीनियर आईएएस अधिकारी और राज्य के प्रधान सचिव बाबूलाल अग्रवाल  को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया है. अग्रवाल को डेढ़ करोड़ रुपये घूस देने के मामले में हिरासत में लिया गया है. सीबीआई प्रधान सचिव से पूछताछ कर रही है.सीबीआई की एक टीम मंगलवार सुबह प्रधान सचिव बाबूलाल अग्रवाल को रायपुर से दिल्ली लेकर आई है. सीबीआई ने घूस देने के मामले में अग्रवाल और दो अन्य लोगों पर केस दर्ज किया है. फिलहाल  बाबूलाल अग्रवाल से पूछताछ जारी है.
इसके पहले अग्रवाल के ठिकानों पर साल 2008 और 2010 में छापेमारी कर चुका है. इस दौरान अग्रवाल के घर से आयकर विभाग को 220 बैंक पासबुक मिली थी. वहीं विभाग को अग्रवाल और उनके परिजनों के नाम पर 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की संपत्ति दर्ज मिली थी.
जिसके चलते  अग्रवाल को सस्पेंड कर दिया गया था. उसके बाद बाद उन्होंने राज्य सरकार के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में अग्रवाल ने जांच प्रभावित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को डेढ़ करोड़ रुपये रिश्वत देने की पेशकश की थी.
सूत्रों की मानें तो रिश्वत की यह रकम उन्होंने दो किलो सोने और कैश के रूप में दी थी. गौरतलब है कि दो दिन पहले ही सीबीआई ने बी. बाबूलाल अग्रवाल के घर पर छापेमारी की थी.  
 

मतदान करने पहुंचे अखिलेश यादव, कहा- तीसरे चरण में भी हम आगे हैं यूपी विधानसभा चुनाव 2017

लखनऊ: मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने आज इटावा में अपने पैतृक गांव सैफई में वोट डालने के बाद कहा कि सपा आने वाले समय में आगे बढ़े इसलिए समाजवादी पार्टी को वोट दिया है.

राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपना वोट डाल दिया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सपा सरकार सत्ता में पहुंच रही है। अखिलेश यादव से जब शिवपाल को वोट देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने घुमाते हुए जवाब दिया कि उन्होंने साइकिल को वोट दिया है।
उमा भारती भी लखनऊ में अपना वोट डालने पहुंची। प्रतीक यादव ने भी सेफई में अपना मत डाला और कहा कि पार्टी में कोई विवाद नहीं है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपना वोट डाल दिया है। लखनऊ में वह अपना मतदान करने पहुंचे और उन्होंने कहा कि बीजेपी राज्य में पूरी बहुमत के साथ आ रही है। वहीं बीएसपी सुप्रीमों मायावती भी वोट डालने पहुंची थीं। उन्होंने मीडिया से कहा कि बसपा 300 सीट जीतेगी। उनसे पहले भारतीय जनता पार्टी की नेता रीता बहुगुणा जोशी ने वोट डालने के बाद कहा कि मुलायम सिंह यादव की इमोशनल स्पीच देखकर साफ पता लगता है कि अपर्णा यादव हार रही हैं। उनसे पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता सुधांशु त्रिवेदी भी वोट डालने पहुंचे। हालांकि, उन्होंने मीडिया से बात नहीं की। इससे पहले सपा नेता रामगोपाल यादव मतदान करने पहुंचे थे। वोट डालने के बाद  उन्होंने कहा कि कांग्रेस-सपा का गठबंधन 300 से ज्यादा सीटें जीतेगा। उन्होंने सैफई में वोट डाला। 9 बजे तक 12 फीसद मतदान हो चुका है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में रविवार (19 फरवरी) को सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले इलाकों में वोट डाले जा रहे हैं। तीसरे चरण में 12 जिले की 69 सीटों पर मतदान हो रहा है। जिसके लिए कुल 826 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 106 महिलाएं हैं। इस दंगल में चार ऐसी सीटें हैं, जहां यादव परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर मानी जा रही है। जसवंतनगर, लखनऊ कैंट, सरोजिनीनगर और रामनगर में यादव परिवार के सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। सपा में मची रार के बाद कार्यकर्ताओं में सिर-फुटौव्वल की स्थिति है।

अमित शाह का प्रियंका गांधी पर हमला, बोले- उनसे जुड़े सवाल प्रवक्‍ता से करो, यह मेरा लेवल नहीं

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह रायबरेली में प्रियंका गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किए गए हमले का सवाल टाल गए. गोरखपुर में प्रेसवार्ता में पत्रकारों ने जब प्रियंका के हमलों पर बीजेपी का जवाब जानना चाहा तो अमित शाह ने कहा कि ये बताने का मेरा लेवल नहीं है.
  शाह ने गोरखपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रियंका गांधी से जुड़े सवालों पर जवाब भाजपा के प्रवक्‍ता देंगे। उनसे पूछा गया था कि उत्‍तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में प्रचार करते हुए प्रियंका ने कहा था कि यूपी को विकास के लिए गोद लिए बेटे की जरुरत नहीं है। इस पर शाह ने हंसते हुए जवाब दिया, ”इस बारे में भाजपा प्रवक्‍ताओं से पूछें। उनके बयान पर पार्टी का कोर्इ प्रवक्‍ता जवाब दे देगा। उनके बारे में बात करने का मेरा लेवल नहीं है।” गौरतलब है कि प्रियंका ने 17 जनवरी को रायबरेली में प्रचार के दौरान कहा था कि उत्‍तर प्रदेश को विकास के लिए गोद लिए बेटे की जरुरत नहीं है। उनका यह बयान पीएम मोदी के खुद को यूपी का गोद लिया बेटा बताने के बाद आया था।
गोरखपुर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शाह ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश में भाजपा की लहर चल रही है। जैसे-जैसे पार्टी पूर्वांचल की ओर पहुंच रही है सभी दल उसकी सुनामी में बह जाएंगे। उन्‍होंने दावा किया कि भाजपा गोवा, उत्‍तराखंड और उत्‍तर प्रदेश में बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। कांग्रेस और सपा के गठबंधन के बारे में उन्‍होंने कहा कि यह भ्रष्‍टाचारी कुनबों का गठबंधन है। दोनों सत्‍ता के लिए एक हुए हैं। गठबंधन के जरिए अखिलेश यादव ने हार स्‍वीकार कर ली है। भाजपा के प्रचार के बारे में शाह ने बताया कि अब तक की वोटिंग के अनुसार लोग परिवर्तन चाह रहे हैं। दो-तिहार्इ बहुमत से भाजपा सरकार बनने जा रही है। भाजपा हर सीट पर पहले नंबर पर है। हर जगह भाजपा को जोरदार बढ़त है।
अखिलेश यादव सरकार पर हमला बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि पूरे उत्‍तर  प्रदेश में अपराध चरम पर हैं। किसान, व्‍यापारी, युवा और महिला सभी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अखिलेश ने विकास के नाम पर धोखा दिया है। बिजली और कानून व्‍यवस्‍था पर वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। केंद्र सरकार ने अन्‍य राज्‍यों की तुलना में उत्‍तर प्रदेश को एक लाख रुपये ज्‍यादा दिए लेकिन इस पैसे का इस्‍तेमाल कहां हुआ, यह नहीं बता रहे।

बेंगलुरू: सरेंडर करने के बाद जेल भेजी गईं शशिकला, इल्‍लावारासी भी साथ

आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद AIADMK की महासचिव वीके शशिकला ने बुधवार को सरेंडर किया। आत्‍मसमर्पण को तैयार हैं। वह बुधवार शाम को बेंगलुरू की जेल (परप्‍पना अग्रहरा) पहुंची। शशिकला और इल्‍लावरासी को परप्‍पना अग्रहरा जेल परिसर में सेशंस जज के सामने आत्‍मसमर्पण के बाद जेल भेज दिया गया है। मेडिकल चेक-अप के बाद, आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी वीके शशिकला और इल्‍लावरासी जज के सामने पेश हुए। सूत्रों के मुताबिक अभी तीसरे दोषी अदालत नहीं पहुंचे हैं। शशिकला को दूसरी बार बेंगलुरू जेल में रखा जाएगा, वह 2014 में यहां छह महीने की सजा काट चुकी हैं। उन्‍हें सुनाई गई चार साल की सजा का बाकी वक्‍त यहां गुजारना है। कोर्ट ने उनपर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना बरकरार रखा और साथ ही तुरंत सरेंडर करने के आदेश दिए।

शशिकला ने स्‍वास्‍थ्‍य कारणों का हवाला देते हुए सरेंडर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से और वक्त मांगा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अधिक वक्त देने से इंकार कर दिया। शशिकला ने सरेंडर करने से पहले पन्नीरसेल्वम समेत 20 लोगों को पार्टी से बाहर निकाल दिया था। उन्होंने ई. पलानीसामी को विधायक दल का नया नेता भी चुना है। पलानीसामी का दावा है कि 125 विधायकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है।

शशिकला समर्थकों ने दावा किया है कि राज्‍यपाल ने 125 विधायकों के समर्थन का पत्र देखने के बाद कहा है कि उन्‍हें जल्‍द ही सरकार बनाने के लिए बुलाया जाएगा। तमिलनाडु सरकार में मंत्री सरोजा ने एएनआई से बातचीत में यह दावा किया। दोषी करार दिए जाने के बाद अन्‍नाद्रमुक महासचिव शशिकला नटराजन भावुक हो गई थीं। उन्‍होंने कहा कि धर्म की जीत होगी। शशिकला ने अपने समर्थक विधायकों से कहा, ‘पहले भी जब कभी अम्‍मा संकट में थी तो मुझे भी परेशानी झेलनी पड़ी। इस बार भी मैं इसे अपने ऊपर लेती हूं। धर्म की विजय होगी।’

चुनाव 2017: 69 सीटों पर हो रहा मतदान, 628 प्रत्‍याशियों की किस्‍मत का होगा फैसला

उत्‍तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 के तहत बुधवार को वोटिंग हो रही है। राज्‍य के 13 जिलों की 70 विधानसभा सीटों में 69 पर 628 प्रत्याशियों के भाग्‍य का फैसला कुल 74,20,710 मतदाता कर रहे हैं, इसमें 35,78,995 महिला वोटर्स भी शामिल हैं। राज्‍य की कर्णप्रयाग सीट पर 12 फरवरी को बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी कुलदीप कान्वासी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के कारण वहां चुनाव स्थगित किया गया है। वहां अब नौ मार्च को मतदान होगा।

आज तय होगा शशिकला का राजनीतिक भविष्य, सुप्रीम कोर्ट 10.30 बजे सुनाएगा फैसला

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता और शशिकला के खिलाफ 66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज (14 फरवरी) सुप्रीम कोर्ट 10.30 बजे अपना फैसला सुना सकता है। जयललिता का निधन हो चुका है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ फैसला नहीं देगा। लेकिन शशिकला के लिए यह फैसला अहम होगा क्योंकि इसी से उनका राजनीतिक भविष्य तय होगा। जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष और जस्टिस अमिताव राय की बेंच फैसला सुनाएगी। दोनों जज अलग-अलग फैसला सुनाएंगे। अगर सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले को बरकरार रखता है, तो शशिकला के मुख्यमंत्री बनने की राह में खास परेशानी नहीं होगी, लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट शशिकला को दोषी करार देता है तो वो मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी और जेल भी जा सकती हैं।
अगर ये हुआ तो : अगर सुप्रीम कोर्ट के दोनों जजों की दोष सिद्धी को लेकर राय अलग-अलग हुई तो मामले को तीन जजों की बेंच को भेजा जाएगा। अगर एेसा होता है तो शशिकला मुख्यमंत्री पद की शपथ ले पाएंगी। लेकिन उन्हें असेंबली में विश्वास मत के साथ बहुमत साबित करना होगा। यह भी मुमकिन है कि दोनों जजों की दोष सिद्धी और सजा देने में सहमति हो और आय से अधिक संपत्ति को जब्त करने को लेकर राय अलग हो, तो शशिकला न तो मुख्यमंत्री बन पाएंगी और न चुनाव लड़ पाएंगी। इसके अलावा उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। सजा पूरी होने से 6 साल तक वो चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। ट्रायल कोर्ट ने राज्य सरकार को संपत्ति को जब्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने सभी को बरी कर दिया था। एक पहलू यह भी है कि दोनों जज इस मामले को फिर से सुनवाई के लिए हाईकोर्ट भेज दें और ट्रायल कोर्ट के सजा के आदेश को स्टे ना करें तो शशिकला मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी।
गवर्नर से मिले थे ओपीएस और शशिकला: ओ पन्नीरसेलवम (ओपीएस) के बागी रुख अख्तियार करने के बाद राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। पहले पन्नीरसेलवम ने यह कहते हुए सीएम पद से इस्तीफा दिया था कि शशिकला मुख्यमंत्री पद संभालें। लेकिन बाद में उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। सोमवार रात (13 फरवरी) को शशिकला चेन्ने के पास एक फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं। यहां उनके 120 विधायक भी थे, जिन्हें उन्होंने ‘कैद’ में रखा हुआ है। यहां उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि मैं सबको सकारात्मक नजरिए से देख रही हूं। हम इसी सरकार को आगे बढ़ाएंगे। शशिकला और पन्नीरसेलवम दोनों ने ही राज्य के गवर्नर सी विद्यासागर राव से पिछले हफ्ते मुलाकात की थी और विश्वास मत होने का दावा किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने संकेत किया था कि शशिकला को एेसा करने का मौका पहले मिलेगा। लेकिन 6 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें अपना फैसला देना है। शायद वह भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतजार में हैं।
यह था मामला: साल 1991-1996 के बीच जब जयललिता मुख्यमंत्री थीं तो आय से अधिक 66 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाने के मामले में सितंबर 2014 में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने जयललिता, शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को चार साल की सजा और 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस मामले में शशिशकला को उकसाने और साजिश रचने का दोषी करार दिया गया था। लेकिन मई, 2015 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने जयललिता और शशिकला समेत सभी को बरी कर दिया था।

 

उत्‍तर प्रदेश चुनाव 2017: बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेगी शिवसेना, उद्धव ठाकरे खुद संभालेंगे कमान

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के लिए शिवसेना ने बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने का फैसला किया है। टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना के कार्यकारी अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे खुद भाजपा के खिलाफ प्रचार करेंगे। उद्धव ने एनडीटीवी से बातचीत में यह भी कहा कि मुंबई सिविक चुनाव के बाद वह भाजपा को समर्थन पर पुर्नविचार करेंगे।
हाल के दिनों में शिवसेना ने केंद्र की बीजेपी नीत सरकार पर कड़े हमले किए हैं। मुंबई नगर निगम के चुनावों में भाजपा और शिवसेना अलग-अलग लड़ रहे हैं। दोनों के बीच सीटों को लेकर बात नहीं बनी थी। इसके बाद से शिवसेना के भाजपा पर तेवर तल्‍ख है। वह नोटबंदी और अच्‍छे दिन के नारे पर लगातार भाजपा पर करारे हमले बोल रही है। उद्धव ठाकरे तो कह चुके हैं कि मोदी सरकार ने नोटबंदी से जनता को परेशान किया है।

 

रिजॉर्ट में ठहराए गए विधायकों ने कहा- पन्नीरसेल्वम खेमे ने दी थी जान से मारने की धमकी, इसलिए यहां इकट्ठा हैं

पुलिस और रेवन्यू अधिकारियों की टीम ने गोल्डन बे बीच रिजॉर्ट में ठहराए गए 129 एआईएडीएमके विधायकों से पूछताछ की। बुधवार रात से रिजॉर्ट में ठहराए गए विधायकों से पुलिस और रेवन्यू अधिकारियों की टीम ने एक-एक करके सबसे अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ सुबह 6.30 बजे शुरु हुई जो कि 11.30 बजे तक चली। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मीडिया से बात करते हुए पूछताछ करने वाली टीम ने बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी विधायकों से अलग-अलग पूछताछ की है।
टीम ने विधायकों से पूछा कि क्या उन्हें रिजॉर्ट में बंधक बनाया गया, परेशान किया गया है या फिर वे अपनी मर्जी से यहां ठहरे हुए हैं। पुलिस और रेवन्यू टीम ने विधायकों से लिखित में बयान लिए हैं। हर एक विधायक के लिखित बयान कोर्ट में सोमवार को जमा कराए जाएंगे। इसके बाद दो विधायक वी पन्नीरसेल्वम और के. मोहन ने पत्रकारों से बात की।
रिपोर्ट में विधायक पन्नीरसेल्वम के हवाले से लिखा गया है, ‘रिजॉर्ट में उनके साथ कोई जबरदस्ती नहीं गई है और ना ही उन्हें कोई धमकी नहीं दी गई। हम लोग अपनी मर्जी से रिजॉर्ट में रुके हुए हैं।’ जब उनसे पूछा गया कि वे विधायक होस्टल में क्यों नहीं रुके तो उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम खेमे से हमें जान से मारने की धमकी मिली थी। रिजॉर्ट में हम लोग अपनी सुरक्षा के लिए रुके हुए हैं।’
साथ ही दावा किया कि पन्नीरसेल्वम कभी भी पार्टी के लिए वफादार नहीं रहे। उन्होंने कहा, ‘हमारा कोई अपहरण नहीं किया गया। अपहरण तो पन्नीरसेल्वम का डीएमके ने किया है। जैसे ही राज्यपाल बुलाएंगे सरकार शशिकला ही बनाएंगी।’ वहीं विधायक मोहन ने कहा कि शशिकला के अलावा कोई नहीं है जो पार्टी का नेतृत्व कर सकें और सरकार चला सकें।
बता दें, शशिकला ने उनका समर्थन करने वाले विधायकों की राज्यपाल के सामने परेड कराने के लिए सी विद्यासागर राव से समय मांगा है। शशिकला ने कहा कि उनका मानना है कि राज्यपाल संविधान की प्रभुसत्ता, लोकतंत्र और तमिलनाडु के हित को बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई करेंगे। राज्यपाल को लिखे पत्र में शशिकला ने कहा कि वह नौ फरवरी को उनसे अपने वरिष्ठ मंत्रियों से मिलीं थीं और उन्होंने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा ताकि वह उन्हें उनको अपना नेता चुनने वाले पार्टी विधायकों का एक पत्र सौंप सकें।