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जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रहे हैं आतंकी हमले पुलवामा के CRPF कैंप पर हमला कुछ जवान घायल होने की खबर

नगर: जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ और फायरिंग की घटनाएं लगातार जारी हैं. बीती रात भी दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा ज़िले के त्राल में आतंकियों ने सीआरपीएफ़ कैंप पर हमला कर दिया, जिसमें सीआरपीएफ के दो जवान घायल हुए हैं. आतंकियों ने यूबीजीएल यानी अंडर बैरेल ग्रेनेड से हमला किया. फिलहाल आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है. पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया जा रहा है कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके के मुख्य शहर में सीआरपीएफ की 180 बटालियन के शिविर बने हैं. 
सोमवार देर रात भी आंतकियों की ओर से सुरक्षाबलों को निशाना बनाने का मामला सामना आया था। पुलवामा के त्राल में ही आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला कर दिया था, जिसमें सीआरपीएफ के दो जवान घायल हो गए थे। जिसके बाद आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया था। वहीं, जवानों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था

पाकिस्तान ने फिर तोड़ा सीजफायर, सेना दे रही मुंहतोड़ जवाब

पाकिस्तान की ओर से सोमवार सुबह बॉर्डर पर लगातार फायरिंग की गई. PAK ने नौशेरा सेक्टर और कृष्णा घाटी में सीजफायर का उल्लंघन किया. अपनी कायराना हरकत के बाद भी पाकिस्तान बाज नहीं आया. पाकिस्तान ने भारतीय उप उच्चायुक्त को तलब किया है. पाकिस्तान का आरोप है कि भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई से उसके दो नागरिक मारे गए हैं. ISPR की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज़ में कहा गया था कि भारतीय गोलीबारी में भाभरा निवासी वकार युनुस (18 साल) और असद अली (19 साल) की मौत हो गई है. वहीं 3 लोग घायल हुए हैं.

लगातार हो रही फायरिंग पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान की ओर से सीमा पर 6वीं बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया है. इससे पहले जम्मू के नौशेरा सेक्टर की है, जहां पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई और मोर्टार दागे गए. जिस पर भारतीय सेना ने जोरदार पलटवार किया है. इसके पहले पाक रेंजर्स ने रविवार की सुबह करीब पौने दस बजे नियंत्रण रेखा से सटे राजौरी जिले के भीमबेर गली सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया. इस दौरान उसने छोटे और ऑटोमैटिक हथियारों से गोलीबारी की.

जम्मू-कश्मीर के उरी में घुसपैठ की कोशिश करते पांच आतंकी ढेर,

जम्मू कश्मीर-के उरी सेक्टर  में घुसपैठ की कोशिश कर रहे पांच आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया है। ये आतंकी सेना को चकमा देकर भारतीय सीमा में घुसने की फिराक में थे लेकिन सतर्क सुरक्षा बलों ने इनकी मूवमेंट भांप ली और इन्हें बॉर्डर पर ही ढेर कर दिया। इस घटना के बाद सेना चौकस है और इलाके में सर्च अभियान शुरू किया गया है, 

और आतंकियों के दूसरे संभावित साथियों की तलाश की जा रही है।गुरुवार को भी उरी में आतंकियों ने सीमा पार से घुसपैठ करने की कोशिश की थी। इस दौरान आंतकियों और सुरक्षाबलों के बीच जमकर गोलीबारी हुई थी।
टीवी  खबरों के मुताबिक एलओसी पर करीब 5 से 6 आतंकी भारत की सीमा में प्रवेश करना चाह रहे थे। लेकिन जब सेना ने इन्हें चैलेंज किया तो इन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। सेना की जवाबी कार्रवाई में आतंकियों को पीछे हटना पड़ा था। हालांकि इस घटना में दो जवान घायल हो गये थे। इसके अलावा नौगाम इलाके में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फायरिंग हुई थी। आतंकियों की फायरिंग में एक जवान शहीद हो गया था। लेकिन सेना ने सात आतंकियों को मार गिराया था।

बाइक से मध्यप्रदेश की सीमा में घुसे राहुल गांधी, पुलिस ने लिया हिरासत में

 मध्य प्रदेश-  मंदसौर में किसानों से मिलने पर अड़े कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को गुरुवार दोपहर पुलिस ने मध्य प्रदेश के नीमच जिले में गिरफ्तार कर लिया। राहुल को सेक्शन-151 के तहत गिरफ्तार किया गया। इससे पहले नयागांव में पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया था. राहुल गांधी बाईक से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे थे इसी दौरान पुलिस ने उन्हे हिरासत में ले लिया है. बता दें राहुल नयागांव इलाके से प्रशासन को चकमा देकर बाइक से मंदसौर के लिए निकल थे. वे बाइक से मंदसौर जाने की कोशिश कर रहे थे. इस दौरान राहुल की पुलिस के साथ झड़प भी हुई
  राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि मंदसौर के पीड़ि‍त परिवारों से मुझे मिलने से रोकने के लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार ने कई प्रयास किए. क्या कानून यहीं कहता कि मृत किसानों के परिवार वालों के साथ खड़े होना भी अवैधानिक है.

 

5 किसानों की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी की पिटाई पुलिस अधीक्षक के साथ भी की बदसलूकी

मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में 5 किसानों की मौत हो जाने के बाद आंदोलनकारी भीड़ और भड़क गई। बुधवार को भीड़ ने प्रदर्शनकारियों का समझाने पहुंचे जिलाधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह की पिटाई कर दी और पुलिस अधीक्षक ओ. पी. त्रिपाठी के साथ भी बदसलूकी की। इसके अलावा एक न्यूज चैनल के कैमरामैन व रिपोर्टर के साथ भी हाथापाई की गई है। भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले भी किया है। बता दें पुलिस की गोलीबारी में मंगलवार को पांच लोग मारे गए थे, जिनमें एक छात्र अभिषेक पाटीदार भी था। उसके शव के साथ ग्रामीण और किसान बरखेड़ा पंत गांव की सड़क पर चक्का जाम किए हुए हैं। उनकी मांग है कि मृतक को शहीद का दर्जा दिया जाए।
जिलाधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक ओ. पी. त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और चक्काजाम कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की, मगर भीड़ ने उन्हें घेर लिया। हालात बिगड़ते देख दोनों अफसरों ने वहां से निकलने की कोशिश की। वे भीड़ के बीच से भाग रहे थे तभी पीछे से लोगों ने जिलाधिकारी के सिर पर थप्पड़ जड़ दिए। वहीं पुलिस अधीक्षक से भी बदसलूकी की गई। दोनों अधिकारी किसी तरह सुरक्षित बच निकलने में सफल हुए। जिलाधिकारी सिंह ने पुलिस द्वारा गोलीबारी किए जाने से इंकार किया है और कहा कि उन्होंने गोलीबारी के आदेश नहीं दिए थे

मंदसौर में गुस्साएं प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह तोड़फोड़ की, वहीं 8-10 वाहिनों को आग के हवाले कर दिया. वहीं बारखेड़ा इलाके में पुलिस पर पथराव की भी खबर है. इस बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया गया. उज्जैन में भी पुलिस पर लोगों ने पथराव किया. 4 जिलों में इंटरनेट पर भी रोक लगा दिया गया है.
इस घटना को लेकर राज्य की सियासत गरमाने लगी है. कांग्रेस ने जहां इसे लेकर राज्य की बीजेपी सरकार को घेरते हुए राज्य भर में बंद का आह्वान किया है, वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसे कांग्रेस की सुनियोजित साजिश करार दिया है. इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज पीड़ित परिवारों से मिलने मंदसौर जाने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने उनके हेलीकॉप्टर को लैंडिंग की इजाजत देने से इनकार कर दिया. इसके बाद अब कांग्रेस नेता उनकी यात्रा के लिए किसी दूसरी व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं. वहीं राहुल की इस यात्रा से पहले उनकी करीबी मानी जाने वाली मिनाक्षी नटराजन को पुलिस को हिरासत में ले लिया है.

एमपी: पुलिस फायरिंग में अबतक 5 किसानों की मौत, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोला

 एमपी: पुलिस फायरिंग में अबतक 5 किसानों की मौत, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोला
मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों के प्रदर्शन ने हिंसक रूप धारण कर लिया है। वहां प्रदर्शन कर रहे  पांच किसानों की मौत हो गई है। इसके अलावा चार किसान घायल हो गए हैं। खबरों के मुताबिक, ये मौतें पुलिस फायरिंग से हुईं। लेकिन मध्यप्रदेश के गृह राज्य मंत्री ने कहा कि पुलिस द्वारा कोई फायरिंग नहीं की गई।  शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मरने वाले के परिवार को दस लाख रुपए देने का ऐलान भी किया है  । समाजवादी पार्टी ने भी मृतकों के परिवार को दो लाख रुपए देने की बात कही।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर हमला बोला है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार पूरे मामले को संवेदनशील तरीके से हैंडल कर रही है, पर कांग्रेस पार्टी के लोग और उसके नेता किसानों के बीच भ्रम फैलाकर उन्हें भड़का रहे हैं।
किसान नेताओं का कहना है कि किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है. जितना पैसा वे अपनी फसल उगाने में लगा रहे हैं, उतना उन्हें उसे बेचने में नहीं मिल रहा है. इससे किसान की हालत बहुत खराब हो गई है और वे कर्ज के तले दबे हुए हैं. मध्यप्रदेश सरकार ने गेहूं को न्यूनतम समर्थन मूल्य 1625 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, लेकिन सरकार किसानों के गेहूं को इस कीमत पर नहीं खरीद रही है, जिसके कारण उन्हें अपने उत्पाद को 1200 रुपये से 1300 रुपये प्रति क्विंटल मजबूरी में बाजार में बेचना पड़ रहा है. इससे ज्यादा कीमत पर कोई भी किसान से गेहूं खरीदने को तैयार नहीं है. प्याज एवं संतरे तो बहुत ही कम दाम मिलने के कारण किसानों को फेंकने पड़ रहे है.

सरकार ने तय की जीएसटी की दरें जानिए किस पर लगेगा कितना टैक्‍स

वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने शनिवार (3 मई) को वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की। इसमें उन्‍होंने 1 जुलाई से लागू हो रहे जीएसटी कानून के तहत करों की दर के बारे में जानकारी दी। जीएसटी परिषद द्वारा करीब 1,200 वस्तुओं और 500 सेवाओं की दरों को अंतिम रूप दिया गया है। जीएसटी लागू होने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट / सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्ज़री टैक्स खत्म हो जाएंगे। सिल्‍क और जूट को ‘निल’ कैटेगरी में रखा गया है। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 11 जून को होगी।
जेटली ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में जिन दरों का ऐलान किया, वे इस प्रकार हैं:

-सोने पर 3 फीसदी कर

– कड़े सोने पर 0.3 फीसदी कर

– कॉटन व नेचुरल फाइबर पर 5 फीसदी कर
– 1000 रुपए से कम के कपड़ों पर 5 फीसदी कर
– मानव-निर्मित ऊन पर 18 फीसदी कर
– सभी तरह के बिस्‍कुट पर 18 फीसदी कर
– सोलर पैनल पर 5 प्रतिशत कर

– रजिस्‍टर्ड ट्रेडमार्क के तहत बिकने वाले पैकेज्‍ड फूड पर 5 फीसदी
– 500 रुपए से कम के फुटवियर पर 5 फीसदी
– 500 से ज्‍यादा के फुटवियर पर 18 फीसदी कर
– बीड़ी पत्तियों पर 18 फीसदी कर, सेस नहीं
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सेंट पीटर्सबर्ग में PM बोले- जितने पैसों में बनती है हॉलीवुड फिल्म, उतने में हम मंगल पर पहुंच गए

सेंट पीटर्सबर्ग में बोलते हुए मोदी ने अपने भाषण की शुरूआत सेंट पीटर्सबर्ग की तारीफ करते हुए कहा कि ये राष्ट्रपति पुतिन का शहर है। मोदी ने कहा भारत और रूस के संबंध काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हम लोग अपनी दोस्ती के 70 साल का उत्सव मना रहे हैं और इस अवसर पर मैं आपके बीच हूं। पीएम मोदी ने मंच से भारत देश में मौजूद निवेश के मौकों, आर्थिक सुरक्षा के बारे में बताते हुए कहा कि हम 125 करोड़ लोग आपको निवेश का न्यौता दे रहे हैं। 
सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच की बैठक के दौरान मोदी ने कहा कि पिछले 70 सालों से हमारे संबंध आर्थिक उपयोगिता की बजाय एक दूसरे के विश्वास पर टिके रहे हैं । इन संबंधों की ऊंचाई और गहराई भी बढी़ है। पीएम ने कहा मैं यहां देश की सवा अरब आबादी के प्रतिनिधि के तौर पर आपके बीच मौजूद हूं।
मंगल यान का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘जितना एक हॉलीवुड मूवी बनाने में खर्च होता है उससे भी कम में हम मंगल पहुंच गए।’ भारत में निवेश की संभावनाओं का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में आसमान ही आखिरी लिमिट है और जिस भी सेक्टर में जाना चाहें उसमें संभावनाएं हैं।

sabhar

दिल्‍ली- दिल्‍ली एनसीआर में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए तो सहम गए लोग

जधानी दिल्ली और एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई स्‍थानों पर तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। शुक्रवार तड़के सुबह करीब 4:24 बजे लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 आंकी गई। भूकंप का केंद्र हरियाणा में था।

भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई स्‍थानों पर लोग दहशत में आ गए और अपने-अपने घरों में सो रहे लोग और रात को दफ्तरों में काम कर रहे लोग बाहर निकल पड़े।

काबुल में भारतीय दूतावास के पास बड़ा बम धमाका

बुधवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को एक बड़े बम धमाके ने दहला दिया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक वजीर अकबर खान क्षेत्र में विस्फोटकों से भरी एक कार में 8.35 मिनट पर बम धमाका हुआ है। घटनास्थल भारतीय दूतावास 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां से राष्ट्रपति भवन भी नजदीक ही है, इसके अलावा अन्य देशों के दूतावास भी इसी क्षेत्र में हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस धमाके में 50 लोगों के मरने या घायल होने की खबर है। हालांकि धमाके के बाद भारतीय दूतावास सुरक्षित है, खिड़कियों को कुछ नुकसान जरूर पहुंचा है। घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया है। सुषमा ने कहा कि ईश्वर की कृपा है कि काबुल में हुए बड़े बम धमाके के बाद सभी भारतीय सुरक्षित है। कहा जा रहा है कि जर्मन और ईरानी दूतावास को इस हमले के जरिए निशाना बनाया गया था।

’23 साल में मानव अधिकार हनन के 66 आरोप ही पाए गए सही’, सेना के अफसर ने कहा- हमारा रिकॉर्ड दुनिया में सबसे अच्छा है

भारतीय सेना ने दावा किया है कि मानव अधिकार हनन के मामले में उसका रिकॉर्ड में पूरी दुनिया में सबसे अच्छा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना ने दावा किया है कि 1994 से अब तक उस पर मानव अधिकार हनन के 1736 के आरोप लगे जिनमें से केवल 66 ही सही पाए गए। भारतीय सेना के अनुसार इन 66 मामलों में 150 भारतीय सैनिकों को सजा हुई और 49 मामलों में पीड़ितों को हर्जाना भी दिया गया।
भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने टीओआई से कहा कि भारतीय सेना का रिकॉर्ड पूरी दुनिया में सबसे अच्छा है और इस बात की पूरी दुनिया तारीफ करती है। हाल ही में भारतीय सेना के मेजर नितिन लीतुल गोगोई द्वारा कश्मीरी नौजवान फारूक डार को जीप के आगे ढाल बनाकर बांधने का वीडियो सामने आने से जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा मानवाधिकार हनन का मामला सुर्खियों में आ गया है।
भारतीय सेना के अधिकारी ने टीओआई को बताया कि भारतीय सेना को 1994 से अप्रैल 2017 तक जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में सेना द्वारा मानवाधिकार हनन की कुल 1736 शिकायतें मिलीं। इनमें 1695 मामलों की अब तक जांच  हुई है जिनमें से 41 की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच के बाद इनमें से 1629 को गलत या निराधार पाया गया। 66 आरोप सही पाए गए। सुरक्षा बलों के 150 जवानों को सजा दी गयी। 49 मामलों में पीड़ितों को हर्जाना भी दिया गया।
भारतीय सेना के प्रमुख बिपिन रावत ने हाल ही में मेजर गोगोई को सम्मानित किया था। भारतीय सेना प्रमुख रावत ने गोगोई को बचाव करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर की विकट परिस्थितियों में सेना को “रचनात्मक” उपाय खोजने पड़ते हैं। मेजर गोगोई ने अपने बचाव में कहा था कि उन्होंने बम फेंक रहे लोगों से अपने साथियों की जान बचाने के लिए फारूक को मानव-ढाल बनाया था।
वहीं जीप के आगे बांधे गए फारूक डार ने कहा कि जीप से बांधे जाने पर उन्हें ऐसा लगा जैसे वो कोई जानवर हों। फारूक डार ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा था कि इस वाकये से पहले वो हर चुनाव में वोट देते थे और उनका उग्रवादियों या पत्थरबाजों से कोई वास्ता नहीं था।

खुले आम गोवंश को मार कर मीट बांटने के आरोपी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस ने क‍िया सस्‍पेंड, केस भी हुआ दर्ज

केरल पुलिस ने कथित तौर पर गो वध और इसकी ब्रिकी पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून के विरोध में गो वध करने वाले यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि इन्होंने बीती शनिवार (27 मई, 2017) कन्नूर में कथित तौर पर गो वध का आयोजन किया और इसके मीट को आसपास के लोगों में बांटा। पुलिस ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि मामले में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा जिस जानवर का वध किया गया उसे एक टेंपो में लादकर लाया गया था जोकि नियम का उल्लंघन है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने केरल यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया है। इससे कांग्रेस उपाध्य राहुल गांधी ने इसकी निंदा की है। उनके ट्विटर के जरिए घटना पर अपना विरोध जताया। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, ‘कल केरल में जो भी हुआ उसका उसे मैं बिल्कुल भी स्वीकार नहीं सकता और ना ही कांग्रेस पार्टी इसे स्वीकारती है। मैं इस घटना का पुरजोर विरोध करता हूं।’ ये ट्वीट कांग्रेस उपाध्यक्ष ने 28 मई (2017) को किया था।
वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन केंद्र के उस फैसले का विरोध किया जिसमें राज्य को पशु ब्रिकी को लेकर नोटिस भेजा गया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि केरल की जनता का ये परंपरागत भोजन है। जोकि स्वास्थ्य वर्धक और पोष्टिक है। और कोई इसे बदल नहीं सकता। इस दौरान विजयन ने आगे कहा, ‘केरल की सरकार जनता को उनके खाने को लेकर पूरी आजादी देती है। केरल की जनता को दिल्ली और नागपुर (आरएसएस मुख्यालय) से सीखने की जरूरत नहीं है कि वो क्या खाएं।’ वहीं स्थानीय प्रशासन के मंत्री केटी जलील ने कहा है कि राज्य सरकार इस प्रतिबंध से बचने के लिए एक नया कानून बनाने पर विचार करेगी।
केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार पशु (गाय, बैल, भैंस, ऊंट) को बाजार में लाकर इनकी हत्या किए जाने के इरादे खरीद ब्रिकी पर रोक लगा दी है। बीती 23 मार्च को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार धार्मिक उद्देश्यों के लिए जानवरों की हत्या किए जाने पर रोक लगाई गई है।

सहारनपुर हिंसा: योगी आदित्यनाथ सरकार की इमेज को लेकर चिंतित आरएसएस, बीजेपी के संग मिलकर तीन दिन में कर चुका है 30 ‘शांति सभाएं’

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दलितों और ठाकुरों के बीच संघर्ष से सूबे की भाजपा सरकार की छवि खराब होने से चिंतित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों से मुलाकात बैठकें करवा रहा है। सूत्रों के अनुसार आरएसएस और भाजपा द्वारा की जा रही इन बैठकों में दोनों समुदायों के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए सहारनपुर में हो रही हिंसा कानून-व्यवस्था की बहाली की बड़ी चुनौती बन गई है। शनिवार (27 मई) को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सहारनपुर का दौरा किया था। उन्हें जिला प्रशासन ने हिंसा प्रभावित गांव में जाने से रोक दिया। इससे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सहारनपुर का दौरा करके भाजपा पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया था।
पिछले तीन दिनों में आरएसएस और भाजपा ने सहारनपुर की सात विधान सभाओं बेहट, नाकुर, सहरानपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबंद, गंगोह और रामपुर मनीहरन के कई गांवों में 30 से ज्यादा सभाएं की हैं। हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित शब्बीरपुर गांव देवबंद विधान सभा में स्थित है। जिला प्रशासन ने किसी भी राजनीतिक दल को यहां “शांति सभा” करने की इजाजत देने से मना कर दिया।
सहारनपुर के भाजपा विधायक कुंवर बृजेश सिंह ने कहा कि इन बैठकों के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “आरएसएस समेत सभी शांति चाहते हैं। ठाकुरों और दलितों दोनों ने मुुझे वोट दिया है। हम वोट बैंक की राजनीति नहीं कर रहे हैं। हम दूसरी पार्टियों की तरह किसी जाति विशेष का पक्ष नहीं लेते। ये वही लोग हैं जो चुनाव हार गए हैं इसलिए माहौल खराब कर रहे हैं।” सिंह भाजपा की उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय इकाई के सचिव भी हैं।
भाजपा के एक अन्य नेता ने बताया, “आरएसएस के स्थानीय पदाधिकारी इन बैठकों में मौजूद रहते हैं। चूंकि वो राजनीतिक लोग नहीं है इसलिए उनकी मौजूदगी से संदेश जाता है कि इस बैठकों का कोई राजनीतिक मकसद नहीं है।” आरएसएस प्रांत प्रचारक कर्मवीर सिंह और विभाग प्रचारक प्रीतम सिंह इन बैठकों में शामिल थे। एक भाजपा नेता ने बताया, “शब्बीरपुर गांव में नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है इसलिए हम आसपास के गांवों में ये बैठकें कर रहे हैं।”

इससे पहले यूपी के गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा और एडीजी (कानून-व्यवस्था) आदित्य मिश्रा स्थानीय दलितों और ठाकुरों के घर-घर जाकर मिले थे और उनसे शांति बहाली की अपील के साथ प्रशासन की अक्षमता के लिए माफी मांगी थी। गृह सचिव मिश्रा ने गांववालों से कहा था, “मैंने कई सरकारों के संग काम किया है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि योगी (आदित्य नाथ) बात के पक्के हैं। उन्होंने मुझे आप लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने के लिए भेजा है।”
 

घाटी में भड़की हिंसा, पथराव-फायरिंग में 1 की मौत

कश्मीर के त्राल में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सबजार अहमद भट्ट की मौत के बाद घाटी में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। आतंकी की मौत से भड़के स्‍थानीय लोगों ने सेना और सुरक्षाबलों पर पत्‍थरबाजी शुरू कर दी है।

जबरदस्त पथराव के बीच सुरक्षाबलों को अपने बचाव में फायरिंग का सहारा लेना पड़ा है। ताजी हिंसा में एक व्यक्ति की मौत की भी खबर सामने आ रही है। वहीं हालात बिगड़ते देख एक बार फिर घाटी में इंटरनेट पर बैन लगा दिया गया है।
टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक सजबार की मौत के बाद घाटी के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन के तौर पर बंद का ऐलान किया गया था। इसके बाद अलगाववादी संगठनों के नेतृत्व में एक बार फिर पत्‍थरबाजों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और सुरक्षाबलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है 

जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना ने नाकाम की घुसपैठ की कोशिश, मार गिराए चार आतंकी

जम्मू-कश्मीर के रामपुर सेक्टर में भारतीय जवानों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। सेना ने घुसपैठ कर रहे चार आतंकी मार गिराए। इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बारामूला और उरी के पास है रामपुर सेक्टर।
जानकारी के मुताबिक एलओसी के रामपुर सेक्टर में कुछ आतंकियों का दल घुसपैठ कर रहा था, इसी दौरान वहां तैनात जवानों ने उनको ललकारा। जिस पर आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए सेना ने चार आतंकियों को ढेर कर दिया। इलाके में कुछ अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।