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अरविंद केजरीवाल से फीस वसूली के मामले में राम जेठमलानी ने फिर दिया नया ट्विस्ट कहा गरीब क्लाइंट समझकर मुफ्त में लड़ूंगा मुकदमा

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के मानहानि केस में  अब फिर एक नया ट्विस्ट आ गया है. 
सीनियर एडवोकेट राम जेठमलानी ने कहा है कि वह सिर्फ अमीरों से ही फीस लेते हैं, जबकि गरीबों के लिए वह मुफ्त में काम करते हैं। यह सब वित्त मंत्री अरुण जेटली का किया धरा है। वह मेरे क्रॉस एग्जामिनेशन से डर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दिल्ली सरकार या सीएम अरविंद केजरीवाल मुझे पैसे नहीं देते, तब भी मैं मुफ्त में उनका मुकदमा लड़ूंगा। मैं केजरीवाल को अपना गरीब क्लाइंट समझ लूंगा। दरअसल सोमवार को खबरें आई थीं कि अरविंद केजरीवाल को जेठमलानी ने 3.42 करोड़ का बिल भेजा है, जो उनकी केस लड़ने की फीस है। अरुण जेटली द्वारा दायर किए गए मानहानि केस में केजरीवाल के वकील रामजेठमलानी हैं।

जेठमलानी ने रिटेनरशिप के लिए एक करोड़ रुपये और उसके बाद प्रति सुनवाई 22 लाख रुपये फीस रखी है। इस तरह उनकी कुल फीस 3.42 करोड़ रुपये हो गई। दिल्ली सरकार ने बिल का भुगतान करने के लिए उपराज्यपाल को खत लिखा है। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस केस जुड़े बिलों पर दस्तखत कर उसे पास करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास भेज दिया है। एलजी बैजल इस संबंध में विशेषज्ञों की राय ले रहे हैं। टीवी चैनल ‘टाइम्स नाउ’ के मुताबिक प्रशासनिक विभाग को लिखे नोट में मनीष सिसोदिया ने जेठमलानी की ओर से भेजे गए बिल का भुगतान करने को कहा था।
सिसोदिया ने फाइल पर नोटिंग की, जिसमें लिखा- केजरीवाल ने मीडिया में सरकार की आधिकारिक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए बयान दिया था और इसके बाद उन पर मानहानि का मुकादमा दर्ज किया था। फाइल को दिल्ली सरकार के कानून मंत्रालय की लीगल ब्रांच को भेजा गया था। कानून मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली के एलजी और वित्त मंत्रालय का क्लीयरेंस जरुरी है। जिसके जवाब में सिसोदिया ने लिखा फाइल को अनुमति के लिए उप राज्यपाल के पास भेजे जाने की जरुरत नहीं है। इसके बाद दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर केजरीवाल के बिल का भगुतान करने के लिए कहा था।

श्रीनगर एयरपोर्ट पर दो ग्रेनेड के साथ सेना का जवान गिरफ्तार, दिल्ली के लिए पकड़ने जा रहा था फ्लाइट

भारतीय सेना का जवान श्रीनगर एयरपोर्ट पर दो ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया है। इसे एंटी हाइजैकिंग दस्ते ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए जवान का नाम भूपल मुखिया बताया जा रहा है, जो पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग का रहने वाला है। वह 17 जम्मू-कश्मीर रायफल का जवान है जो उरी में तैनात था। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में पता लगा है कि यह ग्रेनेड दिल्ली में किसी को देना था। टीवी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सेना का जवान दिल्ली की फ्लाइट पर सवार होने जा रहा था और उसके बैग से यह बम बरामद हुए हैं।
हालांकि, पुलिस या सेना का तरफ से घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। आर्मी सूत्रों के मुताबिक, जवान ने ग्रेनेड की बात कबूल कर ली है। उसने कहा कि वह इसके जरिए नदी में ब्लास्ट करता ताकि मछलियां पकड़ सके। पुलिस ने कहा, “जवान दिल्ली की फ्लाइट में सवार होने वाला था। उसे हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया।” गिरफ्तारी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा कि यह मामला बेहिसाब हथियार और बारुद पर सवाल खड़े करता है।

इलाहाबाद की हाईकोर्ट के 150 साल पूरा होने पर पीएम मोदी बोले- टेक्नॉलजी की पटरी पर दौड़े ज्यूडिशरी, SMS से मिले मुकदमों की तारीख

इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 साल पूरा होने के मौके पर आयोजित समापन समारोह कार्यक्रम में पीएम नरेन्द्र मोदी ने तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था का खांका खीचा। इलाहाबाद में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि, अब आजादी की 75वीं सालगिरह यानी कि 2022 के लिए सपना देंखे। पीएम ने लोगों को जल्द न्याय देने के लिए जस्टिस डिलीवरी सिस्टम में टेक्नॉलजी का समावेश करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब मुकदमों की तारीख मोबाइल के जरिये SMS से मिलनी चाहिए। पीएम ने जेलों और अदालतों को इलेक्ट्रानिक माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेशी के दौरान अक्सर कैदियों के भागने की घटनाएं होती है, लेकिन योगी आदित्य नाथ के सीएम बनने के बाद उन्हें उम्मीद है कि इन घटनाओं पर रोक लगेगी। पीएम मोदी ने देश के न्यायिक व्यवस्था में इलाहाबाद हाईकोर्ट के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि इलाहाबाद HC न्याय विश्व का तीर्थ क्षेत्र है।
इससे पहले देश के चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की न्यायपालिका पर काम का अत्यधिक बोझ है। लेकिन जस्टिस खेहर ने ये भी कहा कि, इस समस्या को खुद हमें भी सुलझाना होगा, इसके लिए जजों को छुट्टियों में भी काम करने की जरुरत है। अगर छुट्टियों में हर जज रोज पांच केस सुलझाएं तो कोर्ट का बोझ कम हो सकता है।
 कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ ने भी न्यायपालिका पर अपनी बात रखी। सीएम ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं होता है। उन्होंने कानून के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि राजा देश पर शासन करता है, लेकिन कानून राजा पर भी शासन करता है। सीएम योगी आदित्य नाथ ने कहा कि कानून शासकों का भी शासक होता है।
बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट एशिया का सबसे पुराना और बड़ा कोर्ट है। पहले यह आगरा में था। वहां बनने के तीन साल के बाद इसको 1916 में इलाहाबाद में बनाया गया। इसकी दूसरी बेंच लखनऊ में भी है।इलाहाबाद हाई कोर्ट से लगभग 17 हजार वकील जुड़े हुए हैं। यहां जजों के तकरीबन 100 से ज्यादा पद हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट इकलौता ऐसा हाईकोर्ट है जिसका अपना म्यूजियम और गैलरी भी है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट अपने ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाना जाता है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ही इंदिरा गांधी का निर्वाचन रद्द किया था। जगदंबिका पाल को भी यूपी के सीएम पद से हटाने का फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ही दिया था। अयोध्या जमीन विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ही जमीन का बंटवारा किया था। जिसमें राम मंदिर, बाबरी मस्जिद और अखाड़े के नाम पर तीन जगह बंटवारा किया गया था।

गुजरात: विधानसभा में गौ सुरक्षा सुधार बिल पारित, अब गौ हत्या पर उम्रकैद की सज़ा मिलेगी

गुजरात में गौहत्या करने वालों को अब उम्रकैद की सजा दी जाएगी। गुजरात सरकार ने शुक्रवार (31 मार्च) को गौ रक्षा कानून में संशोधन कर दिया। गुजरात में पहले से भी गौ रक्षा का कानून था जिसको नरेंद्र मोदी के सीएम रहते लाया गया था। अब उसको ही संशोधित किया गया है। गुजरात सरकार ने पहले से ही गौहत्या, गौमांस को लेकर जाने और बेचने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। यह सब गुजरात पशु संरक्षण अधिनियम 1954 को 2011 में संशोधित करने के बाद किया गया था। अबतक उस कानून के तहत ऐसे किसी मामले में दोषी शख्स पर 50,000 रुपए का जुर्माना और सात साल तक की सजा का प्रावधान था। अब जिस वाहन में गौमांस लेकर जाया जाएगा उसको भी जब्त कर लेने की बात को विधानसभा में पास कर दिया गया है।

जीएसटी से जुड़े बिल लोकसभा में पास, पीएम मोदी ने देशवासियों को दी बधाई, कहा- नया साल, नया कानून, नया भारत

देश में ऐतिहासिक कर सुधार व्यवस्था ‘जीएसटी’ को लागू करने का मार्ग प्रशस्त करते हुए लोकसभा ने बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर से जुड़े चार विधेयकों को मंजूरी दे दी तथा सरकार ने आश्वस्त किया कि नयी कर प्रणाली में उपभोक्ताओं और राज्यों के हितों को पूरी तरह से सुरक्षित रखने के साथ ही कृषि पर कर नहीं लगाया गया है। लोकसभा ने बुधवार को केंद्रीय माल एवं सेवा कर विधेयक 2017 (सी जीएसटी बिल), एकीकृत माल एवं सेवा कर विधेयक 2017 (आई जीएसटी बिल), संघ राज्य क्षेत्र माल एवं सेवाकर विधेयक 2017 (यूटी जीएसटी बिल) और माल एवं सेवाकर (राज्यों को प्रतिकर) विधेयक 2017 को सम्मिलित चर्चा के बाद कुछ सदस्यों के संशोधनों को नामंजूर करते हुए ध्वनिमत से पारित कर दिया। धन विधेयक होने के कारण इन चारों विधेयकों पर अब राज्यसभा को केवल चर्चा करने का अधिकार होगा।
पीएम मोदी ने इस मौके पर देशवासियों को बधाई दी है। देशवासियों को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जीएसटी बिल पास होने पर सभी देशवासियों को बधाई। न्यू इयर, न्यू लॉ, न्यू इंडिया।’
वस्तु एवं सेवा कर संबंधी विधेयकों पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने विपक्ष की इन आशंकाओं को निर्मूल बताया कि इन विधेयकों के जरिये कराधान के मामले में संसद के अधिकारों के साथ समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहली बात तो इसी संसद ने संविधान में संशोधन कर जीएसटी परिषद को करों की दर की सिफारिश करने का अधिकार दिया है। जेटली ने कहा कि जीएसटी परिषद पहली संघीय निर्णय करने वाली संस्था है। संविधान संशोधन के आधार पर जीएसटी परिषद को मॉडल कानून बनाने का अधिकार दिया गया। जहां तक कानून बनाने की बात है तो यह संघीय ढांचे के आधार पर होगा, वहीं संसद और राज्य विधानसभाओं की सर्वोच्चता बनी रहेगी। हालांकि इन सिफारिशों पर ध्यान रखना होगा क्योंकि अलग अलग राज्य अगर अलग दर तय करेंगे तो अराजक स्थिति उत्पन्न हो जायेगी। यह इसकी सौहार्दपूर्ण व्याख्या है औार इसका कोई दूसरा अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।

1 जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी पर लोकसभा में 7 घंटे की बहस आज

नई दिल्ली: संसद के निचले सदन, यानी लोकसभा में बुधवार को गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी जीएसटी से जुड़े चार विधेयकों पर बहस की जानी है, और देश में बहुत-से राज्यीय तथा केंद्रीय करों के बदले लागू होने वाले केंद्रीकृत कर जीएसटी को 1 जुलाई से लागू करने का रास्ता साफ हो सके. बुधवार की बहस के लिए सात घंटे का समय आवंटित किया गया है, और बहस की शुरुआत दोपहर 12 बजे वित्तमंत्री अरुण जेटली के वक्तव्य से होगी. कांग्रेस की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली पहले वक्ता होंगे.

जम्मू-कश्मीर: बडगाम जिले में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी, दो लोगों की मौत, 17 घायल

 मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के चदूरा इलाके में आज आतंकवादियों एवं सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद चदूरा क्षेत्र के दरबाग इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारी ने कहा, ‘‘तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।’’ उन्होंने बताया कि ताजा रिपोर्ट आने तक मुठभेड़ जारी थी। वहीं एनकाउंटर के दौरान दो लोगों की मौत होने की भी खबर सामने आ रही है। दरअसल एनकाउंटर साइट पर मुठभेड़ के दौरान क्षेत्रियों लोगों की सुरक्षा बलों से झड़प होने की भी जानकारी सामने आ रही है। समाचार एजंसी एएनआई के मुताबिक मुठभेड़ की जगह पर मौजूद लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी करना शुरू कर दिया।
इसी के जवाब में सुरक्षा बलों को मजबूरन पत्थरबाजी कर रहे लोगों पर फायरिंग करनी पड़ी जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और लगभग 17 घायल हो गए। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जानकारी भी सामने आ रही है कि मारा गए एक शख्स की उम्र लगभग 22 साल थी और फायरिंग के दौरान उसकी मौत हो गई।

गोरखपुर पहुंचे योगी आदित्यनाथ बोले- कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए एक लाख रुपए देगी सरका

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार जाति, मजहब और लिंग के नाम पर किसी तरह का भेदभाव नहीं करेगी। राज्य सरकार सबका विकास करेगी और किसी का तुष्टिकरण नहीं होगा। योगी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर का पहला दौरा किया। उनके सम्मान में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश आज केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सरकार की राह पर ‘सबका साथ और सबके विकास’ की राह पर चलेगा। यहां पर किसी के साथ ना जाति, ना मत, ना मजहब और ना लिंग के नाम पर किसी प्रकार का भेदभाव किया जाएगा। विकास सबका होगा लेकिन तुष्टिकरण किसी का नहीं होगा। यही आश्वासन देने के लिए मैं आपके बीच उपस्थित हुआ हूं।’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘एक बड़ी योजना के साथ हम कार्य प्रारंभ करने वाले हैं। उत्तर प्रदेश का कोई व्यक्ति चाहे वह किसी तबके या क्षेत्र का हो, कभी भी अपने को उपेक्षित महसूस नहीं करेगा।’ उन्होंने कहा कि सरकार निरंतर कार्य कर रही है। कुछ निर्णय लिये लेकिन हो सकता है कि तमाम लोग तमाम प्रकार की बातें कर रहे हों। ‘सबको बताना चाहता हूं कि भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र में जो बातें कही हैं, हम अक्षरश: उनका अनुपालन करेंगे। सरकार उत्तर प्रदेश को देश के विकसित से विकसित प्रदेश के रूप में स्थापित करने में सफल होगी।’
आदित्यनाथ ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले राज्य के तीर्थयात्रियों को एक लाख रूपये अनुदान देने का ऐलान किया। समारोह में कहा, ‘एक और खुशखबरी देना चाहूंगा। जो लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा करना चाहते हैं, उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्णय किया है कि अगर वे स्वस्थ हैं तो हम उन्हें एक लाख रूपये का अनुदान देंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश में हम लोग लखनऊ गाजियाबाद या नोएडा में किसी एक स्थान पर कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण करेंगे जहां से श्रद्धालु जाकर अपनी यात्रा को आगे बढा सकें।’ सरकारी प्रवक्ता ने लखनऊ में बताया कि राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाला यह आर्थिक अनुदान अभी तक 50 हजार रुपये था, जिसे मुख्यमंत्री ने बढ़ाकर एक लाख रुपए करने का निर्णय लिया है।

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, पिछड़ा वर्ग आयोग को मिलेगा संवैधानिक दर्जा

नई दिल्ली: मोदी सरकार की कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया है. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह अब एक नया आयोग बनेगा, जिसे संवैधानिक. ये आयोग सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़े लोगों के लिए काम करेगा. अब ओबीसी में नई जातियों को शामिल करने के लिए संसद की इजाजत लेनी होगी.

पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए सरकार संविधान में संशोधन भी करेगी. अब तक ये फैसला सरकार के स्तर पर ही होता रहा है. माना जा रहा है कि सरकार ने ये बड़ा फैसला जाट आरक्षण की मांग के मद्देनज़र किया है.

सरकार की तरफ से ये फैसला लेनी को दो बड़ी वजह सामने निकल कर आ रही हैं. पहली बड़ी वजह जाट आरक्षण को लेकर है. जाट नेताओं और हरियाणा सरकार के बीच जो बातचीत हुई थी, उसमें पहली शर्त थी कि पहले पिछड़ा वर्ग आयोग का नए सिरे से गठन हो, क्योंकि, इसका कार्यकाल खत्म हो गया है.

सरकार इस नए आयोग को बनाकर उसे संवैधानिक दर्जा देगी. जबकि पिछले कानून को संसद से कानून पारित करके बनाया गया था. मौजूदा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग वैधानिक संस्था है. जिसके तहत अबतक सरकार के स्तर पर ही ऐसे फैसले होते रहे हैं
इसके लिए सरकार एक कमेटी का गठन करेगी जो नए आयोग की दशा और दिशा को लेकर छह महीने के अंदर सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगी. इस रिपोर्ट में जाटों के सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन के बारे जिक्र होगा. सरकार के सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट के बाद ही जाटों को पुख्ता तौर पर आरक्षण दिया जाएगा

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने गृह मंत्रालय सहित 37 विभाग अपने पास रखते हुए सभी 22 कैबिनेट मंत्रियों, 9 राज्यमंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) तथा 13 राज्यमंत्रियों के बीच विभागों का किया बंटवारा

उत्तर प्रदेश के नए सीएम ने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लोक निर्माण विभाग विभाग दिया गया है. वहीं दूसरे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को संसदीय कार्यमंत्री बनाया गया है. योगी ने खुद अपने पास 37 विभाग रखे हैं. 

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने मुख्यमंत्री श्री आदित्य नाथ योगी के प्रस्ताव दोनों उप मुख्यमंत्रियों सहित सभी 22 मंत्री, 9 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा 13 राज्यमंत्रियों को विभाग आवंटित करने पर अपना अनुमोदन प्रदान कर दिया है.

योगी के पास रहेंगे ये विभाग 
गृह, आवास एवं शहरी नियोजन, राजस्व, खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, अर्थ एवं संख्या, भूतत्व एवं खनिकर्म, बाढ़ नियंत्रण, कर निबंधन, कारागार, सामान्य प्रशासन, सचिवालय प्रशासन, गोपन, सर्तकता, नियुक्ति, कार्मिक, सूचना, निर्वाचन, संस्थागत वित्त,नियोजन, राज्य सम्पत्ति, नगर भूमि, उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय, प्रशासनिक सुधार, कार्यक्रम कार्यान्वयन, राष्ट्रीय एकीकरण, अवस्थापना, समन्वय, भाषा,वाह्य सहायतित परियोजना, अभाव, सहायता एवं पुनर्वास, लोक सेवा प्रबंधन, किराया नियंत्रण, उपभोक्ता संरक्षण, बाट माप आदि विभाग अपने पास रखे हैं.

केशव प्रसाद मौर्या को क्या मिला?
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य को लोक निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मनोरंजन कर, सार्वजनिक उद्यम विभाग का कार्यभार आवंटित किया गया है.

दिनेश शर्मा को क्या मिला?
उप मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा को माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का कार्यभार आवंटित किया गया है.
1) सूर्य प्रताप शाही को कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान,
(2) सुरेश खन्ना को संसदीय कार्य, नगर विकास, शहरी समग्र विकास,
(3) स्वामी प्रसाद मौर्य को श्रम एवं सेवा योजना, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन,
(4) सतीश महाना को औद्योगिक विकास,
(5) राजेश अग्रवाल को वित्त,
(6) रीता बहुगुणा जोशी को महिला कल्याण, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण, पर्यटन,
(7) दारा सिंह चैहान को वन एवं पर्यावरण, जन्तु उद्यान, उद्यान,
(8) धरमपाल सिंह को सिंचाई, सिंचाई (यांत्रिक),
(9) एसपी सिंह बघेल को पशुधन, लघु सिंचाई, मत्स्य,
(10) सत्यदेव पचैरी को खादी, ग्रामोद्योग,रेशम, वस्त्रोद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निर्यात प्रोत्साहन,
(11) रमापति शास्त्री को समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण,
(12) जय प्रकाश सिंह को आबकारी, मद्यनिषेध,
(13) ओम प्रकाश राजभर को पिछड़ा वर्ग कल्याण, विकलांग जन विकास,
(14) बृजेश पाठक को विधि एवं न्याय, अतिरिक्त उर्जा स्रोत, राजनैतिक पेंशन,
(15) लक्ष्मी नारायण चैधरी को दुग्ध विकास, धमार्थ कार्य, संस्कृति, अल्प संख्यक कल्याण,
(16) चेतन चैहान को खेल एवं युवा कल्याण, व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास,
(17) श्रीकांत शर्मा को ऊर्जा,
(18) राजेन्द्र प्रताप सिंह को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा,
(19) सिद्धार्थ नाथ सिंह को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य,
(20) मुकुट बिहरी वर्मा को सहकारिता,
(21) आशुतोष टण्डन को प्राविधिक शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा, एवं
(22) नंद कुमार नंदी को स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क, पंजीयन नागरिक उड्डयन विभाग आवंटित किया गया है.

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

(1) अनुपमा जैसवाल को बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, राजस्व (एम0ओ0एस0), वित्त (एम0ओ0एस0),
(2) सुरेश राणा को गन्ना विकास एवं चीनी मिलें, औद्योगिक विकास (एम0ओ0एस0),
(3) उपेन्द्र तिवारी को जल सम्पूर्ति, भूमि विकास एवं जल संसाधन, परती भूमि विकास, वन एवं पर्यावरण, जन्तु उद्यान, उद्यान, सहकारिता (एम0ओ0एस0)
(4) डॉ0 महेन्द्र सिंह को ग्रामीण विकास, समग्र ग्राम विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (एम0ओ0एस0),
(5) स्वतंत्रदेव सिंह को परिवहन, प्रोटोकला, ऊर्जा (एम0ओ0एस0),
(6) भूपेन्द्र सिंह चैधरी को पंचायती राज, लोक निर्माण (एम0ओ0एस0),
(7) धरम सिंह सैनी को आयुष, अभाव सहायता एवं पुनर्वास,
(8) अनिल राजभर को सैनिक कल्याण, खाद्य प्रसंस्करण, होमगार्डस, प्रांतीय रक्षक दल, नागरिक सुरक्षा एवं

(9) स्वाति सिंह को एन0आर0आई0, बाढ़ नियंत्रण कृषि निर्यात, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, महिला कल्याण, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण (एम0ओ0एस0) विभाग का कार्य आवंटित किया गया है.
राज्यमंत्री

(1) गुलाबो देवी-समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण,
(2) जय प्रकाश निषाद- पशुधन एवं मत्स्य, राज्य सम्पत्ति, नगर भूमि,
(3)अर्चना पाण्डेय- खनन, आबकारी, मद्यनिषेध,
(4) जय कुमार सिंह जैकी को कारागार, लोक सेवा प्रबंधन,
(5)अतुल गर्ग को खाद्य-रसद, नागरिक आपूर्ति, किराया नियंत्रण, उपभोक्ता संरक्षण, बाट माप, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन,
(6)रणवेन्द्र प्रताप सिंह- कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान,

(7)नीलकंठ तिवारी- विधि-न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण,
(8)मोहसिन रज़ा- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, मुस्लिम वक्फ, हज,
(9)गिरीश यादव- नगर विकास, अभाव सहायता एवं पुनर्वास,
(10)बलदेव ओलाख-अल्पसंख्यक कल्याण, सिंचाई,सिंचाई (यांत्रिक),
(11)मन्नु कोरी- श्रम सेवा योजना,
(12)संदीप सिंह-बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक, चिकित्सा शिक्षा तथा
(13)सुरेश पासी- आवास, व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विभाग का कार्यभार आवंटित किया गया है.

भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाते हुए एक अप्रैल से देश भर में विकल्प स्कीम लागू कर रहा रेलवे, सुविधा लेने से पहले ये पांच बातें जान लीजिए

भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाते हुए पहली अप्रैल से देशभर में विकल्प स्कीम शुरू करने जा रहा है। इस स्कीम के जरिए उन लोगों को फायदा होगा जिनका ट्रेन टिकट वेटिंग लिस्ट में है। दरअसल स्कीम के तहत वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को उसी रूट पर जाने वाली दूसरी ट्रेन में कन्फर्म सीट लेने का विकल्प होगा। हालांकि इसकी सुविधा लेने से पहले ये पांच बाते जनना बेहद जरूरी है।
1. छह मार्गों पर छह महीने तक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाने के बाद बुधवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इसे देश भर में लागू करने की घोषणा की है। शुरुआत में यह स्कीम सिर्फ ई-टिकट की बुकिंग प्रक्रिया पर ही लागू होगी। आपको टिकट बुक कराते समय ही ‘विकल्प’ चुनाना होगा। जल्द ही इसे टिकट खिड़की पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
2. इस स्कीम की शर्त यह है कि अगर यात्री को विकल्प के तौर पर दी गई ट्रेन में सफर नहीं करना है तो टिकट कैंसिल भी कराया जा सकेगा, लेकिन यह कन्फर्म टिकट को कैंसिल करना ही माना जाएगा। रिफंड नियमों के मुताबिक, पूरी तरह से कन्फर्म टिकट को कैंसिल करने पर कैंसिलेशन फीस के तौर पर बड़ा चार्ज काटा जाता है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह संभावना कम ही होगी कि यात्री को टिकट कैंसिल करना पड़े क्योंकि बुकिंग के समय पर ही यह बता दिया जाएगा कि विकल्प के तौर पर कौन सी ट्रेन होगी।
3. स्कीम के तहत ऐसा भी हो सकता है कि यात्री ने राजधानी या शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट लिया हो लेकिन सफर मेल/एक्सप्रेस ट्रेन में करना पड़े। साथ ही मेल/एक्सप्रेस ट्रेन के टिकट वाले यात्रियों को राजधानी में भी सफर करने का मौका मिल सकता है
4. हालांकि नियम के मुताबिक, ना तो राजधानी टिकट वालों को मेल/एक्सप्रेस ट्रेन में सफर करने पर रिफंड दिया जाएगा और ना ही मेल/एक्सप्रेस ट्रेन टिकट वालों से राजधानी में सफर करने पर अतिरिक्त चार्ज वसूला जाएगा।
5. विकल्प स्कीम को लागू करने के पीछे की वजह है कि इससे रेलवे को टिकट रिफंड कम करना पड़ेगा जो सीधे तौर पर रेलवे के लिए फायदेमंद साबित होगा। रेल भवन के सूत्रों ने बताया कि रेलवे को हर साल लगभग 3500 करोड़ रुपए सिर्फ रिफंड के तौर पर चुकाने पड़ते हैं।

योगी आदित्यनाथ के राज में मंत्रियों को आदेश-कोई गाड़ी पर नहीं लगाएगा लाल बत्ती

उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना भेदभाव के काम करने की कसम खाई है और तय किया है कि उनके शासनकाल में वीआईपी कल्चर का बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक सोमवार को योगी आदित्यनाथ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सरकार के किसी भी मंत्री को अपनी गाड़ी पर लाल बत्ती इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। भ्रष्टाचार पर अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए उन्होंने अपने सभी मंत्रियों से अपनी आय और संपत्ति का 15 दिनों में ब्योरा देने को कहा था। उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी जावीद अहमद से मुलाकात में उन्होंने बसपा नेता मोहम्मद शमी की बदमाशों द्वारा की गई हत्या पर शोक जताया है।
यह भी जानकारी मिली है कि उन्होंने डीजीपी से कहा है कि बेहतर पुलिसिंग के लिए 15 दिनों में उनके सामने ब्लूप्रिंट पेश किया जाए। इसमें सभी जिलों के पुलिस अफसरों से राय भी लेने को कहा गया है। उनके आज देर शाम सभी मंत्रालयों के प्रधान सचिवों से मुलाकात की भी उम्मीद है। इससे पहले कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने मीडिया को बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘भ्रष्टाचार’ को समाप्त करने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपनी आय और चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है। दोनों मंत्रियों ने बताया था कि नये विधायकों के प्रशिक्षण के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में एक कमेटी बनेगी, जिसमें प्रयास होगा कि सभी विधायकों की भलीभांति ‘ट्रेनिंग’ हो। केंद्र के भी कुछ बडे नेता आ सकते हैं। वे कक्षाएं लेंगे।

यूपी के मंत्री देंगे 15 दिन में आय का ब्योरा, मंत्रियों को अनावश्यक टिप्पणी से बचने की सलाह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने पहले दिन से ही कामकाज संभाल लिया है और अपने कड़े तेवर भी दिखाने शुरू कर दिए हैं. सूबे के नए मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिन के भीतर अपनी आय और चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा पार्टी एवं सरकार को उपलब्ध कराएं.
मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी कैबिनेट की पहली बैठक की, जिसमें सदस्यों ने एकदूसरे को परिचय दिया. बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्टाचार को समाप्त करने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपनी आय और चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है.
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी मंत्रियों को आय, चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा 15 दिन में संगठन को और मुख्यमंत्री के सचिव को देना है. दोनों मंत्रियों ने बताया कि नए विधायकों की ट्रेनिंग के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में एक कमेटी बनेगी, जिसमें कोशिश होगी कि सभी विधायकों की सही तरीके से ट्रेनिंग हो. इस ट्रेनिंग में केन्द्र के भी कुछ बडे नेता कक्षाएं लेने के लिए आ सकते हैं.
उन्होंने बताया कि एक और कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जो देखेगी कि 325 विधायकों के साथ मंत्रिपरिषद के लोग किस प्रकार संपर्क में रहें और उनके क्षेत्र में जाकर किस तरह संपर्क रख सकें. संगठन और सरकार के तालमेल पर भी चर्चा की गई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनावी रैलियों में बीजेपी की सरकार बनने की स्थिति में पहली कैबिनेट बैठक में ही कुछ फैसले करने के उल्लेख पर दोनों मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि यह बैठक औपचारिक कैबिनेट बैठक नहीं बल्कि परिचय बैठक थी, जो कहा गया है, पहली ही कैबिनेट में फैसला होगा.
श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी कैबिनेट सदस्यों से आग्रह किया है कि जनादेश विकास के लिए मिला है. ये जनादेश बिजली, पानी, सडक, कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसान की बदहाली दूर करने तथा विकास और सुरक्षा के लिए मिला है. साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों को नसीहत दी कि वे अनावश्यक टिप्पणी से बचें ताकि किसी की भावना आहत न हो.

 

योगी आदित्यनाथ ने संभाली यूपी की कमान, दो डिप्टी सीएम, 22 कैबिनेट और 22 राज्यमंत्रियों ने भी ली शपथ

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में आज (19 मार्च को) पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। योगी प्रदेश में भाजपा के चौथे सीएम बने हैं। लखनऊ के कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा केन्द्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद थे। इनके अलावा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव, नारायण दत्त तिवारी भी मौजूद थे। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस शपथ ग्रहण समारोह के गवाह बने। राज्यपाल राम नाईक ने केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना, सतीश महाना, राजेश अग्रवाल, रीता बहुगुणा जोशी, दारा सिंह चौहान, धर्मपाल सिंह, रमापति शास्त्री, जयप्रताप सिंह, ओमप्रकाश राजभर, चेतन शर्मा, सिद्धार्थ सिंह को मंत्री बनाया गया है।
इनके अलावा अनुपमा जायसवाल, सुरेश राणा, उपेंद्र तिवारी, डॉ. महेंद्र सिंह, धर्म सिंह सैनी, स्वतंत्र देव सिंह, उपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर और स्वाति सिंह को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। इनके साथ ही 13 को राज्यमंत्री बनाया गया है।

 

शपथ ग्रहण का दिन, समय, स्थान सब तय... बस आज यूपी के सीएम के नाम की घोषणा होनी बाकी

यूपी में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के फौरन बाद शुरू हुई अटकलों पर अभी तक विराम नहीं लगा है और शायद फिलहाल लगेगा भी नहीं. यह सत्ता और सियासत की रेस है,
गोवा और मणिपुर में सरकार बना लेने के बाद,बीजेपी ने उत्तराखंड का मुख्यमंत्री भी तय कर लिया है. RSS के प्रचारक रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत शनिवार को शपथ लेंगे. लेकिन बीजेपी के सबसे बड़े चुनावी दुर्ग का नेता तय होना बाक़ी है. शनिवार शाम चार बजे विधायक दल की बैठक के बाद बीजेपी यूपी के अगले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेगी. यानी उत्तराखंड में जब शपथ ग्रहण समारोह चल रहा होगा, उसी समय यूपी में नेता चुना जा रहा होगा.

बीजेपी के विधायक दल की बैठक लोक भवन में होगी. केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव मुख्यमंत्री निर्वाचित करने के लिए बैठक में मौजूद होंगे. और फिर रविवार शाम 5 बजे उत्तर प्रदेश को मिलेगा उसका नया मुख्यमंत्री और नई सरकार. राज्यपाल राम नाइक ने लखनऊ में बयान जारी कर कहा है कि यूपी के नए मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट के सहयोगियों के साथ 19 मार्च को शाम 5 बजे कांशीराम स्मृति उपवन में शपथ लेंगे. मीडिया में कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन औपचारिक ऐलान लखनऊ में शनिवार शाम विधायक दल की बैठक में ही होगा.

राजनाथ सिंह से लेकर मनोज सिन्हा तक कई नाम सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारे में घूम रहे हैं. वैसे तो मनोज सिन्हा रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं लेकिन वो खुद किसी भी रेस में होने से इनकार कर रहे हैं. यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि अगर अभी नाम का खुलासा कर देंगे तो फिर शनिवार को होने वाली विधायक दल की बैठक का क्या मतलब रह जाएगा. मीडिया में कयास लगते रहे लेकिन बीजेपी का कोई भी बड़ा नेता मुंह खोलने को तैयार नहीं हुआ.