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खुले आम गोवंश को मार कर मीट बांटने के आरोपी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस ने क‍िया सस्‍पेंड, केस भी हुआ दर्ज

केरल पुलिस ने कथित तौर पर गो वध और इसकी ब्रिकी पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून के विरोध में गो वध करने वाले यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि इन्होंने बीती शनिवार (27 मई, 2017) कन्नूर में कथित तौर पर गो वध का आयोजन किया और इसके मीट को आसपास के लोगों में बांटा। पुलिस ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि मामले में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा जिस जानवर का वध किया गया उसे एक टेंपो में लादकर लाया गया था जोकि नियम का उल्लंघन है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने केरल यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया है। इससे कांग्रेस उपाध्य राहुल गांधी ने इसकी निंदा की है। उनके ट्विटर के जरिए घटना पर अपना विरोध जताया। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, ‘कल केरल में जो भी हुआ उसका उसे मैं बिल्कुल भी स्वीकार नहीं सकता और ना ही कांग्रेस पार्टी इसे स्वीकारती है। मैं इस घटना का पुरजोर विरोध करता हूं।’ ये ट्वीट कांग्रेस उपाध्यक्ष ने 28 मई (2017) को किया था।
वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन केंद्र के उस फैसले का विरोध किया जिसमें राज्य को पशु ब्रिकी को लेकर नोटिस भेजा गया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि केरल की जनता का ये परंपरागत भोजन है। जोकि स्वास्थ्य वर्धक और पोष्टिक है। और कोई इसे बदल नहीं सकता। इस दौरान विजयन ने आगे कहा, ‘केरल की सरकार जनता को उनके खाने को लेकर पूरी आजादी देती है। केरल की जनता को दिल्ली और नागपुर (आरएसएस मुख्यालय) से सीखने की जरूरत नहीं है कि वो क्या खाएं।’ वहीं स्थानीय प्रशासन के मंत्री केटी जलील ने कहा है कि राज्य सरकार इस प्रतिबंध से बचने के लिए एक नया कानून बनाने पर विचार करेगी।
केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार पशु (गाय, बैल, भैंस, ऊंट) को बाजार में लाकर इनकी हत्या किए जाने के इरादे खरीद ब्रिकी पर रोक लगा दी है। बीती 23 मार्च को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार धार्मिक उद्देश्यों के लिए जानवरों की हत्या किए जाने पर रोक लगाई गई है।

सहारनपुर हिंसा: योगी आदित्यनाथ सरकार की इमेज को लेकर चिंतित आरएसएस, बीजेपी के संग मिलकर तीन दिन में कर चुका है 30 ‘शांति सभाएं’

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दलितों और ठाकुरों के बीच संघर्ष से सूबे की भाजपा सरकार की छवि खराब होने से चिंतित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों से मुलाकात बैठकें करवा रहा है। सूत्रों के अनुसार आरएसएस और भाजपा द्वारा की जा रही इन बैठकों में दोनों समुदायों के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए सहारनपुर में हो रही हिंसा कानून-व्यवस्था की बहाली की बड़ी चुनौती बन गई है। शनिवार (27 मई) को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सहारनपुर का दौरा किया था। उन्हें जिला प्रशासन ने हिंसा प्रभावित गांव में जाने से रोक दिया। इससे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सहारनपुर का दौरा करके भाजपा पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया था।
पिछले तीन दिनों में आरएसएस और भाजपा ने सहारनपुर की सात विधान सभाओं बेहट, नाकुर, सहरानपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबंद, गंगोह और रामपुर मनीहरन के कई गांवों में 30 से ज्यादा सभाएं की हैं। हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित शब्बीरपुर गांव देवबंद विधान सभा में स्थित है। जिला प्रशासन ने किसी भी राजनीतिक दल को यहां “शांति सभा” करने की इजाजत देने से मना कर दिया।
सहारनपुर के भाजपा विधायक कुंवर बृजेश सिंह ने कहा कि इन बैठकों के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “आरएसएस समेत सभी शांति चाहते हैं। ठाकुरों और दलितों दोनों ने मुुझे वोट दिया है। हम वोट बैंक की राजनीति नहीं कर रहे हैं। हम दूसरी पार्टियों की तरह किसी जाति विशेष का पक्ष नहीं लेते। ये वही लोग हैं जो चुनाव हार गए हैं इसलिए माहौल खराब कर रहे हैं।” सिंह भाजपा की उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय इकाई के सचिव भी हैं।
भाजपा के एक अन्य नेता ने बताया, “आरएसएस के स्थानीय पदाधिकारी इन बैठकों में मौजूद रहते हैं। चूंकि वो राजनीतिक लोग नहीं है इसलिए उनकी मौजूदगी से संदेश जाता है कि इस बैठकों का कोई राजनीतिक मकसद नहीं है।” आरएसएस प्रांत प्रचारक कर्मवीर सिंह और विभाग प्रचारक प्रीतम सिंह इन बैठकों में शामिल थे। एक भाजपा नेता ने बताया, “शब्बीरपुर गांव में नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है इसलिए हम आसपास के गांवों में ये बैठकें कर रहे हैं।”

इससे पहले यूपी के गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा और एडीजी (कानून-व्यवस्था) आदित्य मिश्रा स्थानीय दलितों और ठाकुरों के घर-घर जाकर मिले थे और उनसे शांति बहाली की अपील के साथ प्रशासन की अक्षमता के लिए माफी मांगी थी। गृह सचिव मिश्रा ने गांववालों से कहा था, “मैंने कई सरकारों के संग काम किया है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि योगी (आदित्य नाथ) बात के पक्के हैं। उन्होंने मुझे आप लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने के लिए भेजा है।”
 

घाटी में भड़की हिंसा, पथराव-फायरिंग में 1 की मौत

कश्मीर के त्राल में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सबजार अहमद भट्ट की मौत के बाद घाटी में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। आतंकी की मौत से भड़के स्‍थानीय लोगों ने सेना और सुरक्षाबलों पर पत्‍थरबाजी शुरू कर दी है।

जबरदस्त पथराव के बीच सुरक्षाबलों को अपने बचाव में फायरिंग का सहारा लेना पड़ा है। ताजी हिंसा में एक व्यक्ति की मौत की भी खबर सामने आ रही है। वहीं हालात बिगड़ते देख एक बार फिर घाटी में इंटरनेट पर बैन लगा दिया गया है।
टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक सजबार की मौत के बाद घाटी के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन के तौर पर बंद का ऐलान किया गया था। इसके बाद अलगाववादी संगठनों के नेतृत्व में एक बार फिर पत्‍थरबाजों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और सुरक्षाबलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है 

जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना ने नाकाम की घुसपैठ की कोशिश, मार गिराए चार आतंकी

जम्मू-कश्मीर के रामपुर सेक्टर में भारतीय जवानों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। सेना ने घुसपैठ कर रहे चार आतंकी मार गिराए। इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बारामूला और उरी के पास है रामपुर सेक्टर।
जानकारी के मुताबिक एलओसी के रामपुर सेक्टर में कुछ आतंकियों का दल घुसपैठ कर रहा था, इसी दौरान वहां तैनात जवानों ने उनको ललकारा। जिस पर आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए सेना ने चार आतंकियों को ढेर कर दिया। इलाके में कुछ अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रह्मपुत्र नदी पर देश के सबसे बड़े पुल ढोला-सादिया का किया उद्घाटन

मोदी सरकार ने आज यानि 26 मई को सत्ता में अपने तीन साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर मोदी सरकार ने देश को सबसे लंबे पुल के रूप में तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर देश के सबसे बड़े पुल ढोला-सादिया का उद्घाटन कर दिया है।
यह पुल ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित धोला को उत्तरी तट पर स्थित सादिया से जोड़ेगा। पीएम मोदी एम्स और अन्य प्रोजेक्ट्स का उद्धाटन भी करेंगे। 9.15 किलोमीटर लंबा ये पुल मुंबई स्थित प्रसिद्ध बांद्रा-वर्ली सी लिंक (5.6 किलोमीटर) से भी करीब दो-तिहाई लंबा है। इससे पूर्वी अरुणाचल प्रदेश में संचार सुविधा काफी बेहतर हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा लाभ भारतीय सेना को होगा। पुल से सेना को असम से अरुणाचल प्रदेश स्थित भारत-चीन सीमा तक पहुंचने में तीन से चार घंटे कम लगेंगे। इस सीमा पर भारत की किबिथू, वालॉन्ग और चागलगाम सैन्य चौकियां हैं।

 

बाबरी मामला लालकृष्‍ण आडवाणी उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी को 30 मई को कोर्ट में पेश होने का आदेश


लखनऊ-  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती तथा मुरली मनोहर जोशी को 30 मई को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया। यह अदालत सन् 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की रोजाना सुनवाई कर रही है। अदालत ने आडवाणी तथा केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती को व्यक्तिगत पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया। छह दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश में संलिप्तता को लेकर अदालत में चल रहे मामले की सुनवाई में व्यक्तिगत तौर पर पेशी से छूट मांगने के लिए भाजपा नेताओं ने अदालत का रुख किया था।कोर्ट ने साफ कहा कि  किसी को पेशी से छूट नहीं दी जा सकती

सहारनपुर में भड़की हिंसा के बाद नपे बड़े अधिकारी बदले गए डीआईजी, डीएम और एसएसपी

उत्‍तर प्रदेश के सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। सहारनपुर में हुई हिंसा में अब तक 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। स्थिति को समान्य करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी है। यह जानकारी पुलिस महानिरीक्षक विजय सिंह मीणा ने दी। पुलिस महानिरीक्षक (लोक शिकायत) विजय सिंह मीणा ने कहा कि सहारनपुर हिंसा मामले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार (24 मई) को इस मामले में योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने कार्रवाई करते हुए एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का ट्रांसफर कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीएम एनपी सिंह को भी हटा दिया गया है। आलाकमान ने सहारनपुर के डिविजनल कमिश्‍नर और डीआईजी पर भी गाज गिराई है। केएस इमैनुएल को नया डीआईजी नियुक्‍त किया गया है।
मीणा ने बताया कि बीते दिन की सहारनपुर हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि जिले में स्थिति नियंत्रण में है, 10 कम्पनियां तैनात की गई हैं। स्थिति की समीक्षा के लिए चार वरिष्ठ अधिकारी भी भेजे गए हैं। स्थिति सामान्य होने तक अधिकारी वहीं रहकर उठाए जा रहे कदमों पर नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री ने चार वरिष्ठ अधिकारियों के दल को सहारनपुर भेजा है। इस टीम में गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा, एडीजी काूनन एवं व्यवस्था आदित्य मिश्रा, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और डीजी सुरक्षा विजय भूषण शामिल हैं।
 

आयकर विभाग ने दिल्ली-एनसीआर सहित मेरठ में दो आएएस एक पीसीएस अधिकारी और पांच सरकारी बाबूओं के 15 ठिकानों पर छापा मारा है। इसमें गाजियाबाद के पूर्व डीएम विमल शर्मा भी शामिल हैं। आयकर विभाग के छापे जिन अधिकारियों के आवास व अन्य ठिकानों पर मारे गए हैं उनमें बागपत के पूर्व डीएम हरिनाथ तिवारी, मेरठ की आ‌रटीओ ममता शर्मा और पांच सरकारी बाबूओं के ठिकानों पर छापेमारी जारी है। इधर छत्तीसगढ़ के इनकम टैक्स विभाग ने भी छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष व शराब कारोबारी बलदेव सिंह भाटिया के घर आईटी की टीम ने छापा मारा है। सुबह 6 बजे से शुरू हुई छापेमारी की कार्रवाई राजधानी रायपुर के अलावा प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में चल रही है। राजधानी के अलावा दुर्ग व राजनांदगांव में छापेमारी की कार्रवाई चल रही है। बलदेव सिंह भाटिया का कारोबार छ्त्तीसगढ़ के अलावे प्रदेश के कई दूसरे राज्यों में भी है।

आयकर विभाग ने दिल्ली-एनसीआर सहित मेरठ में दो आएएस एक पीसीएस अधिकारी और पांच सरकारी बाबूओं के 15 ठिकानों पर छापा मारा है। इसमें गाजियाबाद के पूर्व डीएम विमल शर्मा भी शामिल हैं।

आयकर विभाग के छापे जिन अधिकारियों के आवास व अन्य ठिकानों पर मारे गए हैं उनमें बागपत के पूर्व डीएम हरिनाथ तिवारी, मेरठ की आ‌रटीओ ममता शर्मा और पांच सरकारी बाबूओं के ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
 इधर छत्तीसगढ़ के इनकम टैक्स विभाग ने  भी छत्तीसगढ़ में  बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष व शराब कारोबारी बलदेव सिंह भाटिया के घर आईटी की टीम ने छापा मारा है। सुबह 6 बजे से शुरू हुई छापेमारी की कार्रवाई राजधानी रायपुर के अलावा प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में चल रही है। 
राजधानी के अलावा दुर्ग व राजनांदगांव में छापेमारी की कार्रवाई चल रही है। बलदेव सिंह भाटिया का कारोबार छ्त्तीसगढ़ के अलावे प्रदेश के कई दूसरे राज्यों में भी है। 
 

दो दिन की यात्रा पर गुजरात पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, कांडला पोर्ट पर रखी योजनाओं की आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिन की यात्रा पर गुजरात पहुंच गए हैं। सबसे पहले वह गुजरात के कच्छ शहर आए। पीएम ने कांडला पोर्ट पर कई योजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि ‘कांडला बंदरगाह भारत की अर्थव्‍यवस्‍था में एक अहम भूमिका निभाता है।’ उन्‍होंने कहा कि ”इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, इफिशिएंसी और ट्रांसपेरेंसी आर्थिक वृद्धि के मूल स्‍तंभ हैं, अच्‍छे बंदरगाह देश के विकास के लिए जरूरी हैं।” दो दिन के कार्यक्रम में वह कई विकास योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। कच्‍छ में उन्‍होंने कहा, ”2001 के भूकंप ने कच्‍छ को तबाह कर दिया था, यहां के लोगों ने फिर से दौड़ा दिया” वह दो जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। मोदी गांधीनगर में अफ्रीकी विकास बैंक (एएफडीबी) समूह की वार्षिक बैठक में भी शामिल होंगे। अपनी यात्रा से पहले मोदी ने ट्विटर पर अपने प्रशंसकों को इसकी जानकारी दी थी।
प्रधानमंत्री कच्छ जिले में दो जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। मोदी की यात्रा कच्छ जिले में कांडला पोर्ट की विभिन्न परियोजनाओं के लिए उनकी ओर से आधारशिला रखे जाने और कुछ के उद्घाटन से शुरू होगी। इसके बाद वह गांधीधाम में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। शाम के वक्त वह एक पंपिंग स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री भचऊ में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

कुलभूषण जाधव केस: भारत ने ICJ से कहा- ईरान से जाधव को किया गया किडनैप, जबरदस्ती लिया बयान

पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में फांसी की सजा पाने वाले पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में (आईसीजे) में सोमवार को सुनवाई शुरू हो गई है। मामले में भारत अपना पक्ष रख रहा है। भारत की ओर से पक्ष रखते हुए हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया कि जाधव से मिलने के लिए भारत की ओर से कई बार अपील की गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने भारत के निवेदन को बार-बार खारिज कर दिया। केस की सुनवाई के शुरू होने के साथ बेंच द्वारा रजिस्ट्रार को भारत की मांग और पाकिस्तान की सैन्य अदालत के फैसले को पढ़कर सुनाने के लिए कहा गया।
2:46 PM: साल्वे ने बताया कि केस से जडड़ी चार्जशीट भी भारत को नहीं दी गई है।
2:34 PM: भारत कहता आ रहा है कि जाधव को ईरान से किडनैप किया है और सेना की कस्डटी में बयान दर्ज किया गया। भारत चाहता है कि पाकिस्तान का जाधव पर फैसला रद्द किया जाए। हरीश साल्वे ने कहा कि कुलभूषण जाधव का ईरान से अपहरण कर लिया गया था और यह स्वीकार कराया गया वह जासूस थे।
2:21 PM: साल्वे ने कोर्ट को बताया कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को यूएन कोर्ट के फैसले से पहले फांसी दे देगा। जिन्हें मानवाधिकार की “मूल बातों” के रूप में माना जाता है, उन्हें पाकिस्तान द्वारा हवा में फेंक दिया गया है।
2:15 PM: साल्वे ने कहा कि वर्तमान में स्थिति गंभीर है और यही कारण है कि हमने अंतरराष्ट्रीय न्याय में इतने शॉर्ट नोटिस में इस मुद्दे को उठाना पड़ा।
2:05 PM: भारत की ओर से हरिश साल्वे कोर्ट के सामने रख रहे पक्ष। साल्वे ने कोर्ट को बताया कि कुलभूषण जाधव को कांसुलर एक्सेस देने के लिए भारत की ओर से कई बार अपील की गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने हर बार इसे खारिज कर दिया।
1:45 PM: मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में अभी भारत अपना पक्ष रख रहा है।
1:30 PM: अतंरराष्ट्रीय कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है। बेंच केस से जुड़ी जानकारियां पढ़कर सुना रहा है। बेंच द्वारा रजिस्ट्रार को भारत की मांग और पाकिस्तान की सैन्य अदालत के फैसले को पढ़कर सुनाने के लिए कहा गया।
1:10 PM: भारतीय अधिकारियों की मौखिक टिप्पणियां 1:30 बजे होने की संभावना है। सुनवाई जल्द ही शुरू हो सकती है।
11:40 PM: कुलभूषण जाधव के दोस्त ने एएनआई से बातचीत में कहा था कि हमें उम्मीग है कि आईसीजे भारत के पक्ष में अपना फैसला सुनाएगा। ताकि जाधव जल्द ही आजाद हो सकेगा।

अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहोश हुए कपिल मिश्रा

आप आदमी पार्टी के बागी नेता कपिल मिश्रा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने नकली कंपनियां बनाईं और इनकम टैक्स कमिश्नर को भी भ्रमित किया। इसके बाद मिश्रा ने एक वीडियो चलाई, जिसमें अरविंद केजरीवाल बोलते दिखे कि उन्हें लोगों से जो भी कर्जा मिला, उन्होंने वह वेबसाइट पर डाल दिया। उन्होंने कहा कि एक नील नाम के शख्स ने यह सारा डेटा मुहैया कराया है। उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर भी धोखा हुआ है। मिश्रा ने कहा कि मैं कल 11 बजे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराऊंगा।
मिश्रा ने आरोप लगाए कि आम आदमी पार्टी में खुलेआम कालेधन को सफेद किया गया, केजरीवाल ने चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी। बैंक में पैसा आया था 45 करोड़ और वेबसाइट पर डाला गया 19 करोड़। 25 करोड़ रुपये की सचाई कार्यकर्ताओं से छुपाई गई। मिश्रा ने कहा, पैसों की कोई कमी नहीं थी फिर भी लोगों से दस-दस रुपये चंदा मांगा जा रहा था। फर्जी कंपनियों के नाम से भी चंदे लिए गए। मिश्रा ने कहा, ज्यादातर बैंक अकाउंट ऐक्सिस बैंक के हैं, ये वही बैंक हैं जो नोटबंदी के दौरान कालेधन को सफेद करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रात को 12 बजे कई कंपनियों के जरिए आम आदमी पार्टी के अकाउंट में पैसा डाला गया। मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि 50 लाख और 35 करोड़ के बिना तारीख वाले चेक भी दिए गए। ये चेक दिखाते हुए कपिल मिश्रा बेहोश हो गए। वह पिछले 5 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: “ये मुस्लिम महिलाओं को जिंदा दफनाने जैसा है”

भारत के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ के सामने तीन तलाक पर चल रही सुनवाई के दौरान शुक्रवार (12 मई) को पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि एक बार में तीन तलाक देने न केवल इस्लामी शरियत के खिलाफ है और ये मुस्लिम महिलाओं को जिंदा दफनाने जैसा है। खान ने सर्वोच्च अदालत से कहा, “तीन तलाक से वो मुसलमान औरतों को जिंदा दफन कर देना चाहते हैं।” तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार (11 मई) को सुनवाई शुरू हुई थी। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन इस मामले पर सुनवाई हुई।
आरिफ मोहम्मद खान ने 1986 में शाह बानो मसले पर विरोध जताने के लिए तत्कालीन राजीव गांधी सरकार से इस्तीफा दे दिया था। खान ने तीन तलाक की तुलना सऊदी अरब में इस्लाम आने से पहले प्रचलित लड़कियों को जिंदा दफनाने के परंपरा से की। खान ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि तीन तलाक उसी परंपरा का आधुनिक रूप है। अदालत ने पूछा कि क्या तीन तलाक इस्लाम का आधारभूत अंग है? इस पर खान ने कहा, “ये दूर-दूर तक आधारभूत या पवित्र नहीं है। ये कुरान की शिक्षाओं के खिलाफ है।” आरिफ मोहम्मद खान ने आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आलोचना करते हुए कहा, “इसने इस्लामी कानून को हास्यास्पद स्तर तक पहुंचा दिया है।”
सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक और निकाह हलाला से जुड़ी साच याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। इनमें से पांच याचिकाएं मुस्लिम महिलाओं ने दायर की हैं। कोर्ट ने सुनवाई के पहले दिन ही साफ कर दिया कि इस सुनवाई में अदालत इस्लाम में प्रचलित बहुविवाह पर विचार नहीं करेगी।आरिफ मोहम्मद खान ने अदालत से इस मामले में अदालत में पेश होने की इजाजत मांगी थी। खान ने विभिन्न इस्लामी शरियतों की भी आलोचना की। खान ने शीर्ष अदालत से कहा, “ये इस्लाम की जरूरत के हिसाब से नहीं बनीं बल्कि सल्तनतों के हिसाब से बनी हैं….पैगंबर की मृत्यु के बाद उनके द्वारा स्थापित राज्य लेने वालों ने सल्तनतें बनाईं।”

मामले की सुनवाई कर रही संविधान पीठ में चीफ जस्टिस खेहर के अलावा जस्टिस कूरियन जोसेफ, यूयू ललित, आरएफ नारीमन और अब्दुल नजीर शामिल हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी एक महिला याचिका और फोरम फॉर अवेयरनेस ऑफ नेशनल सिक्योरिटी नामक स्वयंसेवी संस्था की तरफ से पेश हुए। जेठमलानी ने सुनवाई के दौरान कहा, “ये प्रचलन पैगंबर की शिक्षाओं के उलट है” और ये भारतीय संविधान का उल्लंघन करती है। जेठमलानी ने अदालत से कहा कि राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के तहत ये सरकार की जिम्मेदारी है कि वो समान नागरिक संहिता लागू करे। जेठमलानी ने अदालत से कहा, “कम से कम पति और पत्नि के विवाह के समान कानून से शुरुआत तो करें।”
इस मामले में एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) नियुक्त किए गए पूर्व कानून मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने अदालत से कहा, तीन तलाक को “न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता, न ही इसे न्यायिक वैधता दी जा सकती है।” मुख्य न्यायाधीश खेहर ने ये जानना चाहा कि क्या तीन तलाक भारत के बाहर अन्य देशों में प्रचलित है और क्या कोई गैर-इस्लामी देश है जिसने इसे खत्म किया हो। इस पर अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि कई इस्लामी देशों ने ये प्रथा खत्म कर दी है और गैर-इस्लामी देश श्रीलंका तीन तलाक पर रोक लगा चुका है।

कर्णन के खिलाफ निर्णय सही -सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायधीश न्यायमूर्ति सीएस कर्णन को अवमानना का दोषी ठहराने के बाद उन्हें छह माह की सज़ा देने के लिए सर्वोच्च अदालत के सात न्यायाधीशों ने विवेकपूर्ण निर्णय किया. प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, सातों न्यायाधीश एक विवेकपूर्ण निर्णय करने के लिए एकत्र हुए.

यह टिप्पणी प्रधान न्यायाधीश ने तब की, जब वह तीन तलाक़ के मुद्दे पर सुनवाई कर रहे चार अन्य न्यायाधीशों के साथ बैठे थे. दोपहर के भोजन के बाद तीन तलाक़ के मामले पर सुनवाई के लिए जब पीठ बैठी तब न्यायमूर्ति कर्णन की ओर से अधिवक्ता मैथ्यू जे नेदुमपारा ने नौ मई का आदेश वापस लेने के लिए अपील का ज़िक्र किया.

तब प्रधान न्यायाधीश ने अधिवक्ता से कहा कि पीठ एक अलग मामले पर सुनवाई कर रही है और उन्हें इसका ज़िक्र नहीं करना चाहिए बल्कि अपनी बात उन्हें रजिस्ट्री के समक्ष रखनी चाहिए. न्यायमूर्ति खेहर ने कहा हम अलग पीठ में हैं. बहरहाल, अधिवक्ता ने कहा, मैं केवल प्रधान न्यायाधीश को संबोधित कर रहा हूं. साथ ही कहा कि अपील न्यायमूर्ति कर्णन की सज़ा के निलंबन से संबंधित है.

इस पर प्रधान न्यायमूर्ति ने कहा, आप हर बार यहां क्यों आ रहे हैं? जाइए और (याचिका की मूल प्रति) रजिस्ट्री को दीजिए. आप किसी भी प्रक्रिया को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. आप केवल अपना डंडा यहां चला रहे हैं. यह यहां काम नहीं करता. इसके पश्चात अधिवक्ता वापस चले गए और पीठ ने तीन तलाक़ पर भोजनावकाश के बाद सुनवाई बहाल कर दी. दिन भर की सुनवाई के बाद वकील ने पीठ का ध्यान आकर्षित करने की एक और कोशिश की. लेकिन पीठ उनकी ओर ध्यान दिए बगैर उठ गई.

जिस समय पीठ भोजनावकाश के लिए उठने वाली थी तब भी नेदुमपारा ने मामले का ज़िक्र किया. उन्होंने पीठ से कहा कि यह मामला सुनवाई के लिए कब सूचीबद्ध किया जाएगा. तब प्रधान न्यायमूर्ति ने कहा आपने कहा कि इसे रजिस्ट्री स्वीकार नहीं कर रही है. हमने इसे रजिस्ट्री में भेजा है. आप लगातार हमें दस्तावेजों को लेकर बहला नहीं सकते. आप इसे रजिस्ट्री में दें. यही मानक हैं.

न्यायमूर्ति कर्णन ने ख़ुद को अवमानना का दोषी ठहराए जाने और छह माह की सज़ा दिए जाने संबंधी आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में गुहार लगाई थी. उच्चतम न्यायालय की सात न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति कर्णन को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया और उन्हें छह माह की सज़ा सुनाई थी. इसके एक दिन पहले ही न्यायमूर्ति कर्णन ने उच्चतम न्यायालय के आठों न्यायाधीशों को जेल में बंद करने का आदेश दिया था.

साथ ही पीठ ने पश्चिम बंगाल पुलिस को आदेश भी दिया कि न्यायमूर्ति कर्णन को हिरासत में लिया जाए. इससे पहले कि उच्चतम न्यायालय अपना फ़ैसला दे पाता, न्यायमूर्ति कर्णन कोलकाता छोड़ कर चले गए. बताया जाता है कि वह चेन्नई में रह रहे हैं. अभी पश्चिम बंगाल पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया है.

न्यायमूर्ति कर्णन अगले माह सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. उनका पिछले कुछ माह से उच्चतम न्यायालय के साथ टकराव चल रहा है. वह उच्च न्यायालय के पहले न्यायमूर्ति हैं जिन्हें सज़ा सुनाई गई है.

 

विविधता उत्सव मनाने का विषय है, संघर्ष का नहीं : मोदी

दिकोया :श्रीलंका:, 12 मई :भाषा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि विविधता उत्सव मनाने का विषय है, संघर्ष का नहीं और भारत मध्य लंका में तमिलों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए श्रीलंका की ओर से उठाये गए सक्रिय कदमों का पूरा समर्थन करता है।

दिकोया में भारत के सहयोग से निर्मित अत्याधुनिक अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंकाई नागरिकों की आर्थिक समृद्धि एवं द्विपक्षीय विकास सहयोग को गहरा बनाने पर जोर दिया ।

मोदी ने इस क्षेत्र में 10 हजार अतिरिक्त मकान का निर्माण कराने की घोषणा की । प्रधानमंत्री ने 1990 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा का पश्चिमी एवं दक्षिणी क्षेत्र से विस्तार अन्य सभी प्रांतों में करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि भारत ने व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र, 10 इंजीनियरिंग प्रशिक्षण केंद्र और लैब की स्थापना की है ताकि उपयुक्त कौशल विकास किया जा सके, इसके साथ ही चाय बागान के स्कूलों में कम्प्यूटर और विज्ञान लैब भी स्थापित किये गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1974 में गठित सीलोन इस्टेट वर्कर एजुकेशन ट्रस्ट के तहत शिक्षा प्राप्त करने के लिए 700 छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।

प्रधानमंत्री ने श्रीलंका चाय उद्योग के तमिल श्रमिकों से कहा कि चाय पे चर्चा सच्चे श्रम की ईमानदारी के प्रति गहरे सम्मान का प्रतीक है ।

उन्होंने कहा कि विविधता उत्सव मनाने का विषय है, संघर्ष का नहीं । सिंहला और तमिल लोग और उनकी भाषाएं सौहार्दपूर्वक अस्तित्व में रही हैं ।

मोदी ने कहा कि हमें एकता और सौहार्द की डोर को मजबूत बनाने की जरूरत है, अलग करने की नहीं। ‘‘भारत मध्य लंका में तमिलों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए श्रीलंका की ओर से उठाये गए सक्रिय कदमों का पूरा समर्थन करता है ।’

नेशनल हेराल्ड केस: राहुल और सोनिया गांधी को झटका, जांच के लिए इनकम टैक्स को हरी झंडी

नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को झटका लगा है। शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने यंग इंडिया कंपनी की जांच इनकम टैक्स द्वारा कराए जाने को हरी झंडी दे दी गई है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि कंपनी सख्त रवैया नहीं अपना सकती और उसे अपने दस्तावेज इनकम टैक्स को सौंपने होंगे। यंग इंडिया कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की हिस्सेदारी है। मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जांच करने का अधिकार है। इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद सोनिया और राहुल गांधी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में इनकम टैक्स जांच पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
यह है मामला
बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी का आरोप है कि गांधी परिवार हेराल्ड की प्रॉपर्टीज का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। वे इस आरोप को लेकर 2012 में कोर्ट गए। लंबी सुनवाई के बाद 26 जून 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, सुमन दूबे और सैम पित्रोदा को समन जारी कर पेश होने के आदेश जारी किए थे, तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है।