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दो दिन की यात्रा पर गुजरात पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, कांडला पोर्ट पर रखी योजनाओं की आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिन की यात्रा पर गुजरात पहुंच गए हैं। सबसे पहले वह गुजरात के कच्छ शहर आए। पीएम ने कांडला पोर्ट पर कई योजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि ‘कांडला बंदरगाह भारत की अर्थव्‍यवस्‍था में एक अहम भूमिका निभाता है।’ उन्‍होंने कहा कि ”इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, इफिशिएंसी और ट्रांसपेरेंसी आर्थिक वृद्धि के मूल स्‍तंभ हैं, अच्‍छे बंदरगाह देश के विकास के लिए जरूरी हैं।” दो दिन के कार्यक्रम में वह कई विकास योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। कच्‍छ में उन्‍होंने कहा, ”2001 के भूकंप ने कच्‍छ को तबाह कर दिया था, यहां के लोगों ने फिर से दौड़ा दिया” वह दो जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। मोदी गांधीनगर में अफ्रीकी विकास बैंक (एएफडीबी) समूह की वार्षिक बैठक में भी शामिल होंगे। अपनी यात्रा से पहले मोदी ने ट्विटर पर अपने प्रशंसकों को इसकी जानकारी दी थी।
प्रधानमंत्री कच्छ जिले में दो जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। मोदी की यात्रा कच्छ जिले में कांडला पोर्ट की विभिन्न परियोजनाओं के लिए उनकी ओर से आधारशिला रखे जाने और कुछ के उद्घाटन से शुरू होगी। इसके बाद वह गांधीधाम में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। शाम के वक्त वह एक पंपिंग स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री भचऊ में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

कुलभूषण जाधव केस: भारत ने ICJ से कहा- ईरान से जाधव को किया गया किडनैप, जबरदस्ती लिया बयान

पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में फांसी की सजा पाने वाले पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में (आईसीजे) में सोमवार को सुनवाई शुरू हो गई है। मामले में भारत अपना पक्ष रख रहा है। भारत की ओर से पक्ष रखते हुए हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया कि जाधव से मिलने के लिए भारत की ओर से कई बार अपील की गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने भारत के निवेदन को बार-बार खारिज कर दिया। केस की सुनवाई के शुरू होने के साथ बेंच द्वारा रजिस्ट्रार को भारत की मांग और पाकिस्तान की सैन्य अदालत के फैसले को पढ़कर सुनाने के लिए कहा गया।
2:46 PM: साल्वे ने बताया कि केस से जडड़ी चार्जशीट भी भारत को नहीं दी गई है।
2:34 PM: भारत कहता आ रहा है कि जाधव को ईरान से किडनैप किया है और सेना की कस्डटी में बयान दर्ज किया गया। भारत चाहता है कि पाकिस्तान का जाधव पर फैसला रद्द किया जाए। हरीश साल्वे ने कहा कि कुलभूषण जाधव का ईरान से अपहरण कर लिया गया था और यह स्वीकार कराया गया वह जासूस थे।
2:21 PM: साल्वे ने कोर्ट को बताया कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को यूएन कोर्ट के फैसले से पहले फांसी दे देगा। जिन्हें मानवाधिकार की “मूल बातों” के रूप में माना जाता है, उन्हें पाकिस्तान द्वारा हवा में फेंक दिया गया है।
2:15 PM: साल्वे ने कहा कि वर्तमान में स्थिति गंभीर है और यही कारण है कि हमने अंतरराष्ट्रीय न्याय में इतने शॉर्ट नोटिस में इस मुद्दे को उठाना पड़ा।
2:05 PM: भारत की ओर से हरिश साल्वे कोर्ट के सामने रख रहे पक्ष। साल्वे ने कोर्ट को बताया कि कुलभूषण जाधव को कांसुलर एक्सेस देने के लिए भारत की ओर से कई बार अपील की गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने हर बार इसे खारिज कर दिया।
1:45 PM: मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में अभी भारत अपना पक्ष रख रहा है।
1:30 PM: अतंरराष्ट्रीय कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है। बेंच केस से जुड़ी जानकारियां पढ़कर सुना रहा है। बेंच द्वारा रजिस्ट्रार को भारत की मांग और पाकिस्तान की सैन्य अदालत के फैसले को पढ़कर सुनाने के लिए कहा गया।
1:10 PM: भारतीय अधिकारियों की मौखिक टिप्पणियां 1:30 बजे होने की संभावना है। सुनवाई जल्द ही शुरू हो सकती है।
11:40 PM: कुलभूषण जाधव के दोस्त ने एएनआई से बातचीत में कहा था कि हमें उम्मीग है कि आईसीजे भारत के पक्ष में अपना फैसला सुनाएगा। ताकि जाधव जल्द ही आजाद हो सकेगा।

अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहोश हुए कपिल मिश्रा

आप आदमी पार्टी के बागी नेता कपिल मिश्रा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने नकली कंपनियां बनाईं और इनकम टैक्स कमिश्नर को भी भ्रमित किया। इसके बाद मिश्रा ने एक वीडियो चलाई, जिसमें अरविंद केजरीवाल बोलते दिखे कि उन्हें लोगों से जो भी कर्जा मिला, उन्होंने वह वेबसाइट पर डाल दिया। उन्होंने कहा कि एक नील नाम के शख्स ने यह सारा डेटा मुहैया कराया है। उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर भी धोखा हुआ है। मिश्रा ने कहा कि मैं कल 11 बजे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराऊंगा।
मिश्रा ने आरोप लगाए कि आम आदमी पार्टी में खुलेआम कालेधन को सफेद किया गया, केजरीवाल ने चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी। बैंक में पैसा आया था 45 करोड़ और वेबसाइट पर डाला गया 19 करोड़। 25 करोड़ रुपये की सचाई कार्यकर्ताओं से छुपाई गई। मिश्रा ने कहा, पैसों की कोई कमी नहीं थी फिर भी लोगों से दस-दस रुपये चंदा मांगा जा रहा था। फर्जी कंपनियों के नाम से भी चंदे लिए गए। मिश्रा ने कहा, ज्यादातर बैंक अकाउंट ऐक्सिस बैंक के हैं, ये वही बैंक हैं जो नोटबंदी के दौरान कालेधन को सफेद करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रात को 12 बजे कई कंपनियों के जरिए आम आदमी पार्टी के अकाउंट में पैसा डाला गया। मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि 50 लाख और 35 करोड़ के बिना तारीख वाले चेक भी दिए गए। ये चेक दिखाते हुए कपिल मिश्रा बेहोश हो गए। वह पिछले 5 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: “ये मुस्लिम महिलाओं को जिंदा दफनाने जैसा है”

भारत के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ के सामने तीन तलाक पर चल रही सुनवाई के दौरान शुक्रवार (12 मई) को पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि एक बार में तीन तलाक देने न केवल इस्लामी शरियत के खिलाफ है और ये मुस्लिम महिलाओं को जिंदा दफनाने जैसा है। खान ने सर्वोच्च अदालत से कहा, “तीन तलाक से वो मुसलमान औरतों को जिंदा दफन कर देना चाहते हैं।” तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार (11 मई) को सुनवाई शुरू हुई थी। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन इस मामले पर सुनवाई हुई।
आरिफ मोहम्मद खान ने 1986 में शाह बानो मसले पर विरोध जताने के लिए तत्कालीन राजीव गांधी सरकार से इस्तीफा दे दिया था। खान ने तीन तलाक की तुलना सऊदी अरब में इस्लाम आने से पहले प्रचलित लड़कियों को जिंदा दफनाने के परंपरा से की। खान ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि तीन तलाक उसी परंपरा का आधुनिक रूप है। अदालत ने पूछा कि क्या तीन तलाक इस्लाम का आधारभूत अंग है? इस पर खान ने कहा, “ये दूर-दूर तक आधारभूत या पवित्र नहीं है। ये कुरान की शिक्षाओं के खिलाफ है।” आरिफ मोहम्मद खान ने आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आलोचना करते हुए कहा, “इसने इस्लामी कानून को हास्यास्पद स्तर तक पहुंचा दिया है।”
सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक और निकाह हलाला से जुड़ी साच याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। इनमें से पांच याचिकाएं मुस्लिम महिलाओं ने दायर की हैं। कोर्ट ने सुनवाई के पहले दिन ही साफ कर दिया कि इस सुनवाई में अदालत इस्लाम में प्रचलित बहुविवाह पर विचार नहीं करेगी।आरिफ मोहम्मद खान ने अदालत से इस मामले में अदालत में पेश होने की इजाजत मांगी थी। खान ने विभिन्न इस्लामी शरियतों की भी आलोचना की। खान ने शीर्ष अदालत से कहा, “ये इस्लाम की जरूरत के हिसाब से नहीं बनीं बल्कि सल्तनतों के हिसाब से बनी हैं….पैगंबर की मृत्यु के बाद उनके द्वारा स्थापित राज्य लेने वालों ने सल्तनतें बनाईं।”

मामले की सुनवाई कर रही संविधान पीठ में चीफ जस्टिस खेहर के अलावा जस्टिस कूरियन जोसेफ, यूयू ललित, आरएफ नारीमन और अब्दुल नजीर शामिल हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी एक महिला याचिका और फोरम फॉर अवेयरनेस ऑफ नेशनल सिक्योरिटी नामक स्वयंसेवी संस्था की तरफ से पेश हुए। जेठमलानी ने सुनवाई के दौरान कहा, “ये प्रचलन पैगंबर की शिक्षाओं के उलट है” और ये भारतीय संविधान का उल्लंघन करती है। जेठमलानी ने अदालत से कहा कि राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के तहत ये सरकार की जिम्मेदारी है कि वो समान नागरिक संहिता लागू करे। जेठमलानी ने अदालत से कहा, “कम से कम पति और पत्नि के विवाह के समान कानून से शुरुआत तो करें।”
इस मामले में एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) नियुक्त किए गए पूर्व कानून मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने अदालत से कहा, तीन तलाक को “न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता, न ही इसे न्यायिक वैधता दी जा सकती है।” मुख्य न्यायाधीश खेहर ने ये जानना चाहा कि क्या तीन तलाक भारत के बाहर अन्य देशों में प्रचलित है और क्या कोई गैर-इस्लामी देश है जिसने इसे खत्म किया हो। इस पर अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि कई इस्लामी देशों ने ये प्रथा खत्म कर दी है और गैर-इस्लामी देश श्रीलंका तीन तलाक पर रोक लगा चुका है।

कर्णन के खिलाफ निर्णय सही -सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायधीश न्यायमूर्ति सीएस कर्णन को अवमानना का दोषी ठहराने के बाद उन्हें छह माह की सज़ा देने के लिए सर्वोच्च अदालत के सात न्यायाधीशों ने विवेकपूर्ण निर्णय किया. प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, सातों न्यायाधीश एक विवेकपूर्ण निर्णय करने के लिए एकत्र हुए.

यह टिप्पणी प्रधान न्यायाधीश ने तब की, जब वह तीन तलाक़ के मुद्दे पर सुनवाई कर रहे चार अन्य न्यायाधीशों के साथ बैठे थे. दोपहर के भोजन के बाद तीन तलाक़ के मामले पर सुनवाई के लिए जब पीठ बैठी तब न्यायमूर्ति कर्णन की ओर से अधिवक्ता मैथ्यू जे नेदुमपारा ने नौ मई का आदेश वापस लेने के लिए अपील का ज़िक्र किया.

तब प्रधान न्यायाधीश ने अधिवक्ता से कहा कि पीठ एक अलग मामले पर सुनवाई कर रही है और उन्हें इसका ज़िक्र नहीं करना चाहिए बल्कि अपनी बात उन्हें रजिस्ट्री के समक्ष रखनी चाहिए. न्यायमूर्ति खेहर ने कहा हम अलग पीठ में हैं. बहरहाल, अधिवक्ता ने कहा, मैं केवल प्रधान न्यायाधीश को संबोधित कर रहा हूं. साथ ही कहा कि अपील न्यायमूर्ति कर्णन की सज़ा के निलंबन से संबंधित है.

इस पर प्रधान न्यायमूर्ति ने कहा, आप हर बार यहां क्यों आ रहे हैं? जाइए और (याचिका की मूल प्रति) रजिस्ट्री को दीजिए. आप किसी भी प्रक्रिया को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. आप केवल अपना डंडा यहां चला रहे हैं. यह यहां काम नहीं करता. इसके पश्चात अधिवक्ता वापस चले गए और पीठ ने तीन तलाक़ पर भोजनावकाश के बाद सुनवाई बहाल कर दी. दिन भर की सुनवाई के बाद वकील ने पीठ का ध्यान आकर्षित करने की एक और कोशिश की. लेकिन पीठ उनकी ओर ध्यान दिए बगैर उठ गई.

जिस समय पीठ भोजनावकाश के लिए उठने वाली थी तब भी नेदुमपारा ने मामले का ज़िक्र किया. उन्होंने पीठ से कहा कि यह मामला सुनवाई के लिए कब सूचीबद्ध किया जाएगा. तब प्रधान न्यायमूर्ति ने कहा आपने कहा कि इसे रजिस्ट्री स्वीकार नहीं कर रही है. हमने इसे रजिस्ट्री में भेजा है. आप लगातार हमें दस्तावेजों को लेकर बहला नहीं सकते. आप इसे रजिस्ट्री में दें. यही मानक हैं.

न्यायमूर्ति कर्णन ने ख़ुद को अवमानना का दोषी ठहराए जाने और छह माह की सज़ा दिए जाने संबंधी आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में गुहार लगाई थी. उच्चतम न्यायालय की सात न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति कर्णन को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया और उन्हें छह माह की सज़ा सुनाई थी. इसके एक दिन पहले ही न्यायमूर्ति कर्णन ने उच्चतम न्यायालय के आठों न्यायाधीशों को जेल में बंद करने का आदेश दिया था.

साथ ही पीठ ने पश्चिम बंगाल पुलिस को आदेश भी दिया कि न्यायमूर्ति कर्णन को हिरासत में लिया जाए. इससे पहले कि उच्चतम न्यायालय अपना फ़ैसला दे पाता, न्यायमूर्ति कर्णन कोलकाता छोड़ कर चले गए. बताया जाता है कि वह चेन्नई में रह रहे हैं. अभी पश्चिम बंगाल पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया है.

न्यायमूर्ति कर्णन अगले माह सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. उनका पिछले कुछ माह से उच्चतम न्यायालय के साथ टकराव चल रहा है. वह उच्च न्यायालय के पहले न्यायमूर्ति हैं जिन्हें सज़ा सुनाई गई है.

 

विविधता उत्सव मनाने का विषय है, संघर्ष का नहीं : मोदी

दिकोया :श्रीलंका:, 12 मई :भाषा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि विविधता उत्सव मनाने का विषय है, संघर्ष का नहीं और भारत मध्य लंका में तमिलों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए श्रीलंका की ओर से उठाये गए सक्रिय कदमों का पूरा समर्थन करता है।

दिकोया में भारत के सहयोग से निर्मित अत्याधुनिक अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंकाई नागरिकों की आर्थिक समृद्धि एवं द्विपक्षीय विकास सहयोग को गहरा बनाने पर जोर दिया ।

मोदी ने इस क्षेत्र में 10 हजार अतिरिक्त मकान का निर्माण कराने की घोषणा की । प्रधानमंत्री ने 1990 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा का पश्चिमी एवं दक्षिणी क्षेत्र से विस्तार अन्य सभी प्रांतों में करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि भारत ने व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र, 10 इंजीनियरिंग प्रशिक्षण केंद्र और लैब की स्थापना की है ताकि उपयुक्त कौशल विकास किया जा सके, इसके साथ ही चाय बागान के स्कूलों में कम्प्यूटर और विज्ञान लैब भी स्थापित किये गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1974 में गठित सीलोन इस्टेट वर्कर एजुकेशन ट्रस्ट के तहत शिक्षा प्राप्त करने के लिए 700 छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।

प्रधानमंत्री ने श्रीलंका चाय उद्योग के तमिल श्रमिकों से कहा कि चाय पे चर्चा सच्चे श्रम की ईमानदारी के प्रति गहरे सम्मान का प्रतीक है ।

उन्होंने कहा कि विविधता उत्सव मनाने का विषय है, संघर्ष का नहीं । सिंहला और तमिल लोग और उनकी भाषाएं सौहार्दपूर्वक अस्तित्व में रही हैं ।

मोदी ने कहा कि हमें एकता और सौहार्द की डोर को मजबूत बनाने की जरूरत है, अलग करने की नहीं। ‘‘भारत मध्य लंका में तमिलों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए श्रीलंका की ओर से उठाये गए सक्रिय कदमों का पूरा समर्थन करता है ।’

नेशनल हेराल्ड केस: राहुल और सोनिया गांधी को झटका, जांच के लिए इनकम टैक्स को हरी झंडी

नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को झटका लगा है। शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने यंग इंडिया कंपनी की जांच इनकम टैक्स द्वारा कराए जाने को हरी झंडी दे दी गई है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि कंपनी सख्त रवैया नहीं अपना सकती और उसे अपने दस्तावेज इनकम टैक्स को सौंपने होंगे। यंग इंडिया कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की हिस्सेदारी है। मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जांच करने का अधिकार है। इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद सोनिया और राहुल गांधी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में इनकम टैक्स जांच पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
यह है मामला
बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी का आरोप है कि गांधी परिवार हेराल्ड की प्रॉपर्टीज का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। वे इस आरोप को लेकर 2012 में कोर्ट गए। लंबी सुनवाई के बाद 26 जून 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, सुमन दूबे और सैम पित्रोदा को समन जारी कर पेश होने के आदेश जारी किए थे, तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है।

योगी आदित्य नाथ सरकार ने दिए 1395 करोड़ रुपए, कहा- 40 दिन में भरो 11 हजार सड़कों के गड्ढे

उत्तर प्रदेश में सड़कों के गड्ढे भरे जाने का काम जोर-शोर से शुरू कर दिया गया है। योगी आदित्य नाथ सरकार ने 40 दिन के भीतर 11,107 सड़कों के गड्ढे भरने के आदेश दिए हैं। इसके लिए सरकार ने 1395 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। राज्य सरकार ने 6 मई को धनराशि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को पूरा करने के लिए 15 जून तक का समय दिया है। इसके बाद से राज्य में मानसून की बारिश शुरू हो जाती है। बिजनेस अखबार इकॉनमिक टाइम्स के मुताबिक, सबसे ज्यादा गड्ढे लखनऊ जोन में है। इस जोन के भीतर राज्य की राजधानी और पड़ोसी जिले आते हैं, जहां 1632 सड़कें गड्ढों वाली हैं।
इस सूची में लखनऊ जोन के बाद फैजाबाद, इलाहाबाद, आजमगढ़, आगरा और गोरखपुर का नंबर आता है। इन छह जोन को भी सड़कों की मरम्मत के लिए सबसे ज्यादा पैसा दिया गया है। हालांकि झांसी और मुरादाबाद जोन में सड़कों की स्थिति बेहतर दिखाई पड़ती है। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए एक सर्वे के मुताबिक, राज्य की सड़कों के एक तिहाई हिस्से में गड्ढे हैं।
मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि इस बात पर कड़ी नजर रखी जाए कि सड़कों को रिपेयर करने में केवल अच्छी क्वालिटी मटेरियल का ही इस्तेमाल है। इसके अलावा प्रमुख सार्वजनिक प्रतिनिधि की मौजूदगी में कंस्ट्रक्शन की वीडियोग्राफी भी की जाएगी। हाल ही में मुख्यमंत्री ने एक बैठक की थी और सड़कों के सुधार को लेकर आदेश दिए थे। सीएम का कहना था कि सड़क के मामले में उत्तर प्रदेश की तस्वीर काफी खराब है। उन्होंने कहा कि यहां की सड़कों को पड़ोसी राज्यों की सड़कों से बेहतर बनाया जाए। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और अन्य मिनिस्टर सड़कों की रिपेयरिंग के काम का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश की तर्ज पर यूपी में भी सड़क निर्माण निगम का गठन किया जा सकता है।

बीबीसी का दावा- “बैक चैनल डिप्लोमेसी” के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने सज्जन जिंदल को गुपचुप भेजा था नवाज शरीफ के पास

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सेना से कहा है कि पिछले महीने भारतीय स्टील कारोबारी सज्जन जिंदल के साथ हुई उनकी मुलाकात पर्दे के पीछे की कूटनीति का हिस्सा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नवाज शरीफ ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को जिंदल के साथ मुलाकात को लेकर भरोसे में लिया। बीते 27 अप्रैल को शरीफ और जिंदल की मुलाकात हुई थी।
सरकार ने सेना के नेतृत्व को सूचित किया कि जिंदल के साथ शरीफ की एक घंटे तक चली मुलाकात पर्दे के पीछे की कूटनीति का हिस्सा है। गुरुवार को बीबीसी उर्दू में प्रकाशित खबर में कहा गया कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए जिंदल को कुछ महत्वपूर्ण भारतीय अधिकारियों का समर्थन हासिल है। भारत में सीमा पार आतंकी हमलों और भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा सहित कई मुद्दों को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में अभी काफी तनाव है। खबर में पीएमएल-एन के एक नेता के हवाले से कहा गया कि शरीफ ने जिंदल के साथ अपनी मुलाकात के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बोला। रिपोर्ट के अनुसार जिंदल भारत-पाक के बीच तनाव को कम करने की कोशिशों में लगे हुए हैं।
गौरतलब है कि शरीफ-जिंदल के बीच मुलाकात के बाद पाकिस्तान में काफी बवाल मचा था। पाक मीडिया ने तो स्टील कारोबारी जिंदल और शरीफ की मीटिंग को ‘गुप्त मीटिंग’ करार दे दिया था। इस मुलाकात पर नवाज शरीफ की बेटी मरियम शरीफ ने कहा था कि सज्जन जिंदल के साथ उनके पिता की मुलाकात गुप्त नहीं थी। मरियम ने एक ट्वीट में लिखा था कि जिंदल और शरीफ की दोस्ती काफी पुरानी है और उनकी मुलाकात भी दोस्ताना थी।
पाकिस्तान के पीएम शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने बुधवार को कहा था कि अगर भारत इच्छा जताता है तो पाकिस्तान कजाकिस्तान में 8-9 जून को होने वाले एसईओ सम्मेलन में शरीफ और पीएम नरेंद्र मोदी के मुलाकात पर विचार कर सकता है। नवाज और जिंदल की मुलाकात पर क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने पंजाब विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश कर दिया था और इस ‘गुप्त’ बैठक पर चिंता जताई थी। खबरों के मुताबिक 25 दिसंबर 2015 को लाहौर में शरीफ के एक पारिवारिक समारोह में मोदी और शरीफ के मुलाकात के पीछे जिंदल की भूमिका मानी जाती है।

श्रीलंका में इंटरनेशनल बैसाख डे पर पीएम नरेंद्र मोदी का एलान- वाराणसी और कोलंबो के बीच शुरू होगी सीधी विमान सेवा

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलंबो में बौद्ध धर्म के एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। वह बौद्ध धर्म के सबसे बड़े पर्व इंटरनेशनल बैसाख डे में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे हैं। श्रीलंका में बौद्ध महोत्सव में पीएम मोदी मुख्य अतिथि हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत से बौद्ध धर्म श्रीलंका पहुंचा है। श्रीलंका से भारत का पुराना रिश्ता है। पीएम ने वाराणसी और कोलंबो के बीच सीधी विमान सेवा शुरू करने का एलान भी किया।

बता दें कि दो साल में मोदी की श्रीलंका के लिए यह दूसरी यात्रा है। पीएम ने कहा कि बुद्ध की धरती से सवा करोड़ लोगों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं।  उन्होंने कहा, “मैं सम्यकसमबुद्ध, पूर्ण चैतन्य, की भूमि से अपने साथ 1.25 अरब लोगों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। हमारा क्षेत्र सौभाग्यशाली है कि उसने दुनिया को बुद्ध और उनके उपदेश जैसे अमूल्य उपहार दिये।”

जस्टिस सीएस कर्णन ने सजा को दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, कहा- अवैध है आदेश, वापस लें

कलकत्ता हाई कोर्ट के जज जस्टिस सीएस कर्णन ने कोर्ट के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि यह आदेश अवैध है इसे वापस लें। सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की संविधान पीठ ने मंगलवार (9 मई) को कलकत्ता हाई कोर्ट के जज को अदालत की अवमानना ​​का दोषी ठहराया था और उन्हें छह महीने की सजा सुनाई। साथ ही जस्टिस सीएस कर्णन को तुरंत हिरासत में लेने का आदेश दिया था। यह पहला मौका है, जब किसी सिटिंग जज को अवमानना मामले में ऐसी सजा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन को तत्काल जेल भेजने का आदेश दिया है। कर्णन जून में रिटायर हो रहे हैं।

पांच धर्मों के पांच जज आज सुप्रीम कोर्ट में शुरू करेंगे तीन तलाक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई

गुरुवार (11 मई) को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ तीन तलाक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई शुरू करेगी। इस सुनवाई की खास बात ये है कि संवेदनशील माने जाने वाले इस मुद्दे पर सुनवाई करने वाले पांच जज अलग-अलग धर्म को होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गर्मी कि छुट्टियों में भी इस मामले की सुनवाई करने का फैसला किया था। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टी का पहला दिन है। इस मामले से जुड़ी याचिका का शीर्षक भी मामले की संवेदनशीलता के अनुरूप ही है “क्वेस्ट फॉर इक्वलिटी बनाम जमायत-उलमा-ए-हिन्द।”
तीन तलाक पर सुनवाई करने वाली पीठ में मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर (सिख), जस्टिस कूरियन जोसेफ (ईसाई), आरएफ नारिमन (पारसी), यूयू ललित (हिंदू) और अब्दुल नजीर (मुस्लिम) होंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के जज किसी भी मजहब के हों वो अदालत में फैसले सिर्फ और सिर्फ भारतीय संविधान की रोशनी में लेते हैं।  तीन तलाक से जुड़ी याचिका में छह याचिकाकर्ता हैं कुरान सुन्नत सोसाइटी, शायरा बानो, आफरीन रहमान, गुलशन परवीन, इशरत जहां और आतिया साबरी।
तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार की पक्ष पहले ही मांग चुका है। केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत से कहा है कि वो तीन तलाक को मानव अधिकारों के विरुद्ध मानती है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम धार्मिक नेताओं से मुलाकात में तीन तलाक के मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा न बनने दें और इसमें सुधार में अग्रणी भूमिका निभाएं।
आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने सर्वोच्च अदालत से कहा कि तीन तलाक इस्लाम का अंदरूनी मामला है और बोर्ड साल-डेढ़ साल मामले पर आम राय बना लेगा। हालांकि शिया मुसलमानों के पर्सनल बोर्ड ने तीन तलाक का समर्थन किया है। करीब 100 मुस्लिम बुद्धिजीवियों और पेशेवरों ने खुला खत लिखकर तीन तलाक का विरोध करते हुए कहा था कि ये इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं है।

अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धरने पर बैठे कपिल मिश्रा पर हमला, खुद को बताया AAP का कार्यकर्ता

कपिल मिश्रा पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हमला होने की बात सामने आ रही है। जिस शख्स ने हमला कि उसको पुलिस ने पकड़ लिया है। पकड़े जाने पर शख्स ने कहा कि पार्टी विरोधी काम करने पर उन्होंने कपिल पर हमला किया। उसने खुद को पार्टी का कार्यकर्ता बताया। शख्स ने कहा कि कपिल मिश्रा ने पार्टी को धोखा दिया था इसलिए उसने उनपर हमला किया। मिली जानकारी के मुताबिक, हमला करने वाले शख्स का नाम अंकित है। अंकित ने मीडिया से कहा कि वह आप का कार्यकर्ता है लेकिन उसको किसी ने भेजा नहीं है।
कपिल मिश्रा के समर्थकों ने उस शख्स के साथ मारपीट भी की। इस पूरी घटना पर कपिल मिश्रा ने कहा कि अगर उनके किसी भी समर्थक ने अगर पलटवार किया तो वह पानी भी नहीं पियेंगे।
कपिल ने इस मामले पर कहा कि वह शख्स भागते हुए उनकी तरफ आया था। कपिल के मुताबिक, उस शख्स ने उनकी गर्दन पकड़ी थी। हालांकि, कपिल ने अपने आप से किसी का नाम लेने से इंकार किया। कपिल ने कहा कि वह जिन सवालों के जवाब लेने के लिए वहां बैठे हैं उनको लेकर ही उठेंगे।
इससे पहले कपिल ने बुधवार की सुबह ही अनशन शुरू किया था। उन्होंने केजरीवाल से उनके और कुछ मंत्रियों के सभी विदेशी दौरों की जानकारी मांगी थी। कपिल ने कहा था कि वह जानना चाहते हैं कि वेिदेशी दौरे के लिए पैसा कहां से आता था। कपिल ने कहा था कि मंत्रालय चलाने के लिए विदेश जाना जरूरी नहीं होता। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा था कि वह अपने कार्यकाल में एक बार भी विदेश नहीं गए।

अनशन शुरू करने से पहले कपिल मिश्रा ने कहा था कि उनको अंतरराष्ट्रीय नंबर से फोन आ रहे हैं जो उनको धमकी दे रहे हैं। कपिल ने कहा था कि वह खुले में बैठे हैं जिसको मारना है मारकर चला जाए।
इससे पहले कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं। कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया था कि सत्येंद्र जैन ने अरविंद केजरीवाल को दो करोड़ रुपए कैैश दिए थे। कपिल ने अपने आप को इस पूरी घटना का गवाह बताया था। कपिल ने कहा था कि उन्होंने केजरीवाल से उन पैसों के बारे में पूछा भी था। कपिल के मुताबिक, तब केजरीवाल ने कहा था कि राजनीति में कुछ बातों के बारे में बाद में बताया जाता है।

इंटरनेशनल कोर्ट ने कुलभूषण की फांसी पर रोक लगाई, सुषमा ने दी जानकारी

नई दिल्ली.नीदरलैंड्स के हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है। भारतीय नौसेना के इस पूर्व अफसर को पाकिस्तानी आर्मी कोर्ट ने जासूस बताकर गत 10 अप्रैल को मौत की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने पाकिस्तान सरकार से इस आदेश पर अमल की रिपोर्ट भी मांगी है। हालांकि, इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले पर पाकिस्तान ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने देर रात ट्वीट कर फैसले की जानकारी दी। उन्होंने मुंबई में कुलभूषण की मां को भी फांसी पर रोक लगने की जानकारी दी। कानून के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल कोर्ट का फैसला मानने के लिए बाध्य नहीं है। हालांकि, फैसला नहीं मानने पर वह इस अंतरराष्ट्रीय न्यायिक मंच पर अलग-थलग पड़ जाएगा। अगर वह किसी मामले में शिकायत लेकर पहुंचा तो उसकी सुनवाई नहीं होगी। सुषमा स्वराज ने कुलभूषण की मां से की बात...
- फांसी पर लगी रोक के बाद सुषमा स्वराज ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 12:06 बजे ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि मैने कुलभूषण की मां से बात कर उन्हें इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले की जानकारी दी है।
- इसके साथ एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने बताया कि कुलभूषण के केस में भारत की ओर से सीनियर लॉयर हरीश साल्वे इंटरनेशनल कोर्ट में दलील रख रहे हैं।
- बता दें कि इंटरनेशनल कोर्ट में भारत की तरफ से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने 8 मई को याचिका दायर की थी। उन्होंने मांग की कि भारत के पक्ष की मेरिट जांचने से पहले जाधव की फांसी पर रोक लगाएं।
- अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने एक टीवी चैनल से बातचीत में इसे भारत की बहुत बड़ी जीत बताया है। हालांकि रोहतगी जाधव की सही-सलामती के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके।
पाकिस्तान ने जारी किया था जाधव के कबूलनामे का वीडियो
- मार्च, 2016 में पाकिस्तान आर्मी ने जाधव के कथित कबूलनामे का वीडियो जारी किया था। आर्मी ने कहा था- ''कुलभूषण जाधव ने कबूल किया है कि वह रॉ के लिए बलूचिस्तान में काम कर रहा था और टेररिस्ट एक्टिविटीज में शामिल रहा। भारत ने इस वीडियो को खारिज कर सवाल उठाया था। भारत ने शक जताया था कि जाधव को ईरान से किडनैप किया गया है।
- पाकिस्तान ने आरोप लगाया था - "जाधव इंडियन नेवी का सर्विंग अफसर है। उसे सीधे रॉ चीफ हैंडल करते हैं। वो एनएसए के भी टच में है। आपका मंकी (जासूस) हमारे पास है। उसने वो कोड भी बताया है, जिससे वह रॉ से कॉन्टैक्ट करता था। जाधव अब भी इंडियन नेवी का अफसर है। वह 2022 में रिटायर होने वाला है।"
- एक पासपोर्ट (No. L9630722) भी जारी किया गया था। जिसके बारे में कहा गया था कि यह बलूचिस्तान में गिरफ्तार भारतीय शख्स का ही है। 
- पासपोर्ट में उसका नाम हुसैन मुबारक पटेल लिखा है। जन्मस्थान महाराष्ट्र का सांगली बताया गया है। पाकिस्तान ने उसके पास ईरान का वैध वीजा होने का भी दावा किया था।
वीडियो में जाधव ने क्या कहा था?
- जाधव के मुताबिक, वे दिसंबर 2001 तक इंडियन नेवी में रहे। पार्लियामेंट अटैक के बाद डोमेस्टिक इंटेलिजेंस जुटाई। 2003 में इंडियन इंटेलिजेंस सर्विस ज्वाइन की।
- अफसर यह भी कहता है कि वह ईरान से बलूचिस्तान में टेररिस्ट एक्टिविटीज को बढ़ावा दे रहा था। 
- जाधव के बयान के मुताबिक, वे 2013 में रॉ में आए। ईरान के चाबहार इलाके में 10 साल पहले रॉ का बेस बनाया। कराची और बलूचिस्तान का दौरा किया।
भारत ने खारिज किए थे आरोप
- इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा था, "वीडियो में यह शख्स (जाधव) जो बातें कह रहा है, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उसने जो भी कहा है, प्रेशर में कहा है।"
- हालांकि, भारत सरकार ने ये माना था कि जाधव भारतीय नागरिक ही है और नेवी में अफसर रह चुका है।
- मिनिस्ट्री ने कहा था, ''जाधव कानूनी तौर पर ईरान में बिजनेस करता था। उसे कस्टडी में हैरेस किया गया है। पाकिस्तान में उसकी मौजूदगी सवाल खड़े करती है। इससे ये शक पैदा होता है कि कहीं उसे ईरान से किडनैप तो नहीं किया गया?''
- भारत ने एम्बेसी के अफसरों की जाधव से मुलाकात कराने की इजाजत मांगी थी। पाकिस्तान ने भारत की मांग को ठुकरा दिया था।

(सोर्स -दैनिक भास्कर द्वारा लिखित )

जस्टिस कर्णन ने खारिज किया सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर, कहा- मैं नेपोलियन और डॉ. अम्बेडकर का दत्तक पुत्र हूं

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी का आदेश दिए जाने के करीब एक घंटे बाद ही कोलकाता हाई कोर्ट के जज सीएस कर्णन ने देश की सर्वोच्च अदालत के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि वो पहले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रद्द करने वाला आदेश दे चुके हैं। जस्टिस कर्णन ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने सुबह 11 बजे आदेश दिया। मैंने सुबह 11.20 पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रद्द करने का आदेश दिया। वो मीडिया को मेरे बयान न छापने का आदेश कैसे दे सकते हैं?” जस्टिस कर्णन चेन्नई के चेपक गवर्नमेंट गेस्ट हाउस में मीडिया से मुखातिब थे।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (नौ मई) को मीडिया को जस्टिस कर्णन के किसी भी बयान को न छापने के लिए कहा था। कर्णन ने अपने लेटर पैड पर लिखा एक लिखित बयान जारी किया और कहा कि ये उनका आदेश है। जस्टिस कर्णन ने कहा कि उन्होंने सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट के सात जजों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
जस्टिस कर्णन ने कहा, “क्या मैं असमाजिक तत्व हूं? क्या मैं आतंकी हूं? वो प्रतिबंध का आदेश कैसे दे सकते हैं? बगैर मेरा पक्ष सुने उन्होंने मेरे खिलाफ कई फैसले दिए हैं? मैं गिरफ्तारी या जेल से नहीं डरता। आम जनता मेरे साथ है। ये न्यायिक व्यवस्था की पूर्ण विफलता है। मैं पहले ही जेल देख चुका हूं।” जस्टिस कर्णन ने बताया कि हाई कोर्ट के जज के तौर पर वो करूर, शिवगंगा स्थित जेलों का दौरा कर चुके हैं। जेल जाने से डरने के सवाल पर जस्टिस कर्णन ने कहा, “मैं नेपोलियन की तरह हूं, डॉक्टर अंबेडकर का एक दत्तक पुत्र….वो कहते हैं मैं पागल हूं। अगर मैं पागल हूं तो मुझे जेल क्यों भेजा जा रहा है?”
ये पूछने पर की क्या वो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने वाले हैं? जस्टिस कर्णन ने कहा कि वो पहले राष्ट्रपति को अपना प्रतिनिधित्व भेज चुके हैं। जस्टिस कर्णन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू होने लायक नहीं है और वो मीडिया पर प्रतिबंध के सर्वोच्च अदालत के आदेश को खारिज करने वाला आदेश दे चुके हैं। जस्टिस कर्णन ने कहा कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट के सात जजों और उनके बीच का नहीं बल्कि न्यायापालिका में भ्रष्टाचार का है जिसकी अनदेखी की जा रही है। जस्टिस कर्णन ने कहा कि एटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सर्वोच्च अदालत में मामले को सही तरीके से नहीं रखा।