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तो इसलिए रेप के आरोपी विधायक पर हाथ डालने से बच रही थी योगी सरकार

लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को शुक्रवार सुबह सीबीआई ने हिरासत में ले लिया और उनसे लेकर पूछताछ की जा रही है। इससे पहले गुरुवार को यूपी पुलिस ने विधायक के खिलाफ रेप मामले में एफआईआर दर्ज कर ली थी, लेकिन गिरफ्तारी न होने पर पुलिस बार-बार पर्याप्त सबूत न होने की बात कह रही थी।
इसके बाद गुरुवार रात गैंगरेप मामले की फाइल यूपी पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई सीबीआई ही करेगी। बताया जा रहा है कि सीबीआई को मामला सौंपने की सलाह बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा दी गई थी। इसके अनुसार ही गुरुवार सुबह सरकार ने सेंगर के खिलाफ केस दर्ज कराकर गेंद सीबीआई के पाले में फेंक दी थी। इसी के साथ सरकार पर आरोपी विधायक को बचाने के भी आरोप लगे। ऐसा माना जा रहा है कि इसके पीछे वजह इस महीने के आखिर में होने वाले विधान परिषद चुनाव है। जहां बीजेपी के कई ठाकुर जाति के विधायक सेंगर के समर्थन में खड़े हो रहे हैं, वहीं योगी सरकार विधान परिषद चुनाव से पहले सेंगर पर कार्रवाई से बच रही है। बता दें कि विधान परिषद चुनाव में भी बीजेपी राज्यसभा की तरह ज्यादा सीटें जीतना चाहती हैं।

 

उन्नाव गैंगरेपः बढ़ सकती है विधायक-पुलिस की मुसीबतें, आखिरी वीडियो ने पिता ने बताया एक-एक का नाम

लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें हर रोज बढ़ती जा रही हैं. इस मामले में विधायक से जल्द पूछताछ की जा सकती है. इस बीच पीडि़ता के पिता का एक वीडियो सामने आया है, इसे आखिरी वीडियो बताया जा रहा है.

विधायक के भाई पर पीटने का आरोप
इस वीडियो में गैंगरेप पीडि़त लड़की के पिता ने पिटाई करने वाले सभी आरोपियों का नाम बताया है. लड़की के पिता ने अपने वीडियो बयान में मारने वालों में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और दूसरे साथियों का नाम लिया है.

पुलिस भी घेरे में
यही नहीं, पीडि़त ने बताया कि कितना बुरी तरह से उसकी पिटाई की गई. इस वीडियो से पुलिस की भी मुसीबत बढ़ने वाली है. वीडियो में पीडि़त साफ कहते नजर आ रहे हैं कि पुलिस के सामने विधायक के भाई अपने 4 गुंडों के साथ मिलकर उन्हें पीटते रहे, लेकिन पुलिस ने अतुल सिंह के गुंडों को नहीं रोका.

वीडियो में विधायक का भी जिक्र
पीडि़त ने इस वीडियो में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गंभीर आरोप लगाया है. पीडि़त ने बताया है कि कुलदीप सिंह उनकी लड़की पर रेप के मामले मे शांत रहने के लिए दबाव बना रहे थे. लेकिन जब लड़की ने बात नहीं मानी तो फिर विधायक के इशारे पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई.

डेटा लीक पर जुकरबर्ग ने मांगी माफी, भारत में होने वाले चुनावों पर ये कहा-

नई दिल्ली। फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने डाटा लीक मामले में अमेरिका के सीनेट में सभी सांसदों के सामने सामूहिक रूप से माफी मांगी है। जुकरबर्ग ने माना कि 2016 अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में उनके प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल हुआ, जिससे चुनाव के परिणाम पर भी असर पड़ा। जुकरबर्ग ने फेसबुक की गलती को अपनी गलती मानते हुए सबके सामने माफी मांगी। इसके साथ ही उन्होंने विश्वास दिलाया कि अब उनके और कंपनी की तरफ से दोबारा ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी। मार्क जुकरबर्ग ने भारत में होने वाले चुनावों को लेकर कहा कि कंपनी निष्पक्ष चुनाव को लेकर लगातार काम कर रही है। जुकरबर्ग ने सीनेट कॉमर्स ऐंड जूडिशरी कमिटी के सामने पेश होकर फेसबुक के जरिए हुई गड़बडि़यों की जिम्मेदारी ली।

क्या कहा मार्क जुकरबर्ग ने?
अमेरिकी कांग्रेस में पेश होने के बाद मार्क जुकरबर्ग ने सभी सांसदों की बातों को गौर से सुना। इस दौरान वो गंभीर नजर आए। पेशी के दौरान जुकरबर्ग ने कहा, हमें देखना होगा और साथ ही जिम्मेदारी भी लेनी होगी कि हम न केवल टूल्स बनाएं, बल्कि ये आश्वस्त भी करें कि उन टूल्स का दुरूपयोग न हो और वो अच्छे कामों के लिए इस्तेमाल किए जाएं’। उन्होंने आगे अपनी गलती मानते हुए कहा,‘ झूठी खबरें, हेट स्पीच और चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप को रोकने हमने पर्याप्त कदम नहीं उठाएं। ये एक बड़ी गलती है और इसके लिए मैं माफी मांगता हूं’

डाटा लीक मेरी गलती है
मार्क जुकरबर्ग ने डाटा लीक मामले में माफी मांगते हुए कहा, ‘मैंने फेसबुक को शुरू किया है, यहां जो कुछ भी होता है उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। इसलिए ये मेरी गलती है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं’

भारतीय चुनाव में बरती जाएगी सख्ती
फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने अपने बयान में कहा कि उनकी कंपनी और टीम भारत में होने वाले चुनाव को लेकर विशेष रूप से ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि फेसबुक की एक बड़ी टीम इस बात पर काम कर रही है कि कैसे भारत में होने वाले चुनाव में उसके प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल न किया जा सके। जुकरबर्ग ने कहा कि विश्वास दिलाते हुए कहा कि भारत में आगामी चुनाव को लेकर पूरी ईमानदारी बरती जाएगी।

पहले भी मांग चुके हैं माफी
अमेरिकी सीनेट में पेश होने से पहले भी मार्क जुकरबर्ग यूजर्स से माफी मांग चुके हैं। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने डाटा लीक मामले में अपने यूजर्स से माफी मांगी थी।

फेसबुक के लिए जुकरबर्ग हैं बेस्ट
फेसबुक के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि वो फेसबुक का नेतृत्व करने के लिए सबसे बेस्ट हैं।

फेसबुक का बड़ा खुलासा
हाल ही में खुलासा हुआ था कि कैम्ब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक पर 5 करोड़ यूजर्स का डेटा चुराकर, उनका गलत इस्तेमाल किया था। इन आरोपों के बाद फेसबुक की चौतरफा आलोचना हुई थी। इस मामले पर अब फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने अहम खुलासे किए हैं। जुकरबर्ग के मुताबिक, साल 2016 में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान कैम्ब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक के करीब 8 करोड़ 70 लाख यूजर्स की निजी जानकारी को अनुचित तरीके से शेयर किया था। जुकरबर्ग ने बताया कि ये कंपनी डोनाल्ड ट्रंप के लिए काम कर रही थी। ध्यान रहे कि फेसबुक के दिए आंकड़े और पिछले आंकड़ों में 3 लाख 70 हजार यूजर्स का अंतर है।

मैसेंजर को लेकर दी सफाई
हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज को स्कैन करने को लेकर पूछे गए सवाल पर जुकरबर्ग ने कहा था,‘मैसेंजर स्कैन एक टूल है जो किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए और कंटेंट को सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल होता है’। जुकरबर्ग ने यूजर्स को आश्वास्त करते हुए कहा कि फेसबुक मैसेज को विज्ञापन या किसी दूसरे इस्तेमाल के लिए स्कैन नहीं करता है।

आईआईएम रायपुर के 7वें दीक्षांत समारोह में कौशल विकास और प्रबंधन पर विशेष जोर प्रबंध संस्थान के अनेक युवाओं को मिला स्वर्ण पदक और फैलोशिप अवार्ड

रक्षामंत्री   निर्मला सीतारमन ने कहा है कि भारत में अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए कौशल विकास जरूरी है, वहीं प्रशासनिक क्षमता के साथ काम करने के लिए प्रबंधन भी जरूरी है। मुझे विश्वास है कि भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) से पढ़कर निकले युवा यह काम अच्छी तरह से कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये युवा चुनौतियों को अवसरों में बदल सकते हैं। श्रीमती निर्मला सीतारमन आज यहां भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) के 7 वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रही थीं। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। अध्यक्षता भारतीय रिजर्व बैंक की डिप्टी गवर्नर श्रीमती श्यामला गोपीनाथ ने की।
    दीक्षांत भाषण में श्रीमती निर्मला सीतारमन ने युवाओं का आव्हान किया कि वे भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) जैसे उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई करने के बाद अपनी प्रतिभा को लोक प्रशासन जैसी सेवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में भी लगाएं, ताकि देश को उनकी प्रतिभा का समुचित लाभ मिल सके। समारोह में 2016 - 2018 बैच के 147 और वर्ष 2015 - 2017 बैच के 49 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट उपाधियां दी गई। श्रीमती निर्मला सीतारमन ने कहा- युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित न रहकर प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों के माध्यम से समाज के अन्य क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं देनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि डॉ. सिंह के नेतृत्व में राज्य में बालिका शिक्षा के लिए काफी बेहतर कार्य हो रहे हैं। रक्षा मंत्री ने अपने दीक्षांत भाषण में कहा-छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भारतीय प्रबंध संस्थान ने अपनी स्थापना के सिर्फ सात वर्ष के भीतर देश में एक अच्छी पहचान बनाई है। संस्थान द्वारा प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। अलग-अलग पृष्ठभूमि के विद्यार्थी यहां प्रबंधन की शिक्षा ले रहे हैं। श्रीमती सीतारमन ने कहा-देश भर में संचालित भारतीय प्रबंध संस्थानों द्वारा जहां अपनी प्रतिभाओं के जरिए भारत के आर्थिक विकास में सराहनीय योगदान दिया जा रहा है, वहीं विश्व अर्थव्यवस्था के विकास में भी इन संस्थानों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के विकास से गरीबी उन्मूलन में भी मदद मिलेगी। 
नये भारत के निर्माण में काम आएगी आईआईएम के युवाओं की ताकत: डॉ. रमन सिंह
    विशेष अतिथि की आसंदी से मुख्यमंत्री  डॉ. रमन सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नये भारत के निर्माण में भारतीय प्रबंध संस्थान से पढ़कर निकले युवाओं की ताकत काम में आएगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के विकास में इन युवाओं की भागीदारी और सहभागिता का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय असंतुलन से निकलकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। तकनीकी, शिक्षा, संचार, आवागमन, ऊर्जा और विविध सार्वजनिक क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है। राज्य में बेहतर प्रबंधन तकनीक के जरिए ही यह सब संभव हो सका है। रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि विश्व की अर्थव्यवस्था में चीन देश की तकनीक का इन दिनों विस्तार देखने को मिल रहा है। ऐसे समय में हमें भी उच्च तकनीक और उत्कृष्ट कौशल प्रबंधन के जरिए भविष्य को ध्यान में रखकर काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने अकादमी स्तर पर दीक्षांत ले रहे भारतीय प्रबंध संस्थान के युवाओं को शुभकामनाएं दी। 

भाजपा नेता पर लगाया दुष्कर्म का आरोप, पिता की जेल में मौत, अब होगी मजिस्ट्रेटी जांच

उन्नाव । भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी के पिता की उन्नाव जेल में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री के बेहद गंभीर होने पर जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने मौके पर जाकर परीक्षण किया और अब इस प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया गया है।

माखी निवासी दुष्कर्म पीडि़ता के जेल में बंद पिता की मौत प्रशासन के गले की फांस बन गई। जिसकी गूंज अब लखनऊ से चलकर दिल्ली तक पहुंच गई है। मामला तूल पकडने के बाद डीएम ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच लिए एसडीएम हसनगंज को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्नाव गैंगरेप मामले में एसपी क्राइम दिनेश कुमार सिंह लखनऊ के नेतृत्व में टीम जांच करने उन्नाव पहुंची।

आज पोस्टमार्टम पहुंचे डीएम रवि कुमार एनजी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए उसकी मजिस्ट्रेटी जांच कराने के आदेश दिए हैं। डीएम ने बताया किशोरी के पिता के शरीर पर गंभीर चोटे थी, उसकी हालत भी गंभीर होने के बाद उसका इलाज नहीं कराया गया बल्कि उसे जेल में ही रखा गया, इस जांच में इस बिंदु को गंभीरता से लिया जाएगा। एसडीएम हसनगंज मनीष बंसल पूरे मामले की जांच करेंगे।
तहरीर देने के बाद भी एफआईआर में उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई का नाम न शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रकरण संज्ञान में शासन भी इसे लेकर गंभीर है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा।

एसओ निलंबित

दुष्कर्म पीडि़ता की शिकायत को गंभीरता से न लेने के मामले के साथ ही उसके पिता के प्रति संवेदनहीनता दिखाने पर माखी के एसओ अवधेश भदौरिया को निलंबित कर दिया गया है। कल ही लखनऊ के एडीजी राजीव कृष्णा ने इस प्रकरण में माखी के एसओ अवधेश भदौरिया की कार्यशैली पर संदेह जताया था। पीडि़तों की तहरीर बदलकर मुख्य आरोपी रहे विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई का नाम तहरीर से हटा देने पर एसओ माखी अवधेश भदौरिया को एसपी ने निलंबित कर दिया है।

आईएएस अफसरों का तबादला: अवनीश शरण कवर्धा, महादेव कावर को बेमेतरा और डोमन सिंह मुंगेली कलेक्टर,जनक पाठक बलौदाबाजार

रायपु लोक सुराज अभियान में प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा लेने के बाद मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह ने बड़ी प्रशासनिक फेरबदल की है. बड़े पैमाने पर हुए प्रशासनिक फेरबदल में राज्य के 18 अखिल भारतीय सेवा स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं. छत्तीसगढ़ में स्थांनातरित आईएएस अफसरों की सूची जारी हो गई है। सूची में जिनके नाम शामिल है वे है, बलरामपुर कलेक्टर अवनीश शरण को कवर्धा की जिम्मेदारी देते हुए वहां का कलेक्टर बनाया गया है। कबीरधाम के कलेक्टर नीरज बंसोड, जांजगीर-चांपा के कलेक्टर होंगे। जनक पाठक बलौदाबाजार के नए कलेक्टर बनाए गए है। डोमन सिंह को खाघ विभाग से हटाकर मुंगेली का कलेक्टर बनाया गया है। महादेव आरडीए के सीईओ महादेव कांवरे बेमेतरा के कलेक्टर होंगे। हीरालाल नायक को एडिशनल कलेक्टर बस्तर से बलरामपुर कलेक्टर बनाया गया है। कार्तिकेय गोयल को बेमेतरा से हटा कर आईजी रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदराी सौंपी गई है। राजेश राणा को बलौदाबाजार कलेक्टर से डायरेक्टर अकादमी का प्रभार दिया गया है।

भाजपा बंद सफल, दोबारा आग से न खेले भाजपाः मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने देश भर में दो अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ भारत बंद को बेहद सफल बताया है। लखनऊ में आज मायावती ने कहा कि दो अप्रैल को भारत बंद की सफलता से भारतीय जनता पार्टी बेहद भयभीत है। इसी भय के कारण दलित नेताओं पर केस दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा है कि दलितों के खिलाफ बेवजह केस दर्ज कर भाजपा आग से न खेले।

देश में दो अप्रैल को दलितों के भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद भी बसपा मुखिया इसको बेहद सफल बता रही हैं। इस मामले में बसपा मुखिया मायावती ने एक बार फिर भाजपा और नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लिया है। मायावती ने आरोप लगाया है कि एससी एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ भारत बंद में शामिल होने वाले लोगों का पुलिस उत्पीडन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों को निशाना बनाया जा रहा है।

मायावती ने नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि देश में इमरजेंसी से बदतर हालात हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा आग से खेल रही है। इस दौरान मायावती ने कहा कि प्रदेश में अपनी सरकार बनने पर दलितों के खिलाफ किए गए केस वापस लेने का भी ऐलान किया है।

एनडीए के दलित सांसदों के विरोधी स्वर के बाद अब बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती भी बेहद मुखर हैं। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दो अप्रैल को बुलाया गया भारत बंद बेहद सफल रहा है। इस बड़े भारत बंद ने भाजपा को परेशान कर दिया है।

प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आरोप लगाया कि भारत बंद की कामयाबी के कारण अब भाजपा शासित राज्यों में दलितों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्दोष दलित और उनके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार किया जा रहा है। दलित समुदाय के सदस्यों को प्रताडि़त किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि आंदोलन में हिस्सा लेने वाले दलितों पर अत्याचार की खबरें मिल रही हैं। यह रुकना चाहिए।

15 किमी तक बिना इंजन दौड़ती रही पुरी एक्सप्रेस, जानें क्या है पूरा मामला

अहमदाबाद-पुरी सुपर फास्ट एक्सप्रेस के साथ एक हादसा होने से बच गया. यह ट्रेन शनिवार को बिना इंजन के 15 किलोमीटर तक दौड़ती रही. यह मामला टिटलागढ़ रेलवे स्टेशन का है. इस मामले में रेलवे के दो कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है. हालांकि, इस दौरान ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं.

यह ट्रेन केसिंगा की ओर जा रही थी. इस घटना का कारण रेलवे कर्मचारियों द्वारा कोचों के व्हील पर स्किड ब्रेक न लगाना है. नियमों के मुताबिक इन पर भी ब्रेक लगाने पड़ते हैं. जब ट्रेन से इंजन हटाया जाता है तो उसे दूसरी ओर से लगाया जाता है. इस दौरान ट्रेन के डिब्बों को स्किड ब्रेक लगाकर अपनी जगह पर रोका जाता है.

इस मामले में संभावना जताई जा रही है कि या तो स्किड ब्रेक नहीं लगाए गए या लगाए भी गए तो ठीक ढंग से नहीं लगाए गए. मामले की असलियत जांच के बाद ही सामने आ पाएगी. बिना इंजन के 15 किमी तक दौड़ी ट्रेन पटरी से भी उतर सकती थी, हालांकि ऐसा नहीं हुआ.

घटना के बाद ट्रेन के डिब्बों को लेने के लिए शनिवार रात करीब 11 बजे टिटलागढ़ से इंजन भेजा गया. यह घटना इसलिए घटी, क्योंकि टिटलागढ़ के बाद रेलवे लाइन ढलान पर है. इसलिए बिना इंजन के ही ट्रेन ढलान की दिशा में चलती रही.

ईस्ट कोस्ट रेलवे के जीएम ने कहा है, श्रेलवे की सुरक्षा के नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. किसी भी रेलवे कर्मचारी के दोषी पाए जाने पर उस पर कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, संबलपुर डीआरएम ने कहा है कि जिन कर्मचारियों ने इंजन शंटिंग प्रोसीजर को नहीं अपनाया, उन्हें सस्पेंड किया गया है. डीआरएम ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी के स्तर की जांच का आदेश दे दिया है.

मोदी को चिट्ठीः कोर्ट में दलितों का प्रतिनिधित्व नहीं, इसीलिए खत्म किए जा रहे अधिकार

लखनऊ। यूपी में भाजपा के दलित सासंदों की पार्टी से नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब नगीना लोकसभा सीट से सांसद डॉ. यशवंत सिंह का नरेंद्र मोदी को लिखा लेटर सामने आया। 2 अप्रैल को सांसद ने चिट्ठी में कहा कि कोर्ट में हमारे समाज का कोई प्रतिनिधि नहीं है, इसी वजह से अदालतें हमारे खिलाफ नए-नए फैसले देकर दलितों के अधिकारों को खत्म कर रही हैं। पिछले दिनों रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट से दलित सांसद छोटेलाल खरवार और इटावा के बीजेपी सांसद अशोक दोहरे भी मोदी को चिट्ठी लिख चुके हैं। उन्होंने एससीध्एसटी एक्ट में बदलाव और दलितों पर अत्याचार के मुद्दे उठाए हैं।

1. यशवंत सिंह, सांसद
 नगीना से सांसद ने प्रधानमंत्री से दलितों के लिए आरक्षण बिल पास कराने की मांग की। लेटर में लिखा, जब सांसद चुनकर आया था तब मैंने आपसे मिलकर प्रमोशन में आरक्षण के लिए बिल पास कराने का अनुरोध किया। संगठन के लोग भी यही चाहते हैं, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी इस देश में करीब 30 करोड़ दलितों के लिए कोई बिल पेश नहीं हुआ।

कोर्ट में हमारे समाज का कोई प्रतिनिधि नहीं है, इसी वजह से कोर्ट हर समय हमारे खिलाफ नए-नए फैसले देकर दलितों के अधिकारों को खत्म कर रहा है। मौजूदा हालात में बीजेपी के दलित सांसद तक अपने समाज की रोज-रोज की प्रताड़ना का शिकार हैं। दलित समाज के हितों का ध्यान रखते हुए आरक्षण बिल पास कराइएं और इसे प्राइवेट क्षेत्र में भी आरक्षण लागू करें।

2. अशोक दोहरे, सांसद
इटावा से दलित सांसद ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीएम योगी और अन्य राज्यों में अपनी ही पार्टी की सरकारों पर एससी-एसटी के लोगों पर अत्याचार करने और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया। सांसद ने पत्र में लिखा, 2 अप्रैल को ‘भारत बंद’ के बाद एससी-एसटी के लोगों को उत्तर प्रदेश सहित दूसरे राज्यों में सरकारें और स्थानीय पुलिस झूठे मुकदमे में फंसा रही है उन पर अत्याचार हो रहा है। पुलिस निर्दोष लोगों को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए घरों से निकाल कर मारपीट कर रही है। अफसरों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दें।

3. छोटेलाल खरवार, सांसद
16 मार्च को सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज से भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार ने मोदी को लिखा, ष्मेरे घर पर जबरन कब्जा करके अधिकारियों ने उसे जंगल की मान्यता दे दी। जबकि, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आदेश पर दोबारा जांच हुई तो पता चला कि मेरा घर वन क्षेत्र में नहीं है। जिले के आला अधिकारी मेरा उत्पीड़न कर रहे हैं। दो बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की लेकिन सीएम ने डांटकर भगा दिया।
ष्अक्टूबर 2017 में मेरे भाई के खिलाफ सपा की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। वोटिंग के दौरान असलहों से लैस अपराधियों ने मेरी कनपटी पर रिवॉल्वर तान दी, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर धमकी और दी गाली दी। उस समय अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। पार्टी के कुछ लोग मेरा टिकट काटने की साजिश भी रच सकते हैं।

पुलिस गाड़ी में शराब-मुर्गा, एसपी ने पूरी टीम को किया सस्पेंड

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज में पुलिस की गाड़ी से कुचलकर एक गर्भवती महिला की मौत हो गई, घटना के बाद गाड़ी से शराब और मुर्गा बरामद हुआ। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए एसपी रविरंजन कुमार ने पूरी पुलिस टीम को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना मोहम्मदपुर थाना के मोहम्मदपुर छपरा रोड की थी। गर्भवती महिला की मौत होने पर आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया था। घटना के बाद एसपी के जांच के लिए एसडीपीओ को नियुक्त किया था। जांच के बाद पेट्रोलिंग टीम में शामिल एक प्रमोटी एएसआई सहित एक हवलदार और तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया। 

बता दें कि शुक्रवार को बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस वैन की टक्कर से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। घटना के बाद पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस की गाड़ी से चिकन और शराब बरामद की गई थी। इस मामले को लेकर विपक्ष द्वारा भी नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला गया।

काला हिरण केसः सलमान 20 साल बाद दोषी करार, 5 साल की सजा

जोधपुर। बीस साल पुराने काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर की चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया है। लंच ब्रेक के बाद सीजेएम देव कुमार खत्री ने सलमान खान को 5 साल कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। सलमान को हिरासत में लिया गया है, उन्हें जोधपुर जेल भेजा जाएगा। इस केस में सह आरोपी सैफ अली, तब्बू, सोनाली और नीलम को संदेह के लाभ पर बरी कर दिया गया है। पेशी के लिए ये सभी बुधवार को यहां पहुंच गए थे। मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है। तब ये सभी फिल्म श्हम साथ-साथ हैंश् की शूटिंग के सिलसिले में जोधपुर में थे। सलमान खान और उनके साथियों पर 2 चिंकारा और 3 काले हिरणों (ब्लैक बक) के शिकार का आरोप लगा था। सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था।

सजा सुना रहे थे जज, दीवार के सहारे खड़े थे सलमान
- लंच के दौरान सलमान की दोनों बहनें कोर्ट रूम के बाहर गैलरी में फोन पर बात कर रही थीं। सलमान कुर्सी पर अकेले बैठे थे। 
- लंच के बाद जज डायस पर आए और सलमान खान कुर्सी से उठकर दीवार के सहारे खड़े हो गए। बहनें भी सलमान के साथ खड़ी हो गईं।
- जज ने सलमान खान को 5 साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। फैसला सुनते ही उनकी दोनों बहनें रोने लगीं।
- विश्नोई समाज ने फैसले के बाद नारेबाजी की और बरी किए गए लोगों के खिलाफ अपील करने की बात कही।

सलमान की वजह से फिल्ममेकर्स के 385 करोड़ दांव पर
रेस 3ः 100 करोड़
भारतः 200 करोड़, शूटिंग शुरू होना बाकी है
दबंग 3ः 85 करोड़, शूटिंग शुरू होना बाकी है

जोधपुर जेल में ही बंद है आसाराम
सलमान खान को मेडिकल के बाद जोधपुर जेल ले जाया गया। इसी जेल में यौन शोषण का आरोपी आसाराम भी बंद है।

क्यों दोषी करार दिए गए?

1) हिरण शिकार के चारों केस में सबसे मजबूत था यह मामला
यह केस सबसे पुख्ता था, क्योंकि 1 अक्टूबर 1998 की रात जब इन बॉलीवुड स्टार्स ने कांकाणी में संरक्षित वन्य प्राणी दो काले हिरणों का शिकार किया था तो ग्रामीणों ने गोली की आवाज सुनकर उनका पीछा भी किया था। ग्रामीणों ने उन्हें मौके पर देखा था और हिरणों के शव भी वन विभाग को सुपुर्द किए थे। इस मामले में सलमान गोली चलाने के आरोपी बनाए गए।
शिकार से जुड़े बाकी के दोनों केस में इकलौता चश्मदीद हरीश दुलानी था, उसने भी बयान बदल लिए थे। उसने सलमान के अलावा दूसरे कलाकारों को पहचानने से इनकार कर दिया था। दूसरा कमजोर पक्ष यह भी था कि उसमें हिरणों के शव नहीं मिले थे।

2) दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई
कांकाणी केस में पहली रिपोर्ट डॉ. नेपालिया की थी। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, एक हिरण की मौत दम घुटने से और दूसरे हिरण की मौत गड्ढे में गिर जाने और श्वानों द्वारा उसे खाने से हुई थी। अभियोजन पक्ष का कहना था कि यह रिपोर्ट सही नहीं थी क्योंकि इसमें गन इंजरी की बात नहीं थी। इसके बाद मेडिकल बोर्ड बैठाया गया। बोर्ड ने दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों काले हिरणों की मौत की वजह गन शॉट इंजरी ही बताई।

इस मामले में सलमान पर कितने केस, उनमें क्या हुआ?
कुल चार केस थे। तीन हिरणों के शिकार के और चौथा आर्म्स एक्ट का। दरअसल, तब सलमान के कमरे से उनकी निजी पिस्टल और राइफल बरामद की गई थीं, जिनके लाइसेंस की मियाद खत्म हो चुकी थी।

कहां और कब किए गए शिकार?
सलमान पर जोधपुर के घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव में 27-28 सितंबर 1998 की रात हिरणों का शिकार करने का आरोप। कांकाणी गांव में 1 अक्टूबर को 2 काले हिरणों के शिकार करने का आरोप।

सैफ अली, नीलम, सोनाली और तब्बू क्यों आरोपी थे?
कांकाणी गांव शिकार मामले में गवाहों ने कोर्ट में बताया था कि गोली की आवाज सुनकर वे मौके पर पहुंचे थे। शिकार सलमान ने किया था। जीप में उनके साथ सैफ अली, नीलम, सोनाली और तब्बू भी थे। इन पर सलमान को उकसाने का आरोप था। गांव वालों को देखकर सलमान मारे गए हिरणों को वहीं छोड़कर गाड़ी लेकर चले गए थे।

एसटी-एससी एक्टः बवाल पर मोदी बोले- बाबा साहेब का जैसा सम्मान हमने किया, किसी और सरकार ने नहीं किया

नई दिल्ली। एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बदलाव के फैसले के बाद देश में दलित संगठनों की तरफ से बवाल मचा हुआ है. इस बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम में भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि किसी अन्य सरकार ने बीआर अंबेडकर का उस तरह सम्मान नहीं किया, जैसा हमने किया है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘’बाबा साहेब जी के नाम पर सभी राजनीति करते हैं, लेकिन बाबा साहेब आंबेडकर को जितना मान सम्मान और श्रद्धांजलि हमारी सरकार ने दी है, उतना सम्मान किसी और सरकार ने कभी नहीं दिया. पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘’बाबा साहेब के नाम पर राजनीति करने के बजाए बाबा साहेब ने जो हमें रास्ते दिखाएं है, उन रास्तों पर चलने के लिए सभी को प्रयास करने चाहिए. बता दें कि पीएम मोदी का ये बयान ऐसे समय आया है जब इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार पीएम मोदी पर निशाना साध रहा है. 

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं दो अप्रैल को देश के कई राज्यों में फैली हिंसा पर बीजेपी ने ट्वीट करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा, आजादी के दशकों बाद तक कांग्रेस ने कभी बाबासाहेब को सम्मान नहीं दिया. बीजेपी का बाबासाहेब के प्रति समर्पण ही है कि सरकार में आते ही बाबासाहेब के जीवनकाल के पांच स्थलों को भव्य पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया. इसी सच्चे समर्पण से दलित वोटों के तथाकथित ठेकेदार बौखला गए हैं.’’

क्या है पूरा मामला
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एसटी-एससी उत्पीड़न की शिकायतों में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शिकायत की शुरुआती जांच करें. शिकायत की शुरुआती पुष्टि होने के बाद ही मामला दर्ज किया जाए. सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश के बाद दलितों ने दो अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया था.
दो अप्रैल को दलितों के भारत बंद आंदोलन के दौरान सैकड़ों की संख्या में भीड़ ने हिंसक प्रदर्शन किया. यूपी, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा हिंसा हुई. प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा  मौतें हुई. हिंसा के बाद से मध्य प्रदेश के कई इलाकों में अभी भी कर्फ्यू जारी है.

कांग्रेस- शाह जी, सीएम से मंत्री तक सब कमीशन खाते हैं, बीजेपी- नौटंकी के लिए इतने मत फैलो कि फट जाओ

रायपुर। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रायपुर आगमन को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने अपने ट्विटर पर ट्वीट कर जोरदार तंज कसा है। बता दें कि जब से मीडिया में यह खबर आई कि अमित शाह रायपुर एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं की बैठक लेंगे तब से भाजपा विपक्ष के निशाने पर है। पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कर लिखा है कि-
‘अमित शाह जी रायपुर में आपका स्वागत है। उम्मीद है कि आज आप छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को ‘जय शाह-जादा’ वाला बिजनेस मॉडल जरूर बताएंगे, क्योंकि आपके मुख्यमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक कमीशन बहुत ज्यादा खाते हैं।’
उन्होंने रीट्वीट कर लिखा कि ‘भाजपा को अगर मीटिंग के लिए जगह की कमी हो तो रायपुर के कांग्रेस भवन में @amitshah का स्वागत है। आपको वहां मीटिंग कक्ष भी मिलेगा और चाय-नाश्ता भी। कांग्रेस पार्टी को विमानपत्तन अधिनियम के नियमों की रक्षा के लिए एवं आम लोगों की सुविधा के लिए कक्ष देने से कोई गुरेज नहीं है।’
भाजपा का करारा पलटवार
भूपेश के ट्वीट पर भाजपा ने पलटवार करते हुए लिखा कि ‘नौटंकी के लिए अपने दिल को इतना मत फैलाओ कि फट जाए। वैसे भी आपका दिल बहुत छोटा है, जिसमें आपकी पार्टी के लोग ही नहीं रहते। दूसरी पार्टी के लोगों को क्या जगह देंगे।

 

फेक न्यूजः जिस पर दुनियाभर में मचा है बवाल...

नई दिल्ली। पिछले कुछ साल में फेक न्यूज को लेकर दुनियाभर में बवाल मचा है। खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार फेक न्यूज शब्द का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा भी नहीं है कि फेक न्यूज जैसा शब्द सिर्फ पश्चिमी जगत के मीडिया में ही हो। भारत में भी इसका इस्तेमाल खूब धड़ल्ले से होता है। दरअसल फेक न्यूज एक बड़ी समस्या है। जिसके तहत किसी की छवि को धूमिल करने या अफवाह फैलाने के लिए झूठी खबर पब्लिश की जाती है। ऐसी झूठी खबरों पर रोक लगाने की पहल दुनियाभर में चल रही है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। पहले जानते हैं फेक न्यूज क्या है...

क्या है फेक न्यूज
अगर आप मीडिया इंडस्ट्री से हैं या नजदीक से जुड़े हैं तो आप जानते ही होंगे कि फेक न्यूज क्या है। यह एक तरह की पीत पत्रकारिता (येलो जर्नलिज्म) है। इसके तहत किसी के पक्ष में प्रचार करना व झूठी खबर फैलाने जैसे कृत्य आते हैं। किसी व्यक्ति या संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने या लोगों को उसके खिलाफ झूठी खबर के जरिए भड़काने को कोशिश फेक न्यूज है। सनसनीखेज और झूठी खबरों, बनावटी हेडलाइन के जरिए अपनी रीडरशिप और ऑनलाइन शेयरिंग बढ़ाकर क्लिक रेवेन्यू बढ़ाना भी फेक न्यूज की श्रेणी में आते हैं। फेक न्यूज किसी भी सटायर (व्यंग) या पैरोडी से अलग है। क्योंकि इनका मकसद अपने पाठकों का मनोरंजन करना होता है, जबकि फेक न्यूज का मकसद पाठक को बरगलाने का होता है।

दरअसल फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (आईबी मिनिस्ट्री) ने सोमवार शाम पत्रकारों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों के तहत फेक न्यूज का प्रकाशन करने पर पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई। इसके तहत उनकी मान्यता को निलंबित और रद करने तक के प्रावधान थे। मंत्रालय की ओर से जारी इन दिशा-निर्देशों के खिलाफ मीडिया में माहौल बिगड़ता कि इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन दिशा-निर्देशों को वापस लेने की बात कही। उन्होंने मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह अपने दिशा-निर्देशों को वापस ले लें और इस मामले को प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया पर ही छोड़ दिया जाए।

लोकतंत्र की हत्या का प्रयास

इससे पहले दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित इस मामले में कूद पड़ीं। शीला ने आईबी मंत्रालय के सोमवार के दिशा-निर्देशों पर सवाल उठाते हुए फेक न्यूज की परिभाषा पूछी। उन्होंने कहा, लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया पर प्रतिबंध लगाना लोकतंत्र की हत्या जैसा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, आज हम केवल ऐसी खबरें देखते हैं जो सरकार समर्थित हैं। भारत स्वतंत्र मीडिया में विश्वास रखता है और यह जारी रहना चाहिए।


क्या कहा गया था आईबी मंत्रालय की प्रेस रिलीज में
आईबी मंत्रालय ने सोमवार को जो प्रेस रिलीज जारी की थी, उसमें कहा गया कि प्रिंट व टेलीविजन मीडिया के लिए दो रेगुलेटरी संस्थाएं हैं- प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन, यह संस्थाएं तय करेंगी कि खबर फेक है या नहीं। दोनों को यह जांच 15 दिन में पूरी करनी होगी। एक बार शिकायत दर्ज कर लिए जाने के बाद आरोपी पत्रकार की मान्यता जांच के दौरान भी निलंबित रहेगी। दोनों एजेंसियों द्वारा फेक न्यूज की पुष्टि किए जाने के बाद पहली गलती पर छह माह के लिए मान्यता रद की जाएगी, दूसरी बार में एक साल के लिए मान्यता रद हो जाएगी और तीसरी बार में स्थायी रूप से पत्रकार की मान्यता रद हो सकती है।

डिजिटल मीडिया में ज्यादा फेक न्यूज
हालांकि मंत्रालय ने जो दिशा-निर्देश जारी किए थे उसमें डिजिटल मीडिया की बात नहीं कही गई थी। लेकिन इससे पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी कह चुकी हैं कि सरकार डिजिटल मीडिया के लिए भी दिशा-निर्देश जारी करेगी। फेक न्यूज पर रोकथाम लगाने की कोशिशें वैश्विक स्तर पर जारी हैं। खासतौर पर डिजिटल मीडिया में फेक न्यूज को लेकर तमाम सरकारें अलर्ट हैं। माना जाता है कि 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने फेसबुक पर फेक न्यूज का इस्तेमाल कर लोगों का मत बदलने की कोशिश की थी। ऐसा ही कुछ भारत में भी होने का खतरा है। जो आने वाले दिनों में कई राज्यों व केंद्र सरकार के लिए होने वाले चुनावों पर असर डाल सकता है।

राहतः सस्ती हुई रसोई गैस, बगैर सब्सिडी 36 तो सब्सिडी पर 1.74 रू. की बचत

रायपुर। बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों के लिए राहत की खबर है. कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बाद तेल कंपनियों ने गैर सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती कर दी है. गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत में 36 रुपए और सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत में 1.74 रुपए की कमी की गई है.

अब नोएडा, गाजियाबाद में नॉन सब्सिडाइज सिलेंडर की कीमत 649 रुपए हो गई है. दिल्ली में गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर का भाव 653.50 रुपए होगा. लखनऊ के उपभोक्ताओं को 724 रुपए में पड़ने वाला सिलेंडर 688 रुपए में मिलेगा.
रायपुर में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 721.50 रुपए हो गई है. वहीं सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 489.04 रुपए हो गई है. जबकि गाजियाबाद, नोएडा में सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 479 रुपए होगी.

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने कीमतें घटा दी हैं. 5 किलो के एलपीजी सिलेंडर पर भी 15 रुपए घटाए गए हैं. 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी 54 रुपए की कटौती की गई है. बढ़ी हुई कीमतें 1 अप्रैल से लागू हो गई हैं.

इन शहरों में सब्सिडी वाले सिलेंडर की ये है नई कीमतें
दिल्ली- 491.35 रुपए

कोलकता- 494.33 रुपए

मुंबई- 489.04 रुपए

चेन्नई- 479.44 रुपए

गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर
14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 653.50 रुपए होगी, जबकि पहले ये 689 रुपए थी. वहीं इंदौर में गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 713.50 रुपए से घटकर 677.50 रुपए हो गई है. कोलकाता में 676 रुपए, मुंबई में 625 रुपए और चेन्नई में 663.50 रुपए गैर सब्सिडी वाला सिलेंडर हो गया है. कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1267.50 रुपए से घटकर 1222.50 रुपए हो गई है.