छत्तीसगढ़

महिला पंचायत प्रतिनिधियों के रिश्तेदार,नही कर सकते उनके कार्यों में हस्तक्षेप

बलौदाबाजार,7 मई 2020राज्य शासन के नये निर्देश एवं जिला कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ आशुतोष पाण्डेय ने एक नया आदेश जारी किया है। जिसके तहत जिला में किसी भी महिला पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यों में उनके रिश्तेदारो के  हस्तक्षेप को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिला पंचायत सीईओ आशुतोष पाण्डेय ने बताया इसके अंतर्गत पंच, सरपंच,जनपद पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्यों आदि में किसी भी महिला सदस्यों के पति ,बेटा,बेटी अन्य सगे संबधी, रिश्तेदार उनके कार्यो में हस्तक्षेप नही कर सकते है। उनके रिश्तेदार द्वारा किसी भी तरह सलाह देना, मीटिंग में शामिल होना प्रतिबंधित रहेगा। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा इन नियमों उल्लंघन करने पर कोई भी व्यक्ति जनपद पंचायत सीईओ को  शिकायत कर सकते है। इन सभी पंचायत प्रतिनिधियों पर उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई किया जाएगा। गौरतलब है की राज्य शासन द्वारा 50 प्रतिशत सीटों का आरक्षण  महिला सदस्यों के लिए होते है।जिस कारण बहुत से पंचायत प्रतिनिधियों के रिश्तेदार उनके कार्यों में बेवजह दखल कर प्रशासनिक कार्यों को भी बाधित करतें है।

स्वास्थ्य सुविधा बेहाल .....क्षेत्र के लोगों पर पड़ ना जाए भारी...

जांजगीर चांपा-जिले में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर तो जिले का हाल बेहाल है यहां अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी संसाधनों की कमी तो है लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी बखूबी नहीं निभा रहे हैं नतीजा जिले की स्वास्थ्य सुविधा बेहाल है। दरअसल में देश और प्रदेश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तमाम प्रयास कर रहे हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल में डॉक्टरों को 24 घंटे उपलब्ध कराने की बात कह रहे हैं लेकिन जांजगीर-चांपा जिले के मालखरोदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत फगुरम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहां की स्वास्थ सुविधा बेहाल है। यहां अस्पताल में तो ठीक से ना डॉक्टर आते हैं ना ही यहां के कर्मचारी इस बात की खबर मीडिया में आई तो सुधार के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होता दिखाई दे रहा है वहीं यहां के लचर सिस्टम को लेकर जब जांजगीर-चांपा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसआर बंजारे को अवगत कराया गया तो उनका भी अजीबो गरीब बयान सुनने को मिला साहब का कहना है कि मीडिया में जो खबर लगी है वह पुरानी खबर है अब यहां पर अस्पताल में चिकित्सक नर्सिंग स्टाफ पूरे समय रहते हैं साथ ही उन्होंने कहा कि कर्मचारी चिकित्सक खाना खाने के लिए गए थे यह उसी दौरान की तस्वीरें हैं साहब यह जवाब भी हमें समझ नहीं आता कि यह एक जांजगीर-चांपा जिले के जिम्मेदार अधिकारी दे रहे हैं हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मान भी लेते हैं कि वहां के स्टाफ खाना खाने गए थे तो खाना खाने जाने की भी दौरान अस्पताल में एक भी कर्मचारी का ना रहना ऊपर से अस्पताल को खुला छोड़ देना क्या यह लापरवाही नहीं है अस्पताल को खुला छोड़ अगर वह खाना खाने जा रहे हैं तो इस दौरान अस्पताल में चोरी भी हो सकती है आपातकालीन स्थिति में कोई मरीज आए तो भगवान है उसका मालिक है यहां तक की बात ठीक है साहब इस बात को खुद ही मानते हैं कि यह तस्वीर पुरानी है तो उस अस्पताल में कार्यवाही क्या हुआ क्योंकि अब तक उस अस्पताल में कार्यवाही होता नहीं दिखाई दे रहा है। कार्यवाही नहीं होने की वजह से लापरवाह चिकित्सक और स्टाफ के हौसले दिनोंदिन बुलंद होंगे जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहां पर पदस्थ चिकित्सक को राजनीतिक और रसूखदार ओं का संरक्षण मिल रहा है शायद यही वजह है कि जिम्मेदार कार्यवाही करने से बच रहे हैं। खैर अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि लापरवाह चिकित्सक और उनके स्टाफ के ऊपर जिम्मेदार क्या कार्यवाही करते हैं या फिर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा।

एमएलए डॉ. विनय, मेयर कंचन जायसवाल सहित ब्लाक कांग्रेस कमेटी चिरमिरी ने दस वर्ष पूर्व हुई कोल इंडिया का सबसे बड़ी दुर्घटना के शहीदों को किया याद. दी श्रधांजली.

कोरिय /चिरमिरी । एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के अंजन हिल भूमिगत खान में 6 मई 2010 के दिन हुए भीषण दुर्घटना में कर्तव्य बेदी पर अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले कर्म वीरो की स्मृति में स्थापित अंजन हिल शहीद स्मारक में लाक डाउन नियमों का पालन करते हुए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्रिय विधायक डॉक्टर. विनय जायसवाल. नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल. सहित ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष कश्यप,युवा कांग्रेस के महामंत्री हैप्पी बधावन के साथ ब्लाक के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य ने 10 वर्ष पूर्व शहीद हुए 14 कर्मवीरों को श्रधांजली दी. उपस्थिति अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित करके श्रद्धांजलि अर्पित की वहीं 2 मिनट का मौन रखकर अमर शहीद मृत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई ।

बिलासपुर में प्रवासी मजदूर की मौत।

0 अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत।

0 मजदूर झारखंड का रहने वाला।

0 कोरोना की जांच रिपोर्ट नेगेटिव थी।

0 बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में चल रहा था उपचार। बिलासपुर की सिम्स अस्पताल में उपचार के दौरान एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई। इसी के साथ शहर में कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत की खबर फैल गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने साफ-साफ कहा है कि मृतक किसी भी तरह से कोरोना पॉजिटिव नहीं था। हालांकि मजदूर की मौत मल्टी ऑर्गन फैलियर की वजह से ही हुई है।।

गौरतलब है कि झारखंड के रहने वाले तकरीबन आठ मजदूरों को 4 मई के दिन सिम्स अस्पताल में लाया गया था। जिनकी माइग्रेशन के दौरान सामान्य कोरोना जांच की गई थी।। जिसमें सभी मजदूर नेगेटिव पाए गए थे। इनमें से एक मजदूर रवि मंडल की स्थिति थोड़ी गंभीर थी। लिहाजा प्रशासन ने इसे सिम्स अस्पताल में भर्ती करा दिया था। 6 मई को इस मजदूर रवि मंडल की मौत हो गई और इसी के साथ कोरोना संदिग्ध की मौत की खबर आने लगी। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने मजदूर के कोरोना पीड़ित होने से इनकार किया है। डॉ आरती पाण्डेय मिली जानकारी के अनुसार 4 मई को ही इन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। लेकिन मृतक रवि मंडल की स्थिति गंभीर होने की वजह से उनके ब्लड सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं थे। हालांकि मरीज की मौत मल्टी ऑर्गन फेलियर की वजह से ही हुई है।

चीतल के शिकार करने वाले 12 आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही

वनमंडलाधिकारी वनमंडल बलौदाबाजार आलोक तिवारी एवं उपवनमंडलाधिकारी कसडोल उदयसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी श्री टी.आर. वर्मा के निर्देशन में सतत् गस्त कर वनो की चोरी, कटाई, अवैध परिवहन, अवैध उत्खनन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा हेतु कड़े कदम उठाये जा रहे है। इसी तारतम्य में अर्जुनी परिक्षेत्र के अंतर्गत महराजी परिवृत्त के ग्राम महराजी में वन्यप्राणियों के शिकार करने के उद्देश्य से कक्ष क्रमांक 377 कर्सीजुनवानी नाला में पानी में युरिया (जहर) मिलाकर 02 चीतल का शिकार किया गया। शिकार करने वाले सभी आरोपी ग्राम महराजी के ही है। आरोपीगण प्रकाश वल्द ननकी कर्ष, राकेश वल्द गरीबदास चौहान, जगदीश वल्द बेदूलाल ठाकुर, नेपाल वल्द लुसऊ गोंड़, नेपाल वल्द आनंदसिंग पैंकरा, शत्रुहन वल्द गुरूदयाल पैंकरा, दीपक वल्द ईश्वर प्रसाद कर्ष, सुनील वल्द सुखसिंग कर्ष, राहूल वल्द कल्हैयालाल चौहान, सेवक वल्द धनीराम कर्ष, धनन्नजय वल्द लच्छन लाल चौहान, बिसाहू वल्द गर्जन गोंड़ के द्वारा अपराध स्वीकार किया गया है। इस प्रकरण में 01 नग हिरण का बड़ा चमड़ एवं 10 नग छोटे चमड़े के टूकड़े, 02 नग पैर का टूकड़ा, 250 ग्राम मांस का कटा हुआ टूकड़ा, 12 नग हड्डियों का टूकड़ा, 02 नग कुल्हाड़ी, 01 नग परसूल, 01 नग स्टील चम्मच, 01 नग ढक्कन, 01 कि.ग्रा. यूरिया, 02 नग लकड़ी का डंडा, 02 पानी का प्लास्टिक बाटल तथा साड़ी कपड़ा का रस्सी जप्त किया गया हैं। उक्त वन अपराध प्रकरण में वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 एवं वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम 2002 की धारा 9, 50 एवं 51 के तहत कार्यवाही की जा रही है। वन्यजीव अपराध प्रकरण की विवेचना में श्री राजेश्वर वर्मा वनरक्षक, चन्द्रभुवन मनहरे, वनरक्षक, तृप्ति जायसवाल वनरक्षक, नरोत्तम पैंकरा वनरक्षक एवं सुरक्षा श्रमिकों का सहयोग लिया गया। प्रकरण की विवेचना सुखराम छात्रे वनपाल स.प.अ. महराजी द्वारा किया जा रहा है।

मनरेगा के कार्यो का निरीक्षण करने कलेक्टर ने किया जिला दल का गठन

Danteshwar kumar ( chintu) बीजापुर- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप कलेक्टर के डी कुंजाम ने जिला स्तरीय निरीक्षण दल का गठन किया है। दल में कुल 6 सदस्य शामिल किए गए हैं। यह दल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पोषण चंद्राकर के नेतृत्व में जिले में मनरेगा में हो रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण करेंगें। श्री चंद्राकर ने बताया कि अधिनियम में दिए गए प्रावधान के अनुसार कलेक्टर महोदय ने जिला स्तरीय निरीक्षण दल का गठन किया है । जिसमे योजना से जुड़े अधिकारियों के अलावा तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। जिले में योजना अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यो में गुणवत्ता व अधिनियम के प्रावधानों अनुसार कार्य किये जाने की निगरानी की जा सके। जिला स्तरीय निरीक्षण दल के अन्य सदस्य में विजय कोमरे ईई आरईएस, मनीष सोनवानी एपीओ मनरेगा, विक्रम वर्मा , ललित मानिकपुरी एवं प्रशांत यादव शामिल हैं। मशीन चलाने वालों पर होगी करवाई- मनरेगा के प्रावधान अनुसार मशीन से कार्य कराना प्रतिबंधित है। निरीक्षण दल के भ्रमण के दौरान मशीन से कार्य करते पाये जाने पर मशीन जप्त कर, मशीन मालिक के विरुध्द एफआईआर दर्ज की जाएगी है। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक के विरुद्ध भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ एफआईआर करने के निर्देश दिए गए हैं। जो तकनीकी सहायक मशीन से हुये कार्य का मूल्यांकन करेंगे उन पर भी एफआईआर की गाज गिर सकती है । कार्य प्रारम्भ के साथ बोर्ड बनाया जावेगा। निरीक्षण दल कार्य स्थल पर बोर्ड, सात प्रकार की पंजी और जॉब कार्ड का अवलोकन करेंगे।

मास्क नही पहने वाले 246 लोगों पर पुलिस और नगर निगम की संयुक्त कार्यवाही

कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ा कर 17 मई 2020 तक कर दिया गया है। एवं संपूर्ण जिले में धारा 144 लागू कर सभी प्रकार के स्थलों जहां जनसामान्य इकट्ठा होते हैं प्रतिबंधित कर दिया गया है बिलासपुर जिले को ग्रीन श्रेणी में रखने के पश्चात कोरोना वायरस से बचाव व रोकथाम हेतु शासन द्वारा समय-समय पर नियमों में बदलाव किए गए हैं एवं लोगों की आवश्यकताओं को देखते हुए विभिन्न प्रकार की दुकानें एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानो को जारी रखने छूट भी दिये जा रहे हैं। परंतु समस्या अभी समाप्त नहीं हुई है और बिना मास्क के अन्य किसी तरीके से चेहरा बिना ढके बाहर निकलने में छूट नहीं दी गई है अनावश्यक भ्रमण करने, छूट प्राप्त दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर कार्यवाही भी की जा रही है। जिस पर से आज बिना मास्क लगाएं बाहर निकलने वाले व्यक्तियों पर आज कुल लगभग 250 से अधिक कारवाही की गई। देश में (कोविड-19) जैसी महामारी के दौरान बिना मास्क पहने निकलने वाले लोगों पर नगर निगम और पुलिस प्रशासन की टीम द्वारा कारवाही निरंतर जारी है जिस पर से आज थाना सिविल लाइन क्षेत्र में 13, कोतवाली में 88, तारबाहर में 13,तोरवा में 25,सरकंडा में 32, सिरगिट्टी में 20, चकरभाठा में 04, कोटा में 17,पचपेड़ी में 10, बिल्हा में 16, तखतपुर में 8, व अन्य थानों में भी कार्यवाही मे कारवाही जा रही है।

गायत्री परिवार बीजापुर ने कोरोना से लड़ने मुख्यमंत्री सहायता कोष में दिया 21000/- का आर्थिक सहयोग

Danteshwar kumar ( chintu) :: बीजापुर : वैश्विक महामारी कोविड -19 (कोरोना) संक्रमण से लड़ने के लिए जहां पूरी दुनिया एकजुट हैं वहीं छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्य तेलंगाना और महाराष्ट्र से लगा हुआ बीजापुर जिला भी इस संघर्ष मे पीछे नहीं है । बचाव व राहत कार्य में सहयता देने के लिए कई समाजिक और धार्मिक संस्थाओं का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है । ऐसा ही एक पुण्य कार्य गायत्री परिवार बीजापुर के द्वारा किया गया है जो की राज्य सरकार को इस विपत्ति के समय मे आर्थिक सहयोग करते हुए 21000/- रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष में चेक के माध्यम से जमा किया गया है । आध्यात्मिक रूप से गायत्री परिजनों द्वारा संकटकाल से निवारण के लिए व्यक्तिगत साधना ,यज्ञ और पूजन के जरिए वेदमाता गायत्री,परम पूज्य गुरुदेव पं श्री राम शर्मा आचार्य और वन्दनीय माता भगवती देवी शर्मा तथा महाकाल से प्रार्थना किया जा रहा । साथ ही साथ पूरे विश्व में गायत्री परिवार अपने -अपने क्षेत्र में तन-मन-धन से लाकड़ाऊन में फंसे हुए लोगों की मदद कर रहा है । जिला कलेक्टर के.डी .कुजांम को चेक सहित ज्ञापन सौंपकर गायत्री परिजनों द्वारा हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया गया । इस अवसर पर गायत्री परिवार ट्रस्ट बीजापुर के प्रमुख ट्रस्टी शंकर कुडियम,जिला समन्वयक विजय बहादुर राजभर तथा ट्रस्टी जयपालसिंह राजपूत ने सोसल डिस्टेंसींग का पालन करते हुए जिलाधिकारी से भेंट किया।

वनोपज खरीदी पर केदार कर रहे हैं अनर्गल प्रलाप : लखेश्वर बघेल

Danteshwar kumar ( chintu)

जगदलपुर । पूर्व मंत्री केदार कश्यप के द्वारा प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही वनोपज खरीदी के बयान पर, बस्तर विधायक और बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने पलटवार करते हुए कहा है कि विगत 15 साल के शासनकाल में जमीनी हकीकत और आदिवासियों से कोसों दूर रहे पूर्व मंत्री कोरोना संक्रमण काल के समय, सुर्खियों में बने रहने का असफल प्रयास कर रहे हैं ।

बस्तर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा है कि आज संपूर्ण संभाग का प्रशासन बड़ी संजीदगी के साथ कोरोना संक्रमण काल की विषम परिस्थितियों से जूझ रहा है, जिसमें शासन का प्रत्येक विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है। ऐसे कठिन समय में प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही वनोपज खरीदी पर बिना किसी तथ्यों के आरोप लगाने की पूर्व उन्हें संबंधित विभाग से वास्तविक आंकड़ों की जानकारी ले लेना चाहिए था, क्योंकि आज की परिस्थिति में बस्तर संभाग के वनोपज खरीदी के जिला यूनियन में रैंकिंग के हिसाब से जिला दंतेवाड़ा पहले नंबर पर,बस्तर जिला दूसरे नंबर पर, सुकमा जिला तीसरे नंबर पर और बीजापुर जिला संपूर्ण प्रदेश में चौथे नंबर पर है । कोरोना संक्रमण काल के समय भी दंतेवाड़ा जिले में 27.94, बस्तर जिले में 17.18, सुकमा जिले में 13.97 और बीजापुर जिले में 9.73 वनोपज संग्रहण का प्रतिशत रहा है जो कि अपनी प्रारंभिक स्थिति में है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुए तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य अप्रैल माह के बाद से ही आरंभ हो पाता है । प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर चयनित कर उनसे वनोपज की खरीदी की जा रही है।

बस्तर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने पूर्व मंत्री केदार कश्यप पर आरोप लगाते हुए कहा है कि विगत 45 दिनों से रायपुर में रह रहे पूर्व मंत्री मात्र मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए इस प्रकार की बयान बाजी कर रहे हैं। आज प्रदेश सरकार और कांग्रेस संगठन से जुड़े लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन कर प्रशासन एवं आम जनता का सहयोग कर रहे हैं ऐसे समय में उनका यह बयान कि हम मोबाइल से एक दूसरे का संपर्क कर जनता की सेवा कर रहे हैं अपने आप में हास्यास्पद सा प्रतीत होता है। विगत 15 वर्षों से जनता को जल, जंगल और जमीन से दूर रखने वाले भाजपा के पूर्व मंत्री के बयानों से प्रदेश के साथ उनकी क्षेत्र की जनता की भली-भांति परिचित है जिसका परिणाम उन्हें विधानसभा चुनाव में परिलक्षित भी हो चुका है ।

मनेन्द्रगढ़ : क्षेत्र में गंदे पानी कि हो रही है सप्लाई

कोरिया -जिले के मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में गंदा पानी सप्लाई करने का मामला सामने आया है बताया जा रहा है कि बीते एक सप्ताह से नगरपालिका के पम्प हाउस में ऐलम नही होने के कारण शहर में गंदा पानी पिलाया जा रहा है और लोगो जी जान से खिलवाड़ किया जा रहा है

 आपको बता दे कि मनेन्द्रगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के सभी वार्डो में गंदा पानी आने से आम जनता भारी नारजगी नजर आ रहा है वही मामले की जानकारी के लिए जब मीडिया पम्प हाउस पहुची तो पम्प हाउस में पानी साफ करने के लिए इस्तेमाल करने वाला ऐलम नजर नही आया जिससे आज मनेन्द्रगढ़ के सभी वार्डो में गंदा पानी ही सप्लाई कराया जा रहा है

वही जब गंदा पानी को लेकर नगर पालिका के जल प्रभारी नागेंद्र जयसवाल से जानकारी लिया गया तो उनके द्वारा अपना पल्ला झाड़ते हुए कहाँ की अभी बीच मे बारिश होने के कारण गंदा पानी आ रहा है ।

विधायक डॉ,विनय एवं महापौर कंचन जायसवाल दिखे अलग अंदाज में मोटर साईकल पर सवार होकर किया चिरमिरी शहर का भ्रमण सुनी जन समस्या दिया आश्वासन

डियूटी पर तैनात पुलिस चौकी कोरिया के प्रभारी सहित जवानों के साथ सफाई महिला मित्र व कर्मचारियों का किया सम्मान.

पुलिस जवानों की निष्ठां और कर्तव्य एवं सफाई कर्मचारियों की मेहनत ने चिरमिरी शहर को दी एक अलग पहचान जिसका गवाह स्वयं चिरमिरी शहर- महापौर कंचन जायसवाल

चिरमिरी / कोरोना महामारी की इस भीषण आपदा में नगर निगम चिरमिरी के साथ हमारे पुरे कोरिया जिले में निवास रथ लोगो की सुरक्षा एवं बचाओं की असल जीत का श्रेय अगर दिया जाए तो उसके असली हकदार हमारे पुलिस के जाबाज जवान एवं यह हमारे सफाई कर्मचारी व महिला मित्र को जाता है । जिनकी कड़ी मेहनत और निष्ठां के साथ लगन एवं उनके कर्तव्य को कभी भुलाया नहीं जा सकता जिसका हमारा शहर और पूरा जिला खुद ही गवाह बना हुआ है । उक्त कथन महापौर कंचन जायसवाल एवं उनके साथ मौके पर उपस्थित क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल ने कही। 
   जानकारी अनुसार कोविड 19 की इस महामारी और भीषण आपदा में क्षेत्रिय विधायक डॉ. विनय जायसवाल एवं उनके साथ नगर निगम चिरमिरी की महापौर  कंचन जायसवाल एक अलग अंदाज में मोटर साईकल पर सवार होकर शहर की सड़को पर भ्रमण करते नजर आये जो चिरमिरी शहर में पहली बार देखने को मिला की शहर का कोई उच्च पद का जनप्रतिनिधी अपनी चाक चौबंध सुरक्षा को दरकिनार कर एक आम आदमी के तर्ज पर लोगो से मिल उनकी समस्याओं को बेहद नजदीक देख और सुन कर तत्काल निराकरण किया हो । अपने इस अलग अंदाज में शहर के दोनों जनप्रतिनिधी मोटर साईकल पर अचानक नगर निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 7 और 8 पहुच गए जहाँ सफाई कर रही निगम की महिला मित्रों के साथ सफाई कर्मचारियों को उनके कार्य के प्रति मेहनत और लगन को देख कर उनके जज्बे को सलाम किया और उन्हें पुष्पगुक्ष्य देकर सम्मानित किया एवं वार्ड वासियों को मौके पर बुला कर वार्ड की समस्याओं की जानकारी ली और उन समस्याओं को तत्काल निराकरण करने का आश्वासन भी दिया । इसी कर्म में दोनों जनप्रतिनिधी कोरिया कालरी में स्थापित पुलिस चौकी पहुच गए जहां मौके पर उपस्थिति चौकी प्रभारी श्री राम बाबू दोहरे एवं उनके सभी पुलिस स्टाप की निष्ठा व कर्तव्य के साथ कार्य को बखूबी निभाने पर दोनों जनप्रतिनिधी ने सलामी दी और उनका हौसला बढ़ाते हुए मास्क,सैनी टाइजर के साथ फल एवं पेय जल छाछ का वितरण करते हुए सम्मानित किया एवं उनका हालचाल जाना । जिसका मौके पर उपस्थिति पुलिस कर्मियों ने धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त करते हुए अपने बीच शहर के दो उच्च पद के जनप्रतिनिधियों को उपस्थिति देख ख़ुशी जाहिर की ।।

बिलासपुर : रविवार को जिले में रहा दूसरा पूर्ण लॉकडाउन

बिलासपुर छत्तीसगढ़ : अजीत मिश्रा :

रविवार को जिले में दूसरा पूर्ण लॉकडाउन रहा। सुबह लेकर देर शाम तक सब्जी मार्केट से लेकर दुकानों के शटर बंद रहे और लोग भी बाहर नजर नहीं आए। खुशहाली आने के पहले पूरे दिन शहर में सन्नाटा  छाया रहा।  

पूर्ण लॉकडाउन पर अमल करने शनिवार को पुलिस अफसरों व थानेदारों ने अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर व्यापारियों को समझाइश दे दी थी। लाउडस्पीकर के जरिए गली-मोहल्लों में मुनादी कर बाहर निकलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। नतीजा यह हुआ कि रविवार की सुबह से ही लोग अपने-अपने घरों में नजर आए। इस बीच सुबह कुछ समय के लिए दूध व मेडिकल स्टोर जाने वाले नजर आए। हालॉकि, बाहर घूमने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस चौक-चाराहौं पर तैनात रही। इस बार लॉकडाउन में पुलिस को भी ज्यादा मशक्कत  नहीं करनी पड़ी। पूर्व घोषित लॉकडाउन के चलते सब्जी, फल वगैरह के साथ ही पूरा बाजार बंद रहा। इस दौरान मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप व डेयरी ही खुली रहीं। वहीं, राशन सहित अन्य आवश्यक दुकानों में भी शटर बंद रहा। सुबह से लेकर शाम तक सड़कों पर सन्न्ाटा पसरा रहा। इस बीच चौक-चौराहों पर पूरे दिन पुलिस निगरानी करती रही। जांच के दौरान पुलिस ने प्रत्येक वाहन चालक से सघन पूछताछ करती रही। हालॉकि, सुबह दस बजे के बाद गिने-चुने लोग ही बाहर नजर आ रहे थे। पूरे समय  एएसपी ओपी शर्मा, एएसपी संजय कुमार ध्रुव, डीएसपी विश्वदीपक त्रिपाठी, सीएसपी निमेश बरैया सहित सभी थाना प्रभारी व जवान अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोलिंग करते रहे।

नगर पालिक निगम चिरमिरी की महिला महापौर कंचन जायसवाल ने अंतर्राष्टीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर पत्रकार प्रतिनिधियों को दी बधाई ।

चिरमिरी / नगर पालिक निगम चिरमिरी की महिला महापौर कंचन जायसवाल ने अंतर्राष्टीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस आज 3 मई 2020 के अवसर नगर निगम चिरमिरी के पत्रकार संघ के समस्थ प्रतिनिधियों को अपनी ओर से बधाई देते हुए ढेर सारी शुभ कमाएँ दी है । इस दौरान श्रीमती कंचन ने वाट्सअप वीडियो कॉलिंग का सहारा लेते हुए निगम चिरमिरी के कई पत्रकारो से शहर की अन्य अव्यवस्थाओं सभी के सहयोग से सुचारू करने का आश्वासन देते हुए चर्चा कर बधाई दी ।

श्रीमती जायसवाल ने कहा की पूरी दुनिया में पत्रकारिता के सम्मान और स्वतंत्रता के साथ सुरक्षा की सुनिश्चित्त के उद्देश्य से विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है मीडिया लोक तंत्र का चौथा और सशक्त स्तंभ माना जाता है । सविधान निर्माता ने स्वयं भारतीय संविधान में भी प्रेस की स्वतंत्रता को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रूप में मूल अधिकारों के अंतर्गत शामिल किया गया है । भारत जैसे विकास शील देश में मीडिया संस्थानो का महत्त्व अधिक होने के साथ ही उनके लिए चुनौतियां भी अधिक है । देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ है जहां पत्रकारों को सुरक्षा देने के लिए कानून बनाने की पहल की है । जो हमारे राज्य के लिए और हमारे पत्रकार साथियों के एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी ।।

मनेंद्रगढ़ विधान सभा के विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने अंतर्राष्टीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर पत्रकार प्रतिनिधियों को दी बधाई ।

सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो कॉल को बनाया माध्यम.

चिरमिरी / मनेंद्रगढ़ विधानसभा के विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने अंतर्राष्टीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस आज 3 मई 2020 के अवसर नगर निगम चिरमिरी के पत्रकार संघ के समस्थ प्रतिनिधियों को अपनी ओर से बधाई देते हुए ढेर सारी शुभ कमाएँ दी है । इस दौरान श्रीमती कंचन ने वाट्सअप वीडियो कॉलिंग का सहारा लेते हुए निगम चिरमिरी के कई पत्रकारो से शहर की अन्य अव्यवस्थाओं सभी के सहयोग से सुचारू करने का आश्वासन देते हुए चर्चा कर बधाई दी ।

डॉ. जायसवाल ने कहा की पूरी दुनिया में पत्रकारिता के सम्मान और स्वतंत्रता के साथ सुरक्षा की सुनिश्चित्त के उद्देश्य से विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है मीडिया लोक तंत्र का चौथा और सशक्त स्तंभ माना जाता है । सविधान निर्माता ने स्वयं भारतीय संविधान में भी प्रेस की स्वतंत्रता को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रूप में मूल अधिकारों के अंतर्गत शामिल किया गया है । भारत जैसे विकास शील देश में मीडिया संस्थानो का महत्त्व अधिक होने के साथ ही उनके लिए चुनौतियां भी अधिक है । देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ है जहां पत्रकारों को सुरक्षा देने के लिए कानून बनाने की पहल की है । जो हमारे राज्य के लिए और हमारे पत्रकार साथियों के एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी ।।

डॉ. विनय ने कहा की प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक के साथ सोशल मीडिया का दायित्व बहुत अधिक हो जाता है । जब पूरा विश्व कोविड 19 जैसे संकट से उभरने की कोशिश कर रहा है जिसमें पत्रकार जगत के पत्रकार साथियों को इस आपदा की घड़ी में हिम्मत और जवाबदारी से कर्त्वय का निर्वाहन करने के लिए एक विधायक के रूप में स्वयं और अपने पुरे विधान सभा के जन मानस की ओर से ढेर सारी बधाई एवं अन्यत्र शुभ कामनाऐ देता हूँ ।।

नागरिकों के जीवन को सुरक्षित करें ,शासन प्रशासन ! तेंदूपत्ता तोडना आवश्यक नही - श्रीनिवास मुदलियार

Danteshwar kumar

बीजापुर - समूचा विश्व इस वक्त  कोविड-19 के संक्रमण से जूझ रहा है ,केंद्र व राज्य सरकार कोरोना के इस भयंकर विभीषिका के बचाव व राहत के लिए अनेकों उचित कदम उठाकर भरसक प्रयास किया गया। जिसका परिणाम अन्य देशों की अपेक्षा भारत में काफी नियंत्रित है। जिसका एकमात्र कारण संपूर्ण देश को लॉक डाउन करना और प्रत्येक नागरिक को लॉकडॉउन के नियमों का सुचारु पालन कराना तथा भारत सरकार और राज्य सरकार से प्राप्त दिशा निर्देशों का पालन/ परिपालन का दायित्व जिला प्रशासन का है ,किंतु बीजापुर जिले में जिला प्रशासन व वन विभाग द्वारा तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य को अहम मान कर कॉफी इन दिनों सक्रियता दिखा रही है। अब तक जब से लॉकडॉउन समूचा देश प्रदेश और बीजापुर जिला में हुआ ,यहां का जिला प्रशासन ने कोविड-19 का बचाव के लिए अहम फैसले लेकर जिले को कोरोना से मुक्त होने का संदेश भी दिया । अन्य राज्यों से किसी व्यक्ति के प्रवेश पर कठोर कार्रवाई कर उन्हें वापस तक भेजा गया एवं तेलंगाना ,महाराष्ट्र में इस जिले के फंसे मजदूरों को लॉकडॉउन के नियमों का हवाला देकर उन्हें आने से वंचित किया गया। और ना ही उन्हें वापस लाने की चिंता की ।परंतु ऐसा क्या कारण है, कि तेंदूपत्ता तोड़ाई सीजन आते ही जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए 150 लोगों को रातों-रात तेलंगाना,महाराष्ट्र के तेंदूपत्ता ठेकेदार व उनके सहयोगियों का छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रवेश हेतु अनुमति पास बनाती है ,और उक्त ठेकेदार और उनके सहयोगीयों द्वारा लॉकडॉउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए बीजापुर शहर कस्बों में बेखौफ होटलों प्रतिष्ठानों में घूम घूम कर आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी करते हैं ।और जिला प्रशासन मौन रहता है, तथा उन ठेकेदारों को लॉकडॉउन के नियमों का पालन /परिपालन करवाना तक आवश्यक नहीं समझा । और जब खबरें प्रकाशित हुई, तब नियमों के प्रति पूर्ति हेतु जिला प्रशासन द्वारा उन्हें शहर के भीतर ही होटलों व पारा मोहल्लों में जहां जंहा वे रुके वंही क्वारंटाइन कर रखा । तब तक वह बीजापुर नगर का पूर्णतया  भ्रमण कर चुके हैं। और जहां जहां पर रुके उन्हें किसी वैवाहिक कार्यक्रम में आमंत्रित व्यक्तियों की भांति वन विभाग के डीएफओ रेंजरों द्वारा उनकी खातिरदारी भी की जा रही है ।और तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य वनविभाग की है, जिस कारण विभाग के उच्च अधिकारियों की सक्रियता होना कई प्रश्नों को जन्म देती है। इस वक्त कोविड-19 के संक्रमण से मानव जीवन को सुरक्षित करने लॉकडाउन ही एकमात्र उचित विकल्प है ।ऐसे समय लॉकडॉउन के नियमों का जिला प्रशासन व वन विभाग द्वारा अवज्ञा करना तथा रेड जोन घोषित राज्य तेलंगाना ,महाराष्ट्र से ग्रीन जोन जिला बीजापुर में नियमों को ताक में रखकर तथा उन तथाकथित ठेकेदारों व उनके सहयोगियों को प्रवेश करवाया जाना यहां के मानवीय जीवन को संकट में डालकर क्या अपना व्यक्तिगत हित साधा जा रहा है ? क्या बीजापुर जिला में तेंदूपत्ता तोड़ाई होने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी ।क्या छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थ व्यवस्था सुधार  बीजापुर जिले से तय होती है? क्या परिस्थिति वश  तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य इस वर्ष बन्द किया जाना उचित नही था?क्या रेड जोन राज्यों से आये ठेकेदारों व सहयोगियों को ग्रीन जोन जिला बीजापुर में प्रवेश करा कर यँहा के सुरक्षित नागरिकों के जीवन पर संकट उत्पन्न नही किया गया ?  ऐसे समय जब संपूर्ण देश प्रदेश आर्थिक संकट का सामना कर अपने देश प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा का जिम्मा उठा कर मानव जीवन को इस भयंकर संकट से बचाने व सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं बीजापुर जिले में प्रशासन व वन विभाग द्वारा लॉकडॉउन के नियमों का तथा कथित ठेकेदार व उनके सहयोगियों से पालन ना करवा कर स्वयं भी भारत सरकार और राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का पालन ना कर मानव जीवन को संकट में डालने का प्रयास किया जा रहा है ।रेड जोन राज्यों से ग्रीन जोन घोषित बीजापुर जिला में प्रशासन द्वारा तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य को अति महत्व देते हुए क्षेत्र के ठेकेदार व उनके सहयोगियों को अनुमति पास देकर यहां के सुरक्षित नागरिकों के जीवन के विपरीत निर्णय लिया जाना समझ से परे है ।तथाकथित ठेकेदार अपने सहयोगियों के साथ बीजापुर जिले के अन्य क्षेत्रों में भोपालपटनम, मद्देड में ठहरे हुए हैं ।मद्देड के ग्रामीणों ने इनका विरोध कर तहसीलदार भोपालपटनम से संपर्क किया तो जिला प्रशासन से अनुमति पास होना बताया गया तथा बॉर्डर क्षेत्र में भी कई मजदूर आकर अपने अपने घरों में है ।उन्हें शिविरों में व्यवस्थित कर रखना चाहिए ,घरों में रहने से नियमों का पालन नही कर बेख़ौफ़ घूम रहे है ।प्रशासन की लाफ़रवाही से बॉर्डर क्षेत्र से कोरोना महामारी के फैलने की ज्यादा संभावना से इनकार नही किया जा सकता ।भोपालपटनम के तहसीलदार और अन्य जवाबदेह अधिकारियों की किसी प्रकार की गंभीरता नहीं है, केवल पुलिस प्रशासन ही अपनी सक्रिय भूमिका में है। जिला प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति पास कहीं कोरोना महामारी को आमंत्रण तो नहीं ?गंभीर चिंतन का विषय है। एक ओर समूचा देश प्रदेश सरकारी शिक्षण संस्थाएं शासकीय अर्ध अशासकीय दफ्तर एवं कंपनी फैक्ट्रियां ट्रैवल्स व्यापारिक प्रतिष्ठानों आदि, मनरेगा के अलावा अन्य सभी कार्यों में रोक लगाकर केवल और केवल लॉकडॉउन के नियमों का उचित पालनकर सोशल डिस्टेंस मास्क की अनिवार्यता आदि पर विशेष बल दिया ।ताकि नागरिकों की सुरक्षा की जाए । वहीं विगत दिनों क्षेत्रीय विधायक जी द्वारा अखबार में खबर प्रकाशित कर तेंदूपत्ता तोड़ाई के पक्ष में अपना बयान जारी कर ठेकेदारों व उनके सहयोगियों को अपने  विधानसभा क्षेत्र बीजापुर में अप्रत्याशित रूप से निमंत्रण देने जैसा है । विधायक महोदय जी को ज्ञात है ,कि वर्तमान परिस्थितियों में रेड जोन घोषित राज्यों से ग्रीनजोन कोरोना से सुरक्षित बीजापुर जिला में तेलंगाना, महाराष्ट के ठेकेदार व उनके सहयोगियों के प्रवेश से परिणाम विपरीत होगा,तथा  मानव जीवन के लिए गंभीर व संकटमय हो सकता है ।इसका जवाबदेह कौन । बावजूद विधायक जी का पक्षधर होना क्षेत्र की जनता की चिंता ना करते हुए अपना स्वयं की हित की चिंता उन्हें होना परिलक्षित होता है ।और उन्हें क्षेत्र की जनता के प्रति कोई सरोकार नही