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मुंगेली धान खरीदी केंद्रों में बारदाना नही होने से किसानों ने किया चक्का जाम

नीलकमल सिंह ठाकुर मुंगेली - जिला प्रशासन के लापरवाही पूर्ण रवैये से नाराज बुंदेली सोसायटी के किसानों ने रायपुर मुंगेली मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया,, बता दे कि जहां प्रदेश सरकार ने हर किसान का धान खरीदने की बात कही है वही जिले के 89 खरीदी केंद्रों में बारदान लगभग खत्म हो चुका है ,, जहां बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी वही परिवहन और बारदाना नही होने से किसानों के कटे टोकन भी निरस्त होने लगे हैं,, बता दे कि 2 दिन पूर्व ही बुंदेली के किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौपते हुए खरीदी शुरू न होने की दशा में चक्काजाम करने की चेतावनी दी थी,, किन्तु कलेक्टर के आश्वासन के बाद भी कल तक बारदाना बुंदेली सोसायटी नही पहुचा था, जिससे नाराज किसानों ने अपनी मांगों को मनवाने रायपुर मुंगेली सड़क पर चक्काजाम कर जिला प्रशासन के खिलाफ जम कर नारेबाजी की है जिले में बारदाना की कमी और खरीदे धान का उठाव न होने की समस्या का दंश झेल रहे किसानों के लिये प्रदेश सरकार द्वारा खरीदी में बढ़े 3 दिन महज एक छलावा सा प्रतीत होते नजर आ रहा है,

लक्ष्य हासिल करने धान खरीदी नहीं होती, किसान बेचेगा नहीं तो किसे खरीदेंगे : मो. अकबर

रायपुर: प्रदेश में धान खरीदी पर मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि यहां लक्ष्य हासिल करने के लिए धान खरीदी नहीं होती है। पंजीकृत किसानों और रकबे के आधार पर खरीदी का अनुमान लगाया जाता है। लेकिन किसान बेचेगा नहीं तो खरीदेंगे क्या? धान खरीदी में छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जिसका लक्ष्य अधिक है। 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदना है तो व्यवस्था में कमी हो भी सकती है। उन्होंने कहा प्रदेश में 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी रोजाना हो रही है। राजीव भवन में धान खरीदी पर मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि इस बार 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य है। इस वर्ष सरकार की ओर से 20 तारीख तक समय बढ़ाया गया है। विगत वर्ष 80 लाख 38 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी।

जिस गति से धान का आगमन हो रहा है इस वर्ष अंतिम दिन आते आते तक लक्ष्य की प्राप्ति हो जाएगी। संभव है कि लक्ष्य से कुछ आगे भी बढ़ जाएं। अभी राज्यस्तरीय आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। मोहम्मद अकबर ने कहा प्रतिदिन 1 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की धान खरीदी हो रही है। इससे लक्ष्य की पूर्ति भी हो सकती है और आगे भी बढ़ सकता है। यहां लक्ष्य हासिल करने का काम नहीं होता, रकबे की गणना के हिसाब से अनुमान लगाया जाता है। मान लिया जाए कि किसान बेचेगा नहीं तो किसको खरीदोगे।

प्रतिबंधित गुटका बेचने वालों पर प्रदेश सरकार कसेगी शिकंजा

धमतरी। छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित गुटका बेचने वालों के खिलाफ प्रदेश सरकार शिकंजा कसेगी। राज्य में तंबाकू युक्त गुटका पर बैन लगने के बावजूद धड़ल्ले से दुकानों और ठेलों में बिक्री चल रही है। धमतरी में आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में खुलेआम प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटका का विक्रय किया जा रहा है। प्रदेश में प्रतिबंधित गुटखे पर सीधी कार्रवाई जल्द शुरू होगी।

निर्भया मामला: कोर्ट ने सुनाया फैसला, दोषियों को 3 मार्च को दी जाएगी फांसी

दिल्ली:-दिल्ली की एक अदालत में निर्भया मामले को लेकर सोमवार को सुनवाई जारी है। रिपोर्टस के अनुसार दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों को तीन मार्च को फांसी देने का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चारों दोषियों की फांसी के लिए नया डेथ वारंट जारी कर दिया है। चारों को तीन मार्च की सुबह छह बजे फांसी दी जाएगी।

कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़े विधायक सकुन्तला साहू ने की अपशब्दो का प्रयोग

कांग्रेस के बागी राकेश बना अध्यक्ष , उपाध्यक्ष पर कांग्रेस की सरिता ठाकुर का कब्जा ,,

जनक समर्थक  विधायको पर कर देते हमला महिला विधायक को अश्लील गाली देते हुए करीब पहुँच गए थे प्रमोद दुबे ने किया बीच बचाव ,,

[जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने शेख अलीमुद्दीन को सर्वसम्मति से रायपुर राजीव भवन में गुरुवार देर रात उसके नाम पर मुहर लगा दी जिस पर राकेश वर्मा भी पार्टी आदेश पर सहमति दिया मगर जैसे ही बलौदा बाजार में शेख अलाउद्दीन की नाम का घोषणा पार्टी प्रवेच्छक

 द्वारा किया गया जिसके बाद वो अपना नामांकन दाखिल कर दिया इसी बीच राकेश वर्मा पार्टी से  बगावत करते हुए वो भी अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल कर दिया जिस पर पार्टी नेताओं ने राकेश के पिता पूर्व विधायक जनकराम से पार्टी के निर्देशों का हवाला देते हुए उसके द्वारा राजीव भवन में सहमति की बात कही जिस पर जनकराम ने खर्च की राशि नही मिलने की बात कही गई जिस पर उनको तत्काल उसको कुछ रुपये दिया गया ।

 कांग्रेस पार्टी ने शेख अलीमुद्दीन के नाम की घोषणा करते ही राकेश  जनकराम वर्मा के समर्थक गोपी साहू  पार्षद पलारी ने विधायको को कांग्रेस का दलाल बोलते हुए नारे लगाने लगा जिसके बाद भीड़ के साथ सामने खड़े विधायक शकुन्तला साहू चंद्रदेव राय के करीब गंदी गंदी गाली देते हुए पहुँच गए जैसे महिला विधायक को अश्लील गाली देते रहे जिसे विधायक ने सुन लिया और जवाब में शकुंतला ने भी गालियां दी इस बीच विवाद बढ़ते देख प्रमोद दुबे ने बीच बचाव करते हुए जनक समर्थकों को वापस भेजा इतने में विधायक चंद्रदेव राय के समर्थक यूसुफ खान और साथी वहां पहुँच गए और गाली देने वाले गोपी साहू और समर्थकों को ढूढ़ने लगा मगर भीड़ में  आये विमल साहू को पकड़ लिया और पूरा गुस्सा उसके ऊपर उतार दिया जिससे उसका कपड़ा फट गया और गले का सोने का चेन भी टूट गया ।वही विधायक के समर्थकों के गुस्सा को देख विरोध कर रहे लोग भाग निकले ।

भाजपा नेताओं ने राकेश वर्मा और जनकराम  के खिलाफ  मुर्दाबाद के नारे लगाए 

कांग्रेस पार्टी से बागी लड़े राकेश और भाजपा के बीच एक एक सीट का समझौता हुआ था जिसमे उपाध्यक्ष बीजेपी के खाते में जाना था मगर ऐसा नही हुआ जनक राम ने कांग्रेस पार्टी के साथ साथ भाजपा को भी गच्चा  दे दिया और परमेश्वर यदु को अपना प्रत्याशी बना दिया जिससे कांग्रेस का अधीकृत प्रत्यासी सरिता ठाकुर 9 वोट पाकर जीत गई जबकि परमेश्वर यदु जो दो  दिन पहले के काग्रेस पार्टी में आया था फिर बागी हो गया जिसे 7 वोट मिला वही भाजपा के कविता अंनत  6 वोट मिला जिसे बाद भाजपा नेताओं का गुस्सा जनक वर्मा और उसके पुत्र राकेश पर फुट गया और जोरदार नारेबाजी करते मुर्दाबाद के नारे लगाए स्थिति की देखते हुए पुलिस ने भारी सुरक्षा में राकेश को बाहर निकाल कर ले गई

 वही पूरे घटनाक्रम में  मौजूद काग्रेस नेता प्रमोद दुबे का कहना है कि जब पार्टी से प्रत्याशी की घोषणा हुआ तो राकेश वर्मा के समर्थकों द्वारा विधायक को गाली देते हुए उसके करीब पहुँच गए जिसे स्थिति बिगड़ती देख मैंने दोनो पक्ष को शांत कराया वही कुछ लोग विधायको को गाली दे रहे थे जिसे में नही पहचानता जबकि  विधायक द्वारा किसी को  गाली देते हुए  में नही सुना हूँ ,

लेडी IPS को महिला विधायक ने दी धमकी- ठीक से रहो, वरना तुमको औकात दिखा दूंगी

बलौदाबाजार 13 फरवरी 2020। IPS अफसर को विधायक का धमकी देते वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो बुधवार की देर शाम का बताया जा रहा है, जिसमें बलौदाबाजार में पदस्थ ट्रेनी IPS अंकिता शर्मा को कसडोल की विधायक शकुंतला साहू- औकात दिखा देने की धमकी देती नजर आ रही है। दरअसल ये पूरा मामला सीमेंट फैक्ट्री में हुए हादसे के बाद विधायक के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन का है। दरअसल सीमेंट फैक्ट्री में बुधवार को एक हादसा हुआ था, इस हादसे में एक मजदूर की जान चली गयी थी। मजदूर को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक शकुंतला साहू और उनके कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गये और धरने पर बैठ गये। इधर प्रदर्शन की सूचना पर ट्रेनी IPS अंकिता शर्मा दल बल के साथ मौके पर पहुंची। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद  परिजनों की प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन  की मौजूदगी में मुआवजा के लिए सहमति बन गयी। जानकारी के मुताबिक परिजनों ने मुआवजे पर रजामंदी देते हुए अंतिम संस्कार को राजी हो गये और मौके पर चले गये। लेकिन विधायक का प्रदर्शन जारी रहा। धीरे-धीरे शाम हो गयी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन उग्र होता चला गया। इसी बीच कुछ कार्यकर्ता मौके पर बने लोहे के चैनल पर चढ़ गये, जिसके बाद मौजूद IPS अंकिता शर्मा कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर उतारने की कोशिश करने लगी। लेकिन कार्यकर्ता मानने को तैयार नहीं हुए। दूसरी तरफ पुलिस बल मौजूद थी, लिहाजा अंकिता शर्मा ने नसीहत की कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण करें, किसी को चोट नहीं पहुंचनी चाहिये। इस बात के बाद विधायक शकुंतला मौके पर पहुंची और आईपीएस से भिड़ गयी। पुलिस अफसरों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन विधायक के तेवर कम बिल्कुल भी नहीं पड़े। गुस्से में तमतमाई विधायक ने आईपीएस अंकिता को कहा- इस तरह के शब्दों का प्रयोग करने के लिए जब आईपीएस ने विधायक को मना किया, तो भी वो अपनी बातों और अपने कार्यकर्ताओं को सही ठहराते रही। विधायक को जवाब देते हुए आईपीएस अंकिता वीडियो में ये कहती नजर आयी… आपको कुछ गलत लगता है तो बोलिये, लेकिन आप इस तरह से किसी पुलिस वाले को नहीं बोल सकते, मैं यहां अपनी ड्यूटी करने आयी है….मैं आपको रिस्पेक्टफुली बात कर रही हूं और आप मुझे औकात दिखाने की बात कर रही है… इस विवाद के थोड़े देर के बाद मामला शांत हुआ और विधायक अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां से चली गयी।

दिल्ली चुनाव : केजरीवाल फिर से 5 साल: .. मौजुदा स्थिति में “आप” 56 पर आगे..भाजपा 13 पर .. कांग्रेस 1 पर

रायपुर,11 फ़रवरी 2020। दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल एक बार फिर से दिल्ली की सत्ता पर क़ाबिज़ हो रहे हैं। वहीं भाजपा पिछली बार से बेहतर है लेकिन जितनी क़वायद थी.. जो गरमाहट लाने की कोशिश थी उसके बावजूद भाजपा सत्ता के लिए जरुरी आंकडे के आधे तक भी नही पहुँची है। इधर कांग्रेस जिसने शाहिन बाग को लेकर लगातार सक्रियता रखी, और शाहीनबाग में लगातार उपस्थिति भी रखी उसे दिल्ली से पंक्तियों के लिखे जाने तक रुझान में कोई सीटें हासिल नहीं हैं। इसके ठीक उलट जो ईलाके मुस्लिम बाहुल्य हैं वहाँ रुझानों में आम आदमी पार्टी आगे है। बहरहाल गिनती जारी है और आँकड़ा भी बदल रहा है लेकिन जो चीज़ नहीं बदल रही है वो यह है कि केजरीवाल का दिल्ली की सत्ता पर क़ाबिज़ होना।

लापरवाह प्रभारी : प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति लेवई उपार्जन केन्द्र कोटमी मे लपरवाही के चलते धान के भरे बोरे हुए अंकुरित

भाटापारा:- प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति लेवई उपार्जन केन्द्र कोटमी मे लपरवाही के चलते धान के भरे बोरे अंकुरित हो गए है , वही यहाँ बीना डनेज के सीधे जमीन मे बनाये गए धान के स्टेक, वही ,कोटमी उपार्जन केन्द्र प्रभारी का कहना है कि मुझे कुछ हि दिन हुए है उपार्जन केन्द्र कोटमी का चार्ज लिए हुए। आप को बता दे कि भाटापारा उपार्जन केन्द्र कोटमी मे दस फरवरी तक मोटा धान 1200 ़40 महामाया धान 12158 पतला धान 930 ़40 सरना धान 11103 ़60 कुल 25392 ़40 क्विंटल धान की खरीदी कि गई है, तथा मिलरो को 1200 मोटा धान ,720 पतला धान, 4260 सरना धान कुल 6180 क्विंटल धान जारी किया गया है तथा संग्रहण केन्द्रो मे 1821 ़60 महामाया, और 2140 सरना कुल 3961 ़60 क्विंटल जारी किया गया है, वर्तमान मे उपार्जन केन्द्र कोटमी मे 0 ़40 मोटा धान, 10336 ़40 महामाया धान 210 ़40 पतला धान 4703 ़60 सरना धान कुल मिलकर 15250 ़80 क्विंटल धान उपलब्ध है, उपलब्ध धान की जिम्मेदारी प्रभारी अशोक साहु पर है, जिन्होने बेमौसम बारीस से धान को बचाने का शायद कोई इंतजाम नही किया है, उपार्जन केन्द्र की हालत को देखकर यही कहा जा सकता है, क्योकि सभी न्युज पेपर, व टीवी न्युज चैनलो मे मौसम की जानकारी दी जाती है, यही नही जिले से भी बे-मौसम बारीस से बचने के लिए कैप कव्हार सभी उपार्जन व संग्रहण केन्द्रो को जरूरत के अनुसार खरीदने की अनुमति (आदेश )दी जाती है, लेकिन उपार्जन केन्द्र कोटमी में आदेशो का पालन नजर नही आया जिसके चलते बे-मौसम बारीस से धान के कुछ स्टॉक के बोरे अंकुरित हो गए है आपको बता दे कि जब धान के स्टेक बनाया जाता है तो पहले जमीन मे डनेज के लिए भुसे से भरे बोरे रखा जाता है जिससे बे-मौसम बारिस होने पर गिली जमीन से धान के बोर को बचाया जा सके लेकिन इस केन्द्र के प्रभारी के द्वारा कुछ धान के स्टेक को बीना भुसे के बोरे के बीना ही सिधे जमिन मे रखकर स्टेक बनाया गया है, इसी तरह के लपरवाही करने वाले नाकाम फड प्रभारी और प्रबंन्धक पर 7 फरवरी को जिला के कसडोल तहसिल के धान खरीदी केन्द्र कोसमसरा के फड प्रभारी पर कार्यवाही करते हुए नौकरी से बाहर करने के लिए कसडोल अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के द्वारा किया गया था। यही नही 15 जनवरी को भाटापारा विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र लेवई मे अव्यवस्था पर फड प्रभारी गोलु गुप्ता के विरूद्व सख्त कार्रवाई करने उप पंजीयक ने सहकारी समिति के अध्यक्ष एवं संचालक को कार्रवाई कर सुचित करने को कहा था,लेवई केन्द्र मे भी धान के छः स्टेक बिना डनेज के सीधे जमिन पर बनाये गये थे। अब देखना यह है कि अब प्रशान इस पर क्या कार्रवाई करती है।

28वें जिले के रूप में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही  छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर आयेगा नजर… मुख्यमंत्री करेंगे उदघाटन

रायपुर :- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कल 10 फरवरी को प्रदेश के नवगठित 28वें जिले  गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही इस क्षेत्र के लोगों की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी होगी। मुख्यमंत्री बघेल ने 15 अगस्त 2019 को स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की घोषणा की है। नवगठित जिले में तीन तहसील तथा तीन विकासखण्ड गौरेला, पेण्ड्रा और मरवाही शामिल होंगे। जिनमें कुल 166 ग्राम पंचायतें, 222 गांव और 2 नगरपंचायत गौरेला और पेण्ड्रा समाहित होंगी। इस जिले का क्षेत्रफल 1 लाख 68 हजार 225 हेक्टेयर होगा। इस जिले में कुल सिंचित रकबा 6290 हेक्टेयर और कुल असिंचित रकबा 64 हजार 352 हेक्टेयर होगा। इस नवगठित जिले में मरवाही विधानसभा के 200 गांव और कोटा विधानसभा के 25 गांव, कोरबा लोकसभा क्षेत्र के 200 गांव और बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के 25 गांव समाहित होंगे।     आपको बता दे कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही क्षेत्र पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखता है। छत्तीसगढ़ का प्रथम समाचार पत्र ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ का प्रकाशन मासिक पत्रिका के रूप में वर्ष 1900 में पंडित माधवराव सप्रे के संपादन में प्रकाशित हुआ था। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भरा-पूरा है। खनिज संपदा और औषधीय पौधे यहां की पहचान है। यहां के विष्णुभोग चावल की महक पूरे देश में फैली है। मुख्यमंत्री की मंशा की अनुरूप नये जिले के गठन से प्रशासन जनता के नजदीक पहुंचकर इस क्षेत्र में शासन की महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन और त्वरित विकास को मूर्त रूप देने में सक्षम हो सकेगा।

25 आईएफएस अफसरों के प्रभार में फेरबदल, देखिये सूची

रायपुर:-राज्य शासन ने 25 आईएफएस अफसरों के प्रभार में फेरबदल किया है विभाग के संयुक्त सचिव भास्कर विलास संदीपान ने आदेश जारी किया है सूचि इस प्रकार है।