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मुख्यमंत्री शामिल हुए महाप्रभु भगवान श्री जगन्नाथ जी के रथयात्रा महोत्सव में

रायपुर -  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल आज यहां गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा समारोह में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और बहन सुभद्रा की पूजा अर्चना की और प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री ने जगन्नाथ मंदिर से रथ तक के मार्ग में सोने की झाड़ू से मार्ग बुहार कर छेहरा-पहरा की रस्म पूरी की। इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ. सिंह मंदिर के यज्ञ स्थल में आयोजित यज्ञ में शामिल हुए। भक्तिमय माहौल में मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि के बीच भगवान महाप्रभु जगन्नाथ की प्रतिमा नंदिघोष रथ पर, भगवान बलभद्र की प्रतिमा तालध्वज रथ पर और बहन सुभद्रा की प्रतिमा देवदलन रथ में विराजित की गईं। इस दौरान उत्कल नृत्य दल मार्ग के आगे कीर्तन करते हुए चल रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह और विधासभा अध्यक्ष   गौरीशंकर अग्रवाल ने सभी लोगों को भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।  
    इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, वनमंत्री   महेश गागड़ा, विधायक  श्रीचंद सुंदरानी, राज्य सभा सांसद  छाया वर्मा, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की धर्म पत्नी   वीणा सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष   छगन मुंदड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष   संजय श्रीवास्तव, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष   धरमलाल कौशिक, नगर निगम रायपुर के महापौर  प्रमोद दुबे, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष   दिलीप सिंह होरा, पूर्व विधायक   लक्ष्मी बघेल और   जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति और छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रे डा) के अध्यक्ष श्री पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी अतिथि इस अवसर पर आयोजित महाआरती में भी शामिल हुए।

विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ ने फिर लहराया शानदार कामयाबी का परचम छत्तीसगढ़ बना टॉप एचीवर स्टेट

रायपुर आम जनता के हित में व्यापार व्यवसाय को अधिक सरल और सुविधाजनक के लिए ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के तहत छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शानदार कामयाबी का परचम लहराया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वाणिज्य और उद्योग विभाग सहित प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डुइंग बिजनेसकी सफलता के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा मिली है। छत्तीसगढ़ पूरे देश में टॉप एचीवर स्टेट बन गया है। 
    मुख्यमंत्री ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य ने वर्ष 2015 और वर्ष 2016 में डीआईपीपी-विश्व बैंक की ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की रैंकिंग में पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया था। विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में भी छत्तीसगढ़ ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में प्रगति की ओर तेजी से कदम बढ़ाते हुए उच्चस्तरीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के क्रियान्वयन के स्कोर में 99.5 प्रतिशत और फीडबैक स्कोर में 78.5 प्रतिशत के साथ भारत के सर्वाधिक बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में अपना स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2016 में राज्य का संयुक्त स्कोर कार्ड 97.32 प्रतिशत था, जो 2017 में बढ़कर 97.36 प्रतिशत हो गया, वहीं क्रियान्वयन स्कोर कार्ड इस दौरान 97.32 प्रतिशत बढ़कर 99.46 प्रतिशत तक पहुंच गया।वर्ष 2016 में जहां कुल 15 विभाग ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में शामिल थे, वहीं वर्ष 2017 में इन विभागों की संख्या 20 से ज्यादा हो गई।
    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को यह शानदार कामयाबी राज्य सरकार की उद्योग-व्यापार हितैषी नीतियों के सफल क्रियान्वयन से मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा-छत्तीसगढ़ ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की सफलता के लिए एक व्यापक रणनीति के साथ काम किया है और वाणिज्य और उद्योग जगत के लिए बेहतर वातावरण बनाया है। हमारा प्रयास था कि छत्तीसगढ़ में नये निवेशकों और वर्तमान निवेशकों को अपना व्यापार करने में सुगमता बनी रहे और शुरू से ही उनको प्रत्येक स्तर पर सभी जरूरी सुविधाएं मिलती रहे। 
    मुख्यमंत्री ने कहा-हमने शासन के अनेक महत्वपूर्ण विभागों को व्यवसाय शुरू करने के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली सेवाओं को चरणबद्ध ढंग से और सुगमता के साथ लागू किया है। शासकीय प्रक्रियाओं को समन्वित रूप से लागू करने के लिए कार्य प्रणाली विकसित की है, जिससे निवेशकों के लिए व्यापार करना सुगम हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य शासन द्वारा उद्यम आकांक्षा के नाम से शुरू की गई एकल खिड़की प्रणाली में अब तक 25 हजार से ज्यादा निवेशकों द्वारा ऑनलाइन अपना पंजीयन करवाया जा चुका है। डॉ. सिंह ने कहा-सिर्फ तीन साल से भी कम समय में इतनी बड़ी संख्या में निवेशकों द्वारा राज्य सरकार की ऑनलाइन प्रणाली का सफलतापूर्वक उपयोग करना हमारे प्रयासों की कामयाबी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ईज ऑफ डुइंग बिजनेस को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कई उल्लेखनीय कदम उठाए गए है। राज्य में निर्माण कार्यों के लिए अनुज्ञा जारी करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ्टवेयर विकसित किया है, जिसे भारत सरकार ने सर्वश्रेष्ठ माना है। 
    डॉ. सिंह ने कहा-हमने इस साफ्टवेयर को शासन के विभिन्न विभागों और केन्द्र सरकार की एजेंसियों जैसे-भारतीय रेल, विमानतल प्राधिकरण, राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण आदि संस्थाओं के साथ जोड़ा है। इतना ही नहीं, बल्कि राज्य में एक केन्द्रीय निरीक्षण एजेंसी भी बनाई गई है, जिसमें श्रम विभाग, पर्यावरण संरक्षण मंडल और वाष्प यंत्र निरीक्षण कार्यालय के साथ समन्वय कर निरीक्षण की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने सबसे पहले अपने यहां वाणिज्यिक विवादों के निराकरण के लिए नया रायपुर में कामर्शियल कोर्ट की स्थापना की है। इस न्यायालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी सम्पूर्ण प्रक्रिया और निर्णय पारित करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन है। मुख्यमंत्री ने कहा-राज्य सरकार के सभी प्रमुख विभाग जैसे परिवहन, आबकारी, मुद्रांक एवं पंजीयन तथा ऊर्जा विभाग आदि के सभी प्रकार के करों के संग्रहण की व्यवस्था को भी शत-प्रतिशत ऑनलाइन कर दिया गया है। 

शराब दुकान के 50 मीटर के दायरे में चखना दुकान होने पर जिले के आबकारी अधिकारी होंगे जिम्मेदार

 रायपुर-  वाणिज्यिक कर एवं उद्योग मंत्री   अमर अग्रवाल ने आज यहां अधिकारियों की बैठक लेकर आबकारी विभाग के काम-काज की समीक्षा की। अग्रवाल ने शराब दुकानों में कार्यरत सेल्समनों के वेतन भुगतान में सामान्यतया विलंब होने पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि हर महीने 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से वेतन भुगतान हो जाने चाहिए। जिन प्लेसमेन्ट एजेन्सियों के जरिए इनकी सेवाएं ली जा रही है, उन्हें इस तिथि तक वेतन भुगतान हो जाने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। आबकारी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में आबकारी आयुक्त   डी.ड.ी सिंह, ओ.एस.डी. श्री एस.आर.सिंह सहित सभी जिलों से आए आबकारी अधिकारी उपस्थित थे।
  अग्रवाल ने विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी शराब दुकानों का अभिलेख संधारित करने और हिसाब-किताब दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शराब दुकान में दो-दो पंजी रखी जाए। इनमें हर दिन की बिक्री का उल्लेख किया जाना चाहिए। इसका मिलान और ऑडिट विभाग द्वारा नियुक्त किए गए चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट द्वारा किया जाना चाहिए। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित एक शराब दुकान में राशि की गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक को दिए। उल्लेखनीय है कि लगभग साढ़े 4 लाख रुपए की गड़बड़ी का मामला उक्त दुकान में सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने जांच होते तक इस इलाके के आबकारी इंस्पेक्टर को हटाने के निर्देश दिए। मंत्री ने टोल फ्री सेवाओं में मिली शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। आबकारी विभाग के टोल फ्री नम्बर 14405 पर कोई भी आबकारी संबंधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि पिछले तीन महीनों में उक्त टोल फ्री नम्बर पर तीन हजार 167 शिकायतें दर्ज की गई। इनमें एक हजार 545 प्रकरण निर्धारित मूल्य से ज्यादा पर शराब बिक्री से संबंधित हैं। जांच किए जाने पर 105 प्रकरणों की पुष्टि की गई, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
 अग्रवाल ने कहा कि शराब दुकान के 50 मीटर के दायरे में चखना दुकान नहीं होने चाहिए। यदि इस सीमा के भीतर दुकान पाए गए तो संबंधित जिले के आबकारी अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कांकेर जिले के बांदे और पंखाजूर में शराब दुकान के समीप चखना दुकान संचालित होने की शिकायत सहीं पाए जाने पर आबकारी अधिकारी को अपने काम-काज में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी। आबकारी मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि दूसरे राज्यों की शराब अपने राज्य में नहीं आने चाहिए, इसके लिए सीमा पर निगरानी रखी जाए। राजनांदगांव, रायपुर और बिलासपुर मंे बाहरी राज्य के शराब के विरूद्ध 19 प्रकरण बनाए जाने की जानकारी अधिकारियों ने दी। मंत्री   अग्रवाल ने कहा कि ऐसे मामलों में यदि वाहन पकड़ाई जाती है, तो नियमानुसार राजसात की कार्रवाई तत्काल की जाए। अधिकारियांे ने बैठक में बताया कि दुकानों से शराब की बिक्री पर बिल दी जा रही है। फिर भी रायपुर और दुर्ग में बिना बिल की 21 शिकायत मिली है, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी जांच करने के निर्देश दिए।

नक्सलियों द्वारा किए गए आईडी ब्लॉस्ट में बीएसएफ के दो जवान शहीद

कांकेर। जिले के धुर नक्सल प्रभावित छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के ताड़वाली में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया। ब्लास्ट की चपेट में आने से बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए हैं। बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा ने इसकी पुष्टि की है।
बांदे, छोटे बेठिया क्षेत्र महाराष्ट्र का सीमावर्ती इलाका है, जहां पिछले 2 दिनों में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या की थी, जिससे इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी का संदेह होने पर सर्चिंग बढ़ाई गई थी
सर्चिंग के दौरान आईडी  के चपेट में आने से बीएसएफ के 2 जवान शहीद  हो गए हैं. जानकारी के मुताबिक ये घटना  शाम 5 बजे के आस पास की है. बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों को यहां से सूचना मिली थी कि नक्सली छोटे बेठिया थाना के ताड़वाली  जंगलों में सक्रिय हैं. जिसके बाद सुरक्षाबल इस इलाके में बाइक पर सवार होकर सर्चिंग पर निकले हुए थे. तभी अचानक नक्सलियों की तरफ से फायरिंग शुरू हो गई और इसी दौरान दो जवान शहीद हो गए शहीद जवानों का नाम संतोष लक्ष्मण और  नित्यन्दन नायक बताया गया है.
 प्राप्त जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने ब्लास्ट के बाद फायरिंग भी की, जिसका बीएसएफ के जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है। जवानों की ओर से की गई फायरिंग में कुछ नक्सलियों को भी गोली लगने की खबर मिल रही है। जिसकी आधिकरिक पुष्टि नहीं की गई है 

मात्स्यिकी महाविद्यालय प्रदेश में प्रशिक्षण का केन्द्र बिन्दु बने- डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कवर्धा में प्रदेश के प्रथम मात्स्यिकी महाविद्यालय का लोकार्पण किया

रायपुर  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज जिला मुख्यालय कवर्धा में शासकीय मात्स्यिकी महाविद्यालय के नए भवन और बालक एवं बालिका छात्रावास भवन का लोकार्पण किया। यह छत्तीसगढ़ का पहला मछलीपालन और मत्स्य विज्ञान कॉलेज है, जो लगभग चार वर्ष पहले शुरू किया गया था। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सूचना क्रांति योजना के तहत मात्स्यिकी महाविद्यालय और शासकीय कृषि महाविद्यालय कवर्धा और निजी क्षेत्र के भोरमदेव कृषि महाविद्यालय के 120 विद्यार्थियों को लैपटॉप भी वितरित किया।
 मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने महाविद्यालयीन छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन कबीरधाम जिला ही नही बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा - प्रदेश के पहला मात्स्यिकी महाविद्यालय को स्वयं का भवन मिला है। पिछले चार साल से यह महाविद्यालय जिले में संचालित है। उन्होने कहा कि कबीरधाम जिले में अब शासकीय कृषि महाविद्यालय भी संचालित हो रहा है। राज्य सरकार ने इस महाविद्यालय के भवन निर्माण को प्राथमिकता में रख कर तेजी से काम कराया है। शिक्षा के क्षेत्र में जिले में व्यापक काम हुए है। शिक्षा विकास के मील के पत्थर होते है। उन्होने कहा कि जिले में कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि महाविद्यालय और मात्स्यिकी महाविद्यालय खुलने से अब किसानों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि इस संस्थान में बच्चें पढ़ाई कर आगे बढेंगे, लेकिन इसके साथ ही साथ इस संस्थान को प्रशिक्षण संस्थान के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। जिले के मल्लाह, केंवट सहित जिले के किसानों को कृषि, पशुपालन और मात्स्यिकी से संबंधित आजीविका से जोड़ने की पहल कर उन्हे प्रशिक्षण दिया जा सकता है। उन्होने कहा कि यह स्थान प्रदेश में प्रशिक्षण का केन्द्र बिन्दु बने ऐसे प्रयास भी होना चाहिए।  
कृषि मंत्री, मछली पालन एवं जलसंसाधन विभाग के मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कबीरधाम जिले में संचालित मात्स्यिकी महाविद्यालय को आज चार साल बाद स्वयं का भव्य भवन की सौगात मिली है। उन्होने कहा कि देश का सबसे अच्छा संस्थान छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में संचालित हो रहा है। उन्होने कहा कि इस महाविद्यालय में 60 सीटे थी, जो अब इस वर्ष से 40 सीटे और बढ़ाई जाएगी। अब इस महाविद्यालय में सीट की संख्या 100 हो जाएगी। इस वर्ष से मात्स्यिकी महाविद्यालय में पीजी के दस सीटों से शिक्षा प्रांरभ होगी। मंत्री   अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ कृषि, पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के पीछे मेहनतकश किसानों की कड़ी मेहनत है, जिसकी बदौलत आज प्रदेश को चार का कृषण कर्मण का पुरस्कार मिला है। उन्होने कहा कि पहले मछलियों के बीज प्रदेश के बाहर से मगाई जाती थी,लेकिन अब छत्तीसगढ से मछलियों के विभिन्न प्रजातियों की बीज प्रदेश के बाहर भेजने में सक्षम और सबल हुए है। उन्होने कहा कि प्रदेश में कृषि,मछलीपालन, गौ-पालन के क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं है।
संासद श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि देश मे मात्स्यिकी माहविद्यालय के तीन संस्थान संचालित है, जिसमें छत्तीसगढ के कबीरधाम जिले का नाम भी शामिल है। यह इस जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होने कहा कि कबीरधाम जिले में धान, गन्ना सोयाबीन और चना उत्पादित किसान है। इन फसलों से किसानों की आमदानी बढ़ाने के लिए राज्य और केन्द सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर ही है। सांसद   सिंह ने कहा धान,गन्ना,सोयाबीन और चना फसलों की प्रति एकड़ की तुलना में मछली पालन में कही ज्यादा आमदनी होती है। एक एकड़ की तालाब में मछली पालन कर साल भर में दो से तीन लाख रूपए की आमदनी कर सकते है। उन्होने कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार किसानों की आमदानी बढ़ाने के लिए किसानों के खेतों में छोटे-छोटे तलाबों और डबरियों के निर्माण के लिए जोर दिया रहा है। इन डबरियों में मछली पालन का बढावा दिया जा सकता है।
इस अवसर पर संसदीय सचिव  मोतीराम चन्द्रवंशी, कवर्धा विधायक   अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष   संतोष पटेल, छत्तीसगढ़ कामधेनु के कुलपति डॉ. एसके पाटिल,   कलेक्टर   अवनीश कुमार शरण, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  कुंदन कुमार, राज्य युवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष  संतोष पांडेय,  राम कुमार भट्,   सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं विश्व विद्यालय के अधिकारीगण उपस्थित थे। 

न्यायाधिपति श्री अजय त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधिपति पद की शपथ ली : राज्यपाल श्री टंडन ने दिलाई शपथ

न्यायाधिपति श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने आज यहां राजभवन के दरबार हॉल में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति के पद की शपथ ली। राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती बृजपाल टंडन, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री  प्रेमप्रकाश पाण्डेय, कृषि मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  अमर अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर, गृहमंत्री   रामसेवक पैकरा, वन मंत्री   महेश गागड़ा, श्रम मंत्री   भैयालाल रजवाड़े, विधायकगण, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष   चन्द्रशेखर साहू, रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे, प्रमुख लोकायुक्त  एस. एन. श्रीवास्तव, राज्य निर्वाचन आयुक्त   ठाकुर रामसिंह, सूचना आयुक्त   अशोक अग्रवाल,  ए. के. सिंह, राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष  के.आर. पिस्दा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष   संजय श्रीवास्तव, पद्मश्री डॉ. महादेव प्रसाद पांडे, डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र भी उपस्थित थे।  
 

 बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी आज रायपुर राजभवन में शपथ लेंगे. राज्यपाल बलराम दास टंडन  शपथ दिलाएंगे. इस दौरान चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह समेत प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.
चीफ जस्टिस अजय पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश के पद से स्थानांतरित थे, वहां से उनका ट्रांसफर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में हुआ है. सोमवार को चीफ जस्टिस के सम्मान में हाईकोर्ट में विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है.
बता दें कि अजय कुमार त्रिपाठी झारखंड स्थित बोकारो इस्पात नगर के रहने वाले हैं, उन्होंने 1981 में वकालत शुरू की थी. 2006 में उन्हें पटना हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था. 21 नवंबर 2007 से वे पटना के नियमित जज बने. छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश टीबी राधाकृष्णन को आंध्रप्रदेश और तेलंगाना हाईकोर्ट का ज्वाइंट चीफ जस्टिस बनाया गया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के कोलोजियम ने अजय त्रिपाठी को छत्तीसगढ़ का मुख्य न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा की थी.

4 घंटेे की चर्चा के बाद सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा फिर जीती सरकार

रायपुर  छत्तीसगढ़ विधान सभा में रमन सरकार के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। लंबी चर्चा के बाद ध्वनिमत से अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। अमूमन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद वोटिंग का प्रावधान होता है, लेकिन विधानसभा में आज वोटिंग के बजाय ध्वनिमत से ही अविश्वास प्रस्ताव पर फैसला हो गया।

विपक्ष ने 15 अलग अलग बिंदुओं पर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। 14 घंटेे की चर्चा के बाद सरकार सदन के पटल पर अविश्वास प्रस्ताव जीतने में कामयाब रही।

इस दौरान मुख्यमंत्री रमन ने विपक्ष के वार पर करारा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सामने एक बार फिर से ये दावा किया कि सरकार तो BJP की ही बनेगी। उन्होंने कहा कि इस  रमन सिंह ने कहा कि हर बार भाजपा  की सरकार जनता की कसौटी पर खरी उतरी है और इस बार भी उतरेगी, जनता फिर से उन्हें मौका देगी, फिर से जिताएगी, ये आखिरी सत्र है और उस आखिरी सत्र में वो बोल रहे हैं, की जनता जिताएगी और फिर से बीजेपी की सरकार आएगी। फिर हम इस सदन में आएंगे, जिसे हमलोग मंदिर मानते है।

इस से पहले आज कांग्रेस ने रमन सरकार पर संगीन आरोप लगाए। किसानों के मुद्दे से लेकर, बिगड़ती कानून व्यवस्था, नक्सलवाद, CD कांड, किसानों से वादा खिलाफी, भ्रस्टाचार सहित कई मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार पर तीखे वार किए। वहीं सरकार की तरफ से विपक्ष की दलीलों पर तीखा एतराज़ जताते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाने के औचित्य पर ही सवाल खड़ा कर दिया।

 

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष तीसरी बार लाएगा अविश्वास प्रस्ताव

रायपुर-  आज विधानसभा में आज अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी।चर्चा की शुरुआत पीसीसी चीफ भूपेश बघेल करेंगे, जबकि सीनियर लीडर सत्यनारायण शर्मा तीसरे नंबर पर बोलेंगे। टीएस सिंहदेव, धनेंद्र साहू, उमेश पटेल, बृहस्पत सिंह, मोहन मरकाम, देवती कर्मा, अमरजीत भगत सहित करीब 13 से 14 विधायक सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल होंगे छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब राज्य सरकार के खिलाफ एक ही कार्यकाल में विपक्ष तीसरी बार अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है। पिछली बार अविश्वास प्रस्ताव पर कई घंटे चर्चा हुई थी।

इस बार विपक्ष 15 बिंदुओं का अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ ला रहा है। कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव के मद्देनजर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की पूरी तैयारी कर ली है। जानकारी मिली है कि पिछली बार की तरह हवा-हवाई नहीं कांग्रेस इस बार पूरे दस्तावेजों के साथ तैयार हैं। साथ ही सरकार पर आरोपों की बौछार करने के लिए नेता तैयार हैं। 
 
कांग्रेस दस्तावेजों के साथ बीजेपी सरकार पर आरोप लगाएगी, जिनमें किसानों की आत्महत्या, सेक्स सीडी कांड की सीबीआई जांच में घिरे व्यक्ति की कथित आत्महत्या, बिजली संकट, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अव्यवस्था, शिक्षा में गिरावट, बिगड़ती कानून व्यवस्था, बेलगाम नक्सलवाद, प्रशासनिक आतंकवाद जैसे कई मुद्दों को शामिल होंगे। 

दोपहर 1:00 बजे बाद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। आज ही सत्रावसान भी हो जाएगा। कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव से निपटने के लिए सरकार ने भी तगड़ी तैयारी की है। राज्य सरकार ने अपने छह मंत्रियों और 9 विधायकों को विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की जिम्मेदारी दी है। 
 
 

सुपेबेड़ा पर 26 कांग्रेसी विधायक निलंबित, मंत्री ने कहा-किडनी रोग से मौत की पुष्टि नहीं तो फसल बीमा को लेकर विपक्ष ने किया हंगामा

रायपुर। शून्यकाल में सुपेबेड़ा में हुई मौतों पर विपक्ष ने उत्तर मांगा। विपक्ष ने ये मामला उठाते हुए सदन में इस पर चर्चा की मांग की। स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा करवाने की मांग को लेकर अड़े विपक्ष ने वहां खासा हंगामा भी किया। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री द्वारा, किडनी से मौतों की पुष्टि नहीं हो रही है, जैसा बयान देने से विपक्ष भडक़ गया। गर्भगृह में पहुंचकर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग करने लगे। नारेबाजी के बीच गर्भगृह प्रवेश के नियमों के तहत विपक्ष के 26 सदस्य स्वमेव निलंबित हो गए। हालांकि थोड़ी देर बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इनका निलंबन समाप्त कर दिया। 
 प्रश्नकाल के समाप्त होते ही कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने सुपेबेड़ा का मामला उठाया। कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने इस पर चर्चा की मांग की। भूपेश ने स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार्य कर इस पर चर्चा की मांग की। इस बीच सदन में हंगामा होता रहा। विपक्ष के हंगामे के बीच विभागीय मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा-‘सूपेबेड़ा में किडनी रोग से मौत की पुष्टि नहीं हो रही है।’ उन्होंने ये भी कहा कि वहां शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। चंद्राकर के इस बयान पर विपक्ष भडक़ गया। कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि वहां 65 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। मंत्री के इस कथन पर विपक्षी सदस्य आपत्ति जताते हुए नारेबाजी करते हुए गर्भगृह तक पहुंच गए

 किसानों के फसल बीमा को लेकर आज सदन में विपक्ष ने खूब हंगामा किया। बाद में इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने वाकआऊट भी कर दिया। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने फसल बीमा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किन-किन फसलों का बीमा कराया गया और कितने किसानों का बीमा हुआ। विपक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों को बीमा का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है, किसानों को बीमा का समुचित लाभ दिलाने के लिए सरकार किस तरह की कोशिशें करेगी। इस मुद्दे पर बाद में अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू और फिर भूपेश बघेल ने सरकार पर आरोप लगाया, कि सरकार किसानों को बीमा का लाभ नहीं दिला रही है। किसानों को प्रीमियम के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इस मुद्दे पर विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। वाकआउट किये जाने पर कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वो जवाब दे रहे हैं, लेकिन विपक्ष बात नहीं सुन रहा है, किसानों की चिंता भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी ने की है, धान का समर्थन मूल्य 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है।

धान, मक्का सहित विभिन्न फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि : मुख्यमंत्री ने किया मोदी सरकार के किसान हितैषी फैसले का स्वागत


भारत के किसानों के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन : डॉ. रमन सिंह

रायपुर, 04 जुलाई २०१८ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा आज किसानों के लिए धान के समर्थन मूल्य सहित खरीफ और रबी फसलों के समर्थन मूल्यों में उत्साहजनक वृद्धि किए जाने पर खुशी प्रकट की है। डॉ. सिंह ने इस फैसले को मोदी सरकार का किसान हितैषी फैसला बताया। उन्होंने नरेन्द्र मोदी सरकार के इस फैसले का अपनी ओर से तथा छत्तीसगढ़ के लाखों मेहनतकश किसानों तथा प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा-क्योंकि छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल धान है और हमारे यहां आदिवासी क्षेत्रों तथा पहाड़ी अंचलों में मक्के की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसलिए प्रधानमंत्री के आज के इस फैसले से छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को फायदा होगा।

 डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां विधानसभा में भी प्रधानमंत्री के इस फैसले का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा-भारत के किसानों के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। किसानों की आमदनी को दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री   मोदी ने अपनी भीष्म प्रतिज्ञा पूरी करने की दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया है। डॉ. रमन सिंह ने कहा-धान का समर्थन मूल्य में 200 रूपए की वृद्धि करते हुए 1550 रूपए से बढ़ाकर 1750 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। राज्य सरकार किसानों को धान पर प्रति क्विंटल 300 रूपए का बोनस भी दे रही है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ के किसानों को श्री मोदी के इस फैसले से धान पर अब प्रति क्विंटल 2050 रूपए की राशि मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा-केन्द्र ने आज ही मक्के का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 275 रूपए बढ़ाकर 1425 रूपए से 1700 रूपए कर दिया है। इसी तरह मूंग, रागी, सोयाबीन, उड़द आदि फसलों के समर्थन मूल्य भी बढ़ाए गए हैं, जिसका फायदा छत्तीसगढ़ सहित देश के किसानों को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा सदन में अनुपूरक बजट पास, शिक्षाकर्मियों पर मुख्यमंत्री ने ली चुटकी ,तो सदन एक बार फिर से हुआ गर्म

रायपुर :   छत्तीसगढ़ विधानसभा-  मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि जब तक शिक्षाकर्मियों का संविलियन नहीं किया था, तब तक नारेबाजी करते थे, आज कर दिया है तो धन्यवाद तक नहीं देते. सीएम ने कहा कि 8 साल की अवधि पूरा करने वाले 1 लाख 4 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन हो गया है. 8 साल की सेवा अवधि जैसे जैसे होती जाएगी संविलियन होता जायेगा. उन्होनें विपक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा कि  एक गलती की भरपाई आज तक की जा रही है. उस वक़्त गलती किसने की कि 400-500 रुपये में भर्ती की.आज हम करेक्टिव मेजर में जुटे है तो भी आपत्ति की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षाकर्मियों के लिए 1 हजार 25 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान शिक्षाकर्मियों के आये कांसेप्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस वक्त जब शिक्षाकर्मियों की नियमावली बनायी गयी थी, तो लिखा था, उन्हें कभी भी नियमित नहीं किया जा सकता, ये सेवा शर्ते आपने बनाई थी और आज उंगली हम पर उठ रही है। उन्होंने कहा कि ये राजा जी की गलती नहीं है ये गलती किसी और राजा ने की है। राजेश मूणत ने नेता प्रतिपक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आप भी तो कहीं खुद को राजा नहीं मानते, तो सिंहदेव ने मुस्कुराते हुए कहा कि – मामला सुप्रीम कोर्ट में है। हालांकि मुख्यमंत्री ने भी इस दौरान ये कह दिया कि अव वो दौर नहीं जब राजा रानी के पेट से पैदा होता था, अब तो राजा बैलेट से होता है।
इस दौरान मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने चुटकी लेते हुए कहा कि कई राजाओं की गलतियां हमलोगों ने सुधारी है, आगे भी इसे सुधारेंगे। हालांकि नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने भी पलटवार का मौका नहीं गंवाया। उन्होंने कहा कि राम को मत भूलियेगा, वो भी तो राजा थे, जिसके बाद बृजमोहन अग्रवाल ने जय-जय श्रीराम का नारा लगा दिया।
 
राजा’ पर बिफरा विपक्ष 
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों के विषयों पर चर्चा करते हुए ‘राजा’ शब्द का उल्लेख किया। इसे लेकर सदन एक बार फिर से गर्म हो गया। विपक्षी सदस्यों ने इस बात पर आपत्ति जताई। उनके विरोध पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी प्रतिउत्तर दिया। हंगामे के बीच आसंदी ने सदस्यों को शांत कराया। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन सदन में 4877 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, 92 हजार करोड़ से अधिक हो जाएगा छत्तीसगढ़ का बजट

 रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा में अाज हंगामे के बीच 4877 करोड़ 54 लाख 2 हजार 967 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया गया। अनुपूरक बजट के प्रस्तुत करने के बाद सदन की कार्रवार्ई अाज के लिए स्थगित कर दी गई। बजट पर कल चर्चा संभावित है। 
बता दें कि वर्तमान वित्तिय वर्ष में राज्य सरकार ने 87,416 करोड़ का बजट रखा था। दिसंबर माह तक यहां चुनाव होना है। एेसे में पहले यही माना जा रहा था कि प्रदेश का इतिहास का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत करने के बाद अब इस वर्ष सरकार को अब अनुपूरक बजट लाने की अावश्यकता नहीं पड़ेगी। इस बीच शिक्षाकर्मियों के संविलियन के कारण सरकार पर 21 सौ करोड़ का वित्तिय भार बढ़ने का अनुमान लगाया गया। कई अन्य संगठनों के वेतन-भत्तों में भी वृद्दि की घोषणा सरकार ने की है। यही कारण है कि तीन महीने के बाद अाचार संहिता लगने के पूर्व सरकार को इस अनुपूरक बजट के माध्यम से अपने बजट में बढ़ोत्तरी करनी पड़ी। 

छत्तीसगढ़ की विधानसभा की दूसरे दिन की कार्रवाई जारी सदन में आज विपक्ष ने डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की विधानसभा की दूसरे दिन की कार्रवाई जारी है। सदन में आज विपक्ष ने डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। विधायक पारसनाथ राजवाड़े ने मु्द्दा उठाया। स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्रकार ने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी की बात स्वीकार की है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। विधानसभा में आज सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिस पर 4 जुलाई को चर्चा की जाएगी। मानसून सत्र के दौरान सरकार पांच विधेयक पेश करेगी। 
मौजूदा मानसून सत्र के दौरान सरकार पांच विधेयक सदन में लाएगी। इसमें निजी विश्वविद्यालय विधेयक, अशासकीय महाविद्यालय, अग्निश्मन विधेयक, कृषि उपज मंडल, आधार वित्त विधेयक व राज्य वित्त आयोग संशोधन विधेयक शामिल हैं।
वहीं विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। कांग्रेस ने एक ओर जहां किसानों समेत कई मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान किया है, तो वहीं विपक्ष को करारा जवाब देने के लिए सरकार भी पूरी तरह से तैयार है।  मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को सीएम रमन सिंह की अध्यक्षता में भाजपा विधायकों व संगठनों के नेताओं की बैठक हुई। बैठक में सभी मंत्री और विधायक शामिल हुए। 

बीजेपी विधायक दल सदन में विपक्ष के हमलों का मुंहतोड़ जवाब देगा। खासकर कांग्रेस विधायक दल द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के एक-एक बिंदु को लेकर जोरदार पलटवार किया जाएगा। चतुर्थ विधानसभा के अंतिम सत्र में भाजपा विधायक आक्रामक होंगे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। कथित अश्लील सीडी मामले में एक संदेही की मौत पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी की। इसी मुद्दे को लेकर गर्भगृह में पहुंचने की वजह से 35 कांग्रेसी निलंबित हो गए।

इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ तो स्पीकर ने कार्यवाही ही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सदन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व सांसद केयूर भूषण को श्रद्धांजलि दी गई। सदस्यों ने अपने दो पूर्व सदस्यों हेमचंद यादव व विक्रम भगत को याद करते हुए श्रद्धा- सुमन अर्पित किए। 
श्रद्धांजलि देते हुए सीएम रमन सिंह ने सदन में कहा कि हेमचंद यादव अजातशत्रु थे, उनके नाम पर ही दुर्ग विश्वविद्यालय का नामकरण किया गया है। सहित्यकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केयूर भूषण गांधीवादी थे। 17 साल की उम्र में जेल गए थे। पूरा जीवन गांधी जी के रास्ते पर चलकर बिता दिया। हर महीने मेरा मार्गदर्शन करने एक बार जरूर आते थे। विक्रम भगत जशपुर जिले के सशक्त नेतृत्वकर्ता थे।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हेमचंद यादव के साथ मुझे भी 5 साल काम करने का मौका मिला। बहुत ही सहज नेता थे और मिलनसार थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केयूर भूषण प्राथमिक शिक्षा के बाद आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए थे। असहयोग आंदोलन में सबसे कम उम्र के बंदी बनाए थे। किसान मजदूर आंदोलन में भी गिरफ्तार हुए थे। छत्तीसगढ़ी साहित्य को अलग पहचान देने का प्रयास किया। उनके प्रयासों से रायगढ़ में चक्रधर समारोह शुरू हुआ। मंदिरों में दलितों के प्रवेश के लिए आंदोलन चलाया। विक्रम भगत पहले सरपंच जनपद अध्यक्ष और 4 बार विधायक रहे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद मंत्री भी बने। बहुत ही सरल स्वभाव के थे।

इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, कृषिमंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सत्यनारायण शर्मा, शिक्षामंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने दी दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सूचना विधानसभा को दी है। मौजूदा सरकार के खिलाफ सदन में अब तक दो अविश्वास प्रस्तावों पर चर्चा हो चुकी है। इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है तो एक ही सरकार के खिलाफ तीन अविश्वास प्रस्ताव का यह यह विधानसभा के इतिहास का पहला मामला होगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून आज से कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव अनुपूरक बजट, 4 को होगी चर्चा सत्र में कुल 5 बैठकें

रायपुरः कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के बिच छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज सोमवार 2 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह सत्र 5 दिनों तक चलेगा। सत्र के दौरान राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट और तीन संशोधन विधेयक पेश करने की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी है। सत्र के पहले दिन दिवंगत पूर्व सदस्यों को सदन में श्रद्धांजलि दी जाएगी।  कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव लाने पर सहमति बन गई है।

विधानसभा का अंतिम सत्र होने के कारण विदाई समारोह समेत अनेक औपचारिक कामकाज भी होंगे और विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया जाएगा। कांग्रेस ने सत्र के दौरान पुलिस परिवार के आंदोलन, सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन, शिक्षाकर्मियों के संविलियन में भेदभाव, पुलिस अफसरों के दुर्व्यवहार के मामले, पत्थलगड़ी जैसे मामलों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है।

वहीं सत्तापक्ष का दावा है कि विपक्ष के सवालों का आक्रामक ढंग से जवाब दिया जाएगा। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि सदन में जो भी मुद्दे उठेंगे उस पर सार्थक चर्चा कराई जाएगी।