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दीपक सोनी होंगे रायपुर प्रभारी कलेक्टर चौधरी का इस्तीफा मंजूर

 रायपुर। दीपक सोनी अब रायपुर के प्रभारी कलेक्टर होंगे.  ओपी चौधरी के इस्तीफा देने के बाद राज्य शासन ने दीपक सोनी को रायपुर कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी दीपक सोनी वर्तमान में रायपुर जिला पंचायत में सीईओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वे जिला पंचायत सीईओ के साथ ही रायपुर कलेक्टर का प्रभार संभालेंगे.

इससे पहले ओपी चौधरी ने रायपुर कलेक्टर के पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था. जिसे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कर लिया गया है. जिसके बाद मुख्य सचिव अजय सिंह ने दीपक सोनी को रायपुर कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का आदेश जारी किया है.

रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी का आई ए एस से इस्तीफा

रायपुर। आखिरकार कलेक्टर ओपी चौधरी ने अपने इस्तीफे को लेकर बयान जारी कर दिया है. उन्होंने फेसबुक में पोस्ट कर यह जानकारी दी है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है.  उन्होंने कहा कि मैं अपनी माटी को पूरा समय देना चाहता हूँ इसलिएल मैंने आईएएस त्यागपत्र दे दिया है. उन्होंने बड़ी भावुकता के साथ लिखा है कि मेरे बायंग गांव की गलियों से निकलकर रायपुर के कलेक्टर बनने तक के 13 साल के सफर में जिंदगी ने मुझे अनेको चुनौतीपूर्ण अवसर दिए हैं.  इस सफर में हजारों लोगों ने मुझे प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से साथ दिया उन्हें शुक्रिया अदा करने के लिए हिंदी में शब्दावली का कोई भी शब्द कम पड़ेगा. मैं अब अपनी माटी और अपने लोगों की बेहतरी के लिए अपना पूरा समय देना चाहता हूँ. इसलिए मैंने आईएएस त्यागपत्र दे दिया है. जय हिंद, जय छत्तीसगढ.

रायपुर : मुख्यमंत्री आज बिलासपुर के दौरे पर : छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे

    रायपुर,  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह  25 अगस्त को  बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय परिसर में ‘छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी’ के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री दीपक मिश्रा न्यायिक अकादमी के भवन का लोकार्पण करेंगे। डॉ. सिंह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रायपुर से सवेरे 10.20 बजे हेलीकाप्टर द्वारा रवाना होकर बिलासपुर पहुंचेंगे और उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपरान्ह 3.25 बजे रायपुर लौट आएंगे। लोकार्पण समारोह में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार त्रिपाठी सहित उच्च न्यायालय के न्यायाधीश उपस्थित रहेंगे।

जब तक सूरज चांद रहेगा अटल जी का नाम रहेगा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां त्रिवेणी संगम में विसर्जित

 रायपुर/गरियाबंद-  जब तक सूरज चांद रहेगा, अटल जी का नाम रहेगा, अटल जी अमर रहे, अटल जी अमर रहे नारों के साथ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल  बिहारी वाजपेयी की अस्थियां कृषि एवं जल संसाधन मंत्री तथा जिले के प्रभारी श्री बृजमोहन अग्रवाल के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ने आज शाम राजिम में महानदी, सोंढूर और पैरी नदी के त्रिवेणी संगम में विसर्जित की गई। अस्थि विसर्जन के पहले जनप्रतिधियों तथा आम जनता ने अस्थि कलश में पुष्प अर्पित कर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धाजंलि दी। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धाजंलि सभा को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी विश्व नेता, राष्ट्र के महान कवि और छत्तीसगढ़ वासियों के सौभाग्य निर्माता थे। उनकी अस्थियां इस घाट से त्रिवेणी संगम में विसर्जित हो रही है। अब इस घाट का नाम अटल घाट होगा।  
 अग्रवाल ने कहा कि आज अटल बिहारी भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं है पर स्थूल रूप से हमेशा हमारे बीच में रहेंगे। स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। हर राष्ट्रीय दल के लोग उनका सम्मान करते है। आज छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ देश में सबसे अधिक विकसित होने वाले राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। 
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  अजय चन्द्राकर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्र के लिए समर्पित सम्पूर्ण चरित्र थे। उन्होंने अखण्ड भारत का सपना देखा और पृथक छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार किया। देश के विकास में उनका विराट समर्पण काम कर रहा है।  
    गरियाबंद से विभिन्न चैक-चैराहों से होते हुए अस्थि कलश यात्रा राजिम पहुंची, पूरे रास्ते भर लोगों ने पुष्प अर्पित कर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धाजंलि दी। रायपुर और धमतरी जिले से भी अस्थि कलश राजिम पहुंची। इन तीनों कलश की अस्थियों को त्रिवेणी संगम में विसर्जित किया गया। 

अटल जी के नाम पर भाजपा कर रही राजनीति, चुनाव में डूबती नैया पार लगाने ले रही सहारा- करुणा शुक्ला

  रायपुर - पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को लेकर भाजपा छत्तीसगढ के सभी जिलों में अस्थि कलश यात्रा निकाल रही है। इससे उनकी भतीजी करुणा शुक्ला नाराज हैं। उनका कहना है, कि अटलजी के नाम पर जो राजनीति हो रही है, उससे वह व्यथित हैं। उन्होंने सवाल किया है, कि पिछले 10 सालों से वाजपेयी जी को पूरे परिदृश्य से गायब कर दिया गया था। इस दौरान जो चुनाव हुए उनमें उनका नाम लेना तो दूर, पोस्टर बैनर में उनकी तस्वीर तक को जगह नहीं दी गई। अब इस साल कुछ राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, और भाजपा को अपनी नैया डूबती हुई दिखाई दे रही है, तो अचानक उन्हें वाजपेयी जी मे तिनके का सहारा दिखने लगा है.. नया रायपुर से लेकर विश्वविद्यालय का नाम अटल बिहारी वाजपेयी रखने का फैसला राज्य मंत्रिमंडल ने लिया है, वह बताएं, कि इससे पहले दस साल में कितनी बार उन्होंने अटल को याद किया। प्रदेश की जनता यह आडंबर समझती है। अटलजी की प्रतिमाएं लगाने का मकसद केवल वोट की राजनीति है। उन्होंने कहा कि अटल के जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा, राजीव और सोनिया गांधी तक से आत्मीय संबंध थे, लेकिन आज भाजपा मानवीय संबंधों का सम्मान करना भूल चुकी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण लालकृष्ण आडवाणी का पार्टी में हो रहा अपमान है। करुणा ने कहा, कि बुधवार को जब वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा  रायपुर पहुंची तो श्रद्धांजलि सभा के दौरान मंच पर मौजूद दो मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर ठहाके लगाते हुए दिखाई दिए। दोनों मंत्रियों को देखकर बगल में बैठे भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने उन्हें डांट लगाई। इसके बाद दोनों मंत्री चुप हो गए। यह घटना उस समय घटित हुई जब अस्थि कलश यात्रा भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर पहुंची थी। कार्यक्रम के दौरान अजय चंद्राकर ने राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय को मोबाइल पर डेंगू की बीमारी से संबंधित कुछ क्लिपिंग दिखाई। जिसके बाद दोनों मंत्री किसी बात को लेकर हंस पड़े। इसी दौरान चंद्राकर टेबल ठोककर ठहाके लगाने लगे, और बृजमोहन ने भी हंसने लगे।
 

 

बंजारी मंदिर से शुरू होगी अजीत जोगी की विजय यात्रा, पहले चरण में 11 विधानसभा में फूकेंगे चुनावी बिगूल, 150 कस्बो में 40 आम सभा को करेंगे संबोधित

रायपुर - जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी 23 अगस्त को दोपहर 12 बजे रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के बंजारी मंदिर भनपुरी से पूजा अर्चना कर एक बड़ी सभा करेंगे, और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में विजयी होने की कामना लेकर विजय यात्रा पर निकलेगें, जो 28 अगस्त को कोटा विधानसभा अंतर्गत महामाया मंदिर प्रांगण में संध्या 6 बजे महाआरती के साथ समाप्त होगी। इस बीच में विजय रथ रायपुर ग्रामीण, धरसींवा, भाटापारा, आरंग, बलौदाबाजार, कसडोल, बिलाईगढ़ , मस्तु री, बिलासपुर, बेलतरा और कोटा विधानसभा कुल 11  विधानसभा में पहुंचेगी। इस दौरान सभी बडे़ कस्बे एवं गांव में विशाल रोड शो के साथ अपने विजय रथ से 40  से अधिक आमसभा भी करेंगर। विजय यात्रा छत्तीसगढ़ की दो पवित्र नदी महानदी और शिवनाथ नदी के कछारों में पड़ने वाले स्थित गांवों में नदी की महाआरती भी होगी।जिसमे प्रण लेंगे, कि हम इन नदियों की रक्षा करेगें एवं इन नदियों का एक-एक बूंद पानी का उपयोग मात्र छत्तीसगढ़वासी ही अपने पेयजल, सिचाई और अपने निस्तारी के लिए उपयोग करेगें। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश मनीशंकर पान्डेय ने कहा, कि अजीत जोगी के विजय यात्रा में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के पदाधिकारी, कार्यकर्ता अपने  सैकड़ो की तादाद में वाहनों के साथ पंथी और सुआ नृृत्य दल भी साथ चलेंगे

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा

  रायपुर - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज अपरान्ह यहां स्वामी विवेकानंद विमान तल (माना) में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश को श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  धरमलाल कौशिक नई दिल्ली से अस्थि कलश लेकर विमान द्वारा रायपुर पहुंचे। विमान तल पर गृहमंत्री  रामसेवक पैकरा, कृषि और जल संसाधन मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री   अजय चंद्राकर, लोक निर्माण मंत्री  राजेश मूणत, संस्कृति मंत्री   दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री  रमशीला साहू, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  नंदकुमार साय, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर साहू, रायपुर के लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस,  राजनांदगांव के लोकसभा सांसद   अभिषेक सिंह, राज्यसभा सांसद  सरोज पांडेय, संसदीय सचिव  अम्बेश जांगड़े, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष  भूपेन्द्र सवन्नी सहित अनेक विधायक और निगम-मण्डलों के अध्यक्ष और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

देश भर की कई नदियों में विसर्जित की जाएगी अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियां

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां देश भर की कई नदियों में विसर्जित की जाएंगी और इसकी शुरुआत हरिद्वार से की जाएगी। बेटी नमिता और पोती निहारिका, अमित शाह, कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य नेताओं की मौजूदगी में अस्थियां गंगा नदी में विसर्जित की जाएगी। इस अस्थि कलश यात्रा में शामिल होने के लिए 200 बसों में 15000 बीजेपी कार्यकर्ता देहरादून से हरिद्वार पहुंच रहे हैं।
इससे पहले वाजपेयी की बेटी नमिता और पोती निहारिका आज सुबह स्मृति स्थल पहुंची और वहां से पूर्व प्रधानमंत्री के अस्थियों को एकत्रित किया और विधि विधान से पूजन कर हरिद्वार के लिए रवाना हुए। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री के अस्थियों को लेकर जुलूस सुबह 10.45 बजे हरिद्वार के भल्ला कॉलेज ग्राउंड से शुरू होगा और हर की पौड़ी घाट पहुंचेगा, जहां अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी पंचतत्व में हुए विलीन, बेटी नमिता ने दी मुखाग्नि

 दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार शाम पंचतत्व में विलीन हो गए। यमुना के घाट पर ‘राष्ट्रीय स्मृति स्थल’ पर वाजपेयी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।  

उनकी अंतिम यात्रा भाजपा मुख्यालय से शुरू हुई जिसमें हजारों की संख्या में लोग अपने प्रिय नेता को अश्रूपूर्ण विदाई दी। उनके अंतिम दर्शन की लालसा लिये हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर खड़े थे। पूरे देश से हजारों की संख्या में लोग वाजपेयी के अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भाजपा मुख्यालय पहुंचे।

वाजपेयी का पार्थिव शरीर कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास से सुबह 11 बजे दीन दयाल मार्ग पर भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय लाया गया था। जहां बड़ी संख्या में बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सभी मौजूद थे। अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए लोग पेड़ों तक पर चढ़ गये। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, तमाम कैबिनेट मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, विपक्षी दलों के नेताओं और तमाम विदेशी नेताओं ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन, दिल्ली के एम्स में 5:5 मिनट पर ली अंतिम सांस

दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है। वे पिछले करीब दो महीने से एम्स में भर्ती थे और बीते तीन दिनों से जीवन रक्षक प्रणाली पर चल रहे थे। बुधवार सवेरे से ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
एम्स के अनुभवी डॉक्टर लगातार उनकी देखरेख में लगे हुए थे। इसी बीच कल दोपहर बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी समेत देश के तमाम नेता उनका हाल जानने के लिए एम्स पहुंचे।

जैसी ही अटलजी की तबीयत बिगड़ने की खबर मीडिया पर फैली देश भर में उनके चाहने वाले और प्रशंसकों ने उनके स्वस्थ व दीर्घायु होने की कामना शुरू कर दी थी। 

इससे पहले उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय मंत्रियों सुषमा स्वराज और राजनाथ सिंह के एम्स पहुंचने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के 93 वर्षीय नेता के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं, दुआओं का दौर जारी

दिल्ली - पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने प्रधानमंत्री मंत्री नरेन्द्र मोदी आज एम्स पहुंचे । पिछले करीब 24 घंटे में मोदी दूसरी बार एम्स गए हैं । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत आज लगातार दूसरे दिन भी बेहद नाजुक बनी हुई है और देशभर से तमाम नेता  एम्स पहुंच रहे हैं । वाजपेयी को फिलहाल जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है।
प्रधानमंत्री कल शाम को भी एम्स गए थे और वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय मंत्रियों सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी और राजनाथ सिंह के एम्स पहुंचने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के 93 वर्षीय नेता के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें तेज हो गयी हैं।

राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों की सरकारों ने अपने अनेक कार्यक्रम रद्द कर दिये हैं।

एम्स की ओर से आज जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री की हालत वैसी ही बनी हुई है। उनकी हालत नाजुक है और वह जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं।’’ आज एम्स पहुंचने वालों में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, राधा मोहन सिंह और जगत प्रकाश नड्डा भी शामिल हैं। इनके अलावा नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी एम्स पहुंचे।

1990 के दशक में वाजपेयी सरकार के दौरान उनका बखूबी साथ देने वाले लाल कृष्ण आडवाणी भी अस्पताल पहुंचे। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह दिल्ली पहुंच गए हैं ।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अन्य मुख्यमंत्रियों के भी दिल्ली पहुंचने की संभावना है। वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में कोई आधिकारिक नयी जानकारी सामने नहीं आयी है। उन्हें गुर्दा (किडनी) नली में संक्रमण, सीने में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था।
 
लाइव अपडेट्स :
- भाजपा अध्यक्ष के निकलने के बाद केकंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने मीडिया से बात की और कहा कि वाजपेयी जी की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर उन्हें ठीक करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। 

- करीब दो घंटे एम्स में रहने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी निकले

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम्स से निकल चुके हैं। थोड़ी देर में मेडिकल बुलेटिन आएगा।

- फिल्ममेकर मुजफ्फर अली ने कहा कि मेरी प्रार्थना अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ है। वह लोकतंत्र की महान शक्ति हैं। 

- केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा नेता भूपेंद्र यादव पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देखने दिल्ली के एम्स पहुंचे। 

- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने सभी कार्य रोक दिए हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं। 

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एक बार फिर एम्स पहुंच चुके हैं।

- पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे। 

- दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे। 

- लखनऊ के एनडी कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल में अटल बिहारी वाजपेयी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बच्चे प्रार्थना कर रहे हैं।

- हमने आज के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिये हैं, अटल बिहारी वाजपेयी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की - यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ।

- दिल्ली पुलिस ने अटल बिहारी वाजपेयी की हालत को देखते हुए ट्रैफिक नियमों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। 

- भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बीजेपी मुख्यालय पहुंचे। 15 अगस्त पर हुई सजावट को हटवाया। 

- जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे।  

- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी हमारी मूर्ति हैं हमें उनकी उपस्थिति में प्रेरणा और प्रोत्साहन मिला है। हम उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी उनके जैसा नहीं हो सकता है। 

- एम्स ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हेल्थ बुलेटिन जारी कर दिया है। जिसमें उनकी हालत जस की तस बताई जा रही है। 

- विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचीं। 

-भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एम्स में मौजूद हैं।

-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर के भी शीघ्र ही एम्स पहुंचने की संभावना है।

-वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में ताजी जानकारी प्राप्त करने के लिए अस्पताल के बाहर भारी संख्या में मीडियाकर्मी और अन्य लोग मौजूद हैं जिसके कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हो रही है। 

-अस्पताल के बाहर भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत जानकर फूट-फूटकर रोने लगे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा।

- कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह अटल बाहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे। 

- रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचीं।

- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी।  

- गृहमंत्री राजनाथ सिंह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे 

   कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे 

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद गंभीर,लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है वाजपेयी

दिल्ली - लंबे समय से एम्स में भर्ती चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है। जानकारी के मुताबिक वाजपेयी को पिछले तीन दिनों से वेंटिलेटर पर रखा गया है। बता दें कि बुधवार को एम्स के निदेशक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाजपेयी की सेहत की जानकारी दी है जिसके बाद पीएम मोदी अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे।
बुधवार सुबह से ही अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत नाजुक बताई जा रही है। एम्स के अनुभवी डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे और उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के सेहत से जुड़ी जानकारी उन्हें दी। 
 उनकी हालत पिछले 24 घंटों से बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया हैः एम्स
उल्लेखनीय है कि पिछले 9 हफ्तों से अटल बिहारी वाजपेयी यूटीआई इंफेक्शन, लोवर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और किडनी संबंधी बीमारियों के कारण दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हालांकि एम्स प्रशासन की ओर से उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार की बात कही जा रही है। 

उनका एम्स में इलाज चल रहा है। वैसे वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में कोई आधिकारिक नई जानकारी सामने नहीं आई है। मधुमेह के शिकार 93 वर्षीय भाजपा नेता का एक ही गुर्दा काम करता है। 

वहीं, एम्स ने देर रात मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी यहां पिछले 9 हफ्तों से भर्ती हैं। उनकी हालत 24 घंटों से बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। 

15 अगस्त से पहले दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने फिर की आगजनी... ESSAR स्टील प्लांट के पास टिप्पर को फूंका

दंतेवाड़ा:- दक्षिण बस्तर में नक्सली कोहराम बदस्तूर जारी है। मंगलवार को नक्सलियों ने दिनदहाड़े किरंदुल थाना क्षेत्र में एस्सार स्टील प्लांट के पास एक टिपपर वाहन को आग के हवाले कर दिया। स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले किरन्दुल जैसे शहरी क्षेत्र में हुई इस वारदात से दहशत व्याप्त है। बताया जा रहा है कि टिप्पर में आग लगाने के अलावा नक्सलियों ने मौके पर पर्चे भी फेंके हैं। बता दें कि हाल के दिनों में जिले में आगजनी की वारदातों को माओवादी लगातार अंजाम दे रहे हैं। पिछले हफ्ते ही दंतेवाड़ा-बचेली मार्ग पर नक्सलियों ने 2 यात्री बसों समेत तीन वाहनों को फूंक दिया था। जलाई गई वाहन एस्सार कंपनी में लगी थी। इसके बाद कुआकोण्डा इलाके के हल्बारास में एक पोकलेन को भी माओवादियों ने आग के हवाले कर दिया था। सनद रहे कि आज जिस स्थान पर टिप्पर में आगजनी की गई है, उस इलाके में नक्सली पहले भी वाहनों में आगजनी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। 15 अगस्त से ठीक पहले नक्सली घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

राज्यपाल श्री टंडन का निधन सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा , परम्परागत रूप से मनेगा स्वतंत्रता दिवस, नहीं होंगे पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

राज्य सरकार ने मंत्रालय से जारी किया परिपत्र

रायपुर, 14 अगस्त 2018 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ में सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। श्री टंडन के निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री आज दोपहर राजधानी रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल पहुंचे और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने दोपहर को ही यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से प्रदेश में राजकीय शोक का परिपत्र जारी कर दिया। यह परिपत्र अध्यक्ष राजस्व मंडल सहित राज्य शासन के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को भेजा गया है। परिपत्र के अनुसार प्रदेश में 14 अगस्त से 20 अगस्त तक राजकीय शोक रहेगा। इस अवधि में सरकारी भवनों और जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराये जाते हैं, वहां ध्वज आधे झुके रहेंगे। साथ ही सरकारी स्तर पर कोई मनोरंजन अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। राज्यपाल के निधन पर आज 14 अगस्त को प्रदेश सरकार के सभी कार्यालय बंद रखे जाएंगे। राजकीय शोक की अवधि में 15 अगस्त का दिन भी शामिल है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने 15 अगस्त को समारोह परम्परागत रूप से मनाने का निर्णय लिया है। परिपत्र में कहा गया है कि 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज आधा नहीं झुकाया जाएगा और सभी जिलों में सार्वजनिक ध्वजारोहण समारोह में मुख्य अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। राष्ट्रीय धुन भी होगी और परेड द्वारा सलामी ली जाएगी। परेड निरीक्षण और मार्चपास्ट भी होगा। मुख्यमंत्री राज्य की जनता के नाम संदेश पढ़ेंगे, लेकिन पुरस्कार वितरण, सम्मान समारोह तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। परिपत्र में यह भी बताया गया है कि 15 अगस्त की शाम कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे।     

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया

 रायपुर, 14 अगस्त 2018 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने आज यहां जारी शोक संदेश में कहा है कि स्वर्गीय श्री टंडन ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में विगत लगभग चार वर्षाें तक प्रदेश को अपनी मूल्यवान सेवाएं दी। राज्यपाल के रूप में वह छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर काफी सजग रहते थे। मुख्यमंत्री ने कहा - विगत चार वर्षाें में प्रदेश के हितों को लेकर और प्रदेशवासियों की बेहतरी से जुड़े विषयों को लेकर मुझे हमेशा उनका मार्गदर्शन मिलता रहा।  डॉ. सिंह ने कहा - मुझे तो ऐसा लग रहा है कि हम सबने अपने राज्य के अभिभावक को हमेशा के लिए खो दिया है। उन्होंने 25 जुलाई 2014 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद का दायित्व संभाला था। मेरे लिए वह पिता तुल्य थे। मुख्यमंत्री ने कहा - उनका निधन मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। वह अत्यंत सहज, सरल और निश्छल स्वभाव के थे। राजनीति में ऐसे लोग बिरले ही मिलते हैं।
    डॉ. रमन सिंह ने कहा - स्वर्गीय श्री टंडन ने अपने 91 वर्ष के जीवन काल में लगभग 65 वर्षाें तक सार्वजनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग भूमिकाओं में जनता की सेवा के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। वर्ष 1975 से 1977 तक आपातकाल में उन्हें जेल में भी रहना पड़ा। वर्ष 1953 से 1967 तक वह अमृतसर नगर निगम के पार्षद रहे। उनकी लोकप्रियता  का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि वह छह बार पंजाब विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। विधायक के रूप में उन्होंने वर्ष 1957, 1962, 1967, 1969 और 1977 में अमृतसर का और वर्ष 1997 में राजपुरा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इतना ही नहीं, बल्कि पंजाब सरकार के केबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने उद्योग, स्वास्थ्य, स्थानीय शासन, श्रम और रोजगार विभागों में अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री टंडन के शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति प्रकट की है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
    श्री बलराम जी दास टंडन का जन्म एक नवम्बर 1927 को अमृतसर (पंजाब) में हुआ था।  उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय लाहौर से स्नातक उपाधि प्राप्त की। इसके बाद वह लगातार पंजाब में सामाजिक-सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहे और वर्ष 1953 से 1997 के बीच छह अलग-अलग अवधि में पंजाब विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। श्री टंडन वर्ष 1979 से 1980 तक पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे।  वर्ष 1991 में लोकसभा चुनाव के दौरान जब पंजाब में आतंकवाद अपनी चरम स्थिति में था, उन्होंने अमृतसर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव में भाग लेने का बीड़ा उठाया, जिसे उस समय सर्वाधिक आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र माना जाता था। इस चुनाव अभियान के दौरान आतंकवादियों द्वारा उन पर कई बार हमले किए  गए लेकिन सौभाग्य से श्री टंडन सुरक्षित रहे।    श्री बलरामजी दास टंडन ने वर्ष 1947 में देश के विभाजन के समय पाकिस्तान से आने वाले लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्होंने वर्ष 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान अमृतसर जिले की सीमा पर जनसामान्य में आत्मबल बनाये रखने तथा उत्साह का संचार करने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1980 से 1995 के दौरान उन्होंने आतंकवाद का सामना करने तथा इससे लड़ने के लिए पंजाब के जनसामान्य का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने आतंकवाद से प्रभावित परिवारों की मदद करने के उद्देश्य से एक कमेटी का गठन किया। श्री टण्डन स्वयं इस फोरम के चेयरमेन थे।
    उन्होंने ‘कॉम्पिटेंट फाउंडेशन’ के चेयरमेन के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने रक्तदान शिविर, निःशुल्क दवाई वितरण, निःशुल्क ऑपरेशन जैसे जनहितकारी कार्यों के माध्यम से गरीबों एवं जरूरतमंदों की मदद की। श्री बलरामजी दास टंडन के सुपुत्र श्री संजय टण्डन ने उनके जीवन पर आधारित किताब ‘एक प्रेरक चरित्र‘ लिखी, जिसका विमोचन वर्ष 2009 में तत्कालीन पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लाल कृष्ण आडवाणी ने किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल ने की थी। सौम्य स्वभाव के श्री टंडन जी की खेलों में गहरी रूचि है। वे कुश्ती, व्हालीबॉल, तैराकी एवं कबड्डी जैसे खेलों के सक्रिय खिलाड़ी रहे।