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विकास यात्रा मुख्यमंत्री और अमित शाह आज अम्बिकापुर में विशाल आमसभा को सम्बोधित करेंगे : सरगुजा को देंगे 165 करोड़ के 58 निर्माण कार्यों की सौगात

अंबिकापुर - प्रदेश व्यापी विकास यात्रा के तहत  आज सरगुजा जिले के मुख्यालय अम्बिकापुर में विशाल आमसभा का आयोजन किया जाएगा। राज्यसभा सांसद  अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह करेंगे। आमसभा रोड-शो के बाद शासकीय पी.जी. कॉलेज मैदान में दोपहर एक बजे से 2.15 बजे तक आयोजित की जाएगी। मुख्य अतिथि की आसंदी से  अमित शाह और अध्यक्षीय आसंदी से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आमसभा को सम्बोधित करेंगे।आमसभा में जिले की जनता को 165 करोड़ 26 लाख रूपये के 58 विभिन्न निर्माण कार्यों की सौगात मिलेगी।    
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर से सवेरे 9.30 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 10.30 बजे अम्बिकापुर पहुंचेंगे। डॉ. सिंह 11.30 बजे दरिमा हवाई पट्टी पर राज्यसभा सांसद  अमित शाह का स्वागत करेंगे। स्वागत कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री और   शाह हेलीकॉप्टर से अम्बिकापुर आएंगे और वहां दोपहर 12 बजे से एक बजे तक रोड-शो में शामिल होंगे। वे दोपहर एक बजे से 2.15 बजे तक शासकीय पी.जी. कॉलेज मैदान में विशाल आमसभा में शामिल होंगे।
आमसभा में केन्द्रीय इस्पात एवं खनन राज्य मंत्री  विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष   गौरीशंकर अग्रवाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष   नंदकुमार साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष   धरमलाल कौशिक, प्रदेश सरकार के गृह, जेल और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  रामसेवक पैकरा, कृषि और जल संसाधन मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, पंचायत, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य मंत्री   अजय चंद्राकर, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री  केदार कश्यप, लोक निर्माण, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  राजेश मूणत, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  पुन्नूलाल मोहले, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री   अमर अग्रवाल, श्रम और खेल तथा युवा कल्याण मंत्री भईयालाल राजवाड़े, राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री   प्रेमप्रकाश पाण्डेय, वन तथा विधि मंत्री  महेश गागड़ा, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री  रमशीला साहू, पर्यटन, संस्कृति और सहकारिता मंत्री  दयालदास बघेल, विधानसभा के नेताप्रतिपक्ष तथा अम्बिकापुर के विधायक   टी.एस सिंहदेव,  सहित  उपस्तिथित रहेंगे 

जल प्रबंधन पर विशेष कार्ययोजना के लिए जल संसाधन विभाग व नेरीवाल्म के बीच एमओयू

रायपुर  कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता आज यहां आयोजित कार्यक्रम में नार्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ वाटर एंड लैंड मैनेजमेंट(नेरीवाल्म) और छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग के बीच राज्य के जल प्रबंधन पर विशेष कार्ययोजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग के सचिव सोनमणि बोरा ने और नेरीवाल्म के निदेशक पंकज बरुआ ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस संस्था को देश के 19 राज्यों के जल प्रबंधन में काम करने की जिम्मेदारी मिली है। एमओयू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का 17वा राज्य है।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मौजूद सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि हमारे समक्ष भविष्य के जल संकट को कम करने की चुनौती है। इस चुनौती को स्वीकारते हुए हमें सकारात्मक सोंच के साथ काम करना है। आज जलवायु परिवर्तन की वजह से कभी कम तो कभी ज्यादा बारिश से विकट स्थिति निर्मित हो रही है। साथ भूजल का तेजी से नीचे जाना भी हमारी चिंता का सबब है। यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में पानी का संरक्षण और संवर्धन वर्तमान की महति आवश्यकता है। आज हुए समझौते के बाद आने वाले 1 वर्ष के भीतर हमें जो रिपोर्ट प्राप्त होगी वह भविष्य की रणनीति बनाने के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश मे व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर ठोस कदम उठाये गये है। दुनियां एक ओर जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंतित है। ऐसे में भारत द्वारा इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों को दुनियां की सराहना मिल रही है।  हमे भी सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को मिलजुलकर सफलता पूर्वक पूर्ण करना है।
जानकारी के मुताबिक भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत जल क्षेत्र पर पड़ने वाले जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के आकलन हेतु सभी राज्यों को जल क्षेत्र पर राज्य विशेष कार्य योजना बनाने के निर्देश के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए  नार्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ वाटर एंड लैंड मैनेजमेंट को राष्ट्रीय नोडल एजेंसी बनाया गया है। इस हेतु नोडल विभाग राज्य के जल संसाधन विभाग को एवं नोडल एजेंसी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर को बनाया गया है। जलवायु परिवर्तन पर राज्य विशेष कार्य योजना अंतर्गत जल उपयोग क्षमता में 20ः वृद्धि,जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का आकलन करना, कछार आधारित एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा देना, राज्य का वार्षिक जल बजट तैयार करना, वर्ष 2050 तक के लिए जल सुरक्षा जल बचत पर एक विस्तृत जल योजना तैयार किया जाएगा। साथ ही इस अध्ययन से छत्तीसगढ़ राज्य में वैश्विक तापन वृद्धि के संदर्भ में राज्य के जल क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सकेगा जिससे राज्य के सतही और भूमिगत जल स्रोतों का युक्तियुक्त पूर्ण तरीके से उपयोग हो सकेगा। इसके साथ ही वित्तीय बजट की भांति प्रतिवर्ष राज्य का जल बजट बनने से जल के समुचित वितरण प्रणाली एवं क्षमता में अभिवृद्धि होगी। इसका एक लाभ यह भी होगा कि जल्द से जुड़े विभिन्न में आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय विषय एवं उनसे जुड़े मुद्दों पर विस्तृत डाटाबेस तैयार होने से उनका समुचित समाधान संभव हो सकेगा। तय समय सीमा के भीतर तीन चरणों मे यह रिपोर्ट तैयार होगी। इस अवसर पर  जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता  एच.आर.कूटारेे मुख्य अभियंता एसवी भागवत सहित विभागीय अधिकारी मौजूूद थे।

मुख्यमंत्री को उच्च स्तरीय समिति ने सौंपी अपनी रिपोर्ट : पंचायत-नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों की मांगों पर गहन विचार-विमर्श के बाद समिति ने बनाई रिपोर्ट

 रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को आज रात यहां उनके निवास कार्यालय में मुख्य सचिव   अजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने पंचायत और नगरीय निकाय संवर्गों के शिक्षकों की विभिन्न मांगों के संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंपी। उल्लेखनीय है कि इन शिक्षकों के वेतन भत्तों, पदोन्नति, अनुकम्पा नियुक्ति और स्थानांतरण नीति से संबंधित मांगों पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने समय-समय पर बैठकों का आयोजन किया और उन बैठकों में पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों से सुझाव भी प्राप्त किए। उनके सुझावों पर गहन विचार-विमर्श के बाद समिति द्वारा अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई, जो आज मुख्यमंत्री को सौंपी गई। राज्य शासन द्वारा गठित आठ सदस्यों वाली इस समिति में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव   आर.पी. मंडल, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव   अमिताभ जैन, सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव  ऋचा शर्मा, नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव  गौरव द्विवेदी, आदिम जाति विकास विभाग की विशेष सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले और पंचायत संचालनालय के संचालक  तारण प्रकाश सिन्हा शामिल थे।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों से की बातचीत

रायपुर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सवेरे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना, सस्ते कॉर्डियक स्टेंट और घुटना प्रत्यारोपण के लाभार्थियों से बातचीत की।   नरेन्द्र मोदी का स्वास्थ्य लाभार्थियों से सीेधे संवाद का उद्देश्य यह जानना है कि वर्तमान में मरीजों का इलाज, विशेष रूप से गरीबों के जीवन में किस प्रकार परिवर्तन आया है।उन्हांेने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान  केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से देश के हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की जानकारी प्राप्त की।
         प्रधानमंत्री ने देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य लाभार्थियों से जनऔषधि केन्द्र के माध्यम से दी जा रही सस्ती दवाइयों के संबंध में पूछा। हितग्राहियों ने उन्हें बताया कि मधुमेह व ब्लड प्रेशर की दवाइयों के लिए निजी मेडिकल स्टोर में लगभग तीन हजार रूपए प्रतिमाह खर्च होते थे। जनऔषधि केन्द्र के माध्यम से यही दवाइयां तीन सौ से चार सौ रूपए के बीच उन्हें सस्ते दामों में मिल रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की वीडियों कांफेंसिंग एनआईसी, कलेक्टोरेट रायपुर आयोजित थी। रेडक्रास के सभागृह तथा सभी जिलों के जिला चिकित्सालय सहित अन्य स्थानों पर टीवी व एलसीडी प्रोजेक्टर के माध्यम से इस संवाद कार्यक्रम को देखा गया।
 नरेन्द्र मोदी ने हितग्राहियों से बात करने के बाद जनता को संबोधित करते हुए केन्द्र सरकार द्वारा 48 माह में किए गए कार्यों की जानकारी दी। श्री मोदी ने बताया कि जिला अस्पताल में फ्री डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें लाखों मरीजों की डायलिसिस की जा चुकी है। किडनी के कोई भी मरीज को डायलिसिस की आवश्यकता होती थी। तब मरीज के परिजन व घरवाले घर बेचकर, खेत बेचकर ईलाज कराने के लिये मजबूर हो जाते थे, परंतु प्रधानमंत्री डायलिसिस योजना के तहत अब उन्हें निःशुल्क यह सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है।
  नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख का केशलेस इलाज की सुविधा गरीब परविार के मरीजों को दिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के दौरान अपने सदस्यों के ईलाज के लिये पांच लाख रूपए तक की सहायता मिलेगी। इस कार्यक्रम में 50 करोड़ लोगों को फायदा होगा। श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के हितग्राहियों से भी संवाद स्थापित किया। हृदय रोगी, घुटना प्रत्यारोपण के स्वास्थ्य लाभ ले चुके लाभार्थियों से उन्होंने खुले मन से चर्चा की और सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा गरीबों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिले इसकी भी जानकारी ली। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रानू साहू ने स्वास्थ्य लाभार्थियों से मुलाकात की। दूरदर्शन के माध्यम से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।

केन्द्र सरकार की ताजा रिपोर्ट : छत्तीसगढ़ को मातृ मृत्यु दर कम करने में मिली सफलता राज्य में 221 से घटकर 173 रह गई मातृ मृत्यु दर

रायपुर मातृ मृत्यु दर को लगातार कम करने की दिशा में छत्तीसगढ़ को अच्छी सफलता मिली है। केन्द्र सरकार द्वारा नई दिल्ली में सैम्पल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के एक विशेष बुलेटिन के रूप में जारी ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर जो वर्ष 2011 से 2013 के बीच प्रति एक लाख प्रसव पर 221 थी, वह वर्ष 2014 से 2016 के बीच 48 पाइंट घटकर 173 रह गई है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस अवधि में पूरे देश में मातृ मृत्यु दर 167 से घटकर 130 हो गई है। मातृ मृत्यु दर पर केन्द्रित यह विशेष बुलेटिन केन्द्रीय गृह मंत्रालय से सम्बद्ध जनगणना महानिदेशालय के रजिस्ट्रार जनरल (सैम्पल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) कार्यालय द्वारा जारी किया गया है। जनगणना महानिदेशक द्वारा देश में जनगणना के साथ-साथ जन्म मृत्यु पंजीयन अधिनियम के तहत राज्यों के माध्यम से जन्म और मृत्यु दरों के आंकड़े भी संकलित किए जाते हैं।
    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री   अजय चंद्राकर और महिला एवं बाल विकास मंत्री   रमशीला साहू छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी होने पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री  अजय चंद्राकर और महिला एवं बाल विकास मंत्री  रमशीला साहू ने प्रसन्नता व्यक्त की है। मंत्री द्वय ने इसका श्रेय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को दिया है और कहा है कि डॉ. सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से ही इस प्रकार की अच्छी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्ति, टीकाकरण अभियान और संस्थागत प्रसव को लगातार बढ़ावा देने के अच्छे नतीजे इस रूप में सामने आ रहे हैं। श्री चंद्राकर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी प्रदेश के सभी परिवारों को गर्भवती माताओं का प्रसव सरकारी अस्पतालों में करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  
 रमशीला साहू ने बताया कि रमन सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में लगभग 50 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से महिलाओं को कुपोषण से बचाने और गर्भवती माताओं के टीकाकरण सहित उनकी सेहत का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को और भी कम करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
    मंत्री द्वय ने कहा-रमन सरकार के इन प्रयासों से राज्य में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर लगातार कम होती जा रही है, वहीं शिशु मृत्यु दर में भी काफी कमी आई है। शिशु मृत्यु दर जो वर्ष 2003 में प्रति एक हजार प्रसव पर 70 हुआ करती थी, वह वर्ष 2016 तक कम होकर 39 रह गई है, वहीं इस अवधि में प्रदेश में कुपोषण की दर 52 प्रतिशत से घटकर 30 प्रतिशत के आसपास रह गई है। इस दौरान महिलाओं के संस्थागत प्रसव अर्थात अस्पतालों में प्रसव की दर 18 प्रतिशत से बढ़कर 74 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रदेश सरकार के आंगनबाडी केन्द्रों में जहां वर्ष 2003-04 में लगभग 17 लाख 50 हजार गर्भवती और शिशुवती माताओं तथा नन्हें बच्चों को प्रतिदिन पौष्टिक आहार दिया जा रहा था, वहीं वर्ष 2017 में आंगनबाड़ी सेवाओं से लाभान्वितों की यह संख्या बढ़कर 27 लाख तक पहुंच गई। राज्य सरकार ने वर्ष 2016 से छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती माताओं को गर्म और ताजा भोजन भी दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आंगनबाड़ी केन्द्रों में टीकाकरण का कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।

महानदी के उद्गम श्रृंगीऋषि पर्वत के समीप नगरी में बही विकास की धारा : केन्द्री से धमतरी के बीच रेल्वे ब्राड गेज लाईन बनाने का ऐतिहासिक निर्णय

रायपुर -छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा महानदी के उद्गम स्थल श्रृंगीऋषि पर्वत के समीप नगरी में आज आयोजित विकास यात्रा के माध्यम से विकास की अविरल धारा प्रवाहित हुई। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने यहां शासकीय श्रृंगीऋषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान के आयोजित आमसभा में करीब सौ करोड़ रूपए के 21 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 60.53 करोड़ की लागत से बनने वाले सोंढूर प्रदायक नहर की नगरी वितरक शाखा से दुगली तक 22 किलोमीटर लंबी नहर का विस्तार कार्य और धमतरी से नगरी तक 61 किलोमीटर लंबे मार्ग का नवीनीकरण कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सुराज अभियान के माध्यम से उन्होंने जनता की नहर संबंधी मांग को स्वीकृति प्रदान की थी, और उन्हें खुशी है कि इससे क्षेत्र की जीवनरेखा को बदलने का कार्य इसे होगा। मुख्यमंत्री ने आमसभा  में कुकरेल उप तहसील को तहसील का दर्जा देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धमतरी जिला प्रधानमंत्री आवास योजना में देश में अव्वल और उज्जवला योजना जैसे अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी रहा है, यही कारण है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने उद्बोधनों में धमतरी जिले का बार-बार स्मरण करते है और उनके ही आशीर्वाद एवं प्रयासों से हाल ही में रायपुर के केन्द्री से धमतरी के बीच नेरो रेल्वे लाईन को ब्राड गेज रेल्वे लाईन में बदलने का निर्णय लिया गया। लगभग साढे़ पांच सौ करोड़ रूपये कीे लागत से बनने वाले इस ब्राड गेज लाइन से पूरे क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे, इससे इस क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का एक मात्र ऐसा राज्य है जो तेन्दुपत्ता संग्रहकों को 700 करोड़ रूपये का बोनस राशि बांटता है। तेन्दूपत्ता संग्रहकों को पारिश्रमिक राशि 800 रूपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 15 सौ रूपये और अब ढाई हजार रूपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने दो भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 50 लाख नागरिकों को चार माह के भीतर स्मार्ट फोन प्रदान किया जायेगा। इसके लिए केबल लाईन बिछाने और कनेक्टीविटी बढ़ाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत आयुष्मान योजना प्रारंभ की जा रही है। इससे छत्तीसगढ़ के 37 लाख गरीबों को प्रतिवर्ष पांच लाख रूपये तक का इलाज के लिए निःशुल्क सुविधा उपलब्ध होगी। 

मुख्यमंत्री ने यहां 13,722 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री आबादी पट्टा और श्रम विभाग की ओर से 1071 हितग्राहियों को 33 लाख के चेक और सामग्री का वितरण किया तथा 301 कमार परिवारों को छाता, रेडियों तथा डीजल पंप प्रदाय किया। उन्होंने 80 हजार किसानों को 104 करोड़ रूपयें की धान बोनस की राशि भी प्रदाय की। 

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा संसदीय कार्य मंत्री  अजय चन्द्राकर ने की। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि सांसद  विक्रम उसेंडी और क्षेत्रीय विधायक श्रवण मरकाम ने भी संबोधित किया। आमसभा में राज्य निःशक्तजन वित्त आयोग की अध्यक्ष सरला जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष  रघुनंदन साहू, नगर निगम धमतरी की महापौर  अर्चना चौबे, जनपद पंचायत अध्यक्ष नगरी   पिंकी शिवराज शाह, नगर पंचायत नगरी के अध्यक्ष   नंद यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण एवं पंचायत प्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

गवर्नमेंट ई मार्किट प्लेस ‘जेम’ में छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक खरीद करने वाले राज्य का पुरस्कार

रायपुर - शासकीय खरीदी में पारदर्शिता लाने और कम दामों पर बेहतर गुणवत्ता की सामग्री क्रय करने के प्लेटफार्म के रूप में केन्द्र सरकार द्वारा विकसित गवर्नमेंट ई मार्किट प्लेस ‘जेम’ ने छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक खरीद करने वाले राज्य के पुरस्कार से सम्मानित किया है। छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार आज नई दिल्ली में आयोजित केन्द्र और राज्यों की राष्ट्रीय वर्कशाप में दिया गया। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव   अजय सिंह ने यह पुरस्कार राष्ट्रीय गुणवत्ता परिषद के अध्यक्ष  आदिल जैनुल भाई और वाणिज्य सचिव सुश्री रीता तेवतिया से प्राप्त किया।
    छत्तीसगढ़ को यह सम्मान गवर्नमेंट ई मार्किट प्लेस ‘जेम’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग द्वारा 15 करोड़ से अधिक की खरीदी के लिए प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ ने गवर्नमेंट ई मार्किट प्लेस ‘जेम’  के माध्यम से कुल 391 करोड़ रूपये की खरीदी की है। गवर्नमेंट ई मार्किट प्लेस और ‘जेम’ के माध्यम से खरीदी करने से 47 करोड़ रूपये की बचत भी हुई है। 
    वर्कशाप को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने बताया कि शासकीय खरीद की इस नयी प्रक्रिया के माध्यम से  खरीदी प्रक्रिया में तेजी , उच्च गुणवत्ता की सामग्री और खरीदी में गड़बडि़यों को कम करने में सफलता हासिल हुई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के अपने अनुभव के माध्यम से बताया कि किस तरह राज्य के श्रम विभाग ने अत्यंत ही कम समय में बड़ी संख्या में साईकल और सिलाई मशीन जैसी वस्तुओं को गवर्नमेंट ई मार्किट प्लेस ‘जेम’ के माध्यम से पारदर्शी तरीके से खरीदने में सफलता हासिल की। 
 अजय सिंह ने गवर्नमेंट ई मार्किट प्लेस ‘जेम’  को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव भी दिये। उन्होंने कहा कि रेटिंग के फ्रेमवर्क में तकनीकी मापदण्डों का उल्लेख करने, कस्टमर केयर सुविधा को और बेहतर करके और उपयुक्त टेगिंग व्यवस्था विकसित करने से यह व्यवस्था और बेहतर हो जायेगी। वर्कशाप में आवासीय आयुक्त श्री संजय ओझा, उद्योग विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक   सुनील मिश्रा, विशेष सचिव  वी.के.छबलानी , विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी मनिंदर कौर द्विवेदी और अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे। 

विकास यात्रा - 2018 : मुख्यमंत्री आज गरियाबंद में करेंगे 181 करोड़ के 64 निर्माण कार्यो का लोकार्पण - शिलान्यास


सैंतालीस हजार कृषकों को मिलेगा 67.40 करोड़ रूपये का धान बोनस

विभिन्न योजनाओं के तहत 12 हजार 662 हितग्राहियों को होगा सामग्री वितरण

रायपुर  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह प्रदेश व्यापी विकास यात्रा के दौरान  6 जून को जिला मुख्यालय गरियाबंद में आयोजित आम सभा में एक अरब 81 करोड़ 33 लाख रूपए के 64 विकास कार्यों की सौगात देंगे। इनमें वे 69 करोड़ 27 लाख रूपए की लागत से  पूर्ण हो चुके 26 कार्यों का लोकार्पण और एक अरब 12 करोड़ रूपए के 38 नए स्वीकृत कार्याें का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री आमसभा में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 12 हजार 662 लोगों को 4 करोड़ 63 लाख राशि की हितग्राही मूलक सामग्रियों का वितरण करेंगे। डॉ. सिंह आम सभा में 47 हजार 163 कृषकों को 67.40 करोड़ रूपए का धान बोनस, 9 हजार 101 किसानों को 11 करोड़ 29 लाख रूपए की फसल बीमा राशि, 31 हजार 760 किसानों को 20.51 करोड़ रूपए की सूखा राहत राशि का वितरण करेंगे।
    मुख्यमंत्री जिन कार्यों कार्यों का लोकार्पण करेंगे उनमें मुख्य रूप से 11 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत से गरियाबंद आवर्धन जल प्रदाय योजना, 4 करोड़ 7 लाख रूपए की लागत से स्टेडियम निर्माण, 3 करोड़ 21 लाख रूपए की लागत से सर्किट हाउस निर्माण, 3 करोड की लागत से बकली में 33/11 के.व्ही विद्युत उपकेन्द्र का लोकार्पण करेंगें। इसके अलावा वे 2 करोड़ 65 लाख रूपए की लागत से पुलिस लाईन प्रशासकीय भवन, एक करोड़ 75 लाख रूपए की लागत से खरखरा से रसेला मार्ग पर और 10 करोड रूपए की लागत से नहरगांव-नागाबुड़ा-बारूलामार्ग पर पुल का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री आमसभा में 4 करोड़ रूपए की लागत से लाईवलीहुड कॉलेज, एक करोड़ 72 लाख रूपए की लागत से मैनपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, 9 करोड़ रूपए की लागत से परसदा वितरक शाखा नहर का रिमॉडलिंग एवं लाईनिंग कार्य का लोकार्पण करेंगे।   
    मुख्यमंत्री जिन निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे उनमें मुख्य रूप से 9.93 करोड़, की लागत से राजिम फिंगेश्वर महासमुंद मार्ग का डामरीकरण कार्य, 7.02 करोड़ रूपए की लागत से बरभाठा बासीन-खपरी-भसेरा मार्ग में सरगी नाला पर पुल निर्माण का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा वे 4.23 करोड़ रूपए की लागत से गुढियारी से कांदाडोंगर तक सड़क, 1.89 करोड़ रूपए की लागत से छुरा में 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, एक करोड ़77 लाख रूपए की लागत से लाईवलीहुड कॉलेज, गरियाबंद में 50 सीटर बालिका छात्रावास शिलान्यास और भूमिपूजन करेंगे।

आबकारी मंत्री ने समीक्षा बैठक में दी सख्त चेतावनी, कहा- बिना बिल के शराब बेचने व अनाधिकृत रूप से चखना दुकानों के संचालन पर होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर - णिज्यिक कर(आबकारी) मंत्री अमर अग्रवाल ने आज राजधानी रायपुर स्थित आबकारी भवन में विभागीय काम-काज की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी आबकारी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत मदिरा के अवैध परिवहन तथा बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही इनमें लिप्त कोचियों के खिलाफ भी क्षेत्र में सघन अभियान चलाए जाने के लिए कहा।
  वाणिज्यिक कर मंत्री अग्रवाल ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों से यह भी कहा कि कहीं भी अधिक दर तथा बिना स्केनिंग और बिना बिल के मदिरा का विक्रय न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मदिरा दुकानों में सी.सी.टी.व्ही कैमरे चालू हालत में रहें, यह सुनिश्चित कर लेवें। सी.सी.टी.व्ही में मदिरा बिक्री के दौरान ग्राहक को बिल देते हुए सेल्समेन स्पष्ट दिखाई देना चाहिए।
    वाणिज्यिक कर मंत्री  अग्रवाल ने बैठक में जिलेवार आबकारी आय की माहवार जानकारी तथा मदिरा के उठाव और दुकानों के संचालन आदि के संबंध में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने मदिरा दुकान परिसर में 50 मीटर के भीतर अनाधिकृत रूप से चखना दुकानों के संचालन पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने इसके लिए आबकारी विभाग के सभी उपायुक्तांे को अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत मदिरा दुकानों का मौका निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर आबकारी आयुक्त सह प्रबंध संचालक श्री डी.डी. सिंह तथा छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक श्री जितेन्द्र शुक्ला सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसरकेन्द्रीय पर्यावरण मंत्री से मुख्य सचिव अजय सिंह की सौजन्य मुलाकात

 रायपुर,  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यसचिव  अजय सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को पर्यावरण संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। उनके साथ छत्तीसगढ़ सरकार के आवास और पर्यावरण विभाग के सचिव   संजय शुक्ला भी मौजूद थे। 
मुख्य सचिव  अजय सिंह विज्ञान भवन में आयोजित पर्यावरण सम्मेलन में भी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने भी विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में विज्ञान भवन में आयोजित प्रदर्शनी में अपना स्टाल लगाया था, जिसमें राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को आकर्षक चित्रों और मॉडलों के जरिए प्रदर्शित किया गया था। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने प्रदर्शनी में रायपुर के ऑक्सीजोन मॉडल को देखा और इसे अन्य राज्यों तथा शहरों के लिए काफी उपयोगी और अनुकरणीय बताया। राजधानी रायपुर में 19 एकड़ के रकबे में ऑक्सीजोन विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी आज शाम विज्ञान भवन नई दिल्ली में विश्व पर्यावरण दिवस के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

विकास यात्रा 2018 : मुख्यमंत्री बालोद की आमसभा में देंगे 158 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

 बालोद - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह प्रदेश व्यापी विकास यात्रा के दौरान कल 05 जून को जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित आमसभा में 158.29 करोड़ रूपए लागत के 144 विभिन्न निर्माण कार्यों की सौगात देंगे।  इनमें  वे 116.24 करोड़ रूपए लागत से पूर्ण हो चुके 101 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 42.05 करोड़ रूपए लागत से नए 43 नए निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह आमसभा में विभिन्न योजनाओं में लगभग 78 हजार 111 हितग्राहियों को लाभान्वित करेंगे। इनमें वे 38 हजार 804 परिवारों को आबादी पट्टा, 4,413 श्रमिको को सायकल, औजार ई-रिक्शा आदि का वितरण, चार हजार एक सौ महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन, 55 किसानों को सौर सुजला पंप, 664 किसानों को मिनीकीट, 59 तेंदुपत्ता फड़मुंशियों को सायकल का वितरण करेंगे।
      मुख्यमंत्री डॉ. सिंह जिन कार्यों का लोकार्पण करेंगे, उनमें मुख्य रूप से 65 करोड़ रूपए लागत के बालोद से धमतरी मार्ग का निर्माण, 10 करोड़ 92 लाख रूपए लागत के संुदरा-देवीनवागॉव तांदुला नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण, 10 करोड़ 55 लाख रूपए लागत के तांदुला टैंक से पैरी डिस्ट्रिब्यूटरी में रिमॉडलिंग एवं लाईनिंग कार्य, 08 करोड़ 15 लाख रूपए लागत के गुरूर से नारागॉव सड़क नवीनीकरण कार्य और 04 करोड़ 14 लाख रूपए की लागत से लाईवलीहुड कॉलेज भवन निर्माण आदि कार्य शामिल हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. सिंह जिन कार्यों का शिलान्यास करेंगे, उनमें मुख्य रूप से 09 करोड़ 11 लाख रूपए लागत से बालोद में शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन, 03 करोड़ 87 लाख रूपए लागत से बेलोदा-गोटुलमुडा मुख्य मार्ग अरजगुण्डा मार्ग में पुल निर्माण, 02 करोड़ 80 लाख रूपए लागत से झलमला से भेंडिया नवागॉव मार्ग पर पुल निर्माण, 02 करोड़ 69 लाख रूपए लागत से परसोदा से सोंहतरा मार्ग पुल निर्माण और 02 करोड़ 14 लाख रूपए लागत से मेन रोड से खर्रा मार्ग पर पुल निर्माण शामिल है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 2 जुलाई से


रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। 2 से 6 जुलाई तक मानसून सत्र चलेगा। सत्र के दौरान कुल पांच बैठकें होंगी। बता दें कि चतुर्थ विधानसभा का यह अंतिम सत्र होगा।  बजट सत्र के दौरान अगस्त में मानसूत्र सत्र की तिथि प्रस्तावित की गई थी, लेकिन चुनावी साल होने के कारण अब सत्र का आयोजन जुलाई में किया जा रहा है। मानसून सत्र के दौरान सदन में भाजपा सरकार को घेरने विपक्षी दल तगड़ी रणनीति बना सकता है। क्योंकि मानसून सत्र के ठीक बाद चुनाव होने हैं।

राज्यपाल से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा की सौजन्य मुलाकात

रायपुर, राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन से आज यहां राजभवन में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने सौजन्य मुलाकात की। श्री नड्डा ने राज्यपाल को केंद्र सरकार की चार साल की उपलब्धियों पर आधारित 48 Months of Transforming India नामक पत्रिका भेंट की।

उन्होंने श्री टंडन को बताया कि प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना प्रारंभ की है, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले लोगों 5 लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सुरक्षा दी जा रही है। साथ ही पूरे देश में 1.5 लाख उप स्वास्थ्य एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को वेलनेंस सेंटर के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलेसिस योजना के अंतर्गत 497 सेंटर कार्यरत हैं जहां पर डायलेसिस की सुविधा दी जा रही है। माताओं और शिशुओं के सुरक्षा के लिए भी ठोस प्रयास किए हैं। गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओें का निःशुल्क टीकाकरण किए जा रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। खरीफ फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन लागत का डेढ़ गुना तय किया गया है। प्रधानमंत्री मंत्री उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को गैस कनेक्शन दिया जा रहा हैै। साथ ही उनके  खाते में सब्सिडी की राशि सीधे खाते में स्थानांतरित की जा रही है। पहल योजना के तहत अब तक 20 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिला है।

उन्होंने बताया कि युवाओं के कल्याण महत्वपूर्ण योजना प्रारंभ की गई है। मुद्रा योजना के तहत करीब 12 करोड़ रूपए के ऋण वितरित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत करीब 13 हजार प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं जहां पर युवाओं को विभिन्न ट्रेड के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है।

  नड्डा ने बताया कि हर व्यक्ति को आवास मिले इसके लिए, पिछले चार वर्षों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 4 करोड़ आवास का निर्माण किया है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत 31 करोड़ से अधिक जन-धन खाता खोले गए हैं। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2014-18 के मध्य ग्रामीण क्षेत्रों में 7 करोड़ 85 लाख शौचालय का निर्माण किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रत्येक गांव को ऊर्जीकृत करने के लिए दीनदयाल उपाध्याय ज्योति योजना क्रियान्वित की जा रही है। साथ ही सौभाग्य योजना के तहत 31 दिसंबर 2018 तक 4 करोड़ अविद्युतिकृत घरों में बिजली पहुंचाना सुनिश्चित किया गया है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सीएम रमन को दी बधाई कहा रायपुर बनेगा देश के लिए मॉडल,

रायपुर - केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से आयोजित चार दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से चार दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी विश्व पर्यावरण दिवस (पांच जून) के उपलक्ष्य में की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पांच जून को विशेष रूप से इस प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। 
 प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक शहरों में पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों को बेहतरीन तरकीके से  प्रदर्शित किया गया है। डॉ. हर्षवर्धन ने इन उपायों की भी तारीफ की और इसके लिए पर्यावरण संरक्षण मंडल सहित छत्तीसगढ़ सरकार को बधाई दी। 

 

हड़ताली नर्सों को चार जून तक मोहलत : ड्यूटी पर लौटें अन्यथा सेवा से बर्खास्त

अम्बेडकर अस्पताल में तैनाती के लिए राज्य के अन्य जिलों की नर्सों को मिलेगा मौका
नई भर्तियों के लिए भी की जा रही तैयारी

रायपुर, राज्य सरकार ने हड़ताली नर्सों को काम पर लौटने के लिए इस महीने की चार तारीख तक मोहलत दी है। सरकार ने निर्णय लिया है कि उन्हें सेवा से बर्खास्त करने के लिए विधिवत नोटिस दी जाएगी। अगर वे चार जून तक अस्पतालों में ड्यूटी पर नहीं लौटेंगी, तो उनकी सेवाएं जनहित में समाप्त कर दी जाएंगी। 
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज शाम यहां बताया कि छत्तीसगढ़ परिचारिका कल्याण संघ के आव्हान पर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की नर्सें पिछले महीने की 18 तारीख से हड़ताल पर हैं। 
अधिकारियों ने बताया कि उनकी मांगों के संबंध में शासन स्तर पर प्रक्रिया विचाराधीन हैं। संघ की पदाधिकारियों से स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह और संचालक स्वास्थ्य श्रीमती रानू साहू ने समय-समय पर कई दौर की बातचीत की। अब तक विभिन्न जिलों में कई नर्सें काम पर लौट आयी हैं, जहां नर्सें हड़ताल पर हैं, वहां पर मरीजों की सेवा के लिए निजी नर्सिंग काॅलेजों की छात्राओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है। 
स्वास्थ्य सेवाओं की संचालक रानू साहू ने बताया कि राज्य सरकार ने नर्सों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए वेतनमान से संबंधित मांग के बारे में अन्य राज्यों की स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए समिति का गठन किया है। समिति दो माह के भीतर रिपोर्ट देगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखकर हड़ताली नर्सों से कई बार हड़ताल समाप्त करने और काम पर लौटने का अनुरोध किया, लेकिन आज तक हड़ताल पर हैं। राज्य सरकार ने जन-स्वास्थ्य को गंभीरता से लिया और आंदोलनरत नर्सों पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता (निवारण) अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। उनसे यह अपेक्षा भी की गई है कि वे जल्द अपनी ड्यूटी पर लौटें, लेकिन उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ परिचारिका कल्याण संघ की पदाधिकारियों और सदस्यों के इस कृत्य की वजह से प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं, जिससे लोक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इसलिए जनहित और लोक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सभी हड़ताली नर्सों को सेवा से बर्खास्त करने के लिए विधिवत नोटिस जारी की जाए। उन्हें चार जून तक कत्र्तव्य पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उनकी सेवाएं जनहित में समाप्त कर दी जाएंगी। 
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी बताया कि राजधानी रायपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल काॅलेज से सम्बद्ध अम्बेडकर अस्पताल में प्रदेश के दूर-दराज इलाकों से मरीज अपने इलाज के लिए आते हैं, लेकिन नर्सों की हड़ताल के कारण उन्हें काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि रायपुर मुख्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन की दृष्टि से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की नर्सों को यहां स्थानांतरित कर रायपुर में पदस्थ करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, जो नर्सें इससे सहमत होंगी, उन्हें राजधानी रायपुर में सेवा का अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा नर्सों की नवीन भर्ती के लिए भी नियमानुसार जल्द कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विभाग ने एक बार फिर हड़ताली नर्सों से जनहित को ध्यान में रखकर हड़ताल समाप्त करने और ड्यूटी पर लौटने की अपील की है।