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भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी पंचतत्व में हुए विलीन, बेटी नमिता ने दी मुखाग्नि

 दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार शाम पंचतत्व में विलीन हो गए। यमुना के घाट पर ‘राष्ट्रीय स्मृति स्थल’ पर वाजपेयी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।  

उनकी अंतिम यात्रा भाजपा मुख्यालय से शुरू हुई जिसमें हजारों की संख्या में लोग अपने प्रिय नेता को अश्रूपूर्ण विदाई दी। उनके अंतिम दर्शन की लालसा लिये हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर खड़े थे। पूरे देश से हजारों की संख्या में लोग वाजपेयी के अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भाजपा मुख्यालय पहुंचे।

वाजपेयी का पार्थिव शरीर कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास से सुबह 11 बजे दीन दयाल मार्ग पर भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय लाया गया था। जहां बड़ी संख्या में बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सभी मौजूद थे। अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए लोग पेड़ों तक पर चढ़ गये। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, तमाम कैबिनेट मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, विपक्षी दलों के नेताओं और तमाम विदेशी नेताओं ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन, दिल्ली के एम्स में 5:5 मिनट पर ली अंतिम सांस

दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है। वे पिछले करीब दो महीने से एम्स में भर्ती थे और बीते तीन दिनों से जीवन रक्षक प्रणाली पर चल रहे थे। बुधवार सवेरे से ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
एम्स के अनुभवी डॉक्टर लगातार उनकी देखरेख में लगे हुए थे। इसी बीच कल दोपहर बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी समेत देश के तमाम नेता उनका हाल जानने के लिए एम्स पहुंचे।

जैसी ही अटलजी की तबीयत बिगड़ने की खबर मीडिया पर फैली देश भर में उनके चाहने वाले और प्रशंसकों ने उनके स्वस्थ व दीर्घायु होने की कामना शुरू कर दी थी। 

इससे पहले उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय मंत्रियों सुषमा स्वराज और राजनाथ सिंह के एम्स पहुंचने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के 93 वर्षीय नेता के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं, दुआओं का दौर जारी

दिल्ली - पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने प्रधानमंत्री मंत्री नरेन्द्र मोदी आज एम्स पहुंचे । पिछले करीब 24 घंटे में मोदी दूसरी बार एम्स गए हैं । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत आज लगातार दूसरे दिन भी बेहद नाजुक बनी हुई है और देशभर से तमाम नेता  एम्स पहुंच रहे हैं । वाजपेयी को फिलहाल जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है।
प्रधानमंत्री कल शाम को भी एम्स गए थे और वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय मंत्रियों सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी और राजनाथ सिंह के एम्स पहुंचने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के 93 वर्षीय नेता के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें तेज हो गयी हैं।

राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों की सरकारों ने अपने अनेक कार्यक्रम रद्द कर दिये हैं।

एम्स की ओर से आज जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री की हालत वैसी ही बनी हुई है। उनकी हालत नाजुक है और वह जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं।’’ आज एम्स पहुंचने वालों में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, राधा मोहन सिंह और जगत प्रकाश नड्डा भी शामिल हैं। इनके अलावा नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी एम्स पहुंचे।

1990 के दशक में वाजपेयी सरकार के दौरान उनका बखूबी साथ देने वाले लाल कृष्ण आडवाणी भी अस्पताल पहुंचे। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह दिल्ली पहुंच गए हैं ।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अन्य मुख्यमंत्रियों के भी दिल्ली पहुंचने की संभावना है। वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में कोई आधिकारिक नयी जानकारी सामने नहीं आयी है। उन्हें गुर्दा (किडनी) नली में संक्रमण, सीने में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था।
 
लाइव अपडेट्स :
- भाजपा अध्यक्ष के निकलने के बाद केकंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने मीडिया से बात की और कहा कि वाजपेयी जी की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर उन्हें ठीक करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। 

- करीब दो घंटे एम्स में रहने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी निकले

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम्स से निकल चुके हैं। थोड़ी देर में मेडिकल बुलेटिन आएगा।

- फिल्ममेकर मुजफ्फर अली ने कहा कि मेरी प्रार्थना अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ है। वह लोकतंत्र की महान शक्ति हैं। 

- केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा नेता भूपेंद्र यादव पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देखने दिल्ली के एम्स पहुंचे। 

- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने सभी कार्य रोक दिए हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं। 

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एक बार फिर एम्स पहुंच चुके हैं।

- पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे। 

- दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे। 

- लखनऊ के एनडी कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल में अटल बिहारी वाजपेयी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बच्चे प्रार्थना कर रहे हैं।

- हमने आज के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिये हैं, अटल बिहारी वाजपेयी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की - यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ।

- दिल्ली पुलिस ने अटल बिहारी वाजपेयी की हालत को देखते हुए ट्रैफिक नियमों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। 

- भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बीजेपी मुख्यालय पहुंचे। 15 अगस्त पर हुई सजावट को हटवाया। 

- जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे।  

- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी हमारी मूर्ति हैं हमें उनकी उपस्थिति में प्रेरणा और प्रोत्साहन मिला है। हम उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी उनके जैसा नहीं हो सकता है। 

- एम्स ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हेल्थ बुलेटिन जारी कर दिया है। जिसमें उनकी हालत जस की तस बताई जा रही है। 

- विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचीं। 

-भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एम्स में मौजूद हैं।

-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर के भी शीघ्र ही एम्स पहुंचने की संभावना है।

-वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में ताजी जानकारी प्राप्त करने के लिए अस्पताल के बाहर भारी संख्या में मीडियाकर्मी और अन्य लोग मौजूद हैं जिसके कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हो रही है। 

-अस्पताल के बाहर भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत जानकर फूट-फूटकर रोने लगे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा।

- कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह अटल बाहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे। 

- रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचीं।

- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने एम्स पहुंचे भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी।  

- गृहमंत्री राजनाथ सिंह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे 

   कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे 

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद गंभीर,लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है वाजपेयी

दिल्ली - लंबे समय से एम्स में भर्ती चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है। जानकारी के मुताबिक वाजपेयी को पिछले तीन दिनों से वेंटिलेटर पर रखा गया है। बता दें कि बुधवार को एम्स के निदेशक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाजपेयी की सेहत की जानकारी दी है जिसके बाद पीएम मोदी अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे।
बुधवार सुबह से ही अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत नाजुक बताई जा रही है। एम्स के अनुभवी डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे और उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के सेहत से जुड़ी जानकारी उन्हें दी। 
 उनकी हालत पिछले 24 घंटों से बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया हैः एम्स
उल्लेखनीय है कि पिछले 9 हफ्तों से अटल बिहारी वाजपेयी यूटीआई इंफेक्शन, लोवर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और किडनी संबंधी बीमारियों के कारण दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हालांकि एम्स प्रशासन की ओर से उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार की बात कही जा रही है। 

उनका एम्स में इलाज चल रहा है। वैसे वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में कोई आधिकारिक नई जानकारी सामने नहीं आई है। मधुमेह के शिकार 93 वर्षीय भाजपा नेता का एक ही गुर्दा काम करता है। 

वहीं, एम्स ने देर रात मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी यहां पिछले 9 हफ्तों से भर्ती हैं। उनकी हालत 24 घंटों से बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। 

15 अगस्त से पहले दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने फिर की आगजनी... ESSAR स्टील प्लांट के पास टिप्पर को फूंका

दंतेवाड़ा:- दक्षिण बस्तर में नक्सली कोहराम बदस्तूर जारी है। मंगलवार को नक्सलियों ने दिनदहाड़े किरंदुल थाना क्षेत्र में एस्सार स्टील प्लांट के पास एक टिपपर वाहन को आग के हवाले कर दिया। स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले किरन्दुल जैसे शहरी क्षेत्र में हुई इस वारदात से दहशत व्याप्त है। बताया जा रहा है कि टिप्पर में आग लगाने के अलावा नक्सलियों ने मौके पर पर्चे भी फेंके हैं। बता दें कि हाल के दिनों में जिले में आगजनी की वारदातों को माओवादी लगातार अंजाम दे रहे हैं। पिछले हफ्ते ही दंतेवाड़ा-बचेली मार्ग पर नक्सलियों ने 2 यात्री बसों समेत तीन वाहनों को फूंक दिया था। जलाई गई वाहन एस्सार कंपनी में लगी थी। इसके बाद कुआकोण्डा इलाके के हल्बारास में एक पोकलेन को भी माओवादियों ने आग के हवाले कर दिया था। सनद रहे कि आज जिस स्थान पर टिप्पर में आगजनी की गई है, उस इलाके में नक्सली पहले भी वाहनों में आगजनी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। 15 अगस्त से ठीक पहले नक्सली घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

राज्यपाल श्री टंडन का निधन सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा , परम्परागत रूप से मनेगा स्वतंत्रता दिवस, नहीं होंगे पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

राज्य सरकार ने मंत्रालय से जारी किया परिपत्र

रायपुर, 14 अगस्त 2018 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ में सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। श्री टंडन के निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री आज दोपहर राजधानी रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल पहुंचे और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने दोपहर को ही यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से प्रदेश में राजकीय शोक का परिपत्र जारी कर दिया। यह परिपत्र अध्यक्ष राजस्व मंडल सहित राज्य शासन के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को भेजा गया है। परिपत्र के अनुसार प्रदेश में 14 अगस्त से 20 अगस्त तक राजकीय शोक रहेगा। इस अवधि में सरकारी भवनों और जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराये जाते हैं, वहां ध्वज आधे झुके रहेंगे। साथ ही सरकारी स्तर पर कोई मनोरंजन अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। राज्यपाल के निधन पर आज 14 अगस्त को प्रदेश सरकार के सभी कार्यालय बंद रखे जाएंगे। राजकीय शोक की अवधि में 15 अगस्त का दिन भी शामिल है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने 15 अगस्त को समारोह परम्परागत रूप से मनाने का निर्णय लिया है। परिपत्र में कहा गया है कि 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज आधा नहीं झुकाया जाएगा और सभी जिलों में सार्वजनिक ध्वजारोहण समारोह में मुख्य अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। राष्ट्रीय धुन भी होगी और परेड द्वारा सलामी ली जाएगी। परेड निरीक्षण और मार्चपास्ट भी होगा। मुख्यमंत्री राज्य की जनता के नाम संदेश पढ़ेंगे, लेकिन पुरस्कार वितरण, सम्मान समारोह तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। परिपत्र में यह भी बताया गया है कि 15 अगस्त की शाम कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे।     

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया

 रायपुर, 14 अगस्त 2018 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने आज यहां जारी शोक संदेश में कहा है कि स्वर्गीय श्री टंडन ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में विगत लगभग चार वर्षाें तक प्रदेश को अपनी मूल्यवान सेवाएं दी। राज्यपाल के रूप में वह छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर काफी सजग रहते थे। मुख्यमंत्री ने कहा - विगत चार वर्षाें में प्रदेश के हितों को लेकर और प्रदेशवासियों की बेहतरी से जुड़े विषयों को लेकर मुझे हमेशा उनका मार्गदर्शन मिलता रहा।  डॉ. सिंह ने कहा - मुझे तो ऐसा लग रहा है कि हम सबने अपने राज्य के अभिभावक को हमेशा के लिए खो दिया है। उन्होंने 25 जुलाई 2014 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद का दायित्व संभाला था। मेरे लिए वह पिता तुल्य थे। मुख्यमंत्री ने कहा - उनका निधन मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। वह अत्यंत सहज, सरल और निश्छल स्वभाव के थे। राजनीति में ऐसे लोग बिरले ही मिलते हैं।
    डॉ. रमन सिंह ने कहा - स्वर्गीय श्री टंडन ने अपने 91 वर्ष के जीवन काल में लगभग 65 वर्षाें तक सार्वजनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग भूमिकाओं में जनता की सेवा के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। वर्ष 1975 से 1977 तक आपातकाल में उन्हें जेल में भी रहना पड़ा। वर्ष 1953 से 1967 तक वह अमृतसर नगर निगम के पार्षद रहे। उनकी लोकप्रियता  का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि वह छह बार पंजाब विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। विधायक के रूप में उन्होंने वर्ष 1957, 1962, 1967, 1969 और 1977 में अमृतसर का और वर्ष 1997 में राजपुरा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इतना ही नहीं, बल्कि पंजाब सरकार के केबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने उद्योग, स्वास्थ्य, स्थानीय शासन, श्रम और रोजगार विभागों में अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री टंडन के शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति प्रकट की है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
    श्री बलराम जी दास टंडन का जन्म एक नवम्बर 1927 को अमृतसर (पंजाब) में हुआ था।  उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय लाहौर से स्नातक उपाधि प्राप्त की। इसके बाद वह लगातार पंजाब में सामाजिक-सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहे और वर्ष 1953 से 1997 के बीच छह अलग-अलग अवधि में पंजाब विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। श्री टंडन वर्ष 1979 से 1980 तक पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे।  वर्ष 1991 में लोकसभा चुनाव के दौरान जब पंजाब में आतंकवाद अपनी चरम स्थिति में था, उन्होंने अमृतसर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव में भाग लेने का बीड़ा उठाया, जिसे उस समय सर्वाधिक आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र माना जाता था। इस चुनाव अभियान के दौरान आतंकवादियों द्वारा उन पर कई बार हमले किए  गए लेकिन सौभाग्य से श्री टंडन सुरक्षित रहे।    श्री बलरामजी दास टंडन ने वर्ष 1947 में देश के विभाजन के समय पाकिस्तान से आने वाले लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्होंने वर्ष 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान अमृतसर जिले की सीमा पर जनसामान्य में आत्मबल बनाये रखने तथा उत्साह का संचार करने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1980 से 1995 के दौरान उन्होंने आतंकवाद का सामना करने तथा इससे लड़ने के लिए पंजाब के जनसामान्य का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने आतंकवाद से प्रभावित परिवारों की मदद करने के उद्देश्य से एक कमेटी का गठन किया। श्री टण्डन स्वयं इस फोरम के चेयरमेन थे।
    उन्होंने ‘कॉम्पिटेंट फाउंडेशन’ के चेयरमेन के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने रक्तदान शिविर, निःशुल्क दवाई वितरण, निःशुल्क ऑपरेशन जैसे जनहितकारी कार्यों के माध्यम से गरीबों एवं जरूरतमंदों की मदद की। श्री बलरामजी दास टंडन के सुपुत्र श्री संजय टण्डन ने उनके जीवन पर आधारित किताब ‘एक प्रेरक चरित्र‘ लिखी, जिसका विमोचन वर्ष 2009 में तत्कालीन पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लाल कृष्ण आडवाणी ने किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल ने की थी। सौम्य स्वभाव के श्री टंडन जी की खेलों में गहरी रूचि है। वे कुश्ती, व्हालीबॉल, तैराकी एवं कबड्डी जैसे खेलों के सक्रिय खिलाड़ी रहे।

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए कार्यालय का उद्घाटन किया

रायपुर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। इससे पहले राहुल गांधी का स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने जमकर स्वागत किया। उद्घाटन समारोह के दौरान राहुल गांधी राज्य में आदिवासी कांग्रेस के जंगल सत्याग्रह अभियान को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर राहुल गांधी ने कहा कि वे सभी दानदाताओं, कार्यकर्ताओं और नेताओं को धन्यवाद देते हैं, जिनके अथक प्रयास के कारण वे यह ऐतिहासिक भवन बनाने में सफल हुए है। इस मौके पर उन्होंने इस परिसर में राजीव गांधी, महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल की प्रतिमा स्थापित करने की बात कही।नए कार्यालय का उद्घाटन के बाद राहुल गांधी चिकित्सकों, व्यवसायियों और वरिष्ठ पत्रकारों के साथ बैठक की। इसके बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पार्टी की विभिन्न शाखाओं के प्रमुखों से भी मुलाकात की। 
 कांग्रेस अध्यक्ष  राहुल गाँधी ने कहा कि यूपीए सरकार में 126 राफेल हवाई जहाज का कॉन्ट्रेक्ट तैयार किया था। तकरीबन 540 करोड़ प्रति हवाई जहाज। कॉन्ट्रेक्ट तैयार था, सिर्फ मोदी जी को निर्णय लेना था। मोदी जी फ्राँस जाते हैं, पुराने कॉन्ट्रेक्ट को रद्द कर देते हैं, डिफेंस मिनिस्टर को नहीं बताते, अपने कैबिनेट के बाकि मंत्रियों को नहीं बताते हैं और जादू से हवाई जहाज का दाम 540 करोड़ प्रति हवाई जहाज से तकरीबन 1600 करोड़ प्रति हवाई जहाज हो जाता है। यूपीए के कॉन्ट्रेक्ट में हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड जो बैंगलोर की पब्लिक सेक्टर की कंपनी है, उसको हवाई जहाज बनाना था। कर्नाटक में बैंगलोर में हजारों युवाओं को रोजगार मिलता, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होता, हाई टेक्नोलॉजी का हवाई जहाज हिंदुस्तान में बनता। नरेन्द्र मोदी जी ने स्वयं HAL से कॉन्ट्रैक्ट छीना और अपने एक मित्र को जिसका नाम आप जानते हो, उसको कॉन्ट्रैक्ट दिया। अब मजे की बात सुनिए। अंबानी जी ने अपनी पूरी जिंदगी में हवाई जहाज नहीं बनाया। उन्होंने डिफेंस का कॉन्ट्रेक्ट, एयरफोर्स का कॉन्ट्रैक्ट कभी नहीं लिया, अचानक थोप दीजिए, 45,000 करोड़ रुपए के कर्ज में थे और जिस कंपनी को नरेन्द्र मोदी जी ने राफेल का कॉन्ट्रैक्ट दिलवाया, वो कंपनी कॉन्ट्रैक्ट से एक सप्ताह पहले बनाई गई। ये सब मैंने पार्लियामेंट हाउस में नरेन्द्र मोदी जी के सामने बोला, मैंने मोदी जी को ये भी बोला कि हिंदुस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि फ्राँस के साथ एक सीक्रेट पैक्ट में लिखा है कि हवाई जहाज का दाम हिंदुस्तान की जनता को नहीं बताया जा सकता है। फ्राँस के राष्ट्रपति हिंदुस्तान आए, मैं उनसे मिला और मैंने उनसे ये बात पूछी। मैंने फ्राँस के राष्ट्रपति से पूछा कि इमैनुएल मैक्रों जी आप मुझे बताईए कि क्या सीक्रेट पैक्ट में ये लिखा है कि राफेल हवाई जहाज का दाम हिंदुस्तान की जनता को बताया नहीं जा सकता है। उनका जवाब मिलता है कि सीक्रेट पैक्ट में राफेल हवाई जहाज का दाम शामिल नहीं है। हिंदुस्तान की सरकार राफेल का दाम पूरे देश को बता सकती है, फ्रांस की सरकार को कोई एतराज नहीं है। आपको ये बात समझनी है और आपको पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों को, युवाओं को समझाना है, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों जी ने मुझे स्वयं कहा कि सीक्रेट पैक्ट में दाम की कोई बात नहीं है। हिंदुस्तान की सरकार अगर राफेल का दाम बताना है, तो बता सकती है। मैंने पार्लियामेंट में रक्षा मंत्री से बोला कि आपने हिंदुस्तान को झूठ क्यों बोला? जवाब नहीं मिला। जब मैंने नरेन्द्र मोदी जी को ये कहा, जो मैंने आपसे कहा, नरेन्द्र मोदी जी मुझसे आँख नहीं मिला पाए। आपने स्वयं टी.वी. में देखा, कभी वो इधर देख रहे थे, कभी वो उधर देख रहे थे, क्यों ? क्योंकि चौकीदार भागीदार बन गया है। चौकीदार ने भ्रष्टाचार किया है, मैं आपको इस स्टेज से बता रहा हूं, आने वाले समय में दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। डिफेंस का सबसे बड़ा घोटाला हिंदुस्तान की हिस्ट्री में नरेन्द्र मोदी जी ने किया है और पूरा देश इस बात को समझ गया है।

रायपुर में आज 10 अगस्त को राजीव भवन का उद्घाटन करेंगे राहुल गांधी

 रायपुर/10 अगस्त 2018। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 10 अगस्त 2018 शुक्रवार को नियमित विमान सेवा द्वारा दोपहर 2.20 को माना विमानतल रायपुर पहुंचेंगे। रास्ते में कांग्रेस के कार्यकर्ता और मोर्चा संगठनों के कायकर्ताओं द्वारा अनुशासित तरीके से कतारबद्ध तरीके से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का स्वागत करेंगे। राजीव भवन पहुंचने पर दोपहर 3 बजे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सेवादल के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जायेगा। दोपहर 3.30 बजे राजीव भवन के उद्घाटन के शिलालेख का अनावरण राजीव भवन का उद्घाटन होगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इसी अवसर पर आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को ध्वज देकर जंगल सत्याग्रह का शुभारंभ करेंगे। उदघाटन समारोह के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मीडिया के आंमत्रित प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। इसके बाद चिकित्साजगत के आमंत्रित प्रतिनिधियों और आमंत्रित व्यापारिक प्रतिनिधियों से चर्चा का राजीव भवन में कार्यक्रम रखा गया है। नवनिर्मित राजीव भवन के मुख्य सभागार में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस के विधायक, एआईसीसी सदस्यों, पीसीसी सदस्यों और मोर्चा संगठनों के प्रदेश प्रमुखों के साथ कार्यक्रम में भाग लने के बाद राजीव भवन से प्रस्थान करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शाम 7.40 के नियमित विमान सेवा द्वारा रायपुर से दिल्ली प्रस्थान करेंगे।

स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ रहा है, छत्तीसगढ़ का आदिवासी समाज: डॉ. रमन सिंह

रायपुर  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का आदिवासी समाज स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ रहा है। शिक्षा और स्वावलंबन तथा प्रकृति से जुड़ी अपनी संस्कृति और परम्परा को और अधिक मजबूत बनाकर समाज और आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों की रक्षा कर प्रकृति के संरक्षण में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के बजट का 35 प्रतिशत हिस्सा आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए खर्च किया जाता है। दंतेवाड़ा का जावंगा एजुकेशन हब आदिवासी बच्चों की शिक्षा का देश में सबसे बेहतर मॉडल है। डॉ. सिंह ने इस अवसर अमर शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधूर, रानी दुर्गावती और गैंद सिंह सहित अनाम शहीदों को भी याद किया।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आदिवासी समाज सहित विभिन्न समाजों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, प्रयास विद्यालयों के आई.आई.टी., एन.आई.टी., मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित विद्यार्थियों, संघ लोक सेवा आयोग, राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित युवाओं, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले समाज के प्रतिभाशाली लोगों और विभिन्न समाज प्रमुखों को सम्मानित किया। उन्होंने समारोह में 51 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मेक बुक और राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाओं में सफलता अर्जित करने वाले एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को स्पोर्टस वॉच प्रदान कर सम्मानित किया। डॉ. सिंह ने आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की उपलब्धियों पर केन्द्रित पुस्तक ’विकास की गाथा’, छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम के वार्षिक प्रतिवेदन और छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जी.आर.राना द्वारा संकलित नौ पुस्तकों का विमोचन भी किया।

विश्व आदिवासी दिवस : मुख्यमंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएं आदिवासियों के विकास के लिए सरकार वचनबद्ध: डॉ. रमन सिंह

रायपुर, 9 अगस्त 2018  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल नौ अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज सहित आम जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। डॉ. सिंह ने विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि भारत सहित पूरी दुनिया की विविधतापूर्ण जन जातीय संस्कृति सम्पूर्ण मानव समाज की अनमोल धरोहर है। आधुनिक युग में आदिवासी समाज भी शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, कला-संस्कृति आदि जीवन के हर क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है। 
    मुख्यमंत्री ने कहा - छत्तीसगढ़ सरकार भी राज्य के आदिवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए वचनबद्ध है। प्रदेश में आदिवासी जनसंख्या लगभग 32 प्रतिशत है, जबकि राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के अपने मुख्य बजट में 34 प्रतिशत राशि आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास पर खर्च करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा - छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने अपने यहां के आदिवासी बहुल इलाकों के विकास के लिए वर्ष 2004-05 में जन प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से दो विशेष विकास प्राधिकरणों का गठन किया है। विगत लगभग 14 वर्ष में सरगुजा और उत्तर क्षेत्र तथा बस्तर और दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों की बैठकों में जनप्रतिनिधियों के परामर्श से इन इलाकों में विकास के कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। सरगुजा (अम्बिकापुर) और बस्तर (जगदलपुर) में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में नक्सल पीडि़त आदिवासी बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण के लिए एजुकेशन सिटी और विशाल शैक्षणिक परिसरों का निर्माण, इनमें उल्लेखनीय हैं। 

मुख्यमंत्री के अनेक प्रस्तावों को रेल मंत्री ने दी सैद्धांतिक मंजूरी राजनादगांव तिल्दा और भाटापारा में ट्रेनों के स्टापेज का आग्रह किया

छत्तीसगढ़ में 17 रेल्वे ओव्हर ब्रिजों-अंडरब्रिजों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति सात रेल्वे स्टेशनों के पुनर्विकास का प्रस्ताव भी मंजूर

रायपुर  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज नई दिल्ली में रेल मंत्री  पीयूष गोयल के साथ बैठक में छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए कई प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री के इन प्रस्तावों में से कई प्रस्तावों को   गोयल ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए सैद्धांतिक रूप से तत्काल अपनी मंजूरी दे दी। इनमें से सात रेलवे स्टेशनों के उन्नयन के प्रस्ताव भी शामिल हैं, जिन्हें   गोयल ने सैद्धांतिम स्वीकृति प्रदान कर दी। उन्होंने डॉ. रमन सिंह के आग्रह पर छत्तीसगढ़ में 17 रेल्वे ओव्हर ब्रिजों और रेल्वे अंडर ब्रिजों के निर्माण के लिए भी अपनी सहमति और स्वीकृति तुरंत दे दी।   गोयल ने कहा कि सभी प्रस्तावों पर रेल मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण जल्द शुरू करवाया जाएगा। 

 गोयल ने रेल मंत्रालय के अधिकारियों को दुर्ग - कटघोरा - मुंगेली - कवर्धा - डोगंरगढ़ रेल लाईन के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन और सी.सी.ई.ए. की जल्द स्वीकृति देने के निर्देश दिए । उन्होने दुर्ग, रायगढ़, कोरबा, पेंड्रारोड़, डोंगरगढ़, भिलाई तथा अंबिकापुर रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और बीकानेर-बिलासपुर ट्रेन को दुर्ग तक बढ़ाने तथा विशाखापट्नम-जगदलपुर स्पेशल किराया ट्रेन को सामान्य किराये पर नियमित ट्रेन के रुप में चलाने की भी स्वीकृति प्रदान कर दी।
बैठक में रेल मंत्री   गोयल ने छत्तीसगढ़ के जिन 17 रेलवे ओवरब्रिज/रेलवे अंडरब्रिज के निर्माण प्रस्तावों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया, उनमें रायगढ़ रेल मार्ग पर कोतरलिया, किरोड़ीमलनगर, भूपदेवपुर, रॉबर्टसन तथा खरसिया यार्ड भी शामिल हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ से लखनऊ, पटना, पुणे, जम्मू, कन्याकुमारी और तिरूनंतपुरम के लिए सुपरफास्ट रेल सेवा प्रारंभ करने की मांग की। उन्होंने राजनांदगंाव, तिल्दा और भाटापारा में ट्रेनों के स्टापेज और रायगढ़, डोंगरगढ़ और अंबिकापुर में कोचिंग टर्मिनल प्रारंभ करने का आग्रह किया। बैठक में रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य के 35 सरकारी कॉलेजों में स्नातक स्तर के 14 नये पाठ्यक्रमों सहित 1935 सीटों की भी मिली मंजूरी 31 अगस्त तक ले सकेंगे प्रवेश

रायपुर, 08 अगस्त २०१८ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के 35 शासकीय कॉलेजों में चालू शिक्षा सत्र 2018-19 से 14 विभिन्न विषयों में नये पाठ्यक्रम शुरू करने  का निर्णय लिया है। इनमें में छह कॉलेज आदिवासी क्षेत्रों में और तीन कॉलेज अनुसूचित जाति बहुल्य इलाकों में संचालित हो रहे हैं। सभी 35 कॉलेजों में स्वीकृत नये पाठ्यक्रमों में एक हजार 935 सीटें भी मंजूर की गई है। उच्च शिक्षा मंत्री  प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को कॉलेज स्तर कॉलेज स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई के लिए हर संभव सुविधाएं दे रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 35 कॉलेजों में स्नातक स्तर पर नये संकायों के साथ नये विषयों के पाठ्यक्रम भी मंजूर किए गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से आयुक्त उच्च शिक्षा को अनुमति जारी कर दी है। नये विषयों में विद्यार्थियों को इस महीने की 31 तारीख तक प्रवेश दिया जाएगा। इन सभी कॉलेजों में नये विषयों के लिए सहायक प्राध्यापकों के 69, प्रयोगशाला तकनीशियनों के 26 और प्रयोगशाला परिचारकों के भी 26 पद स्वीकृृत किए गए हैं।
    विभाग द्वारा इन कॉलेजों के लिए मंजूर नये विषयों में भूगोल, संगीत, अंग्रेजी साहित्य, संस्कृत साहित्य, वाणिज्य, फाईन आर्ट और मूर्तिकला, इतिहास, गणित, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, मानव विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान, कम्प्यूटर साइंस, कम्प्यूटर एप्लीकेशन शामिल हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी अनुमति के अनुसार स्नातक स्तर पर शासकीय डॉ.राधाबाई नवीन कन्या पी.जी. महाविद्यालय रायपुर में बी.ए. भूगोल और संगीत में 25-25 सीटों पर, वीर सुरेन्द्र साय पी.जी. महाविद्यालय गरियाबंद में बी.ए. भूगोल और अंग्रेजी साहित्य में 30-30 सीटों पर तथा संस्कृत साहित्य में 25 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। शासकीय राजीवलोचन महाविद्यालय राजिम बी.ए. अंग्रेजी साहित्य में 30 सीटों पर, शासकीय महाविद्यालय सरायपाली में बी.काम. वाणिज्य की 50 सीटों में छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा।  
 उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासकीय वा.पा.पा.कन्या पी.जी. महाविद्यालय दुर्ग में बी.ए. फाईन आर्ट औरं मूर्तिकला में 50 सीटों की मंजूरी दी गई है। शासकीय नवीन महाविद्यालय खुर्सीपार में बी.ए. इतिहास एवं भूगोल में 30-30 सीटें, शासकीय महाविद्यालय साल्हेवारा में बी.एस.सी.(गणित समूह) में 40 सीटें, शासकीय गुण्डाधूर महाविद्यालय कोण्डागांव बी.ए. भूगोल 40 सीटें मंजूर की गई हैं। शासकीय दन्तेश्वरी महिला महाविद्यालय जगदलपुर में बी.एस.सी.(बायो एवं गणित समूह) में 60-60, शासकीय शहीद बापूराव पी.जी. महाविद्यालय सुकमा में बीए भूगोल 40, शासकीय भानुप्रतापदेव पी.जी. महाविद्यालय कांकेर में बी.ए. मानव विज्ञान में 30 और बी.एस.सी.(बायो समूह) सूक्ष्मजीव विज्ञान में 40 सीटों की अनुमति दी गई है। शासकीय बिलासा कन्या पी.जी. महाविद्यालय बिलासपुर में बी.एस.सी. कम्प्यूटर साईस में 30, शासकीय महाविद्यालय सीपत में बी.सी.ए. कम्प्यूटर एप्लीकेशन में 40, शासकीय माता शबरी नवीन कन्या महाविद्यालय बिलासपुर में बी.ए. भूगोल में 50 और शासकीय महाविद्यालय तखतपुर में बी.काम  वाणिज्य में 40 और शासकीय महाविद्यालय कोतरी में बी.ए. अंग्रेजी साहित्य में 40 सीटों की और बी.एस.सी.(गणित समूह) 40 सीटों की स्वीकृति मिली है।
    अधिकारियों ने बताया कि शासकीय महाविद्यालय अकलतरा में बी.ए. अंग्रेजी साहित्य मं 40, शासकीय महाविद्यालय दीपका में बी.ए. समाजशास्त्र 40, शासकीय महाविद्यालय सारंगढ़ में बी.ए. संस्कृत 40, शासकीय महाविद्यालय धरमजयगढ़ में बी.एस.सी. (गणित समूह) 30 और शासकीय नवीन महाविद्यालय बरमकेला में बी.ए. भूगोल में 60 सीटों की अनुमति दी गई है। शासकीय नवीन महाविद्यालय पुसौर में बी.एस. सी. गणित समूह में 60, शासकीय रामानुज प्रताप पी.जी. महाविद्यालय बैकुण्ठपुर में बी.ए. भूगोल में 40, शासकीय लाहिडी महाविद्यालय चिरमिरी में बी.ए. अंग्रेजी साहित्य में 60, शासकीय महाविद्यालय पंडरिया में बी.ए. बायो समूह 40 और शासकीय विवेकानंद महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में बी.सी.ए. में 40 सीटों की अनुमति प्राप्त हुई है।
    उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत शासकीय महाविद्यालय डौण्डी लोहारा में बी.ए. इतिहास 60,शासकीय महाविद्यालय मानपुर में बी.काम वाणिज्य 60, शासकीय नवीन महाविद्यालय तोकापाल में बी.एस.सी. गणित समूह में 60 और बी.ए. राजनीति विज्ञान 40 सीटें मंजूर की गई हैं। इसी कड़ी में शासकीय महाविद्यालय सरोना को बी.ए. भूगोल के लिए 60, शासकीय महाविद्यालय भोपालपटनम को बी. काम वाणिज्य के लिए 30 और बी.ए. इतिहास के लिए 30 सीटों की  अनुमति जारी की गई है। शासकीय महाविद्यालय मरवाही को बी.ए. संस्कृत के लिए 40 सीटें मंजूर की गई है। विभाग द्वारा अनुसूचित जाति उप योजना के तहत शासकीय महाविद्यालय लवन को बी.ए. समाजशास्त्र और इतिहास के लिए 60-60 सीट, शासकीय महाविद्यालय मालखरौदा को बी.ए. संस्कृत के लिए 35 और बी.एस.सी. कम्प्यूटर  एप्लीकेशन के लिए 35 और  शासकीय महाविद्यालय हसौद को बी.ए. अर्थशास्त्र के लिए 40 सीटों की स्वीकृति दी गई है। 

मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के सांसदों की बैठक

रायपुर- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में प्रदेश के सांसदों की बैठक लेकर राज्य के विकास और जनता के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों तथा राज्य में संचालित योजनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने इसके साथ ही संसद के चालू मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में राज्य के हितों को लेकर उठाए जाने वाले विभिन्न विषयों पर भी सांसदों से बातचीत की। बीती रात आयोजित इस बैठक में राज्य सभा सांसद सर्वश्री मोतीलाल वोरा, रामविचार नेताम और रणविजयप्रताप सिंह जूदेव, लोकसभा सांसद सर्वश्री रमेश बैस, विष्णुदेव साय, विक्रम उसेंडी, दिनेश कश्यप, ताम्रध्वज साहू, लखनलाल साहू, चंदूलाल साहू, डॉ. बंशीलाल महतो और अभिषेक सिंह सहित श्रीमती कमला पाटले भी मौजूद थीं