राजनीति

मोदी सरकार के 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने की दावा की खुली पोल, एक माह के लाक डाउन में केंद्रीय कर्मचारी सैन्य संसाधन सांसद निधि और अन्य जनहित के राशियों में किया जा रहा है कटौती

नोटबन्दी के दौरान फेयर एंड लवली स्किम से 45% गरीबो के नाम से लेकर कालाधन को सफेद किये थे वो पैसा कहा है रायपुर/26अप्रैल 2020/मोदी सरकार के सैनिक विरोधी कर्मचारी विरोधी और पेंशनर विरोधी रवैया पर सवाल खड़े करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पूछा है कि सैनिकों पेंशनरों और कर्मचारियों का भत्ता झटकने की नौबत क्यों और कैसे आ गयी ? एक महीने में ही आर्थिक हालत इतनी खराब कैसे हो गई ? मोदी जी छह साल से क्या कर रहे थे कि एक महीने की बन्दी से खजाना खाली हो गया? रिजर्व बैंक से ली गई 1 लाख 76 हज़ार करोड़ रु कहा है? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा किअंतराष्ट्रीय बाजार में से सस्ते क्रूड ऑयल खरीद कर पेट्रोल डीजल पर भारी भरकम टैक्स लगाकर 20 लाख करोड़ रु मुनाफा कमाया गया कहा है?इसमें रिफाइनरी वाले अंबानी की बात तो कर ही नहीं रहे हैं । GST कलेक्शन भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार बढ़ा ही है। इनकम टैक्स में भी अभूतपूर्व वृद्धि की जानकारी मोदी जी की सरकार ने ही देश को और संसद को दी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अभी तो 2020 - 21 के वित्त वर्ष की शुरुआत ही हुई है।30 लाख करोड़ के बजट की सारी मदों के पैसे सरकार के पास बचे ही हैं। सभी कम्पनियों के CSR के पैसे भी केंद्र सरकार ने ले ही लिए हैं ।सांसदों के 2 साल की सांसद निधि की राशि भी जब्त कर ली है। राष्ट्रपति से लेकर सांसद तक के वेतन से भी 30 फीसदी कटौती कर ली है। टाटा और अन्य कम्पनियों ने भी हजारों करोड़ का चंदा दे ही दिया। मात्र 20 -30 हजार कोरोना मरीज मिलने पर आपकी हालत ये हो गयी कि अब सैनिकों और कर्मचारियों के वेतन और कर्मचारियों की पेंशन पर भी नजर गड़ गयी ? बुजुर्गों का महँगाई राहत का हक भी छीन लिया ? क्या इसी आर्थिक हालत के बल पर 5 ट्रिलियन का जोश मार रहे थे? पूरी दुनिया के दादा बनने के दावे कर रहे थे? करोना की स्थिति गंभीर से गंभीर होती जा रही है। किसी देश से युद्ध छिड़ जाए तो क्या कीजियेगा? इराक, ईरान, कोरिया और अनेक देश कड़े अंतराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बाद भी इतने लाचार न हुए थे।

रमन सिंह अपने 15 साल याद करें : कांग्रेस

Danteshwar kumar ( chintu) 


जगदलपुर । अर्णव पर स्याही फेंके जाने की कथित घटना पर रमन सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस  के प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि रमन सिंह के 15 साल में पत्रकारों के साथ जो बर्ताव हुआ रमन सिंह को उसको याद करना चाहिए। एक नकारात्मक रिपोर्ट  पर  पत्रकारों को तरह तरह की धमकियां दी गई और खासकर नक्सली इलाकों में इसके सबूत भी मौजूद हैं कि रमन सिंह सरकार में पत्रकारों को सरकारी अधिकारियों ने हत्या तक करने की धमकियां दी। 15 साल तक बस्तर में पत्रकारों के काम करने की जो स्थिति रही और उसको लेकर जो एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की रिपोर्ट है, रमन सिंह यह बयान जारी करने के पहले उसे पढ़ लेते तो ज्यादा बेहतर होता। रमन सिंह सरकार में पत्रकारों पर जो दबाव बनाया गया और पत्रकारों को जिन परिस्थितियों में काम करना पड़ा, उस पर भी रमनसिंह को एक नजर डालनी चाहिये । रमन सिंह के 15 वर्ष के शासनकाल में पत्रकारों को जिस तरीके से धमकियां दी गई जान से मारने और झूठे मामलों में फंसाने की साजिशें की गयीं अभी इसे छत्तीसगढ़ भूला नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि आज अर्णव पर स्याही फेंके जाने की कथित घटना से रमन सिंह को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की याद आ रही है। मोदी, रमन की पोल खोलने वाले कार्यक्रम के प्रसारित होने के बाद एबीपी न्यूज़ चैनल के साथ क्या किया गया किस तरीके से एबीपी न्यूज़ के सिग्नल को डिस्टर्ब किया गया और पुण्य प्रसून बाजपाई जैसे वरिष्ठ पत्रकार को नौकरी छोड़ने के लिए किन परिस्थितियों में मजबूर होना पड़ा इसे पूरा देश जानता और समझता है।

अर्णव गोस्वामी पर दो व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से स्याही फेंके जाने पर डॉ रमन सिंह द्वारा विचलित हो कर दिए गए बयान पर कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि पूरा देश और छत्तीसगढ़ इस बात को बखूबी समझ रहा है कि पहले राहुल गांधी की 16 अप्रैल को हुई पत्रकार वार्ता  को लेकर  झूठे तथ्य प्रसारित करके और फिर सोनिया गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करके, अर्णव गोस्वामी केंद्र की मोदी सरकार द्वारा करोना से निपटने में हुई लापरवाही और आपराधिक भूल से ध्यान हटाने के एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं। जैसे-जैसे भारत में करोना प्रभावितों की संख्या बढ़ रही है वैसे-वैसे  नमस्ते ट्रंप और मध्य प्रदेश में  सत्तालोलुपता में किए गए पापों से छुटकारा पाने के लिए और केंद्र की मोदी सरकार  के द्वारा देश के सामने उपजी विकट परिस्थितियों  से ध्यान हटाने के लिए अर्णव और अर्णव के आका अपने पुराने काम में लग गए हैं।आजादी की लड़ाई के दिनों से नफरत फैलाकर यह सब यही करते और भारत की जनता को धोखा देते आ रहें हैं ।

बिलासपुर मेयर ने किया दावा..गर्मी के दिनों में नहीं होगी पानी की किल्लत।

 

नये बोरिंग और मोटर पंप लगाये गये।

टंकी की साफ-सफाई शुर-मेयर।

जोन वाइज होगी सफाई-रामचरण यादव। 

पानी की सप्लाई के लिए वैकल्पिक उपाय.

पानी सप्लाई के लिए टैंकर का उपयोग। 

बिलासपुर शहर के महापौर रामशरण यादव ने दावा किया है कि, इस बार गर्मी के दिनों में शहर के लोगों को पानी की किल्लत नहीं होगी..! इसके लिए नगर निगम ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।  इसकी शुरुआत टंकियों की साफ-सफाई और नए बोरिंग में पंप लगाने से की जा रही है । वहीं पानी सप्लाई के वैकल्पिक उपाय जैसे कि,  पानी के टैंकर का उपयोग किया जाएगा।  मेयर रामशरण यादव की मानें तो, ऐसे क्षेत्रों को पहले  चिन्हित कर लिया गया है जहां बीते दिनों में पानी की भारी किल्लत होती थी।  लिहाजा ऐसे जगहों पर पानी के टैंकर के माध्यम से पीने का पानी पहुंचाया जाएगा। वही टंकी की साफ सफाई का काम जोन स्तर पर किया जा रहा है । इसकी शुरुआत जोन क्रमांक-1 (सकरी) से हो रही है।  वहीं जल्दी शहर के सभी क्षेत्र में पानी टंकियों की सफाई पूरी हो जाएगी।

अर्णव गोस्वामी ने करोना महामारी जैसे गंभीर विषय में देश को गुमराह किया :कांग्रेस

Danteshwar kumar ( chintu)


 जगदलपुर । करोना महामारी के गंभीर विषय में 16 अप्रैल को राहुल गांधी ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा पत्रकार वार्ता की थी। इस पत्रकार वार्ता की पूरी रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर उपलब्ध है। राहुल गांधी जी ने इस पत्रकार वार्ता में कहा था कि टेस्टिंग को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन का अनुसरण किया जाना चाहिए और सरकार को टेस्टिंग बढ़ाना चाहिए ताकि करोना के फैलाव का सही आकलन कर उसे रोका जा सके। राहुल गांधी ने अपनी पत्रकार वार्ता में यह भी कहा था कि टेस्टिंग बढ़ाए बिना किसी के लिए भी यह संभव नहीं होगा कि फैलाव किस तरह से हो रहा है, कहां हो रहा है और लॉक डाउन हटने के बाद यह महामारी फिर से फैलना शुरु कर देगी। 

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने बताया है कि राहुल गांधी जी के द्वारा करुणा से लड़ने को लेकर जो तथ्य बताए गए थे उनकी पुष्टि प्रोफेसर स्टीव हैंग जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी जैसे अन्य विशेषज्ञों के द्वारा भी पूरे विश्व में की गई जो कि करोना महामारी को फैलने से रोकने के काम में लगे हुए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि बिना समुचित टेस्टिंग सुविधाओं के केवल देश को लॉक डाउन करना करोना  महामारी से उत्पन्न समस्या का समाधान नहीं हो सकता। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गरीबों के खाते में सीधे धन जमा किए जाने की जरूरत पर भी बल दिया था ताकि करो ना महामारी के कारण आ रही आर्थिक कठिनाइयों का सामना गरीब मजदूर कर सकें।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि इस खबर को सही ढंग से प्रस्तुत करने के बजाए अर्णव गोस्वामी ने जानबूझकर पूरी पत्रकार वार्ता को गलत प्रस्तुत किया और करोना महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में देश को गुमराह किया। अर्णव गोस्वामी ने देश को यह बताया कि राहुल गांधी का टेस्ट बढ़ाने का सुझाव पूरी तरीके से गलत है। यह एक बेहद खतरनाक स्थिति है और यदि लोग अर्णव गोस्वामी और उनके टीवी चैनलों पर भरोसा करके  टेस्टिंग को अनावश्यक समझ लेंगे तो इससे देश के करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। पूरे देश में अपनी जान जोखिम में डालकर करोना की टेस्टिंग में लगे चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हमले की घटनायें अर्णव गोस्वामी और उनके टीवी चैनल जैसे गलत प्रचार करने वालों के कारण हो रही है। अर्णव गोस्वामी ने यह भी रिपोर्टिंग की कि राहुल गांधी लाॅक डाउन के खिलाफ हैं जो कि पूरी तरीके से आधारहीन और असत्य है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि तदनुसार आज  पूरे छत्तीसगढ़ में और पूरे देश में अर्णव गोस्वामी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर कांग्रेसजनों द्वारा रिपोर्ट लिखाई गई है।

सरकार द्वारा सही समय पर कड़ाई से लिए गए निर्णयों का करोना महामारी से लड़ने में महत्वपूर्ण स्थान : कांग्रेस

 

Danteshwar kumar ( chintu)

 
जगदलपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संबोधन पर, कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि कोरोना से लड़ाई में छत्तीसगढ़ देश के अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में है। जो कि छत्तीसगढ़   की जनता का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल में अटूट विश्वास, सबके सहयोग और करोना महामारी के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सही समय पर लिए गए सही फैसलों  के कारण ही बन पाई है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा समय पर लिये गये फैसले चाहे होली मिलन नहीं आयोजित  करना, 13 मार्च से ही छत्तीसगढ़ के स्कूल कालेजो को बंद करना हो, 17 मार्च को पहला केस सामने आते ही पूरे राज्य में 18 मार्च से ही धारा 144 लागू करना हो, समय पर जनहित में लिये गये  कड़े फैसलो से भी राज्य को कोरोना से लड़ने में बेहतर स्थिति में लाने में मदद मिली है। करोना के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ की अग्रणी स्थिति आगे भी बनी रहे यही आज की परिस्थितियों में  प्रदेशवासियो  की जरूरत है।  करोना के खिलाफ लड़ाई में सफलता के लिये प्रदेश के जनजन के साथ साथ इस लड़ाई के अग्रिम पंक्ति के योद्धा और जनता के साथ खड़े  सभी चिकित्सको, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जिला और पुलिस प्रशासन, खाद्य महिला बाल विकास, नगर निगमो, नगर पालिकाओं, जनसंपर्क विभाग के समस्त कर्मचारियों ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सबने 24 घंटे इस संकट से निपटने के लिये कार्य किया। राशन बांटने से लेकर राहत पंहुचाने तक और जनजागरण  का अभूतपूर्व काम किया है। मीडिया के साथियों और निस्वार्थ काम कर रहे स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों के  निस्वार्थ और सराहनीययोगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता है।छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में एक एक ग्रामीण जन ने काम किया है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों ने भी स्वेच्छा से अपने गांव में  फिजिकल डिस्टेसिंग, साफ-सफाई का पालन कर करोना को रोकने के अपने कर्तव्य का पालन किया है।

प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कावासी लखमा निजी प्रवास पर पहुचे रायगढ़ । 

रायगढ़ - छत्तीसगढ़ के मंत्री का कहना है कि रायपुर में बैठे-बैठे  कुछ काम नहीं होने की वजह से बोर हो रहे थे। इस वजह से रायगढ़ घूमने आ गए उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा केंद्र सरकार  के बहुत लेट से लॉक डाउन लागू करने के कारण छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों में करोना के अधिक मरीज मिले हैं  । उसके उलट छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने 19 तारीख को है छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन घोषित कर दिया था जिस वजह से छत्तीसगढ़ में कम कोरोना के मरीज मिले हैं ।छत्तीसगढ़ में अवैध शराब बिक्री को लेकर पूछे जाने पर कवासी लखमा जी ने कहा के पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब की खेप पहुंच रही है जिस वजह से लगातार शिकायतें आ रही लेकिन लॉक डाउन होने की वजह से शिकायतें कम है अवैध शराब की बिक्री में  किसी कांग्रेसी नेता सामने आता है तो उसे जेल भेजा जाएगा ।शराब दुकान खोलने को लेकर मंत्री जी ने कहा 31 मई के बाद ही इसका फैसला लिया जाएगा साथ ही ऑनलाइन शराब बिक्री पर भी सरकार सोच रही है।

मुख्यमंत्री की फोटो वाला थैला, या नेताओ द्वारा जरूरत मंदो को सामग्री वितरित करते हुए फोटो लेना उन जरूरत मंद व्यक्तियों का मजाक उड़ाने के समान है शिवरतन

भाटापारा:- कोरोना वैश्विक महामारी के चलते 25 मार्च से लगातार छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन है ऐसी विषम परिस्थितियो में भाटापारा क्षेत्र की विभिन समाज सेवी संस्थाओ द्वारा जैसे शीतला माता मंदिर मातादेवालय समिति,मयूर क्लब,प्रेम प्रकाश मंडल,गुरुद्वारा प्रबंधन समिति(मिक्कू सचदेव),श्री नारायणी सेवा समिति,मावली माता मंदिर समिति सिंगारपुर,पूर्व पार्षद सुनंद मिश्रा व उनके सहयोगीगण, ज्वाइन हैंड समिति,द्वारा जरूरत मंदो को चावल दाल, व कुछ संस्थाओं द्वारा दोनो समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है,ऐसी सभी समितियों को इस परोपकारी कार्य के लिए धन्यवाद देता हूं । पूरे छत्तीसगढ़ में लगभग सभी शहरों व कस्बो में इस प्रकार की सामाजिक संस्थाओं द्वारा यह परोपकारी कार्य किया जा रहा है किंतु दुर्भाग्य की बात यह है कि प्रदेश शासन द्वारा ऐसी संस्थाओं को इस परोपकारी कार्य से रोकने का आदेश प्रसारित करना तथा यह आदेश देना की संस्था को जो भी देना हो शासन को दे और शासन इसकी वितरण की व्यवस्था करेगा यह सही नही है। प्रदेश की स्थिति ये है कि नीचे जरूरत मंदो को पहचानने व उन तक समान पहुचाने में शासकीय अमला पूर्ण रूप से सफल नही होगा क्योंकि शासकीय अमले के पास इसके अतिरिक्त और भी बहुत से कार्य है। शासन द्वारा जो सामग्री वितरीत की जा रही है उसमें मुख्यमंत्री की फोटो वाला थैला, या नेताओ द्वारा जरूरत मंदो को सामग्री वितरित करते हुए फोटो लेना उन जरूरत मंद व्यक्तियों का मजाक उड़ाने के समान है.। प्रदेश शासन अपने इस तुगलीकी आदेश को वापस ले और समाज सेवी संस्थाओं को इस परोपकारी कार्य को करने की स्वतंत्रता दे। एक आदेश जरूर शासन को करना चाहिए कि सामग्री वितरित करते हुऐ लोगो की फोटो ना ले।

कोरोना मामले में छत्तीसगढ़  में भाजपा कर रही है नकारात्मक राजनीति: मोहन मरकाम

जगदलपुर । कोरोना महामारी के मामले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा लगातार की जा रही बयानबाजी और स्तरहीन राजनीति पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि करोना मामले में सारे मतभेद भुलाकर  राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रही है । करोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस  स्वयं हर कदम पर देश की सरकार के साथ खड़ी रही है। इसके ठीक विपरीत छत्तीसगढ़ में चाहे सहायता राशि देने का मामला हो या करोना टेस्टिंग किट या PPE  परसनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट किट का सवाल या करोना लैब की स्वीकृति हो,  लगातार भाजपा नेताओं ने करोना मामले में नकारात्मक राजनीति करते हुये गैरजिम्मेदाराना बात की है। केंद्र सरकार के द्वारा धान का 2500 ₹ प्रति क्विंटल दाम देने के मामले की ही तरह करोना मामले में भी भाजपा नेता लगातार  छत्तीसगढ़ के हितों के खिलाफ ही काम कर रहे है।

कोरोना महामारी के बाद पीएम मोदी द्वारा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया और 24 मार्च से लाक डाउन किया गया। देश की जीवन रेखा रेलों के बंद हो जाने के कारण पूरे देश में करोड़ों आप्रवासी मजदूर फंसे पड़े हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के लोग बड़ी संख्या में कमाने खाने जम्मू कश्मीर से लेकर देश के दक्षिणी राज्यों तक गए हुए हैं और वहां फंस गए हैं। छत्तीसगढ़ के यह मजदूर प्रदेश में खाने रहने और चिकित्सा सुविधाओं के संकट का सामना कर रहे हैं। इसी तरह देश के अन्य प्रांतों के रहने वाले अनेक लोग गरीब मजदूर छत्तीसगढ़ में आकर इन्हीं कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने ऐसे सभी मजदूर भाइयों को और जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष के दरवाजे खोल दिए है। 1 लाख 62 हजार 649 मजदूरों को छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद पहुंचाई गई है।सभी जिलों में और प्रदेश में हेल्प डेस्क बनाई गई है और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी रात दिन मेहनत करके सब को मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री सहायता कोष में खुलकर योगदान देने के बजाय प्रदेश के भाजपा के सांसदों ने पीएम केयर फंड में राशि देना बेहतर समझा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा के इन सांसदों को वोट छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने दिया लेकिन छत्तीसगढ़ के मजदूरों की मदद करने वाले मुख्यमंत्री सहायता कोष में सांसदों द्वारा राशि नहीं दिया जाना बहुत ही दुखद और चिंता का विषय है। पीएमकेयर फंड में तो बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने दान दिया उद्योगों से पैसा लेने के लिए पीएम केयर फंड में दिए गए योगदान को सीएसआर मानकर उद्योगों को बड़ी छूट दी गई है जिसके परिणाम स्वरूप उसमें बहुत राशि आ रही है। राज्यों के मुख्यमंत्री सहायता कोष को इस सुविधा से वंचित रखने का निर्णय केंद्र सरकार ने लिया ऐसे समय छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में राशि न दिए जाने के निर्णय से छत्तीसगढ़ के सभी लोगों को दुख पहुंचा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि  छत्तीसगढ़ ने भाजपा को 9 सांसद दिए जिसमें से एक केंद्रीय मंत्री के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं दुख की बात है एक केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह और भाजपा के सांसद सभी मिलकर छत्तीसगढ़ के लिए कोरोना संकट के दौरान छत्तीसगढ़ की जनता के लिए पाई भर भी राहत पैकेज नहीं ला पाए इससे स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा के सांसद और भाजपा के नेता छत्तीसगढ़ वासियों के जनप्रतिनिधि होने का तमगा तो लगाते हैं लेकिन जब जब छत्तीसगढ़ के हित की बात आती है चाहे वह किसानों के धान खरीदी का मसला हो चाहे वह करो ना संकट के दौरान राहत पैकेज देना हो या केंद्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को मिलने वाले योजनाओं के राशि को रोकने का मामला हो हमेशा भाजपा सांसदों की भूमिका नकारात्मक और छत्तीसगढ़ के किसान मजदूर के खिलाफ ही रही है भाजपा सांसदों की तनिक भी हिम्मत नहीं है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सामने खड़े होकर दमदारी से छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता की बात को रख सके, यह बड़ा दुर्भाग्य है। संकटकालीन दौर में भी भाजपा सांसदों का रवैया नकारात्मक और छत्तीसगढ़ विरोधी रहा है। छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के विरोध में खड़े इन भाजपा सांसदों को सबक जरूर सिखायेगी।

अब तक बीजापुर ज़िले में कहीं भी कोई भ्रष्टाचार नही हुआ - जगबंधु माँझी

#ज़िले का समस्त सरकारी अमला कोरोना covid-19 महामारी की रोकथाम में लगा है - जगबंधु माँझी

Danteshwar kumar ( chintu)

बीजापुर : इस समय एक तरफ़ पूरा देश और प्रदेश कोरोना covid- 19 जैसे घातक महामारी से लोगों को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रही है वही दूसरी ओर बीजापुर के भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार जी मनरेगा में भ्रष्टाचार की बेतुकी बातें कर कोरोना covid-19 को ख़त्म करने में लगे ज़िले के प्रशासनिक अमले का मनोबल गिराने का काम कर रहे है। जबकि जिला प्रशासन ज़िलेभर में सोशल डिस्टेन्सिंग का कढ़ाई से पालन करा रही है और महामारी से बचने के लिए लोगों को हर स्तर पर जागरूक करते हुए मास्क आदि का इस्तेमाल करने के साथ-साथ लगातार हाथ धोने एवं लॉकडाउन के दौरान घरों में ही रहने की समझाईस दे रही है जिसमें क्षेत्र की पूरी जनता एक होकर कोरोना वायरस को जड़ से ख़त्म करने के लिए शासन प्रशासन के हर आदेश का पालन कर रहे है। इस वक़्त भाजपा जिला अध्यक्ष जी को कोरोना covid-19 को ख़त्म करने के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा कर सेवा दे रहे डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस के अधिकारी व सुरक्षा कर्मी के साथ साथ जिला प्रशासन के समस्त अधिकारी कर्मचारियों का हौसला बढ़ाना चाहिए था, लेकिन ऐसे समय में भाजपा के जिला अध्यक्ष कोरोना वायरस को ख़त्म करने की लड़ाई से इतर राजनीतिक बयान बाज़ी कर रहे हैं जो की निंदनीय है, यह समय सभी को एक होकर लोगों को इस महामारी से किसी भी तरह बचाना और निजात दिलाने का है। यदि क्षेत्र के ग़रीब मज़दूर अपनी दैनिक जीवन यापन के लिए कुछ काम कर लेते है तो इसमें भी भाजपा के जिला अध्यक्ष जी को भ्रष्टाचार नज़र आता है ये बहुत ही दुखद बात है, भाजपा के लोग चाहते ही नही की क्षेत्र की ग़रीब जनता रोज़ी रोटी के लिए पैसे कमायें। प्रदेश में जब से माननीय भूपेश बघेल जी की सरकार बनी है पूरा प्रदेश और जिला भ्रष्टाचार मुक्त हुआ है, ज़िले में कही भी भ्रष्टाचार नही हो रहा है जो भी भ्रष्टाचार हुआ है ये सब भाजपा के शासन काल में हुआ है। हर वक़्त भ्रष्टाचार के बात करने वाले भाजपा नेताओं को क्षेत्र की जनता ने पिछले सभी चुनावों में पूरी तरह से नकार दिया है। भाजपा जिला अध्यक्ष जी का इस वक़्त यह बयान केवल मीडिया में बने रहने मात्र का है।

नगर विधायक शैलेश पांडे ने 30 अप्रैल तक लॉक डाउन बढ़ाने की मांग

★ जनता जनार्दन के प्राण सर्वोपरि-शैलेश। ★

अजीत मिश्रा : बिलासपुर (छतीसगढ़)

बिलासपुर । शहर विधायक शैलेश पांडे ने सरकार से 30 अप्रैल तक लॉक डाउन बढ़ाए जाने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव और कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा है, कि छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए बहुत ही बेहतर तैयारी की है, यही कारण है कि अब तक छतीसगढ़ पूर्ण रूप से सुरक्षित है, लेकिन इस सुरक्षा कवच को बनाए रखने के लिए कम से कम 30 अप्रैल तक और लॉक डाउन किया जाना चाहिए। क्योंकि जनता जनार्दन के प्राण ही सर्वोपरि हैं।

शैलेश पांडे ने पत्र में कहा है,  कि बिलासपुर शहर हर नजर ने एक बेहतर और सर्व गुण संपन्न शहर के रूप में देखा जाता जाता है। यहां के लोगों में गजब का धैर्य, अनुशासन और त्याग हैं , यही कारण हैं कि बिलासपुर में केंद्र व राज्य सरकार के सभी निर्देशों का अक्षरश: पालन किया गया है । साथ ही जो संदिग्ध मरीज सामने आए, स्वास्थ्य विभाग के पूरे अमले ने उनकी देखरेख की, और बहुत अच्छा इलाज भी किया है। यही स्थिति  पूरे प्रदेश में  है। कोरोना के 10 में से 9 मरीज अस्पताल से ठीक हो कर घर चले गए हैं । आज कोरबा के दो लोगों को चिन्हित किया गया है ।  श्री पांडे ने कहा कि आज हम अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर प्रबंधन के लिए सबके सामने हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, कोरोना वायरस से विजय के लिए हमें और संयम, धैर्य और त्याग करना होगा , तब ही इस महामारी को हम खत्म कर सकेंगे।  उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल तक सभी अति आवश्यक सुविधाओं और सेवाओं को प्रारंभ रखा गया था,  शेष सभी सुविधाएं बंद थी।  इससे लगातार करने की जरूरत है। इसलिए ही  स्थिति अभी पूर्ण नियंत्रण में हैं । 30 अप्रैल तक यथास्थिति बनी रहे और कोई भी प्रतिबंध ना हटाए जाएं । उन्होंने पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया है , कि स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय,मॉल, बस, टैक्सी, ऑटो धार्मिक स्थल सेमिनार विवाह सहित अन्य ऐसी जगह जहां पर लोगों का की भीड़ होती है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा सकता । ऐसे जगहों को भी बंद रखा जाए। शैलेश पांडे ने संवेदनशील पत्र में यह भी कहा है, इस संकट के समय में स्वास्थ विभाग का पूरा अमला और पुलिस प्रशासन ने बहुत अच्छा काम किया है। जनता जनार्दन के प्राण सर्वोपरि हैं इसलिए उनके प्राणों की रक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। 

वालेंटियर बनने भाजपा युवा मोर्चा कार्यकताओ ने सौपी सूचि

अकलतरा - पूरा देश कोरोना महामारी की वजह से लॉक डाउन लगा हुआ है,लॉक डाउन के वजह से प्रशासन का कार्य बहुत बढ़ गया है ये सब को देखते है अकलतरा भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने अकलतरा थाना प्रभारी को लिखित में आवेदन सौप कर प्रशासन के साथ मिलकर उनके आदेश अनुसार कार्य करने की अपील की है,भाजयुमो अध्यक्ष पुरुषोत्तम नामदेव ने बताया की भारतीय जनता पार्टी का मूल उद्देश्य राष्ट्र प्रथम है और इस समय पूरा राष्ट्र कोरोना के वजह से परेशान है ,ऐसी स्थिति में हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूर्ण निस्वार्थ भाव से प्रशासन के निर्देश अनुसार हर कार्य को करने के लिए तैयार है,वालेंटियर बनने वाले युवाओ में प्रमुख रूप से *सदस्यों के नाम* 1-पुरुषोत्तम नामदेव,संजय सोनवानी,कान्हा अग्रवाल ,सूर्यकांत नामदेव,आयुष शर्मा,हितेश पालीवाल, रमेश पालीवाल,बाबा कैवर्त,संजू सिंह,नवीन साहू,पिंटू बरेठ,मयंक साहू,रवि टेंगनवाल,राहुल सिंह,अनिरुद्ध सिंह,सौरभ शुक्ला ,दीपक नागदेव,भरत कैवर्त,अवध चंद्रा,शहजादा खान,गिरधर अहीर,चंदन शर्मा,प्रवीण साहू,प्रदीप भारद्वाज,राकेश डंगरा,संजीव राठौर,साहिल खान,राजेश साहू,रितिक सिंह,मुकेश श्रीवास,रूपेश माधवानी एवं अन्य सदस्य गण सेवा देंगे

कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन कर चंदूलाल चंद्राकर विश्वविद्यालय होने पर NSUI नेता हनी सिंग बग्गा ने कहा सिर्फ संघ के लोग ही कर सकते है विरोध

रायपुर, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव व छात्र राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले हनी बग्गा ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तित कर चंदूलाल चन्द्राकर के नाम से रखे जाने को हर मायने में सही करार देते हुए कहा है अब तक यह विश्वविद्यालय नही बल्कि संघ के पाठशाला के नाम से जाना जाता था जिसके चलते विद्यार्थी भी प्रवेश लेने कतराते थे यही वजह है कि 2008 में प्रारंभ हुए इस विश्वविद्यालय ने आज तक सही मायने में विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल नही कर सका बल्कि एक महाविद्यालय के स्तर पर आज भी संचालित है।  हनी बग्गा ने कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय का नाम भूपेश सरकार द्वारा परिवर्तित किये जाने पर विरोध करने वालों को करारा जवाब देते हुए कहा है ऐसे लोग सिर्फ संघ के हो सकते हैं जो इस विश्वविद्यालय को अभी तक संघ के पाठशाला की तरह ही समझते रहे इसका उसी हिसाब से उपयोग कर इसका सिर्फ खुला दुरुपयोग करते रहे। तात्कालीन रमन सरकार ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना मात्र संघ के विचारधारा को जीवित रखने के लिए किया था और दुर्भाग्य से वे इसमें सफल भी रहे। पूरे विश्वविद्यालय में 98 प्रतिशत ऐसे  हैं जो संघ से जुड़े हैं और वही लोग नौकरी पर हैं, ऐसा भी नही की ये सभी आवश्यक अर्हताधारी हैं। इनके लिए विश्वविद्यालय अधिनियम से लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों की शर्तें भी मायने नही रखतीं न ही लागू हुई और डंके के चोट पर ऐसे लोग नियमित कर्मचारी से लेकर प्राध्यापक व अन्य बड़े अवधे पर आज भी काबिज हैं। हनी बग्गा ने कहा आज तक इस विश्वविद्यालय में जो भी कुलपति बना संघ का ही बना इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस विश्वविद्यालय के स्थापना का उदेश्य क्या रहा होगा।ये भी बात गौर करने वाली है कि इस विश्वविद्यालय में स्थापना के बाद से ऐसा और कोई पाठ्यक्रम नही संचालित हो सका जिससे इस विश्वविद्यालय की निजी आवक हो सके। विश्वविद्यालय ने चिन्हित कुछ महाविद्यालयों को मान्यता जरूर दी पर वहाँ जहाँ संघ का प्रचार प्रसार हो सके इन्हीं बातों से सब कुछ स्पष्ट है कि इसका उदेश्य क्या रहा है। आज 12 साल बाद भी इस विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की कुल संख्या लगभग 800 से 900 के बीच रही है, इससे साफ जाहिर है प्रदेश के विद्यार्थी संघ के विचार धारा वाले विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से कतराते रहे हैं। आज विद्यार्थियों को रोजगारमूलक शिक्षा की जरूरत है न कि संघ के प्रचारक की पिछली सरकार का उद्देश्य पारदर्शी रहता तो विश्वविद्यालय में आज हजारों लाखों की संख्या में विद्यार्थी अध्ययन करते रहते। पत्रकारिता के साथ-साथ बिजेएलएलबी जैसे पाठ्यक्रम की शुरुआत आज तक हो चुकी रहती जो आज की माँग है पर ऐसा नही हुआ इसलिए कि पिछली सरकार का एक मात्र उद्देश्य संघ का प्रचार प्रसार करना ही रहा है। हनी बग्गा ने जोर देकर कहा है उनका उदेश्य किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी निकालना कभी नही रहा है न ही वे निम्न स्तर की राजनीति करना पसंद करते हैं पर अब वे सीधे मुख्यमंत्री से मिल कर इस बात की जाँच करायेंगे की जो अयोग्य लोग आज इस विश्वविद्यालय में नौकरी कर मोटी रकम संघ के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कर रहे हैं और हर महीने अपने झोली में सरकार का लाखों रुपये ले रहे हैं उन्हें बक्सा नही जाएगा। इसकी निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी साथ ही विश्वविद्यालय के उत्थान के लिए जिसमें विश्वविद्यालय के खुद का आवक बने ऐसे रोजगार मूलक पाठ्यक्रम को भी इसी सत्र से आरंभ करने सुझाव दिया जाएगा।

गरीबो के हितार्थ भूपेश बघेल की मांग जायज-सुशील शर्मा

भाटापारा-प्रदेश कांग्रेस सचिव सुशील शर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रदेश के गरीबो,मनरेगा मज़दूरों और असंगठित क्षेत्रों के लिये राहत पैकेज की मांग का पूरजोर समर्थन करते कहा कि संवेदनशील मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर कहा कि यह पैसा जरूरी है जिससे विपदा की इस घड़ी में ऐसे लोगो को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। वर्तमान में सरकार के सभी अधिकारी और कर्मचारी संकट के समय मे आम जनता को सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने पूरी मुस्तेदी के साथ डट कर मोर्चा संभाले हुये है।किन्तु लॉक डाउन से धीरे धीरे राज्य की बड़ी जनसंख्या को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने मनरेगा मज़दूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को आगामी तीन महीने तक प्रति माह 1000 एक हजार रुपिया की राशि दी जाय, सभी धन जन खाता धारकों को 750 सात सौ पचास रुपिया प्रति माह की राशि आगामी तीन महीने तक उनके खातों में जमा की जाय,संगठित क्षेत्र के कामगारों जिन्हें 15000 पंद्रह हजार रुपिया प्रतिमाह से कम राशि प्राप्त होती है उनकी भविष्य निधि की सम्पूर्ण राशि आगामी तीन माह तक केंद्र सरकार दुवारा वहन की जाय। सुशील शर्मा ने सभी लोगो से कोरोना वायरस से लड़ने के लिये मुख्यमंत्री के निर्देशों को मानने की अपील करते हुये कहा कि प्रदेश की जनता की चिंता करने संवेदनशील मुख्यमंत्री और संवेदनशील स्वास्थ मंत्री जी जान से लगे है हमे उनके निर्देशो का पालन करना है क्योंकि विपदा की घड़ी में सभी एक साथ रहेंगे - कोरोना से जंग लड़ेंगे और जीतेंगे।।

पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने के बजाय 3 रू. प्रति लिटर एक्साइज बढ़ाना गलत

पेट्रोल-डीजल के दामों में सिर्फ 14 पैसे और 17 पैसे की कमी को अपर्याप्त और अन्यायपूर्ण निरूपित करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा सरकार ने पिछले 6 सालों में आम आदमी की जेब से 15 लाख करोड़ निकाल लिये है। आज जब अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है तो ईंधन के दामों में 3 रू. प्रति एक्साइज बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम आदमी के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। पहले हर सप्ताह और बाद में हर दिन क्रूड आइल के दामों में वृद्धि का हवाला देकर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने और महंगाई बढ़ाने का जनविरोधी कृत्य करते रहे। अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल क्रूड आईल का दाम घटकर 30 डालर प्रति बैरल हो जाने के बाद मोदी सरकार द्वारा इसका लाभ पेट्रोल-डीजल के उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के बजाय एक्साइज ड्यूटी में 3 रू. प्रति लिटर की वृद्धि का गरीब विरोधी जनविरोधी फैसला मोदी सरकार ने लिया है। कच्चा तेल गिर कर 30-32 डॉलर प्रति बैरल हो गया, परंतु नवंबर 2004 में जब कच्चा तेल 38 डॉलर प्रति बैरल था, उसके बराबर कीमतें लाना तो दूर, मोदी सरकार पेट्रोल में 32 रुपया 45 पैसे और डीजल में 38 रूपया 69 पैसे प्रति लीटर खुद की जेब में डाल रही हैं। ये कहाँ का न्याय है? प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी-शाह सरकार को अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के मूल्यों में भारी कमी के अनुरूप पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के मूल्यों को 35 से 40 प्रतिशत कम करके कच्चे तेल के अंतर्राष्ट्रीय दामों में आई रिकार्ड गिरावट का लाभ देश की जनता को देना चाहिये। ताकि उन्हें स्टैगफ्लेशन (कमर तोड़ महंगाई एवं आर्थिक मंदी) तथा बढ़ती बेरोजगारी से कुछ राहत मिल सके। आज देश के अंदर नहीं पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमत 30 डॉलर से 32 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। 2004, नवंबर में जब कच्चा तेल 38 डॉलर प्रति बैरल था, तो देश में पेट्रोल की कीमत 37 रुपया 84 पैसे थी, पर आज जब 35 डॉलर प्रति बैरल से कम है, तो देश में पेट्रोल की कीमत 70 रुपया 29 पैसे प्रति लीटर है यानी 32 रुपया 45 पैसे प्रति लीटर हर एक लीटर पेट्रोल के साथ मोदी सरकार जबरन अपनी जेब में डाल रही हैं और आम उपभोक्ता का नुकसान कर रहे हैं। नवंबर 2004 में कच्चे तेल की कीमत 38 डॉलर प्रति बैरल थी, तो देश में डीजल की कीमत 26 रुपया 28 पैसे थी मोदी जी। आज जब 35 डॉलर प्रति बैरल से कम कच्चे तेल की कीमत है, तो डीजल की कीमत देश में 65 रुपया 97 पैसे है, 26 रुपया 28 पैसे के मुकाबले में प्रति लीटर। यानी 38 रूपया 69 पैसे मोदी सरकार अपनी जेब में डाल रही हैं और जनता की, किसान की, गरीब की, स्कूटर, मोटर- साईकिल, कार चलाने वाले व्यक्ति की जेब से निकाल रही हैं। 20 लाख रुपया शेयर बाजार में डूब गया, जो अपने आप में हिंदुस्तान के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट है। 1 डॉलर के मुकाबले में रुपया गिरकर 75 रुपया 16 पैसे हो गया, जो अपने आप में देश के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट है। वर्ष कच्चे तेल की कीमत पेट्रोल के दाम डीजल के दाम 2004 38 डॉलर प्रति बैरल 37.84 रू. प्रति लिटर 26.28 रू. प्रति लिटर 2020 35 डॉलर प्रति बैरल 70.29 रू. प्रति लिटर 65.97 रू. प्रति लिटर

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बने पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू

अकलतरा । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की टीम में कई नए चेहरों को शामिल किया गया है. वहीं कई पुराने चेहरे बाहर हो गए हैं. नए चेहरे में चुन्नीलाल साहू पूर्व विधायक अकलतरा को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बनाए गए है। अकलतरा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष का मौहोल है ।