छत्तीसगढ़

अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों की वापसी शुरू: गुजरात से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची बिलासपुर

रायपुर, 11 मई 2020 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों, संकट में पड़े और मेडिकल आवस्यकता वाले लोगों को लेकर गुजरात से आज पहली ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर पहुंची। जिला प्रशासन ने इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की थी। गुजरात से करीब 1200 श्रमिकों एवं अन्य लोगों को लेकर यह ट्रेन पहुंची । यह ट्रेन अहमदाबाद, गोधरा, रतलाम, बीना, कटनी, पेन्ड्रारोड से होते हुए बिलासपुर पहुंची। इस ट्रेन में मुंगेली जिले के 20, जांजगीर-चाम्पा जिले के 53 और दुर्ग जिले के 11 लोग भी शामिल थे। जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा ट्रेन से आने वाले याात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 80 मेडिकल स्टाॅफ की ड्यूटी यहां लगायी गई थी। जिसमें 28 डाॅक्टर, 14 लैब टेक्नीशियन और 22 पैरा मेडिकल स्टाॅफ के सदस्य थे। इसके अलावा अन्य समन्वय, सेनिटाईजर और मास्क वितरण के लिए 16 लोग तैनात किए गए थे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए 82 पुलिस और 50 आरपीएफ  के जवान तैनात किए गए थे। यात्रियों की स्कार्टिग के लिए राजस्व और पंचायत विभाग के 56 अधिकारी-कर्मचारी तथा 70 बसों के लिए चालक और इतने ही वाहन प्रभारी उपस्थित रहे। स्टेशन और आस-पास के क्षेत्र को सेनिटाईजेशन करने के लिए निगम के 20 कर्मचाारियों का अमला और इस पूरी व्यवस्था के समन्वय और मानिटरिंग के लिए एस.डी.एम., डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार सहित 30 प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा हर बोगी में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर एक बार में अल्टरनेट चार बोगियों से यात्रियों को उतारा गया। उतरने के पहले सभी यात्रियों को हैंड सेनेटाइजर और मास्क दिया गया। रेलवे स्टेशन के हर गेट में स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात रही जिनके द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग की गई। स्टेशन के गेट नं दो से दूसरे जिलों के लोगों को स्टेशन से बाहर निकाला गया। गेट नंबर तीन से मस्तूरी के तथा गेट नंबर चार से अन्य विकासखंडों के लोग बाहर निकाले गए। मजदूरों को रेलवे स्टेशन से बसों के द्वारा उनके गांव एवं जिलों मंे भेजने की व्यवस्था की गई जहां उन्हें क्वारांटाईन सेंटर में रखा जाएगा। बिलासपुर जिले के लोगों के लिये 60 बसों की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को सम्बन्धित क्षेत्र के बसों में बिठाने और उनकी रवानगी के लिए कर्मचारी तैनात किये गये थे। स्टेशन के बाहर छह 108-एम्बुलेंस भी तैनात रहीं।

अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों की वापसी शुरू: गुजरात से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची बिलासपुर

रायपुर, 11 मई 2020 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों, संकट में पड़े और मेडिकल आवस्यकता वाले लोगों को लेकर गुजरात से आज पहली ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर पहुंची। जिला प्रशासन ने इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की थी। गुजरात से करीब 1200 श्रमिकों एवं अन्य लोगों को लेकर यह ट्रेन पहुंची । यह ट्रेन अहमदाबाद, गोधरा, रतलाम, बीना, कटनी, पेन्ड्रारोड से होते हुए बिलासपुर पहुंची। इस ट्रेन में मुंगेली जिले के 20, जांजगीर-चाम्पा जिले के 53 और दुर्ग जिले के 11 लोग भी शामिल थे। जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा ट्रेन से आने वाले याात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 80 मेडिकल स्टाॅफ की ड्यूटी यहां लगायी गई थी। जिसमें 28 डाॅक्टर, 14 लैब टेक्नीशियन और 22 पैरा मेडिकल स्टाॅफ के सदस्य थे। इसके अलावा अन्य समन्वय, सेनिटाईजर और मास्क वितरण के लिए 16 लोग तैनात किए गए थे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए 82 पुलिस और 50 आरपीएफ  के जवान तैनात किए गए थे। यात्रियों की स्कार्टिग के लिए राजस्व और पंचायत विभाग के 56 अधिकारी-कर्मचारी तथा 70 बसों के लिए चालक और इतने ही वाहन प्रभारी उपस्थित रहे। स्टेशन और आस-पास के क्षेत्र को सेनिटाईजेशन करने के लिए निगम के 20 कर्मचाारियों का अमला और इस पूरी व्यवस्था के समन्वय और मानिटरिंग के लिए एस.डी.एम., डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार सहित 30 प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा हर बोगी में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर एक बार में अल्टरनेट चार बोगियों से यात्रियों को उतारा गया। उतरने के पहले सभी यात्रियों को हैंड सेनेटाइजर और मास्क दिया गया। रेलवे स्टेशन के हर गेट में स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात रही जिनके द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग की गई। स्टेशन के गेट नं दो से दूसरे जिलों के लोगों को स्टेशन से बाहर निकाला गया। गेट नंबर तीन से मस्तूरी के तथा गेट नंबर चार से अन्य विकासखंडों के लोग बाहर निकाले गए। मजदूरों को रेलवे स्टेशन से बसों के द्वारा उनके गांव एवं जिलों मंे भेजने की व्यवस्था की गई जहां उन्हें क्वारांटाईन सेंटर में रखा जाएगा। बिलासपुर जिले के लोगों के लिये 60 बसों की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को सम्बन्धित क्षेत्र के बसों में बिठाने और उनकी रवानगी के लिए कर्मचारी तैनात किये गये थे। स्टेशन के बाहर छह 108-एम्बुलेंस भी तैनात रहीं।

बिलासपुर में कोरेन्टीन सेंटर का विरोध। घनी बस्ती के बीच बनाए जाने से लोग नाराज।

बिलासपुर नगर निगम ने प्रवासी मजदूरों के लिए घनी बस्ती के बीच क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन और निगम के इस फैसले का अब विरोध होना शुरू हो गया है।। फिलहाल वार्ड क्रमांक 30 गोड़पारा में विरोध के स्वर गूंज रहे हैं। वार्ड के पूर्व और वर्तमान पार्षद के अलावा जनप्रतिनिधि और वार्ड के लोगों ने इसके खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया है। बैनर-पोस्टर लगाकर लोगों ने घनी आबादी में कोरेन्टीन सेंटर बनाए जाने का विरोध किया है। वहीं लोगों का कहना है कि, कोरोना संक्रमण के संभावित लोगों को यू घनी आबादी वाले क्षेत्र में रखने से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।। लिहाजा जिला प्रशासन को विवेकपूर्ण निर्णय जल्द लेना चाहियें। सरकार प्रवासी मजदूरों को रुकवाने के लिए शहर या वार्ड से बाहर स्कूल, कॉलेज की बिल्डिंग या समुदायिक भवन का इस्तेमाल करना चाहिए। जिला प्रशासन के निर्णय नहीं बदले जाने पर वार्ड के लोग उग्र प्रदर्शन और विरोध दर्ज करने की बात स्पष्ट शब्दों में कही हैं।

बिलासपुर में कोरेन्टीन सेंटर का विरोध। घनी बस्ती के बीच बनाए जाने से लोग नाराज।

बिलासपुर नगर निगम ने प्रवासी मजदूरों के लिए घनी बस्ती के बीच क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन और निगम के इस फैसले का अब विरोध होना शुरू हो गया है।। फिलहाल वार्ड क्रमांक 30 गोड़पारा में विरोध के स्वर गूंज रहे हैं। वार्ड के पूर्व और वर्तमान पार्षद के अलावा जनप्रतिनिधि और वार्ड के लोगों ने इसके खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया है। बैनर-पोस्टर लगाकर लोगों ने घनी आबादी में कोरेन्टीन सेंटर बनाए जाने का विरोध किया है। वहीं लोगों का कहना है कि, कोरोना संक्रमण के संभावित लोगों को यू घनी आबादी वाले क्षेत्र में रखने से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।। लिहाजा जिला प्रशासन को विवेकपूर्ण निर्णय जल्द लेना चाहियें। सरकार प्रवासी मजदूरों को रुकवाने के लिए शहर या वार्ड से बाहर स्कूल, कॉलेज की बिल्डिंग या समुदायिक भवन का इस्तेमाल करना चाहिए। जिला प्रशासन के निर्णय नहीं बदले जाने पर वार्ड के लोग उग्र प्रदर्शन और विरोध दर्ज करने की बात स्पष्ट शब्दों में कही हैं।

मुख्यमंत्री ने लिखा पीएम को पत्र। राहत पैकेज की मांग दोहराई। नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कहा किया कितना खर्च.?

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश  बघेल लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं । वही अब नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने पूछा है कि, आखिरकार मुख्यमंत्री राहत कोष में कितने पैसे जमा हुए हैं..? सरकार पहले उसकी जानकारी दें। राहत कोष और राज्यों को मिलने वाले पैकेज को लेकर पक्ष विपक्ष के बीच जुबानी जंग बदस्तूर जारी है।  जहाँ नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि, प्रधानमंत्री राहत कोष से समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़  को पैसे मिल रहे हैं।लेकिन प्रदेश की जनता को यह नहीं पता कि आखिर मुख्यमंत्री राहत कोष में कितने पैसे जमा हुए हैं...? और वह कहां-कहां कितने पैसे खर्च हुए हैं..?  पीएम और सीएम राहत कोष को लेकर उपजे इस विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है।  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने नेता प्रतिपक्ष के सवालों का दो टूक जवाब दिया है।  वहीं उन्होंने साफ कर दिया की मुख्यमंत्री राहत कोष में पैसे के हिसाब विधानसभा के पटल पर रखे जाते हैं... और जल्द ही ऐसा किया भी जाएगा। लेकिन आखिर ऐसी क्या मजबूरी है प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रदेश को पैसे नहीं मिल रहे हैं..? इसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने  बताया कि,  केंद्र सरकार ने अब तक कोरोना  संक्रमण से निपटने के लिए तकरीबन 1 लाख 70 हजार करोड़ का पैकेज जारी किया गया है। जिसमे से करीब 15 सौ करोड़ छत्तीसगढ़ को विभिन्न योजनाओं के मध्यमों से दिया जा रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेसी नेता ने ऐसे आधा दर्जन योजनाओं ने नाम गिनाये हैं जिमसें केंद्र ने पैसे ही नही दिये हैं। फिलहाल राहत पैकेज को लेकर छत्तीसगढ़ में जुबानी जंग जारी है। 

विदेश से आ रहे छत्तीसगढ़ के नागरिकों को जानकारी देने लायजन अधिकारी नियुक्त : राज्य शासन ने जारी किया आदेश

 रायपुर, 09 मई 2020छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के दौरान विदेश में फंसे छत्तीसगढ़ के निवासी भारतीय नागरिकों को भारत आने पर आवश्यक जानकारी देने एवं समन्वय के लिए सुश्री प्रेरणा अग्रवाल, ए.एल.ओं. आवासीय कार्यालय नई दिल्ली को लायजन अधिकारी नियुक्त किया गया है। विदेश से आ रहे छत्तीसगढ़ के निवासियों को नई दिल्ली में स्थित क्वारेंटीन फैसलिटी की जानकारी देने, स्वयं के व्यय पर छत्तीसगढ़ आने के लिए टैक्सी, बस सेवा हेतु आवश्यक जानकारी के लिए सुश्री अग्रवाल से मोबाइल नम्बर 98216-65267 एवं छत्तीसगढ़ सदन का हेल्प लाईन नम्बर 011-46156000 पर संपर्क किया जा सकता है।

        सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय महानदी भवन से आज जारी आदेश के अनुसार विदेश में फंसे भारतीय नागरिक जो छत्तीसगढ़ के निवासी है को भारत सरकार के समन्वय से वापस लाया जा रहा है। इस संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों एवं जिलों तथा अन्य प्रशासकीय ईकाइयों से आवश्यक कार्यवाही के लिए एस.ओ.पी. जारी किया गया है। जिसके अनुसार दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन को विदेशों से आ रहे छत्तीसगढ़ के निवासियों को क्वारेंटीन फैसलिटी मिलने तक के लिए अस्थाई रूप से रखने हेतु होल्डिंग एरिया के रूप मंे उपयोग करने की अनुमति होगी।  

शासकीय हाईस्कूल कुरदा(चांपा) को बनाया गया क्वारंटाइन सेंटर, 18लोग ठहराये गया

जांजगीर-चांपा :- छत्तीसगढ़ सरकार ने बाहर से मजदूरों को लाने कि कयाद तेज कर दी है,बाहर से काफी संख्या में आने वाले मजदूरों के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। इन क्वारंटाइन सेंटर में भोजन, पानी, पंखा, बिजली समेत अन्य सुविधाओं का व्यवस्था किया गया है। रोजी मजदूरी करने दीगर प्रांत गए मजदूरों की वापसी होने लगी है। जिले से भी कई मजदूर बाहर गए थे, उनके लौटने की संभावना बनी हुई है,इसी मद्देनजर कुछ दिन पहले चांपा स्टेशन पहुंचकर कलेक्टर, एसपी,एसडीएम ने तैयारियों का जायजा लिया था।वहीं सक्त निर्देश दिया गया है कि बाहर से आने वाले मजदूरों को पहले 14 दिन तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा। इसके बाद ही घर जाने की अनुमति होगी। वहीं प्रशासन ने प्रत्येक ब्लॉक के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायत कुरदा(चांपा)के शासकीय हाईस्कूल को भी क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है यहां भोजन, पानी, रहने की व्यवस्था, पंखा, बिजली, दरी, चादर, शौचालय, स्नानागार आदि की व्यवस्था भी की गई हैं।। ग्राम पंचायत सचिव सुनील नारंग ने बताया कि हमारे यहां अभी 18 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है, शासन के नियमानुसार उनके लिये भोजन, पानी, पंखा, बिजली समेत अन्य सुविधाओं का व्यवस्था किया गया है।

महिला पंचायत प्रतिनिधियों के रिश्तेदार,नही कर सकते उनके कार्यों में हस्तक्षेप

बलौदाबाजार,7 मई 2020राज्य शासन के नये निर्देश एवं जिला कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ आशुतोष पाण्डेय ने एक नया आदेश जारी किया है। जिसके तहत जिला में किसी भी महिला पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यों में उनके रिश्तेदारो के  हस्तक्षेप को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिला पंचायत सीईओ आशुतोष पाण्डेय ने बताया इसके अंतर्गत पंच, सरपंच,जनपद पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्यों आदि में किसी भी महिला सदस्यों के पति ,बेटा,बेटी अन्य सगे संबधी, रिश्तेदार उनके कार्यो में हस्तक्षेप नही कर सकते है। उनके रिश्तेदार द्वारा किसी भी तरह सलाह देना, मीटिंग में शामिल होना प्रतिबंधित रहेगा। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा इन नियमों उल्लंघन करने पर कोई भी व्यक्ति जनपद पंचायत सीईओ को  शिकायत कर सकते है। इन सभी पंचायत प्रतिनिधियों पर उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई किया जाएगा। गौरतलब है की राज्य शासन द्वारा 50 प्रतिशत सीटों का आरक्षण  महिला सदस्यों के लिए होते है।जिस कारण बहुत से पंचायत प्रतिनिधियों के रिश्तेदार उनके कार्यों में बेवजह दखल कर प्रशासनिक कार्यों को भी बाधित करतें है।

स्वास्थ्य सुविधा बेहाल .....क्षेत्र के लोगों पर पड़ ना जाए भारी...

जांजगीर चांपा-जिले में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर तो जिले का हाल बेहाल है यहां अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी संसाधनों की कमी तो है लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी बखूबी नहीं निभा रहे हैं नतीजा जिले की स्वास्थ्य सुविधा बेहाल है। दरअसल में देश और प्रदेश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तमाम प्रयास कर रहे हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल में डॉक्टरों को 24 घंटे उपलब्ध कराने की बात कह रहे हैं लेकिन जांजगीर-चांपा जिले के मालखरोदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत फगुरम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहां की स्वास्थ सुविधा बेहाल है। यहां अस्पताल में तो ठीक से ना डॉक्टर आते हैं ना ही यहां के कर्मचारी इस बात की खबर मीडिया में आई तो सुधार के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होता दिखाई दे रहा है वहीं यहां के लचर सिस्टम को लेकर जब जांजगीर-चांपा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसआर बंजारे को अवगत कराया गया तो उनका भी अजीबो गरीब बयान सुनने को मिला साहब का कहना है कि मीडिया में जो खबर लगी है वह पुरानी खबर है अब यहां पर अस्पताल में चिकित्सक नर्सिंग स्टाफ पूरे समय रहते हैं साथ ही उन्होंने कहा कि कर्मचारी चिकित्सक खाना खाने के लिए गए थे यह उसी दौरान की तस्वीरें हैं साहब यह जवाब भी हमें समझ नहीं आता कि यह एक जांजगीर-चांपा जिले के जिम्मेदार अधिकारी दे रहे हैं हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मान भी लेते हैं कि वहां के स्टाफ खाना खाने गए थे तो खाना खाने जाने की भी दौरान अस्पताल में एक भी कर्मचारी का ना रहना ऊपर से अस्पताल को खुला छोड़ देना क्या यह लापरवाही नहीं है अस्पताल को खुला छोड़ अगर वह खाना खाने जा रहे हैं तो इस दौरान अस्पताल में चोरी भी हो सकती है आपातकालीन स्थिति में कोई मरीज आए तो भगवान है उसका मालिक है यहां तक की बात ठीक है साहब इस बात को खुद ही मानते हैं कि यह तस्वीर पुरानी है तो उस अस्पताल में कार्यवाही क्या हुआ क्योंकि अब तक उस अस्पताल में कार्यवाही होता नहीं दिखाई दे रहा है। कार्यवाही नहीं होने की वजह से लापरवाह चिकित्सक और स्टाफ के हौसले दिनोंदिन बुलंद होंगे जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहां पर पदस्थ चिकित्सक को राजनीतिक और रसूखदार ओं का संरक्षण मिल रहा है शायद यही वजह है कि जिम्मेदार कार्यवाही करने से बच रहे हैं। खैर अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि लापरवाह चिकित्सक और उनके स्टाफ के ऊपर जिम्मेदार क्या कार्यवाही करते हैं या फिर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा।

एमएलए डॉ. विनय, मेयर कंचन जायसवाल सहित ब्लाक कांग्रेस कमेटी चिरमिरी ने दस वर्ष पूर्व हुई कोल इंडिया का सबसे बड़ी दुर्घटना के शहीदों को किया याद. दी श्रधांजली.

कोरिय /चिरमिरी । एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के अंजन हिल भूमिगत खान में 6 मई 2010 के दिन हुए भीषण दुर्घटना में कर्तव्य बेदी पर अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले कर्म वीरो की स्मृति में स्थापित अंजन हिल शहीद स्मारक में लाक डाउन नियमों का पालन करते हुए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्रिय विधायक डॉक्टर. विनय जायसवाल. नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल. सहित ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष कश्यप,युवा कांग्रेस के महामंत्री हैप्पी बधावन के साथ ब्लाक के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य ने 10 वर्ष पूर्व शहीद हुए 14 कर्मवीरों को श्रधांजली दी. उपस्थिति अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित करके श्रद्धांजलि अर्पित की वहीं 2 मिनट का मौन रखकर अमर शहीद मृत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई ।

बिलासपुर में प्रवासी मजदूर की मौत।

0 अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत।

0 मजदूर झारखंड का रहने वाला।

0 कोरोना की जांच रिपोर्ट नेगेटिव थी।

0 बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में चल रहा था उपचार। बिलासपुर की सिम्स अस्पताल में उपचार के दौरान एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई। इसी के साथ शहर में कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत की खबर फैल गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने साफ-साफ कहा है कि मृतक किसी भी तरह से कोरोना पॉजिटिव नहीं था। हालांकि मजदूर की मौत मल्टी ऑर्गन फैलियर की वजह से ही हुई है।।

गौरतलब है कि झारखंड के रहने वाले तकरीबन आठ मजदूरों को 4 मई के दिन सिम्स अस्पताल में लाया गया था। जिनकी माइग्रेशन के दौरान सामान्य कोरोना जांच की गई थी।। जिसमें सभी मजदूर नेगेटिव पाए गए थे। इनमें से एक मजदूर रवि मंडल की स्थिति थोड़ी गंभीर थी। लिहाजा प्रशासन ने इसे सिम्स अस्पताल में भर्ती करा दिया था। 6 मई को इस मजदूर रवि मंडल की मौत हो गई और इसी के साथ कोरोना संदिग्ध की मौत की खबर आने लगी। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने मजदूर के कोरोना पीड़ित होने से इनकार किया है। डॉ आरती पाण्डेय मिली जानकारी के अनुसार 4 मई को ही इन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। लेकिन मृतक रवि मंडल की स्थिति गंभीर होने की वजह से उनके ब्लड सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं थे। हालांकि मरीज की मौत मल्टी ऑर्गन फेलियर की वजह से ही हुई है।

चीतल के शिकार करने वाले 12 आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही

वनमंडलाधिकारी वनमंडल बलौदाबाजार आलोक तिवारी एवं उपवनमंडलाधिकारी कसडोल उदयसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी श्री टी.आर. वर्मा के निर्देशन में सतत् गस्त कर वनो की चोरी, कटाई, अवैध परिवहन, अवैध उत्खनन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा हेतु कड़े कदम उठाये जा रहे है। इसी तारतम्य में अर्जुनी परिक्षेत्र के अंतर्गत महराजी परिवृत्त के ग्राम महराजी में वन्यप्राणियों के शिकार करने के उद्देश्य से कक्ष क्रमांक 377 कर्सीजुनवानी नाला में पानी में युरिया (जहर) मिलाकर 02 चीतल का शिकार किया गया। शिकार करने वाले सभी आरोपी ग्राम महराजी के ही है। आरोपीगण प्रकाश वल्द ननकी कर्ष, राकेश वल्द गरीबदास चौहान, जगदीश वल्द बेदूलाल ठाकुर, नेपाल वल्द लुसऊ गोंड़, नेपाल वल्द आनंदसिंग पैंकरा, शत्रुहन वल्द गुरूदयाल पैंकरा, दीपक वल्द ईश्वर प्रसाद कर्ष, सुनील वल्द सुखसिंग कर्ष, राहूल वल्द कल्हैयालाल चौहान, सेवक वल्द धनीराम कर्ष, धनन्नजय वल्द लच्छन लाल चौहान, बिसाहू वल्द गर्जन गोंड़ के द्वारा अपराध स्वीकार किया गया है। इस प्रकरण में 01 नग हिरण का बड़ा चमड़ एवं 10 नग छोटे चमड़े के टूकड़े, 02 नग पैर का टूकड़ा, 250 ग्राम मांस का कटा हुआ टूकड़ा, 12 नग हड्डियों का टूकड़ा, 02 नग कुल्हाड़ी, 01 नग परसूल, 01 नग स्टील चम्मच, 01 नग ढक्कन, 01 कि.ग्रा. यूरिया, 02 नग लकड़ी का डंडा, 02 पानी का प्लास्टिक बाटल तथा साड़ी कपड़ा का रस्सी जप्त किया गया हैं। उक्त वन अपराध प्रकरण में वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 एवं वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम 2002 की धारा 9, 50 एवं 51 के तहत कार्यवाही की जा रही है। वन्यजीव अपराध प्रकरण की विवेचना में श्री राजेश्वर वर्मा वनरक्षक, चन्द्रभुवन मनहरे, वनरक्षक, तृप्ति जायसवाल वनरक्षक, नरोत्तम पैंकरा वनरक्षक एवं सुरक्षा श्रमिकों का सहयोग लिया गया। प्रकरण की विवेचना सुखराम छात्रे वनपाल स.प.अ. महराजी द्वारा किया जा रहा है।

मनरेगा के कार्यो का निरीक्षण करने कलेक्टर ने किया जिला दल का गठन

Danteshwar kumar ( chintu) बीजापुर- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप कलेक्टर के डी कुंजाम ने जिला स्तरीय निरीक्षण दल का गठन किया है। दल में कुल 6 सदस्य शामिल किए गए हैं। यह दल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पोषण चंद्राकर के नेतृत्व में जिले में मनरेगा में हो रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण करेंगें। श्री चंद्राकर ने बताया कि अधिनियम में दिए गए प्रावधान के अनुसार कलेक्टर महोदय ने जिला स्तरीय निरीक्षण दल का गठन किया है । जिसमे योजना से जुड़े अधिकारियों के अलावा तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। जिले में योजना अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यो में गुणवत्ता व अधिनियम के प्रावधानों अनुसार कार्य किये जाने की निगरानी की जा सके। जिला स्तरीय निरीक्षण दल के अन्य सदस्य में विजय कोमरे ईई आरईएस, मनीष सोनवानी एपीओ मनरेगा, विक्रम वर्मा , ललित मानिकपुरी एवं प्रशांत यादव शामिल हैं। मशीन चलाने वालों पर होगी करवाई- मनरेगा के प्रावधान अनुसार मशीन से कार्य कराना प्रतिबंधित है। निरीक्षण दल के भ्रमण के दौरान मशीन से कार्य करते पाये जाने पर मशीन जप्त कर, मशीन मालिक के विरुध्द एफआईआर दर्ज की जाएगी है। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक के विरुद्ध भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ एफआईआर करने के निर्देश दिए गए हैं। जो तकनीकी सहायक मशीन से हुये कार्य का मूल्यांकन करेंगे उन पर भी एफआईआर की गाज गिर सकती है । कार्य प्रारम्भ के साथ बोर्ड बनाया जावेगा। निरीक्षण दल कार्य स्थल पर बोर्ड, सात प्रकार की पंजी और जॉब कार्ड का अवलोकन करेंगे।

मास्क नही पहने वाले 246 लोगों पर पुलिस और नगर निगम की संयुक्त कार्यवाही

कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ा कर 17 मई 2020 तक कर दिया गया है। एवं संपूर्ण जिले में धारा 144 लागू कर सभी प्रकार के स्थलों जहां जनसामान्य इकट्ठा होते हैं प्रतिबंधित कर दिया गया है बिलासपुर जिले को ग्रीन श्रेणी में रखने के पश्चात कोरोना वायरस से बचाव व रोकथाम हेतु शासन द्वारा समय-समय पर नियमों में बदलाव किए गए हैं एवं लोगों की आवश्यकताओं को देखते हुए विभिन्न प्रकार की दुकानें एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानो को जारी रखने छूट भी दिये जा रहे हैं। परंतु समस्या अभी समाप्त नहीं हुई है और बिना मास्क के अन्य किसी तरीके से चेहरा बिना ढके बाहर निकलने में छूट नहीं दी गई है अनावश्यक भ्रमण करने, छूट प्राप्त दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर कार्यवाही भी की जा रही है। जिस पर से आज बिना मास्क लगाएं बाहर निकलने वाले व्यक्तियों पर आज कुल लगभग 250 से अधिक कारवाही की गई। देश में (कोविड-19) जैसी महामारी के दौरान बिना मास्क पहने निकलने वाले लोगों पर नगर निगम और पुलिस प्रशासन की टीम द्वारा कारवाही निरंतर जारी है जिस पर से आज थाना सिविल लाइन क्षेत्र में 13, कोतवाली में 88, तारबाहर में 13,तोरवा में 25,सरकंडा में 32, सिरगिट्टी में 20, चकरभाठा में 04, कोटा में 17,पचपेड़ी में 10, बिल्हा में 16, तखतपुर में 8, व अन्य थानों में भी कार्यवाही मे कारवाही जा रही है।

गायत्री परिवार बीजापुर ने कोरोना से लड़ने मुख्यमंत्री सहायता कोष में दिया 21000/- का आर्थिक सहयोग

Danteshwar kumar ( chintu) :: बीजापुर : वैश्विक महामारी कोविड -19 (कोरोना) संक्रमण से लड़ने के लिए जहां पूरी दुनिया एकजुट हैं वहीं छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्य तेलंगाना और महाराष्ट्र से लगा हुआ बीजापुर जिला भी इस संघर्ष मे पीछे नहीं है । बचाव व राहत कार्य में सहयता देने के लिए कई समाजिक और धार्मिक संस्थाओं का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है । ऐसा ही एक पुण्य कार्य गायत्री परिवार बीजापुर के द्वारा किया गया है जो की राज्य सरकार को इस विपत्ति के समय मे आर्थिक सहयोग करते हुए 21000/- रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष में चेक के माध्यम से जमा किया गया है । आध्यात्मिक रूप से गायत्री परिजनों द्वारा संकटकाल से निवारण के लिए व्यक्तिगत साधना ,यज्ञ और पूजन के जरिए वेदमाता गायत्री,परम पूज्य गुरुदेव पं श्री राम शर्मा आचार्य और वन्दनीय माता भगवती देवी शर्मा तथा महाकाल से प्रार्थना किया जा रहा । साथ ही साथ पूरे विश्व में गायत्री परिवार अपने -अपने क्षेत्र में तन-मन-धन से लाकड़ाऊन में फंसे हुए लोगों की मदद कर रहा है । जिला कलेक्टर के.डी .कुजांम को चेक सहित ज्ञापन सौंपकर गायत्री परिजनों द्वारा हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया गया । इस अवसर पर गायत्री परिवार ट्रस्ट बीजापुर के प्रमुख ट्रस्टी शंकर कुडियम,जिला समन्वयक विजय बहादुर राजभर तथा ट्रस्टी जयपालसिंह राजपूत ने सोसल डिस्टेंसींग का पालन करते हुए जिलाधिकारी से भेंट किया।