राजधानी

शबे कद्र, अलविदा जुमा और ईदुल फितर में भी लॉकडाउन के नियमों का पूर्णतः पालन करें - अध्यक्ष राज्य वक्फ बोर्ड सलाम रिजवी : मुफ्ती हजरात ने कहा वर्तमान हालात में ईद की नमाज लोगों पर वाजिब नहीं

रायपुर, 20 मई 2020 कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जारी लॉकडाउन के दौरान पवित्र माह रमजान का अलविदा जुमा, शबे कद्र एवं ईदुल फितर की नमाज के संबंध में शहर के समस्त मस्जिदों के ईमाम और मुतवल्लियों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री सलाम रिजवी ने आज रेडक्रॉस भवन, कलेक्ट्रेट चौक रायपुर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी मुसलमान शबे कद्र, अलविदा जुमा और ईदुल फितर की नमाज में भी लॉकडाउन के नियमों का पूर्णतः पालन करें।     बैठक में ईदुल फितर की नमाज के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान मुफ्ती हजरात ने शरीअत की रौशनी में बताया कि लॉकडाउन के दौरान ईद की नमाज में घर नहीं पढ़ सकते है। लॉकडाउन और धारा-144 लागू है। ऐसी सूरत में ईद की नमाज हम लोगों पर वाजिब नहीं है। ईद की नमाज की कज़ा भी नहीं है। मुफ्ती हजरात ने बताया कि जुमा की नमाज के बदले नमाजे जोहर तो उसका बदल है। परंतु ईद की नमाज पर कोई बदल नहीं है। ईद की नमाज न पढ़ सके तो बेहतर यह है कि वह चाश्त की नमाज सूरज निकलने के बीस मिनट के बाद से लेकर ज़वाल के पहले तक अदा कर सकता है। दो रकाअत चाश्त की नमाज का तरीका नफिल नमाज के जैसा है। चाश्त नमाज कम से कम दो रकाअत और ज्यादा से ज्यादा 12 रकाअत है।     बैठम में उपस्थित सभी ईमाम, मुतवल्लियों से अलविदा जुमा की नमाज, शबे कद्र व ईदुल फितर की नमाज के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी घोषित की गई है। इस बीमारी ने पूरे देश-दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। इसकी रोकथाम और नियंत्रण के लिए केन्द्र और राज्य शासन द्वारा विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। इस दौरान शबे कद्र एवं अलविदा जुमा की नमाज और ईबादत आम मुसलमान अपने-अपने घरों में अदा करें। मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान आदि स्थानों में भीड़ जमा न करें। लॉकडाउन के नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। इस संबंध में शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देशों के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जो पूर्व में एडवाईजरी जारी की गई है, वे यथावत रहेंगी।     बैठक में बताया गया कि पूर्व में रमजान के चांद की तस्दीक के लिए राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय कमेटी बनाकर व्यवस्था की गई थी। उसी प्रकार की व्यवस्था ईद के चांद के तस्दीक के लिए भी की जाएगी। बैठक में विशेष रूप से शहर काजी मौलाना मोहम्मद अली फारूकी, शहर की विभिन्न मस्जिदों के ईमाम, मुतवल्ली, वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. एस.ए. फारूकी, अधिवक्ता शाहिद सिद्दकी, मोहम्मद ताहिर, अशरफ हुसैन, शमी ईमाम, मोहम्मद तारिक अशरफी, जावेद अख्तर, श्री इकबाल अहमद, अब्दुल रहीम, आरिफ रहमान भी उपस्थित थे।

ग्रामीण आत्मनिर्भरता के लिए सरकार को सौंपेंगे ज्ञापन

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान प्रदेश में खान-पान, संस्कृति, रोजगार सहित जल-जंगल-जमीन के लिए सरकार व जनता के मध्य संवाद सेतु के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में संगठन का विस्तार किया जाएगा। आज संपन्न इस बैठक में ऑनलाइन व रायपुर व भाटापारा से कार्यकर्ताओं ने उपस्थिति दी। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उदयभान सिंह चौहान ने संस्था का परिचय प्रस्तुत करते हुए आगामी कार्ययोजना पर अपनी बात रखी। टिकरापारा कार्यालय में आज संपन्न बैठक में किसानों से संबंधित समस्याओं व उसकी तैयारी के विषय में प्रस्ताव पारित किया गया कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता के लिए आगामी कृषि सीजन में समुचित व्यवस्था के लिए शासन को एक ज्ञापन दिया जाए।। इसके अतिरिक्त वैश्विक महामारी संकट में जगह जगह फंसे मजदूरों को अलग अलग खेप में लाने की बजाय एक साथ लाने की व्यवस्था पर जोर दिया गया। बैठक के अन्य विषयों में स्थानीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के खानपान के विक्रय लिए स्वसहायता समूहों तथा महिलाओं के माध्यम से कार्य आरंभ किया जाए। संस्थान की गतिविधियों से पत्रकारों को जोड़ने के लिए कोविद संकट के दौरान जोखिम लेने वाले पत्रकारों का अभिनंदन किए जाने की योजना तैयार की जाए। संस्थान की ओर से पहले ही समाजसेवियों व अन्य स्थानों पर कोरोना सेवा प्रदान की गई हो उन्हें चिन्हांकित कर संस्थान की ओर से अभिनंदन पत्र प्रदान किया जाए। बैठक में रायपुर से यदुनंदन देवांगन, पुरुषोत्तम गुप्ता, नीतू साहू, त्रिवेणी यादव, अब्दुल हफीज, राजेन्द्र सोनी, अर्जुन सिंह देवांगन, भाटापारा से सत्यनारायण पटेल, कैलाश जायसवाल, मुकेश मोंगराज, तथा भाटापारा से रविन्द्र गिन्नौरे तथा गरियाबंद से गुलशन सिन्हा, दुर्ग से प्रफुल्ल बैस, मनेन्द्रगढ़ से संजय आयाम, नगरी से संजय सिंह परिहार ने ऑनलाइन भागीदारी की। बैठक का संचालन आदेश ठाकुर ने किया। आदेश ठाकुर प्रदेश प्रवक्ता, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान

एनटीए ने नीट परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र बदलने का दिया मौका

रायपुर. 17 मई 2020. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA - National Testing Agency) ने इस वर्ष नीट (NEET – National Eligibility-cum-Entrance Test) में शामिल हो रहे परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र का दोबारा चयन करने का मौका दिया है। परीक्षा केन्द्र का शहर बदलने के इच्छुक परीक्षार्थी 31 मई तक अपने ऑनलाइन आवेदन में इस संबंध में संशोधन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को पत्र लिखकर नीट और जेईई (Joint Entrance Examination) सहित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा ली जाने वाली विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हो रहे विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में बदलाव का अवसर देने का आग्रह किया था। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने हाल ही में 8 मई को केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से अनुरोध करते हुए लिखा था कि परीक्षार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन करते समय अपने परीक्षा शहर का चयन किया था। परंतु मौजूदा लॉक-डाउन के कारण परिस्थितियां बदल गई हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में सार्वजनिक परिवहन को बंद रखा गया है। साथ ही अंतर्राज्यीय सीमाओं को भी सील कर दिया गया है। इन परिस्थितियों में परीक्षार्थियों को पूर्व में चयनित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में व्यवहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। सिंहदेव ने पत्र में आग्रह किया था कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए नीट, जेईई और राष्ट्रीय स्तर की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो रहे परीक्षार्थियों तो परीक्षा केंद्र के चयन का पुनः अवसर दिया जाए, जिससे वे अपने नजदीकी केंद्रों का चयन कर सकें। इससे वे लॉक-डाउन का पालन करने के साथ-साथ बिना परेशानी के परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। सिंहदेव ने नीट परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के पुनः चयन का मौका देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। साथ ही दूसरी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों को भी यह अवसर उपलब्ध कराने का पुनः आग्रह किया है।

रमन सिंह कर्नाटक और उप्र से भी ट्रेनों की अनुमति दिलवा दें: कांग्रेस

 रायपुर। 17 मार्च,2020। जम्मू कश्मीर से श्रमिकों के लिए ट्रेन की अनुमति दिलवाने के कथित प्रयासों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने डॉ रमन सिंह का राजनीतिक हथकंडा बताते हुए कहा है कि अगर उनकी इतनी सुनवाई हो रही है तो दो और भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ के लिए ट्रेनों की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं वे उन राज्यों से भी अनुमति दिलवा दें.  उन्होंने कहा है कि केंद्र की ओर से पहले तो रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ग़लत बयान जारी करके राजनीति की. अब जबकि इस झूठ की कलई खुल गई है तो ‘डैमेज कंट्रोल’ के लिए डॉ रमन सिंह ट्रेनों की अनुमति दिलवाने की बात कर रहे हैं. अगर वे सच में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के हितैषी हैं तो वे कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से भी ट्रेनों की लंबित अनुमति दिलवाने की पहल करें.  शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा उपाध्यक्ष होने के नाते डॉ रमन सिंह को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन से भी बात कर लेनी चाहिए और कहना चाहिए कि आर्थिक पैकेज के तहत जो उपाय किए गए हैं उससे न उद्योगपतियों का भला होने वाला है और न किसानों-मज़दूरों का. उन्हें चाहिए कि वे वित्तमंत्री से कहें कि वे कर्ज़ देने की जगह उद्योगपतियों को राहत दें और किसानों-श्रमिकों की जेब में नक़द रकम डालने के उपाय करें.  रमन सिंह जी से अनुरोध करते हुए संचार विभाग प्रमुख ने कहा है कि यदि उन्हें श्रमिकों का दर्द महसूस हो रहा है तो वे हिम्मत जुटाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जी कहें कि वे मीलों मील पैदल चल रहे मज़दूरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से घर पहुंचने का इंतज़ाम कर दें. उन्होंने कहा है कि जब वे बात करें तो रेलमंत्री, वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री से यह भी कह दें कि ग़रीब मज़दूरों से ट्रेन यात्रा का पैसा वसूल करना बंद कर दें. वैसे भी मज़दूर पिछले दो महीनों में अपना सबकुछ गंवा चुके हैं, उनके पास यात्रा के पैसे भी नहीं हैं.  ने कहा है कि रमन सिंह के मन में छत्तीसगढ़ के मज़दूरों के लिए उपजा दर्द यदि नकयदिली नहीं है तो वे छत्तीसगढ़ से चुनकर गए अपनी पार्टी के सांसदों से कहें कि उन्होंने जितना पैसा पीएम केयर्स में भी दिया है उतना ही कम से कम मुख्यमंत्री राहत कोष में भी दे दें, जिससे राज्य में मज़दूरों के हित में और बेहतर काम हो सकें. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यदि भाजपा और उनके सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्य श्रमिकों को लेकर राजनीति न करें और अपने अपने मज़दूरों को बुलाने के लिए पर्याप्त इंतज़ाम कर दें तो छत्तीसगढ़ का भला हो जाएगा. उन्होंने कहा है कि आज छत्तीसगढ़ सरकार अपने संसाधनों से जिन मज़दूरों को उनके घर तक पहुंचाने में मदद कर रही है, उनमें से 75 प्रतिशत से अधिक मज़दूर दूसरे राज्यों के हैं.  शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिस तरह से नोटबंदी ने आमजनों का हाल बेहाल किया था उसी तरह से अचानक किए गए लॉक-डाउन ने किया है. केंद्र की भाजपा सरकार ने बिना सोचविचार किए, बिना राज्यों को विश्वास में लिए जिस तरह के निर्णय किए हैं उसी की वजह से करोंड़ों मज़दूर दूसरे राज्यों में फंसे हैं. उन्होंने कहा है कि बेहतर है कि भाजपा इस समय अपनी ग़लती का दोष दूसरे राज्यों पर मढ़ने की जगह देश से माफ़ी मांगे.

अपने और बेगाने का फर्क नहीं, सिर्फ इंसानियत का फर्ज निभाने में जुटे लोग

रायपुर, 17 मई 2020कोरोना संक्रमण और लाॅकडाउन के इस दौर में जब अपनों ने मुंह फेर लिया। मालिकों और ठेकेदारों ने पल्ला झाड़ लिया। ऐसी स्थिति में देश के विभिन्न शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों की कम्पनियों, फेक्टरियों, मिलों, कल कारखानों, ऊंची-ऊंची अट्टालिकाओं के निर्माण में दिन रात पसीना बहाने वालों श्रमिक बेबस होकर रोते बिलखते अपने-अपने गांवों का सफर तय करने पैदल ही सड़कों पर निकल पड़े। हजार-हजार ढेड-ढेड हजार किलोमीटर की दूरी को श्रमिकों ने पांव-पांव नापने लगे। देश का शायद ही ऐसा कोई कोना बचा हो जहां के हाईवे और सड़कों पर श्रमिकों का रेला न दिखाई देता हो। बेबस मजदूर अपनी छोटी-मोटी गृहस्थी की गठरी सर पर उठाए, नन्हे-मुन्हे, छोटे बच्चों को कांधे पर लादे अपनी बेबसी की दास्तां खुद बयां कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ राज्य के सीमाओं पर पहुंचने वाले सभी श्रमिकों के चाय, नाश्ते, भोजन की सुविधा, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परिवहन निःशुल्क व्यवस्था ने श्रमिकों के दुख दर्द पर काफी हद तक मरहम लगाने का काम किया हैै। इस बेबसी के आलम में श्रमिकों को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता के सभी कायल है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य के सभी सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को, चाहें वो किसी भी राज्य के हो, उन्हें छत्तीसगढ़ का मेहमान मान कर शासन-प्रशासन के लोग उनके सेवा-सत्कार में शिद्दत से जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री की अपील पर श्रमिकों की सहायता में राज्य के स्वयं-सेवी, समाज सेवी संस्थाओं, उद्योग और व्यापारिक संगठनों के लोग भी बराबर की साझेदारी निभा रहे हैं। बेबस प्रवासी श्रमिकों को सहूलियत और सहायता पहुंचाने के छत्तीसगढ़ सरकार को इंतजाम को देखकर बरबस इकबाल की यह नज्म याद आती है- हो मेरा काम गरीबों की हिमायत करना, दर्द मंदों और जईफों से मोहब्बत करना।

राजधानी रायपुर में स्थित टाटीबंध का इलाका प्रवासी श्रमिकों का संगम बना हुआ है।  यहां रोजाना हजारों की तादाद में अन्य राज्यों के प्रवासी श्रमिक महाराष्ट्र, तेलंगाना, आन्ध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश से दो-तीन दिनों का कष्टकारी सफर दो-तीन चरणों में जैसे-तैसे पूरा कर पहुंचने वालों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके राज्यों की सीमा तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में बसों की व्यवस्था की है। रूट भी तय किए गए हैं। जिसके जरिए श्रमिकों को निःशुल्क उनके राज्यों के सीमा तक भिजवाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारी सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से समन्वय बनाकर इस चुनौती पूर्ण काम को बेहद संजीदगी के साथ पूरा करने में जुटे हैं। 

 
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अहम फैसला यह भी लिया है कि राज्य के ऐसे प्रवासी श्रमिक परिवार, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। उन श्रमिक परिवारों मई और जून माह का प्रति सदस्य की मान से पांच किलो खाद्यान्न निःशुल्क दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ की श्रमिकों की वापसी के लिए, जहां ट्रेनों और बसों की निःशुल्क व्यवस्था की है, वहीं राज्य के अन्य जिलों में लाॅकडाउन के वजह से फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक सकुशल पहुंचा जा रहा है।

महिला पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार एन्टी करप्शन ब्यूरो की कार्यवाही

रायपुर आवेदक संजय साहू पिता लखन लाल साहू, निवासी-ग्राम-बड़ेदेवगांव, तहसील खरसिया, जिला-रायगढ़ (छ0ग0) ने दिनांक 03.03.2020 को एक लिखित शिकायत पत्र उप पुलिस अधीक्षक, एन्टी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर के समक्ष प्रस्तुत किया कि आवेदक ने स्वंय एवं दो नाबालिक भाईयों के नाम से बडे़देवगांव में जमीन खरीदा था। उस समय आवेदक एवं नाबालिक भाईयों के नाम से ऋण पुस्तिका था। अब तीनों भाई बालिक हो जाने से ऋण पुस्तिका में दुरूस्त कराने अपने गांव के पटवारी, कुमारी सुमित्रा सिदार, प0ह0न0-16, ग्राम-बकेली से संपर्क करने पर ऋण पुस्तिका को दुरूस्त करने हेतु 4000/- रूपये रिश्वत की मांग किया । शिकायत की वाईस रिकार्डर देकर सत्यापन कराया गया जो सही पाया गया। दिनांक 14.05.2020 को टेªप कार्यवाही की गई आरोपी कुमारी सुमित्रा सिदार, प0ह0न0 -16, ग्राम-बकेली, तहसील-खरसिया, जिला-रायगढ़ (छ0ग0) को प्रार्थी से 4000/- रूपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरूद्ध धारा-7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत विधिवत कार्यवाही करते गिरफ्तार किया गया है। रिश्वत संबंधित बातचीत को रिकार्ड करने के बाद प्रार्थी के पिताजी का स्वास्थ्य खराब होने एवं लाकडाउन होने से आज कार्यवाही की गई है।

एनएसयूआई छात्रों को कोरोना काल मे जनरल प्रमोशन दिलाने NSUI अध्यक्ष पहुँचे मुख्यमंत्री निवास

14 मई 2020, रायपुर । NSUI छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने विश्व व्यापी माहमारी नोवल कोरोना वायरस (कोविड 19) को मद्देनज़र रखते हुए प्रदेश में समस्त महाविद्यालय के छात्रों को सामान्य पदोन्नति (जनरल प्रमोशन) दिए जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। NSUI अध्यक्ष ने बताया विगत दिन पूर्व ही छत्तीसगढ़ सरकार ने माध्यमिक शिक्षा के अध्य्यनरत छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया हैं। प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों से छात्रों के संदेश व पत्र प्राप्त हुए हैं जिन्हें संज्ञान में लेकर आज माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन सौंपा हैं और हमे पूर्ण विश्वास हैं जल्द ही सरकार द्वारा छात्रों को इस माहमारी के दौरान एक बड़ी राहत दी जाएगी। एच.आर.डी मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार अंतिम वर्ष के छात्रों को जनरल प्रमोशन नही दिया जाएगा, उन्हें भी इस माहमारी में राहत दिलाने हेतु हमने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जी से विशेष अनुरोध किया हैं कि यथासंभव परीक्षाओं का आयोजन होने पर इन छात्रों को परीक्षावार “कोरोना बोनस अंक” दिया जाने का प्रस्ताव रखा हैं। छात्रों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवयश्कता नही हैं NSUI आपके अधिकारों को लिए सदैव तत्पर हैं। विपक्ष में रहते हमने सड़को पर लड़ाई लड़ छात्रों को अधिकार दिलवाया था, और आज तो उन छात्रों की सरकार आ गयी हैं जो उनके हितों में निरंतर फैसले ले रही हैं

छत्तीसगढ़ :अजीत जोगी को कार्डियक अरेस्ट, फिलहाल वेंटिलेटर पर

रायपुर। छत्तीसगढ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की तबीयत शनिवार की सुबह अचानक बिगड़ गई है। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर उन्हें राजधानी रायपुर के एक नीजि अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि सुबह नास्ते के दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्ज महसूस हुआ और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इस दौरान उनकी पत्नी रेणु जोगी साथ में मौजूद थीं। इसके बाद उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल लाया गया। रायपुर स्थित नारायण अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अजीत जोगी को cardiac arrest आया है और फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

श्रम मंत्री डहरिया के निर्देश पर ’शक्ति पल्प एंड पेपर लिमिटेड’ रायगढ़ के संचालक को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

 रायपुर, 07 मई 2020 श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया के निर्देश पर रायगढ़ स्थित शक्ति पल्प  एंड पेपर लिमिटेड, ग्राम तेताला, जिला रायगढ़ के संचालक को नोटिस जारी कर क्यों न लायसेंस निरस्त किया जाय के संबंध में तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है। ज्ञात हो कि 06 मई को कारखाने स्थित बैक वाटर टैंक की सफाई के दौरान गैस रिसाव के कारण 7 श्रमिक घायल हो गए हैं। जिनका इलाज जारी है। 

    औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा रायगढ़ के उपसंचालक द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि 6 मई को आपके कारखाने में स्थापित बैक वाटर टैंक की सफाई कार्य में 7 श्रमिकों को नियोजित किया गया था। कारखाने में निर्माण प्रक्रिया में क्लोरीन गैस का प्रयोग किया जाता है। बैक वाटर टैंक में मशीन चेस्ट से फाइन फाइबर स्लरी फार्म में आकर एकत्रित होता है। निरीक्षण के दौरान जानकारी प्राप्त हुई है कि 20 मार्च 2020 से कारखाने में निर्माण प्रक्रिया बंद थी, जिससे बैक वाटर टैंक जो की एक कन्फाईद स्पेस है में खतरनाक गैस एकत्रित होने की पूर्ण संभावना विद्यमान थी, लेकिन सफाई कार्य प्रारंभ करने के पूर्व आपके द्वारा इस टैंक की जहरीली गैस की उपस्थिति हेतु जांच नहीं कराई गई, टैंक में कार्यरत श्रमिकों को आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सेल्फ कंटेंड ब्रीदीग ऑपरेट प्रदान कर उपयोग नहीं कराया गया और ना ही उक्त कार्य किसी प्रशिक्षित सुपरवाइजर की उपस्थिति में कराया गया, जिससे सफाई कार्य के दौरान छह मई को दोपहर लगभग 3.15 बजे 7 श्रमिक जहरीली गैस की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। जिनमें से तीन श्रमिकों की स्थिति अभी गंभीर हैं। आपके द्वारा इस दुर्घटना की जानकारी कारखाना निरीक्षक को नहीं दी गई। कारखाना अनुज्ञप्ति जारी करते समय आप से यह अपेक्षा की जाती हैं की आपके द्वारा कारखाने में कार्यरत श्रमिकों की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे, जिसका अनुपालन आपके द्वारा नहीं किया गया है। अतः आपके द्वारा किए गए कारखाना अधिनियम प्रावधानों के गंभीर उल्लंघनो को दृष्टिगत रखते हुए आप को निर्देशित किया जाता है कि पत्र प्राप्ति से तीन दिवस की अवधि में अधोहस्ताक्षरकर्ता को अपना जवाब प्रस्तुत कर बतावें की क्यों न आपके कारखाने को जारी कारखाना अनुज्ञप्ति निरस्त की जावे। 

जीते जी माँ भी करती थी दान ..... इसलिए उनकी बरसी में बेटा और बहू ने किया 210 किलो आटे का दान

 

कहा लॉक डाउन में फंसे गरीब और जरूरतमंद करेंगे उपयोग तो माँ की आत्मा को मिलेगी शांति..

 

 

 

 

 

 

 

 

BBN24NEWS रायपुर 26 अप्रैल2020/ कहते हैं दान से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता..खास मौके में दान का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसा ही मौका आज था, अक्षय तृतीया का। देवेंद्र नगर में रहने वाले नवीन पाठक की माँ स्वर्गीय श्रीमती प्रतिमा पाठक की आज बरसी थी। बेटे को याद है कि जब मां जीवित थी तब आज के दिन वह अपने हाथों से अन्न, जल सहित अन्य सामग्रियों की दान किया करती थी। अपनी माँ की इस परंपरा को बेटे ने भी जारी रखा है। चूंकि अभी लॉक डाउन है ऐसे में बेटे को  वर्तमान में ऐसे बहुत से गरीब, बेसहारा है जो फसे हुए है और राहत कैम्पों में है और जिन्हें सहायता की सख्त जरूरत है, की कठिनाईयाँ भी जेहन में आईं । उन्हे    रायपुर जिला में कलेक्टर की पहल पर संचालित डोनेशन ऑन व्हील्स की जानकारी भी थी, जिससे जरूरमंद परिवारों तल राशन पहुचाई जा सके। नवीन पाठक ने जरा भी देरी नहीं की। अपनी माँ की बरसी को यादगार बनाने और उनकी आत्मा को सुकून देने डोनेशन ऑन व्हील्स को घर बुलाया और अपनी पत्नी श्रीमती विनिता पाठक के साथ मिलकर 210 किलो आटा दान किया।

 पाठक परिवार की इस सहयोग का कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन  और अन्य अधिकारियों ने खूब प्रशंसा की।

"डोनेशन ऑन व्हील्स"कार्यक्रम को शहरवासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। सभी अपने अपने स्तर पर सहयोग कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस पहल में बड़ों के साथ बच्चे भी भागीदार बन रहे हैं। इस अभियान का नेतृत्व कर रहे नोडल अधिकारी डॉ गौरव कुमार सिंह ने बताया कि एक ओर जहां बच्चे अपने जन्मदिन को यादगार बनाने दान कर रहे है वही कुछ बच्चे गुल्लक में जमा किए अपने पैसे भी दान कर रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने की गई लॉक डाउन की वजह से संकट में फसे गरीबों, बेसहारों और जरूरतमंदों को दान देकर पुण्य कमाने के इस घड़ी में सभी भागीदार बनना चाहते है।

भारतीय संस्कृति में अक्षय तृतीया  दिन का अपना अलग ही महत्व है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार मान्यता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति किसी प्रकार का  दान करता है,वह अक्षय बना रहता है।  नवीन पाठक का मानना है कि हमारे इस दान से माँ की आत्मा को जरूर शान्ति मिलेगी।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो: मुख्यमंत्री भूपेश

 
 
मुख्यमंत्री ने की लोक निर्माण विभाग के काम-काज की समीक्षा
 
सड़क किनारे विभागीय जमीनों का हो व्यावासयिक उपयोग
 
रायपुर, 26 अप्रैल 2020/ मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में लोक निर्माण विभाग के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण, जल संसाधन, पंचायत सहित सभी निर्माण विभागों द्वारा संपादित कार्यो की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नही किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्यों में थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभवित क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी के कार्यो की भी समीक्षा की और इन्हें प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।  
 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समीक्षा के दौरान सड़कों के किनारे जहां लोक निर्माण विभाग की पर्याप्त जगह है उनका व्यावसायिक उपयोग करने के निर्देश दिए। इन स्थानों में होटल, ढाबा आदि के लिए सुविधाएं विकसित करने कहा को ताकि स्थानीय निवासियों को रोजगार उपलब्ध हो सके और राहगीरों को भी सुविधाएं मिल सके।  भूपेश बघेल ने कहा कि भविष्य में सड़कों के लिए जमीन अधिग्रहण करते समय भी इन सुविधाओं को विकसित करने का ध्यान रखा जाए और इनके लिए जमीन आरक्षित रखी जाए। 
 
मुख्यमंत्री ने भवन, सड़क, पुल-पुलियों सहित सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए प्रगतिरत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने बताया कि सड़कों और पुलों के वार्षिक संधारण कार्य के लिए निर्धारित अवधि 3 वर्ष को बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, सचिव लोक निर्माण  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी सहित अन्य विभागों के वरष्ठि अधिकारी उपस्थित थे। 
 
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण  जैन ने प्रस्तुतिकरण के जरिए वित्तीय एवं भौतिक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के तहत 36 कार्य स्वीकृत हैं इनमें से 18 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। पूर्ण कार्यो में 1049 किमी सड़क 5 पुल और एक रेल्वे ओव्हर ब्रिज शामिल हैं। छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के 767 किमी लम्बाई के 26 सड़कों में से 615 किमी की 11 सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं, शेष कार्य दिसंबर 2020 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। 
 
        जैन ने वर्ष 2020-21 के बजट में किए गए मुख्य प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 723 विभिन्न कार्यों के लिए 659 करोड़ की राशि प्रावधानित हैं। इनमें चालू वित्तीय वर्ष में 39़25 किलोमीटर लम्बाई की 603 सड़कों के लिए 480 करोड़ रूपए, 97 वृहद पुलों के लिए 90 करोड़ रूपए, 08 अंडर और ओव्हर ब्रिज के लिए 30 करोड़ रूपए, संभागीय मुख्यालयों दुर्ग, जगदलपुर एवं अंबिकापुर में इंडोर स्टेडियम के लिए 33 करोड़ रूपए, ग्यारह जिला मुख्यालयों धमतरी, कोरबा, कांकेर, गरियाबंद, बालोद, बेमेतरा, मुंगेली, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर और बीजापुर में आडिटोरियम के लिए 22 करोड़ रूपए के प्रावधान किए गए हैं। 
 
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के 120 भवनों में ऑनग्रिड सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए 4 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की अवधि में कोरोना महामारी संक्रमण की रोकथाम के तहत मेडिकल कालेजों और जिला अस्पतालों में 8 करोड़ 69 लाख रूपए की लागत से एसी, विद्युतिकरण, गैस पाइप लाइन सहित विभिन्न कार्य किए गए। इस माह की 20 तारीख  से अब तक विभाग द्वारा 104 कार्य शुरू किए गए हैं इनमें 40 सड़क, 42 भवन और 22 पुल के कार्य शामिल हैं। 
 
समीक्षा बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के प्रगतिरत कार्यों की जानकारी में बताया गया कि 6633 करोड़ रूपए की लागत के 844 कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों पर मार्च 2020 तक 1922 करोड़ की राशि व्यय की जा चुकी है। इन कार्यों में 148 ऐसे कार्य जिनमें 75 प्रतिशत राशि व्यय हो चुकी हैं उन्हें प्रथम चरण में जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। ऐसे 161 कार्य जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक राशि व्यय की जा चुकी है इन्हें द्वितीय चरण में तथा शेष 535 कार्यों को तृतीय चरण में पूरा किया जाएगा।

भाजपा सांसदों की समझ और बुद्धि पर तरस आता है: कांग्रेस

रायपुर के भाजपा सांसद सुनील सोनी के बयान पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा है कि सुनील सोनी और छत्तीसगढ़ में भाजपा के सभी सांसदों की समझ और बुद्धि पर तरस आता है. कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा के सांसदों को कोरोना संकट के समय राजनीतिक चश्मा उतारकर देखना चाहिए कि वास्तव में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की भूमिका क्या है और उन्हें यह भी देखना चाहिए कि उनकी ख़ुद की भूमिका क्या रही है.  

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सांसद सुनील सोनी को यदि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बातों पर ग़ुस्सा आ रहा है तो यह उनकी नासमझी है. उन्हें समझना होगा कि कोरोना टेस्ट के लिए किट और चिकित्साकर्मियों के पीपीई (पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट) भेजने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की थी और राज्य के बार बार अनुरोध के बाद भी इसका इंतज़ाम नहीं किया गया. उन्हें पता होना चाहिए कि करोना जांच केंद्रों की स्वीकृति भी केंद्र सरकार ही देती है. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यदि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में होता तो अब तक कई केंद्र स्थापित कर दिए गए होते. लेकिन केंद्र की ओर से पहले एम्स रायपुर को अधिकृत किया गया और फिर जगदलपुर में एक केंद्र को स्वीकृति मोदी सरकार ने दी है. अब जाकर रायपुर मेकाहारा को स्वीकृति मिली है.  

उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ठीक ही कह रहे हैं कि विश्व में करोना फैले होने के बावजूद विमानतल में विदेश से आने वालों की जांच की और उनको क्वेरिनटाइन करने की कोई भी व्यवस्था केंद्र सरकार ने नहीं की. केंद्र सरकार ने विदेशों से आने वाले इन लोगों के आने की कोई सूचना और जानकारी राज्य सरकारों से साझा नहीं की.  

भाजपा सांसदों ने छत्तीसगढ़ के बजाय मोदी को चुना

  शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के सांसदों को तो छत्तीसगढ़ में कोरोना पर कुछ कहने का हक़ ही नहीं है क्योंकि वे चुने तो छत्तीसगढ़ से हैं लेकिन अपनी सांसद निधि का पैसा उन्होंने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की बजाय विवादित ‘पीएमकेयर्स’ में देना ठीक समझा.  

उन्होंने कहा है कि भाजपा के सभी नौ लोकसभा सांसदों और दो राज्यसभा सांसदों की करतूत पर छत्तीसगढ़ की जनता नज़र रख रही है. वह देख रही है कि संकट के समय भी भाजपा सांसदों ने छत्तीसगढ़ में अपनी सांसद निधि का पैसा नहीं दिया. संचार विभाग के प्रमुख ने कहा है कि भाजपा सांसदों को आइने के सामने खड़े होकर देखना चाहिए कि वे किस मुंह से छत्तीसगढ़ की उस सरकार को कोस रहे हैं जो दिन रात उनकी भलाई में लगी हुई है.

छत्तीसगढ़ सरकार देश भर में गए हुए छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने में खाना राशन मुहैया कराने में और जहां जरूरत है वहां राशि उपलब्ध कराने में लगी हुई है अन्य राज्यों के छत्तीसगढ़ में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को भी खाना राशन से मदद की जा रही है  

 छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गरीबों और मजदूरों को पहुंचाई जा रही इस मदद में सहभागी बनने और सहयोग करने के बजाय भाजपा सांसद सुनील सोनी इस मामले में स्तरहीन राजनीति कर रहे हैं

भूपेश के संग जीतबो महामारी के जंग

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में एनएसयूआई द्वारा आज शाम 5:00 बजे से एक मुहिम चलाई जा रही है जिस मुहिम को "भूपेश के संग"(जीतबो महामारी के जंग) नाम दिया गया है इस मुहिम के चलते छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा चलाया जाएगा इस मुहिम में एनएसयूआई के पदाधिकारियों का काम यह रहेगा की अपने अपने क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति एवं परिवार को राशन व खाना बांटा जाएगा इस मुहिम से पदाधिकारियों को फेक न्यूज़ जैसी चीजों से लोगों को जागरूक करने का काम करेगी छत्तीसगढ़ सरकार ने पढ़ने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की है उसमें किसी भी प्रकार की यदि कोई समस्या आती है तो उसके लिए एनएसयूआई के पदाधिकारी छात्रों की मदद करेंगे ऐसे कई कार्य घर-घर जाकर सनराइज करना इसमें शामिल है इस कार्य को छत्तीसगढ़ के हर जिले में एनएसयूआई के पदाधिकारियों द्वारा नियमित रूप से किया जाएगा प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा का कहना है की हम अपनी पूरी ताकत से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के साथ कार्य करने के लिए तैयार है हमने आज ऑनलाइन मीटिंग के जरिए सभी प्रदेश एवं जिले के पदाधिकारियों को यह कार्य सौंप दिया है की आम लोगों तक राशन एवं खाना पहुंचाना एवं छात्र रसोई के द्वारा जो लोग फुटपाथ एवं अन्य किसी जगह पर गुजर-बसर करते हैं उन तक छात्र रसोई के द्वारा खाना पहुंचाया जाएगा इसी के साथ हम लोगों को फेक न्यूज़ और ऑनलाइन पोर्टल मे के जो छात्र एवं छात्राएं पड़े हैं उनको किसी भी प्रकार की असुविधा होगी तो वह एनएसयूआई के पदाधिकारियों द्वारा समाधान किया जाएगा इस महामारी के जग में हमने "भूपेश के संग" (जीतबो महामारी के जग) की शुरुआत कर दी है मुझे पूर्ण रूप से भरोसा है कि एनएसयूआई के सभी कार्यकर्ता इस अभियान को बहुत ही सफलता पूर्ण तरीके से इसमें काम करते है उपरोक्त जानकारी तुषार गुहा प्रदेश प्रवक्ता ने दी

स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से की संक्रमण रोकने और इलाज की व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक सामग्रियों की जल्द आपूर्ति सुनिश्चित करने और संदिग्धों की यथाशीघ्र जांच के दिए निर्देश

रायपुर. 4 अप्रैल 2020. स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस से वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर कोविड-19 का संक्रमण रोकने और इलाज की व्यवस्था की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के लिए आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति जल्द सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने राज्य में कोरोना वायरस जांच की बढ़ी सुविधाओं के मद्देनजर सभी संदिग्धों के यथाशीघ्र सैंपल लेकर जांच कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में कोविड-19 अस्पताल की स्थापना का काम तेजी से कराया जा रहा है। प्रदेश में आज कोरोना वायरस से संक्रमित एक और मरीज के पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। रायपुर की इस युवती का इलाज एम्स में चल रहा था। राज्य में अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या सिमट कर पांच रह गई है। इनमें से चार संक्रमितों का इलाज एम्स में और एक का राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। एम्स में भर्ती कुल सात संक्रमित मरीजों में से तीन मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं। बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती एक महिला को भी 2 अप्रैल को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई है। छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोना वायरस के कुल एक हजार 412 संभावित लोगों की पहचान कर सैंपल जांच किया गया है। अभी तक एक हजार 234 सैंपल जांच के परिणाम निगेटिव प्राप्त हुए हैं। 169 सैंपल की जांच रिपोर्ट आना बांकी है।

NSUI के अध्यक्ष आकाश शर्मा की पहल पर तत्काल कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का किया आभार

एनएसयूआई केV प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने सीएम को पत्र द्वारा अनुरोध किया था कि विद्यालयों में 3 माह की फीस को माफ करने का सरकार निर्णय ले क्योंकि इस महामारी के चलते लोगों की आर्थिक हालत बहुत ही ज्यादा खराब हो चुकी है और इससे लड़ने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से सहायता मिले इसको देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था जिसे प्रदेश के मुखिया ने छात्रहित-जनहित हेतु महामारी कोरोना में हुए लॉकडाउन के दौरान स्कूलों में फीस वसूली स्थगित करने का आदेश दिया, इस कदम से लाखों परिवार को राहत मिली हैं इस आदेश का NSUI अध्यक्ष आकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया है